
Posted by balmeek
Uttar Pradesh
09-03-2019 08:11 PM
Balmeek ji Makhi Palan ki Training ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Jaunpur Village – Bhivaraha, Post – Buxa, District - Jaunpur (U.P.), INDIA, PIN - 222 108, Tel. No.: +91 9984369526 se samparak kar sakte hai.
Posted by ਰਾਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
09-03-2019 08:05 PM
Narme da rate 5400-5500rs. prati quintal chal reha hai..
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
09-03-2019 07:58 PM
ਜੇਕਰ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦਾ 4-5 ਤੇਲਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਥਾਇਆਮੈਥੋਕਸਮ@80 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਇਮੀਡਾਕਲੋਪ੍ਰਿਡ@40-60 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ

Posted by Ravindra Singh
Rajasthan
09-03-2019 07:51 PM
Ravindra Singh ji mentha ki kheti ke liye paudhe ke jad vale bhaag ko mukh khet men boya jata hai.. dhanywad
Posted by MITHU MASUM
Bihar
09-03-2019 07:50 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Sourav Kumar Sharma
Jharkhand
09-03-2019 07:44 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by Vijay Chaurpagar
Maharashtra
09-03-2019 07:41 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Sourav Kumar Sharma
Jharkhand
09-03-2019 07:23 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by shambhuprasad
Bihar
09-03-2019 07:21 PM
shambhuprasad ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information. Thank you

Posted by raja
Bihar
09-03-2019 07:02 PM
राजा जी पोल्ट्री ट्रेनिंग के लिए आप कृषि विज्ञानं केंद्र, पता: Barhat - Lalmatia Khadigram रोड, आनंदपुर, बिहार 811313, फ़ोन: 094312 34126 से संपर्क करें

Posted by Amrut Gamit
Gujarat
09-03-2019 06:47 PM
subabul ke paudhe sem vali jameen men nahi ugte. yeh kisi bhi prakar ki mitti men ug jata hai par yeh sem vali jameen men nahi reh sakta..

Posted by Vishnu Tekale
Maharashtra
09-03-2019 06:42 PM
विष्णु जी महाराष्ट्र में जीरे की खेती के लिए आप Suminter India Organics Phone 2242029000 से संपर्क करें यह आप को सीड भी देंगे और आप से फसल ख़रीदेंगे भी.

Posted by H Singh
Punjab
09-03-2019 06:40 PM
एच सिंह जी पंजाबी में ड्रैगन फल का नाम केवल ड्रैगन फल ही है, धन्यवाद
Posted by Rajinderpal singh
Punjab
09-03-2019 06:33 PM
ਰਾਜਿੰਦਰਪਾਲ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਮੌਸਮ ਸਾਫ ਰਹੇਗਾ ਕੱਲ੍ਹ ਹਲਕੀ ਬੱਦਲਵਾਈ ਰਹੇਗੀ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Mohd Ibrahim Sheikh
Uttar Pradesh
09-03-2019 06:26 PM
Mohd Ibrahim Sheikh जी Castor बीज लेने के लिए आप Super India Enterprises, 9783821128 से संपर्क कर सकते है
Posted by ਦੂਲਾ ਸਿੰਘ
Punjab
09-03-2019 06:04 PM
ਦੂਲਾ ਸਿੰਘ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਅਵੋਕਾਡੋ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ
Posted by harjap singh
Punjab
09-03-2019 06:04 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਨਿਸਾਰੇ ਦੇ ਸਮੇਂ ਨਦੀਨਾਸ਼ਕ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਨਦੀਨ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਪੂਰੀ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ ਤੇ ਅਸਰ ਪੈ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ
Punjab
09-03-2019 05:55 PM
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ

Posted by अनूप जांगड़ा
Haryana
09-03-2019 05:36 PM
Anoop g nimboo ka pauda kitne sme ka ho gya hai aur iss ki variety konsi hai kirpa yeh btaayein...
Posted by harjap singh
Punjab
09-03-2019 05:32 PM
ਸਰੋਂ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @50 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਨੇਟੀਵੋ ਫਫੂੰਦਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਫੰਗਸ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇਲੇ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
Posted by ravi kamboj
Punjab
09-03-2019 05:26 PM
Ravi ji tuc kinnow diyan kisman jive Kinnow, Local, PAU Kinnow-1, Daisy di bijai kar sakde ho. dhanwad

Posted by harppret
Punjab
09-03-2019 05:05 PM
tuci Cargil di Transition mix feed pashu de suun to 1 mahina pehla dena suru kr skde ho , iss nal pashu nu energy mildi hai ate eh jaldi hajam honn wali khurak hai ..
Posted by Subhash R.Pise
Maharashtra
09-03-2019 04:58 PM
यह पुणे का प्लांट है और मुंबई के एक बाज़ार भी है, जहाँ आप अपने सूअर बेच सकते हैं

Posted by sachin
Maharashtra
09-03-2019 04:54 PM
सचिन जी खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है .... (Read More)
सचिन जी खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Sandeep Singh
Punjab
09-03-2019 04:40 PM
Sandeep ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
09-03-2019 04:19 PM
Hanji Gurdhyan ji tuci cow nu feed de skde ho , feed nal koi nuksan nahi hunda hai vdia growth howegi , tuci 6 month di gaban nu kisi v vdia company di feed de skde ho , ehh tuci 1-1.5 kg ek time di paa skde ho , isde nal tuci uss nu pet de kiriya lai Flbendazole salt di koi v goli de skde ho atte Enerboost powder 50gm rojana deo , iss nal pashu di kamjori door rehndi hai .

Posted by Laljeet brar
Punjab
09-03-2019 04:17 PM
laljeet ji mausam vibhag de anusar tuhad eilake vich somvar nu meeh pain di sambhavna hai ta tuc hale pani na lao.dhanwad

Posted by harmandeep singh
Punjab
09-03-2019 04:02 PM
harmandeep singh ji willoxam vich thiamethoxam 25WG) @40 gm prati acre de hisab nal tele di spray kr skde ho.

Posted by Laljeet brar
Punjab
09-03-2019 03:49 PM
laljeet ji mausam vibhag de anusar tuhad eilake vich somvar nu meeh pain di sambhavna hai ta tuc hale pani na lao ta tuhanu hale pani laun di lod nahi hai. dhanwad

Posted by kala maan
Punjab
09-03-2019 03:33 PM
ਕਾਲਾ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ M -45 @400 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਵਿਚ ਸਿਉਂਕ ਵੀ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shergill
Punjab
09-03-2019 03:28 PM
tuci jhoti nu powder Fat max 100gm rojana deo nall Powder Buffzon 200gm 50gm rojana deo ji es nall farak pe jawega ji.

Posted by om parkash
Punjab
09-03-2019 03:27 PM
Om parkash ji ik acre vich tuc vermi compost 400-500kg pa sakde ho.

Posted by vipan kumar
Haryana
09-03-2019 03:23 PM
Vipan ji tuci uss nu Ticktac dwai nu 1ml /1 liter pani vich milla ke katti nu lgaao, iss nal farak paa jawega.

Posted by bakhshishsingh
Madhya Pradesh
09-03-2019 03:10 PM
ਬਖਸ਼ੀਸ਼ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮਿੱਟੀ ਰਹਿਤ ਸਬਜ਼ੀ ਉਗਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/watch?v=mEjZ9LLov6I

Posted by Ranbir Singh
Punjab
09-03-2019 02:49 PM
रनबीर जी इस पौधे में पोषक तत्वों की कमी है, इसलिए आप प्रति पौधे @ 3-4 किलो वर्मी कम्पोस्ट डाल सकते हैं यह पौधे को सभी पोषक तत्व प्रदान करेगा और यह स्वस्थ बढ़ेगा

Posted by harmandeep singh
Punjab
09-03-2019 02:15 PM
Harman ji eh paudhe nu tuc vermi compost pao kyuki eh tat di kami de nal patte eda hon lag jande han. is di matra 4-5 killo prati paudhe de hisab nal pao. dhanwad
Posted by Akashdeep Singh
Punjab
09-03-2019 02:09 PM
ਅਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸ ਦਵਾਈ ਦੀ ਪਿੱਛੇ ਵਾਲੇ ਪਾਸੇ ਦੀ ਅਤੇ ਸਾਹਮਣੇ ਤੋਂ ਸਾਫ ਫੋਟੋ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰੋ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ
Punjab
09-03-2019 01:53 PM
Lakhvir ji tuahde walo bejo gyi photo upload nahi hai, kirpa krke photo dubara upload kro ji tan jo tuhanu iss vare poori jankari diti jaa skee.

Posted by Bittu Singh
Punjab
09-03-2019 01:28 PM
Makki di J-1006 variety seed @30 kg prati acre painda hai and 4 kg 1 knal vich pa skde ho...
Posted by jagtar sidhu
Punjab
09-03-2019 01:24 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੜੇਵੇ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵੱਧਦੀ ਹੈ ਰੋਜਾਨਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਵੜੇਵੇ ਖਵਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਾ ਖਵਾਓ ਨਹੀ ਤਾਂ ਚਰਬੀ ਜਿਆਦਾ ਚੜਂਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਵੜੇਵੇ ਸੁੱਕੇ ਹੀ ਹੋਣ ਠੀਕ ਹੈ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ ਦੋ ਵਾਰੀ ਖੁਆਇਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ ਘੱਟ ਆਉਂਂਦੀ ਹੈ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਕਈ ਵਾ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੜੇਵੇ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵੱਧਦੀ ਹੈ ਰੋਜਾਨਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਵੜੇਵੇ ਖਵਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਾ ਖਵਾਓ ਨਹੀ ਤਾਂ ਚਰਬੀ ਜਿਆਦਾ ਚੜਂਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਵੜੇਵੇ ਸੁੱਕੇ ਹੀ ਹੋਣ ਠੀਕ ਹੈ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ ਦੋ ਵਾਰੀ ਖੁਆਇਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ ਘੱਟ ਆਉਂਂਦੀ ਹੈ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਕਈ ਵਾਰ ਖੁਆਉਣ ਨਾਲ ਵੀ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ virbac ਕੰਪਨੀ ਦਾ fatplus ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ.
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