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Posted by Gurnam Singh Bhatti
Punjab
10-03-2019 11:26 AM
Punjab
03-12-2019 12:47 PM
Gurnam Singh ji tuc insulin da paudha lain layi surinder Nagra 9814305864 ji nal sampark kar sakde ho. dhanwad
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-03-2019 11:07 AM
Maharashtra
03-11-2019 10:21 AM
khatti lassi ik ullinashak da kam kardi hai keedya di roktham de layi tuc neem de tel di spray karo.isdi matra 50ml di varto kiti jandi hai ik acre vich..
Posted by RANJEET
Haryana
10-03-2019 11:04 AM
Punjab
03-13-2019 04:26 PM
रणजीत जी हरियाणा में अरंडी का भाव 5000-5250/q है
Posted by ashu sharma
Uttar Pradesh
10-03-2019 10:40 AM
Punjab
03-11-2019 05:45 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by साईनाथ
Maharashtra
10-03-2019 10:34 AM
Punjab
03-12-2019 12:46 PM
साईनाथ जी स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी ह.... (Read More)
साईनाथ जी स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है
Posted by sharry
Punjab
10-03-2019 10:05 AM
Punjab
03-10-2019 10:30 AM
ਤੁਸੀ Calcimust gel 300ml ਕਰਕੇ ਲਗਾਤਾਰ 3 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Lapnil-P ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੀ 1 ਪੁੜੀ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਬੇਸਨ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ ਕੁੱਜ ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉਚਾ ਰੱਖੋ, ਤੂੜੀ ਘਟ ਪਾਓ.
Posted by Tejinder Singh
Punjab
10-03-2019 10:02 AM
Punjab
03-12-2019 05:18 PM
Tejinder ji tuci uss nu hun saro da tel sunn ton badd dalia ate gurr vich rinn ke deo, hun tuci uss nu Vitum-H de nal nal Metabolite powder di rojana 1 pudi deo, jiss nal duudh vich fyada hunda hai ate pashu nu jerr pann vich v assani hundi hai.
Posted by parmvir dhillon
Punjab
10-03-2019 09:55 AM
Punjab
03-12-2019 10:51 AM
Parmvir ji Mitti di janch karvon lai tusi apne zile de Krishi Vigyan Kendra, Gurdaspur, 01874-220743, 9876610461 nal samparak kar sakde ho.
Posted by Mohmmad Emran
Rajasthan
10-03-2019 09:42 AM
Punjab
03-13-2019 03:46 PM
हांजी यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यद.... (Read More)
हांजी यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें बकरी पालन के काम पर लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है और लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें
Posted by sushil Nautiyal
Uttarakhand
10-03-2019 09:28 AM
Punjab
03-12-2019 12:43 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by gurmeet singh
Punjab
10-03-2019 09:17 AM
Punjab
03-22-2019 03:10 PM
gurmeet singh ji tohade kol jameen hai ta tusi kosis karo ke thodi thodi jagah te orgaic dala lga ke ya organic sabziya lga ke ohdi processing karke vechna shuru karo. os to baad hor pind de mundiya nal ral ke ik fpo bnao te apna brand name rakho. group bna ke kamm karan vich subsidy v jaldi mil jandi hai. fir bohat sare raste mil jange . marketing vich tohadi help PAU to Dr. Ramandeep singh ji karange. baki koe hor slah karni hove ta dobara massage kar sakde ho ji.
Posted by Amandeep singh
Punjab
10-03-2019 09:07 AM
Punjab
03-10-2019 12:05 PM
Os nu turant najdeeke Veterinary Doctor to check up krvao ji kyuki osnu galghotu v ho sakde hai ja kise jehrily jntu v ladia ho sakde ha.
Posted by Keval Singh
Haryana
10-03-2019 08:40 AM
Punjab
03-10-2019 09:20 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਇਸ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਚੈੱਕ ਕਰਕੇ ਪਤਾ ਲਗੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ B-complex 20ml/100 birds ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ..
Posted by Amrit Aulakh
Punjab
10-03-2019 08:38 AM
Punjab
03-10-2019 09:31 AM
iss di dosage prati acre 80gm vart skde ho. jehda v tela ja machar howega ihh control kr lwegi. iss di dosage 80gm prati acre hi kam krdi hai.
Posted by Harwinder Singh
Punjab
10-03-2019 08:34 AM
Punjab
03-10-2019 09:32 AM
ikk acre de lyi tuc 7-8 kg beej vart skde ho...makki de lyi J-1006 ja african tall makki vart skde ho.
Posted by Satnam Singh
Punjab
10-03-2019 08:25 AM
Punjab
03-10-2019 09:33 AM
jekar flaa de bootya da fal jhad da hai tan uss de lyi tuc planofix@4ml nu prati 15ltr pani de hisaab nal mila ke hafte hafte te 2 spreha kro. iss nal fal jhadna band ho jawega.
Posted by Bala Kalbande
Maharashtra
10-03-2019 08:09 AM
Punjab
03-11-2019 06:57 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ
Punjab
10-03-2019 08:06 AM
Punjab
03-10-2019 09:33 AM
Planofix di maatra 4ml prati 15ltr pani hundi hai.
Posted by Subash Patel
Uttar Pradesh
10-03-2019 07:12 AM
Punjab
03-11-2019 06:49 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Bhupinder Singh Chattha
Punjab
10-03-2019 07:04 AM
Punjab
03-13-2019 12:25 PM
ਮਧੂ ਮੱਖੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਫੋਨ 0161- 2553394 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹੇ ਦੇ Krishi Vigyan Kendra, Khokhar Khurd, Distt. Mansa 9417626843, 01652280843 ਨਾਲ ਵੀ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Dinesh Kumar Sahu
Chattisgarh
10-03-2019 05:46 AM
Punjab
03-11-2019 06:52 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by SURYA
Himachal Pradesh
10-03-2019 02:01 AM
Punjab
03-10-2019 09:21 AM
Surya ji kirpa app apna swal vistar se btayen ki app kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by SURYA
Himachal Pradesh
10-03-2019 01:56 AM
Punjab
03-11-2019 06:54 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by ramandeep singh
Punjab
10-03-2019 01:50 AM
Punjab
03-12-2019 12:37 PM
raman ji jekar boote laun to pehlan spray kiti hai ta isda asar booteya uper nahi hunda.
Posted by ajit ghos
Bihar
10-03-2019 01:47 AM
Punjab
03-10-2019 09:54 AM
Ajit ji kadaknath ko app bihar mai rakh skte hai, isme koi smasiya nahi hai, bakki sabse jyada ande dene wali nasal Bv 300 hai jo 72 hafto mai 320-325 annde deti hai app isse rakh skte hai..
Posted by feroz KHAN
Punjab
10-03-2019 01:24 AM
Punjab
03-12-2019 07:44 PM
फिरोजखान जी आप गाय को Zeckshot injection 20ml और Fortivir injection 30ml, Intasef tazo 3.5gm, CRB injection 20ml लगवाने शुरू करें, यह आप उसकी बीमारी के हिसाब से रीपीट करते रहें इससे फर्क पड़ने लगा जायेगा यदि फर्क नहीं पड़ता तो आप दोबारा सवाल पोस्ट कर सकते हैं
Posted by raman
Punjab
10-03-2019 12:51 AM
Punjab
03-11-2019 06:58 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Rachhpal Singh Dhillon
Punjab
09-03-2019 11:50 PM
Punjab
03-12-2019 07:43 PM
आप उसे Bovimin-B powder 50 gm रोज़ाना दें, इसके साथ आप Agrimin-i गोलियां दें, इसकी रोज़ाना 1 गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे बच्चेदानी बढ़िया रहती और इन्फेक्शन खत्म होती है फिर आप अगली बार हीट में आने पर टीका भरवाकर pregstay gold powder 50gm रोज़ाना दें
Posted by Amit samaiya
Madhya Pradesh
09-03-2019 11:46 PM
Punjab
03-12-2019 11:50 AM
Amit ji kripya aap btaye ke aap konse herbal paudhe ki jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanwad
Posted by Ashu thakur
Uttar Pradesh
09-03-2019 10:49 PM
Punjab
03-12-2019 11:08 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Bhadarka Bhavik
Gujarat
09-03-2019 10:41 PM
Punjab
03-12-2019 11:12 AM
जो असली केसर होता है इसके लिए तापमान नॉर्मल से भी कम चाहिए इसके लिए यह बीहार में नहीं हो सकता यदि आप इसकी पुष्टि करना चाहते है तो मजीद वरी जी से 9419009209 पर कॉल जानकारी लें यह जम्मू कश्मीर में बहुत समय से केसर की खेती कर रहे है
Posted by rajbir
Haryana
09-03-2019 10:34 PM
Punjab
03-10-2019 10:24 AM
Rajbir ji kirpya app apna swal vistar se btayen ki app kya jankari lena chathe hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by Bhadarka Bhavik
Gujarat
09-03-2019 10:24 PM
Punjab
03-12-2019 10:53 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Parveen Parjapat
Haryana
09-03-2019 10:01 PM
Punjab
03-12-2019 11:53 AM
Parveen ji aap iski kismen jaise GC 1,GC 2,CO 1,CO 2 ki bijai kar sakte hai yeh austan 110-115 dino men ktayi ke liye tyar ho jati hai, dhnaywad.
Posted by Nirmal Singh
Punjab
09-03-2019 09:57 PM
Punjab
03-12-2019 11:55 AM
ਨਿਰਮਲ ਜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੀਆਂ ਐਡ ਸਾਡੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ Buy & Sell ਐੱਪ ਤੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਇਸਨੂੰ ਲੈਣ ਵਿਚ ਦਿਲਚਸਪ ਹੋਏਗਾ ਉਹ ਸਿੱਧਾ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਲੈਣਗੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by shivraj butter
Punjab
09-03-2019 09:44 PM
Punjab
03-22-2019 10:57 AM
ਖੇਤੀ ਸੰਦਾ ਤੇ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸਬਸਿਡੀ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜਿਲ੍ਹੇ ਦੇ ਅਫ਼ਸਰ ਨਾਲ 8146100798 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by azim khan
Uttar Pradesh
09-03-2019 09:41 PM
Punjab
03-12-2019 04:19 PM
UP me 2018-19 me gehu ka MSP Rs 1840 per quintal hai.
Posted by azim khan
Uttar Pradesh
09-03-2019 09:38 PM
Punjab
03-21-2019 02:19 PM
यूपी में (2018-19) सरसों का MSP 4200/- है
Posted by grewal
Rajasthan
09-03-2019 09:37 PM
Maharashtra
03-12-2019 11:56 AM
ग्रेवाल जी खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी .... (Read More)
ग्रेवाल जी खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें
Posted by Hasandeep singh Brar
Punjab
09-03-2019 09:37 PM
Punjab
03-12-2019 12:02 PM
Harvesto soil testing lab ka price 78000 hai iske sath 12% GST milakar iska price 87360 rupaye men milti hai. dhanywad
Posted by mandeep singh
Punjab
09-03-2019 09:36 PM
Punjab
03-10-2019 10:22 AM
Mandeep ji tuci Cow nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Anabolite liquid 100ml rojana ate Lactin bolus 1-1 goli swere sham deo, iss nal duudh puura ho jawega,.
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
09-03-2019 09:03 PM
Haryana
03-12-2019 12:28 PM
ਹਰਦੀਪ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮ ਦੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਖੀਰੇ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਉੱਚ ਮਾਤਰਾ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਹੋਵੇ, ਉਚਿੱਤ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਖੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6-7 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :- Punjab Kheera-1,Punjab Naveen,Pusa Uday ਖੀਰੇ ਦੀ ਖੇ.... (Read More)
ਹਰਦੀਪ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਕਿਸਮ ਦੀਆਂ ਮਿੱਟੀਆਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਤੋਂ ਭਾਰੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਖੀਰੇ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਉੱਚ ਮਾਤਰਾ ਹੋਵੇ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਹੋਵੇ, ਉਚਿੱਤ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਖੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦਾ pH 6-7 ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :- Punjab Kheera-1,Punjab Naveen,Pusa Uday ਖੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ, ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਅਤੇ ਨਦੀਨ ਮੁਕਤ ਖੇਤ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਭੁਰਭੁਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 3-4 ਵਾਰ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਗਾਂ ਦਾ ਗੋਬਰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ, ਤਾਂ ਜੋ ਖੇਤ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵੱਧ ਜਾਵੇ ਫਿਰ 2.5 ਮੀਟਰ ਚੌੜੇ ਅਤੇ 60 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ 2.5 ਮੀਟਰ ਬਣੇ ਚੌੜੇ ਬੈੱਡ ਤੇ ਹਰ ਜਗ੍ਹਾ ਦੋ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ 60 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਨੂੰ 2-3 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਛੋਟੀ ਸੁਰੰਗੀ ਤਕਨੀਕ: ਇਸ ਤਕਨੀਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਗਰਮੀਆਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਅਗੇਤਾ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਫਸਲ ਨੂੰ ਦਸੰਬਰ ਅਤੇ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਠੰਡੇ ਮੌਸਮ ਤੋਂ ਬਚਾਉਂਦਾ ਹੈ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ 2.5 ਮੀਟਰ ਚੌੜੇ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਬੈੱਡ ਦੇ ਦੋਵੇਂ ਪਾਸੇ 45 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, 45-60 ਸੈ.ਮੀ. ਲੰਬੇ ਅਤੇ ਸਹਾਇਕ ਡੰਡੇ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਗੱਡੋ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ (100 ਗੇਜ ਦੀ ਮੋਟਾਈ ਵਾਲੀ) ਨਾਲ ਡੰਡੀਆਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਫਰਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਤਾਪਮਾਨ ਸਹੀ ਹੋਣ ਤੇ ਪਲਾਸਟਿਕ ਸ਼ੀਟ ਨੂੰ ਹਟਾ ਦਿਓ ਟੋਏ ਪੁੱਟ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਖਾਲੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਗੋਲਾਕਾਰ ਟੋਏ ਪੁੱਟ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨਾ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਲਈ 1 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, ਇਸਨੂੰ ਕੀੜੇ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਅਤੇ ਜੀਵਨਕਾਲ ਵਧਾਉਣ ਲਈ, ਅਨੁਕੂਲ ਰਸਾਇਣ ਨਾਲ ਸੋਧੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਕਪਤਾਨ 2 ਗ੍ਰਾਮ ਨਾਲ ਸੋਧੋ ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਦੇ ਸਮੇਂ, ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 40 ਕਿਲੋ(ਯੂਰੀਆ 90 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 20 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਫਾਸਫੇਟ 125 ਕਿਲੋ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ(ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼ 35 ਕਿਲੋ) ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਖਾਦ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਪਾਓ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ, ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦਾ 1/3 ਹਿੱਸਾ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪਾਓ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਵੁੱਚ ਨਾੜੀਆਂ ਬਣਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਅਵਸਥਾ ਜੋ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨਾ ਬਾਅਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਸਮੇਂ ਬਾਕੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਹੱਥ ਨਾਲ ਗੋਡਾਈ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਰਸਾਇਣਾ ਦੁਆਰਾ ਰੋਕਿਆਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਗਲਾਈਫੋਸੇਟ 1.6 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਗਲਾਈਫੋਸੇਟ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਸਿਰਫ ਨਦੀਨਾਂ ਤੇ ਹੀ ਕਰੋ , ਮੁੱਖ ਫਸਲ ਤੇ ਨਾਂ ਕਰੋ ਗਰਮੀਆਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਇਸਨੂੰ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਅਤੇ ਵਰਖਾ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਕੁੱਲ 10-12 ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਇੱਕ ਸਿੰਚਾਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 2-3 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਦੂਸਰੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, 4-5 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਤੁਪਕਾ ਸਿੰਚਾਈ ਇਸ ਲਈ ਬਹੁਤ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਸਿੱਧ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 45-50 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪੌਦੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀਆਂ 10-12 ਤੁੜਾਈਆਂ ਕੀਤੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਖੀਰੇ ਦੀ ਕਟਾਈ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ਤੇ ਬੀਜ ਨਰਮ ਹੋਣ ਅਤੇ ਫਲ ਹਰੇ ਅਤੇ ਛੋਟੇ ਹੋਣ ਤੇ ਕਰੋ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤੇਜ਼ ਛੁਰੀ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਤਿੱਖੀ ਚੀਜ਼ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਫਲ ਬੀਜ ਉਤਪਾਦਨ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮੰਨੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਬੀਜ ਕੱਢਣ ਲਈ, ਫਲਾਂ ਦੇ ਗੁੱਦੇ ਨੂੰ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਤਾਜ਼ੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਜੋ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਵੱਖ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕੇ ਫਿਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਰਗੜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਭਾਰੀ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੇਠਾਂ ਟਿੱਕ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਹੋਰਨਾਂ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by Amarjeet sidhu
Punjab
09-03-2019 09:01 PM
Punjab
03-12-2019 03:29 PM
Amarjeet sidhu ji tusi jo seman di photo upload kiti hai esde record di jankari internet te uplabadh nahi hai. eh hf breed hai te baki tusi jitho seman leya hai ohna to hi puri jankari milegi ji.
Posted by kuldeep singh
Punjab
09-03-2019 08:55 PM
Haryana
03-12-2019 12:31 PM
ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਇਹ ਕਿਸਮ ਦਾ ਝਾੜ 30-35 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਦਿਨ 145-150 ਵਿਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ 2 ਨੰਬਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by N.Satpal Singh
Rajasthan
09-03-2019 08:27 PM

Punjab
03-10-2019 10:05 AM
Posted by bazad khan
Punjab
09-03-2019 08:26 PM
Punjab
03-11-2019 05:28 PM
6qm plant lagaun da kharcha Rs45000 hai sabsidi 12000 hai