
Posted by pawan
Punjab
10-03-2019 05:09 PM
sarso ka rate laghbag 5200 rupaye prati quintal chal Raha hai.

Posted by gagandeep singh
Punjab
10-03-2019 04:28 PM
gagandeep ji kirpa karke eh daso ke mango de plant nu ki dikkat aa rahi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by Deepak Mandhar
Uttar Pradesh
10-03-2019 04:11 PM
सर हमारी भैस ने पिछले ब्यांत में 12 किलो दूध दिया इस बार 8 आठ किलो है ऊपर नहीं दे रही है क्या करें ?

Posted by bhooneshwar
Uttar Pradesh
10-03-2019 03:57 PM
Bhooneshwar ji Apne khet ki mitti ki janch ke lia aap apne jile ke Krishi Vigyan Kendra, Mukhlishpur Taxi Stand (Near Pankaj Talkie), Khalilabad, Distt.- Sant Kabir Nagar - (U.P.) INDIA, PIN - 272 175 nal samparak kar sakde ho.

Posted by feroz KHAN
Punjab
10-03-2019 03:52 PM

Posted by ਜਰਮਨ ਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-03-2019 03:48 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇਣ ਲਈੇ ਡੇਅਰੀ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਮੈਟ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਮੁੱਖ ਜ਼ਿਲਿਆ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਟਰ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ ਇਹ ਦੋ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਦੋ ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਤੇ 6 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇਣ ਲਈੇ ਡੇਅਰੀ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਮੈਟ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਮੋਹਾਲੀ ਵਿੱਚ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰੇ ਮੁੱਖ ਜ਼ਿਲਿਆ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਟਰ ਬਣੇ ਹੋਏ ਹਨ ਇਹ ਦੋ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਦੋ ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਤੇ 6 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗੀ ਜੀ ਬਾਕੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਂਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਫੀਸ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ 1000 ਰੁਪਏ ਹੈ ਤੇ ਐਸ ਸੀ / ਬੀ ਸੀ ਦੀ 700 ਰੁਪਏ ਹੈ ਉਮਰ ਦੀ ਹੱਦ 18-45 ਸਾਲ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 5 ਦੁਧਾਰੂ ਪਸ਼ੂ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦੀ ਲਿਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ http://pddb.in/Content.aspx guid=CiJTeaYB2lQ=

Posted by Najam sidhana
Punjab
10-03-2019 03:39 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Ishwar patidar
Rajasthan
10-03-2019 03:37 PM
Lehsun mein buji hoyi aag ki raakh ka burkaav krein. pani se pehle raakh ko khet mein halka halka daalein. iss se yeh thik ho jayega..

Posted by vikas patidar
Rajasthan
10-03-2019 03:37 PM
विकास जी यह एच एफ साहीवाल क्रॉस सीमन है, इसकी पूरी जानकारी आपको उससे मिल सकती है जिससे यह भरवाया गया है

Posted by ajay suthar
Rajasthan
10-03-2019 03:26 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by kuldeep
Rajasthan
10-03-2019 03:23 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by Ricky Kohli
Punjab
10-03-2019 03:22 PM
kesar ki Kheti thande ilake men ki jati hai Punjab ka tapman kesar ki Kheti ke liye anukul nahi hai..

Posted by omprakashpandey
Uttar Pradesh
10-03-2019 03:18 PM
omprakashpandey ji anar ke paudhe ko lagbhag 4-5 saal ke bad hi fal lagna shuru hota hai us se pehle ise fal nahi lagta.

Posted by vikas patidar
Rajasthan
10-03-2019 03:17 PM
विकास जी यह एच एफ साहीवाल क्रॉस सीमन है, इसकी पूरी जानकारी आपको उससे मिल सकती है जिससे यह भरवाया गया है
Posted by Rahul Kumar singh
Bihar
10-03-2019 03:11 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by neeraj patel
Madhya Pradesh
10-03-2019 03:03 PM
Neeraji ji iss nu tuci nazdiki doctor ton check krwao kyuki isda sahi ptaa check krke lgg skda hai .

Posted by harmandeep singh
Punjab
10-03-2019 03:00 PM
kanak de upper 10-15% nisaare sme NPK 00:52:34 @500gm ate borom@100gm nu mila ke prati acre te spray kr skde ho. iss nal daane mote ho jande hnn. ess nal knak nu bhut benefit milega..
Posted by Hemant Kalbhor
Maharashtra
10-03-2019 02:38 PM
हेमंत जी अगर आप पहली बार डेरी पालन शुरू कर रहे है तो आप सब से पहले इस की ट्रेनिंग जरूर ले इस की ट्रेनिंग के लिए आप अपने जिले के Krishi Vigyan Kendra, Address: Borgaon, Satara, Maharashtra 415519, Phone: 094204 86585 से सम्पर्क कर सकते है

Posted by Daljeet singh
Punjab
10-03-2019 02:38 PM
daljeet ji kirpa karke daso ke tuc kehde full di jankari laina chahunde hi ate shimla mirch di paniri di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by kuldeep singh
Punjab
10-03-2019 02:31 PM
Seed price list lai tusi Answer nal ditia photo dekho ji.

Posted by abhi
Jharkhand
10-03-2019 02:26 PM
इस महीने में आप भिंडी, करेला, पालक, लौकी जैसी सब्जियां बो सकते हैं, आप इस महीने में मक्का भी बो सकते हैं
Posted by Bikash Panda
Odisha
10-03-2019 02:15 PM
Bikash Panda ji Goat Training ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Sonepur se samparak kare.

Posted by Pritpal
Punjab
10-03-2019 01:54 PM
pritpal Ji tuc mango de boor pain te isde uper copper oxychloride@3gm prati litre Pani de hisab nal spray Karo.

Posted by satnam singh
Punjab
10-03-2019 01:46 PM
satnam ji tuci cow nu DCR injection 5gm lgwao ate 5 din tak lgwande rho, isde nal tuci Safade de pattia di dhuuni deni suru kro ate uss nu Livoferrol liqued 50ml rojana deo , iss nal farak paan lgg jawega.

Posted by kala maan
Punjab
10-03-2019 01:37 PM
ਪਹਿਲਾਂ ਉਸ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-OZ ਦੀ ਦਵਾਈ 60ml 3 ਦਿਨ ਭਰਾਉ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bolus Flukired DS 6gm ਦਿਉ Powder Agrimen super 1kg 50gm ਰੋਜਾਨਾ Bolus Minotas 7x3ਡੱਬੀਆ 1 ਗੋਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਉ , ਫਿਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ Powder Prag Stay gold 600gm 2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਦਿਉ.

Posted by jaswinder singh
Punjab
10-03-2019 01:36 PM
Jaswinder ji tuci vashi nu Broton liqued 10ml rojana dena suru kro ate Sharkoferrol liqued 10ml rojana deo, ehna nal bhukh v lggegi ate kamjori v door howegi.
Posted by Gurdas Singh
Rajasthan
10-03-2019 01:31 PM
citrus men aap copper oxychloride@3gm prati litre Pani ke hisab se spray Karen.

Posted by piyush Agarwal
Uttar Pradesh
10-03-2019 01:25 PM
piyush Agarwal ji aap methi, dhaniya aur adrak ki bijai kar sakte ha.kripya aap btaye ke aap inme se kiski bijai karna chahte hai ta ki aapko iske bare mein poori jankari di ja sake. dhanywad

Posted by Amarjit
Punjab
10-03-2019 01:21 PM
majjh nu heet vich auun ton 10-12 hours badd pehla tikaa bhrwao fir uss to badd dujja tika 24-36 hours de vich vich bhrwao ...

Posted by आनंद मौर्य
Uttar Pradesh
10-03-2019 01:10 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by आनंद मौर्य
Uttar Pradesh
10-03-2019 01:08 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by RAHUL KUMAR
Bihar
10-03-2019 01:01 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by shivam
Chattisgarh
10-03-2019 12:30 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by mohit
Madhya Pradesh
10-03-2019 12:01 PM
Mohit ji sabjiyon ki bijai ab polyhouse men hoti hai jis se kisan bin mausami faslen uga kar kmayi kar sakte hai. dhanywad

Posted by sheetlaprasadkushwaha
Madhya Pradesh
10-03-2019 11:55 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-03-2019 11:47 AM
ਹਾਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਤੇ waste decomposer ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ waste decomposer ਇਕ ਵਦੀਆ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਇਹ 20 ਰੁਪਏ ਦੀ ਸ਼ੀਸ਼ੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਇਕ ਆਰਗੈਨਿਕ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਇਕ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਹੈ ਜੋ ਕੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਫਾਲਤੂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਜਿਵੇਂ ਪੱਤਿਆਂ ਵਗੈਰਾ ਨੂੰ ਗਾਲਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ 200 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ 2 ਕਿਲੋ ਗੁੜ ਅਤੇ ਇੱਕ ਸ਼ੀਸ਼ੀ Waste decomposer ਦੀ .... (Read More)
ਹਾਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਤੇ waste decomposer ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ waste decomposer ਇਕ ਵਦੀਆ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਇਹ 20 ਰੁਪਏ ਦੀ ਸ਼ੀਸ਼ੀ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਇਕ ਆਰਗੈਨਿਕ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਇਕ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਹੈ ਜੋ ਕੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਫਾਲਤੂ ਚੀਜ਼ਾਂ ਜਿਵੇਂ ਪੱਤਿਆਂ ਵਗੈਰਾ ਨੂੰ ਗਾਲਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ 200 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ 2 ਕਿਲੋ ਗੁੜ ਅਤੇ ਇੱਕ ਸ਼ੀਸ਼ੀ Waste decomposer ਦੀ ਪਾਓ ਇੱਹ FUNGICIDE ਦਾ ਵੀ ਕੰਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜਲਦੀ ਜਲਦੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਨੇੜੇ ਨਹੀਂ ਆਉਣ ਦਿੰਦਾ ਇੱਹ ਲਗਭਗ 7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ I ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਇੱਹ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਵਿਚ ਟੂਟੀ ਲਗਾ ਕੇ ਛੱਡ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਦੋ ਤੁਸੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੁਨ ਕੇ ਇਸ ਦੀ ਫਸਲ ਤੇ ਸਿੱਧੀ ਸਪਰੇ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ I

Posted by Kapil Aggarwal
Rajasthan
10-03-2019 11:47 AM
Kapil ji aap guava ki kheti kar sakte hai. aap paudhe ko 6x5 meter ke fasle par lgaye. ropayi ke liye july-august mahina upyukt hota hai. dhanywad
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
10-03-2019 11:45 AM
ਮੱਕੀ ਦੀ ਜੇ 1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੱਧ ਸਤਬਰ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 30 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੇਰੇ ਜਾ ਪੋਰੇ ਨਾਲ ਕਰੋ, ਕਤਾਰਾਂ ਵਿਚ ਫਾਸਲਾ 30cm ਦਾ ਰੱਖੋ ਇਸਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 165 q/acre ਹੈ
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
10-03-2019 11:43 AM
ਮੱਕੀ ਦੀ ਜੇ 1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੱਧ ਸਤਬਰ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 30 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੇਰੇ ਜਾ ਪੋਰੇ ਨਾਲ ਕਰੋ, ਕਤਾਰਾਂ ਵਿਚ ਫਾਸਲਾ 30cm ਦਾ ਰੱਖੋ ਇਸਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 165 q/acre ਹੈ
Posted by Tejinder Singh
Punjab
10-03-2019 11:42 AM
tuci uss nu Lactomood dwai dinde reho, isde nal uss Lactin bolus 1-1 swere sham, milkout powder 2-2 chamch swere sham deo ji, iss nal farak paa jawega.
Posted by brijesh
Uttar Pradesh
10-03-2019 11:39 AM
Birjesh ji aap mirch ki kisam jaise Arka Meghana, Arka Sweta ki bijai kar sakte hai.. dhanywad

Posted by रिजवान
Uttar Pradesh
10-03-2019 11:27 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
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