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Posted by pawar saab
Punjab
13-03-2019 03:53 PM
Punjab
03-13-2019 08:56 PM
Pawar saab ji tuci uss nu Minotas bolus 7 golia leya ke 1/2 goli rojana deni suru kro ate uss nu guur v khwao ji, iss nal heat vich aa jawegi .
Posted by ਰਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
13-03-2019 06:49 AM
Punjab
03-14-2019 05:30 PM
tuci majjh nu flukrid-DS bolus deo, isde nal tuci Fatmax powder 100gm ate Agrimin super powder 100gm rojana deo, iss nal fatt v vadh jawegi atee heet vich v jldi aa jawegi.
Posted by kuldeep
Uttar Pradesh
13-03-2019 06:12 PM
Punjab
03-15-2019 03:16 PM
Kuldeep ji app sirohi bakri se v bakri palan kr skte hai, issme suru mai app 10 bakrio ke magar 1 bakra rkhen, fir app apne bajat ke hisab se iss kam ko vaddha skte hai..
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
13-03-2019 07:17 PM
Punjab
03-15-2019 03:55 PM
उसकी आप नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें ​जिससे उसे दूध ना निकलने का सही कारण पता लग सके आप इसे किसी अच्छे डॉक्टर को दिखायें
Posted by vijay sharma
Rajasthan
13-03-2019 07:25 PM
Punjab
03-14-2019 02:36 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
13-03-2019 07:28 PM
Punjab
03-13-2019 08:57 PM
pau ludhiana kisan mela 15-16 march da hai ji.
Posted by Gurprit singh
Punjab
13-03-2019 06:26 PM
Punjab
03-14-2019 02:32 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ NPK @ 7 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਕਈ ਵਾਰ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਪੌਧੇ ਪੀਲੇ ਪੈਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kuldeep
Uttar Pradesh
13-03-2019 06:17 PM
Punjab
03-15-2019 03:16 PM
Kuldeep ji app sirohi bakri se v bakri palan kr skte hai, issme suru mai app 10 bakrio ke magar 1 bakra rkhen, fir app apne bajat ke hisab se iss kam ko vaddha skte hai..
Posted by अनूप जांगड़ा
Haryana
13-03-2019 06:40 PM
Punjab
03-13-2019 07:49 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है.
Posted by sandeep singh
Punjab
13-03-2019 06:17 PM
Punjab
03-13-2019 06:36 PM
Punjab Agriculture University Ludhiana vich kisan mela 15-16 March 2019 nu lgg rha hai g..
Posted by MAHAVEER SUMAN
Rajasthan
13-03-2019 05:46 PM
Punjab
03-13-2019 07:53 PM
Posted by jashan
Punjab
13-03-2019 05:24 PM
Punjab
03-14-2019 04:11 PM
jashan ji i hariyali app aje chal nai rahi kyuki aje department kol stock nai hai ji. jado plant hoe ta fir app te booking shuru hovegi ji. odo tohanu das dita javega ji.
Posted by MAHAVEER SUMAN
Rajasthan
13-03-2019 05:51 PM
Punjab
03-18-2019 07:07 PM
महावीर जी EMU के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप डॉ.अनिल 9660669992 से संपर्क करें और चूज़े लेने के लिए आप गिल फार्म 9501832099 से भी संपर्क कर सकते हैं
Posted by deep
Punjab
13-03-2019 06:05 PM
Haryana
03-14-2019 02:26 PM
deep ji kanak te haldi rog fungus de karn banda hai jida hun lgatar meeh pai rahe han osde nal kanak vich nami bani rehndi hai ate isde nal kanak nu peeli kungi lag jandi hai isde layi tuc tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by ਰਾਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
13-03-2019 05:23 PM
Punjab
03-14-2019 02:37 PM
ਨਰਮੇ ਦਾ ਰੇਟ ਲਗਭਗ 5200 ਰੁਪਏ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਗੁਰਸ਼ਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
13-03-2019 05:15 PM
Punjab
03-14-2019 02:29 PM
ਗੁਰਸ਼ਰਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਣਕ ਦੇ ਉਪਰ 13:00:45@ ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ ਬੋਰੋਨ@100 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਕਣਕ ਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਝਾੜ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by aman deep
Punjab
13-03-2019 05:09 PM
Haryana
03-14-2019 02:25 PM
aman deep ji tele di roktham de layi tuc Thiamethoxam@80gm or Imidacloprid 40-60 ml nu prati acre de hisab nal spray kar sakde ho. is to ilava peeli kungi de layi tuc tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke prati de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by sukhwinder
Punjab
13-03-2019 04:55 PM
Punjab
03-13-2019 06:37 PM
Sukhwinder g makki di beejayi krn to baad mousam de according 8-10 din vich poori germination hundi hai g..
Posted by nishchal jain
Maharashtra
13-03-2019 04:38 PM
Punjab
03-13-2019 06:39 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Sanober Fatema
Maharashtra
13-03-2019 04:38 PM
Punjab
03-13-2019 07:56 PM
Posted by sharan preet
Punjab
13-03-2019 04:15 PM
Punjab
03-13-2019 06:00 PM
Os nu Liquid Anabolit 1 litter 100ml rojana deo powder Intalyt oral 300gm 30gm rojana deo ji es nall farak pe jawega ji
Posted by Datta Mahajan
Maharashtra
13-03-2019 04:12 PM
Punjab
03-14-2019 02:23 PM
दत्ता महाजन जी M-45@400gm की 150 लीटर पानी की प्रति एकड़ पर स्प्रे करें
Posted by Gurprit singh
Punjab
13-03-2019 04:09 PM
Punjab
03-16-2019 03:46 PM
jekar tuci ehh cow nu khridana chunde ho tan tuci iss khudd chuaai krke dekho, jiss nal tuhanu isde dudh da sahi ptta lgg jawega, baki ehh cow sehat walo kamjor hai, dudh da chuai to pta lgega , isde rate vare mushkil hai ji.
Posted by Datta Mahajan
Maharashtra
13-03-2019 04:07 PM
Punjab
03-13-2019 05:36 PM
दत्ता जी कृपया हमें बताएं कि आपने इस क्षेत्र में कौन कौन सी और कितनी खाद डाली है ताकि हम आपको उचित जानकारी दे सकें, धन्यवाद
Posted by Rohtash
Haryana
13-03-2019 03:50 PM
Punjab
03-14-2019 02:35 PM
रोहतक जी हम नौकरी दिलवाने की सर्विस नहीं देते है आप जो भी कंपनी में काम करना चाहते है आप सीधा वहाँ पर संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by pawar saab
Punjab
13-03-2019 03:43 PM
Punjab
03-13-2019 05:26 PM
Pawar saab ji tuci uss nu Minotas bolus 7 golia leya ke 1/2 goli rojana deni suru kro ate uss nu guur v khwao ji, iss nal heat vich aa jawegi.
Posted by Ejaz Ahmad
Bihar
12-03-2019 06:58 PM
Punjab
03-14-2019 11:54 AM
एजाज़ अहमद जी इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं, इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक क.... (Read More)
एजाज़ अहमद जी इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं, इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है
Posted by JASVINDER SINGH VIRK
Punjab
12-03-2019 09:16 PM
Punjab
03-13-2019 05:22 PM
Jasvinder singh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo bejji gayi audio upload nahi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by jagmeet singh
Punjab
12-03-2019 09:28 PM
Punjab
03-14-2019 11:55 AM
Jagmeet ji tuc tele di roktham de layi thiamethoxam@80gm ja imidacloprid@40-60 gm nu 150 litre pani vihc mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by rajinder kumar
Punjab
12-03-2019 09:23 PM
Punjab
03-13-2019 07:28 PM
Rajinder Kumar ji Solar pump bare puri jankari lai tusi Amrik Singh 9814221784 nal samparak kar sakde ho.
Posted by HIMANSHU SHARMA
Chattisgarh
12-03-2019 09:38 PM
Punjab
03-13-2019 07:20 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Rahul Verma
Punjab
12-03-2019 09:46 PM
Punjab
03-14-2019 04:44 PM
ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਪਾਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਤੋਂ ਢਾਈ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾ.... (Read More)
ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਪਾਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਸੂਰੀ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਦੋ ਤੋਂ ਢਾਈ ਵਾਰ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੇ ਸੂਏ 6-7 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਦੂਜੇ ਸੂਏ 10-14 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸੂਰ ਮੀਟ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਇੱਕ ਸੂਰ 7-8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ 100 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾਂ ਹੈ ਤੇ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀ 150-200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵੇਚੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸੂਰਾਂ ਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਦੀ ਵੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਕਿੳਂਕੀ ਵਪਾਰੀ ਖੁਦ ਫਾਰਮ ਤੋਂਂ ਆ ਕੇ ਸੂਰ ਲੈ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮਂੱਨ ਲਵੋ ਅੱਜ ਸੂਰੀ ਗੱਭਣ ਕਰਵਾਈ ਉਸ ਤੋਂ 115 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਬੱਚੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫਿਰ 1 ਮਹੀਨਾ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਣਾ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਅਲੱਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਦੋੰ ਸੂਰੀ ਤੋਂਂ ਬੱਚੇ ਵੱਖ ਕੀਤੇ ਫਿਰ 5-7 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਦੁਬਾਰਾ ਗੱਬਣ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਇਹ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਸਰਕਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਇਥੇ ਗੱਲ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਸਰਕਲ ਤਾਂ ਹੀ ਸਹੀ ਚੱਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫੀਡ ਸਹੀ ਪਾਉਦੇ ਰਹਾਂਗੇ ਜੇਕਰ ਆਪਾਂ ਫੀਡ ਸਹੀ ਨਾ ਪਾਈ ਤੇ 2 ਮਹੀਂਨੇ ਤੱਕ ਦੁੱਧ ਪਿਆਉਦੇ ਰਹੇ ਤੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਖ ਨਾ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਸਰਕਲ ਖਰਾਬ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਸੋ ਫੀਡ ਤੇ ਖਰਚਾ ਤਾਂ ਜਿਆਦਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੇ ਮੁਨਾਫਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੰਜ ਗੱਭਣ ਸੂਰੀਆ 10-11 ਮਹੀਨਿਆ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਇਨਕਮ ਆਉਸੀ ਹੈ ਤੇ ਲੱਗਭੱਗ ਇੱਕ ਸੂਰੀ 3500 ਰੁਪਏ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਇਨਕਮ ਆਉਦੀ ਹੈ ਇਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਅੰਦਾਜ਼ਾ ਲਾ ਸਕਦੇਸਬਸਿਡੀ - ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਤੇ 2 ਲੱਖ ਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਕੁੱਲ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ 8 ਲੱਖ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਵਿੱਚੋ 2 ਲੱਖ ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ,ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਜਦੋਂ ਚਾਹੇ ਆਪਣਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਓ ੳੇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਨਜਦੀਕੀ KVK ਵਿਚ ਜਾ ਕੇ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਓ ਜਦੋ ਵੀ ਸੂਰਾ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿਗ ਹੋਵੇਗੀ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫੋਨ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦੇਣਗੇ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਨਾਭਾ, ਖਰੜ, ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਤੋਂ ਵੀ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ 5 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਜੇਕਰ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਦੇ ਸਬੰਧਿਤ ਸਫਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿਖੇ ਸੂਰ ਪਾਲਕਾ ਦੀ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 9915632577 ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਫਲ ਸੂਰ ਪਾਲਕ ਹਨ
Posted by parmod
Haryana
12-03-2019 09:57 PM
Punjab
03-13-2019 05:10 PM
iski sell khud hi krni paini a dircet customer koi sell kro
Posted by arif
Rajasthan
12-03-2019 10:06 PM
Punjab
03-14-2019 12:04 PM
Arif ji aapko sabjiyon ka desi beej local market men hi mil jayega iske ilava aap apne najdiki kisi kisan jo desi sabjiyon ki bijai karte hai unse beej le sakte hai. dhnaywad
Posted by Veer
Punjab
12-03-2019 10:07 PM
Maharashtra
03-14-2019 12:25 PM
jhone di PAU 201 kisam hai jo 144 din vich pakk jandi hai te isda jhaad 31-31 quintal prati acre hunda hai .
Posted by Veer
Punjab
12-03-2019 10:07 PM
Haryana
03-14-2019 12:22 PM
ਬਾਸਮਤੀ 1718, 136-138 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਝਾੜ 18-20 qtl/acre ਦਿੰਦੀ ਹੈ
Posted by Denzel
Maharashtra
12-03-2019 10:11 PM
Maharashtra
03-14-2019 12:23 PM
Posted by sumit
Uttarakhand
12-03-2019 10:36 PM
Punjab
03-14-2019 04:26 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सी.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Gagan Sharma
Punjab
12-03-2019 11:01 PM
Punjab
03-14-2019 12:26 PM
gagan sharma ji tuc insulin da paudha lain layi surinder Nagra :-9814305864 ji nal sampark kar sakde ho. dhanwad
Posted by Dharmendra Singh
Uttar Pradesh
12-03-2019 11:22 PM
Punjab
03-14-2019 01:27 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है Kashi Amrut ,Kashi Anupam,Kashi Vishesh,Pant Bahar,Arka Vikas किस्म की बिजाई कर सकते है टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाली बीमारियों और कीड़े मकौड़ों से बचाने के लिए बीजों को बिजाई से पहले थीरम 3 ग्राम या कार्बेनडाज़िम 1 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें इसके बाद टराइकोडरमा 5 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें बीज को छांव में रख दें और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है
Posted by Prabhu Singh Bhati
Rajasthan
12-03-2019 11:40 PM
Punjab
03-14-2019 04:02 PM
प्रभु सिंह भट जी डेरी ट्रेनिंग के लिए आप डॉ.अनिल 9660669992 से सम्पर्क करे धन्यवाद
Posted by Sarita
Haryana
12-03-2019 07:51 PM
Punjab
03-14-2019 01:52 PM
सरिता जी आप leaf miner को नियंत्रित करने के लिए fenazaquin@2ml प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें
Posted by gs sandhu
Punjab
12-03-2019 07:52 PM
Punjab
03-14-2019 01:30 PM
Gs ji isdi bijai september- october mahine vich hi kiti jandi hai. dhanwad
Posted by sanjeev kumar
Punjab
12-03-2019 08:03 PM
Punjab
03-14-2019 01:55 PM
sanjeev kumar ji insulin ke paudhe lene ke liye aap surinder Nagra 9814305864 ji se sampark kar sakte hai. dhanywad
Posted by ratanveer singh
Punjab
12-03-2019 08:11 PM
Punjab
03-14-2019 01:51 PM
ratanveer ji kaddu de beej bijai to lagbhag 7-8 dina bad pungrna shuru kar dinde han.dhanwad