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Posted by krishnamohan singh
Bihar
14-03-2019 01:59 PM
Punjab
05-17-2019 04:29 PM
कृष्णा मोहन सिंह जी इसके बारे में पूरी जानकारी लेने के लिए आप निशान नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र, सरैया- गोरौल रोड, सादीपुर, बिहार 843126, Phone: 06223 255 552 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Ranjan Bhoi
Odisha
14-03-2019 01:53 PM
Punjab
03-14-2019 10:01 PM
Rajan ji tuc isde uper NPK 19:19:19@7 gram prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by tinku
Punjab
14-03-2019 01:52 PM
Punjab
03-14-2019 03:50 PM
ਕੀ ਇੱਕ ਮੁਰੱਬੇ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੀ 25 ਕਿੱਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ
Posted by Avtar Singh (Sarpanch), GEORGIA
Punjab
14-03-2019 01:52 PM
Punjab
03-14-2019 03:52 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by ਪਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-03-2019 01:47 PM
Punjab
03-14-2019 03:28 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Biotrim IM ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 20 ਮਿਲੀ ਲਗਵਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Broton liqued 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Avtar Singh (Sarpanch), GEORGIA
Punjab
14-03-2019 01:46 PM
Punjab
03-14-2019 04:54 PM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260
Posted by krishnamohan singh
Bihar
14-03-2019 01:42 PM
Punjab
03-14-2019 03:30 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by krishnamohan singh
Bihar
14-03-2019 01:41 PM
Punjab
03-14-2019 01:51 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Amit
Punjab
14-03-2019 01:31 PM
Punjab
03-14-2019 05:23 PM
अमित जी खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है .... (Read More)
अमित जी खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Rajasthan
14-03-2019 01:11 PM
Punjab
03-14-2019 10:18 PM
ਇਸ ਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਵਧੀਆ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਦਾ pH 6.5-8.5 ਹੋਵੇ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਸੋਖਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :-Perlette,Beauty Seedless,Flame Seedless ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਪੱਧਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਟਰੈਕਟਰ ਦੁਆਰਾ 3-4 ਵਾਰ ਹਲ਼ਾਂ ਨਾਲ ਡੂੰਘੀ ਵਾਹੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫ.... (Read More)
ਇਸ ਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਪਰ ਵਧੀਆ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਦਾ pH 6.5-8.5 ਹੋਵੇ ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਸੋਖਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :-Perlette,Beauty Seedless,Flame Seedless ਅੰਗੂਰਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਪੱਧਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਟਰੈਕਟਰ ਦੁਆਰਾ 3-4 ਵਾਰ ਹਲ਼ਾਂ ਨਾਲ ਡੂੰਘੀ ਵਾਹੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫਿਰ 3 ਵਾਰ ਹੈਰੋਂ ਨਾਲ ਜ਼ਮੀਨ ਵਾਹੋ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਵਾਲੇ ਭਾਗਾਂ ਦਾ ਰੋਪਣ ਦਸੰਬਰ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਲਮਾਂ ਲਗਾਉਣ ਵਾਲੀ ਵਿਧੀ ਵਿੱਚ 3X3 ਮੀਟਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਅਤੇ ਆਰਬੋਰ ਵਿਧੀ ਵਿੱਚ 5X3 ਮੀਟਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ Anab-e-Shahi ਕਿਸਮ, 6X3 ਮੀਟਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਨਵੀਆਂ ਬੀਜੀਆਂ ਵੇਲਾਂ ਵਿੱਚ, ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ 60 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 125 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਓ ਫਿਰ ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਇਹੋ ਮਾਤਰਾ ਦੁਹਰਾਓ ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਵੇਲਾਂ ਲਈ, ਸਾਰਣੀ ਵਿੱਚ ਦਿੱਤੇ ਅਨੁਸਾਰ ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਅਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਕਾਂਟ-ਛਾਂਟ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਫਲ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਦੋ ਵਾਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਹਿਲੀ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਫਲ਼ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਨਦੀਨ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਾਰਚ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਸਟੋਂਪ 800 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਨਦੀਨ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ, ਜਦ ਨਦੀਨਾਂ ਦਾ ਕੱਦ 15-20 ਸੈ.ਮੀ. ਹੋਵੇ, ਗ੍ਰੈਮੌਕਸੋਨ 24 ਡਬਲਿਊ ਸੀ ਐਸ(ਪੈਰਾਕੁਏਟ) ਜਾਂ ਗਲਾਈਸੈੱਲ 41 ਐਸ ਐਲ(ਗਲਾਈਫੋਸੇਟ) 1.6 ਲਿਟਰ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਫਲ ਦੀ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪੱਕ ਜਾਣ ਤੇ ਦੀ ਕਟਾਈ ਕਰੋ
Posted by Vijay Bisht
Maharashtra
14-03-2019 12:57 PM
Punjab
03-14-2019 01:36 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by shiv
Delhi
14-03-2019 12:47 PM
Punjab
03-14-2019 03:33 PM
आप इन्हें Ostovet calcium 30ml/100 birds के हिसाब देनी शुरू करें इसके साथ आप इनकी खुराक का पूरा ध्यान रखें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Ranjan Siddiqui
Uttar Pradesh
14-03-2019 12:45 PM
Punjab
03-14-2019 03:50 PM
आपके सभी सवालों का जवाब दिया गया है आप एप में अपने सभी सवालों के जवाब देख सकते है
Posted by Ranjan Siddiqui
Uttar Pradesh
14-03-2019 12:43 PM
Punjab
03-14-2019 03:35 PM
आप ट्रेनिंग लेकर शुरू करें उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन भी मिलता है आप इसकी ट्रेनिंग अपने जिले के केबीके में प्राप्त कर सकते है जिससे आपको फीड का पता चलेगा क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलि.... (Read More)
आप ट्रेनिंग लेकर शुरू करें उस ट्रेनिंग सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन भी मिलता है आप इसकी ट्रेनिंग अपने जिले के केबीके में प्राप्त कर सकते है जिससे आपको फीड का पता चलेगा क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है आप अपने बजट के हिसाब से शुरू कर सकते है
Posted by sharan preet
Punjab
14-03-2019 12:41 PM
Punjab
03-15-2019 08:21 PM
Sharan preet ji tuci usde tikke wali jgahh te baraf di takor(malish) krni suru kro , iss nal farak pann lgg jawega.
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
14-03-2019 12:27 PM
Punjab
03-15-2019 05:09 AM
Nahi g aje koi v jhone da nwa beej nahi aya hai. pichle vaar cr 212 da jhaad wdia reha hai tuc ihh beej lai skde ho. ihh PAU ludhiana de vich nahi milega. ihh tuhanu private dealer ton laina pwega.
Posted by ਡਾਕਟਰ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
14-03-2019 12:21 PM
Punjab
03-14-2019 06:55 PM
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਕਾਲੇ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ(ਥਾਇਆਮਿਥੋਕਸਮ) ਦਾ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਲੋਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ @20 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨਿਰਧਾਰਿਤ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ
Posted by Tarjinder singh
Punjab
14-03-2019 12:13 PM
Punjab
03-15-2019 08:47 AM
Tarjinder Ji mausam vibhag de anusar es hafte vich meeh pain di sambhavna hai ta tuc meeh di udeek Kar lao kyuki jyada Pani v kanak nu nuksaan karda hai. Thank you
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
14-03-2019 12:11 PM
Punjab
03-15-2019 04:10 PM
आप उसके बुखार की जांच करवायें यदि उसे बुखार है तो आप उसे तुरंत नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें यदि बुखार नहीं है तो आप उसे Livoferrol liquid 100ml रोजाना और Anabolite liquid 100ml रोजाना देना शुरू करें
Posted by vishesh Kumar
Uttar Pradesh
14-03-2019 12:09 PM
Punjab
03-22-2019 04:15 PM
vishesh Kumar ji aap iske liye apne nazdiki Abs company de distibuter se mile unko jarurat hoti hi marketing ke liye . aagar aapka communication skill acchi hai to study ki koe dikkat nahi hai aap local level par job kar sakde hai ji. bus aapko thodu pahuo ke bare me jankari honi chahiye .
Posted by Charanjit Singh
Punjab
14-03-2019 12:06 PM
Punjab
03-14-2019 09:58 PM
charnjit ji tuc isde uper hlka pani chidak deo. isde nal beejan nu pani mil jauga ate eh ug jange...dhanwad
Posted by Hirenkumar Tandel
Gujarat
14-03-2019 11:55 AM
Punjab
03-22-2019 04:07 PM
Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ
Punjab
14-03-2019 11:52 AM
Punjab
03-14-2019 06:58 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਏਕਾਲਕਸ @800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਰੀਮੋਨ ਦਾ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Mahendra pratap singh
Uttar Pradesh
14-03-2019 11:46 AM
Punjab
03-14-2019 01:38 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Shah Rukh Jodhpur
Rajasthan
14-03-2019 11:32 AM
Punjab
03-19-2019 06:15 PM
यदि आप कम पैसे से शुरू डेयरी फार्म शुरू करना चाहते है तो आप कम पशुओं से शुरू कर सकते है जैसे आप 6 पशु रख सकते है इसमें आप 3 गाय और 3 भैंसों को रख सकते है गाय आप एचएफ नस्ल की रख सकते है इसका दूध ज्यादा होता है पर इसे बीमारियां भी ज्यादा लगती है और यह गर्मी भी ज्यादा मानती है या फिर आप साहीवाल , गिर , जरसी कोई भी गाय रख सक.... (Read More)
यदि आप कम पैसे से शुरू डेयरी फार्म शुरू करना चाहते है तो आप कम पशुओं से शुरू कर सकते है जैसे आप 6 पशु रख सकते है इसमें आप 3 गाय और 3 भैंसों को रख सकते है गाय आप एचएफ नस्ल की रख सकते है इसका दूध ज्यादा होता है पर इसे बीमारियां भी ज्यादा लगती है और यह गर्मी भी ज्यादा मानती है या फिर आप साहीवाल , गिर , जरसी कोई भी गाय रख सकते है भैंसों में आप मुर्रा नस्ल रखें क्योंकि इसका दूध ज्यादा होता है और फैट भी अच्छी होती है बाकि आप दूध बेचने के साथ साथ दही, पनीर, लस्सी, मक्खन आदि बनाकर बेच सकते है जिससे आप मुनाफा कमा सकते है इसके इलावा यदि आपका कोई ओर सवाल है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते है
Posted by देवेन्द्र कुमार वर्मा
Uttar Pradesh
14-03-2019 11:30 AM
Punjab
03-14-2019 09:34 PM
Posted by satnam singh
Punjab
14-03-2019 11:25 AM
Punjab
03-14-2019 03:56 PM
ਜੇਕਰ ਮੱਝ ਨੂੰ ਮੂੰਹ ਖੁਰ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਦੂਜੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੋਂ ਅਲੱਗ ਰੱਖੋ ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Avil injection 10ml, DCR injection 2.5 gram, Nonavet injection 15ml ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚ Goheal ਸਪਰੇ ਮਾਰਨੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਪਰੇ Goel vet pharma company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Naitik Kumar
Uttar Pradesh
14-03-2019 11:19 AM
Punjab
03-22-2019 04:17 PM
कृपया अपने प्रश्न को विस्तार से बताएं ताकि हम आपको सही जवाब दे सकें
Posted by Pawan Kumawat
Gujarat
14-03-2019 11:15 AM
Punjab
03-14-2019 01:38 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
14-03-2019 11:10 AM
Punjab
03-15-2019 04:07 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਅੱਜ ਫਿਰ ਕ੍ਰੋਸ ਕਰਵਾਓ ਜੀ, ਕ੍ਰੋਸ ਕਰਵਾ ਕੇ ਇਸ ਨੂੰ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ, ਇਸਦੀ 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ 14 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਵੀ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਗੱਭਣ ਰਹਿਣ ਵਿਚ ਵੀ ਮਦਦ ਮਿਲੇਗੀ
Posted by parmjit singh
Punjab
14-03-2019 10:59 AM
Punjab
03-14-2019 07:00 PM
Parmjit g jekar tuc knak vich spray krn to 8-10 hours tkk mousam clear rha hai tn tuhanu spray da result milega hle koi hor spray na kro g..
Posted by अरुण कुमार
Uttar Pradesh
14-03-2019 10:59 AM
Punjab
03-14-2019 09:32 PM
कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकी आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी सके धन्यवाद
Posted by harjap singh
Punjab
14-03-2019 10:57 AM
Punjab
03-29-2019 05:26 PM
Hardeep ji vadiah nasal de katte - kattia khreedan lai tusi Rashpal Singh 9464746578 nal samparak kar sakde ho.
Posted by jagdish sitole
Madhya Pradesh
14-03-2019 10:57 AM
Punjab
03-14-2019 01:39 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by vijay sharma
Rajasthan
14-03-2019 10:41 AM
Punjab
03-14-2019 01:40 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by pratik
Uttar Pradesh
14-03-2019 10:36 AM
Punjab
03-14-2019 01:39 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by pradeep
Madhya Pradesh
14-03-2019 10:15 AM
Maharashtra
03-14-2019 05:20 PM
प्रदीप जी मूंग की बिजाई अप्रैल महीने में की जाती है जिस से यह धन से पहले कतई के लिए त्यार हो जाती है खेत को नदीन मुक्त रखें, एक या दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के चार सप्ताह बाद करें और दूसरी गोडाई पहली गोडाई के दो सप्ताह बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को ख्त्म करने के लिए फलूक्लोरालिन 600 मि.ली. प्रति एकड़ औ.... (Read More)
प्रदीप जी मूंग की बिजाई अप्रैल महीने में की जाती है जिस से यह धन से पहले कतई के लिए त्यार हो जाती है खेत को नदीन मुक्त रखें, एक या दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के चार सप्ताह बाद करें और दूसरी गोडाई पहली गोडाई के दो सप्ताह बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को ख्त्म करने के लिए फलूक्लोरालिन 600 मि.ली. प्रति एकड़ और ट्राइफलूरालिन 800 मि.ली बिजाई के समय या पहले प्रति एकड़ में डालें बिजाई के बाद दो दिनों में पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 100 से 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-03-2019 10:14 AM
Maharashtra
03-14-2019 05:04 PM
Kulveer ji tuhade valo bheji gayi photo adhi upload hoi hai kirpa karke photo dubara bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
14-03-2019 10:10 AM
Punjab
03-15-2019 04:05 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਅਰੰਡੀ ਦਾ ਤੇਲ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ 15 ਮਿਲੀ ਸਵੇਰੇ ਅਤੇ 15 ਮਿਲੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਅਤੇ ਜੱਦੋ ਉਸ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਫੋਸ ਆਉਣ ਲਗ ਜਾਵੇ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ Unlock powder ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਨੂੰ ਕੋਸੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦਿਓ.
Posted by shubham rawtiya
Madhya Pradesh
14-03-2019 10:07 AM
Punjab
03-22-2019 07:12 PM
आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद​ फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता.... (Read More)
आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद​ फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें ट्रेनिंग में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है उम्र की सीमा 18—45 वर्ष होनी चाहिए और कम से कम 5 दुधारू पशु होना जरूरी है ट्रेनिंग के बारे में और जानने के लिए आप अपने जिले के PDDB के दफ्तर में जाकर डेयरी डिवलेपमेंट अफसर को मिलें डेयरी ट्रेनिंग का स्र्टीफिकेट हासिल करके आप आगे डेयरी लोन एप्लाई कर सकते हैं ट्रेनिंग आप अपने जिले के केबीके से प्राप्त कर सकते है वहां से आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी
Posted by Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102
Punjab
14-03-2019 09:57 AM
Punjab
03-14-2019 05:17 PM
amandeep ji tuc achar de layi J1006 ja african tall kisam di bijai kar sakde ho. eh 60-70 din bad ktayi de layi tyar ho jandi hai. isda daaneya da jhaad 6-7 quintal prati acre de hisab nal hunda hai ate chaare da jhaad 165 quintal prati acre hunda hai.
Posted by gurpinder singh
Punjab
14-03-2019 09:57 AM
Punjab
03-14-2019 04:06 PM
gurpinder singh ji hissar university da mela 12-13 march nu ho geya hai ji. eh hissar hi lagda hunda hai ji . baki kal nu pau ludhiana da mela hai tusi othe pohanch sakde ho.
Posted by yogendra
Madhya Pradesh
14-03-2019 09:56 AM
Punjab
03-14-2019 01:32 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-03-2019 09:52 AM
Maharashtra
03-14-2019 05:13 PM
lovepreet ji happy seeder nal beeji kanak nu khaadan di matra jyada chaidi hundi hai ate isde nal beeji kanak nu pani v jyada lag jande han isde nal fasl stress de karn baliyan chotiyan ho jandiyan han.hor koi fark nahi hai. dhanwad
Posted by ਦੂਲਾ ਸਿੰਘ
Punjab
14-03-2019 09:44 AM
Punjab
03-14-2019 05:03 PM
ਜੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਰਾਜਸਥਾਨ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Devendra Singh Rawat
Rajasthan
14-03-2019 09:32 AM
Punjab
03-14-2019 01:33 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by jaswant singh
Punjab
14-03-2019 09:22 AM
Punjab
03-14-2019 05:11 PM
जसवंत जी अदरक की खेती ज्यादातर उत्तर प्रदेश में की जाती है पंजाब में पीएयू द्वारा खेती की सलाह नहीं दी जाती है