
Posted by Aravind Chaudhary
Gujarat
16-03-2019 07:46 PM
अरविन्द जी आप सब्जियों की पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गयी जानकारी देख सकते है *मार्च* ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी *अप्रैल* चौलाई, मूली *मई* फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च *जून* फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौला.... (Read More)
अरविन्द जी आप सब्जियों की पूरी जानकारी के लिए नीचे दी गयी जानकारी देख सकते है *मार्च* ग्वार, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, खरबूजा, तरबूज, पालक, भिण्डी, अरबी *अप्रैल* चौलाई, मूली *मई* फूलगोभी, बैंगन, प्याज, मूली, मिर्च *जून* फूलगोभी, खीरा-ककड़ी, लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, बीन, भिण्डी, टमाटर, प्याज, चौलाई, शरीफा *जुलाई* खीरा-ककड़ी-लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, भिण्डी, टमाटर, चौलाई, मूली

Posted by Namberdar Saab
Punjab
16-03-2019 07:42 PM
jagbir ji pkavi makki de layi tuc PMH1, Prabhat, Kesri, PMH-2, Jh3459, prakash, Megha kisam ki bijai kar sakte ho. in kismon ki bijai may mahine me ki jati hai. dhanywad

Posted by manveer
Punjab
16-03-2019 07:37 PM
manveer ji hale sarkar valo jhone di lvayi di koi exact tareek dasi nahi gayi hai jive hi eh tareek dasi jandi hai ta tuhanu is bare jankari de diti jayegi. dhanwad
Posted by Rohan Ranaware
Maharashtra
16-03-2019 07:13 PM
श्री रोहन पूरी जानकरी और ट्रेनिंग के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Prashant kharait
Maharashtra
16-03-2019 07:12 PM
प्रशांत जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप किस फसल के बारे में जानना चाहते हैं ताकि हम आपको उचित जानकारी प्रदान कर सकें, धन्यवाद
Posted by Rohan Ranaware
Maharashtra
16-03-2019 07:09 PM
Mr Rohan for All Information and Training please contact with Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381.
Posted by kaptan Singh
Rajasthan
16-03-2019 07:07 PM
कुंदरू जिसे परवल भी कहा जाता है की बिजाई दोमट मिट्टी में की जाती है इसकी एक बार बिजाई के बाद 3 साल तक फल लिया जा सकता है इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए आप नीचे दी गयी वीडियो देख सकते है https://www.youtube.com/watch?v=0wTbjuTpsjw
Posted by jay
Gujarat
16-03-2019 06:58 PM
जय जी यह फंगस के कारण होता है इसकी रोकथाम के लिए आप Tebuconazole 8% +Captan 32% SC @3gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धनयवाद

Posted by gs sandhu
Punjab
16-03-2019 06:50 PM
GS Sandhu ji Punjab vich Motia di kheti lai tusi Regional Research Centre, Bhatinda, ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture, Dabawali Road,Jodhpur Romana, Bathinda, Punjab - 151005.Ph. +911-642970434, E-mail: rrcbathinda@gmail.com nal samparak klar sakde ho ja fir tusi Manish Vasudev 9417652857 nal samparak kar sakde ho.
Posted by anil kumar
Uttar Pradesh
16-03-2019 06:43 PM
अनिल जी बिज़नेस कोई भी किया जा सकता है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है के आपके पास जमीन कितनी है और आपका बजट कितना है इसके इलावा यह भी निर्भर करता है के आपका इंटरेस्ट किस में है आप यह सब बाते हमे बताये ताकि आपको इनके बारे में जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by अजीत विश्वकर्मा
Uttar Pradesh
16-03-2019 06:43 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Himanshu Chauhan
Uttarakhand
16-03-2019 06:40 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by kaptan Singh
Rajasthan
16-03-2019 06:40 PM
Posted by Ashish
Uttar Pradesh
16-03-2019 06:37 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by प्रतिमा राय
Uttar Pradesh
16-03-2019 06:32 PM
Pratima rai ji surajmukhi bechne ke lia aap hmare Apnikheti Buy/Sell App par apni free ads post kar sakte hai jis kisi farmer ko chahia hoga vo sida aap ke no. Par samparak kar sakta hai, Thankyou.

Posted by Rashpal Singh
Punjab
16-03-2019 06:25 PM
Rashpal ji mirch patte peele tat di kami de karn hon lag jande han isde ayi tuc NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by gurshan
Punjab
16-03-2019 06:18 PM
गुरशान जी फसल या सस्य किसी समय-चक्र के अनुसार वनस्पतियों या वृक्षों पर मानवों व पालतू पशुओं के उपभोग के लिए उगाकर काटी या तोड़ी जाने वाली पैदावार को कहते हैं

Posted by jaspal singh
Punjab
16-03-2019 06:16 PM
ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕਲੀ ਕਰਨੀ ਹਾਂ ਤਾਂ 1.25-1.5kg ਤੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਫਸਲ ਨਾਲ ਬੀਜਣੀ ਹੈ ਤਾਂ 0.50-0.75kg ਬੀਜ ਪਾਓ ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਪਲਾੱਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ, ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਜਾਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਸਧਾਰਨ ਹਾਲਾ.... (Read More)
ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕਲੀ ਕਰਨੀ ਹਾਂ ਤਾਂ 1.25-1.5kg ਤੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਫਸਲ ਨਾਲ ਬੀਜਣੀ ਹੈ ਤਾਂ 0.50-0.75kg ਬੀਜ ਪਾਓ ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਪਲਾੱਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ, ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਜਾਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਸਧਾਰਨ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪੁੰਗਰਾਅ 10 ਤੋਂ 14 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ 18 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੂਰਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ 4 ਤੋਂ 6 ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ ਵਿਕਸਿਤ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ 15–20 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਖਾਦਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ: ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ - 30 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਫਾਸਫੋਰਸ - 20 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਹਰ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 30 kg ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਾਓ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 5 ਤੋਂ 6 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਫਿਰ 10 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ 20 kg ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਾਓ

Posted by Gurtej Singh
Punjab
16-03-2019 06:01 PM
tuci uss nu pet de kiriya lai Albendazole salt di goli deo , isde nal tuci Cargil di hiefer dry feed deni suru kro, isde nal tuci Calf plan powder 100-100gm swere sham deo , iss nal vdia growth ho jawegi baki tuci usdi khurak da v pura dian rkho.

Posted by Jagsir singh
Punjab
16-03-2019 05:55 PM
jagsir ji kirpa karke audio dubara bhejo tuhade dwara bheji gayi audio upload nahi hoyi hai. dhanwad

Posted by pankaj
Punjab
16-03-2019 05:54 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by jagdish Singh
Punjab
16-03-2019 05:51 PM
jagdish ji mithi tulsi jisnu stevia vi keha janda hai isda paudha lain layi tuc Surinder Nagra 9814305864 nal sampark kar sakde ho. dhanwad

Posted by dk
Haryana
16-03-2019 05:45 PM
Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
Posted by Mangat
Punjab
16-03-2019 05:31 PM
Mangat ji tuci uss nu Calcimust gold liquid 100ml rojana dena suru kro , isde nal tuci Gog powder deo , isdi rojana 1 pudi dinde rho, iss nal duudh vadh jawega bakki tuci ussdi khurak da pura dyan rkho ji .

Posted by Ashok Kumat
Uttar Pradesh
16-03-2019 05:25 PM
अशोक जी बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों के मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें धन्यवाद

Posted by sanjay baitharu
Odisha
16-03-2019 05:14 PM
to get proper information about pearl farming you can contact to ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446.

Posted by boota
Punjab
16-03-2019 05:12 PM
boota ji eh koi bimari nahi hai eh kayi var beej de genes de karn ho jandi hai . kanak de nisare de saem tuc 13:00:45@1 killo ate boron@100gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by Alok Sagar
Uttar Pradesh
16-03-2019 05:05 PM
अलोक जी संतरे के पौधे को लगभग 3-4 साल तक ही फल लग्न शुरू होता है इस से पहले इसे फल नहीं लगता धन्यवाद
Posted by Harpal
Punjab
16-03-2019 05:00 PM
tuci ohna nu Flukrid-DS bolus pett de kiriya lai deo , isde nal Dozliv liquid 100ml rojana dena suru kro ate Amyst bolus 1-1 swere sham deo ji , iss nal farak paa jawega..

Posted by md Rizwan
Odisha
16-03-2019 04:56 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) (An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India, Tel: +91-674-2465421, 2465446, Fax: +91-674-2465407 से सम्पर्क करे
Posted by Damanvir singh
Punjab
16-03-2019 04:53 PM
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ +ਅਲਗ ਹੈ ਜਿਵੇ ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਢੀਂਗਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 3 ਫ਼ਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ .... (Read More)
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ +ਅਲਗ ਹੈ ਜਿਵੇ ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਢੀਂਗਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 3 ਫ਼ਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ ਇਕ ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 4 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਤਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿਚ ਪਰਾਲੀ ਜਾ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Rashpal
Punjab
16-03-2019 04:52 PM
ਆਪਣੇ ਜਿਲੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਦੇ ਦਫਤਰ ਨਾਲ ਤਾਲਮੇਲ ਕਰੋ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲੇਗੀ

Posted by Balwinder singh Uppal
Punjab
16-03-2019 04:31 PM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਬੂਤਰ ਨੂੰ ਉਡਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਖੇਤ ਦੇ ਕੋਲ ਕੋਈ ਸ਼ੋਰ ਵਾਲਾ music ਲਾਓ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਕਬੂਤਰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਬੈਠਦੇ ਅਤੇ ਉਹ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਕਰਦੇ

Posted by vishal
Uttar Pradesh
16-03-2019 04:06 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे

Posted by A nup
Uttar Pradesh
16-03-2019 04:06 PM
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे पर.... (Read More)
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है
Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
16-03-2019 04:03 PM
सुखविंदर जी इन किस्मों के बीज लेने के लिए आप Mohammad Shrif 9417150864 से संपर्क कर सकते है
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