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Posted by shashank
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:34 AM
Punjab
03-23-2019 12:43 PM
शशांक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by shashank
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:33 AM
Maharashtra
03-20-2019 03:53 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by shashank
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:32 AM
Maharashtra
03-20-2019 03:56 PM
यह हर प्रकार की जमीनों में बोयी जा सकती है पर उपजाऊ और बढ़िया जल निकास वाली दोमट जमीन सब से बढ़िया है खारी और पानी खड़ा रहने वाली ज़मीनें इसकी काश्त के लिए बढ़िया नही हैं यह फसल 6.5-7.5पी एच तक अच्छी उगती है प्रसिद्ध किस्में:- AL-15,AL 201,AL 882,PPH 4 गहरी जोताई के बाद 2-3 बार तवीयों से जोताई करें और खेत को सुहागे के साथ समतल करें यह फस.... (Read More)
यह हर प्रकार की जमीनों में बोयी जा सकती है पर उपजाऊ और बढ़िया जल निकास वाली दोमट जमीन सब से बढ़िया है खारी और पानी खड़ा रहने वाली ज़मीनें इसकी काश्त के लिए बढ़िया नही हैं यह फसल 6.5-7.5पी एच तक अच्छी उगती है प्रसिद्ध किस्में:- AL-15,AL 201,AL 882,PPH 4 गहरी जोताई के बाद 2-3 बार तवीयों से जोताई करें और खेत को सुहागे के साथ समतल करें यह फसल खड़े पानी को सह नहीं सकती, इसीलिए खेत में पानी खड़े रहने से रोकें मई के दूसरे पखवाड़े में की गई बिजाई अधिक पैदावार देती है यदि यही फसल देरी से लगाई जाये तो पैदावार कम देती है बिजाई के लिए 50 से.मी. कतारों में और 25 से.मी. पौधों में फासला रखें बीज सीड ड्रिल से बीजे जाते हैं और इनकी गहराई 7-10 होती है बीज छींटे से भी बीजा जा सकता है पर बिजाई वाली मशीन से की गई बिजाई ज्यादा पैदावार देती है अधिक पैदावार के लिए 6 किलो प्रति एकड़ बीजों का प्रयोग करें बिजाई से 3 सप्ताह बाद पहली और 6 सप्ताह बाद दूसरी गोडाई करें नदीनों के लिए पैंडीमैथालीन 2 ली. प्रति एकड. 150-200 ली. पानी में बिजाई से 2 दिन बाद डालें बिजाई से 3-4 सप्ताह बाद पहली सिंचाई करें और बाकी की सिंचाई वर्षा के अनुसार करें फूल निकलने और फलीयां बनने के समय सिंचाई बहुत ज़रूरी है ज्यादा पानी देने से भी पौधे की वृद्धि ज्यादा होती है और झुलस रोग भी ज्यादा आता है आधे सितंबर के बाद सिंचाई ना करें सब्जियों के लिए उगाई गई फसल पत्तों और फलीयों के हरे होने पर काटी जाती है और दानों वाली फसल को 75-80% फलीयों के सूखने पर काटा जाता है कटाई में देरी होने पर बीज खराब हो जाते हैं कटाई हाथों और मशीनों द्वारा की जा सकती है कटाई के बाद पौधों को सूखने के लिए सीधे रखें गोहाई कर के दाने अलग किए जाते हैं और आम तौर पर डंडे से कूट कर गोहाई की जाती है
Posted by shyam
Madhya Pradesh
17-03-2019 09:27 AM
Punjab
03-23-2019 12:44 PM
श्याम जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by NITISH KUMAR
Jharkhand
17-03-2019 09:27 AM
Haryana
03-20-2019 04:31 PM
Posted by Sukhwinder Singh
Punjab
17-03-2019 09:25 AM
Punjab
03-22-2019 05:14 PM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਗਲੀ ਹੋਈ ਰੂੜੀ 15 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੋ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ankit
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:19 AM
Punjab
03-23-2019 12:45 PM
अंकित जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by sunil kumar jhadi
Chattisgarh
17-03-2019 09:15 AM
Punjab
03-23-2019 12:46 PM
Sunil kumar jhadi जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by jitendra rana
Uttarakhand
17-03-2019 09:14 AM
Punjab
03-23-2019 12:47 PM
जितेंदर राना जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by jagdish Singh
Punjab
17-03-2019 09:14 AM
Punjab
03-20-2019 04:33 PM
ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ surinder Nagra 9814305864 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ\
Posted by Ravi kumar
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:08 AM
Punjab
03-18-2019 04:58 PM
रवि जी आप भैंस को Hepaways देना शुरू करें इसे आप 50 मि.ली. रोजाना दें इसके साथ आप Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम और Glactogog पाउडर देना शुरू करें इसका रोजाना एक पाउच देना शुरू करें इससे दूध में फायदा होगा
Posted by उमेश यादव
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:07 AM
Punjab
03-20-2019 04:34 PM
उमेश जी यह आपको लोकल मार्किट से ही मिल जाएगी धन्यवाद
Posted by ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ
Punjab
17-03-2019 09:04 AM
Punjab
03-20-2019 04:35 PM
ਜਗਮੀਤ ਜੀ ਕਲੋਰੋ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 4ml ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by उमेश यादव
Uttar Pradesh
17-03-2019 08:58 AM
Punjab
03-30-2019 02:56 PM
केंचुएं लेने के लिए आप प्रतीक बजाज 8439807519 से संपर्क करे धन्यवाद
Posted by sonu nehra
Haryana
17-03-2019 08:55 AM
Punjab
03-23-2019 12:49 PM
सोनू नेहरा जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by उमेश यादव
Uttar Pradesh
17-03-2019 08:53 AM
Maharashtra
03-20-2019 04:27 PM
उमेश जी गेंहू की कटाई के बाद आप मूंग की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by ਸੁੱਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-03-2019 08:40 AM
Punjab
03-17-2019 08:32 PM
Posted by ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ
Punjab
17-03-2019 08:37 AM
Rajasthan
03-18-2019 05:00 PM
ਇਸ ਨੂੰ ਗੁੜ ਅਤੇ ਵੜੇਮੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਵੜੇਮੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸਵੇਰੇ ਨੂੰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ 10-12 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ , ਅਤੇ ਜਿਸ ਗਾਂ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਪੂਰੀ ਤਿਆਰ ਨਹੀਂ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਵੀ ਤੁਸੀ ਵੜੇਮੇ ਅਤੇ ਗੁੜ ਇਸੇ .... (Read More)
ਇਸ ਨੂੰ ਗੁੜ ਅਤੇ ਵੜੇਮੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਵੜੇਮੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸਵੇਰੇ ਨੂੰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ 10-12 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਤੁਹਾਡੀ ਗਾਂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ , ਅਤੇ ਜਿਸ ਗਾਂ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਪੂਰੀ ਤਿਆਰ ਨਹੀਂ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਵੀ ਤੁਸੀ ਵੜੇਮੇ ਅਤੇ ਗੁੜ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾ ਦੇਣਾ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ 1 ਮਹੀਨਾ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ,ਜੈਫਲ ਦੇਣ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਜੈਫਲ ਦੇ ਤਿੰਨ ਪੀਸ ਲੈ ਆਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਭੁੰਨ ਲਵੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਹ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ਜੈਫਲ ਦਾ ਇੱਕ ਪੀਸ ਭੁੰਨ ਕੇ ਬਰੀਕ ਕਰ ਲਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸਨੂੰ ਆਟੇ ਦੇ ਪੇੜੇ ਦੇ ਉੱਪਰ ਗੁੜ ਲਗਾ ਕੇ ਖਵਾ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤੱਕ ਖਵਾਓ .
Posted by anwar salim
Rajasthan
17-03-2019 08:31 AM
Punjab
03-23-2019 12:51 PM
अनवर सलीम जी मोती की खेती के बारे में और ट्रेनिंग की पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
Posted by deepak shukla
Madhya Pradesh
17-03-2019 08:19 AM
Punjab
03-23-2019 12:52 PM
दीपक शुक्ला जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Amit Gaur
Uttarakhand
17-03-2019 08:06 AM
Punjab
03-23-2019 12:54 PM
श्री अमित गौर जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by jagjot
Punjab
17-03-2019 08:03 AM
Punjab
03-18-2019 05:27 PM
Posted by Binod Nath
Assam
17-03-2019 07:50 AM
Punjab
03-18-2019 11:48 AM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by piyush gamit
Gujarat
17-03-2019 07:48 AM
Punjab
03-23-2019 12:55 PM
पियूष गमित जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Kamal Gandhi
Madhya Pradesh
17-03-2019 07:44 AM
Punjab
03-23-2019 12:56 PM
पियूष गमित जी मोती की खेती के बारे में और ट्रेनिंग की पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Jitendra Kumar
Uttar Pradesh
17-03-2019 07:33 AM
Punjab
03-23-2019 12:57 PM
जितेंदर कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Amit Kumar Pandey
Madhya Pradesh
17-03-2019 07:14 AM
Maharashtra
03-20-2019 04:25 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे
Posted by Rahul
Uttar Pradesh
17-03-2019 07:06 AM
Punjab
04-01-2019 12:15 PM
राहुल जी अच्छी नसल की साहीवाल गाय लेने के लिए आप Devendra 9813889903,9813989902(राज डेयरी फार्म) दिलबाग सिंह 9813144108 9050944108 (Desi Cow Farm )से संपर्क करें
Posted by kulwinder Singh Bhathal
Punjab
17-03-2019 06:51 AM
Punjab
03-17-2019 08:36 AM
Posted by sawan shadev
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:50 AM
Punjab
03-18-2019 06:42 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Harpinder Singh
Punjab
17-03-2019 06:44 AM
Punjab
03-20-2019 03:58 PM
ਹਰਪਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਹਾਡੀ ਇਲਾਕੇ ਵਿਚ ਅੱਜ ਮੀਹ ਪੈਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ajay Kumar
Bihar
17-03-2019 06:41 AM
Punjab
03-23-2019 12:58 PM
अजय कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by abhijit yadav
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:35 AM
Maharashtra
03-19-2019 10:51 AM
अभिजीत जी मशरुम की खेती सारा साल की जा सकती है हर किसम की बिजाई का समय अलग होता है धन्यवाद
Posted by Rakesh thakur
--
17-03-2019 03:43 AM
Punjab
03-19-2019 10:54 AM
Posted by अविनाश
Maharashtra
17-03-2019 03:41 AM
Punjab
03-19-2019 04:44 PM
अविनाश जी इसका रेट इसके भार के हिसाब से होता है वैसे लगभग 400 रूप्ये प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है आप उसके भार के हिसाब से खरीद सकते है इस रेट में 4 महीने तक का बच्चे खरीद सकते है
Posted by babit Hans
Punjab
17-03-2019 02:20 AM
Punjab
03-20-2019 04:24 PM
Babit ji Punjab vich khas-khas di kheti sarkar valo sifarish nahi hai.dhanwad
Posted by vipin kumar SHUKLA
Uttar Pradesh
17-03-2019 01:19 AM
Punjab
03-23-2019 12:59 PM
विपिन कुमार शुक्ला जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Pradeep Kumar
Delhi
17-03-2019 12:32 AM
Punjab
03-23-2019 01:04 PM
प्रदीप कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by tukaram balaji shinde
Maharashtra
17-03-2019 12:27 AM
Punjab
03-18-2019 06:59 PM
Posted by Subhash
Chattisgarh
17-03-2019 12:26 AM
Punjab
03-23-2019 01:01 PM
सुभाष जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by ankit humane
Maharashtra
17-03-2019 12:25 AM
Rajasthan
03-22-2019 09:12 PM
इसके लिए वातावरण साधारण ही चाहिए होता है वैसे यह नस्ल एचएफ नस्ल से गर्मी कम मानती है बाकि इसे रहने के लिए जगह साफ और खुराक का पूरा ध्यान रखना जरूरी है जिससे इससे अच्छा दूध लिया जा सके और हम कोशिश करेंगे कि इसकी वीडियों बनाकर आपको भेंजे जिसमें आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी
Posted by ankit humane
Maharashtra
17-03-2019 12:24 AM
Rajasthan
03-22-2019 09:11 PM
इसके लिए वातावरण साधारण ही चाहिए होता है वैसे यह नस्ल एचएफ नस्ल से गर्मी कम मानती है बाकि इसे रहने के लिए जगह साफ और खुराक का पूरा ध्यान रखना जरूरी है जिससे इससे अच्छा दूध लिया जा सके और हम कोशिश करेंगे कि इसकी वीडियों बनाकर आपको भेंजे जिसमें आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी
Posted by prashant prakash burte
Maharashtra
17-03-2019 12:23 AM
Punjab
05-17-2019 03:29 PM
Prashant to get all the information about shrimp farming you can contact to Moh. Anis 9451411371,6394520950.
Posted by shyamraj shukla
Madhya Pradesh
17-03-2019 12:16 AM
Punjab
03-25-2019 07:48 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Manpreet Kahlon
Punjab
17-03-2019 12:16 AM
Punjab
03-19-2019 04:46 PM
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬ.... (Read More)
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਫਾਰਮ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੱਚੇ ਵਗੈਰਾ ਵੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜੇਕਰ ਮੋਟਾ ਜਿਹਾ ਹਿਸਾਬ ਲਗਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਬੱਕਰੀ ਤੋਂ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20000 ਤੱਕ ਕਮਾਈ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਵੋ ਤੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾਂ ਦੇ ਫਾਰਮ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਜੋ ਕਿ ਮਹੀਂਨੇ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਹੋਸਟਲ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਗਰਾਜ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ 9023441504 ਤੇ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜੀ.
Posted by vitthal
Maharashtra
17-03-2019 12:06 AM
Punjab
03-25-2019 07:49 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें