Posted by harjeet Dhaliwal
Punjab
17-03-2019 09:36 PM
ਹਰਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੀ ad ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ Buy /Sell ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਇਸਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਵਿਚ ਦਿਲਚਸਪੀ ਰੱਖਦਾ ਹੋਏਗਾ ਉਹ ਸਿਧ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਲੈਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਰਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
17-03-2019 09:34 PM
ਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਜਦੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟੇ ਤੇ 5 ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਤੇਲੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Deepak
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:33 PM
Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Posted by Harpartap Singh
Punjab
17-03-2019 09:31 PM
harpartap ji barseem nu gaale to bchaun de layi saaf@500gm nu 150 litre pani vich mila ke spray karo. is to ilava chare de layi tuc J1006 ate African tall kisam di bijai kar sakde ho. dhanwad

Posted by Sushil Gawali
Maharashtra
17-03-2019 09:30 PM
Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.

Posted by Naveen Kumar
Bihar
17-03-2019 09:24 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by ਦਰਸ਼ਨ िਸੰਘ
Punjab
17-03-2019 09:20 PM
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕ.... (Read More)
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 10 ਹਜਾਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 4 ਤੋਂ 5 ਲੱਖ ਦਾ ਇੰਤਜਾਮ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ , ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਡਿਆਂ ਲਈ 500 ਮੁਰਗੀਆਂ ਨਾਲ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇੱਕ ਮੁਰਗੀ ਦੇ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਤੇ ਤੇ ਜਨਮ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੱਕ 250-300 ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਲਈ 1250 ਸਕੇਅਰ ਫੁੱਟ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬ੍ਰਾਇਲਰ ਰੱਖਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਪੰਜ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਮੰਡੀਕਰਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਕਰੀਬਨ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅੰੰਡਿਆ ਦੀ ਉਪਜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਾਲਾ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਜਿਆਦਾ ਮਿਹਨਤ ਵੀ ਨਹੀ ਲੱਗਦੀ ਇਹ ਨਾਜੁਕ ਕਿਸਮ ਦੇ ਜਾਨਵਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਕੁੱਝ ਕੁ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀਆ ਵੀ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਤੋੰ ਬਚਣ ਲਈ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੂੰਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਡਿਟੇਲ ਵਿੱਚ ਦੱਸੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਹੋਰ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਜਾਂ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਦੁਬਾਰਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by vinay
Punjab
17-03-2019 09:11 PM
app bashdi ki bachedani mai lixin-iu dwai 2 din bhrwaye, iske sath app bovimin-b powder 50gm rojana aur Agrimin-i bolus rojana 1 goli deni suru kren aur 21 din tak dete rehe, fir agli varr heat mai anne per usse tika bhrwaa kr app Pregstay gold powder 50 gm rojana den, iss trah apki bashdi gabhin ho jayegi .
Posted by Akshay kumar
Bihar
17-03-2019 09:10 PM
Motia ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Posted by sanjeev kumar
Haryana
17-03-2019 09:08 PM
गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई.... (Read More)
गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है
Posted by baljinder singh
Punjab
17-03-2019 09:06 PM
Baljinder Singh ji motiya di kheti bare puri jankari lai tusi Manish Vasudev 9417652857 nal samparak kar sakde ho.

Posted by navdeep
Punjab
17-03-2019 09:04 PM
ਨਵਦੀਪ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ਵਿਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ surinder Nagra 9814305864 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by मुजीब खां
Uttar Pradesh
17-03-2019 09:01 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है

Posted by GURPREET Singh
Punjab
17-03-2019 08:49 PM
गुरप्रीत जी आप इसके ऊपर उपलों के पानी की स्प्रे करें इसके लिए आप 5 -6 उपलों को 50 लीटर पानी में मिला कर 4 -5 दिन के लिए रखे 5 दिन बाद इसे 90 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा फंगस के लिए आप 15 दिन पुरानी लस्सी@3 लीटर को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें

Posted by harman
Punjab
17-03-2019 08:20 PM
ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ SML 832,SML 668,ML 818 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਝਾੜ 4-4.9 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by ਗੁਰਇੱਕਬਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
17-03-2019 08:10 PM
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰ.... (Read More)
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਸੁੰਡੀ ਕੰਟਰੋਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Malkeet Virk
Punjab
17-03-2019 08:09 PM
Malkeet virk ji tuci uss nu Metra liquid 100ml rojana deo , isde nal Calpond gel 300 ml deo ate 3 din deo ate uss nu Enerdyna liquid 100ml rojana deo, ehna nal anndar to safai v howegi ate kamjori v door howegi.

Posted by Suhail Ahmed
Jharkhand
17-03-2019 08:08 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by Sudhir Chopra
Delhi
17-03-2019 07:42 PM
सुधीर चोपड़ा जी शुगर के इलाज के लिए आप surinder Nagra 9814305864 से सम्पर्क करे
Posted by ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ
Punjab
17-03-2019 07:41 PM
hoshiarpur vich koi kisan mela nahi hai kisan mele Ludhiana, patiala , bathinda, amritsar, gurdaspur vich lagde han. dhanwad

Posted by suresh kumar
Uttar Pradesh
17-03-2019 07:34 PM
इसके लिए सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी ज़रूर है, ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है आप अपने ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है, सुअर पालन के लिए आप क.... (Read More)
इसके लिए सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी ज़रूर है, ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है आप अपने ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है, सुअर पालन के लिए आप कोशिश करें कि 10 मादा बच्चे या 1 नर से शुरू करें 10 मादा बच्चे या 1 नर सुअर के साथ शेड या फीड को मिलाकर कुल 18 लाख तक खर्चा आ जाता है आपको पहले साल 25 प्रतिशत मुनाफा होता है इसके बच्चे 7 महीने तक बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं इसका लाभ आपको दूसरे साल से मिलना शुरू होगा, इसलिए अपना अच्छे से सोचकर करें या इसके लोन के लिए आपको नज़दीकी बैंक से ही संपर्क करना होगा इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी होती है तभी आप लोन ले सकते है

Posted by
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17-03-2019 07:32 PM
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.
Posted by jagmohan rai
Bihar
17-03-2019 07:29 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by ishvar
Gujarat
17-03-2019 07:18 PM
Ishvar ji kripya app apna swal vistar se btayen ki app kiss kam ke liye loan lena chahte hai tan jo apko iske vare mai sahi jankari di jaa skee.

Posted by Nabin Kumar bag
Odisha
17-03-2019 07:18 PM
डेयरी फार्म के लिए आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेक.... (Read More)
डेयरी फार्म के लिए आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें.

Posted by Altaf Zamir
Bihar
17-03-2019 07:14 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे

Posted by Altaf Zamir
Bihar
17-03-2019 07:13 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by Ranjeet singh
Punjab
17-03-2019 07:05 PM
ਹਨਜੀ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੂਜਿਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪੂਰਾ ਕਰਨਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਪਸਮਾ ਵਿਚ ਵੀ ਮਦਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ , ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਗੱਭਣ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 - 3 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਉਸ ਟਾਈਮ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਾਕਤ .... (Read More)
ਹਨਜੀ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੂਜਿਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੰਮ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪੂਰਾ ਕਰਨਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਸਦੇ ਪਸਮਾ ਵਿਚ ਵੀ ਮਦਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ , ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਗੱਭਣ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 2 - 3 ਮਹੀਨੇ ਪਹਿਲਾ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਉਸ ਟਾਈਮ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਾਕਤ ਵਾਲਿਆਂ ਚੀਜਾਂ ਦੇਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਚੋਣ ਤੋਂ ਬੰਦ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by harpreet singh grewal
Punjab
17-03-2019 07:04 PM
Harpreet ji tuc isnu nimbu de boote nu pa sakde ho par isnu bahut ghat matra vich pao jive 100 gram kyuki isdi matra jyada vartan nal eh boote nu mcha dayegi. dhanwad

Posted by suresh kumar
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:56 PM
Suresh ji is ke bare me puri jankari ke lia aap Fish Aquarium Home M no. 9152477308 se samparak kar sakte hai.

Posted by Gopal patel
Madhya Pradesh
17-03-2019 06:54 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Haryana
17-03-2019 06:50 PM
ਹਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੁਬਾਰਾ ਕਰ ਦਿਓ
Posted by ਪਿ੍ਤਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
17-03-2019 06:49 PM
ਪਿ੍ਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਉਮਰ ਕਿੰਨੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by d k tr
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:46 PM
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Posted by Rajesh chadha
Chandigarh
17-03-2019 06:41 PM
For Hydroponics kit and all Information Please contact with Somveer singh 9878733551.
Posted by venkatesh kongati
Karnataka
17-03-2019 06:33 PM
स्टीविया की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप राशिद खान 9039693757 से संपर्क करें

Posted by Er.Mohd Rehman
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:30 PM
baby corn ki bijai june-july, october-november aur january- february ke mahine men ki jati hai.aap iske liye kisme jaise Prakash, vivek maize hybrid 23, COBC1, Vivek Maize hybrid 25, HM-4,Hybrid maize 5, Pusa Extra Early Hybrid maize 5 aur Golden baby. iski bijai ktaro mein ki jati hai jisme 45x25 cm ka fasla rakha jata hai. ek acre ke liye 20-25kg beej ki jarurat hoti hai.ise 3-4 sinchai ki jarurat hoti hai. aap inke sath potato, pea, onion, garlic, methi, radish, carrot, turnip ki bijai kar sakte hai. dhnaywad

Posted by jogi
Punjab
17-03-2019 06:24 PM
ਜੋਗੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Vitakind-Liv 100ml ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਭੁੱਖ ਲਗੇਗੀ ਅਤੇ ਲੀਵਰ ਵੀ ਵਧਿਆ ਕੰਮ ਕਰੇਗਾ ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਵੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਕੋੜ ਦਾ ਚੂਰਨ ਜਾਂ 2 ਕੋੜ ਤੁਮੇ ਰੋਜ ਖਵਾਓ..

Posted by जितेन्द्र सिंह पंवार
Madhya Pradesh
17-03-2019 06:24 PM
जीतेन्द्र जी आप आपके इलाके के हिसाब यंत्र ले जिसका ज्यादा इस्तेमाल आपके इलाके में होता है ता की आप उस से बाकि लोगो के खेत में किराया कर उस से मुनाफा कमा सके
Posted by Deepak tiwari
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:19 PM
For all information Please Contact with Vinod Kumar 9050555757, Manish Vasudev 9417652857.
Posted by Dalbir Singh
Delhi
17-03-2019 06:16 PM
छत पर सब्जियां उगाने के लिए, सेटअप पर लगभग 35 हजार रुपये का खर्चा आता है

Posted by aseer Ahmad
Uttar Pradesh
17-03-2019 06:16 PM
कड़कनाथ जो है यह मध्य प्रदेश की झाबुआ जिले का जंगलों में पाई जाने वाली एक प्रजाति का एक मुर्गा है यह मुर्गा आजकल बहुत ज्यादा डिमांड में है क्योंकि इस मुर्गे का मांस काले कलर का होता है हड्डियां पंख और त्वचा भी काले कलर की होती है यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहु.... (Read More)
कड़कनाथ जो है यह मध्य प्रदेश की झाबुआ जिले का जंगलों में पाई जाने वाली एक प्रजाति का एक मुर्गा है यह मुर्गा आजकल बहुत ज्यादा डिमांड में है क्योंकि इस मुर्गे का मांस काले कलर का होता है हड्डियां पंख और त्वचा भी काले कलर की होती है यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अमीनो एसिड इस मुर्गे में पाए जाते हैं इस मुर्गे में आयरन और हीमोग्लोबिन अधिक होने के कारण इस के खून का रंग गहरा लाल होता है जिससे काले कलर का प्रतीत होता है आजकल यह कई जगह अवेलेबल है लेकिन प्योर देसी कड़कनाथ की अगर बात करें तो प्योर देसी मतलब जो 5 से 6 महीने में 5 से 6 महीने में 1 किलो का होता है उसे देसी कहा जाता है और जिस की त्वचा हड्डी पंख सारा कुछ काला होता है उसे देसी कड़कनाथ कहा जाता है I इसका 1000 मुर्गा रखने के लिए 2000 sqayer फट की जरुरत पड़ेगी इसका एक चूजा ₹80 डेढ़ सौ तक ₹150 उपलब्ध हैइसकी फार्म शुरू करने के लिए आप Sumit Kumar 8006000291, 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm से संपर्क कर सकते है

Posted by Swapnil Gupta
Madhya Pradesh
17-03-2019 06:15 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप से Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 संपर्क करें
Posted by Gurpreet singh
Telangana
17-03-2019 06:13 PM
gurpreet ji video de vich oh liquid nutrients di gal kar rahe han oh nutrilight di gal nahi kar rahe.jo ke tuhanu market vich aam hi mil janda hai isnu hydroponics de vich v istemal kita janda hai. dhanwad

Posted by prashant
Maharashtra
17-03-2019 06:10 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
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