Posted by Anshul chaudhari
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:28 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by ankush sonar
Maharashtra
18-03-2019 11:24 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Sanjeev Singh
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:19 AM
गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है बिजाई के 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है
1. हाथों से गोडाई करके :- गन्ना एक मेढ़ पर लगने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इस.... (Read More)
गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है बिजाई के 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है
1. हाथों से गोडाई करके :- गन्ना एक मेढ़ पर लगने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा पानी लगाने के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2.काश्तकारी ढंग :- हर वर्ष गन्ने की फसल लेने से नदीनों के कारण बहुत नुकसान होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है इसके इलावा अंतरफसली जैसे कि मूंग, मांह और घास फूस की नमी से नदीनों का नुकसान कम होता हैं मूंग और मांह जैसी अंतर फसली अपनाने से किसान अपनी कमाई बढ़ा सकता है घास फूस और धान की पराली की 10-15 सैं.मी. मोटी सतह जमीन का तापमान कम करके नदीनों को रोकती है और जमीन में नमी को संभालने में मदद करती है
3.रासायनिक तरीके :- सिमाज़ीन/एट्राज़ीन 600-800 ग्राम प्रति एकड़ या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम प्रति एकड़ या डाईयूरोन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग बिजाई से तुरंत करनी चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी का प्रयोग 250-300 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से करें

Posted by Pavanesh yadav
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:08 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by shamsher singh
Punjab
18-03-2019 11:03 AM
shamsher singh ji Os nu calcium di kami hove gi es lai osnu Liquid Calcimust Gold 100ml rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji.
Posted by Amit Verma
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:01 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Altaf Khan
Maharashtra
18-03-2019 10:56 AM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है

Posted by anmol
Punjab
18-03-2019 10:54 AM
Motia di kheti bare puri jankari ate Training lai tusi Manish Vasudev 9417652857 nal samparak kar sakde ho.
Posted by Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102
Punjab
18-03-2019 10:44 AM
amandeep ji pkavi makki de layi tuc kisam jive PMH 1, PMH2, DKC 9108 kisam di bijai kar sakde ho. dhanwad
Posted by हंसराज वर्मा
Rajasthan
18-03-2019 10:38 AM
हंसराज जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 10:38 AM
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ .... (Read More)
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ,ਤੁਹਾਨੂੰ ਓਹਨਾ ਤੋਂ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ.

Posted by sarbjeet singh
Punjab
18-03-2019 10:30 AM
uss nu tuci mineral mixture dinde rho , isde nal tuci uss nu pett de kriya lai Flukrid-DS bolus deo ate uss nu Ovumin Advance bolus deo , isdi 3 dabia laa aao , ate rojana 1 goli deo , 21 din tak dinde rho , iss nal heat vich aa jawegi .
Posted by Hemraj Singh
Uttar Pradesh
18-03-2019 10:26 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Ankit Gaydhane
Madhya Pradesh
18-03-2019 10:24 AM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by lovepreet singh
Punjab
18-03-2019 10:23 AM
lovepreet singh ji tusi 9915632577 te sukhwinder ji nal gal karo eh tohanu vadiya guide karange ji.
Posted by Mandeep Kumar
Uttar Pradesh
18-03-2019 10:19 AM
mandeep kumar ji aap ise 3-4 killo vermi compost daalen. is se paudhe ki growth hona shuru ho jayegi. dhanywad
Posted by Sujeet Markam
Madhya Pradesh
18-03-2019 10:18 AM
मध्य प्रदेश में देसी चूजे लेने के लिए आप Dr Shashikant Patle 9098572227 से सम्पर्क करे

Posted by Sanjay Adiley
Chattisgarh
18-03-2019 10:17 AM
मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है
Posted by vishal kamble
Maharashtra
18-03-2019 10:11 AM
सबसे पहले तो आप चूज़ों के रहने वाली जगह में तापमान बनाकर रखें और वहां ज्यादा देर तक लाईट जगाकर रखें इसके साथ आप उनको 4—5 घंटे के बाद फीड देनी शुरू करें और जब वह फार्म पर आए तो पहले आप 1 लीटर पानी में 1 किलो मिलाकर उसे दिन में 4 बार दें आप 250 ग्राम गुड़ को चारा भागो में बांट कर पानी मिलाकर पिला सकते है पानी आप चूज़ों क.... (Read More)
सबसे पहले तो आप चूज़ों के रहने वाली जगह में तापमान बनाकर रखें और वहां ज्यादा देर तक लाईट जगाकर रखें इसके साथ आप उनको 4—5 घंटे के बाद फीड देनी शुरू करें और जब वह फार्म पर आए तो पहले आप 1 लीटर पानी में 1 किलो मिलाकर उसे दिन में 4 बार दें आप 250 ग्राम गुड़ को चारा भागो में बांट कर पानी मिलाकर पिला सकते है पानी आप चूज़ों के हिसाब से लें जितना वो दिन में आसानी से पी जाए फिर जब वो फीड आसानी से हज़म करने लग जाए तो उनके खाने के हिसाब से मात्रा को बढ़ाना शुरू करें फिर आप Chicks Crumbs फीड दे सकते है यह आप 50—60 दिन तक देते रहें इससे उनकी अच्छी ग्रोथ हो जाएगी

Posted by manjinder singh
Punjab
18-03-2019 10:01 AM
manjinder ji jhone di bijai may mahine vich shuru ho jandi hai ate kanak di bijai october de akhir vich shuru ho jandi hai. jekar kise hor fasl bare jankari laina chahunde ho ta kirpa karke daso ta jo tuhanu ohna bare v jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by simarjeet singh
Punjab
18-03-2019 09:57 AM
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾ.... (Read More)
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਅਦਾਤਾਰ ਯੂਪੀ ਸਾਈਡ ਤੋ ਸਿੱਪੀਆਂ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਸ਼ੁ੍ਰੁਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20-40 ਹਜ਼ਾਰ ਤੱਕ ਦਾ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕੁਆਲਿਟੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਕ ਸਿਪੀ ਕਰੀਬ 8 ਤੋਂ 12 ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦ ਸੀਪੀਆਈ ਵਿਚ ਖਿੱਚ ਲਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਮੋਤੀਆਂ ਦਾ ਬੀਜ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਇਹਨਾਂ ਸਿਪੀਆ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਕੇ ਜਾਲੀ ਦੇ ਸਹਾਰੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਕੁੱਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀ ਬਣਨ ਵਿਚ 18 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਸਾਂਚੇ ਬਣਾਏ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਗਨਪਤੀ,ਬੁੱਧ,ਹੋਲੀ ਕਰਾਸ ਸਾਈਨ ਵਰਗੇ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਬਜਾਰ ਵਿਚ ਇਹ ਮੋਤੀ 300 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਨਗ ਦੇ ਰੇਟ ਤੇ ਵਿਕਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਟਰੇਨਿਗ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੰਡਿਅਨ ਕਾਉਂਸਿਲ ਫ਼ਾਰ ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਰਿਸਰਚ(ICAR) ਦੀ CIAF ਵਿਗ (ਸੇਂਟਰਲ ਇੰਸਟੀਟਿਊਟ ਆਫ ਫਰੈਸ਼ ਵਾਟਰ ਏਕਵਾਕਲਚਰ) ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਫਰੀ ਟਰੇਨਿਗ ਦਿੰਦੀ ਹੈ CIAF ਤੋਂ ਟਰੇਨਿਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੰਬਰਾ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ 0674 2465421, 2465446 ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲੁਈ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕਰਜਾ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਵਿਨੋਟ ਕੁਮਾਰ ਜਮਲਾਪੁਰ ਹਰਿਆਣੇ ਵਿਖੇ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 2 ਦਿਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ 5000 ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੌ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਲਿਆ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਵੇਚਣ ਬਾਰੇ ਬਹੁਤ ਲਿੰਕ ਬਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਦਿੱਲੀ,ਦੇਹਰਾੂਨ, ਮੁੰਬਈ ਵਿਖੇ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by Naveen Kumar
Bihar
18-03-2019 09:57 AM
जीरे की खेती अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो आप इसकी किस्मे जैसे RZ-19, RZ-19,RZ-223 ,GC 4 की बिजाई कर सकते है जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी .... (Read More)
जीरे की खेती अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो आप इसकी किस्मे जैसे RZ-19, RZ-19,RZ-223 ,GC 4 की बिजाई कर सकते है जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें

Posted by Surinder Kaur
Punjab
18-03-2019 09:54 AM
isde regarding tuahdi phone te expert nal gal krwa diti gyi c jekar iss ton ilawa koi hor smasiya aaundi hai tan tuci dubara swal upload kr skde ho .

Posted by vikas Gaikwad
Maharashtra
18-03-2019 09:47 AM
Mr. Vikas Gaikwad जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Karamjit Singh Mitha
Punjab
18-03-2019 09:46 AM
Karamjit ji jeere di kheti punjab khetibadi university valo punjab vich sifarish nahi kiti jandi eh jyadatar rajasthan vich kiti jandi hai. dhanwad

Posted by mukesh Kumar
Rajasthan
18-03-2019 09:44 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757, Manish Vasudev 9417652857 से संपर्क करें

Posted by Babbal
Punjab
18-03-2019 09:40 AM
babbal ji tuc tele di roktham de layi imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by deep Zaildar
Punjab
18-03-2019 09:35 AM
Deep zaildar ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc ki jankari laina chahunde ho. eh tabbaco di kisam hai jo punjab vich sifarish nahi hai. dhanwad
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
18-03-2019 09:33 AM
dhanveer ji eh local market vich hi mil jandi hai. eh nariyal de chilke de choore to bandi hai. isnu sabjiyan di paniri ugaun de layi vartya janda hai. dhanwad

Posted by dheeraj
Rajasthan
18-03-2019 09:28 AM
Dheeraj ji kripya app apna swal vistar se btayen tan jo apko sahi jankari di ja skee.
Posted by Charan Singh
Uttar Pradesh
18-03-2019 09:26 AM
चरण जी यह तत्व की कमी के कारण गिरना शुरू हो जाते है हुए अगर यह सूख रहे है तो फंगस के कारण होते है इसके लिए आप NPK 19:19:19@7 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा आप इसके ऊपर म-45 @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਲਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 09:24 AM
lakhwinder ji Bathinde vich mela 1 March nu c jo ke nikal geya hai. dhanwad

Posted by Gagan Soni
Haryana
18-03-2019 09:22 AM
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kare.

Posted by Amrinder sidhu
Punjab
18-03-2019 09:19 AM
ਅਮਰਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਇਹ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦੀ ਹੈ ਕੇ ਤੁਹਾਡੀ ਰੁਚੀ ਕਿਹੜੇ ਕੰਮ ਵਿਚ ਹੈ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡਾ ਬਜਟ ਕਿੰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਸਬ ਗੱਲਾਂ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Amrinder sidhu
Punjab
18-03-2019 09:13 AM
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ .... (Read More)
ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਲੋਨ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕੰਮਾਂ ਲਈ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਸ਼ੈੱਡ ਲਈ ,ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ, ਡੇਅਰੀ ਮਸ਼ੀਨਰੀ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਲੋਨ ਲੈਣ ਸਬੰਧੀ ਅਰਜੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ ਨੂੰ ਮਿਲ ਕੇ ਦੇਵੋ ਇਸ ਦੇ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਜਨਰਲ ਕੈਟਾਗਰੀ ਲਈ ਹੈ ਤੇ 33% ਅਨੂਸੂਚਿਤ ਜਾਤੀਆ ਲਈ ਹੈ ਬਾਕੀ ਵਿਆਜ ਜੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਬੈੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੀ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਇਹੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੈ ਦੇ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪੈਟ ਆਫਿਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਗੇ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਡੇਅਰੀ (PDDB) ਦਾ ਦਫਤਰ ਬਣਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ, ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ.

Posted by Bachchelal maurya
Uttar Pradesh
18-03-2019 09:09 AM
सोलर पंप लगवाने के लिए आप Uttar Pradesh New and Renewable Energy Development Agency (UPNEDA)Vibhuti Khand, Gomti Nagar
Lucknow-226010 Phone: 0522 272 0652 Uttar Pradesh से सम्पर्क करे

Posted by Saman
Punjab
18-03-2019 09:06 AM
Saman ji Solar motor bare puri jankari lai tusi Amrik Singh 9814221784 nal samparak kar sakde ho.
Posted by bhupendra chouhan
Chattisgarh
18-03-2019 08:43 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) (An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446, Fax: +91-674-2465407 से संपर्क करें

Posted by Bunty
Bihar
18-03-2019 08:38 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Bunty
Bihar
18-03-2019 08:35 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by J S Shergill
Punjab
18-03-2019 08:26 AM
JS Shergil कृपया सबसे पहले अपने नजदीकी नर्सरी से संपर्क करें आम तौर पर ये पौधे हर नर्सरी में उपलब्ध होते हैं यदि आप इसे नर्सरी से प्राप्त नहीं करते हैं, तो डॉ. बलविंदर सिंह लखेवाली 9814239041से संपर्क करें

Posted by gagan sidhu
Punjab
18-03-2019 08:22 AM
Gagan sidhu ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਆਟਾ ਚੱਕੀ ਸੋਲਰ ਸਿਸਟਮ ਤੇ ਚਲਾਉਣਾ ਛੋਡਿ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਮੇਰੇ ਨਾਲ 9814221784 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurjant singh
Punjab
18-03-2019 08:18 AM
gurjant ji isnu 2-3 killo vermi compost pao isde nal boote nu sare tat mil jange ate boote nalo full digne band ho jange is to ilava tuc isde uper copper oxychloride@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo.kayi var fungus de nal full digne shuru ho jande han.
Posted by जय प्रकाश विश्वकर्मा
Uttar Pradesh
18-03-2019 08:15 AM
जय प्रकाश जी बीज लेने के लिए Mr. jai 8882876224 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Rupinder Singh
Punjab
18-03-2019 08:15 AM
Rupinder ji kanak te sundi di roktham de layi tuc quinalphos@800ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by जय प्रकाश विश्वकर्मा
Uttar Pradesh
18-03-2019 08:13 AM
मशरुम की खेती के लिए relative humidity लगभग 80% होनी चाहिए और तापमान 60 to 74 degrees F होना चाहिए
Posted by Mukesh Kumar
Punjab
18-03-2019 08:11 AM
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾ.... (Read More)
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਅਦਾਤਾਰ ਯੂਪੀ ਸਾਈਡ ਤੋ ਸਿੱਪੀਆਂ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਸ਼ੁ੍ਰੁਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20-40 ਹਜ਼ਾਰ ਤੱਕ ਦਾ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕੁਆਲਿਟੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਕ ਸਿਪੀ ਕਰੀਬ 8 ਤੋਂ 12 ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦ ਸੀਪੀਆਈ ਵਿਚ ਖਿੱਚ ਲਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਮੋਤੀਆਂ ਦਾ ਬੀਜ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਇਹਨਾਂ ਸਿਪੀਆ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਕੇ ਜਾਲੀ ਦੇ ਸਹਾਰੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਕੁੱਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀ ਬਣਨ ਵਿਚ 18 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਸਾਂਚੇ ਬਣਾਏ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਗਨਪਤੀ,ਬੁੱਧ,ਹੋਲੀ ਕਰਾਸ ਸਾਈਨ ਵਰਗੇ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਬਜਾਰ ਵਿਚ ਇਹ ਮੋਤੀ 300 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਨਗ ਦੇ ਰੇਟ ਤੇ ਵਿਕਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਟਰੇਨਿਗ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੰਡਿਅਨ ਕਾਉਂਸਿਲ ਫ਼ਾਰ ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਰਿਸਰਚ(ICAR) ਦੀ CIAF ਵਿਗ (ਸੇਂਟਰਲ ਇੰਸਟੀਟਿਊਟ ਆਫ ਫਰੈਸ਼ ਵਾਟਰ ਏਕਵਾਕਲਚਰ) ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਫਰੀ ਟਰੇਨਿਗ ਦਿੰਦੀ ਹੈ CIAF ਤੋਂ ਟਰੇਨਿਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੰਬਰਾ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ 0674 2465421, 2465446 ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲੁਈ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕਰਜਾ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਵਿਨੋਟ ਕੁਮਾਰ ਜਮਲਾਪੁਰ ਹਰਿਆਣੇ ਵਿਖੇ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 2 ਦਿਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ 5000 ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੌ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਲਿਆ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਵੇਚਣ ਬਾਰੇ ਬਹੁਤ ਲਿੰਕ ਬਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਦਿੱਲੀ,ਦੇਹਰਾੂਨ, ਮੁੰਬਈ ਵਿਖੇ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image











