Experts Q&A Search

Posted by parvinder singh
Punjab
18-03-2019 04:16 PM
Punjab
03-19-2019 03:28 PM
ਪਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਡਿਪਲੋਮਾ ਇਕ ਡਿਗਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੋ 10ਵੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਦੋ ਸਾਲ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ.
Posted by Harinder Singh
Punjab
18-03-2019 04:15 PM
Maharashtra
03-19-2019 03:26 PM
Rasi 4558 eh 90-105 din laindi hai pakkan layi te isda jhaad 40 quintal prati acre hunda hai isda beej 8-10 killo prati acre de hisab nal vartya janda hai. dhanwad
Posted by amit thakkar
Madhya Pradesh
18-03-2019 04:08 PM
Punjab
03-19-2019 03:33 PM
अमित जी अमरुद के पौधे पे airlayering जून -सितम्बर महीने में की जाती है, धन्यवाद
Posted by Sarpanch Bicky Kotia
Punjab
18-03-2019 04:04 PM
Punjab
03-19-2019 03:21 PM
Sarpanch Bicky ji khas khas ki kheti punjab mein Punjab Agricultural University ki tarf se sifarish nahi ki jati, dhanywad.
Posted by ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 03:57 PM
Punjab
03-18-2019 07:55 PM
इसके ऊपर नीम की स्प्रे 1.5—2 लीटर प्रति एकड़ को 100 लीटर पानी के हिसाब से मिक्स करके प्रति एकड़ स्प्रे करें इससे कोई भी कीट आपकी फसल पर नहीं बैठेगा और फसल को नुक्सान नहीं होगा।
Posted by अशोक झा
Bihar
18-03-2019 03:56 PM
Punjab
03-19-2019 03:19 PM
अशोक जी आप इन बीजों के बारे में अपने नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से जानकारी ले सकते है वहाँ आपको इसके बीज मिल जायेगे
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
18-03-2019 03:55 PM
Punjab
03-19-2019 03:15 PM
ਸੁਖਪਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਜਾਂ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਿਊ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by santosh
Uttar Pradesh
18-03-2019 03:26 PM
Punjab
03-19-2019 03:13 PM
संतोष जी गन्ने की अच्छी फसल के लिए आप फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के स.... (Read More)
संतोष जी गन्ने की अच्छी फसल के लिए आप फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें यूरिया की दूसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ दूसरे पानी के बाद डालो और यूरिया की तीसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ चौथे पानी के बाद डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण पौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 250 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by shri ram
Uttar Pradesh
18-03-2019 03:24 PM
Maharashtra
03-19-2019 03:12 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਦਿਲਬਾਗ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 03:20 PM
Punjab
03-19-2019 03:11 PM
ਦਿਲਬਾਗ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਤੇਲੇ ਤੋਂ ਤੁਸੀ ਥਾਇਆਮੈਥੋਕਸਮ@80 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਇਮੀਡਾਕਲੋਪ੍ਰਿਡ@40-60 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇ ਮਿਲਾ ਕੇ ਨਾ ਕਰੋ ਕਣਕ ਦੇ ਨਿਸਾਰੇ ਦੇ ਸਮੇ ਇਕ ਕਿੱਲੋ 13:00:45 ਅਤੇ ਬੋਰੋਨ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ.
Posted by Vicky
Punjab
18-03-2019 03:11 PM
Punjab
03-19-2019 03:08 PM
Vicky ji pkavi makki de layi tuc kisam PMH1, PMH2 kisam di bijai kar sakd eho eh pakkan de layi 85-95 din da sma laindi hai. dhanwad
Posted by khushwinder brar
Punjab
18-03-2019 03:05 PM
Punjab
03-18-2019 07:15 PM
Posted by khushwinder brar
Punjab
18-03-2019 03:04 PM
Punjab
03-18-2019 07:18 PM
Posted by Navdeep puri
Punjab
18-03-2019 02:44 PM
Punjab
03-19-2019 03:06 PM
navdeep ji eh fungus de karke ho reha hai isde layi tuc M-45@400gm ja coppe roxychloride@400-500gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by veerpal kaur
Punjab
18-03-2019 02:42 PM
Punjab
03-19-2019 03:04 PM
वीरपाल जी Bsc एग्रीकल्चर के बाद आप इन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं रिसर्च ऑफिसर, एग्रीकल्चर ऑफिसर, एग्रीकल्चर लोन ऑफिसर (बैंकों में), प्रोडक्शन मैनेजर, ऑपरेशंस मैनेजर, फार्म मैनेजर आदि
Posted by parwinder singh
Punjab
18-03-2019 02:40 PM
Punjab
03-19-2019 02:42 PM
Parwinder ji kanak nu pani laun di poori jankari nal diti photo to lai sakde ho.
Posted by sajid
Uttar Pradesh
18-03-2019 02:37 PM
Haryana
03-19-2019 05:03 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by chanan
Punjab
18-03-2019 02:32 PM
Punjab
03-18-2019 04:33 PM
Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @40 gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho.
Posted by Lalan Kumar Ray
Bihar
18-03-2019 02:31 PM
Maharashtra
03-19-2019 02:43 PM
ललन कुमार जी कृपया बताये के आम के पेड़ की उम्र कितनी है ता की आपको उसके हिसाब से पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by khushwinder brar
Punjab
18-03-2019 02:30 PM
Punjab
03-18-2019 02:48 PM
Khushwinder brar ji tuahde walo beji gyi photo upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.
Posted by GURLAL SINGH GILL
Punjab
18-03-2019 02:23 PM
Punjab
03-18-2019 04:34 PM
Mahabali vich thiamethoxam 30%FS naam da salt hai jo knak vich tele nu marda hai. esdi dose @80gm per acre nu 120 liter pani vich mila ke spray kr skde ho.
Posted by Dinesh singh
Bihar
18-03-2019 02:21 PM
Punjab
03-19-2019 02:44 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਮਣਕੂ
Punjab
18-03-2019 02:21 PM
Punjab
03-19-2019 02:44 PM
Nirmal ji kanak de nisare de same tuc isde uper 13:00:45@1 killo ate boron@100gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by Shrikant shinde
Maharashtra
18-03-2019 02:19 PM
Punjab
03-18-2019 06:25 PM
श्री शिंदे जी पूरी जानकारी और ट्रेनिंग के लिए Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करें
Posted by shubham katare
Maharashtra
18-03-2019 02:14 PM
Punjab
03-19-2019 02:46 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Shankar Jha
Delhi
18-03-2019 02:12 PM
Haryana
03-19-2019 04:54 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by sharry
Punjab
18-03-2019 02:03 PM
Punjab
03-18-2019 04:36 PM
धान की पीआर 126 ​किस्म लगा सकते है यह सबसे छोटी किस्म है यह किस्म 123 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी उपज 30 क्विंटल प्रति एकड़ है।
Posted by baljinder singh
Punjab
18-03-2019 01:41 PM
Punjab
03-19-2019 02:59 PM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਅੱਜ ਦਾ ਮੌਸਮ ਸਾਫ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurii sidhu
Punjab
18-03-2019 01:36 PM
Haryana
03-19-2019 03:01 PM
guri sidhu ji eh kanak de vadhe de layi istemal kita janda hai isdi spray da hun koi fayda nahi hai. tilt de vich tuc koi v spray mila ke na karo. dhanwad
Posted by ASHUTOSH MALVIYA
Madhya Pradesh
18-03-2019 12:25 PM
Punjab
03-19-2019 02:52 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Gurprit singh
Punjab
18-03-2019 12:23 PM
Punjab
03-18-2019 02:52 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਧਾਤਾਂ ਦੇ ਚੂਰੇ ਨੂੰ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਬੋਲਦੇ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸਰੀਰ ਦਾ ਵਧਿਆ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਜਲਦੀ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਤੁਸੀ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਤੁਸੀ Repromin , crs, agrimin super, totavet strong ਕੋਈ ਵੀ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by brajesh kumar shukla
Madhya Pradesh
18-03-2019 12:22 PM
Punjab
03-19-2019 02:53 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Gautam Thakur
Bihar
18-03-2019 12:17 PM
Haryana
03-19-2019 04:54 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Dimple kumar
Punjab
18-03-2019 12:15 PM
Punjab
03-19-2019 02:53 PM
यह पत्ते जल रहे है आपने फंगीनाशी और कीटनाशक की एक साथ कर दी है इनकी एक साथ स्प्रे नहीं की जाती। जो पत्ते जल रहे है उनके ऊपर इसका असर है आगे से दोनों को मिक्स करके स्प्रे ना करें।
Posted by Baljeet Singh Gill
Punjab
18-03-2019 12:13 PM
Punjab
03-18-2019 07:20 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ.
Posted by bajrang
Rajasthan
18-03-2019 12:07 PM
Punjab
03-19-2019 02:55 PM
बजरंग जी आप इसे अपनी नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको वह पौधा ना मिले तो आप दुबारा सवाल डाल कर हमे बता सकते है हम आपको नर्सरी का नंबर उपलब्ध करवा देंगे धन्यवाद
Posted by Nikhil lohar
Maharashtra
18-03-2019 11:59 AM
Punjab
03-19-2019 02:54 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Raju Tandon
Punjab
18-03-2019 11:56 AM
Punjab
03-19-2019 05:36 PM
राजू जी शुगर की दवाई के लिए आप सुरिंदर नागरा 9814305864 से संपर्क करें
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 11:48 AM
Punjab
03-19-2019 02:51 PM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾ ਦਿਓ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ
Posted by Manish Kumar Mishra
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:47 AM
Punjab
03-19-2019 03:06 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Shivkumar Shivkumar
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:44 AM
Punjab
03-19-2019 02:49 PM
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह UP में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
Posted by Manish Kumar Mishra
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:43 AM
Haryana
03-19-2019 05:03 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Sandip ramrao chavha
Maharashtra
18-03-2019 11:42 AM
Punjab
03-19-2019 02:37 PM
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे पर.... (Read More)
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है आप इसके पौधे नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको पौधे वह न मिले तो आप दुबारा सवाल दाल कर हमें बता सकते है धन्यवाद
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 11:40 AM
Punjab
03-20-2019 05:59 PM
Vadia nasal di cow len lai tusi Gulam Ashraf 9915672525 nal samparak kar sakde ho
Posted by Manish Kumar Mishra
Uttar Pradesh
18-03-2019 11:39 AM
Haryana
03-19-2019 05:00 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Harbans Singh
Punjab
18-03-2019 11:39 AM
Punjab
03-19-2019 02:28 PM
ਹਰਬੰਸ ਜੀ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਭਿੰਡੀ ,ਬੇੰਗਣ, ਕੱਦੂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਜਸਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 11:38 AM
Punjab
03-19-2019 02:26 PM
ਜਸਵੀਰ ਜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ ਮਾਹਿਰ ਦਾ ਨੰਬਰ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਤੁਹਾਡਾ ਜੋ ਵੀ ਸਵਾਲ ਹੈ ਐੱਪ ਤੇ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਾਹਿਰਾਂ ਵਲੋਂ ਹੀ ਇਸਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾਏਗਾ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
18-03-2019 11:37 AM
Punjab
03-30-2019 11:14 AM
Harpal Singh ji Nilli Ravi de vadia bull de semen lai tusi Jai Singh 7973302035 ate khrorr dairy farm 9463817201,9855826001 nal samparak kar sakde ho.
Posted by Jaykumar Hankare
Maharashtra
18-03-2019 11:31 AM
Punjab
03-18-2019 03:01 PM
Kripa app apna swal vistar se btayen tan jo apko sahi jankari di jaa skee.