
Posted by Muzakkir Ali
Assam
19-03-2019 01:51 PM
मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ क.... (Read More)
मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by Gurpartap singh
Punjab
19-03-2019 01:39 PM
Gurpartap ji ik vaar tusi surinder Nagra 9814305864 ji nal samparak karo ehna valo tuhadi puri Help kiti javegi.

Posted by SUBODHDA
Jharkhand
19-03-2019 01:33 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए Bijender Chouhan 9719994499 आप से सम्पर्क करे

Posted by SUBODHDA
Jharkhand
19-03-2019 01:24 PM
SUBODHDA जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 तथा (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446 से संपर्क करें

Posted by DHIRAJ KUMAR
Assam
19-03-2019 01:17 PM
धीरज कुमार जी मोती उत्पादन के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446 से संपर्क करें

Posted by shri ram
Uttar Pradesh
19-03-2019 01:16 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Vishnu Sahni
Punjab
19-03-2019 01:16 PM
Vishnu ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci Moringa ware ki jankari lena chahunde ho , tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.

Posted by shyam ji Yadav
Uttar Pradesh
19-03-2019 01:14 PM
आप गाय को Calcimust gel 300ml रोजाना दें और तीन दिन तक देते रहें इसके साथ आप Zygo plus पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें यह Aim life science कंपनी का प्रोडक्ट है इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Netra Prasad Joshi
West Bengal
19-03-2019 01:01 PM
श्री नेतरा प्रसाद जोशी जी मोती के बारे में अधिक जानकारी के लिए Regional Research Centre, Rahara फोन: +91-33-25683023, and Field Station of RRC, Kalyani A/5 (Phase III), Santhal Para, P.O. Kalyani, पश्चिम बंगाल, फोन: +91-33-25826508 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by bhoop Singh
Delhi
19-03-2019 12:46 PM
भूप सिंह जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by wasim khan
Maharashtra
19-03-2019 12:40 PM
श्री वसीम खान जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 पर संपर्क करें
Posted by Ved Prakash Dwivedi
Uttar Pradesh
19-03-2019 12:40 PM
Ved Prakash Dwivedi जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
19-03-2019 12:38 PM
Dalvir singh ji tuhade sare swala de jwab ditte gye hai tuci APP vich apne sare swala de jwab dekh skde ho.
Posted by Jovenpreet singh
Punjab
19-03-2019 12:38 PM
Imidacloprid 17.8% SL di knak vich @60 ml per acre nu 120 liter pani vich mila ke spray kr skde ho g.

Posted by Shahebaj Khan
Odisha
19-03-2019 12:33 PM
सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्ट.... (Read More)
सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्टी का pH 6.5-8.5 होना चाहिए आप इसकी किस्मे जैसे RC-2, RC-16, RC-36, RC-20, RC-23, RC-37 and CT-1,MDB-13 and MDB-14 की बिजाई कर सकते है सफेद मूसली के लिए अच्छी तरह से तैयार बैडों की जरूरत होती है बिजाई से पहले ज़मीन की तैयारी के लिए एक बार 2-3 गहरी जोताई करें ज़मीन की तैयारी आम-तौर पर अप्रैल-मई के महीने में की जाती है सफेद मूसली की बिजाई के लिए उचित समय जून से अगस्त तक का होता है पौधे के विकास के अनुसार पौधों के बीच 10x12 इंच का फासला रखें इसकी बिजाई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है इसकी बिजाइसके प्रजनन के लिए आम-तौर पर गांठों या बीजों का प्रयोग करें इसके उचित विकास के लिए 450 किलो बीजों का प्रयोग करें ई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है सफेद मूसली की बिजाई 1.2 मीटर चौड़े और आवश्यकता अनुसार लम्बे बैडों पर करें नए पौधे तैयार करने वाले बैड अच्छी तरह से तैयार करें इसकी बिजाई छिड़काव के द्वारा की जाती है बिजाई के बाद बैडों को हल्की मिट्टी से ढक दें बढ़िया विकास के लिए मलचिंग भी की जा सकती है बीज 5-6 दिनों में अंकुरण होना शुरू होना कर देते है और पौधे बिजाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई से 24 घंटे पहले बैडों को पानी दें, ताकि नए पौधों को आसानी के साथ उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी समय, रूड़ी की खाद 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ गोबर डालें और मिट्टी में मिलाये जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ डालर मिट्टी में मिलाये सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो, मिउरेट ऑफ़ पोटाश 50 किलो और हड्डियों का चूरा 100 किलो प्रति एकड़ डालें 3 महीने तक कसी की सहायता के साथ गोड़ाई करें और मेंड़ के साथ मिट्टी लगाएं अंकुरण के बाद 2-3 बार करें अगर पौधे के विकास में कोई कमी दिखाई दें, तो तुरंत आवश्यक स्प्रे करें बढ़िया विकास के लिए 20-22 दिनों के फासले पर सिंचाई करें बारिश की ऋतु में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर बारिश ना होने पर सिंचाई सही फासले पर करें सिंचाई जलवायु और मिट्टी पर भी निर्भर करती है इस फसल के पौधे बिजाई से लगभग 90 दिन के बाद फल देना शुरू कर देती है इसकी कटाई सितम्बर-अक्तूबर महीने में की जाती है कटाई पत्ते पीले पड़ने और सूखने पर की जाती है

Posted by rajesh chand
Uttarakhand
19-03-2019 12:28 PM
राजेश चंद जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Mayank Tripathi
Uttar Pradesh
19-03-2019 12:27 PM
तुलसी का वानस्पातिक नाम ओसिमम सैंकशम है यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Dru.... (Read More)
तुलसी का वानस्पातिक नाम ओसिमम सैंकशम है यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Drudriha Tulsi,Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum),Babi Tulsi,Tukashmiya Tulsi ज़मीन की तैयारी:- तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें रोपण के तीन महीने के बाद पौधा पैदावार देनी शुरू कर देता है इसकी तुड़ाई पूरी तरह से फूल निकलने के समय की जाती है पौधे को 15 सैं.मी. जमीन से ऊपर रखकर शाखाओं को काटें ताकि इनका दोबारा प्रयोग किया जा सकें भविष्य में प्रयोग करने के लिए इसके ताज़े पत्तों को धूप में सूखाया जाता है तुड़ाई के बाद, पत्तों को सूखाया जाता है फिर तेल की प्राप्ति के लिए इसका अर्क निकाला जाता है इसको परिवहन के लिए हवादार बैग में पैक किया जाता है पत्तों को सूखे स्थान पर स्टोर किया जाता है इसकी जड़ों से कई तरह के उत्पाद जैसे तुलसी अदरक, तुलसी पाउडर, तुलसी चाय और तुलसी कैप्सूल आदि तैयार किये जाते है
Posted by Bijoy Gorain
West Bengal
19-03-2019 12:26 PM
Bijoy Gorain ji yeh fungus ke karn aise ho rahe hai iske liye aap M-45@4gm ja copper oxychloride@3gm ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad

Posted by monu
Maharashtra
19-03-2019 12:26 PM
मोनू जी महाराष्ट्र में अफीम की खेती सिफारिश नहीं की जाती धन्यवाद
Posted by Shubham Morya
Madhya Pradesh
19-03-2019 12:18 PM
यह आप छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाक.... (Read More)
यह आप छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे

Posted by JITENDRA KUMAR
Uttar Pradesh
19-03-2019 12:17 PM
हनजी 1 एकड़ में 5000 मछली छोड़ सकते हो अगर आप इनको अच्छी फीड देते हो तो 8 महीने में यह 1
kg की हो जाती है जी

Posted by vikas patidar
Rajasthan
19-03-2019 12:12 PM
Vikas ji yeh mineral mixture hai jo pashuo ki kamjori ko door krta hai , pashu ko sme per heat mai lataa hai aur varr varr firne wale pashuo ko v theek krta hai , iska acha result hai app isse use kr skte hai .
Posted by Anurag Choudhary
Delhi
19-03-2019 12:09 PM
अनुराग जी आप गमलो में सब्जियों और फूल उगना चाहते है तो आप बड़े साईज़ के गमलो का इस्तेमाल करें, उसमे आप मिट्टी और वर्मी कम्पोस्ट डाल कर पौधों की बिजाई कर सकते है, धन्यवाद.
Posted by binder mall
Punjab
19-03-2019 11:58 AM
ਹਾਂਜੀ ਬਿੰਦਰ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਵੇਂ Vansum Pvt.Ltd. 9811104804, Solutions packing machine 9569010005 , Milkwell Milking machine 9416003826.
Posted by balwinder sidhu
Punjab
19-03-2019 11:47 AM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ 60 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਬੂਟਾ ਸਿੰਘ
Punjab
19-03-2019 11:45 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਅੰਡੇ ਉੱਪਰ ਨਾ ਬੈਠਣ ਦਿਓ ਤੇ ਕੁੱਝ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਵੇਗੀ

Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
19-03-2019 11:39 AM
Knak vich tele di roktham lyi Actara(thiamethoxam 25WG) @80 gm prati acre de hisab nal spray kr skde ho. Peeli koongi(Yellow rust) nu control krn lyi Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho. ehna da alagalag spray krn nal jyada benefit milda hai.
Posted by कमल किशोर
Rajasthan
19-03-2019 11:39 AM
कमल किशोर जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें

Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
19-03-2019 11:36 AM
harman ji matar de uper tuc NPk 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by satgur khaial
Punjab
19-03-2019 11:32 AM
according to weather forecast todays weather is mostly sunny. thank you

Posted by harpreet singh grewal
Punjab
19-03-2019 11:31 AM
Harpreet ji tuc cold store de vich patta gobhi nu store kar sakde ho. isnu tuc lagbhag 2 mahine tak store karke rakh sakde ho.isnu tuc 0-1 degree temperature tak rakh sakde ho. dhanwad

Posted by Riddhi
Chandigarh
19-03-2019 11:28 AM
रिद्धि जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
Posted by Parwinder Singh
Punjab
19-03-2019 11:16 AM
parwinder ji makki da achar paun de layi tuc kisam j1006 ate african tall di bijai akr sakde ho.
Posted by Ashwani kumar
Punjab
19-03-2019 11:12 AM
Ashwani kumar ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by ashok kumar
Punjab
19-03-2019 11:11 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਕਿਸਾਨ bio flock system ਨਾਲ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਨਹੀ ਕਰਦਾ ਜੀ ਮਦਰਾਸ ਵਾਲੀ ਸਾਈਡ ਇਹ ਕਰਦੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਇਹ ਮਹਿੰਗਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੇੜੇ ਨਹੀ ਕਰਦਾ ਜੀ

Posted by jaswinder singh
Punjab
19-03-2019 11:09 AM
Jaswinder ji Moga vich Dog len lai tusi Harry Traders & Pet Shop 9152454852 nal samparak kar sakde ho.

Posted by sanjay p. patel
Maharashtra
19-03-2019 11:01 AM
संजय जी आप मिट्टी की जाँच कृषि विज्ञानं केंद्र में करवा सकते है जिसका पता है :-Kosbad Hill, Dahanu, 401703 Phone: 02528 241 439.

Posted by Rakesh Yadav
Haryana
19-03-2019 10:59 AM
राकेश यादव जी इस सम्बन्धी पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Ranbeer
Haryana
19-03-2019 10:57 AM
रणबीर जी आप मिट्टी कीजांच अपने नजदीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से करवा सकते है जिसका पता है:- Industrial Area, Kaithal, Haryana 136027.
Posted by ਬਲਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-03-2019 10:56 AM
ਕਨੋਲਾ ਕਿਸਮ ਦਾ ਤੇਲ ਮਨੁੱਖ ਦੀ ਸਿਹਤ ਲਈ ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੈ ਇਸਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ :- Hyola PAC 401: ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ 150 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬੀਜ ਭੂਰੇ ਕਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 42 % ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 6.74 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ GSC 6: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਸੇਂਜੂ ਹਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬੀਜ ਮੋ.... (Read More)
ਕਨੋਲਾ ਕਿਸਮ ਦਾ ਤੇਲ ਮਨੁੱਖ ਦੀ ਸਿਹਤ ਲਈ ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੈ ਇਸਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ :- Hyola PAC 401: ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ 150 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬੀਜ ਭੂਰੇ ਕਾਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 42 % ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 6.74 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ GSC 6: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਸੇਂਜੂ ਹਾਲਤਾਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬੀਜ ਮੋਟੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 39.1 % ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 6.07 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by ਸੁਖਵਿਂਦਰ ਮਾਨ
Punjab
19-03-2019 10:55 AM
यह धान की ज्यादा उपज देने वाली किस्म है पर यह किस्म पकने के लिए 150—160 दिन तक का समय लेती है इसकी उपज 90 मण तक होती है इसके लिए खेत और पानी एक नंबर होना चाहिए
Posted by Jaspreet singh
Punjab
19-03-2019 10:47 AM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by harman Gill
Punjab
19-03-2019 10:44 AM
ਹਰਮਨ ਗਿੱਲ ਜੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਦਰਕਾਰ ਦਾ ਜਾਂ ਰਾਜਨੀਤੀ ਨਾਲ ਜੁੜਿਆਂ ਕੋਇਆ ਨੁਮਾਇਦਾ ਹੀ ਦੱਸ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੀ ਇਸ ਵਿਸ਼ੇ ਤੇ ਕੋਈ ਟਿੱਪਣੀ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਜੀ

Posted by Ranbeer
Haryana
19-03-2019 10:41 AM
रणबीर जी एलोवेरा की कॉन्ट्रैक्ट खेती के लिए आप Rashid Khan 9039693757 जी से संपर्क कर सकते है और हल्दी की कॉन्ट्रैक्ट खेती के लिए आप Gurdial Singh :-9463226244 जी से संपर्क कर सकते है धनयवाद

Posted by संजीव
Himachal Pradesh
19-03-2019 10:30 AM
उसे आप Flukarid-DS दें इसके साथ पेट के कीड़े खत्म होते है इसके साथ आप Amalza पाउडर 50 ग्राम रोजाना दें इससे गैस बनने की समस्या ठीक होती है और आप Agrimin-i गोलियां रोजाना एक गोली और 21 दिन तक देते रहें इससे इंफेक्शन खत्म होता है फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें और यह गोलियां 20 दिन ओर देते रहें

Posted by संजीव
Himachal Pradesh
19-03-2019 10:26 AM
संजीव जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by sohan
Rajasthan
19-03-2019 10:19 AM
Sohan ji kripya app apne swal ke sath cow ki photo v upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by ਹਰਮਨ ਸਿੰਘ
Punjab
19-03-2019 10:19 AM
ਹਰਮਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਦਸੋ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ.
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