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Posted by Gurvinder singh
Punjab
19-03-2019 06:49 PM
Punjab
03-21-2019 03:54 PM
Tata Taqat vich HEXACONAZOLE5% + CAPTAN70% WP nam da salt maujood hunda hai isdi matra 200-400gm nu 150 litre pani vich mila ke prati acre dehisab nal spray kar sakde ho.is to ilava tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke spray kro peeli kungi te isda result jyada vadia hai. dhanwad
Posted by gurpreet singh
Punjab
19-03-2019 06:48 PM
Punjab
03-19-2019 07:18 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਦਸੋ ਜੀ ਕਿ ਤੁਸੀ ਭਿੰਡੀ ਵਾਰੇ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ.
Posted by jasbir singh
Punjab
19-03-2019 06:48 PM
Punjab
03-21-2019 04:07 PM
Jasbir Singh ji Jalandhar vich vermi Compost len lai tusi apne jile de Krishi Vigyan Kendra (KVK), Jalandhar Uppal Jagir, Noor Mahal, Distt. Jalandhar Phone:- 01826-242288 Mobile :- +91-9888900329 nal samparak kar sakde ho.
Posted by Ramnarayan
Madhya Pradesh
19-03-2019 06:39 PM
Punjab
03-25-2019 05:34 PM
थनैला रोग की जाँच आप बड़ी ऐसी से अपने घर पर भी कर सकते है या फिर आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र से पता करे एक कार्ड आता है उसके ऊपर दूध की बून्द ढालकर थनेला रोग का पता चलता है या फिर आप यह वीडियो भी देखे इसमें भी बड़ा आसान तरीका बताया गया है https://www.youtube.com/watch?v=ecH0ueQp4eY&t=174s
Posted by Pawanjit
Bihar
19-03-2019 06:36 PM
Punjab
03-19-2019 07:24 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से सम्पर्क करे.
Posted by लोकेश
Uttar Pradesh
19-03-2019 06:34 PM
Punjab
03-19-2019 07:21 PM
इसके बारे में जानकारी के लिए आप Vinod Kumar से 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by veerpal kaur
Punjab
19-03-2019 06:33 PM
Punjab
03-21-2019 03:48 PM
veerpal ji to get admission in Msc you have to clear entrance exam then you will be qualified for admission. Thank you
Posted by jevin
Gujarat
19-03-2019 06:29 PM
Punjab
03-19-2019 07:29 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by Sachin Kumar Verma
Uttar Pradesh
19-03-2019 06:26 PM
Punjab
03-19-2019 07:22 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और जेयादा जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by jaskaran singh
Punjab
19-03-2019 06:26 PM
Punjab
03-21-2019 03:46 PM
jaskarn ji tuc kheti de nal sahayak dhang bahut sare ne jehde shuru kar sakde ho jive murgi palan, bakri palan, soor palan, bhed palan, mashi palan kar sakde ho.tuc ehna vicho jehda vi dhanda shuru karna chahunde ho usdi training jarur lao. dhanwad
Posted by I. d. r.
Madhya Pradesh
19-03-2019 06:21 PM
Punjab
03-19-2019 07:26 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Posted by ਰਣਯੋਧ ਸਿੰਘ
Punjab
19-03-2019 06:16 PM
Punjab
03-20-2019 04:46 PM
ਰਣਯੋਧ ਜੀ ਤੁਸੀ ਅੰਬ ਦੇ ਬੂਰ ਦੇ ਉਪਰ Copper oxychloride @3Gram ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਜਿਹੜੀ ਬੂਰ ਨੂੰ ਫੰਗਸ ਲੱਗਦੀ ਹੈ ਉਹ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਡਾਕਟਰ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
19-03-2019 06:16 PM
Haryana
03-20-2019 04:44 PM
ਮੇਜਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਚਰੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ SL-44, Punjab Sudex Chari-4, Punjab Sudex chari1 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Subodh Arya
Uttar Pradesh
19-03-2019 06:09 PM
Punjab
03-20-2019 02:28 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by कमल किशोर
Rajasthan
19-03-2019 06:03 PM
Punjab
03-21-2019 03:43 PM
कमल जी ये तत्व की कमी कि कारण गिरना शुरू कर देते है इसके इलावा ये फंगस के कारण भी गिरना शुरू कर देती है\ इसके लिए आप पौधे को 6-7 किल्लो वर्मी कम्पोस्ट डालें इसके इलावा आप copper oxychloride @3gram को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Suraj Kumar Patel
Uttar Pradesh
19-03-2019 06:03 PM
Punjab
03-21-2019 03:44 PM
सूरज जी बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों के मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें
Posted by Nabakumar
Tripura
19-03-2019 06:00 PM
Punjab
03-04-2020 05:46 PM
Nabakumar ji fertilised poultry egg lene ke lia aap Sunil Singh 9905384910, 9102737967 Sunil Singh Hatchery India Private Limited se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by gurwinder singh
Punjab
19-03-2019 05:56 PM
Punjab
03-22-2019 10:45 AM
गेहूं के दाना काला फंगस के कारण होता है इसमें टिल्ट 200 मि.ली. को 120 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है।
Posted by Ravindra Kumar manjhu
Rajasthan
19-03-2019 05:53 PM
Punjab
03-21-2019 03:39 PM
रविंद्र जी आप तरबूज की किसम जैसे Arka Jyoti,Arka Manik,Durgapur Kesar,Durgapur Lal ,Durgapur Meetha,Improved Shipper,Pusa Bedane की बिजाई कर सकते है यह किस्मे 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है
Posted by gyan prakash singh
Uttar Pradesh
19-03-2019 05:51 PM
Punjab
03-23-2019 11:06 AM
प्रकाश सिंह जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Gurpreet Singh Sandhu
Punjab
19-03-2019 05:49 PM
Punjab
03-20-2019 10:41 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Hitek 1ml ਚਮੜੀ ਵਿੱਚ ਲਗਵਾਓ ਤੇ ਨਾਲ ਜੀ ਸ਼ੈਪੂ cleaner pet ਲਾ ਕੇ 5 ਮਿੰਟ ਬਾਅਦ ਉਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਾਫ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਨਾਲ ਠੀਕ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Rajashekhar Madiwal
Karnataka
19-03-2019 05:48 PM
Punjab
03-23-2019 11:11 AM
Mr.Rajashekhar Madiwal for Pearl farming you can contact to Regional Research Centre, Bengaluru Peninsular Aquaculture Division, Hessarghatta Lake, Bengaluru-560089, Karnataka Ph. +91-80-28479891,
Posted by श्याम
Jharkhand
19-03-2019 05:29 PM
Punjab
03-21-2019 01:34 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है एलोवेरा की खेती में आप इसे एक बार लगाकर 3 से 5 वर्ष तक उपज ले सकते हैं आमतौर पर यह अनउपजाऊ भूमि पर होता है लेकिन दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी होती है इसकी बिजाई फरवरी में होती है वैसे आप इसे कभी भी लगा सकते हैं इसका बीज आप किसी किसान से जो एलोवेरा की खेती करता है उनसे ले सकते हैं इसके मंडीकरण के लिए आप बहुत सारी कॉन्ट्रेक्ट कंपनियां हैं जैसे पतंजलि आदि अगर अपना खुद का प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहते हैं तो वो तभी फायदेमंद है अगर आपने ज्यादा ज़मीन पर लगाया है या फिर और किसान भी प्रोसेसिंग के लिए आप के पास आए आप इसे बेचने के लिए इस नंबर पर कॉन्ट्रेक्ट कर सकते हैं 7905264770 बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
19-03-2019 05:28 PM
Maharashtra
03-21-2019 01:37 PM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਹਿੰਦੇ ਢੰਗ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ\ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Satish Kumar pathak
Uttar Pradesh
19-03-2019 05:24 PM
Punjab
03-23-2019 11:12 AM
कुमार पाठक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by shergill
Punjab
19-03-2019 05:23 PM
Punjab
03-21-2019 01:38 PM
इसके ऊपर बारीक मच्छर का हमला होने के कारण यह इकट्ठे हो रहे है इसके लिए आप imidacloprid@1.5ml को प्रति लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Satish Kumar pathak
Uttar Pradesh
19-03-2019 05:22 PM
Punjab
03-23-2019 11:14 AM
सतीश कुमार पाठक जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by SUMIT
Haryana
19-03-2019 05:21 PM
Punjab
03-21-2019 02:13 PM
सुमित जी आप acetobacter कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है जिसका पता है 430/13, Urban Estate, Near Railway Station, Kurukshetra-136118
Posted by pravesh malik
Haryana
19-03-2019 05:16 PM
Punjab
03-20-2019 02:28 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗੋਦਾਰਾ
Punjab
19-03-2019 05:14 PM
Punjab
03-25-2019 07:34 PM
rir breed ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੱਪੂ ਪੋਲਟਰੀ ਫਾਰਮ 9041009671 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ .
Posted by Gurii sidhu
Punjab
19-03-2019 05:11 PM
Punjab
03-21-2019 02:16 PM
कृप्या आप यह बताएं कि आपने इसे कितनी मात्रा में यूरिया डाली है और पौधे की फोटो भी भेंजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Nayan Saha
Gujarat
19-03-2019 05:05 PM
Punjab
03-23-2019 11:15 AM
Nayan Saha जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by R B FARM HOUSE kolkata
West Bengal
19-03-2019 05:01 PM
Punjab
03-20-2019 03:42 PM
kripa app apni ADD hamari dusri AAP apni kheti Buy/Sell per upload kren waha apko isse khridne wale kayi kisan mill jayege.
Posted by kailash chand
Rajasthan
19-03-2019 04:55 PM
Punjab
03-21-2019 02:17 PM
कैलाश जी सफ़ेद मूसली की खेती से किसानो को काफी मुनाफा मिल रहा है सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावा.... (Read More)
कैलाश जी सफ़ेद मूसली की खेती से किसानो को काफी मुनाफा मिल रहा है सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्टी का pH 6.5-8.5 होना चाहिए आप इसकी किस्मे जैसे RC-2, RC-16, RC-36, RC-20, RC-23, RC-37 and CT-1,MDB-13 and MDB-14 की बिजाई कर सकते है सफेद मूसली के लिए अच्छी तरह से तैयार बैडों की जरूरत होती है बिजाई से पहले ज़मीन की तैयारी के लिए एक बार 2-3 गहरी जोताई करें ज़मीन की तैयारी आम-तौर पर अप्रैल-मई के महीने में की जाती है सफेद मूसली की बिजाई के लिए उचित समय जून से अगस्त तक का होता है पौधे के विकास के अनुसार पौधों के बीच 10x12 इंच का फासला रखें इसकी बिजाई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है इसकी बिजाइसके प्रजनन के लिए आम-तौर पर गांठों या बीजों का प्रयोग करें इसके उचित विकास के लिए 450 किलो बीजों का प्रयोग करें ई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है सफेद मूसली की बिजाई 1.2 मीटर चौड़े और आवश्यकता अनुसार लम्बे बैडों पर करें नए पौधे तैयार करने वाले बैड अच्छी तरह से तैयार करें इसकी बिजाई छिड़काव के द्वारा की जाती है बिजाई के बाद बैडों को हल्की मिट्टी से ढक दें बढ़िया विकास के लिए मलचिंग भी की जा सकती है बीज 5-6 दिनों में अंकुरण होना शुरू होना कर देते है और पौधे बिजाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई से 24 घंटे पहले बैडों को पानी दें, ताकि नए पौधों को आसानी के साथ उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी समय, रूड़ी की खाद 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ गोबर डालें और मिट्टी में मिलाये जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ डालर मिट्टी में मिलाये सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो, मिउरेट ऑफ़ पोटाश 50 किलो और हड्डियों का चूरा 100 किलो प्रति एकड़ डालें 3 महीने तक कसी की सहायता के साथ गोड़ाई करें और मेंड़ के साथ मिट्टी लगाएं अंकुरण के बाद 2-3 बार करें अगर पौधे के विकास में कोई कमी दिखाई दें, तो तुरंत आवश्यक स्प्रे करें बढ़िया विकास के लिए 20-22 दिनों के फासले पर सिंचाई करें बारिश की ऋतु में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर बारिश ना होने पर सिंचाई सही फासले पर करें सिंचाई जलवायु और मिट्टी पर भी निर्भर करती है इस फसल के पौधे बिजाई से लगभग 90 दिन के बाद फल देना शुरू कर देती है इसकी कटाई सितम्बर-अक्तूबर महीने में की जाती है कटाई पत्ते पीले पड़ने और सूखने पर की जाती है
Posted by Ganesh pawar
Maharashtra
19-03-2019 04:55 PM
Punjab
03-22-2019 10:49 AM
श्री गणेश पवार जी पूरी जानकारी और ट्रेनिंग के लिए Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by aj
Uttarakhand
19-03-2019 04:52 PM
Punjab
03-19-2019 07:35 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रे.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, मछली पालन के लिए सेम वाले इलाके में 90% सब्सिडी होती है और बाकि इलाकों में 40% सब्सिडी होती है आप अपने ज़िले के FFDA ( fish farming development agency ) दफ्तर में जाएं जो कि आमतौर पर डी सी दफ्तर या कचिहरी में बना होता है, आप वहां ज़मीन की फर्द, स10th र्टिफिकेट और जहाँ तालाब बनाना है वहां की 2 फोटो लेकर जाएं उसके बाद FFDA के अफ़सर आपको फाइल तैयार करवाएंगे और आपकी ज़मीन देखकर तालाब बनाने का तरीका बताएंगे और फिर आपको 40% सब्सिडी के लिए फाइल तैयार कर लोन अप्लाई के बारे में समझा देंगे ..
Posted by Lakhvinder singh
Punjab
19-03-2019 04:51 PM
Haryana
03-21-2019 02:20 PM
ਲਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਮੱਕਚਰੀ ਦਾ ਬੀਜ ਇਕ ਕਨਾਲ ਵਿਚ ਦੋ ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਈ-ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਨਾ ਕਰੋ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਝਾੜ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਮੱਕਚਰੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ, ਜ਼ਮੀਨ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪੱਧਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਵਾਰ ਹੈਰੋ ਨਾਲ ਵਾਹ.... (Read More)
ਲਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਮੱਕਚਰੀ ਦਾ ਬੀਜ ਇਕ ਕਨਾਲ ਵਿਚ ਦੋ ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਮਈ-ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਨਰਸਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਨਾ ਕਰੋ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਝਾੜ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਮੱਕਚਰੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ, ਜ਼ਮੀਨ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪੱਧਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਵਾਰ ਹੈਰੋ ਨਾਲ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਦੋ ਵਾਰ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਕੇਰਾ ਢੰਗ ਜਾਂ ਬਿਜਾਈ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
Posted by omkar singh
Punjab
19-03-2019 04:50 PM
Punjab
03-21-2019 02:24 PM
1121 का रेट लगभग 5000—5200 रूप्ये चल रहा है
Posted by Mrs Mann
Delhi
19-03-2019 04:46 PM
Punjab
03-21-2019 02:23 PM
Posted by Lakhvinder singh
Punjab
19-03-2019 04:42 PM
Punjab
03-19-2019 07:39 PM
ਝ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਵੈਸੇ ਮੱਝ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦਾ ਰਿਕਾਰਡ 305 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਉਸਦੇ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਸੂਏ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪਤਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਜਲਦੀ ਹੀ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਮੱਝ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਨੂੰ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸਦਾ ਦੁੱਧ .... (Read More)
ਝ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਵੈਸੇ ਮੱਝ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦਾ ਰਿਕਾਰਡ 305 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਉਸਦੇ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਦੁੱਧ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਸੂਏ ਦਾ ਦੁੱਧ ਪਤਾ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਜਲਦੀ ਹੀ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਮੱਝ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਨੂੰ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਫੈਟ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ , ਇਸਦੇ ਲਈ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ
Posted by Satnam Singh Atwal
Punjab
19-03-2019 04:35 PM
Punjab
03-21-2019 02:30 PM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਤੁਸੀ ਪੀਲੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ Carbendazin 12% + Mancozeb 63% WP ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ tilt ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ml ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by vikas Singh
Chattisgarh
19-03-2019 04:34 PM
Punjab
03-21-2019 02:32 PM
विकास जी यह एक कीटनाशक है कृपया आप बताये कि इनके ऊपर कोई कीट का हमला है ता की आपको इसके आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
19-03-2019 04:30 PM
Maharashtra
03-21-2019 02:33 PM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਸੌਂਫ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਦੀ ਖੇਤੀ ਵਪਾਰਿਕ ਪੱਧਰ ਤੇ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by karanbirsingh
Punjab
19-03-2019 04:21 PM
Punjab
03-21-2019 03:24 PM
ਕਰਨਬੀਰ ਜੀ ਖਾਦਾਂ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਉਪਯੋਗ ਅਤੇ ਸਾਫ-ਸੁਥਰੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਕੀੜਿਆਂ ਨੂੰ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੀੜਿਆਂ ਦੇ ਕੁਦਰਤੀ ਦੁਸ਼ਮਣਾਂ ਦੀ ਵੀ ਰੱਖਿਆ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੌਦੇ ਦੇ ਉਚਿੱਤ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਟੀਂਡਿਆਂ ਵਾਲੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤਾ ਲਈ, ਮੁੱਖ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਵੱਧ ਰਹੇ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਲਗਭਗ 5 ਫੁੱਟ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਤੋਂ ਕ.... (Read More)
ਕਰਨਬੀਰ ਜੀ ਖਾਦਾਂ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਉਪਯੋਗ ਅਤੇ ਸਾਫ-ਸੁਥਰੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਕੀੜਿਆਂ ਨੂੰ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੀੜਿਆਂ ਦੇ ਕੁਦਰਤੀ ਦੁਸ਼ਮਣਾਂ ਦੀ ਵੀ ਰੱਖਿਆ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੌਦੇ ਦੇ ਉਚਿੱਤ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਟੀਂਡਿਆਂ ਵਾਲੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤਾ ਲਈ, ਮੁੱਖ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਵੱਧ ਰਹੇ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਲਗਭਗ 5 ਫੁੱਟ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਤੋਂ ਕੱਟ ਦਿਓ ਅਖੀਰਲੀ ਵਾਰ ਹਲ ਵਾਹੁਣ ਵੇਲੇ ਬਰਾਨੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ 5-10 ਟਨ ਰੂੜੀ ਅਤੇ ਸਿੰਚਿਤ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ 10-20 ਟਨ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ) ਦਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਇਹ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਮੀ ਨੂੰ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਵਿਚ ਸਹਾਇਕ ਸਿੱਧ ਹੋਵੇਗਾ ਨਰਮੇ ਦੀਆਂ ਵੱਖਰੀਆਂ-ਵੱਖਰੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਮਾਤਰਾ, 65 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 27 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਜਾਂ 75 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਅਖੀਰੀਲੀ ਵਾਰ ਹਲ ਵਾਹੁਣ ਵੇਲੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਪੌਦੇ ਦੇ ਬੇਲੋੜੇ ਹਿੱਸੇ ਕੱਟਣ ਸਮੇਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਹਿਲੇ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਘੱਟ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ ਲਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ 50 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਵਿਚ 8 ਕਿਲੋ ਸਲਫਰ ਪਾਊਡਰ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੜੀ ਫਸਲ ਦੀਆਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ
Posted by RINKU KAMBOJ
Punjab
19-03-2019 04:20 PM
Punjab
03-20-2019 11:29 AM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਕਿਸਾਨ ਦੀ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦਸਵੀ ਕੀਤੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by pratima
Jharkhand
19-03-2019 04:18 PM
Punjab
03-23-2019 11:21 AM
प्रतिमा जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757, तथा (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, ओडिशा, India, Tel: +91-674-2465421, 2465446 से संपर्क करें
Posted by Iqbaljit Singh
Punjab
19-03-2019 04:15 PM
Punjab
03-19-2019 07:43 PM
ਇਕਬਾਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕ.... (Read More)
ਇਕਬਾਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕੰਧਾਂ ਜਾਂ ਫ਼ਰਸ਼ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ ਵਿਚ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁਬਾਰਾ ਦੁਬਾਰਾ ਆਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ, ਦਵਾਈ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਵਾਈ ਲੜਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾ ਮੀਰਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵੈਸੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚਟਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by Bal
Punjab
19-03-2019 04:13 PM
Punjab
03-20-2019 03:34 PM
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾ.... (Read More)
ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਇਕ ਲਾਭਦਾਇਕ ਕਿੱਤਾ ਹੈ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਉਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਅਸਲ ਰੂਪ ਵਿਚ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚ ਜਾ ਫਿਰ 100 ਵਰਗ ਫੁੱਟ ਦਾ ਤਲਾਬ ਬਣਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਜੇਕਰ ਜਗਾ ਦੀ ਘਾਟ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸੀਮਿੰਟ ਦੇ ਟੈਕ ਬਣਾ ਕੇ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਾਰਕਿਟ ਜਾਂ ਮੱਛੀ ਘਰ ਤੋਂ ਸਿਪੀ ਨੂੰ ਖਰੀਦਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਅਦਾਤਾਰ ਯੂਪੀ ਸਾਈਡ ਤੋ ਸਿੱਪੀਆਂ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀਆ ਹਨ ਸ਼ੁ੍ਰੁਆਤ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20-40 ਹਜ਼ਾਰ ਤੱਕ ਦਾ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕੁਆਲਿਟੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਕ ਸਿਪੀ ਕਰੀਬ 8 ਤੋਂ 12 ਰੁਪਏ ਦੇ ਵਿਚ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੰਦ ਸੀਪੀਆਈ ਵਿਚ ਖਿੱਚ ਲਾ ਕੇ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਮੋਤੀਆਂ ਦਾ ਬੀਜ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਇਹਨਾਂ ਸਿਪੀਆ ਨੂੰ ਬੰਦ ਕਰ ਕੇ ਜਾਲੀ ਦੇ ਸਹਾਰੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਸੁੱਟ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫਿਰ ਕੁੱਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਵਿਚੋਂ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀ ਬਣਨ ਵਿਚ 18 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਉਹਨਾਂ ਲਈ ਖਾਸ ਤੌਰ ਤੇ ਸਾਂਚੇ ਬਣਾਏ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਗਨਪਤੀ,ਬੁੱਧ,ਹੋਲੀ ਕਰਾਸ ਸਾਈਨ ਵਰਗੇ ਡਿਜ਼ਾਈਨਰ ਮੋਤੀ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਬਜਾਰ ਵਿਚ ਇਹ ਮੋਤੀ 300 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਨਗ ਦੇ ਰੇਟ ਤੇ ਵਿਕਦੇ ਹਨ ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਟਰੇਨਿਗ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੰਡਿਅਨ ਕਾਉਂਸਿਲ ਫ਼ਾਰ ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਰਿਸਰਚ(ICAR) ਦੀ CIAF ਵਿਗ (ਸੇਂਟਰਲ ਇੰਸਟੀਟਿਊਟ ਆਫ ਫਰੈਸ਼ ਵਾਟਰ ਏਕਵਾਕਲਚਰ) ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਫਰੀ ਟਰੇਨਿਗ ਦਿੰਦੀ ਹੈ CIAF ਤੋਂ ਟਰੇਨਿਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਨੰਬਰਾ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ 0674 2465421, 2465446 ਮੋਤੀਆਂ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲੁਈ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕਰਜਾ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਵਿਨੋਟ ਕੁਮਾਰ ਜਮਲਾਪੁਰ ਹਰਿਆਣੇ ਵਿਖੇ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 2 ਦਿਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ 5000 ਰੁਪਏ ਵਿੱਚ ਕਰਵਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੌ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਲਿਆ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਵੇਚਣ ਬਾਰੇ ਬਹੁਤ ਲਿੰਕ ਬਣ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ ਦਿੱਲੀ,ਦੇਹਰਾੂਨ, ਮੁੰਬਈ ਵਿਖੇ ਵੇਚ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by Jitendra Sharma
Bihar
19-03-2019 04:13 PM
Punjab
03-23-2019 11:22 AM
जितेंदर शर्मा जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Bharatkumar
Gujarat
19-03-2019 04:13 PM
Punjab
03-21-2019 03:16 PM
भारत कुमार जी कृपया आप बताये कि आपकी जमीन की pH कितनी है ताकि आपको इसके बारे में पूरे जानकारी दी जा सके कि आप कोनसे पौधे ऊगा सकते है धन्यवाद