Posted by bulu paul
Assam
19-03-2019 11:06 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, ODISHA, INDIA Phone: 91-674-2465421,2465446 FAX: 91-674-2465407 पर कॉल कर सकते है

Posted by amit
Bihar
19-03-2019 11:04 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by Dharmendra Choudhary
Madhya Pradesh
19-03-2019 11:00 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by sandeep
Punjab
19-03-2019 10:58 PM
Sandeep ji tuci majjh nu Flukarid-DS bolus deo ate iss nu tuci Vitakind-liv liquid 100ml rojana deo ate Enerboost powder 100gm rojana deo ji , iss nal farak paa jawega..

Posted by Rohit
Rajasthan
19-03-2019 10:47 PM
Motio ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757, Manish Vasudev 9417652857 se samparak kare.

Posted by dipak bharti
Bihar
19-03-2019 10:17 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by suraj raut
Madhya Pradesh
19-03-2019 10:16 PM
kapas ki beejayi ka time 1 April se 15 May tkk ka hai g..
Posted by guljar singh Dhillon
Punjab
19-03-2019 10:13 PM
feed bnon lai tusi Answer nal diti photo dekho ji.

Posted by saraj singh
Punjab
19-03-2019 10:13 PM
ਸਾਰਜ ਜੀ ਜੈਵਿਕ ਖੇਤੀ ਦੇ ਲਈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜਦੀਕੀ ਕੋਈ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਜੋ ਜੈਵਿਕ ਖੇਤੀ ਕਰ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉਸਨੂੰ ਮਿਲੋ ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਅਨੁਭਵ ਜਾਣੋ ਅਤੇ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਦੇ ਥੋੜੇ ਜਿਹੜੇ ਭਾਗ ਵਿਚ ਜੈਵਿਕ ਖੇਤੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਵੇ ਜਿਵੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦਾ ਅਨੁਭਵ ਆਉਂਦਾ ਜਾਏਗਾ ਤੁਸੀ ਆਪਣਾ ਜੈਵਿਕ ਖੇਤੀ ਹੇਠ ਭਾਗ ਨੂੰ ਵਧਾ ਸਕਦੇ ਹੋ\ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by love
Punjab
19-03-2019 10:12 PM
In Punjab the optimum time for nursery sowing is after 20 may and transplanting time is after 20 june. Thank you

Posted by संजय त्यागी
Uttar Pradesh
19-03-2019 10:05 PM
बासमती 1509 की पनीरी लगाने का समय जून महीने का होता है इस पनीरी को खेत में 15 जुलाई के बाद लगाया जाता है और यह 120 दिन में त्यार हो जाती है धन्यवाद
Posted by नित्यानंद राय
Madhya Pradesh
19-03-2019 09:59 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्ट भी इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
Posted by mukesh
Uttar Pradesh
19-03-2019 09:52 PM
मुकेश जी आप जैविक खेती के बारे में जानकारी लेने के लिए आपने इलाके के किसान जो जैविक खेती कर रहे है उनसे मिले और उनका अनुभव जाने और उसके हिसाब से खेती करना शुरू करे इसके इलावा आपको कोई और जानकारी चाहिए तो आप अपना सवाल डाल कर पूछ सकते है धन्यवाद

Posted by sirtaj
Punjab
19-03-2019 09:30 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀਆ ਫਾਰਮ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਸੋਚ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਰੱਖੋ ਇਹ ਦੁੱਧ ਤੇ ਮੀਟ ਦੋਨਾਂ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜਿਵੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਵਿੱਚ ਆਜੋਗੇ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡੇ ਲਿਂਕ ਬਣਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਬਾਕੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਇਸ ਗੱਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿਵੇ ਦੇ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਦੁੱਧ ਗਾਂ ਦੇ ਰੇਟ ਦੇ ਬਰਾਬਰ ਵਿਕ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਫਾਰਮ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬੱਚੇ ਵਗੈਰਾ ਵੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਜੇਕਰ ਮੋਟਾ ਜਿਹਾ ਹਿਸਾਬ ਲਗਾਉਣਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਇੱਕ ਬੱਕਰੀ ਤੋਂ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਲੱਗਭੱਗ 20000 ਤੱਕ ਕਮਾਈ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਹ ਵੀ ਸਲਾਹ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂਰ ਲਵੋ ਤੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾਂ ਦੇ ਫਾਰਮ ਜਰੂਰ ਦੇਖੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੀ ਮੀਟਿੰਗ ਜੋ ਕਿ ਮਹੀਂਨੇ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਸ਼ੁੱਕਰਵਾਰ ਨੂੰ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਹੋਸਟਲ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕਾ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਇਸ ਮੀਟਿੰਗ ਵਿੱਚ ਜਾਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪ੍ਰੋਗੈਸਿਵ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮਰ ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਜਗਰਾਜ਼ ਸਿੰਘ ਨਾਲ 9023441504 ਤੇ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜੀਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੇ ਕੰਮ ਤੇ ਲੋਨ ਤੇ 25 % ਸਬਸਿਡੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ ਲੋਨ ਮਿਲੇਗਾ ਕੇ ਨਹੀ ਇਹ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਪਹਿਲੀ ਗੱਲ ਇਹ ਬੈਕ ਦੇਖਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਅਕਾਉਟ ਵਿੱਚ ਕਿੰਨੇ ਕੁ ਪੈਸਿਆ ਦਾ ਲੈਣ ਦੇਣ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਆਪਣੀ ਜ਼ਮੀਨ ਗਰੰਟੀ ਵਜੋ ਦੇਣ ਲਈ ਹੈ ਕਿ ਨਹੀ ਤੇ ਹੋਰ ਵੀ ਕਈ ਗੱਲਾਂ ਚੈਕ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਲਈ ਸਹਿਮਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਲੋਨ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਆਪਣੇ ਲੈਵਲ ਤੇ ਹੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਕਿਉਕੀ ਲੋਨ ਦੀ ਕਿਸ਼ਤ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਭਰਨੀ ਪਵੇਗੀ ਪਰ ਬੱਕਰੀਆ ਵਿੱਚੋ ਕਮਾਈ ਹਰ ਮਹੀਨੇ ਨਹੀ ਹੋਣੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਕੇ ਦੇਖਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਤੇ ਉਸ ਤੋਂ ਅਪਰੂਵ ਕਰਵਾ ਕੇ ਫਿਰ ਬੈਕ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਕੇ ਦੇਖੋ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਆਪਣੇ ਏਰੀਆ ਤੇ ਨਾਬਾਰਡ ਡਿਪਾਰਟਮੈਟ ਦੇ ਸੀਜੀਐਮ ਨੂੂੰ ਵੀ ਲੋਨ ਲਈ ਮਿਲੋ..

Posted by KARANDEEP SINGH
Punjab
19-03-2019 09:18 PM
Karandeep Singh ji Motia di kheti bare puri jankari lai tusi Manish Vasudev 9417652857 ji nal samparak kar sakde ho.

Posted by gaurav Gupta
Uttar Pradesh
19-03-2019 09:06 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by jaspal singh
Punjab
19-03-2019 09:04 PM
jaspal ji eh fungus se karn bhookan mach rahiyan han isde layi tuc M-45@4gram nu prati litre pani vich mila ke spray karo. is to ilava tuc NPK 19:19:19@7 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by vijay
Haryana
19-03-2019 08:52 PM
विजय जी अभी तक अगल पशु मेले की कोई भी जानकारी नहीं मिली है जैसे ही कोई तरीक मिलती है पशु मेले के लिए तो आपको उसके बारे में जानकारी दे दी जाएगी धन्यवाद

Posted by Alim Baig
Maharashtra
19-03-2019 08:50 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Navdeep
Punjab
19-03-2019 08:44 PM
Aap use powder Metabolite 50 gm rojana 20 din Biyane se pehle de..
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
19-03-2019 08:40 PM
ਦਲਵੀਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੱਭਣ ਗਾਂ ਨੂੰ 2.5-3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਉਸ ਟਾਈਮ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਵਾਰੇ ਸਹੀ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ 1.5 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ , 200 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਜਲਦੀ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾ.... (Read More)
ਦਲਵੀਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਗੱਭਣ ਗਾਂ ਨੂੰ 2.5-3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਉਸ ਟਾਈਮ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਗੱਭਣ ਵਾਰੇ ਸਹੀ ਪਤਾ ਲਗਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ 1.5 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ , 200 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਜਲਦੀ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ , ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਵੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ..

Posted by Gurpreet Singh
Punjab
19-03-2019 08:35 PM
bhindi diyan hybrid kisman han jive CO 2, 3, COBhH 1. tuc ehna di bijai kar sakde ho. dhanwad
Posted by Debasish Acharya.
Jharkhand
19-03-2019 08:31 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Rajasthan
19-03-2019 08:22 PM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਮਿੱਤਰ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਫੋਟੋ ਤੁਸੀ ਹੇਠਾਂ ਦਿਤੀ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਕੀੜਿਆਂ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਨਾਲ ਦਿਤੇ ਲਿੰਕ ਤੇ ਕ੍ਲਿਕ ਕਰਕੇ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ
https://www.insectidentification.org/harmful-insects.asp
Posted by deep hundal
Punjab
19-03-2019 08:20 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ovumin Advance ਗੋਲੀਆਂ ਦਿਓ ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਂਦੇ ਰਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿੱਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ .ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by subhash
Uttar Pradesh
19-03-2019 08:18 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by chamkaur singh
Punjab
19-03-2019 08:17 PM
knak di fasal vich nisran to baad jdo daane bnan lgg jnde han tn ess vich flag leaf and leaves nu green rakn lyi fungicide da spray jroor kro g.ess vich tuc Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho..

Posted by Divakar
Uttar Pradesh
19-03-2019 08:14 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Divakar
Uttar Pradesh
19-03-2019 08:13 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by gurmindear singh
Punjab
19-03-2019 08:03 PM
gurmindear singh ji iss nu tuci minotas deya goliya deo , eh intas company da product hai , is deya 21 goliya deo, isdi rojana 1 goli dinde reho, ate isde nal tusi ehdi flukrid bouls nal deworming v karo . fir eh heat vich aa javegi.

Posted by jaspal singh
Punjab
19-03-2019 07:57 PM
Jaspal ji kirpa krke apna swal vistar nal dso ji tuci pudine varee ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.

Posted by brajesh kumar shukla
Madhya Pradesh
19-03-2019 07:57 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Sadanand nishad
Uttar Pradesh
19-03-2019 07:56 PM
सदानंद जी मशरूम को खुंब भी कहा जाता है खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इ.... (Read More)
सदानंद जी मशरूम को खुंब भी कहा जाता है खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by ashok
Uttar Pradesh
19-03-2019 07:55 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by vijay
Rajasthan
19-03-2019 07:54 PM
यदि आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन और टेलीफोन या बिजली की तारें या जाल न हो, फूलों से मक्खियों को फूलों का रस और पोलन मिलता है जो मक्खियों की खुराक होते है, ज़्यादा शहद इकठ्ठा करने के लिए फूलों वाली मक्खिया.... (Read More)
यदि आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन और टेलीफोन या बिजली की तारें या जाल न हो, फूलों से मक्खियों को फूलों का रस और पोलन मिलता है जो मक्खियों की खुराक होते है, ज़्यादा शहद इकठ्ठा करने के लिए फूलों वाली मक्खियां सरसों, तोरिया, गोभी सरसों, सफेदा, बरसीम, सूरजमुखी, लीची, अरहर, टाहली, कपास/नरमा आदि है, जिन इलाकों में यह फूल समय पर मिलते है उन इलाकों में इस काम को कामयाबी से अपनाया जा सकता है, इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग आपको आपके नज़दीकी KVK केंद्र से मिलेगी जी
Posted by varinder singh
Punjab
19-03-2019 07:47 PM
Varinder singh ਜੀ ਮੋਤੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Manish Vasudev 9417652857 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Ramnarayan
Madhya Pradesh
19-03-2019 07:46 PM
आप इसके थन में Mammicare tube चढ़वायें इसके साथ आप M-seft इंजेक्शन लगवाना शुरू करें इसे आप उसके ठीक होने के हिसाब से रिपीट करें

Posted by ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-03-2019 07:46 PM
ਫ਼ਸਲ ਰਕਸ਼ਕ ਇਕ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਉੱਲੀ ਰੋਗ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਕ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਲੀਟਰ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ\ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gunjan Kishore
Bihar
19-03-2019 07:38 PM
Gunjan Kishore g moti farming ke liye seep sambandhi jankari ke liye aap Vinod Kumar 9050555757 se samparak kar sakte ho
Posted by आकाश गडाख
Maharashtra
19-03-2019 07:37 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
19-03-2019 07:29 PM
Gurnishan Singh Dhillon ji Shame nu cross karwao ji.
Posted by jay
Gujarat
19-03-2019 07:26 PM
इसके संबंध में आपसे फोन पर बात हो गई थी और आपको इसके बारे में बता दिया गया था आप उसका प्रयोग फीड में कर सकते है यदि इसके इलावा आपका कोई ओर सवाल है तो आप दोबारा पूछ सकते है

Posted by jaswinder singh
Punjab
19-03-2019 07:26 PM
White rust fungus ki disease hai eski roktham ke liye M-45 @500 gm per acre ka spray kr skte ho g.

Posted by Pritesh
Gujarat
19-03-2019 07:16 PM
प्रितेश जी हर खेती का अपना अपना अलग समय होता है पकने का आप बताये के आप किस फसल की खेती करना चाहते है तो आपको उसमे कम समय वाली किसम की जानकारी दे देंगे धन्यवाद
Posted by harmail Singh
Punjab
19-03-2019 07:15 PM
Harmail Singh g Moti di kheti ate training de lai tu c Manish Vasudev 9417652857 nal samparak akr sakde ho

Posted by Avtar Singh Gill Avtar
Punjab
19-03-2019 07:14 PM
ਅਵਤਾਰ ਜੀ ਇਹ Grape fruit ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਉਪਰ 1gram bavistin ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕਿ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਇਕ ਨਿਮਬੂ ਜਾਤੀ ਦਾ ਹੀ ਫ਼ਲ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Sagar
Maharashtra
19-03-2019 07:11 PM
आप उन सभी बच्चों को अपने नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें जिससे उनकी सही बिमारी का पता लग सके और आप उनके रहने वाली जगह को अच्छी तरह साफ करें और वहां तापमान बनाई रखें

Posted by Pritesh
Gujarat
19-03-2019 07:09 PM
Pritesh जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Tikesh kumar kurmi
Chattisgarh
19-03-2019 07:05 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
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