Posted by शिवाजी बस्वदे
Maharashtra
20-03-2019 09:00 AM
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्र.... (Read More)
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे

Posted by vikas
Haryana
20-03-2019 08:54 AM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by O.Guruprasad patra
Odisha
20-03-2019 08:46 AM
Mr. O.Guruprasad patra g iske bare mein puri jankari lene ke liye aap (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446 se samparak kar sakte hai
Posted by Sunil Kumar
Punjab
20-03-2019 08:35 AM
अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता ह.... (Read More)
अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है
मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है
मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है
अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
Posted by Charan Singh
Uttar Pradesh
20-03-2019 08:34 AM
चरण जी आप NPK की स्प्रे 10-12 दिन के अंतराल पर स्प्रे करें और 3-4 बार इसकी स्प्रे कर सकते है, धन्यवाद
Posted by Zanaab Danish
Uttar Pradesh
20-03-2019 08:27 AM
ज़नाब डेनिश जी आप सब्जियों की खेती कर सकते है इसके इलावा आप ड्रैगन फ्रूट और एलोवेरा की खेती कर सकते है धन्यवाद

Posted by Mani
Punjab
20-03-2019 08:22 AM
hydroponics ਖੇਤੀ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ Somveer singh:-9878733551 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by SUJEET Kumar
Bihar
20-03-2019 08:19 AM
सीप की खेती आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्.... (Read More)
सीप की खेती आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है
मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है
मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है
अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
Posted by HARJOT SINGH
Punjab
20-03-2019 08:17 AM
harjot ji nimbu di kisam jive Punjab Baramasi,Eureka,Punjab Galgal di bijai kar sakde ho. eh 2-4 saal vich fal dena shuru kar dinde han. dhanwad

Posted by ratanveer singh
Punjab
20-03-2019 08:07 AM
ratanveer ji eh keet de hamle de karn hoya hai jisde nal fungus paida ho jandi hai isde layi tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo. ate 2-3 dina de fasle te m-45@4gram prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by Gamdoor singh Brar
Punjab
20-03-2019 08:07 AM
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਲਈ Butox 15ml ਲਉ ਤੇ 2ml /1 litter ਪਾਣੀ ਚ ਪਾਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ, ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਨਿਮ ਦੇ ਪਤੇ ਤੇ ਗਲੋ ਦੇ ਪਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰਾ ਮਿਕਸੀ ਕਰਕੇ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਪਾਉਣਾ ਪਤੇ ਤੇ ਪਾਣੀ ਡੰਗਰਾ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੈ ਲਵੋ ਕਿ ਐਨਾ ਕੂ ਡੰਗਰਾ ਦੇ ਲਗ ਜਾਵੇ, ਪਾਣੀ ਕਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਕੇ ਵਿਚ ਸਰੋ ਦਾ ਤੇਲ ਪਾਉਣਾ ਫਿਰ ਡੰਗਰਾ ਦੇ ਲਾ ਦੇਵੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ .

Posted by gill
Punjab
20-03-2019 08:02 AM
ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਪਾਣੀ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਅਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਮੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਪਾਣੀ ਲਗਾਓ

Posted by RAGHUNANDAN YADAV
Uttar Pradesh
20-03-2019 08:00 AM
रघुनन्दन यादव जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by manpreet Singh gill
Punjab
20-03-2019 07:52 AM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਫਾਸਫੋਰਸ ਤੱਤ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਵਾਧੇ ਲਈ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਸੁਪਰ ਸਲਫੇਟ 150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡੋ ਪਹਿਲਾ ਹਿੱਸਾ ਅੱਧ-ਜਨਵਰੀ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ ਗੁੱਛੇ ਬਣਨ ਸ.... (Read More)
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਫਾਸਫੋਰਸ ਤੱਤ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਵਾਧੇ ਲਈ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਸੁਪਰ ਸਲਫੇਟ 150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡੋ ਪਹਿਲਾ ਹਿੱਸਾ ਅੱਧ-ਜਨਵਰੀ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ ਗੁੱਛੇ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਪਾਓ

Posted by Jindi Sohal
Punjab
20-03-2019 07:48 AM
uss nu tuci nazdiki doctor ton check krwaa ke ilagg krwao ji kyuki usdi puuri trah janch krke vdia ilagg howega ..
Posted by Rinkesh Gurjar
Rajasthan
20-03-2019 07:42 AM
रिंकेश जी आप कोई भी खेती कर सकते है लेकिन यह आपकी दिचस्पी पर निर्भर करता है कि आप कोनसी खेती करना चाहते है आप बताये कि आप सब्जियों की खेती करना चाहते है या किसी और फसल की ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by brajraj singh
Madhya Pradesh
20-03-2019 07:21 AM
यह आप छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वा.... (Read More)
यह आप छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है
मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है
मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है
अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे

Posted by Kameshwar sahu
Chattisgarh
20-03-2019 07:19 AM
कामेश्वर जी आप इसमें मुर्गी पालन कर सकते है धन्यवाद
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
20-03-2019 07:17 AM
ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਪਿੰਡ ਦੇ ਕੁੁੱਝ ਆਗੂਆਂ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰਕੇ ਪਿੰਡ ਨਾਲ ਰਲ ਕੇ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਹੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸਮਝਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿਉਕੀ ਅਜਿਹੀ ਕੋਈ ਕਾਨੂੰਨੀ ਕਾਰਵਾਈ ਨਹੀ ਜੋ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ਕਿਉਕੀ ਹੋਰ ਕੋਈ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਪੱਕਾ ਹੱਲ ਨਹੀ ਨਿੱਕਲਣਾ ਜੀ ਜੇਕਰ ਸ਼ਹਿਰ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਮਿੳੇੁਨਸੀਪਲ ਕਮੇਟੀ MC ਨਾਲ ਵੀ ਗੱਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by sompal
Haryana
20-03-2019 07:17 AM
डेयरी फार्मिंग के काम के लिए आपको इसकी ट्रेनिंग होना जरूरी है जिसके साथ आप लोन प्राप्त कर सकते है , ट्रेनिंग के साथ आप किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ स्वयं काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक ब.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के काम के लिए आपको इसकी ट्रेनिंग होना जरूरी है जिसके साथ आप लोन प्राप्त कर सकते है , ट्रेनिंग के साथ आप किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ स्वयं काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठे पशु ना खरीदें पशुओं को 2—2 महीने के अंतराल पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीद लें और 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आएगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि तीन समय का दूध निकालकर ही पशु को खरीदें भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें और अगर आप लोन लेकर शुरू करना चाहते है तो सबसे पहले अपने नज़दीकी ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से इसकी ट्रेनिंग ले और ट्रेनिंग सर्टिफिकेट पर ही आप लोन अप्लाई कर सकते है और आप कॉपरेटिव बैंक से या फिर SBI बैंक से भी लोन अप्लाई कर सकते है बैंक लोन की सारी शर्ते आपको बैंक मैनेजर ही बता सकता है

Posted by Anuj Kumar Shrivasta
Uttar Pradesh
20-03-2019 07:15 AM
अनुज कुमार श्रीवास्तव जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
20-03-2019 06:58 AM
ਨੀਟੂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ 19:19:19 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਪਿਆਜ ਗਰੋਥ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by satwant singh
Punjab
20-03-2019 06:51 AM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਕੁਇਨਲਫਾਸ(ਏਕਾਲਕਸ) @800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by shamsher singh
Punjab
20-03-2019 06:39 AM
Shamsher singh ji tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci app vich sare swala de jwab dekh skde ho .

Posted by Baljeet Singh
Punjab
20-03-2019 06:35 AM
बछड़ी के सींग तब दागने चाहिए जब वह हाथ फेरते ही रड़कने लग जायें साहिवाल नसल के सींग लेट आते हैं और दूसरी नसलों के सींग जल्दी आ जाते हैं और एक महीने से पहले सींग ना दागें एक बात का और ध्यान रखें कि पशु को बेहोश करके सींग ना दागें आजकल इलैक्ट्रोनिक हीटर से ही सींग दागें
Posted by aasav Kumar
Haryana
20-03-2019 06:34 AM
aasav kumar ji kripya aap btaye ke aapne beejon ko khet men beej diya hai ya abhi beejna hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad
Posted by हंसराज वर्मा
Rajasthan
20-03-2019 06:31 AM
हंसराज जी यह फंगस के कारण हो जाता है इसके लिए आप खट्टी लस्सी@3ml को प्रति लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Malkit Khaira
Punjab
20-03-2019 06:27 AM
Malkit g knak nu vaddan(harvesting) to 25 din pehla pani band kr dena chaida hai g.
Posted by kameshwar singh
Uttarakhand
20-03-2019 06:07 AM
kameshwar singh ji button mushroom di dekh bhal vich bimariyan di roktham bare jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by Aditya Manjhi
Jharkhand
20-03-2019 06:06 AM
आदित्य जी कृपया आप यह बताये कि आप कोनसे फूल की खेती करना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Lokesh
Delhi
20-03-2019 05:11 AM
लोकेश जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Kanhai Singh
Bihar
20-03-2019 03:36 AM
कन्हाई जी आप किसी एक फंगसनाशी जैसे कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम या मैनकोजेब 2 ग्राम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2.5 ग्राम या ज़ीरम 2 मि.ली. या क्लोरोथालोनिल 2 ग्राम को प्रति लीटर पानी मे मिलाकर स्प्रे करें घुलनशील पदार्थ जैसे सैंडोविट, टीपॉल 5 मि.ली. को 10 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे में मिलायें धन्यवाद

Posted by Kanhai Singh
Bihar
20-03-2019 03:21 AM
Kanhai Singh जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Girish
Maharashtra
20-03-2019 02:15 AM
गिरीश जी डेयरी लोन के लिए डेयरी की ट्रेनिंग की होनी चाहिए बाकि डेयरी लोन का पूरा तरीका समझने के लिए यह वीडियो देखें, यदि आपको सी वीडियो और ऑडियो में कोई चीज़ समझ नहीं लगी तो आप अपना सवाल दोबारा पोस्ट कर दीजिये, कोशिश करेंगे कि आपको सही रास्ते डाला जाये https://www.youtube.com/watch v=L9dsW7iAdgw

Posted by dr vipin kumar
Uttar Pradesh
20-03-2019 01:55 AM
Vipin kumar g pearl formation ki puri jankari ke liye app Vinod Kumar 9050555757 se samapark kar sakte hai

Posted by Trivedi
Maharashtra
20-03-2019 01:27 AM
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्र.... (Read More)
मोती फार्म आप घर पर छोटे लेवल पर पानी की टंकी से भी स्टार्ट कर सकते हो और तालाब में भी कर सकते हो हरयाणा के विनोद कुमार काफी लम्बे समय से मोती की खेती कर रहे है इनके अनुसार अभी देश में इस खेती की ट्रेनिंग देने वाला सिर्फ एक ही प्रशिक्षण संस्थान है और वो भी भुवनेश्वर में है उड़ीसा के सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेश वॉटर एक्वाकल्चर, भुवनेश्वर (ओडीसा) में मोती की खेती का प्रशिक्षण दिया जाता है मोती की खेती के लिए सबसे अनुकूल मौसम शरद ऋतु यानी अक्टूबर से दिसंबर तक का समय माना जाता है इसके लिए पानी के टैंक या तालाब की जरूरत पड़ती है कम से कम 10 गुणा 10 फीट की जगह होनी ही चाहिए बड़े तालाब में भी मोतियों की खेती की जा सकती है शुरू में खेती करने के लिए मोती की जरूरत पड़ती है, जो कि 5 रुपये से लेकर 15 रुपये में आसानी से मिल जाती है अक्सर मछुआरों के पास से ये खरीदी जाती है उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़ या फिर दक्षिण भारत में ये आसानी से मिल जाती है मछुआरों से लाए गए सीपों को 10 से 12 महीने तक पानी के टैंक में रखा जाता है जब सीप का कलर सिल्वर हो जाता है, तो समझा जाता है कि मोती तैयार हो गया है मोती कल्टीवेशन के लिए 0.4 हेक्टेयर जैसे छोटे तालाब में अधिकतम 25,000 सीप से मोती उत्पादन किया जा सकता है खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है या फिर इन्हे खरीदा भी जा सकता है इसके बाद हर सीप में छोटी-सी सर्जरी के बाद इसके भीतर चार से छह मिमी व्यास वाले साधारण या डिजाइनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, फूल या मनचाही आकृति डाल दी जाती है इसके बाद सीप को बंद किया जाता है इन सीपों को नायलॉन बैग में 10 दिनों तक एंटी-बायोटिक और प्राकृतिक चारे पर रखा जाता है इसे रोज देखने की जरूरत पड़ती है और देखा जाता है कि जो सीप मर गई होती हैं उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है मोतियों की कीमत एक साल के भीतर 300 से लेकर 1500 रुपये तक हो जाती है हालांकि दाम भी क्वॉलिटी पर निर्भर होता है देश में इसकी मार्केट सूरत, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कलकत्ता जैसे शहरों में है जहां आभूषणों का काम ज्यादा होता है वहां इसकी मांग भी ज्यादा होती है अगर एक बार माल जाने लगे तो खरीदार खुद संपर्क में रहते हैं इतना ही नहीं देश के अलावा विदेशों में भी मोती की खासी मांग है, लेकिन उसके लिए आपके पास पैदावार अधिक होनी चाहिए तभी एक्सपोर्ट का काम कर सकते हैं इसकी जयादा जानकारी के लिए आप विनोद जी से 90505 55757 पर संपर्क करे
Posted by girijesh singh
Uttar Pradesh
20-03-2019 01:22 AM
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो .... (Read More)
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है और यदि आप छोटे बच्चों को लेकर आते है तो सबसे पहले आप फार्म पर लाकर 1 किलो गुड को बच्चों के हिसाब से पानी मिलाकर पिलायें फिर आप धीरे धीरे उनको खुराक देनी शुरू करें और यदि आप deep litter में लेयर फार्मिंग करना चाहते है तो उसमें भी कर सकते है उसमें इनका थोड़ा ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है

Posted by armaan deep
Punjab
20-03-2019 12:46 AM
Narme vich beejayi de time khet tyar karn wele tuc Potash 20 kg and Zinc sulphate heptahydrate 10 kg per acre chitta de skde ho.Urea di dose narme vich 80-90 kg per acre pa skde ho.eh dose germination to baad pani lgoun wele and full nikln de time pao..
Posted by sanjeet singh thakur
Jammu & Kashmir
20-03-2019 12:45 AM
Motio ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Vinod Kumar 9050555757, Manish Vasudev 9417652857 se samparak kare.

Posted by bhupendra verma
Madhya Pradesh
20-03-2019 12:21 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे

Posted by mohd rashid
Uttar Pradesh
19-03-2019 11:46 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by PratikPatel
Gujarat
19-03-2019 11:35 PM
प्रतीक जी कृपया आप बताये के आप अभी कोनसी फसल खेत में उगते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Vishal R Rajmane
Maharashtra
19-03-2019 11:34 PM
Mr Vishal for All Information and Training please contact with Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381.

Posted by Rupesh Choudhary
Rajasthan
19-03-2019 11:27 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-03-2019 11:26 PM
ਫ਼ਸਲ ਰਕਸ਼ਕ ਇਕ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਉੱਲੀ ਰੋਗ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਕ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਲੀਟਰ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ\ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Vishal Gupta
Uttar Pradesh
19-03-2019 11:26 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757, Manish Vasudev 9417652857से संपर्क करें

Posted by Rupesh Choudhary
Rajasthan
19-03-2019 11:25 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग लेने के आप विनोद कुमार 9050555757, Manish Vasudev 9417652857से संपर्क करें
Posted by RAJIV KUMAR
Haryana
19-03-2019 11:16 PM
राजीव कुमार जी मशरुम का बीज घर पर त्यार करना मुश्किल होता है क्युकी बीज त्यार करने का एक पूरा process होता है इस लिए आप इसका बीज खरीद कर ही बीजे तो इसकी अच्छी बिजाई हो सकती है धन्यवाद
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