Posted by ਪ੍ਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
21-03-2019 08:03 AM
गेहूं में तेले की रोकथाम के लिए एक्टारा 80 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से 120 लीटर पानी के साथ घोल कर स्प्रे कर सकते है

Posted by S L SWAMI
Haryana
21-03-2019 08:00 AM
SL Swami जी कृपया इस vein के पत्तों के साथ फोटो भेजें ताकि हम आपको उचित समाधान प्रदान कर सकें, धन्यवाद

Posted by ਕਰਨਜੀਤ
Punjab
21-03-2019 07:57 AM
tuci uss nu Lactin bolus 1-1 swere sham deo, isde nal tuci Anabolite liquid 100ml rojana ate Milkout powder 2-2 chamach swere sham deo ji, iss nal farak paa jawega.

Posted by गिरीश विराट
Bihar
21-03-2019 07:52 AM
Girish g agar makki mein kisi insecr ka attack nahi or growth rukk gyi hai to aap makki mein Gibberellic acid @300ml per acre ja NPK 19.19.19 @1kg per acre ka spray kr skte ho jiss de makki ki growth start ho jayegi.
Posted by Amandeep singh Dhaliwal 97804 10102
Punjab
21-03-2019 07:47 AM
PMH 1:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ,ਬਸੰਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਫਸਲ ਹੈ ਜੋ 95 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
PMH-2:-ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਪੱਕਣ ਲਈ 83 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਸੇਂਜੂ ਅਤੇ ਘੱਟ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਖੇ.... (Read More)
PMH 1:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ,ਬਸੰਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਫਸਲ ਹੈ ਜੋ 95 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
PMH-2:-ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਪੱਕਣ ਲਈ 83 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਸੇਂਜੂ ਅਤੇ ਘੱਟ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮ ਸੋਕੇ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬਾਬੂ ਝੰਡੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਅਤੇ ਦਾਣੇ ਸੰਤਰੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 16.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
21-03-2019 07:41 AM
Dalvir singh ji Patiala area vich turri da rate 270 to 500 tak chal reha hai.
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
21-03-2019 07:37 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 2kg ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸ਼ਨੀ ਬਣਾਓ ਤੇ ਫਿਰ 2 ਲੀਟਰ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਓ , ਉਬਾਲਾ ਆਉਣ ਤੇ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਠਾ ਸੋਢਾ , 250 ਗ੍ਰਾਮ ਜੌ ਖਾਰ ਤੇ 150 ਗਰਾਮ ਨੁਸ਼ਾਦਾਰ ਰਗੜ ਕੇ ਪਾਓ ਤੇ ਇਸ ਦੇ 5 ਹਿੱਸੇ ਕਰਲੋ ਇੱਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ ਨਾਲ ਹੀ ਖਿਆਲ ਰੱਖੋ ਕਿ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਰੇਲ ਵਿੱਚ ਨਾ ਬੰਨੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਵਾਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ

Posted by Sharad Naik
Maharashtra
21-03-2019 07:34 AM
यदि आप अंडों के लिए रखना चाहते है तो RIR नस्ल रख सकते है इसके इलावा आप मीट के लिए Chabro नस्ल रख सकते है इनकी ग्रोथ जल्दी हो जाती है
Posted by Japinder
Punjab
21-03-2019 07:21 AM
ਜਪਿੰਦਰ ਜੀ ਅਗੇਤੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਕਿਸਮ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Pusa Snowball 1, Pusa Snowball K-1 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurtej Singh
Punjab
21-03-2019 07:19 AM
Gurtej singh ji pashu de pett de kirre marnn di kiria nu Deworming keha jnda hai , ehh her 3 mahine badd krwani jruri hai ji , iss nal pashu da vikas vdia hunda rehnda hai , tuci Gaban pashu nu Flbendazole salt ate dujia pashua nu Albendazole salt di goli deo , bakki iss goli nu tuci kuut ke powder bna ke sham de time pashu nu deo , iss trah pashu di deworming hundi hai .

Posted by mohanjit Singh
Chandigarh
21-03-2019 07:15 AM
ਫੈਟ ਘਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ , ਜਿਵੇਂ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲਣਾ , ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਹੋਣਾ , ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਿਚ ਦਿਕੱਤ ਹੋਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਘਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦਾ ਸੰਬੰਧ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਫੈਟ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੀ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਹ.... (Read More)
ਫੈਟ ਘਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ , ਜਿਵੇਂ ਸਹੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਮਿਲਣਾ , ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਾ ਹੋਣਾ , ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਵਿਚ ਦਿਕੱਤ ਹੋਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਘਟ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦਾ ਸੰਬੰਧ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਫੈਟ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੋਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸਦਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਹੀ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਹੋਵੇਗੀ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਸ ਨਸਲ ਦਾ ਹੈ , ਫੈਟ ਵਧਾਾਉਣ ਲਈ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਚਾਰੋ ਜੀ ਅਤੇ ਬੀਟੀ ਕਾਟਨ ਦੀ ਵਰਤੋ ਬਿਲਕੁੱਲ ਨਾ ਕਰੋ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਤੁਸੀ ਦਾਣੇ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਲਾਈਵਈਸਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ 10 ਮਿੰਟ ਪਹਿਲਾ ਘੋਲ ਕੇ ਪਾਓ ਇਹ ਲਾਈਵਈਸਟ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਜਿਆਦਾ ਟਾਈਮ ਨਹੀ ਪਿਆ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਕੱਦੂ ਜਾਂ ਲੋਕੀ ਖਵਾਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਹ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ Fatplus ਜਾਂ Fatmax 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵਿੱਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by mohanjit Singh
Chandigarh
21-03-2019 07:14 AM
Mohanjitt singh ji Sat Sri Akal ji kirpa apna swal pusho ji tan jo tuhanu jankari diti ja skee.
Posted by HARJOT SINGH
Punjab
21-03-2019 07:06 AM
harjot ji tuc nimbu di kisam jive Punjab Baramasi,Eureka,Punjab Galgal,PAU Baramasi di bijai kar sakde ho. eh boote tuc najdiki nursery to lai sakde ho.isde rate di jankari v tuhanu otho hi milegi. dhanwad
Posted by Deep Mondal
West Bengal
21-03-2019 06:25 AM
दीप जी आप फसलों के संबंध में , पशुओं के संबंध में , फलों ,सब्जियों आदि के बारे में जो भी जानकारी लेना चाहते है इस एप में अपना सवाल डाल सकते है फिर आपको 24 घंटे के अंदर उसका जबाव माहिरों द्धारा दिया जाएगा यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते है तब भी आप उसके बारे में जानकारी ले सकते है इसके इलावा यदि आपके सवाल का जवाब 2.... (Read More)
दीप जी आप फसलों के संबंध में , पशुओं के संबंध में , फलों ,सब्जियों आदि के बारे में जो भी जानकारी लेना चाहते है इस एप में अपना सवाल डाल सकते है फिर आपको 24 घंटे के अंदर उसका जबाव माहिरों द्धारा दिया जाएगा यदि आप कोई नया काम शुरू करना चाहते है तब भी आप उसके बारे में जानकारी ले सकते है इसके इलावा यदि आपके सवाल का जवाब 24 घंटों के अंदर नहीं मिलता है तो आप हमारे हैल्पलाइन नंबर 97799—77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
21-03-2019 05:18 AM
kulveer ji tuc makki di bijai kar sakde ho. is to ilava tuc bhindi, kheere di bijai kar sakde ho. dhanwad

Posted by mohit sood
Madhya Pradesh
21-03-2019 02:41 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by श्रीकृष्ण तिवारी
Uttar Pradesh
21-03-2019 02:11 AM
यदि आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी य.... (Read More)
यदि आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा मक्खी पालन के लिए 2 तरह की सरकारी सहायता मिलती है एक बागबानी विभाग से 50 बक्सों पर 2 लाख तक की सहायता होती है जिसमें 80000 की सब्सिडी मिलती है NHM या RKY के तहत जिसके लिए आपको PAU या KVK केंद्र से आपको पहले ट्रेनिंग लेनी जरूरी है दूसरा खादी बोर्ड या खादी कमीशन से कोर्स पास करवाने पर जनरल कैटागरी को 25 प्रतिशत और औरतों और पिछड़ी जातियों के लिए 35 प्रतिशत सब्सिडी है बाकी केस पर निर्भर करता है यदि 10 लाख का है तो ढाई लाख सब्सिडी होती है

Posted by सुधीर जायसवाल
Uttar Pradesh
21-03-2019 01:55 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Shakti Dineshwar Pandey
Uttar Pradesh
21-03-2019 12:50 AM
यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हि.... (Read More)
यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं बीटल बकरियां लेने के लिए आप 7891847890 पर lucky goat farmer किसान को कॉल कर सकते हैं
Posted by Shakti Dineshwar Pandey
Uttar Pradesh
21-03-2019 12:46 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by arpit tayal
Madhya Pradesh
21-03-2019 12:15 AM
अर्पित जी कृपया हमें विस्तार से बताएं कि आप किस पौधे और फल को आर्गेनिक रूप से उगाना चाहते हैं ताकि हम आपको उचित जानकारी प्रदान कर सकें

Posted by k B FOZDAR
Gujarat
20-03-2019 11:38 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by k B FOZDAR
Gujarat
20-03-2019 11:34 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Dinesh Kumar Patra
Odisha
20-03-2019 11:27 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by azim khan
Uttar Pradesh
20-03-2019 11:24 PM
अज़ीम जी यह असर कर जाएगी\ स्प्रे करने के बाद 48 घंटे तक बारिश ना हो तो इसका असर खेत को मिल जाता है

Posted by Nirvay kumar
Jharkhand
20-03-2019 11:23 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Nayan Saha
Gujarat
20-03-2019 11:20 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Sarita
Haryana
20-03-2019 11:18 PM
सरिता जी आप साइट्रस एफिड और इसके नुकसान की प्रकृति के बारे में सभी जानकारी प्राप्त करने के लिए इस फाइल को देख सकते हैं
Posted by Nayan Saha
Gujarat
20-03-2019 11:16 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by sarbjot singh
Punjab
20-03-2019 11:15 PM
Sarbjot ji Insulin plant bare puri jankari ate is de plant len lai tusi surinder Nagra 9814305864 nal samparak kar sakde ho.
Posted by Mangat
Punjab
20-03-2019 11:13 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੀ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਅਤੇ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਕਿਉਕਿ ਕਈ ਵਾਰ ਪਸ਼ੂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਕਰਕੇ ਵੀ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਦਾ ਹੈ , ਜਾਂ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂ ਗੱਭਣ ਡੋਕਾ ਵੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਜੇਕਰ ਉਹ ਗੱਭਣ ਹੋਈ ਤਾਂ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਪੂਰੀ ਤ੍ਰਾਹ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ Concimax ਗੋਲੀਆਂ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੀ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਅਤੇ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਖਤਮ ਹੋਵੇਗਾ ਕਿਉਕਿ ਕਈ ਵਾਰ ਪਸ਼ੂ ਇਨਫੈਕਸ਼ਨ ਕਰਕੇ ਵੀ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਦਾ ਹੈ , ਜਾਂ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂ ਗੱਭਣ ਡੋਕਾ ਵੀ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਜੇਕਰ ਉਹ ਗੱਭਣ ਹੋਈ ਤਾਂ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਪੂਰੀ ਤ੍ਰਾਹ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by MadhuSudan Singh
Odisha
20-03-2019 11:08 PM
MadhuSudan Singh जी Teak पौधा लेने और इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विवेक 97922 10555 से सम्पर्क कर सकते है

Posted by Sapna Selection Ledis Ver
Gujarat
20-03-2019 10:42 PM
मोरिंगा की खेती के लिए मिटटी की pH 6.5-8 होती है इसके लिए प्रति एकड़ 210 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से बीज की जरुरत होती है इसकी किस्मे जैसे PKM1, PKM2 की बिजाई की जाती है पौधों को 1.2x1.2 m के फैसले पर बीजा जाता है धन्यवाद
Posted by ATMA singh
Punjab
20-03-2019 10:29 PM
ਮੱਝਾਂ ਨੂੰ ਗਾਜ਼ਰਾਂ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ 5 ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਗਾਜ਼ਰਾਂ ਹਰ ਰੋਜ਼ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Nitesh Sahu
Madhya Pradesh
20-03-2019 10:23 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Deepak kumar
Haryana
20-03-2019 10:22 PM
दीपक कुमार जी आपको भी अपनी खेती टीम की तरफ से बहुत सारी शुभ कामनाएँ जी.
Posted by ATMA singh
Punjab
20-03-2019 10:16 PM
ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਹਾਜੀ ਬਿਲਕੁੱਲ ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ 50ml ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ
Posted by जय प्रकाश विश्वकर्मा
Uttar Pradesh
20-03-2019 10:15 PM
जय प्रकाश जी मशरूम के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Mr. jai 8882876224 से सम्पर्क करे
Posted by O.Guruprasad patra
Odisha
20-03-2019 10:04 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Gautam
Maharashtra
20-03-2019 10:03 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Lovepreet Bawa
Punjab
20-03-2019 09:56 PM
uss nu tuci Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro , isde nal Anabolite liquid 100ml rojana dena suru kro , iss nal dudh v vdia howega atee usdi kamjori v door howegi .

Posted by Rehan Siddique
Jharkhand
20-03-2019 09:48 PM
रेहान जी ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें

Posted by Anuj kumar pandey
Bihar
20-03-2019 09:47 PM
अनुज कुमार जी फार्मट्रेक 3600, फोर्ड 3600 लगभग एक जैसे ही है
Posted by Pankaj
Haryana
20-03-2019 09:44 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by sahil
Haryana
20-03-2019 09:37 PM
अमरूद की खेती यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है
गहरी, अच्छे निकास वाली रेतली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है प्रस.... (Read More)
अमरूद की खेती यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है
गहरी, अच्छे निकास वाली रेतली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है प्रसिद्ध किस्में:- Allahbad Safeda: यह छोटे कद की किस्म है इसका आकार गोल और शाखाएं फैली हुई होती हैं फल नर्म, गोल और गुद्दा सफेद रंग का होता है और अच्छे स्वाद वाला होता है Banarasi Surkha: इस किस्म के पत्ते हरे चमकदार होते हैं , वृक्ष लंबा होता है जो फलों की अच्छी उपज देता है फल मध्यम आकार केऔर क्रीमी रंग के होते हैं गुद्दा गुलाबी रंग का होता है और इसमें बहुत सारे बीज होते हैं यह जल्दी पकने वाली किस्म है Lucknow 49 (Sardar Amrood): यह किस्म Allahabad Safeda से तैयार की गई है इसके फल बड़े आकार के होते हैं छिल्का खुरदरा और सफेद गुद्दा होता है इस किस्म का पौधा छोटे आकार का होता है पर Allahabad Safeda किस्म से बड़ा होता है इसका गुद्दा क्रीमी सफेद रंग का और नर्म होता है फल रसदार और उत्तम स्वाद वाला होता है इसके पौधे बीज लगाके या कलम विधि के द्वारा तैयार किए जाते हैं सरदार किस्म के बूटों पर बीज मुरझाने की बीमारी का असर नहीं होता और इन्हें जड़ों के द्वारा पनीरी तैयार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है इसके पूरी तरह पके हुए फलों में से बीज तैयार करके उन्हें बैड या नर्म क्यारियों में अगस्त से मार्च के महीने में बीजना चाहिए क्यारियों की लंबाई 2 मीटर और चौड़ाई 1 मीटर तक होनी चाहिए बिजाई से 6 महीने के बाद पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है नईं अंकुरित पनीरी की चौड़ाई 1 से 1.2 सैं.मी. और ऊंचाई 15 सैं.मी. तक हो जाने पर यह अंकुरन विधि के लिए प्रयोग करने के लिए तैयार हो जाती है मई से जून तक का समय कलम विधि के लिए अनुकूल होता है नए पौधे और ताजी कटी टहनियों या कलमें अंकुरन विधि के लिए प्रयोग की जा सकती हैं फरवरी मार्च या अगस्त सितंबर का महीना अमरूद के पौधे लगाने के लिए सही माना जाता है पौधे लगाने के लिए 6x5 मीटर का फासला रखें यदि पौधे वर्गाकार ढंग से लगाएं हैं तो पौधों का फासला 7 मीटर रखें 81 पौधे प्रति एकड़ लगाए जाते हैं जड़ों को 25 सैं.मी. की गहराई पर बीजना चाहिए बिजाई का ढंग :-सीधी बिजाई करके,खेत में रोपण करके,कलमें लगाकर,पनीरी लगाकर पौधों की मजबूती और सही वृद्धि के लिए कटाई और छंटाई की जरूरत होती है जितना मजबूत बूटे का तना होगा, उतनी ही पैदावार अधिक अच्छी गुणवत्ता भरपूर होगी बूटे की उपजाई क्षमता बनाए रखने के लिए फलों की पहली तुड़ाई के बाद बूटे की हल्की छंटाई करनी जरूरी है जब कि सूख चुकी और बीमारी आदि से प्रभावित टहनियों की कटाई लगातार करनी चाहिए बूटे की कटाई हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करनी चाहिए अमरूद के बूटे को फूल, टहनियां और तने की स्थिति के अनुसार पड़ते हैं इसलिए साल में एक बार पौधे की हल्की छंटाई करने के समय टहनियों के ऊपर वाले हिस्से को 10 सैं.मी. तक काट देना चाहिए इस तरह कटाई के बाद नईं टहनियां अकुंरन में सहायता मिलती है एक वर्ष की फसल के लिए यूरिया 200 ग्राम, एस एस पी 200 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम के साथ 10 किलो गाय का गोबर प्रति वृक्ष में डालें 2 वर्ष की फसल के लिए 20 किलो गाय का गोबर, यूरिया 400 ग्राम, एस एस पी 400 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 200 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 3 वर्ष की फसल के लिए यूरिया 600 ग्राम, एस एस पी 600 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4 वर्ष की फसल के लिए यूरिया 800 ग्राम, एस एस पी 800 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 400 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 5 वर्ष की फसल के लिए गाय का गोबर 50 किलो, यूरिया 1000 ग्राम, एस एस पी 1000 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 500 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें पहली सिंचाई पौधे लगाने के तुरंत बाद और दूसरी सिंचाई तीसरे दिन करें इसके बाद मौसम और मिट्टी की किस्म के हिसाब से सिंचाई की जरूरत पड़ती है अच्छे और तंदरूस्त बागों में सिंचाई की ज्यादा जरूरत नहीं होती नए लगाए पौधों को गर्मियों में सप्ताह बाद और सर्दियों के महीने में 2 से 3 बार सिंचाई की जरूरत होती है पौधे को फूल लगने के समय ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती क्योंकि ज्यादा सिंचाई से फूल गिरने का खतरा बढ़ जाता है अमरूद के बाग में पहले 3 से 4 वर्ष के दौरान मूली, भिंडी, बैंगन और गाजर की फसल उगाई जा सकती है इसके इलावा फलीदार फसलें जैसे चने, फलियां आदि भी उगाई जा सकती हैं अंगूर:-इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है, लेकिन अंगूर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी जिसकी पी एच 6.5-8.5 हो, और जल जमाव वाली मिट्टी उपयुक्त होती है प्रसिद्ध किस्में:-Perlette: यह किस्म 1967 में जारी की गई है यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी शाखाएं बड़ी से मध्यम आकार की और अंगूरों का आकार मध्यम होता है फल हल्के सुगंधित, छिल्का मोटा और सख्त होता है इसमें टी एस एस की मात्रा 16-18 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 25 किलो प्रति बेल होती है Beauty Seedless: यह किस्म 1968 में जारी की गई है यह दक्षिण पश्चिमी जिलों में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है यह मध्यम आकार की शाखाओं का निर्माण करती है जो कि अच्छी तरह भरी होती हैं इसके फल बीज रहित होते हैं, जो कि मध्यम आकार के और नीले काले रंग के होते हैं फल में टी एस एस की मात्रा 16-18 प्रतिशत होती है फल जून के पहले सप्ताह में पक जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 25 किलो प्रति बेल होती है Flame Seedless: यह किस्म 2000 में जारी की गई है इसकी शाखाएं मध्यम, बीज रहित फल जो कि सख्त और कुरकुरे होते हैं और पकने पर फल हल्के जामुनी रंग के हो जाते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा 16-18 प्रतिशत होती है यह किस्म जून के दूसरे सप्ताह में पक जाती है Superior Seedless: इस किस्म की बेल मध्यम फैलने वाली होती है इसके गुच्छे मध्यम से बड़े आकार के होते हैं बीज आकार में बड़े और सुनहरे रंग के होते है फलों में शूगर की मात्रा 10.0 प्रतिशत और खट्टेपन की मात्रा 0.51 प्रतिशत होती है इसके फल जून के पहले सप्ताह में पक जाते हैं इसकी औसतन उपज 21.8 किलो प्रति वृक्ष होती है अंगूर की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ट्रैक्टर से 3-4 गहरी जोताई करें और हैरो से 3 जोताई करें तैयार की गई जड की कटिंग की रोपाई दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है निफिन विधि द्वारा 3x3 मीटर फासले का प्रयोग करें और आरबोर विधि से 5x3 मीटर फासले का प्रयोग करें Anab-e-Shahi किस्म के लिए 6x3 मीटर फासले का प्रयोग करें
नई रोपित की गई बेलों में, यूरिया 60 ग्राम, और म्यूरेट ऑफ पोटाश 125 ग्राम अप्रैल मई के महीने में डालें और जून के महीने में यही मात्रा दोबारा डालें पुरानी बेलों के लिए, टेबल में दी गई मात्रा के अनुसार खादें डालें रूड़ी की खाद और एस एस पी की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन और पोटाशियम की आधी मात्रा छंटाई करने के बाद डालें और नाइट्रोजन और पोटाशियम की आधी मात्रा फल बनने के बाद अप्रैल महीने में डालें यूरिया की दो बार स्प्रे करें पहली स्प्रे फूल पूरी तरह खिलने के समय और दूसरी बनने के समय करें

Posted by Pardeep Singh
Punjab
20-03-2019 09:36 PM
Pardeep ji underground pipeline bare pure visthar vich jankari lai tusi Mr Mishra 9465884780 9810363807 nal samparak kar sakde ho.

Posted by kulvir singh
Punjab
20-03-2019 09:24 PM
इसमें गलने वाले रोग को रोकने के लिए लस्सी की स्प्रे करें लस्सी एक फफूंदनाशी है यदि किसी भी तरह के फफूंद वाली बिमारी है तो लस्सी की स्प्रे कर सकते है इसके लिए 3 लीटर खट्टी लस्सी उसमें थोड़ी फटकड़ी मिलाकर 100 लीटर पानी के साथ घोल कर स्प्रे कर सकते है
Posted by Manpreet Sekhon
Punjab
20-03-2019 09:14 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-OZ ਦਵਾਈ ਨੂੰ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ Concimax bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ , ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਵੀ 15 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ .
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