Experts Q&A Search

Posted by Shashi Verma
Chattisgarh
22-03-2019 07:48 AM
Punjab
03-23-2019 03:50 PM
Shashi Verma g Moti utpadan ke bare mein puri jankari ke lia aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se samparak kare.
Posted by Varinder Singh Bhinder
Punjab
22-03-2019 07:32 AM
Punjab
03-29-2019 06:57 PM
Bute hameshan 3 feet da toa kadd k uss vich 1:1:1 ratio vich upjaoo mitti:rateli mitti: desi ruri paa k phir buta lagao. Hun 2g Bavistin davaii per litre pani vich ghol k jarhah vich pao.
Posted by sumit saini
Uttar Pradesh
22-03-2019 07:30 AM
Punjab
03-22-2019 09:55 PM
सुमित जी आप chlorpyriphos 4ml को प्रति लीटर पानी में मिला कर प्रति किल्लो बीज के हिसाब से उपचार करें, धन्यवाद
Posted by bawa
Punjab
22-03-2019 07:26 AM
Punjab
03-22-2019 03:04 PM
tuci uss nu Halotas bolus 1-1 swere sham deni suru kro, iss nal farak paa jawega.
Posted by vikrant pathania
Punjab
22-03-2019 07:25 AM
Punjab
03-22-2019 03:49 PM
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਹੁਣ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਦਾਣਾ ਭਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਲਗ ਗਿਆ ਹੈ ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਇਸ ਵਿੱਚ ਝਾੜ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇਅ ਨਾ ਕਰੋ ਜੀ ਕਿਉਂਕਿ ਹੁਣ ਇਸ ਦਾ ਫਾਇਦਾ ਨਹੀਂ ਮਿਲੇਗਾ
Posted by Deepak
Rajasthan
22-03-2019 07:07 AM
Punjab
03-22-2019 09:52 PM
deepak ji aap copper oxychloride@3gm ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by Sarvesh Kumar
Uttar Pradesh
22-03-2019 07:05 AM
Punjab
03-23-2019 03:51 PM
सर्वेश कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by karan mandal
Delhi
22-03-2019 06:49 AM
Punjab
03-23-2019 03:53 PM
करन मंडल जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Gurdev Gill
Punjab
22-03-2019 06:47 AM
Punjab
03-22-2019 03:27 PM
ਤੁਸੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Hiefer Dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Calf plan ਪਾਊਡਰ 50-50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ.
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
22-03-2019 06:33 AM
Punjab
03-22-2019 03:29 PM
ਬਿਕਰਮ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਪੂਰੀ ਫੋਟੋ ਦਿਓ ਜੀ ਜਿਸ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਮੂੰਹ, ਪੇਟ, ਪੂਛ ਦਿਖਾਈ ਦੇਵੇ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by Gurmeet Sidhu
Punjab
22-03-2019 06:26 AM
Punjab
03-22-2019 03:39 PM
RIR hen total 300 andde dindi hai isda bacha 30-35 rupess milda hai, isda kalgi vaddi hundi hai ate ehh duuph vich chamak krdi hai, isda bhar jyada nahi hunda hai, ehh andia lai vdia nasal hai isda meet lai jyada varto nhi hundi, bajar vichh issde duplicate v bhutt aaunde hai per isdi sahi trike nal pehchan krke he khrido ..
Posted by Gurmeet Sidhu
Punjab
22-03-2019 06:25 AM
Punjab
05-16-2019 05:04 PM
ਇਹ ਨਸਲ ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਗਰੀਬ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਨਸਲ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਆਂਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਇਹ ਨਸਲ ਗ੍ਰਾਮੀਣ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਲਈ ਵਧੀਆ ਚੋਣ ਹੈ ਰ੍ਹੋਡ ਆਈਲੈਂਡ ਦੇ ਮੀਟ ਦਾ ਰੰਗ ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਤੋਂ ਭੂਰੇ-ਲਾਲ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨਸਲ ਦੇ ਮੁਰਗੇ ਦਾ ਭਾਰ 3.85 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਭਾਰ 2.95 ਕਿਲੋ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਨਸਲ 250-255 .... (Read More)
ਇਹ ਨਸਲ ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਗਰੀਬ ਕਿਸਾਨਾਂ ਲਈ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਕੰਮ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਨਸਲ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਆਂਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਇਹ ਨਸਲ ਗ੍ਰਾਮੀਣ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਲਈ ਵਧੀਆ ਚੋਣ ਹੈ ਰ੍ਹੋਡ ਆਈਲੈਂਡ ਦੇ ਮੀਟ ਦਾ ਰੰਗ ਗੂੜੇ ਲਾਲ ਤੋਂ ਭੂਰੇ-ਲਾਲ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨਸਲ ਦੇ ਮੁਰਗੇ ਦਾ ਭਾਰ 3.85 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਭਾਰ 2.95 ਕਿਲੋ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਨਸਲ 250-255 ਆਂਡੇ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇੱਕ ਆਂਡੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਭਾਰ 53-55 ਗ੍ਰਾਮ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਕੀਮਤ ਤੇ ਵਿਕਣ ਅਤੇ ਰੰਗ-ਬਿਰੰਗੀ ਨਸਲ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਇਹ ਛੋਟੇ ਅਤੇ ਗ੍ਰਾਮੀਣ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਹੈ ਆਂਡੇ ਉਤਪਾਦਨ ਦੇ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਇਸ ਨਸਲ ਨੂੰ ਮੀਟ ਉਤਪਾਦਨ ਲਈ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤਾਂ ਇਹ white leghorn ਨਸਲ ਨਾਲੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੀਟ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਆਮਦਨ ਦਾ ਵਧੀਆ ਸਾਧਨ ਹੈ
Posted by upendra.singh
Uttar Pradesh
22-03-2019 06:17 AM
Punjab
03-22-2019 06:23 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by rksingh
Uttar Pradesh
22-03-2019 03:57 AM
Punjab
03-22-2019 06:23 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by rksingh
Uttar Pradesh
22-03-2019 03:52 AM
Punjab
03-22-2019 06:23 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Aashutosh Awasthi
Madhya Pradesh
22-03-2019 03:34 AM
Punjab
03-22-2019 06:23 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by waseem Quadri
Karnataka
22-03-2019 02:39 AM
Punjab
03-22-2019 03:50 PM
यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हि.... (Read More)
यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं.
Posted by SANTU
West Bengal
22-03-2019 02:35 AM
Punjab
03-22-2019 06:23 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Nilkanth Namdeorao Keshave
Maharashtra
22-03-2019 02:24 AM
Punjab
03-22-2019 03:43 PM
आप फीड किसी भी कंपनी की प्रयोग कर सकते है जैसे उत्तम फीड, गोदरेज फीड, अनमोल फीड कोई भी दे सकते है.
Posted by Bhanu
Uttar Pradesh
22-03-2019 02:14 AM
Punjab
03-22-2019 03:27 PM
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह UP में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
Posted by devanand khade
Maharashtra
22-03-2019 12:12 AM
Punjab
03-22-2019 09:51 PM
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम.... (Read More)
तरबूज़ गहरी उपजाऊ और अच्छे निकास वाली मिट्टी में अच्छा उगता है यह रेतली या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर ज्यादा पैदावार देता है पानी के घटिया निकास वाली मिट्टी इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं है इस फसल के लिए फसली चक्र अपनायें, क्योंकि एक ही खेत में बार-बार एक ही फसल उगाने से पोषक तत्व नष्ट होते हैं, पैदावार कम होती है और बीमारियों का हमला ज्यादा होता है मिट्टी की पी एच 6-7 के बीच होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :-Arka Jyoti,Arka Manik,Durgapur Kesar,Durgapur Lal मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें तरबूज़ की बिजाई सीधी भी की जा सकती है और पनीरी लगाकर भी की जा सकती है तरबूज की खेती के लिए मध्य फरवरी से मध्य मार्च का समय अनुकूल होता है इसका फासला बिजाई के अलग-अलग तरीकों पर निर्भर करता है गड्ढा विधि द्वारा कतार से कतार की दूरी 2-3.5 मी. और पौधे से पौधे में 0.6-1.2 मी. की दूरी होनी चाहिए पौधे के बीज की गहराई 2-4 सैं.मी होनी चाहिए इसकी बिजाई के अलग अलग तरीके हैं जैसे क्यारियों पर लगाना, गड्ढा खोद के लगाना, मेड़ में मौसम और ऋतु के अनुसार लगाना बीज को क्यारी के एक ओर लगाएं एक समय पर 3-4 बीज बोयें और जमाव के बाद एक सेहतमंद बूटा रखें पौधों का आपस में फासला 60-90 सैं.मी. रखें एक टोए में 4 बीज बोयें गड्ढा 60x60x60 सैं.मी. का रखें दो कतारों में फासला 2-3.5 मीटर और पौधों में फासला 0.6-1.2 मीटर रखें गड्ढों को अच्छी तरह रूड़ी और मिट्टी से भरें जमाव के बाद एक बूटा एक गड्ढे में रखें यह तरीका गड्ढे खोदने वाले तरीके जैसा ही है इस में 30x30x30 सै.मी. के गड्ढे 1-1.5 मीटर के फासले पर लगाएं दो बीज एक मेड़ पर लगाएं एक एकड़ की बिजाई के लिए 1.5 से 2 किलो बीज की जरूरत होती है बिजाई के 20-25 दिन पहले 6 टन रूड़ी की खाद खेत में डालें खेत में 20 किलो नाइट्रोजन (45 किलो यूरिया),10 किलो फासफोरस (65 किलो सिंगल सुपरफासफेट) और 10 किलो पोटाश (18 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) प्रति एकड़ में डालें पूरी फासफोरस, पोटाश और एक तिहाई नाइट्रोजन बीज बोने के समय खेत में डालें बिजाई के 30-45 दिनों के बाद बाकी की नाइट्रोजन की दूसरी किश्त बेलों के आस पास डालें और मिट्टी में पूरी तरह मिला दें फसल के 10-15 दिन बीजने के बाद एन पी के (19:19:19) + लघु तत्व 2-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिला के स्प्रे करें फूलों को गिरने से बचाने के लिए और ज्यादा पैदावार लेने के लिए 10 प्रतिशत 3 मि.ली. हयूमिक एसिड + 5 ग्राम एम ए पी प्रति लीटर का फूल आने पर प्रयोग करें सैलीसाइलिक एसिड (एसपरिन 350 एम जी 4-5 गोलियां) प्रति 15 लीटर फूल आने पर , पकने पर 35 दिनों बाद स्प्रे करें फसल बीजने के 55 दिनों के बाद 100 ग्राम 13:00:45+25 मि.ली. हैकसाकोनाज़ोल प्रति 15 लीटर को फलों के अच्छे विकास और सफेद रोग से बचाने के लिए स्प्रे करें फल के अच्छे आकार के लिए मिठास और रंग के लिए बीजने के 65 दिनों बाद 1.5 किलो 0:0:50 प्रति एकड़ को 100 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी में घोल के स्प्रे करें शुरूआत में बैडों को नदीनों से मुक्त रखें नदीनों की समय पर रोकथाम ना करने पर 30 प्रतिशत पैदावार कम हो जाती है बीजने से 15-20 दिनों के बाद गोडाई करनी चाहिए नदीनों की रोकथाम के लिए 2 या 3 गोडाई की जरूरत पड़ती है बीजों के जल्दी अंकुरण के लिए बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें बाकी की सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें फसल पकने पर जरूरत के अनुसार पानी लगाएं फसल में पानी ना खडा होने दें पानी लगाते समय मेंड़ों को गीला ना होने दें, विशेष कर फूलों और फलों को पानी ना लगने दें भारी ज़मीनों को लगातार पानी ना लगाएं ज्यादा मिठास और अच्छे स्वाद के लिए फसल काटने पर 3-6 दिन पहले पानी लगाएं जब तने के साथ वाले रेशे सूख जाएं और ज़मीन में लगा फल पीला हो जाए और फल सफेद होने लग जाए तब फल तोड़ लें फल को थप-थपाने से भद्दी सी आवाज़ देना इसके पकने की निशानी है फल को पूरा पकने के बाद ही तोड़ना चाहिए आधे पके फलों में मिठास और रंग कम होता है पके फलों को चाकू से काट लें फलों को ठंडे और नमी वाले वातावरण में रखें फल को आकार के अनुसार छांट लें और 14 दिनों के लिए 15 डिगरी सै. तापमान पर रखें तरबूज़ को सेब और केलों के साथ ना रखें इससे इसकी सुगंध मर जाती है और फल गलना शुरू हो जाता है
Posted by baljinder singh
Punjab
22-03-2019 12:06 AM
Punjab
03-22-2019 06:06 AM
Baljinder singh g jekar kanak 13 april ton pehla nahi awegi tan kanak nu hun ikk pani jrur dewo...iss nal dana mota hunda hai...last pani di kami nal kanak maadi reh jandi hai...
Posted by Lalit Kumar Rana
Uttar Pradesh
21-03-2019 11:58 PM
Punjab
03-22-2019 01:38 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by रईस अहमद सय्यद
Uttar Pradesh
21-03-2019 11:53 PM
Punjab
03-22-2019 01:42 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 पर कॉल कर सकते है
Posted by रईस अहमद सय्यद
Uttar Pradesh
21-03-2019 11:50 PM
Punjab
03-22-2019 01:43 PM
सीप की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by ਪਿ੍ੰਸ ਵੜੈਚ
Punjab
21-03-2019 11:35 PM
Punjab
03-22-2019 06:34 AM
ਤੁਸੀ j 1006 ਅਤੇ African tall ਮੱਕੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਓ ਇਹ ਕਿਸਮਾਂ 80-90 ਦਿਨ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 165-170 ਕੂਇੰਟਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਰਾਸ਼ੀ ਦੀ 3591 ਜਾ 4558 ਮੱਕੀ ਵੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਹ ਕਿਸਮ 70 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ l
Posted by Rakesh kumar das
Andaman & Nicobar Islands
21-03-2019 11:33 PM
Punjab
03-22-2019 01:28 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by Rakesh kumar das
Andaman & Nicobar Islands
21-03-2019 11:30 PM
Punjab
03-22-2019 03:15 PM
All Information and Training please contact with ICAR-Central Institute of Freshwater Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) Kausalyaganga, Bhubaneswar, Odisha, India Tel: +91-674-2465421, 2465446.
Posted by Rishab
Delhi
21-03-2019 11:20 PM
Punjab
03-22-2019 03:19 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by Shivam Mittal
Punjab
21-03-2019 11:18 PM
Punjab
03-22-2019 03:07 PM
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना .... (Read More)
हमारे साथ अपना सवाल शेयर करने के लिए धन्यवाद हम आपकी इसमें मदद करेंगे मोती उत्पादन भारत के सबसे अच्छे जलीय कृषि व्यवसायों में से एक है व्यापारिक मोती उत्पादन परियोजना में, पहले वर्ष में निवेश अधिक होगा क्योंकि आपको इसमें स्थाई एसेट सेट अप की आवश्यकता होती हे आप 3/4 से 1 एकड़ की जगह ले सकते हैं, मोती परियोजना की लागत लगभग 4 लाख रुपये होगी जब व्यापारिक मोती कृषि परियोजना में लाभ की बात आती है, तो आप आदर्श एक्वाकल्चर प्रबंधन प्रथाओं के तहत 50 से 60% की उम्मीद कर सकते हैं हालाँकि, यदि आप परियोजना में कड़ी मेहनत करते हैं तो भी 100% लाभ संभव है मुख्य रूप से तीन प्रकार के मोती होते हैं • प्राकृतिक मोती: इस प्रकार में, मोती का आकार विदेशी शरीर के मूल आकार पर निर्भर करता है • बनावटी मोती: ये बनावटी रूप से बनाए जाते हैं और एक सिंथेटिक सामग्री के साथ लेपित होते हैं • संवर्धित मोती (मीठे पानी): ये ताजे पानी जैसे तालाबों, नदियों आदि में सुसंस्कृत मोती हैं आप इस प्रकार से वांछित आकार प्राप्त कर सकते हैं • आपके पास तालाब में कस्तूरी का अच्छा स्रोत होना चाहिए • आपके पास मोती संस्कृति में तकनीक के ग्राफ्टिंग के कुछ कौशल होने चाहिए क्योंकि यह व्यापारिक मोती कृषि परियोजना के लिए आवश्यक है आप ताजे पानी मोती उत्पादन के इन सुझावों को जानने के लिए पास के मोती उत्पादन करने वालों के फार्म देख सकते हैं सबसे पहले आपको 3 दिनों के व्यावहारिक ट्रेनिंग में भाग लेना होगा अपने स्थान के अनुसार आप विनोद कुमार से ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं वह सफल मोती उत्पादन करने वाले किसान हैं वह नए किसानों को ट्रेनिंग भी दे रहे हैं उनका संपर्क नंबर 9050555757 है धन्यवाद
Posted by nitin shendge
Maharashtra
21-03-2019 10:56 PM
Punjab
03-22-2019 02:16 PM
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक स.... (Read More)
हमारे देश में नदियों, झरने और तालाब में मौजूद हैं इनमें मछली पालन अलावा हमारे बेरोजगार युवा एवं किसान अब मोती पालन कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है सीपों की सर्जरी पूरे साल की जा सकती है (अप्रैल जून माह को छोड़कर) खेती शुरू करने के लिए किसान को पहले तालाब, नदी आदि से सीपों को इकट्ठा करना होता है इसके बाद प्रत्येक सीप में छोटी-सी शल्य क्रिया के उपरान्त इसके भीतर गोल, आधा गोल या डिजायनदार बीड जैसे गणेश, बुद्ध, पुष्प आकृति आदि डाले जाते है फिर सीप को बंद किया जाता है अन्दर से निकलने वाला पदार्थ नाभिक के चारों ओर जमने लगता है जो अन्त में मोती का रूप लेता है लगभग 8-9 माह बाद सीप से मोती निकाल लिया जाता है लागत (दस हजार (10000) सीपों के पालन के लिए :- (क) एक बार निवेश : - 1. तालाब (50 x 50 फीट) - 10000 रुपये, * 2. जाल - 5000 रुपये, 3. टैंक - 2 (सर्जरी के बाद का ट्रीटमेंट) - 4000 रुपये, 4. लैब इक्यूपमेंट, टूल - 3000 टोटल - 22000 रुपये * टैंक, एक्वेरियम, बाल्टी में भी फार्मिंग की जाती है (क) आवर्ती (क्रमशः) निवेश :- 1. सीप - 4 रुपये, 2.न्युक्लिअस (इम्पोर्टेड)** - 5 रुपये 3. दवाइयां - 100 रुपये ** न्युक्लिअस 100% इल्शियम कार्बोनेट से तैयार, सीमेंट और araldite से नहीं (ग) मुनाफा :- 1. सफलता की दर - 50 % (देख-रेख पर निर्भर), 2. तैयार मोती - 10000 (दस हजार) - 1 सीप से दो मोती 3. प्रति मोती ​औसत दर - 250 - 300 रुपये 4. 10000 (मोती) x 250 (रुपये) = 2,50,000 (दो लाख पचास हजार रुपये) सीप के अन्दर बनाने वाले मोती का रंग सीप की प्रजाति और वातावरण पर निर्भर करता है, काली मोती बनाने के सर्जरी के तरीके में कोई अंतर नहीं होता -मोती की खेती उसी प्रकार से की जाती है जैसे मोती प्राकृतिक रूप से तैयार होता है -मोती की खेती करने के लिए इसे छोटे स्‍तर पर भी शुरू किया जा सकता है इसके लिए आपको तालाब बनाना जरूरी नहीं है - छोटे - छोटे टैंक बनाकर, बाल्टी और एक्वेरियम बनाकर भी मोती की खेती शुरू की जा सकती है -9 महीने बाद एक सीप से 2 डिजायनर मोती तैयार होता है, जिसकी बाजार में कीमत 300 रुपए से 1500 रुपए तक मिल जाती है – बेहतर क्‍वालिटी और डिजाइनर मोती की कीमत इससे कहीं अधिक 10 हजार रुपए तक अंतर्राष्‍ट्रीय बाजार में मिल जाती है – 20 महीने बाद गोल मोती तैयार होती है, जिसकी कीमत 500 से 50000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है – हैदराबाद, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई आदि बड़े शहरों में मोती के हजारों व्‍यापारी मोतियों का कारोबार करते हैं, जिन्हें मोती बेचा जाता है – इनके अलावा आप अपने मोतियों को डायरेक्‍ट भी इंटरनेट व अन्‍य माध्‍यम से बेच सकते हैं – हमारी कंपनी के माध्‍यम से भी आप अपने मोती बेच सकते हैं छात्र - छात्राएं, किसान और नौकरीपेशा लोग भी इस खेती को कर सकते हैं- – इस खेती को करने के लिए बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती - आप इसकी सर्जरी पार्ट टाइम में भी कर सकते है - हमारी नयी तकनीकी के द्वारा आप आटोमेटिक सिस्टम भी लगा सकते हैं, जिससे ज्यादा देखभाल की जरुरत भी नहीं पड़ती और ज़्यादा जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 पर कॉल कर सकते है
Posted by azim khan
Uttar Pradesh
21-03-2019 10:46 PM
Punjab
03-22-2019 09:12 PM
अज़ीम जी आप इसके ऊपर एक किलो 13:00:45 और 100 ग्राम बोरोन को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, इससे दाना मोटा होगा और उपज में भी वृद्धि होगी
Posted by mangesh
Maharashtra
21-03-2019 10:20 PM
Maharashtra
03-22-2019 05:51 PM
मंगेश जी अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है व्यापारिक खेती के लिए कम उपजाऊ भूमि का प्रयोग अरंडी की खेती के लिए किया जाता है पर यह गहरी, अच्छे निकास वाली, उपजाऊ, हल्की तेजाबी रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5 से 8.5 होनी चाहिए इसके लिए आप किस्मे.... (Read More)
मंगेश जी अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है व्यापारिक खेती के लिए कम उपजाऊ भूमि का प्रयोग अरंडी की खेती के लिए किया जाता है पर यह गहरी, अच्छे निकास वाली, उपजाऊ, हल्की तेजाबी रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5 से 8.5 होनी चाहिए इसके लिए आप किस्मे जैसे GCH 7,D.C.S 9 (Jyoti),R.H.C 1,G.C.H 5,G.C.H 4 की बिजाई कर सकते है गर्मियों में खेत की तीन से चार बार गहरी जोताई करें इससे नदीनों को खत्म करने और मिट्टी में नमी रखने में मदद मिलेगी डलियों को तोड़ने के लिए जोताई के बाद तवियों से जोताई करें फिर मिट्टी के स्तर अरंडी को पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो अरंडी की खेती के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह से लेकर अगस्त का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा रह सके फासला किस्म और बिजाई के समय पर आधारित होता है सिंचित हालातों में 90सैं.मी.x60 सैं.मी. या 120 सैं.मी.x 60 सैं.मी.फासले का प्रयोग करें जब कि बारानी हालातों में 60 सैं.मी.x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को ज्यादा गहराई में बोने से परहेज़ करें इन्हें 5 सैं.मी. की गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है बीज की मात्रा बिजाई के ढंग पर आधारित होती है यदि बीजों को हल के पीछे डालना है तो ज्यादा बीजों की मात्रा 4.5 से 6 किलोग्राम प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है यदि गड्ढा खोदकर बिजाई की जाए तो 2.5 से 3.3 किलोग्राम प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बरानी क्षेत्रों के लिए : नाइट्रोजन 16 किलो (यूरिया 35 किलो), फासफोरस 8 किलो (एस एस पी 50 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची यूरिया की आधी मात्रा को बिजाई के 30 दिनों के बाद डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए : नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बीजों को बोने से पहले डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बिजाई के बाद 35वें और 90वें दिन डालें तेल की मात्रा बढ़ाने के लिए बीज बोने से पहले सल्फर 16 किलो प्रति एकड़ में डालें अरंडी की पूरी फसल को 17-20 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई दें पहली सिंचाई बिजाई के बाद 60-75 दिनों के बाद करें पौधों में फूल निकलने के समय पानी की कमी ना होने दें पकने की अवस्था में सिंचाई बंद कर दें शुरूआती अवस्था में नदीनों की रोकथाम बहुत महत्तवपूर्ण है बिजाई के 20वें और 50वें दिन बाद हाथों से दो बार गोडाई करें बिजाई के दूसरे और तीसरे दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 250 लीटर पानी में मिलाकर डालें यह घास और चौड़े पत्तों वाले नदीनों को रोकने में सहायक होगा किस्म के आधार पर फसल 145-180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जब एक या दो फल सूखते या पीले होते दिखाई दें, तो अरंडी की गुच्छों में कटाई शुरू करें सभी गुच्छे समान समय पर नहीं पकते इसलिए दो-तीन तुड़ाइयां आवश्यक हैं तुड़ाई के बाद गुच्छों को धूप में चार से पांच दिन सुखाएं अच्छी तरह से सूखने के बाद बीजों को अलग कर लें फलों की जल्दी कटाई ना करें इससे तेल की प्रतिशतता कम हो जाती है धन्यवाद
Posted by Gopal Kumar Kushwaha
Bihar
21-03-2019 10:18 PM
Punjab
03-22-2019 06:10 AM
Gopal g aap mango mein fool ane ke sme par pani de skte ho...iss mein ek mango malformation nam ki bimaari aati hai jise gusha musha rog bolte hai..uss ka khaas dhyan rakhna hai...uss ki roktham ke liye nami kaa khaas dhyan rakhna hai....
Posted by VIKAS SINGH CHOUHAN
Madhya Pradesh
21-03-2019 09:59 PM

?

Punjab
03-22-2019 06:37 AM
Vikas g kirpa aap apni audio recording dubaara bheje tan jo apko iss ki jankari di jaa ske. app ke duwaara bheji gyi audio upload nahi huyi hai.
Posted by Gauri Shankar awasthi
Madhya Pradesh
21-03-2019 09:18 PM
Punjab
03-22-2019 03:25 PM
जो वास्तविक केसर होता है इसके लिए तापमान सामान्य से भी कम चाहिए इसलिए यह UP में नहीं हो सकता अगर आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं तो majeed wari जी से 9419009209 पर कॉल करके जानकारी लें ये जम्मू कश्मीर में पिछले काफी समय से केसर की खेती कर रहे हैं
Posted by sharry
Punjab
21-03-2019 09:16 PM
Punjab
03-21-2019 11:23 PM
Sharry g fodder lyi Makki di J-1006 variety di sowing tuc kr skde ho.esda seed rate @30 kg prati acre de hisab nal pao..
Posted by Manpreet Singh
Punjab
21-03-2019 09:02 PM
Punjab
03-22-2019 06:12 AM
Han ji manpreet g tuc neem de oil di spray kr skde ho..ih ikk ajehi spray hai jo ki desi trike nal ghar de vich hi tyaar kri jaa skdi hai. Ihh neem oil spray fasal de hanikark keedya jiwe ki aphid jassid ja hor keet ptangya de eggs nu nashat krn vich sahayak hundi hai. Iss ton ilaava ihh hare machar ja tele chepe nu fasal de upper bethn nai dindi. Iss da taste de vich kaudi hundi hai jis nal keede makode paatya de upperla rass choos nai paunde ate fasal machar ate tele chepe ton bach jandi hai. Ih neem oil spray market de vicho v asaani naal mil jandi hai jo ki 1000ppm de vich aundi hai. Market de vich jo NEEM oil spray aundi hai uss di dosage 50ml/15ltr water prati acre hundi hai. Jekar iss nu ghare bnaaya jawe tan ihh fasla de lyi wadh faidemand ate wdia result dinda hai.
Posted by sharan Randhawa
Punjab
21-03-2019 08:52 PM
Punjab
03-22-2019 06:14 AM
Sharan g alloo de rate de baare kuj nahi dsya ja skda ki iss da rate sarkar kyu ghat de rhi hai. Har vaar jdo aloo di fasal bechan da sma aa janda hai tan rate ghat janda hai..iss da govt. de walon v koi jawab nahi ditta gya hai ki rate de vich vaahdha kyu nahi kita ja reha hai.
Posted by Gurwinder sandhu
Punjab
21-03-2019 08:51 PM
Punjab
03-21-2019 11:26 PM
knak di fasal vich temperature di fluctuations and moisture de karn fungus aoundi hai jiss nal patte da cholorofil ratio ghat jnda hai.esdi roktham lyi Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho jiss nal esda control rehnda hai..
Posted by ਪ੍ਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
21-03-2019 08:48 PM
Punjab
03-22-2019 06:15 AM
Pardeep singh g kanak aje 20 din nahi aundi hai. Mousam jekar saaf hai tan ikk pani jrur lgao. iss pani nal kanak de weight te bhut fark painda hai.
Posted by उद्धव मगर
Maharashtra
21-03-2019 08:48 PM
Punjab
03-22-2019 03:22 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Tarun Jat
Rajasthan
21-03-2019 08:43 PM
Punjab
03-26-2019 12:19 PM
तरुण जी आप छत पर सब्जियां ऊगा सकते है इसके फ्रेम के लिए लगभग 35000 हजार का खर्चा आता है जिस से 4 -5 लोगो के लिए सब्जी ऊगा सकते है , आप कृपया बताये के आपको इसके बारे में और क्या जानकरी चाहिए ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Sandeep Kumar
Haryana
21-03-2019 08:41 PM
Punjab
03-22-2019 04:05 PM
Sandeep g aap ganne ki beejayi March ke last week tkk kr skte ho.aab sahi time chal rha hai.
Posted by Avtar Singh Gill Avtar
Punjab
21-03-2019 08:40 PM
Punjab
03-23-2019 05:13 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by harwinder
Punjab
21-03-2019 08:31 PM
Punjab
03-22-2019 09:15 PM
harwinder ji kanak nu vadan to 25 din pehlan pani la sakde ho is t bad kanak nu pani di lod nahi hai. dhanwad
Posted by saraj singh
Punjab
21-03-2019 08:25 PM
Punjab
04-15-2019 11:16 AM
ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/watch?v=OjOG1bwfhrk ਘਣ ਜੀਵ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ https://www.youtube.com/watch?v=ClvKwYNFW84
Posted by हंसराज वर्मा
Rajasthan
21-03-2019 08:13 PM
Punjab
03-22-2019 09:17 PM
हंसराज जी आप इस तरह की Ad हमारी अपनी खेती buy /sell में डाल सकते है जो भी किसान इसे लेने में दिलचस्प होगा वो सीधा आप से संपर्क कर लेंगे, धन्यवाद