
Posted by प्रेमनाथ नारायण गोंधळी
Maharashtra
22-03-2019 05:30 PM
bamoriya pearl farm इंडिया का बढ़िया मोती फार्म है

Posted by sudhir kumar
Punjab
22-03-2019 05:20 PM
श्री सुधीर कुमार जी मोती की खेती के बारे में उचित जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव से 9417652857 संपर्क करें

Posted by anil
Haryana
22-03-2019 05:10 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by Gurdeep Singh chahal
Punjab
22-03-2019 04:58 PM
Makki vich soondi di roktham lyi tuc Coragen @30 ml per acre nu 60 liter pani vich mila ke spray kr skde ho.Makki di growth lyi NPK 19.19.19 @1 kg per acre de hisab nal alag to spray kr skde ho..

Posted by iqbal gill
Punjab
22-03-2019 04:42 PM
hnji hun dobara audio send kari hai ji.tusi hun chala ke dekho ji.
Posted by Amit Kumar Bamoriya
Madhya Pradesh
22-03-2019 04:40 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और इस की ट्रेनिंग के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
22-03-2019 04:37 PM
EMA vich Emamectin Benzoate naam da salt hai jo knak vich soondi lyi spray kr skde ho esdi dose @80 gm per acre da spray kr skde ho.

Posted by shamsher singh
Punjab
22-03-2019 04:36 PM
Os nu calcium di kami hove gi es lai osnu Liquid Calcimust Gold 100ml rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji.
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
22-03-2019 04:35 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਤੂੜੀ ਦਾ ਰੇਟ ਅਲਗ ਅਲਗ ਇਲਾਕਿਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੀ ਔਸਤਨ ਰੇਟ 400-500 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਕਰੀਬ ਚਲਦਾ ਹੈ

Posted by mandeep
Punjab
22-03-2019 04:33 PM
Mandeep Singh ji is bare puri jankari lai tusi Kuldeep Singh 9872028219,9815387219 nal samparak kar sakde ho.
Posted by jaspreet singh
Punjab
22-03-2019 04:10 PM
Sarson vich eh white rust di problem hai jo fungus disease hai.esdi roktham lyi M-45 @500 gm per acre da spray kr skde ho..

Posted by inderjeet singh
Haryana
22-03-2019 03:49 PM
ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁੱਛੋ ਇਹ ਦੱਸੋ ਜੀ ਕਿਹੜੀ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਸਪਰੇਅ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛ ਰਹੇ ਹੋ

Posted by mandeep
Punjab
22-03-2019 03:48 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਹਲਦੀ ਰੋਗ ਫੰਗਸ ਕਰਕੇ ਆਉਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਬਹੁਤ ਹੀ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਟਿਲਟ @200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Ranjit Singh Punia Punia
Punjab
22-03-2019 03:47 PM
ਰਣਜੀਤ ਜੀ ਗਾਜਰ ਦੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਤੁਸੀ carbendazim @3gm ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਡਬੋ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਸੋਧ ਲਓ.

Posted by Litan
Tripura
22-03-2019 03:47 PM
Litan जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मुझे 9711858258 इस नंबर पर संपर्क करें, धन्यवाद

Posted by pargat
Punjab
22-03-2019 03:45 PM
Pargat ji kirpa krke apna swal vistar nal dso ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.
Posted by Harjit singh
Punjab
22-03-2019 03:37 PM
Harjit singh ji tuci katti nu 1 month tak vdia trike nal usdi maa da dudh deo ji , uss ton agle month ehh suru krr deo , iss nu tuci 2ml deo ji , iss nal vitamins di kami puri hundi hai , hun tuci usdi Deworming kro ji uss lai Albomar liquid di varto kr skde ho ..
Posted by surajbhan
Haryana
22-03-2019 03:37 PM
सूरजभान जी आप इसके लोकल मार्किट से ले सकते है, धन्यवाद
Posted by Hemangi Praksah Gaikwad
Maharashtra
22-03-2019 03:32 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Avtar Singh Bollesardaar
Punjab
22-03-2019 03:31 PM
ਅਵਤਾਰ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਿਸਮ ਰਵਾਇਤੀ ਖੇਤੀ ਕਣਕ ਝੋਨੇ ਦੇ ਹੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ ਕਿਉਕਿ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਅਗਦਾ ਹੈ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਖੇਤੀ ਵਿਚ ਏਨਾ ਫਾਇਦਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਕਣਕ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚੋ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਮਾਰਕੀਟਿੰਗ ਵੀ ਛੇਤੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਕਿਸਾਨ ਛੋਲਿਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਫ਼ਸਲ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ronak Christian
Gujarat
22-03-2019 03:27 PM
रौनक क्रिस्चियन जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Gurdeep Singh
Punjab
22-03-2019 03:01 PM
432 ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਇਕ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕੇ 130-135 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 28-30 ਕੁਇੰਟਲ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਇਸਦਾ 5-6 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਉਗਾਉਣ ਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਵਿਚ ਘੱਟ ਅਉਂਦੀ ਹੈ

Posted by Sapandeep Singh
Punjab
22-03-2019 03:00 PM
ਸਪਨਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਦੋਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਦੋਨਾਂ ਵਿਚ ਹੀ ਬਹੁਤ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by pawan
Punjab
22-03-2019 02:59 PM
Narme ki beejayi ka time 1 April se 15 May tkk ka hai.ess mein aap 10 kg zinc heptahydrate or 25 kg kg potash per acre mein beejayi ke time hi dalo
.

Posted by हरीश जोशी
Uttarakhand
22-03-2019 02:38 PM
हरीश जी उत्तराखंड की काफी फसलों पर अभी रिसर्च चल रही है, हम जल्द ही बाकि फसलें भी अपलोड कर देंगे तब तक आप किसी भी जानकारी के लिए सवाल जवाब सेक्शन में जानकारी ले सकते हैं
Posted by ANKIT RAJPUT
Jharkhand
22-03-2019 02:27 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते है तो आपसे कुछ बातें शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालक.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग शुरू करना चाहते है तो आपसे कुछ बातें शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें, और इसमें ज्यादा मुनाफा लेने के लिए आप दूध के साथ दूध के प्रोडक्ट बनाकर बेचे जैसे दही, लस्सी, मक्खन, पनीर, घी आदि तैयार करके भी बेच सकते है जिससे आप ज्यादा मुनाफा ले सकते है
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
22-03-2019 02:26 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਵੱਢਣ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
Posted by pramod kumar pandey
Jharkhand
22-03-2019 02:14 PM
प्रमोद कुमार पांडेय जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
Posted by Gautam Vijay
Uttar Pradesh
22-03-2019 02:02 PM
इसके लिए सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी ज़रूर है, ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है आप अपने ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है, सुअर पालन के लिए आप क.... (Read More)
इसके लिए सबसे पहले ट्रेनिंग लेनी ज़रूर है, ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है आप अपने ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से ले सकते है, सुअर पालन के लिए आप कोशिश करें कि 10 मादा बच्चे या 1 नर से शुरू करें 10 मादा बच्चे या 1 नर सुअर के साथ शेड या फीड को मिलाकर कुल 18 लाख तक खर्चा आ जाता है आपको पहले साल 25 प्रतिशत मुनाफा होता है इसके बच्चे 7 महीने तक बेचने के लिए तैयार हो जाते हैं इसका लाभ आपको दूसरे साल से मिलना शुरू होगा, इसलिए अपना अच्छे से सोचकर करें या इसके लोन के लिए आपको नज़दीकी बैंक से ही संपर्क करना होगा इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी होती है तभी आप लोन ले सकते है
Posted by नाथ जी
Uttar Pradesh
22-03-2019 01:59 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by gursewk singh
Haryana
22-03-2019 01:58 PM
ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਪਾਣੀ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਮੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਪਾਣੀ ਲਗਾਓ

Posted by Sukhdhan Singh Brar
Punjab
22-03-2019 01:56 PM
sukhdhan ji triazophos di jga tuc imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by Sukhdhan Singh Brar
Punjab
22-03-2019 01:54 PM
SSA ji kirpa apna swal pusho ji tan jo tuhanu jankari diti jaa ske.

Posted by ajay vasanta burhan
Maharashtra
22-03-2019 01:52 PM
यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हि.... (Read More)
यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं.

Posted by Litan
Tripura
22-03-2019 01:44 PM
भारत में पहली बार ..एक अदभुत प्रशिक्षिण एक एकड में कमाए 8-10 लाख या 10x10 के कमरे की जगह में कमाए 4-5 लाख सालाना बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (# बमोरिया फार्म म.प्र .के CM श्री चौहान साब द्वारा Holistic Farmer अवार्ड # भारत के प्रसिद्ध किसान संघ एवं ISO 9001-2015 द्वारा प्रमाणित , # राष्टीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बंसल न्यूज़ , सह.... (Read More)
भारत में पहली बार ..एक अदभुत प्रशिक्षिण एक एकड में कमाए 8-10 लाख या 10x10 के कमरे की जगह में कमाए 4-5 लाख सालाना बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (# बमोरिया फार्म म.प्र .के CM श्री चौहान साब द्वारा Holistic Farmer अवार्ड # भारत के प्रसिद्ध किसान संघ एवं ISO 9001-2015 द्वारा प्रमाणित , # राष्टीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बंसल न्यूज़ , सहारा समय , दैनिक भास्कर ,पत्रिका आदि न्यूज़ चैनल एवं न्यूज़ पेपर द्वारा सत्यापित ) बहुउद्देशीय योजनाओ को अपनाकर एक एकड़ में सालाना 8-10 लाख रूपये कमाए जा सकते है जिनके पास ज्यादा जमीन नहीं है बो भी थोड़ी सी जगह का उपयोग करके 4-5 लाख रूपये सालाना आय प्राप्त कर सकते है (Integrated and Multipurpose projects) उपरोक्त हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम दिनांक 20 April 2019 को आयोजित किया जा रहा है .. जिसमे मोती पालन ( संपूर्ण प्रशिक्षिण) एवं मछली पालन कड़कनाथ मुर्गा बटेर पालन सीप की ज्वेलरी स्टेविआ की खेती की जानकारी आदि सम्मलित हैं उपरोक्त सभी का प्रशिक्षिण 10000/- से 15000/- में दिया जाता था , परन्तु इस बार से मात्र 4000/- में दिया जा रहा है .. अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे बमोरिया एग्रो फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई ,कामती, सोहागपुर, जिला होशंगाबाद 9770085381 call /watpp 9893232938 कॉल https://youtu.be/_HoRg9paETM
Posted by Sandeep kumar
Haryana
22-03-2019 01:40 PM
संदीप कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by harish kumar
Uttar Pradesh
22-03-2019 01:40 PM
हरीश कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by vijender Chauhan
Haryana
22-03-2019 01:33 PM
विजेंदर चौहान जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by sunil kumar
Himachal Pradesh
22-03-2019 01:33 PM
सुनील कुमार जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
Posted by vijender Chauhan
Haryana
22-03-2019 01:32 PM
मक्खियों के इलाज के लिए 1ml Butox को 1 लीटर पानी में मिलाकर चमड़ी में लगाएं, इससे मक्खियों से आराम मिलेगा

Posted by Kuldeep Singh
Punjab
22-03-2019 01:32 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸਾਹੀਵਾਲ ਗਾਂ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਤੁਸੀ Gulam Ashraf 9915672525 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਬਠਿੰਡੇ ਸਾਹੀਵਾਲ ਦਾ ਫਾਰਮ ਹੈ

Posted by kamaljeet singh
Punjab
22-03-2019 01:19 PM
ਅਰਵੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਤਲੀ ਤੋਂ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਜਾਂ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਭਰਪੂਰ ਮਾਤਰਾ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਮਾੜੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਨਾ ਕਰੋ ਘੱਟ ਉਪਜਾਊ ਅਤੇ ਨਮੀ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਇਸਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦੀ ਕੁਆਲਿਟੀ ਨੂੰ ਘਟਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :- Punjab Arvi-1: ਇਹ .... (Read More)
ਅਰਵੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਰੇਤਲੀ ਤੋਂ ਦੋਮਟ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਰੇਤਲੀ ਦੋਮਟ ਜਾਂ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਭਰਪੂਰ ਮਾਤਰਾ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਮਾੜੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਨਾ ਕਰੋ ਘੱਟ ਉਪਜਾਊ ਅਤੇ ਨਮੀ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਇਸਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦੀ ਕੁਆਲਿਟੀ ਨੂੰ ਘਟਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ :- Punjab Arvi-1: ਇਹ ਕਿਸਮ 2009 ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਇਸਦੇ ਪੌਦੇ ਲੰਬੇ ਕੱਦ ਦੇ ਅਤੇ ਹਰੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ, ਜੋ ਤਿਰਛੇ ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਵੱਡੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਫਲ ਦਰਮਿਆਨੇ ਮੋਟੇ ਅਤੇ ਲੰਬੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਫਲ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਅੰਦਰੂਨੀ ਗੁੱਦਾ ਕਰੀਮ ਵਰਗੇ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 175 ਦੁਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਰਵੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ, ਜ਼ਮੀਨ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਭੁਰਭੁਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ 2-3 ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਖੇਤ ਨਦੀਨ-ਮੁਕਤ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਉਚਿੱਤ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ, ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਬੀਜੋ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚਲਾ ਫਾਸਲਾ 60 x 15 ਜਾਂ 45 x 20 ਸੈ.ਮੀ. ਰੱਖੋ ਗੰਢਾਂ 6-7.5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਇਸਦੀਆਂ ਗੰਢੀਆਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਹੱਥੀਂ ਬੀਜੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਟੋਏ ਪੁੱਟ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਆਲੂਆਂ ਵਾਂਗ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 5-7 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਯੂਰੀਆ 90 ਕਿਲੋ, ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 125 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼ 35 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 2 ਬਰਾਬਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ, ਪਹਿਲਾਂ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਅਤੇ ਫਿਰ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਖਾਦ ਗੋਡੀ ਅਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਤੇ ਮਿੱਟੀ ਚੜਾਉਣ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ-ਮੁਕਤ ਰੱਖਣ ਲਈ, 1-2 ਵਾਰ ਕਹੀ ਨਾਲ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ ਹਰ ਗੋਡੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੜ੍ਹਾਂ ਤੇ ਮਿੱਟੀ ਚੜਾਓ ਜ਼ਰੂਰਤ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਫਸਲ ਦੀ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ, ਸਿੰਚਾਈ 3-4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਕਰੋ ਅਤੇ ਵਰਖਾ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਕਈ ਵਾਰ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਜੀਵਨ-ਰੱਖਿਅਕ ਸਿੰਚਾਈ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਨਿਯਮਿਤ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਸਥਿਰ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਪੁੰਗਰਾਅ ਤੱਕ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਇਸ ਫਸਲ ਦੀ ਪੁਟਾਈ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈਣ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 175-200 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨਰਮ ਅਰਵੀ ਦੀ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਲਈ, ਅਗੇਤੀ ਪੁਟਾਈ ਕਰੋ ਪੁਟਾਈ ਦੇ ਕੰਮ ਨੂੰ ਹੋਰ ਆਸਾਨ ਕਰਨ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਪਾਣੀ ਲਾਓ ਇਸਦੀ ਪੁਟਾਈ ਕਹੀ ਜਾਂ ਹੋਰ ਹੱਥੀਂ ਸੰਦਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪੁਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਰਵੀ ਨੂੰ ਸਾਫ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਫਿਰ ਛਾਂਟੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Hardeepak singh
Uttar Pradesh
22-03-2019 01:11 PM
हरदीपक जी चन्दन की खेती की पूरी जानकारी लेने के लिए आप 9878123123 अरुण खुरमी जी से संपर्क कर सकते है, धन्यवाद

Posted by arif silawat
Rajasthan
22-03-2019 12:54 PM
आरिफ जी आप lawn में लगाए घास तो बढ़ाने के बारे में जानकारी चाहते है कृपया विस्तार से बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by prakash saini
Rajasthan
22-03-2019 12:53 PM
प्रकाश सैनी जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें

Posted by Sharan boparai
Punjab
22-03-2019 12:45 PM
Sharan g knak nu pani khet vich moisture de hisab nal lago.jekr pani lgge nu 20 din jyada ho gye han and knak di harvesting v hle 25 din tkk hougi tn ess vich pani lga skde ho..

Posted by sukhdeep singh
Punjab
22-03-2019 12:21 PM
Nhi ji eh IV INTRAVENOUS OR IM INTRAMUSCULAR HI lagwa sakde ha ji.
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