
Posted by kamal
Rajasthan
25-03-2019 10:25 PM
कमल जी आप इसकी जड़ों में दीमक चेक करें क्योंकि दीमक पौधे को सूखा देती है और पौधा मरना शुरू कर देता है, धन्यवाद

Posted by ਜਗਰੂਪ ਸਿੰਘ
Punjab
25-03-2019 10:23 PM
Jagroop singh g jekar kanak 13 april tak aa jawegi tan pani den di lod nahi hai jekar 18-20 april tak awegi tan halka pani de skde ho ...

Posted by Bandhna
Punjab
25-03-2019 10:07 PM
bandhna ji please tell us in detail that what is soil mixture in pot and which nutrients you provide to plant so that we can give your proper information. thank you

Posted by Richa Sharma
Punjab
25-03-2019 10:05 PM
Richa ji inorganic kheti karni chahiye lekin fasl men jyada matra men istemal kiye gye chemical mitti ki upjau shakti ko kam kar deti hai.is liye inorganic kheti karni chahiye lekin chemicals ki matra sahi matra aur sahi same par karni chahiye. thank you
Posted by jay
Gujarat
25-03-2019 10:00 PM
ayrshire में आमतौर पर लाल और सफेद निशान होते है, लाल नारंगी के रंग से एक गहरे भूरे तक हो सकता है ayrshire को सबसे ज़्यादा संभाल और बढ़िया खुराक की ज़रूरत होती है यह एक बढ़िया नस्ल मानी जाती है, दूध उत्पादन 20,000 पोंड (9, 100 किलोग्राम) या ज़्यादा सालाना तक पहुँच सकता है उनके सींग 30 सेंटीमीटर (12 इंच) की लम्बाई तक बढ़ सकता है.
Posted by ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਲੰਗ
Punjab
25-03-2019 09:51 PM
ਗੁਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਉੱਤਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਵਰਖਾ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ, ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਅਤੇ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Jagdish Kamal
Punjab
25-03-2019 09:42 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਝੋਟੀ ਨੂੰ ਰੁਸਤਮ ਗਤੌਲੀ ਦਾ ਸੀਮਨ ਭਰਵਾਂ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ .
Posted by Dharm Veer Singh
Uttar Pradesh
25-03-2019 09:38 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Vinod Kumar 9050555757 से संपर्क करें
Posted by agyapal singh gill
Punjab
25-03-2019 09:35 PM
punjab vich poultry contract farming di koe company nahi hai ji. punjab to bahar hor state diya companya hun jo punjab vich v contract farming karvondiya hun. jina vicho erets agro pvy. ltd hai jina da contact number 8139955959 hai tusi ehna nal call karke gal kar sakde ho. bohat sariya companiya fraud v kar rahiya hun . tusi apne level te hi sara kuj dheyan nal check kar lena ji. baki bohat sare loka da anusar contract farming nalo apne poultry farm bnaya jave ta vadiya rahega ji.

Posted by Gulab Chandra Verma
Uttar Pradesh
25-03-2019 09:34 PM
गुलाब जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप copper oxychloride @3gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से Drenching करें धन्यवाद

Posted by sanjay prakash singh
Uttar Pradesh
25-03-2019 09:32 PM
आप देसी मुर्गी के चूज़े खरीदने के लिए इस नंबर पर 9075749975 संपर्क कर सकते है, इनसे आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.

Posted by Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
25-03-2019 09:24 PM
भिंडी की बिजाई का समय :- निचले क्षेत्रों में: फरवरी-मार्च, जुलाई,मध्यवर्ती क्षेत्रों में: मार्च-जून,ऊंचे क्षेत्रों में: अप्रैल-मई गर्मियों में बिजाई के लिए कतारों के बीच 45-60 सैं.मी. और पौधों के बीच 15 सैं.मी. फासला रखें बारिश के मौसम में कतारों के बीच 45 सैं.मी. रखें बीजों को 1.5-2 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढ.... (Read More)
भिंडी की बिजाई का समय :- निचले क्षेत्रों में: फरवरी-मार्च, जुलाई,मध्यवर्ती क्षेत्रों में: मार्च-जून,ऊंचे क्षेत्रों में: अप्रैल-मई गर्मियों में बिजाई के लिए कतारों के बीच 45-60 सैं.मी. और पौधों के बीच 15 सैं.मी. फासला रखें बारिश के मौसम में कतारों के बीच 45 सैं.मी. रखें बीजों को 1.5-2 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है गर्मियों के मौसम में 6-8 किलो और बारिश के मौसम में 4-5 किलो बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज को 24 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखने से बीज की अंकुरन शक्ति बढ़ जाती है ज़मीन से पैदा होने वाली फफूंदी से बचाने के लिए बीजों को कार्बेनडाज़िम से उपचार करें उपचार करने के लिए बीजों को 2 ग्राम कार्बेनडाज़िम घोल प्रति लीटर पानी में मिलाकर 6 घंटे के लिए डुबो दें और फिर छांव में सुखाएं फिर तुरंत बिजाई कर दें

Posted by Ravindra babu
Uttar Pradesh
25-03-2019 09:14 PM
रविंद्र जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Akash Gaikwad
Maharashtra
25-03-2019 09:12 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है, लेकिन अंगूर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी जिसकी पी एच 6.5-8.5 हो, और जल जमाव वाली मिट्टी उपयुक्त होती है अंगूर की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ट्रैक्टर से 3-4 गहरी जोताई करें और हैरो से 3 जोताई करें तैयार की गई जड की कटिंग क.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है, लेकिन अंगूर की खेती के लिए उपजाऊ मिट्टी जिसकी पी एच 6.5-8.5 हो, और जल जमाव वाली मिट्टी उपयुक्त होती है अंगूर की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ट्रैक्टर से 3-4 गहरी जोताई करें और हैरो से 3 जोताई करें तैयार की गई जड की कटिंग की रोपाई दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है निफिन विधि द्वारा 3x3 मीटर फासले का प्रयोग करें और आरबोर विधि से 5x3 मीटर फासले का प्रयोग करें Anab-e-Shahi किस्म के लिए 6x3 मीटर फासले का प्रयोग करें कटिंग को 1 मीटर की गहराई पर रोपित करें जोताई के बाद, मार्च के पहले पखवाड़े में नदीनों के अंकुरण से पहले स्टांप 800 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें और फिर ग्रामोक्सोन 24 WCS या ग्लाइसेल 41 एस सल (ग्लाईफोसेट) 1.6 लीटर को 150 लीटर पानी में मिलाकर, नदीनों के अंकुरण के बाद जब नदीन 15-20 सैं.मी. कद प्राप्त कर लें, तब स्प्रे करें

Posted by Rupinder Singh
Punjab
25-03-2019 09:11 PM
ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦ.... (Read More)
ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਚਿਕਨ ਦਾ 800 ਰੁਪਏ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਰੇਟ ਹੈ ਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਜੇਕਰ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮਗਵਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ 90-100 ਰੁਪਏ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਇਸ ਦਾ ਅੰਡਾ 45-50 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਅੰਡਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਪਾਲਣ ਤੇ ਖਰਚਾ 150 ਰੁਪਏ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਚੂਚੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ 1500 ਰੁਪਏ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਨਾਰਮਲ ਬਰੈਲਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਲਕ ਵੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਇਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਇਸ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ, ਕੜਕਨਾਥ ਦੇ ਅੰਡੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਨਾਲ Hardeep Singh 9781589637 ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਦੀ ਕੰਟਰੈਕਟ ਫਾਰਮਿੰਗ ਲਈ ਤੁਸੀ Sumit Jandar 8275592788 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Ashish kushwaha
Uttar Pradesh
25-03-2019 09:10 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by jitendra kumar koshta
Madhya Pradesh
25-03-2019 09:07 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Posted by manjit singh
Punjab
25-03-2019 09:04 PM
Manjit Singh g kirpa kr ke khumba di photo bhejo tan jo tuhanu dekh ke iss di janakri ditti ja ske..

Posted by harupinder singh
Punjab
25-03-2019 08:59 PM
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯੂ.... (Read More)
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਸਰਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਚੌਥੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ

Posted by Jai Singh
Punjab
25-03-2019 08:59 PM
jai singh ji dashmesh amargarh de rotavator v vadiya hunde hun ji. tusi 9872028219 number te kuldeep singh ji nal gal karo baki eh tohanu guide kar denge.

Posted by harp bajwa
Punjab
25-03-2019 08:57 PM
iss nu 20-25kg urea prati acre de hisaab nal shitta de ke khet de vich pani lgaa deo...

Posted by arup das
West Bengal
25-03-2019 08:40 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Posted by davinder Chahal
Punjab
25-03-2019 08:32 PM
jekar vaahn darmiana hai tan pr 118, 27p31 , 2 lakh 12 vargia kisma kaamjaab hnn..

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
25-03-2019 08:26 PM
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਲਈ Butox 15ml ਲਉ ਤੇ 2ml /1 litter ਪਾਣੀ ਚ ਪਾਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ.

Posted by Ramandeep Singh
Punjab
25-03-2019 08:17 PM
tuci iss nu Calcimust gel liquid 300ml rojana ate 3 din deo , isde nal tuci Gestaprojen powder 50gm rojana deo ate iss powder nu 20 din tak dinde rho , jekar ohh dubara heat vich aaundi ha tan tuci dubara swal paa skde ho.

Posted by Baljinder Singh
Punjab
25-03-2019 08:08 PM
Liver da acidic hon kran soon wale passu mook lag jandi he jo mithasoda de 2 chamach nall theek v ho jandi hai.
Posted by Harman Brar
Punjab
25-03-2019 08:07 PM
Harman brar g folicur v kank vich fungus nu control krn lyi use hunda hai. Jekar khet vich hun koi v disease da attack nhi hai tn tilt da spray krn di lod nhi g.jekar peeli kungi da attack hai tan fir Tilt @200 ml per acre da spray kr skde ho.

Posted by RAMESH UPADHYAYA
Assam
25-03-2019 08:07 PM
रमेश उपाध्याय जी शिमला मिर्च के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी .... (Read More)
रमेश उपाध्याय जी शिमला मिर्च के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए, असाम में काली मिर्च की खेती की जाती है धन्यवाद

Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
25-03-2019 08:01 PM
ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮੱਛੀ ਸਿੰਗੀ ਨਸਲ ਦੀ ਹੈ ਜੀ ਜੋ ਕਿ ਲਗਭਗ 600 ਰੁਪਏ ਕਿੱਲੋ ਤੱਕ ਵਿੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by jaskaran singh
Punjab
25-03-2019 07:52 PM
Makki diya varieties:- PMH 1,PMH 2, Prabhat and kesri di beejayi kank to baad kr skde ho.Ehna di beejayi May de last week to June tkk kr skde ho.

Posted by Jasvir Singh
Punjab
25-03-2019 07:47 PM
uss nu tuci Flukarid-Ds bolus deo , isde nal tuci Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate Fatmax powder 100gm rojana dena suru kro , iss nal farak paa jawega.

Posted by chamkaur sangha
Punjab
25-03-2019 07:45 PM
kirpa apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo bejji gayi audio upload nahi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji.
Posted by jaskaran singh
Punjab
25-03-2019 07:42 PM
Jaskaran singh ji Apni kheti APP vich JERSEY cow vare sari information diti gayi hai jekar tuhanu cow di detail padan vich koi dikat aa rehi hai tan tuci sade Helpline no. 97799-77641 te sampark ke skde ho.

Posted by Gurtaj
Uttar Pradesh
25-03-2019 07:31 PM
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्म.... (Read More)
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्में: Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त से अक्तूबर के अंत) में रोपाई की जाती है लोबिया, सब्जियों, फ्रैंच बीन्स के साथ अंतर फसली शुरूआती दो से तीन वर्ष में किया जा सकता है पौधों के बीच 4.5x4.5 फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलम लगाकर या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है 208 पौधे प्रति एकड़ का घनत्व बना कर रखना चाहिए पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर के नज़दीक से 50-60 सैं.मी. में शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस-पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में यूरिया 60-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन रक्षक सिंचाई जरूर करें फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है बसंत ऋतु में अकेली जड़ों को पानी देना पौधे को प्रभावित नहीं करता उचित आकार के होने के साथ आकर्षित रंग, शुगर की मात्रा 12:1 होने पर किन्नू के फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं किस्म के आधार पर फल मध्य जनवरी से मध्य फरवरी के महीने में तैयार हो जाते हैं कटाई उचित समय पर करें, ज्यादा जल्दी और ज्यादा देरी से कटाई करने पर घटिया गुणवत्ता के फल मिलते हैं

Posted by Gurprit singh
Punjab
25-03-2019 07:29 PM
Gurprit ji tuci uss nu Milk Megyk powder 50 gm rojana dena suru kro , isde nal tuci Anabolite liquid 100ml ate Utroclean liquid 100ml rojana deo ji , iss nal farak paa jawega.

Posted by harun
Maharashtra
25-03-2019 07:20 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 से सम्पर्क करे
Posted by amrit sandhu
Punjab
25-03-2019 07:09 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਲੋਨ ਦਾ ਸਾਰਾ ਕੰੰਮ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜਰ ਤੇ ਵੀ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਬੈਕ ਆਪਣੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਚੈਕ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਬੈੱਕ ਖਾਤਾ ਕਿਵੇ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਹਾਡੇ ਕੋਲ ਬੈੱਕ ਲਈ ਗਰੰਟੀ ਕੀ ਹੈ ਉਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਹੀ ਬੈਕ ਨੇ ਲੋਨ ਦੇ ਲਈ ਅਪਰੂਵ ਕਰਨਾ ਹੈ

Posted by smrati
Madhya Pradesh
25-03-2019 07:02 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by navneet verma
Madhya Pradesh
25-03-2019 06:51 PM
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं, इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/साल.... (Read More)
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं, इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/सालको दो हिस्सों में डालना चाहिए पहली डोज़ मार्च-अप्रैल महीने में और दूसरी डोज़ सितम्बर-अक्टूबर में दी जानी चाहिए इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए आप अरुन खुरमी 9878123123 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
25-03-2019 06:46 PM
ਟਿਲਟ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਫੰਗਸ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਸਪਰੇਅ ਕਣਕ ਵਿੱਚ 10-20% ਨਿਸਾਰੇ ਵੇਲੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਜੇਕਰ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਜਿਆਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਸਪਰੇਅ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਦੂਸਰੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Tajdeep singh
Punjab
25-03-2019 06:42 PM
ਜੇਕਰ ਗਾਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੁੱਧ ਦੇ ਰਹੀ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਦੁੱਧ ਲੈਂਦੇ ਰਹੋ , ਕਿਉਕਿ ਇਕ ਦਮ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਲੈਣਾ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ , ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਖੁਰਾਕ ਘਟ ਕਰੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਸਦਾ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਦੁੱਧ ਸੁੱਕਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇ , ਖੁਰਾਕ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਘਟ ਕਰਨੀ ਹੈ ਇਕ ਦਮ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100 ਮਿਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ vitum h liquid ਵੀ 10 ਮਿਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਗਾਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦੁੱਧ ਦੇ ਰਹੀ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਦੁੱਧ ਲੈਂਦੇ ਰਹੋ , ਕਿਉਕਿ ਇਕ ਦਮ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਲੈਣਾ ਬੰਦ ਨਹੀਂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ , ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਖੁਰਾਕ ਘਟ ਕਰੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਇਸਦਾ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਦੁੱਧ ਸੁੱਕਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇ , ਖੁਰਾਕ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਘਟ ਕਰਨੀ ਹੈ ਇਕ ਦਮ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100 ਮਿਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ vitum h liquid ਵੀ 10 ਮਿਲੀ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ , ਫਿਰ ਜਦੋ ਉਸਦਾ ਦੁੱਧ ਸੁੱਕ ਜਾਵੇ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਵਧਾ ਦਿਓ ਜੀ , ਜਿਸ ਨਾਲ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਉਸ ਤੋਂ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by Gurveer sidhu
Punjab
25-03-2019 06:33 PM
gurveer ji isdiyan dan vich seonk check karo kyuki seonk neecheo booteya nu sukauna shuru kar dindi hai. dhanwad

Posted by Sukhwinder Singh
Punjab
25-03-2019 06:32 PM
Os nu Liquid UTI care 15ml lao te 10 bunda din vich 3 varr deo ji es nall 500gm jokharr, 500gm kalmishora, 250gm noshader ragged ke powder bna ke mix kar lo te 125gm rojana raat nu 500gm sakkar vich bhio k rakho te swere deo ji

Posted by ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
25-03-2019 06:23 PM
ਸੁਖਜਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਕੀ-ਕੀ ਖਾਦ ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhmander singh
Punjab
25-03-2019 06:18 PM
tuci uss nu Anabolite liquid 100-100ml swere sham, milkout powder 2-2 chamch, Lactin bolus 1-1 swere sham dena suru kro, iss nal duudh utarr lgg jawegi, bakki tuci Homeopathic dwai Lactomodd 10-10 drops din vich 3 var roti te rakh ke deo ji.
Posted by arshpreet singh
Punjab
25-03-2019 06:02 PM
ਅਰਸ਼ਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਮੱਛਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ Imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by RAJINDER PAL SINGH
Punjab
25-03-2019 06:01 PM
राजिंदर जी यदि आप फूलों की खेती शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले आप गेंदा की खेती करें उसके बाद जब आपको कुछ अनुभव आएगा तो फिर आप अन्य फूल उगा सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Rupesh
Maharashtra
25-03-2019 05:54 PM
रुपेश जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 पर संपर्क करें

Posted by Debajit bora
Assam
25-03-2019 05:50 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by kapil
Haryana
25-03-2019 05:48 PM
ब्रोकली की उचित और अच्छी वृद्धि के लिए नमी वाली मिट्टी की जरूरत होती है ब्रोकली की खेती के लिए अच्छी खाद वाली मिट्टी ठीक होती है ब्रोकली की खेती के लिए मिट्टी का pH 5.0-6.5 होना चाहिऐ प्रसिद्ध किस्में:- Palam Samridhi: यह किस्म 2015 में जारी की गई है इस किस्म की पनीरी अद्र्ध फैलने वाली है जिन्हें कोमल, बड़े, और हरे रंग के पत्ते .... (Read More)
ब्रोकली की उचित और अच्छी वृद्धि के लिए नमी वाली मिट्टी की जरूरत होती है ब्रोकली की खेती के लिए अच्छी खाद वाली मिट्टी ठीक होती है ब्रोकली की खेती के लिए मिट्टी का pH 5.0-6.5 होना चाहिऐ प्रसिद्ध किस्में:- Palam Samridhi: यह किस्म 2015 में जारी की गई है इस किस्म की पनीरी अद्र्ध फैलने वाली है जिन्हें कोमल, बड़े, और हरे रंग के पत्ते लगते हैं इसका फल गोल, घना, और हरे रंग का होता है इसके फल का औसतन भार 300 ग्राम होता है यह किस्म पनीरी लगाने से 70—75 दिनो के बाद पक जाती हैं और इसकी औसतन पैदावार 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी बिजाई के लिए मध्य अगस्त से मध्य सितंबर तक का समय ठीक होता है कतारों में फसला 45X45 सें.मी. रखें बीज को 1—1.5 सें.मी की गहराई पर बोयें इसकी बिजाई कतारों में या छिडकाव से भी कर सकते हैं एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 250 ग्राम बीजों का प्रयोग करें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए बिजाई से पहले बीजों को गर्म पानी (58 डिगरी सेल्सियस) में 30 मिनट के लिए रखकर उपचार करें 40 टन रूडी की खाद डालें इसके इलावा नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोर्स 25 किलो (सिंगल सुपर फॉसफेट 155 किलो) और पोटाशियम 25 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले रूडी की खाद , फासफोर्स और पोटाशियम की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा डालें बाकि बची नाइट्रोजन की मात्रा रोपाई से एक महीने के बाद डालें नदीनो की रोकथाम के लिए रोपाई से पहले फलूक्लोरालिन (बसालिन) 1—2 लीटर को प्रति 600—700 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें और रोपण से 30—40 दिनो के बाद हाथ से गड़ाई करें नए पौधो के रोपाई से एक दिन पहले पैंडीमैथालिन 1 लीटर प्रति एकड़ पर स्प्रे करें रोपण के तुरंत बाद , पहली सिंचाई करें मिट्टी जलवायु या मौसम की स्थिति अनुसार गर्मियों में 7—8 दिनों और सर्दियों में 10—15 दिनो के फासले से सिंचाई करें मैदानी क्षेत्रों में फल की तुड़ाई का समय दिसंबर से मार्च का महीना है जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में नवंबर से अप्रैल का महीना है
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