Posted by Anshu pathak
Uttar Pradesh
26-03-2019 08:22 PM
इसके सख्त होने की वजह से इसे मिट्टी की हर किस्म में उगाया जा सकता है इसे हल्की तेजाबी और नमकीन और चूने वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है अगर इसकी खेती बढ़िया जल निकास वाली और उपजाऊ-दोमट मिट्टी में की जाती है तो यह अच्छी पैदावार देती है यह खारी मिट्टी को भी सहयोग्य है इस फसल की खेती के लिए मिट्टी की pH 6.5-9.5 होना चाह.... (Read More)
इसके सख्त होने की वजह से इसे मिट्टी की हर किस्म में उगाया जा सकता है इसे हल्की तेजाबी और नमकीन और चूने वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है अगर इसकी खेती बढ़िया जल निकास वाली और उपजाऊ-दोमट मिट्टी में की जाती है तो यह अच्छी पैदावार देती है यह खारी मिट्टी को भी सहयोग्य है इस फसल की खेती के लिए मिट्टी की pH 6.5-9.5 होना चाहिए भारी ज़मीनों में इसकी खेती करने से परहेज करें आंवला की खेती के लिए अच्छी तरह से जोताई और जैविक मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए बिजाई से पहले ज़मीन की जोताई करें जैविक खाद जैसे कि रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलायें फिर 15×15 सैं.मी. आकार के 2.5 सैं.मी. गहरे नर्सरी बैड तैयार करें आंवला को खेत में अगस्त या जनवरी-फरवरी महीने में बोयें उदयपुर में इसकी खेती जनवरी से फरवरी महीने में की जाती है आंवला की कलियों को 7-8 मीटर के फासले पर खोदे गए गड्ढों में बोयें रोपाई के लिए वर्गाकार विधि का प्रयोग करें, 1मीटरx 1मीटरx 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें और उन्हें 15-20 दिनों में लिए धूप में खुला छोड़ें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद से भरें अच्छी वृद्धि के लिए 70-80 नए पौधे प्रति एकड़ में लगाएं फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों और कीटों से बचाने के लिए और अच्छे अंकुरन के लिए, बीजों को जिबरैलिक एसिड 200-500 पी पी एम से उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बीजों को हवा में सुखाएं कलियों वाले नए पौधों की मुख्य खेत में रोपाई करें खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 10 किलो रूड़ी की खाद अच्छी तरह मिलाएं एक वर्ष के पौधे के लिए, खेत में नाइट्रोजन 100 ग्राम, फासफोरस 50 ग्राम और पोटाश्यिम 100 ग्राम प्रति पौधा डालें 10 साल तक खाद की मात्रा बढ़ते रहें फासफोरस की पूरी और पोटाशियम और नाइट्रोजन की आधी मात्रा को जनवरी-फरवरी में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें बाकी की मात्रा अगस्त के महीने में डालें सोडियम की ज्यादा मात्रा वाली मिटटी में, बोरोन और ज़िंक सल्फेट 100-150 ग्राम पौधे की आयु और सेहत के अनुसार डालें खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए समय-समय पर गोड़ाई करें कटाई और छंटाई करें टेढ़ी-मेढ़ी शाखाओं को काट दें और सिर्फ 4-5 सीधी टहनियां ही ज्यादा विकास के लिए रखें गर्मियों में सिंचाई 15 दिनों के फासले पर करें और सर्दियों में अक्तूबर दिसंबर के महीने में हर रोज़ तुपका सिंचाई द्वारा 25-30 लीटर प्रति वृक्ष डालें मानसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती फूल निकलने के समय सिंचाई ना करें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग का तरीका भी बहुत प्रभावशाली है गर्मियों में मलचिंग पौधे के शिखर से 15-10 सैं.मी. के तने तक करें बिजाई से 7-8 साल बाद पौधे पैदावार देना शुरू कर देते है जब फूल हरे रंग के हो जाएं और इनमें विटामिन सी की अधिक मात्रा हो जाए तो फरवरी के महीने में तुड़ाई कर दें इसकी तुड़ाई वृक्ष को ज़ोर-ज़ोर से हिलाकर की जाती है जब फल पूरी तरह से पक जाते हैं तो यह हरे पीले रंग के हो जाते हैं बीजों के लिए पके हुए फूलों का प्रयोग किया जाता है
Posted by amit singotiya
Madhya Pradesh
26-03-2019 08:20 PM
अमित जी आप वर्मी कम्पोस्ट को ऑनलाइन मंगवा सकते है इसके लिए आप इस लिंक पे क्लिक करके मंगवा सकते है https://www.flipkart.com/advancedestore-vermicompost-10-kg-soil-manure/p/itmf2hnxbjvq5tg9?
Posted by bikash thapa
Assam
26-03-2019 08:16 PM
swine fever की वैक्सीनेशन 2 महीने के बच्चे को होती है फिर 6—6 महीने के बाद लगती है
Posted by bikash thapa
Assam
26-03-2019 08:12 PM
pig baby breeding ke liye large white yorkshire breed thik rahegi ji.
Posted by deep Kumar
Uttar Pradesh
26-03-2019 08:09 PM
दीप कुमार जी किसानो के साथ जानकारी साँझा करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
Posted by bikash thapa
Assam
26-03-2019 08:08 PM
जी कड़कनाथ मध्यप्रदेश की नसल है यह आसाम में भी रख सकते है इनके बच्चे आपको 90—100 रूपये तक मिल जाता है और बड़े मुर्गे का रेट 850—900 तक होता है यह पूरे काले और चमकीले होते हैं इस मुर्गी के अंडे सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अमीनो एसि.... (Read More)
जी कड़कनाथ मध्यप्रदेश की नसल है यह आसाम में भी रख सकते है इनके बच्चे आपको 90—100 रूपये तक मिल जाता है और बड़े मुर्गे का रेट 850—900 तक होता है यह पूरे काले और चमकीले होते हैं इस मुर्गी के अंडे सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अमीनो एसिड इस मुर्गे में पाए जाते हैं इस मुर्गे में आयरन और हीमोग्लोबिन अधिक होने के कारण इस के खून का रंग गहरा लाल होता है जिससे काले कलर का प्रतीत होता है आजकल यह कई जगह अवेलेबल है लेकिन प्योर देसी कड़कनाथ की अगर बात करें तो प्योर देसी मतलब जो 5 से 6 महीने में 5 से 6 महीने में 1 किलो का होता है उसे देसी कहा जाता है और जिस की त्वचा हड्डी पंख सारा कुछ काला होता है उसे देसी कड़कनाथ कहा जाता है I इसका 1000 मुर्गा रखने के लिए 2000 sqayer फट की जरुरत पड़ेगी इसका एक चूजा ₹80 डेढ़ सौ तक ₹150 उपलब्ध हैइसकी फार्म शुरू करने के लिए आप SK Breeders Kadaknath Gadarwara 98275 45496 पर संपर्क कर सकते है

Posted by guri singh
Punjab
26-03-2019 08:07 PM
ਗੁਰੀ ਜੀ ਇਸਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਅਨੁਮਾਨ ਲਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਪਪੀਤੇ ਦਾ ਪੌਦਾ ਹੈ

Posted by swapnil torne
Maharashtra
26-03-2019 07:57 PM
मुर्गी पालन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह .... (Read More)
मुर्गी पालन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है और ब्रॉयलर नस्लों में से वैनकोब 400 नस्ल बड़े स्तर पर सबसे बढ़िया मानी जाती है यह 35 दिनों तक लगभग 3 किलो फीड खाकर तकरीबन 1900—2000 ग्राम की हो जाती है और बाकी ज्यादा गर्मी और ठंड को काफी हद तक सहन करने की क्षमता रखती है बाकी आपके रख रखाव और बीमारियों पर टीकाकरण का खर्चा अलग है यह कुछ प्राथमिक जानकारी थी अंतत आप पहले किसी सफल पोल्ट्री फार्मर से जरूर मिलें आपको अन्य बातों एवं बारीकियों का पता लगेगा लोन लेने के लिए आपके पहले अपने नज़दीकी KVK से ट्रेनिंग लेनी होगी उस ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट पर आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हो वहां आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी.

Posted by Gurjant singh
Punjab
26-03-2019 07:56 PM
ਹਾਜੀ ਬਿਲਕੁੱਲ ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by amritpal singh
Punjab
26-03-2019 07:50 PM
Amritpal Singh ji Bohat saria Subsidy Scheme chal rahia han, jive ki dairy loan, shed loan, kheti sanda te Scheme. kirpa karke tusi eh daso ke tusi kis Scheme bare janna chode ho ta jo tuhanu us bare puri jankari diti ja sake.
Posted by Gagandeep singh maan
Punjab
26-03-2019 07:44 PM
ਇਸਦਾ ਕੰਮ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਗਰੋਥ ਕਰਵਾਉਣਾ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਿਚ ਮਿਨਰਲ, ਵਿਟਾਮਿਨ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕਰਨਾ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਸਮੇ ਤੇ ਹੀਟ ਵਿਚ ਲਿਆਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦਾ ਸਹੀ ਵਿਕਾਸ ਵੀ ਕਰਵਾਉਂਦਾ ਹੈ.
Posted by surinder singh
Haryana
26-03-2019 07:41 PM
सुरिंदर जी गेहूं का रेट 1840 रूपये प्रति क्विंटल चल रहा है, धन्यवाद

Posted by dharmendra gurjar
Madhya Pradesh
26-03-2019 07:39 PM
चना दाल का भाव 5200-5300 रूपये प्रति क्विंटल के लगभग चल रहा है

Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
26-03-2019 07:36 PM
ABS का सीमन लेने के लिए आप indians pharmacare pvt. ltd. पता: 246, punjabi pura,, Transport Nagar, Raghukul Vihar, गुप्ता कॉलोनी, Meerut, उत्तर प्रदेश 250002 फ़ोन: 081910 01038 सेसंपर्क करें, धन्यवाद

Posted by aman
Punjab
26-03-2019 07:28 PM
Aman ji jekar tuhanu rust da fark dikh reha hai ta tuhanu is di dubara spray karn di lod nahi hai.dhanwad

Posted by Amit Kumar Pandey
Madhya Pradesh
26-03-2019 07:15 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Rakesh Kumar Patidar
Madhya Pradesh
26-03-2019 07:03 PM
Rakesh ji aap iske uper Copper oxychloride@3gm ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by Lovepreet Gill
Punjab
26-03-2019 06:58 PM
ਜੇਕਰ ਫਲ ਡਿਗ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰ planofix 4 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਹ ਸਪਰੇ ਫਲ ਝੜਨ ਤੋਂ ਰੋਕਦੀ ਹੈ I

Posted by Gurii sidhu
Punjab
26-03-2019 06:52 PM
guri sidhu ji isda beej tuc local market vicho lai sakde ho. dhanwad
Posted by Deepak kumar
Haryana
26-03-2019 06:43 PM
दीपक कुमार जी आप ट्राइकोडर्मा की फोटो नीचे देख सकते है
Posted by shivraj dhillon ghudda
Punjab
26-03-2019 06:38 PM
ਗੰਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਫਾਸਲਾ ਵ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ
ਉੱਪ-ਊਸ਼ਣ ਕਟਬੰਦੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਤਾਰਾਂ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 60-120 ਸੈ.ਮੀ. ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ
ਗੰਨੇ ਨੂੰ 3-4 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਤਰੀਕਾ
A) ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਉਚਿੱਤ ਢੰਗ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਡੂੰਘੀਆਂ ਖਾਲੀਆਂ, ਵੱਟਾਂ ਬਣਾ ਕੇ, ਕਤਾਰਾਂ ਦੇ ਜੋੜੇ ਬਣਾ ਕੇ .... (Read More)
ਗੰਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਫਾਸਲਾ ਵ ਅਲਗ ਅਲਗ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ
ਉੱਪ-ਊਸ਼ਣ ਕਟਬੰਦੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਕਤਾਰਾਂ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 60-120 ਸੈ.ਮੀ. ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ
ਗੰਨੇ ਨੂੰ 3-4 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਤਰੀਕਾ
A) ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਉਚਿੱਤ ਢੰਗ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਡੂੰਘੀਆਂ ਖਾਲੀਆਂ, ਵੱਟਾਂ ਬਣਾ ਕੇ, ਕਤਾਰਾਂ ਦੇ ਜੋੜੇ ਬਣਾ ਕੇ ਅਤੇ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ
1) ਖਾਲੀਆਂ ਅਤੇ ਵੱਟਾਂ ਬਣਾ ਕੇ ਸੁੱਕੀ ਬਿਜਾਈ: ਟਰੈਕਟਰ ਵਾਲੀ ਵੱਟਾਂ ਪਾਉਣ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਵੱਟਾਂ ਅਤੇ ਖਾਲੀਆਂ ਬਣਾਓ ਅਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵੱਟਾਂ ਅਤੇ ਖਾਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਵੱਟਾਂ ਵਿੱਚ 90 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਗੰਨੇ ਦੀਆਂ ਗੁੱਲੀਆਂ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਦੱਬੋ ਅਤੇ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ
2) ਕਤਾਰਾਂ ਦੇ ਜੋੜੇ ਬਣਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ: ਖੇਤ ਵਿੱਚ 150 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਖਾਲੀਆਂ ਬਣਾਓ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ 30-60-90 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਵੱਟਾਂ ਵਾਲੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਵੱਧ ਝਾੜ ਮਿਲਦਾ ਹੈ
3) ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਬਿਜਾਈ: ਟੋਏ ਪੁੱਟਣ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ 60 ਸੈ.ਮੀ. ਵਿਆਸ ਦੇ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘੇ ਟੋਏ ਪੁੱਟੋ, ਜਿਨਾਂ ਵਿੱਚ 60 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਹੋਵੇ ਇਸ ਨਾਲ ਗੰਨਾ 2-3 ਵਾਰ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਆਮ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25% ਵੱਧ ਝਾੜ ਆਉਂਦਾ ਹੈ
B) ਇੱਕ ਅੱਖ ਵਾਲੇ ਗੰਨਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ: ਸਿਹਤਮੰਦ ਗੁੱਲੀਆਂ ਚੁਣੋ ਅਤੇ 75-90 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਰਕ ਅਤੇ ਖਾਲ਼ੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਗੁੱਲੀਆਂ ਇੱਕ ਅੱਖ ਵਾਲੀਆਂ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਹਨ ਜੇਕਰ ਗੰਨੇ ਦੇ ਉੱਪਰਲੇ ਹਿੱਸੇ ਵਿੱਚੋਂ ਛੋਟੀਆਂ ਗੁੱਲੀਆਂ ਚੁਣੀਆਂ ਗਈਆਂ ਹੋਣ ਤਾਂ ਬਿਜਾਈ 6-9 ਇੰਚ ਦੇ ਫਰਕ ਤੇ ਕਰੋ ਵਧੀਆ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਅੱਖਾਂ ਨੂੰ ਉਪਰ ਵੱਲ ਨੂੰ ਕਰਕੇ ਰੱਖੋ ਮਿੱਟੀ ਨਾਲ ਅੱਖਾਂ ਨੂੰ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ

Posted by manjinder singh
Punjab
26-03-2019 06:33 PM
manjinder ji eh fungus de karn ho reha hai isde layituc tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by Rajan shrivastava
Bihar
26-03-2019 06:17 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by jitender Maan
Rajasthan
26-03-2019 06:16 PM
उसे आप सुबह के समय दही दें दोपहर को pappy choice का दलिया या Royal canin Pappy starter feed दें और शाम को दूध दें
Posted by manmandar singh
Punjab
26-03-2019 06:12 PM
Manmander ji tuc nal diti pdf vich is variety bare jankari lai sakde ho.
Posted by Harjeet singh
Punjab
26-03-2019 06:08 PM
Harjeet singh ji tuci uss nu Agrimin super powder 100gm rojana deo ji isde nal tuci Ovumin bolus rojana 1 goli ate 21 din tak deo ji, iss nal jaldi heat vich awegi.
Posted by shailender singh
Uttar Pradesh
26-03-2019 06:07 PM
शैलेंदर जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसकी रोकथाम के लिए tilt@200ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें कृपया माखी की फोटो भेजे ताकि आपको उसके हिसाब से इलाज बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by yogash
Madhya Pradesh
26-03-2019 06:03 PM
योगेश जी आप मूंग की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप मक्की की बिजाई कर सकते है, धन्यवाद

Posted by Ajay Dahiya
Delhi
26-03-2019 06:03 PM
अजय दहिया जी तुलसी के पत्ते कई बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए सर्वोत्तम हैं, धन्यवाद
Posted by Lakhdeep Singh Boosar
Punjab
26-03-2019 05:38 PM
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ Fast-M ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼.... (Read More)
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ Fast-M ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by makhan chahal
Punjab
26-03-2019 05:20 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ ਤੇਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਇਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਮਿਲੀ ਦਿਓ ਦਿਓ ਅਤੇ ਟੋਟਲ ਇਕ ਲਿਟਰ ਤਕ ਪਿਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Jasvir singh
Punjab
26-03-2019 05:09 PM
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਮੀਟ ਲਈ ਖਰੀਦੇ ਤਾਂ ਇਹ 5000 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਵਿਕੇਗਾ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇਹ ਕੋਈ ਚੰਗੀ ਨਸਲ ਹੈ ਤੇ ਨਸਲ ਲਈ ਵੇਚਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਵੱਧ ਵੀ ਵਿਕ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਨਸਲ ਕਿੰਨੀ ਕੁ ਖਾਸ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਕੋਲੋ ਦੇਖ ਕੇ ਹੀ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਜੀ

Posted by pappu Kumar Thakur
Bihar
26-03-2019 05:02 PM
पप्पू जी किर्प्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछे कि आपको अरंडी के पेड़ के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by love
Punjab
26-03-2019 04:58 PM
ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ 40-45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਰ ਜਿਆਦਾ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਰਤ ਵਿੱਚ ਐਂਟੇਰਾਜੀਨ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀ. ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਪ੍ਰੇਅ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿੱਟੀ ਉੱਪਰ ਖਾਦ ਦੀ ਪਤਲੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਜੜਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਲਾਓ

Posted by Indraraj
Uttar Pradesh
26-03-2019 04:57 PM
इंद्राराज जी सवाल का जवाब 24 घंटे के अंदर मिल जाता है, यदि 24 घंटे तक जवाब नहीं मिलता है तो हमारे हेल्पलाइन नंबर 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by vijay
West Bengal
26-03-2019 04:55 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारीऔर इस की ट्रेनिंग के लिए आप Regional Research Centre, Rahara Rahara Fish Farm, P.O. Rahara, Kolkata-700117, West Bengal Ph.& Fax: +91-33-25683023, E-mail: raharacifa@gmail.com से संपर्क करें
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਬੰਗੀ
Punjab
26-03-2019 04:48 PM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ 1-3 ਸਾਲ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 5-20 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 100-300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ 4-6 ਸਾਲ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 25-50 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 100-300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ 7-9 ਸਾਲ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 60-90 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 600-800 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ ਜਦੋਂ ਫਸਲ 10 ਸਾਲ ਦੀ ਜਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 100 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 800-1600 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁ.... (Read More)
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ 1-3 ਸਾਲ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 5-20 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 100-300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ 4-6 ਸਾਲ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 25-50 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 100-300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ 7-9 ਸਾਲ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 60-90 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 600-800 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ ਜਦੋਂ ਫਸਲ 10 ਸਾਲ ਦੀ ਜਾਂ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 100 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 800-1600 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਰੁੱਖ ਪਾਓ
ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ, ਜਦਕਿ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ, ਪਹਿਲਾਂ ਫਰਵਰੀ ਅਤੇ ਫਿਰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਪਹਿਲੀ ਵਾਰ ਯੂਰੀਆ ਪਾਉਂਦੇ ਸਮੇਂ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾਓ

Posted by Sunil Kaushal
Punjab
26-03-2019 04:48 PM
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਭੂਰੇ ਧੱਬੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜਿਆਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ PR 122 ਇਹ ਕਿਸਮ 147 ਦਿਨ ਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR 123 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 143 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR-114 ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਿਰਯਾਤ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀਂ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾਉਣ ਦੀ ਤਾਰੀਖ 20 ਜੂਨ ਦੀ ਖਬਰ ਆ ਰਹੀ ਹੈ
ਕਣਕ ਨੂੰ ਵੱਢਣ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਪਾਣੀ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਮੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Indraraj
Uttar Pradesh
26-03-2019 04:40 PM
यह मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है इसे रेतली दोमट से दोमट मिट्टी जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और अच्छे जल निकास वाली हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है खारी मिट्टी में खेती करने से परहेज करें क्योंकि यह स्टीविया के लिए हानिकारक होती है पौधे के विकास के लिए मिट्टी का pH 6-8 होना चाहिए स.... (Read More)
यह मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है इसे रेतली दोमट से दोमट मिट्टी जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और अच्छे जल निकास वाली हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है खारी मिट्टी में खेती करने से परहेज करें क्योंकि यह स्टीविया के लिए हानिकारक होती है पौधे के विकास के लिए मिट्टी का pH 6-8 होना चाहिए स्टीविया की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार खेत की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक, खेत की 2-3 बार जोताई करें जोताई के समय मिट्टी में ट्राइकोडरमा अच्छे से मिलायें और आखिरी जोताई के समय रूड़ी की खाद मिट्टी में अच्छे से मिलायें स्टीविया की रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च का समय उचित होता है नए पौधों में 18 इंच का फासला और पंक्ति के बीच का फासला 20-24 इंच रखें बिजाई के बाद, 6-7 सप्ताह के नए पौधे खेत में रोपण किए जाते हैं नए पौधों की रोपाई, 30000 बीजों को एक एकड़ खेत में डालें स्टीविया के बीजों को 6-8 सप्ताह तक कंटेनरों के भीतर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को मिट्टी से ढक दें मिट्टी में नमी रखने के लिए पानी देते रहें झाड़ियों के बढ़िया विकास के लिए रोपाई से पहले पौधे के शिखर को काट दें पौधों की रोपाई 60 सैं.मी. चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचाई वाले तैयार बैडों पर की जाती है पौधे 6-8 सप्ताह में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई से 24 घंटे पहले पौधों को पानी देना चाहिए ताकि उन्हें आसानी से बैडों में से निकाला जा सके खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद 200 क्विंटल, गाय का गोबर या मूत्र और गंडोया खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 11 किलो (यूरिया 24 किलो), फासफोरस 45 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 282 किलो), पोटाश 45 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 75 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंगल सुपर फासफेट की पूरी मात्रा शुरूआती खुराक के तौर पर डालें नाइट्रोजन और पोटाश की मात्रा प्रति महीना 10 खुराकें दी जाती है अधिक सूखे पत्तों कीपैदावार के लिए बोरोन और मैगनीज़ की स्प्रे करें खेत में से नदीनों को निकालने के लिए मुख्यत: हाथों से गोडाई करें रोपाई के एक महीना बाद पहली गोडाई की जाती है और फिर हर दो सप्ताह में लगातार गोडाई की जाती है नदीनों को बाहर निकालने के लिए गोडाई करें क्योंकि फसल तैयार किये बैडों पर विकास करते है और यह मजदूरों के लिए भी आसान होता है सिंचाई मुख्य रूप से फुव्वारा और ड्रिप सिंचाई द्वारा की जाती है पौधे को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती इसलिए नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करें गर्मियों में, 8 दिनों के फासले पर सिंचाई करें खेत में पानी ना खड़ा होने दें यह फसल के लिए नुकसानदायक है बिजाई के बाद 3 महीने में पौधा पैदावार देना शुरू कर देता है कटाई 90 दिनों के फासले पर लगातार की जाती है इस बात का ध्यान रखें कि कटाई करते समय 5-8 सैं.मी. तने को दोबारा पनपने के लिए जमीनी स्तर पर छोड़ देना चाहिए एक वर्ष में लगभग चार बार कटाई की जाती है दोबारा प्रक्रिया के लिए, पत्तों का प्रयोग किया जाता है

Posted by s.k.singh
Uttar Pradesh
26-03-2019 04:36 PM
यह मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है इसे रेतली दोमट से दोमट मिट्टी जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और अच्छे जल निकास वाली हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है खारी मिट्टी में खेती करने से परहेज करें क्योंकि यह स्टीविया के लिए हानिकारक होती है पौधे के विकास के लिए मिट्टी का pH 6-8 होना चाहिए स.... (Read More)
यह मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है इसे रेतली दोमट से दोमट मिट्टी जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और अच्छे जल निकास वाली हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है खारी मिट्टी में खेती करने से परहेज करें क्योंकि यह स्टीविया के लिए हानिकारक होती है पौधे के विकास के लिए मिट्टी का pH 6-8 होना चाहिए स्टीविया की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार खेत की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक, खेत की 2-3 बार जोताई करें जोताई के समय मिट्टी में ट्राइकोडरमा अच्छे से मिलायें और आखिरी जोताई के समय रूड़ी की खाद मिट्टी में अच्छे से मिलायें स्टीविया की रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च का समय उचित होता है नए पौधों में 18 इंच का फासला और पंक्ति के बीच का फासला 20-24 इंच रखें बिजाई के बाद, 6-7 सप्ताह के नए पौधे खेत में रोपण किए जाते हैं नए पौधों की रोपाई, 30000 बीजों को एक एकड़ खेत में डालें स्टीविया के बीजों को 6-8 सप्ताह तक कंटेनरों के भीतर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को मिट्टी से ढक दें मिट्टी में नमी रखने के लिए पानी देते रहें झाड़ियों के बढ़िया विकास के लिए रोपाई से पहले पौधे के शिखर को काट दें पौधों की रोपाई 60 सैं.मी. चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचाई वाले तैयार बैडों पर की जाती है पौधे 6-8 सप्ताह में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई से 24 घंटे पहले पौधों को पानी देना चाहिए ताकि उन्हें आसानी से बैडों में से निकाला जा सके खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद 200 क्विंटल, गाय का गोबर या मूत्र और गंडोया खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 11 किलो (यूरिया 24 किलो), फासफोरस 45 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 282 किलो), पोटाश 45 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 75 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंगल सुपर फासफेट की पूरी मात्रा शुरूआती खुराक के तौर पर डालें नाइट्रोजन और पोटाश की मात्रा प्रति महीना 10 खुराकें दी जाती है अधिक सूखे पत्तों कीपैदावार के लिए बोरोन और मैगनीज़ की स्प्रे करें खेत में से नदीनों को निकालने के लिए मुख्यत: हाथों से गोडाई करें रोपाई के एक महीना बाद पहली गोडाई की जाती है और फिर हर दो सप्ताह में लगातार गोडाई की जाती है नदीनों को बाहर निकालने के लिए गोडाई करें क्योंकि फसल तैयार किये बैडों पर विकास करते है और यह मजदूरों के लिए भी आसान होता है सिंचाई मुख्य रूप से फुव्वारा और ड्रिप सिंचाई द्वारा की जाती है पौधे को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती इसलिए नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करें गर्मियों में, 8 दिनों के फासले पर सिंचाई करें खेत में पानी ना खड़ा होने दें यह फसल के लिए नुकसानदायक है बिजाई के बाद 3 महीने में पौधा पैदावार देना शुरू कर देता है कटाई 90 दिनों के फासले पर लगातार की जाती है इस बात का ध्यान रखें कि कटाई करते समय 5-8 सैं.मी. तने को दोबारा पनपने के लिए जमीनी स्तर पर छोड़ देना चाहिए एक वर्ष में लगभग चार बार कटाई की जाती है दोबारा प्रक्रिया के लिए, पत्तों का प्रयोग किया जाता है

Posted by sanchit sharma
Punjab
26-03-2019 04:26 PM
Super star insecticide vich Bifenthrin 10%EC naam da salt hai jo soondi nu marn lyi use kita janda hai. esdi dose @200 ml per acre da spray kr skde ho. Tele di roktham lyi Actara @40 gm per acre da spray kr skde ho.
Posted by Gurbinder singh
Punjab
26-03-2019 04:22 PM
ਤੁਸੀ 27p31, Sava 127,ਇਹ ਕਿਸਮਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਰੇਤਲੀ ਜਮੀਨ ਅਤੇ 2 no ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ . 27P31 ਝੋਨੇ ਦੀ hybrid ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 27-28 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ . ਇਹ 130-135 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਪੱਕਣ ਲਈ . sava 127 ਦਾ ਝਾੜ 30-32 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 110-115 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਵੀ ਕਿਸਮ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ .

Posted by khushwinder singh
Punjab
26-03-2019 04:14 PM
ਖੁਸ਼ਵਿੰਦਰ ਜੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਤਾਰ ਮਾਰਕੀਟ ਵਿੱਚੋ ਆਮ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਦੋ ਡੰਡੇ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਗੱਡੋ ਅਤੇ ਉਹਨਾਂ ਤੇ ਤਾਰ ਵਲ ਦਿਓ

Posted by Jaswant singh
Punjab
26-03-2019 04:12 PM
jaswant singh ji amb de boor pain same usde uper copper oxychloride@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo. boor fungus de karn sukan shuru kar dinda hai. dhanwad
Posted by harjeet singh
Punjab
26-03-2019 04:10 PM
ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਸੀ ਪੀ ਏ ਯੂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਜਾ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕੇ ਵੀ ਕੇ ਸੈਂਟਰ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Kuldeep Singh
Haryana
26-03-2019 03:38 PM
मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग आपको आपके ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से मिलेगी सबसे पहले आप यह दिन की ट्रेनिंग अवश्य ले उसके बाद आप अपने नज़दीकी फार्मर जो मधुमखी पालन का काम करता हो उनसे आपको बक्से और माखी मिल जाएंगे मार्च अप्रैल का महीना सही आप इस महीने में मधु मक्खी आपको सस्ती मिल जाएगी आपका नज़दीकी कृषि विज्.... (Read More)
मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग आपको आपके ज़िले के कृषि विज्ञानं केंद्र से मिलेगी सबसे पहले आप यह दिन की ट्रेनिंग अवश्य ले उसके बाद आप अपने नज़दीकी फार्मर जो मधुमखी पालन का काम करता हो उनसे आपको बक्से और माखी मिल जाएंगे मार्च अप्रैल का महीना सही आप इस महीने में मधु मक्खी आपको सस्ती मिल जाएगी आपका नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र का पता KVK, Jagdishpur Sonipat है जी
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
26-03-2019 03:19 PM
Harpal Singh ji Jekar near pashu mandi di gal karia ta tuhanu sabh to near Jagraon Pashu mandi hi lage gi jitho tuhanu har nasal da vadia pashu mil javega, Eh mandi har mahine 23 tareekh nu lagdi hai. Dhanwad

Posted by laxman prasad mahto
Jharkhand
26-03-2019 03:15 PM
लछमन प्रसाद माहतो जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image













