
Posted by Rajwinder singh Dhillon
Punjab
29-03-2019 08:43 AM
ਕੇਹੜਾ ਏਰੀਏ ਹੈ ਤੁਹਾਡਾ ਬੀਜ ਦੀ ਚੋਣ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਪੀ ਏ ਯੂ ਤੋਂ ਵੀ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਮੇਰੇ ਕੋਲੋਂ ਵੀ ਕਈ ਵਰਾਇਟੀਆ ਹਨ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ 94632-26244

Posted by Chandra pal
Uttar Pradesh
29-03-2019 08:40 AM
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.
Posted by shashwat shukla
Rajasthan
29-03-2019 08:35 AM
Shahwat ji kesar ki kheti sirf kashmir ke ki jati hai jaha temperature minus me hota hai. iske bare men pushti karn ke liye aap Javid Ahmed- 95964 93260 ji se sampark kar sakte hai.dhanywad

Posted by khushwinder singh
Punjab
29-03-2019 08:30 AM
ਆਲੂ ਮੋਟੇ ਕਰਨ ਲਈ Gibberellic acid @400 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਪਰੰਤੂ ਜੇਕਰ ਵੇਲ ਕਟਾਈ ਵਾਲੀ ਹੋ ਗਈ ਹੈ ਤਾਂ ਫਿਰ ਸਪਰੇਅ ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
29-03-2019 08:28 AM
ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ 150 ਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਬੂਟੇ ਦੀ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rajendra Kumar
Madhya Pradesh
29-03-2019 08:27 AM
लौकी और कद्दू में मादा फूल की अपेक्षा नर फूल ज्यादा लग रहे हैं क्या करे जिससे मादा फूल ज्यादा लगें ?
राजेंद्र जी कद्दू और लौकी में आप 3G कटिंग करें 3g कटिंग एक बढ़िया तरीका है फल ज्यादा लेने का इसकी कटाई के दौरान पौधे की पहली शाखा के फूल को तोड़ दिया जाता है इस शाखा के फल और फूल लगभग नर ही होते है फिर दूसरी टहनी जो पहली टहनी से बनी होती है उसके भी फूल तोड़ दिए जाते है जो दूसरी और तीसरी शाखा होती है उसके फूल रख लिए जाते .... (Read More)
राजेंद्र जी कद्दू और लौकी में आप 3G कटिंग करें 3g कटिंग एक बढ़िया तरीका है फल ज्यादा लेने का इसकी कटाई के दौरान पौधे की पहली शाखा के फूल को तोड़ दिया जाता है इस शाखा के फल और फूल लगभग नर ही होते है फिर दूसरी टहनी जो पहली टहनी से बनी होती है उसके भी फूल तोड़ दिए जाते है जो दूसरी और तीसरी शाखा होती है उसके फूल रख लिए जाते है इसे 3g कटिंग कहा जाता है
Posted by चौधरी अशोक राणा
Haryana
29-03-2019 08:15 AM
चौधरी अशोक राणा जी राम राम कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Maninderjeet singh
Punjab
29-03-2019 08:10 AM
मनिंदरजीत जी आप इसकी बिजाई क्र सकते हैं, यह प्राइवेट कंपनी का बीज है, धन्यवाद

Posted by Jugraj BrAr
Punjab
29-03-2019 08:10 AM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਐਕਟਾਰਾ @80 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 120 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by akashdeep
Punjab
29-03-2019 08:08 AM
Akashdeep ji Fogger System bare vistar vich jankari lai Rajat Sharma 9643828615 nal samparak kar sakde ho.

Posted by Sukhwant Singh Sandhu
Punjab
29-03-2019 08:04 AM
Sukhwant singh ji Bagwani scheme bare puri jankari lai tusi apne jile de KVK (Krishi Vigyan Kendra, Fazilka, Punjab) nal samparak kar sakde ho.
Posted by Harjeet singh
Punjab
29-03-2019 08:03 AM
harjeet ji kirpa karke daso ke boote di umar kini hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by SUKHDEV Singh
Punjab
29-03-2019 08:00 AM
Sukhdev singh ji tuci isdi ADD sadi dusri AAP apni kheti buy/sell te upload kr skde ho uthe tuhanu iss nu khridan wale kai kisan mill jange , iss vare jyada jankari lai tuci sade helpline no. 97799-77641 te sampark ker skde ho.

Posted by jatinder saini
Punjab
29-03-2019 07:50 AM
Government walo crop insurance policy ditti jndi bt esdi poori jaankai and process lyi Agriculture Department de ADO nal contact krke hi pta lgg skda hai g..

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
29-03-2019 07:39 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਲੀਆ ਮਿਰਚਾਂ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਲਿਆ ਕੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀ ਵਾਲਾ ਪੇਠਾ 1 ਕਿਲੋ ਰੋਜਾਨਾ ਖਿਲਾਓ, 5 ਦਿਨ ਦੇਣ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਜੇਕਰ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਨੂੰ carpaid injection 10ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹ carries company ਦਾ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਹੈ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ cotalife injection ਲਗਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ,ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚੋਂ ਕੋਈ ਵੀ ਇੱਕ ਲਗਵਾਓ.

Posted by kulvir singh
Punjab
29-03-2019 07:36 AM
kulvir ji eh tat di kami de karn ho rahi hai isde layi tuc NPK 19:19:19@7gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
29-03-2019 07:08 AM
ਰਾਜਵੀਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jaspal singh
Haryana
29-03-2019 07:00 AM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें , बकरी पालन के काम पर लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है और लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें

Posted by Rupinder singh
Punjab
29-03-2019 06:55 AM
Barseem vich soondi di roktham lyi Bifenthrin @200 ml per acre da spray kr skde ho.

Posted by pavittar singh
Punjab
29-03-2019 06:48 AM
Tuci cow nu Cargill di Transition mix feed deni suru kro , isde nal tuci Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate Anabolite liquid 100ml rojana deo ji, iss nal vdia duudh howega.

Posted by gurjit singh
Punjab
29-03-2019 06:42 AM
गुरजीत जी आप गेंहू को कटाई के 25 दिन पानी देना बंद कर देना चाहिए धन्यवाद

Posted by awadhesh
Uttar Pradesh
29-03-2019 02:45 AM
अवदेश जी कृपया आप बताये कि आप कौन से औषधीय पौधे की जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Pardeep NoLiya
Haryana
29-03-2019 02:06 AM
Pardeep NoLiya जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by Abhishek Lamba
Rajasthan
29-03-2019 01:35 AM
अभिषेक लांबा जी कृपया हमें विस्तार से बताएं कि आप इसके बारे में क्या जानना चाहते हैं ताकि हम आपको उचित जानकारी प्रदान कर सकें, धन्यवाद
Posted by DILDAR SHARMA
Punjab
29-03-2019 12:31 AM
दिलदार शर्मा जी आप ग्वार की बिजाई कर सकते है इसे कम पानी की जरुरत होती है कृपया बताये के इसे नेहरी पानी लगता है जा नहीं ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Jiyaul
Uttar Pradesh
28-03-2019 11:59 PM
Sarson 1 kg mein se 300-400 mililiter oil approximately niklta hai.Yeh oil variety ke hisab se jyada v nikl skta hai g.Sarson oil ke mini plant ke bare mein aap processing department se contact kr skte ho g..
Posted by Jiyaul
Uttar Pradesh
28-03-2019 11:50 PM
Motio ki kheti bare puri jankari or is ki training ke lia aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.

Posted by DAVINDER Kumar
Punjab
28-03-2019 11:27 PM
Solar Panels bare puri jankari lai tusi Amrik Singh 9814221784 nal samparak kar sakde ho.
Posted by PARAMJEET Singh
Uttar Pradesh
28-03-2019 10:42 PM
मक्खी भगाने के आप यह नुस्के अपनाये
नीलगिरी के तेल की गंध मक्खीयों को पसंद नहीं होती जहाँ मक्खीयां आती हो वहां आस पास नीलगिरी के तेल में भीगा कपड़ा रखें मक्खीयां नहीं आएगी
नीबू को काट कर दो टुकड़े कर लें एक टुकड़े में छह सात लौंग घुसा दें लौंग का चौकोर हिस्सा बाहर होना चाहिए जहाँ से मक्खियाँ भगानी हो इसे वहा.... (Read More)
मक्खी भगाने के आप यह नुस्के अपनाये
नीलगिरी के तेल की गंध मक्खीयों को पसंद नहीं होती जहाँ मक्खीयां आती हो वहां आस पास नीलगिरी के तेल में भीगा कपड़ा रखें मक्खीयां नहीं आएगी
नीबू को काट कर दो टुकड़े कर लें एक टुकड़े में छह सात लौंग घुसा दें लौंग का चौकोर हिस्सा बाहर होना चाहिए जहाँ से मक्खियाँ भगानी हो इसे वहाँ रख दें लगभग दो मीटर की दूरी तक मक्खियाँ नहीं आएगी
जहाँ पोदिना या तुलसी या बेसिल का पौधा होता है वहां मक्खी नहीं आती पौधा ना हो तो इनकी सुखी पत्तियाँ पीस कर एक मलमल के कपडे में पोटली बना कर मक्खी आने वाली जगह रख दें मक्खीयां भाग जाएगी
कपूर जलाएं कपूर की गंध मिलते ही मक्खीयां गायब हो जाएँगी

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
28-03-2019 10:32 PM
gurwinder ji pipermint pudine di hi ik kisam hai. isdi bijai march mahine vich kiti jandi hai. isdi bijai de layi jdan di varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by Deepak kumar
Haryana
28-03-2019 10:29 PM
दीपक जी आप इस नंबर पर संपर्क करके 1401 के बीज ले सकते है यह Haryana Seed Development Corporation Limited फ़ोन: 0166 624 3297 का नंबर है आपको इनसे बीज मिल जायेगा धन्यवाद

Posted by Beant Singh
Punjab
28-03-2019 10:06 PM
ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਗੱਸਤ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Bhupinder singh
Punjab
28-03-2019 09:56 PM
Bhupinder ji kanak nu akhri pani ktayi to 25 din pehlan lao .dhanwad

Posted by Basir Iqbal
Bihar
28-03-2019 09:48 PM
हमारी एप पर सवाल पूछने के लिए धन्यवाद यदि आप व्यावसायिक स्तर पर लेयर फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं तो आप बी वी 300 नस्ल के साथ शुरू कर सकते हैं लेयर पोल्ट्री फ़ार्मिंग एक व्यापारिक अंडा उत्पादन व्यवसाय है, जहाँ पोल्ट्री पक्षियों को अंडे के लिए पाला जाता है लेयर पक्षी मुर्गियों की विशेष नस्ल हैं, वे 72 से 78 सप्त.... (Read More)
हमारी एप पर सवाल पूछने के लिए धन्यवाद यदि आप व्यावसायिक स्तर पर लेयर फार्मिंग शुरू करना चाहते हैं तो आप बी वी 300 नस्ल के साथ शुरू कर सकते हैं लेयर पोल्ट्री फ़ार्मिंग एक व्यापारिक अंडा उत्पादन व्यवसाय है, जहाँ पोल्ट्री पक्षियों को अंडे के लिए पाला जाता है लेयर पक्षी मुर्गियों की विशेष नस्ल हैं, वे 72 से 78 सप्ताह की आयु तक अंडे देती हैं लेयर पक्षी 18 से 19 सप्ताह की उम्र से अंडे देना शुरू कर देते हैं लेयर पोल्ट्री फार्मिंग मुर्गियों में, आप एक दिन के चिकन को पाल सकते हैं ये पक्षी 2.25 किलोग्राम फ़ीड की खपत के साथ एक किलो अंडे का उत्पादन करते हैं हाइब्रिड एग लेयर बर्ड का उत्पादन करने के लिए, आपको प्रजनन से पहले मुर्गा और मुर्गी की विभिन्न विशेषताओं पर विचार करना चाहिए उपयुक्त नस्लों का चयन करें जो आपके मौसम और आपके क्षेत्र के अनुकूल हों अंडे देने की उनकी क्षमता के आधार पर मुर्गियों का चयन करें लेयर मुर्गियों की नस्ल में एक अनुकूल प्रकृति होनी चाहिए जो आपके पर्यावरण और अंडे के उत्पादन की क्षमता से मेल खाती हो एक प्रसिद्ध हैचरी से स्वस्थ चूज़े खरीदें लेयर बर्ड हाउस में एक आरामदायक वातावरण होना चाहिए जो पक्षियों को अत्यधिक जलवायु परिस्थितियों से बचाता है घर में झुंड के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए,
आदर्श स्टॉकिंग घनत्व 2 वर्ग फीट प्रति पक्षी है घर में प्रवेश करने वाले सूरज की रोशनी को कम करने के लिए घर को पूर्व-पश्चिम दिशा की तरफ बनाना चाहिए घर को आयताकार आकार में बनाया जाना चाहिए दीवार की लंबाई 3 फुट लंबी साइड की दीवारें लोहे की चादरों, चांदी के बोर्ड या ईंटों से बनी होनी चाहिए और शेष दीवारें तार की जाली से बनी होनी चाहिए • घर की छत में एक परावर्तक सतह होनी चाहिए आपको घर के प्रवेश द्वार पर पैर स्नान की व्यवस्था करनी चाहिए • हिंसक जीवों के जोखिम को कम करने के लिए घर कि चारों और घास एवं पौधों से रहित होनी चाहिए घर को बंद किया जाना चाहिए, और घर के दरवाजे हमेशा लॉक होने चाहिए इसके अलावा यदि आपका कोई और सवाल है तो आप डॉ. jaydip 9758703488 को कॉल कर सकते हैं ये आपकी सहायता करेंगे
Posted by sharry
Punjab
28-03-2019 09:47 PM
sharry ji mausam vibhag de anusar kal tuhade ilake vich meeh pain di sambhavna hai. parso mausam lagbhag saaf rahega.dhanwad

Posted by yogesh
Delhi
28-03-2019 09:36 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी और इस की ट्रेनिंग के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by Paras Nath Maurya
Uttar Pradesh
28-03-2019 09:30 PM
पारस जी आप परवल की 1.5 -2.0 x 1.5 -2.0 मीटर के फासले पर बिजाई करनी चाहिए धन्यवाद

Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਲੱਖਾ ਬੰਬ
Punjab
28-03-2019 09:26 PM
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਵੱਢਣ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੀ

Posted by Indraraj
Uttar Pradesh
28-03-2019 09:19 PM
स्टीविया को हनी प्लांट के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह स्वाद में मीठा होता है यह एक प्राकृतिक स्वीटनर होता है जो कि शूगर के मरीजों को उनके शरीर में इंसुलन की मात्रा को संतुलित रखता है यह मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है इसे रेतली दोमट से दोमट मिट्टी जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और अ.... (Read More)
स्टीविया को हनी प्लांट के नाम से जाना जाता है क्योंकि यह स्वाद में मीठा होता है यह एक प्राकृतिक स्वीटनर होता है जो कि शूगर के मरीजों को उनके शरीर में इंसुलन की मात्रा को संतुलित रखता है यह मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है इसे रेतली दोमट से दोमट मिट्टी जिसमें जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और अच्छे जल निकास वाली हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है खारी मिट्टी में खेती करने से परहेज करें क्योंकि यह स्टीविया के लिए हानिकारक होती है पौधे के विकास के लिए मिट्टी का pH 6-8 होना चाहिए MDS -14 और MDS-13स्टीविया की किस्में हैं स्टीविया की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार खेत की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक, खेत की 2-3 बार जोताई करें जोताई के समय मिट्टी में ट्राइकोडरमा अच्छे से मिलायें और आखिरी जोताई के समय रूड़ी की खाद मिट्टी में अच्छे से मिलायें स्टीविया की रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च का समय उचित होता है नए पौधों में 18 इंच का फासला और पंक्ति के बीच का फासला 20-24 इंच रखें स्टीविया के बीजों को 6-8 सप्ताह तक कंटेनरों के भीतर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को मिट्टी से ढक दें मिट्टी में नमी रखने के लिए पानी देते रहें झाड़ियों के बढ़िया विकास के लिए रोपाई से पहले पौधे के शिखर को काट दें
पौधों की रोपाई 60 सैं.मी. चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचाई वाले तैयार बैडों पर की जाती है पौधे 6-8 सप्ताह में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई से 24 घंटे पहले पौधों को पानी देना चाहिए ताकि उन्हें आसानी से बैडों में से निकाला जा सके खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद 200 क्विंटल, गाय का गोबर या मूत्र और गंडोया खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 11 किलो (यूरिया 24 किलो), फासफोरस 45 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 282 किलो), पोटाश 45 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 75 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंगल सुपर फासफेट की पूरी मात्रा शुरूआती खुराक के तौर पर डालें नाइट्रोजन और पोटाश की मात्रा प्रति महीना 10 खुराकें दी जाती है
अधिक सूखे पत्तों कीपैदावार के लिए बोरोन और मैगनीज़ की स्प्रे करें खेत में से नदीनों को निकालने के लिए मुख्यत: हाथों से गोडाई करें रोपाई के एक महीना बाद पहली गोडाई की जाती है और फिर हर दो सप्ताह में लगातार गोडाई की जाती है नदीनों को बाहर निकालने के लिए गोडाई करें क्योंकि फसल तैयार किये बैडों पर विकास करते है और यह मजदूरों के लिए भी आसान होता है सिंचाई मुख्य रूप से फुव्वारा और ड्रिप सिंचाई द्वारा की जाती है पौधे को ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती इसलिए नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करें गर्मियों में, 8 दिनों के फासले पर सिंचाई करें खेत में पानी ना खड़ा होने दें यह फसल के लिए नुकसानदायक है बिजाई के बाद 3 महीने में पौधा पैदावार देना शुरू कर देता है कटाई 90 दिनों के फासले पर लगातार की जाती है इस बात का ध्यान रखें कि कटाई करते समय 5-8 सैं.मी. तने को दोबारा पनपने के लिए जमीनी स्तर पर छोड़ देना चाहिए एक वर्ष में लगभग चार बार कटाई की जाती है दोबारा प्रक्रिया के लिए, पत्तों का प्रयोग किया जाता है

Posted by sanjeew Gupta
Uttar Pradesh
28-03-2019 09:10 PM
Moti ki kheti ke bare mein poori jankari ke liye aap Bijender Chouhan 9719994499 se sampark kare.
Posted by Sukhbeer Sandhu Sarpanch
Punjab
28-03-2019 09:04 PM
ਮੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਮੱਛਰਾਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਮੱਛਰਾਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ

Posted by MANDEEP SINGH
Haryana
28-03-2019 08:48 PM
ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੂਨ – ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਰ ਜਿਸ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਉਚਿਤ ਵਿਵਸਥਾ ਹੈ ਉੱਥੇ ਸਿਤੰਬਰ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਅਤੇ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਪਪੀਤੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾ ਸੱਕਦੇ ਹਨ ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਜਮੀਂਨ ਦਾ ਸਮਤਲ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤਾਕਿ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰੁਕਾਵਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਰੁਕਾਵਟ .... (Read More)
ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੂਨ – ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਰ ਜਿਸ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ ਸਿੰਚਾਈ ਦੀ ਉਚਿਤ ਵਿਵਸਥਾ ਹੈ ਉੱਥੇ ਸਿਤੰਬਰ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਅਤੇ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਪਪੀਤੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾ ਸੱਕਦੇ ਹਨ ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ ਜਮੀਂਨ ਦਾ ਸਮਤਲ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤਾਕਿ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਰੁਕਾਵਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਦੀ ਰੁਕਾਵਟ ਹੋਣ ਨਾਲ ਤੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜੇ ਰਹਿਣ ਨਾਲ ‘ਕਾਲਰ ਰਾਟ’ ਨਾਮਕ ਬੀਮਾਰੀ ਲਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੋ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਨੁਕਸਾਨ ਕਰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਜਿਥੇ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਦਾ ਹੋਵੇ ਵਿਚ ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਦੋਮੱਟ ਤੇ ਬਾਲੂ ਮਿੱਟੀ ਪਪੀਤੇ ਦੇ ਖੇਤ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਹਨ ਪਪੀਤੇ ਦੀ ਇਕ ਨਵੀ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਵਾਸਤੇ ਇਥੋਂ ਦੇ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ P.A.U ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕਿਤੀ ਗਈ ਹੈ, ਇਸਨੂੰ ”ਰੇਡ ਲੇਡੀ 786” ਨਾਮ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿਰਫ 9 ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਹੀ ਫ਼ਲ ਦੇਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਨੂੰ ਫ਼ਲ ਵੀ ਬਹੁਤ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਨੂੰ ਪੰਜਾਬ ਤੋਂ ਬਿਨਾ ਹੋਰ ਇਲਾਕਿਆਂ ਹਰਿਆਣਾ, ਰਾਜਸਥਾਨ ਵਿਚ ਵੀ ਉਗਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸ਼ਹਿਦ ¨ਬਦੁ , ਕੁਰਮ , ਹਨੀ , ਪੂਸਾ ਡਿਲੀਸ਼ਿਅਸ , ਪੂਸਾ ਡਵਾਫੇ , ਪੂਸਾ ਨੰਹਾ , ਸੀਓ – 7 ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ ਪਪੀਤੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਬੀਜ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਬੂਟੇ ਲਾਉਣ ਲਈ 40 ਵਰਗ ਮੀਟਰ ਖੇਤਰ ਵਿਚ ਬੀਜ ਲਗਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਦੇ ਲਈ 125 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਕਾਫੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਮੀਟਰ ਚੌੜੀ ਅਤੇ ਪੰਜ ਮੀਟਰ ਲੰਮੀ ਕਿਆਰੀਆਂ ਬਣਾ ਲਵੋ ਹਰ ਇੱਕ ਕਿਆਰੀ ਵਿੱਚ ਖੂਬ ਸੜੀ ਗਲੀ ਗੋਬਰ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਕੇ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਲਗਾਕੇ 15 – 20 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਛੱਡ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਬੀਜ ਨੂੰ 3 ਗਰਾਮ ਕੈਪਟਾਨ ਦਵਾਈ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿੱਲੋ ਬੀਜ ਦੀ ਦਰ ਨਾਲ ਉਪਚਾਰ ਕਰਕੇ 15 ਸੈਟੀਮੀਟਰ . ਦੂਰੀ ਉੱਤੇ ਦੋ ਸੈਟੀਮੀਟਰ ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਇਕ ਏਕੜ ਵਿਚ ਪਪੀਤੇ ਦੇ 900 ਤੋਂ 1000 ਬੂਟੇ ਲਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀਂ ਮਨਜ਼ੂਰਸ਼ੁਦਾ ਨਰਸਰੀ ਵਲੋਂ ਤਿਆਰ ਬੂਟੇ ਵੀ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਹਰ ਹਫ਼ਤੇ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 15 – 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਤਣੇ ਦੇ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਨਹੀਂ ਖੜਾ ਹੋਣ ਦਿਓ 20 ਕਿੱਲੋ ਗੋਬਰ ਖਾਦ ਪ੍ਰਤੀ ਬੂਟਾ ਦਿਓ ਫਰਵਰੀ ਅਤੇ ਅਗਸਤ ਮਹੀਨਾ ਵਿੱਚ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਏਮੋਨਿਅਮ ਸਲਫੇਟ , ਸਿਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ ਦੋ ਅਨਪਾਤ ਚਾਰ ਅਨਪਾਤ ਇੱਕ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਪ੍ਰਤੀ ਪੌਦਾ ਦਿਓ ਬੂਟੇ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਠੀਕ 9 ਤੋਂ 10 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਵਕ਼ਤ ਦੇ ਬਾਅਦ ਫਲ ਤੋੜਨ ਲਾਇਕ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਕੁੱਝ ਹੀ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਫਲਾਂ ਦਾ ਰੰਗ ਹਰੇ ਰੰਗ ਤੋਂ ਬਦਲਕੇ ਪੀਲਾ ਰੰਗ ਦਾ ਹੋਣ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਫਲਾਂ ਉੱਤੇ ਨੋਂਹ ਮਾਰਨ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਜਗ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਨਿਕਲਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਫਲ ਪੱਕ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬਾਅਦ ਫਲਾਂ ਨੂੰ ਤੋੜ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ

Posted by रोहितसिंह
Madhya Pradesh
28-03-2019 08:43 PM
रोहित जी गिलकी की बिजाई मार्च महीने तक की जाती है इसके बाद इसकी बिजाई मई से जुलाई महीने में की जाती है धन्यवाद

Posted by pavittar singh
Punjab
28-03-2019 08:39 PM
uss nu tuci Enerboost powder 100ml gm rojana dena suru kro, isde nal tuci iss nu Halotas bolus 1-1 swere sham deo ji, iss nal gobar v vdia howega ate sarir di growth v ho jawegi.

Posted by Baljinder Singh
Haryana
28-03-2019 08:35 PM
बलजिंदर जी कृपया हमें विस्तार से बताएं कि आपने कौन सी खाद फसलों को डाली थी क्योंकि इसकी निचली पत्तियां नाइट्रोजन की कमी के कारण पीली हो रही हैं, धन्यवाद
Posted by Deepak kumar
Haryana
28-03-2019 08:34 PM
Deepak kumar g nematode ki problem hai to aap khet mein Carbofuron @5 kg per acre ke hisab se broadcast kr skte ho. isko khet mein dalne se pehle khet mein pani ka hona necessary hai.
Posted by jay
Gujarat
28-03-2019 08:32 PM
जय जी की ट्रेनिंग के लिए आप National Dairy Development Board Anand - 388 001, गुजरात, INDIA टेलीफोन: 91-2692-260148, 260149, 260159, 260160 फैक्स: 91-2692-260157, 260159 e-mail: anand@nddb.coop से सम्पर्क कर सकते है, इसके लिए आप 10 पास होना चाहिए, आप की उम्र 18 - 35 तक होनी चाहिए धन्यवाद
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