Posted by Arvinder Singh Cheema
Punjab
29-03-2019 02:22 PM
Moongi diyan tuc TMB-37, SML 832, SML 668 varieties di sowing kr skde ho g.
Posted by Sandeep
Haryana
29-03-2019 02:19 PM
isda bhutt vdia result hai , iss nu pashu de Mastitis hoon vich v dita ja skda hai ya tuci bimari ton pehla v de skde ho , iss nal bimari te control rehnda hai , iss nu 50 gm rojj dena hunda hai jekar pashu nu pishli varr bimari aayi howe tan v uss nu ehh ditaa jaa skda hai, ehh thana dia bimaria ton bacha rakhda hai ..

Posted by surya
Chattisgarh
29-03-2019 02:07 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसकी मार्केटिंग के लिए आप राशिद खान 9039693757 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Rakesh Saini
Punjab
29-03-2019 01:49 PM
ehh anda tutan krke hunda hai tuci iss nu pregstay gold powder 50 gm rojana deo,jekar 21 dina badd heet vich auundi hai tan heet vich aann te tuci iss nu tika isde blood suutan de hisab nal bhrwao , mtlv ek tikka blood suttan ton pehla 24-36 hours vich atte dujja tika blood krann ton badd bhrwao, atte ehh powder dinde rho..

Posted by Ravi Kumar
Punjab
29-03-2019 01:48 PM
ਰਵੀ ਕੁਮਾਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਮਿਰਚ ਦੇ ਪੌਧੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਦ ਉਗਣ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਇਸਦੀ ਪਕਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਪੁੱਛਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Irfan Khan
Bihar
29-03-2019 01:47 PM
Irfan Khan to get all the information about these you can contact to Dr Ramandeep 9814019470 (Agri Bussines ).

Posted by sanjay
Uttar Pradesh
29-03-2019 01:42 PM
ग्रामप्रिया प्रजाति की मुर्गियां भी दोहरी उपयोगिता वाली प्रजाती की मुर्गी है इसका अर्थ यह है के यह अंडा और मांस दोनों के लिए उपयोगी है, 18 महीने में यह 240 से 250 अंडे तक दे सकती है और इसका वजन 1.5 kg से 2 kg तक होता है

Posted by AMARVEER BUZRAK
Punjab
29-03-2019 01:37 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Biotrim IM ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 20 ਮਿਲੀ ਲਗਵਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Broton liqued 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
29-03-2019 01:20 PM
ਨਿਰਪਾਲ ਜੀ ਇਹ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 80 -100 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਬਰਸੀਮ ਨੂੰ ਕਿਹੜਾ ਕੀਤਾ ਲੱਗਿਆ ਹੈ

Posted by ਠਾਕੁਰ saab
Punjab
29-03-2019 01:12 PM
Ohna nu Injection Fortivir te Avil body weight de hisab nal lagwao ji.

Posted by karan cheema
Punjab
29-03-2019 01:01 PM
karan cheema ji tuc castor de paudhe di photo neeche dekh sakde ho.

Posted by arshad Ahmand
Uttar Pradesh
29-03-2019 01:00 PM
मोतियों की खेती के बारे में पूरी जानकारी और ट्रेनिंग के लिए बिजेंदर चौहान 9719994499 से संपर्क करें
Posted by Gurpartap singh
Punjab
29-03-2019 01:00 PM
gurpartap ji amle de boote nu jekar kalm nal laya janda hai ta isnu sma lagda hai fal aun te.
Posted by Harvinder singh
Punjab
29-03-2019 12:52 PM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਅਸਰ ਹੈ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ quinalphos @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ishwar kumar
Haryana
29-03-2019 12:42 PM
गोबर गैस प्लांट लगाने के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप अमरीक सिंह 9814221784 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by MANDEEP SINGH
Haryana
29-03-2019 12:39 PM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੇ ਵੀ Expert ਦਾ ਨੰਬਰ ਨਹੀਂ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ਆਪਣਾ ਜੋ ਵੀ ਸਵਾਲ ਹੈ ਐੱਪ ਤੇ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-03-2019 12:34 PM
beant ji neem de tel jo ke bjar vicho spray de layi milda hai usdi varto 50ml kiti jandi hai jehda ghr bnaunde han osdi matra 2ml varto kiti jandi hai.

Posted by Gurdeep singh
Punjab
29-03-2019 12:18 PM
गुरदीप जी यह ज्यादा सिंचाई के कारण होता है कि फल फटना शुरू हो जाता है इसके लिए पौधे को सही मात्रा और सही समय पर पानी दें

Posted by Kishor Rathore
Madhya Pradesh
29-03-2019 12:15 PM
किशोर जी नदीनों कि लिए जैविक उपाए यही है कि आप फसल की गुड़ाई करें इसके इलावा और कोई रास्ता नहीं है धन्यवाद

Posted by inderpal
Punjab
29-03-2019 12:12 PM
inderpal ji kanak da rate 1840 rupaye hai . isde nal koi hor extra bonus nahi milega.dhanwad

Posted by yash
Haryana
29-03-2019 12:09 PM
yash ji to treat yellow rust do a spray of Tilt@200ml dissolved in 150 litre of water.Thank you

Posted by nafeesh saifi
Uttar Pradesh
29-03-2019 12:03 PM
nafeesh saifi ji yeh barbari nasal ka sath cross breed hai ji. ye pure breed nahi hai ji.

Posted by anuj
Bihar
29-03-2019 11:59 AM
Anuj ji kripya aap vistar se swal pooche ke kheere men konse keet ka hamla hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ਰਣਜੋਧ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ
Punjab
29-03-2019 11:57 AM
ਰਣਯੋਧ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ bavistin @3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਝੜ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Lovepreet singh
Punjab
29-03-2019 11:54 AM
lovepreet ji eh tat di kami hai.isde layi tuc 4-5 killo vermi compost pao isde nal boote nu sare tat mil jange.dhanwad
Posted by anuraag sharma
Punjab
29-03-2019 11:52 AM
ਅਨੁਰਾਗ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਟੈਸਟ ਮਿੱਟੀ ਆਪਣੇ ਨਜਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇੰਦਰ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਪਤਾ ਹੈ :- Shamsher Nagar, Sirhind, Punjab 140406 Phone: 01763 221 217

Posted by rashaal Singh
Punjab
29-03-2019 11:41 AM
भैंस को vitum-H liquid 10-10ml सुबह शाम दें और Metabolite पाउडर रोजाना 50 ग्राम और Anabolite liquid 100 मि.ली. रोजाना दें।

Posted by sidhu
Punjab
29-03-2019 11:35 AM
सिद्धू जी यह आपको लोकल मार्किट में से ही मिल जायेगा इसका रेट भी आपको वहां से ही पता चल जायेगा, धन्यवाद

Posted by ਚਮਕੌਰ ਸਿੰਘ
Punjab
29-03-2019 11:32 AM
ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ:-PMH 1:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ,ਬਸੰਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਫਸਲ ਹੈ ਜੋ 95 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PMH-2:-ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਪੱਕਣ ਲਈ 83 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਸੇਂਜੂ ਅਤੇ .... (Read More)
ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ:-PMH 1:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਸਾਉਣੀ,ਬਸੰਤ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵੇਲੇ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਲੰਮੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਫਸਲ ਹੈ ਜੋ 95 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਤਣਾ ਮਜ਼ਬੂਤ ਅਤੇ ਜਾਮਣੀ ਰੰਗ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 21 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PMH-2:-ਇਹ ਘੱਟ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਪੱਕਣ ਲਈ 83 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਸੇਂਜੂ ਅਤੇ ਘੱਟ ਵਰਖਾ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਹ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮ ਸੋਕੇ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬਾਬੂ ਝੰਡੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਅਤੇ ਦਾਣੇ ਸੰਤਰੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 16.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by yogesh choudhary
Rajasthan
29-03-2019 11:29 AM
yogesh choudhary ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information.Thank you

Posted by khushwinder singh
Punjab
29-03-2019 11:01 AM
Khushwinder Singh ji Ashwagandha da Seed aap online bhi khreed sakte hai. us ke lia aap dia gae link par samparak kare. https://www.amazon.in/RK-Ashwagandha-seeds-aswagandha-Gooseberry/dp/B079GWDPV2 tag=googinhydr18418-21&tag=googinkenshoo-21&ascsubtag=_k_EAIaIQobChMIu-XUpdbj4QIV0BOPCh10eAWSEAYYBSABEgJ36_D_BwE_k_&gclid=EAIaIQobChMIu-XUpdbj4QIV0BOPCh10eAWSEAYYBSABEgJ36_D_BwE
Posted by Ramanand Pareek
Rajasthan
29-03-2019 10:58 AM
रामानंद जी आम के पेड़ को चार से पांच किल्लो वर्मीकम्पोस्ट डालें इस से पौधे को सरे तत्व मिल जायेगे और इनकी कमी के कारण जो फूल झड़ते है वो रुक जायेगे धन्यवाद
Posted by sukhdeep
Punjab
29-03-2019 10:51 AM
ਸੁਖਦੀਪ ਜੀ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਪਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਸਾਰੇ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਂਦੇ ਬੂਟਾ ਗਰੋਥ ਕਰਨ ਲੱਗ ਜਾਏਗਾ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਬੂਟੇ ਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ copper Oxygloride @3gm ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Bhabagrahi sahoo
Odisha
29-03-2019 10:46 AM
Bhabagrahi sahoo जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by khushwinder singh
Punjab
29-03-2019 10:45 AM
ਖੁਸ਼ਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਗਰਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਨਿਸਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸਦਾ ਹੁਣ ਕੋਈ ਇਲਾਜ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by jaswinder singh
Punjab
29-03-2019 10:45 AM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਸਿੰਂਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਆਡੀਓ ਸੁਣੋ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪੂਰੇ ਵਧੀਆਂ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ
Posted by balraj singh
Punjab
29-03-2019 10:38 AM
balraj ji eh kisam kisam te nirbahr karda hai ke isda jhaad kina niklda hai kirpa karke kisam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by shouvik dutta
Jharkhand
29-03-2019 10:30 AM
shouvik dutta जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए मनीष वासुदेव से 9417652857 पर संपर्क करें

Posted by Nissan singh
Punjab
29-03-2019 10:15 AM
uss nu tuci Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Lactin bolus 1-1 swere sham ate Anabolite liquid 100ml rojana dena suru kro, iss nal farak paan lgg jawega.
Posted by Lyrics Sandhu Gurwinder
Punjab
29-03-2019 09:49 AM
ਤੁਸੀ pailtox soap ਲਗਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ .... (Read More)
ਤੁਸੀ pailtox soap ਲਗਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ

Posted by ਰਣਧੀਰ ਧੀਰਾ
Punjab
29-03-2019 09:49 AM
ਮੂੰਗੀ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:- TMB-37 ਇਸਦਾ ਝਾੜ 4.9 ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ ਇਹ 60 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ SML 832 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 4.6 ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ ਇਹ ਵੀ 60 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ SML 668 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 4.5 ਕੁਇੰਟਲ ਹੈ
Posted by omkar Gadhave
Maharashtra
29-03-2019 09:37 AM
Moti ki kheti ke bare mein poori jankari ke liye aap Bamoriya Pearl Farm Phone: 097700 85381 se sampark kare.

Posted by Chandra pal
Uttar Pradesh
29-03-2019 09:33 AM
नीम के तेल की स्प्रे करने के लिए नीम के बीज की ज़रूरत होती है नीम के बीज इकट्ठे करें और इसे पानी में उबालें इसे 40-50 मिनट के लिए उबालें, उबालने के बाद पानी और नीम के बीजों को ठंडा करें ठंडा होने के बाद नीम के बीजों को रगड़ें रगड़ने के बाद इसे कपडे से छान लें उबालने के समय नीम के पत्ते, धतूरा के पत्ते और Asafoetidia (हींग) .... (Read More)
नीम के तेल की स्प्रे करने के लिए नीम के बीज की ज़रूरत होती है नीम के बीज इकट्ठे करें और इसे पानी में उबालें इसे 40-50 मिनट के लिए उबालें, उबालने के बाद पानी और नीम के बीजों को ठंडा करें ठंडा होने के बाद नीम के बीजों को रगड़ें रगड़ने के बाद इसे कपडे से छान लें उबालने के समय नीम के पत्ते, धतूरा के पत्ते और Asafoetidia (हींग) को भी मिला सकते है neem seeds@300ml को 150 लीटर पानी में प्रति एकड़ स्प्रे करें नुकसानदायक कीड़ों से फसल की रक्षा करने के लिए यह घरेलू तरीका लाभदायक है इसकी स्प्रे 7 दिनों के बाद की जाती है
Posted by Ashav Ghuman
Punjab
29-03-2019 09:32 AM
ਹਾਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਸੁਕਾ ਕੇ ਖਵਾ ਦਿਓ ਫਿਰ ਕੋਈ ਚੱਕਰ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਨਹੀ ਜੀ
Posted by ਡਾਕਟਰ ਮੇਜਰ ਸਿੰਘ ਧਾਲੀਵਾਲ
Punjab
29-03-2019 09:30 AM
ਬਰਸੀਮ ਵਿੱਚ ਗਾਲਾ ਉਲੀ ਕਰਕੇ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਉਲੀਨਾਸ਼ਕ M-45 @400 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by omkar Gadhave
Maharashtra
29-03-2019 09:24 AM
omkar Gadhave जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by suraj
Haryana
29-03-2019 09:14 AM
सूरज जी कृपया आप किसी स्प्रे का नाम बताये ताकि आपको उसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by saab kahlon
Punjab
29-03-2019 09:02 AM
ਤੁਸੀ pailtox soap ਲਗਾਓ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ .... (Read More)
ਤੁਸੀ pailtox soap ਲਗਾਓ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ
Posted by R Singh
Haryana
29-03-2019 08:56 AM
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्म.... (Read More)
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्में: Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त से अक्तूबर के अंत) में रोपाई की जाती है लोबिया, सब्जियों, फ्रैंच बीन्स के साथ अंतर फसली शुरूआती दो से तीन वर्ष में किया जा सकता है पौधों के बीच 4.5x4.5 फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलम लगाकर या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है 208 पौधे प्रति एकड़ का घनत्व बना कर रखना चाहिए पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर के नज़दीक से 50-60 सैं.मी. में शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस-पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में यूरिया 60-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन रक्षक सिंचाई जरूर करें फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है बसंत ऋतु में अकेली जड़ों को पानी देना पौधे को प्रभावित नहीं करता उचित आकार के होने के साथ आकर्षित रंग, शुगर की मात्रा 12:1 होने पर किन्नू के फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं किस्म के आधार पर फल मध्य जनवरी से मध्य फरवरी के महीने में तैयार हो जाते हैं कटाई उचित समय पर करें, ज्यादा जल्दी और ज्यादा देरी से कटाई करने पर घटिया गुणवत्ता के फल मिलते हैं उचित आकार और आकर्षक रंग लेने पर जब फल में टी एस एस 12:1 तेज़ाब की मात्रा 12:1 अनुपात हो जाने पर किन्नू तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते है किस्म के अनुसार किन्नू आमतौर पर मध्य- जनवरी से मध्य फरवरी में पक जाते है सही समय पर तुड़ाई करना जावश्यक है, क्योंकि समय से पहले या देरी से तुड़ाई करने से फलों की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए, इसे गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसकी खेती हल्की मिट्टी में भी की जा सकती है अनार की खेती के लिए, मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त होती है प्रसिद्ध किस्में: kabul,kandhari,Muscet red मिट्टी के भुरभुरा होने तक ज़मीन की दो से तीन बार जोताई करें ज़मीन को समतल और एक समान करने के लिए तवियों से जोताई करें इसकी बिजाई मुख्यत दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है उचित फासला मिट्टी की किस्म और जलवायु पर निर्भर करता है अनार की रोपाई के लिए, यदि वर्गाकार प्रणाली अपनाई गई है तो 5 मी x 5 मी फासले का प्रयोग करें रोपाई से एक महीना पहले बिजाई के लिए 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को 15 दिनों तक धूप में खुला छोड़ें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर गड्ढों को भरें गड्ढे भरने के बाद पानी डालें ताकि मिट्टी अच्छे से नीचे बैठ जाये बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है अनार का प्रजनन एयर लेयरिंग विधि द्वारा किया जाता है एयर लेयरिंग बारिश के मौसम के साथ साथ नवंबर-दिसंबर महीने में की जाती है एयर लेयरिंग विधि के लिए, एक से दो वर्ष के स्वस्थ, पकी हुई टहनियां जिनकी लंबाई 45-60 सैं.मी. और मोटाई पैंसिल जितनी हों, चुनें बिजाई से पहले, नए पौधों या कटिंग को IBA के घोल 1000 पी पी एम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में डुबोयें शुरूआती दो से तीन वर्षों में अंतरफसली संभव है अंतरफसली के तौर पर सब्जियों, फलीदार फसलें या हरी खाद वाली फसलें उगाई जा सकती हैं पहले वर्ष में गाय का गोबर 10 किलो प्रति पौधे में डालें कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट 500 ग्राम, एस एस पी 600 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 250 ग्राम प्रति पौधे में रोपाई के समय डालें गाय के गोबर, एस एस पी, म्यूरेट ऑफ पोटाश और नाइट्रोजन की आधी मात्रा दिसंबर से जनवरी महीने में डालें बाकी की नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को, फलों के पहली बार विकसित होने के समय और दूसरे भाग को, फलों के दूसरी बार विकसित होने के 4-5 सप्ताह पहले डालें रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करें उसके बाद, रोपाई के बाद 3 दिन से 10-15 दिनों के अंतराल पर पानी दें बारिश के मौसम में, निकास का प्रबंध करें क्योंकि यह फसल जल जमाव के हालातों में खड़ी नहीं रह सकती गर्मियों में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और सर्दियों में इसे बढ़ाकर 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें अनियमित सिंचाई से फूलों के गिरने में वृद्धि हो सकती है फलों के विकसित होने की अवस्था में पानी की कमी ना होने दें और पानी की कमी होने पर अत्याधिक पानी देने से फलों में दरारें पड़ जाती हैं और फल गिर जाता है इसलिए फूल निकलने से लेकर तुड़ाई की अवस्था तक नियमित और पर्याप्त सिंचाई दें तुपका सिंचाई से अनार अच्छे परिणाम देते हैं तुपका सिंचाई से ना केवल पानी की बचत होती है बल्कि पानी की कम मात्रा में अच्छी उपज भी मिलती है नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग की जा सकती है नदीनों की रोकथाम के साथ साथ मिट्टी में नमी को संरक्षित करने में मदद करता है और और वाष्पीकरण हानि को भी कम करता है कटाई और छंटाई ताजी सेहतमंद टहनियों की वृद्धि करने में मदद करती है बीमारी से और घनी शाखाओं को निकाल दें यह पौधे के आकार को उचित बनाए रखता है फूल निकलने के बाद, फल 5-6 महीनों में पक जाते हैं जब फल हरे से हल्के पीले या लाल रंग का हो जाये, या फल पकना शुरू हो जाये तो यह तुड़ाई के लिए उपयुक्त समय होता है तुड़ाई करने में देरी ना करें क्योंकि इससे फलों में दरारें आ जाती हैं जिससे पैदावार कम हो जाती है तुड़ाई के बाद, फलों को एक सप्ताह के लिए छांव में स्टोर करके रखें यह फल के छिल्के को सख्त होने में मदद करेगा ताकि एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में नुकसान कम हो फलों को भार के अनुसान छांटे
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