
Posted by sukhwinderdhaliwal
Punjab
02-04-2019 01:08 PM
ਕਣਕ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਦ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ 12-15 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬੀਜੋ ਹਰੀ ਖਾਦ ਦੇ ਲਈ ਜੰਤਰ ਦਾ ਬੀਜ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜੋ ਬਾਜਰੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੀਜ 6 - 8 ਕਿੱਲੋ ਬੀਜ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by Amit Sigar
Punjab
02-04-2019 12:51 PM
RCH134Bt: यह कपास की सबसे उच्च पैदावार वाली बी टी किस्म है यह किस्म सुंडी और अमेरिकन सुंडी की रोधक है यह किस्म 160-165 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 11.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके रेशे की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है और इसकी पिंजाई के बाद 34.4 प्रतिशत तक रूई तैयार होती है RCH 317Bt: यह कपास की उच्च पैदावा.... (Read More)
RCH134Bt: यह कपास की सबसे उच्च पैदावार वाली बी टी किस्म है यह किस्म सुंडी और अमेरिकन सुंडी की रोधक है यह किस्म 160-165 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 11.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके रेशे की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है और इसकी पिंजाई के बाद 34.4 प्रतिशत तक रूई तैयार होती है RCH 317Bt: यह कपास की उच्च पैदावार वाली बी टी किस्म है यह किस्म धब्बेदार सुंडी और अमेरिकन सुंडी की रोधक है यह किस्म 160-165 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इस किस्म के टिंडे का भार 3.8 ग्राम होता है और यह पूरी तरह फूल कर खिल जाता है इसकी औसतन पैदावार 10.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी पिंजाई के बाद 33.9 प्रतिशत तक रूई तैयार हो जाती है MRC 6301Bt: यह कपास की उच्च पैदावार वाली बी टी किस्म है यह किस्म धब्बेदार सुंडी और अमेरिकन सुंडी की रोधक है यह किस्म 160-165 दिनों में तैयार हो जाती है इसके टिंडे का भार 4.3 ग्राम होता है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इसकी पिंजाई के बाद 34.7 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है MRC 6304BT: यह कपास की उच्च पैदावार वाली बी टी किस्म है यह किस्म धब्बेदार सुंडी और अमेरिकन सुंडी की रोधक है यह किस्म 160-165 दिनों में तैयार हो जाती है इसके टिंडे का भार 3.9 ग्राम होता है इसकी औसतन पैदावार 10.1 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और इसकी पिंजाई के बाद 35.2 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है Ankur 651: यह किस्म तेले और पत्ता मरोड़ की रोधक है बूटे का औसतन कद 97 सैं.मी. होता है यह किस्म 170 दिनों में तैयार हो जाती है यह किस्म नर्मा गेहूं के फसली चक्र के अनुकूल है इसकी औसतन पैदावार 7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी पिंजाई के बाद 35.2 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है Whitegold: यह हाइब्रिड किस्म है, जो कि पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक है इसके पत्ते गहरे हरे रंग के, चौड़े और उंगलियों के आकार के बने होते हैं बूटे का औसतन कद 125 सैं.मी. होता है यह किस्म 180 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 6.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसकी पिंजाई के बाद 30 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है LHH 144: यह हाइब्रिड किस्म है, जो कि पत्ता मरोड़ बीमारी की रोधक है इसके पत्ते भिंडी के पत्तों जैसे होते हैं इसके टिंडे का औसतन भार 5.5 ग्राम होता है यह किस्म 180 दिनों में तैयार हो जाती है यह किस्म कपास- गेहूं के फसली चक्र के अनुकूल है इसकी औसतन पैदावार 7.6 क्विंटल प्रति एकड़ है और पिंजाई के बाद 33 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है LHH 1556: यह कम समय में तैयार होने वाली किस्म है इसके पौधे का कद लगभग 140 सैं.मी. होता है इसके पत्ते हल्के हरे रंग के और टिंडे गोल आकार के होते हैं यह 165 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.5 क्विंटल प्रति एकड़ है Moti: यह सूखे की बीमारी को सहनेयोग्य कपास की हाइब्रिड किस्म हैं इसके पौधे का कद लगभग 164 सैं.मी. होता है इसके पत्ते तंग और फूल सफेद रंग के होते हैं इसके टिंडे बड़े आकार के होते हैं यह 165 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.45 क्विंटल प्रति एकड़ होती है पिंजाई के बाद इससे 38.6 रूई तैयार होती है
LD 694: यह कपास की देसी किस्म है इसके पत्ते तंग और फूल गुलाबी रंग के होते हैं इसके टिंडे बड़े आकार के होते हैं यह 170 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है पिंजाई के बाद इससे 40.9 प्रतिशत रूई तैयार होती है यह किस्म सूखा रोग को सहनेयोग्य और तेले की रोधक किस्म है LD 327: यह उच्च पैदावार वाली किस्म है इसके बूटे लाल-भूरे रंग के होते हैं और इसके पत्ते कटदार और तंग होते हैं इसके फूल गुलाबी रंग के होते हैं इसके टिंडे बड़े आकार के होते हैं और इनकी चुगाई करना आसान होता है यह 175 दिनों में तैयार हो जाती है यह सूखा रोग की रोधक है इसकी औसतनपैदावार 11.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद इससे 41.9 प्रतिशत रूई तैयार होती है LD 1019: यह किस्म पत्तों के झुलस रोग की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 8.6 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी 2-3 चुनाइयों की जरूरत होती है इसके रेशे की लंबाई 22.6 मि.मी. होती है और इससे 35.77 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है FMDH 9: इस किस्म के पौधे हरे, पत्ते तंग और उंगलियों के आकार के होते हैं इसके फूल सफेद रंग के होते हैं इसके टिंडे दरमियाने आकार के और खिले हुए होते हैं यह किस्म 160 दिनों में तैयार हो जाती है यह तेले और सफेद मक्खी की रोधक किस्म है यह किस्म सूखा रोग और झुलस रोग को सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी पिंजाई के बाद 37.3 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है और रेशे की लंबाई 23.4 मि.मी. होती है FDK 124: यह अधिक पैदावार वाली और जल्दी पकने वाली फसल है इसके पत्ते हरे, तंग और उंगलियों के आकार में होते हैं यह किस्म 160 दिनों में तैयार हो जाती है यह तेले और सफेद मक्खी की रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 9.3 क्विंटल प्रति एकड़ है इसकी पिंजाई के बाद 36.4 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है और रेशे की लंबाई 21 मि.मी. होती है BCHH 6488 BG II: यह एक हाइब्रिड किस्म है, जिसके पत्ते हरे, तंग, उंगलियों के आकार और फूल क्रीम रंग के होते हैं यह किस्म 165-170 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी पिंजाई के बाद 34.5 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है और रेशे की लंबाई 27 मि.मी. होती है पर इस किस्म पर पत्ता मरोड़ बीमारी और सूखा रोग के हमले का खतरा ज्यादा होता है BCHH 6588 BG II: यह किस्म किसानों में बहुत प्रसिद्ध है PAU Bt 1: यह सबसे पहले बी टी किस्म है जो भारत में सरकारी विभाग की तरफ से विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 11.2 क्विंटल प्रति एकड़ है यह किस्म पत्ता लपेट बीमारी से लड़ने में समर्थ है इसके टिंडे का भार 4.3 ग्राम होता है और पिंजाई के बाद 41.4 प्रतिशत तक रूई प्राप्त होती है RCH 650 BG II: यह अधिक पैदावार वाली हाइब्रिड बी टी किस्म है, जो कि अमेरिकन, गुलाबी और धब्बेदार सुंडियों की रोधक है यह तंबाकू वाली सुंडी की भी रोधक किस्म है इसके टिंडे का आकार बड़ा और भार औसतन 4.5 ग्राम होता है इसकी औसतन पैदावार 9.5 क्विंटल प्रति एकड़ है इसके रेशे की लंबाई 25.5 मि.मी. और पिंजाई के बाद 34 प्रतिशत होती है NCS 855 BG II: यह अधिक पैदावार वाली हाइब्रिड बी टी किस्म है, जो कि अमेरिकन, गुलाबी और धब्बेदार सुंडियों की रोधक है यह तंबाकू सुंडी और सूखा रोग की भी रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 9.7 क्विंटल प्रति एकड़ है इसके रेशे की लंबाई 28.5 मि.मी. और पिंजाई के बाद 36 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है ANKUR 3028 BG II: यह अधिक पैदावार वाली हाइब्रिड बी टी किस्म है, जो कि अमेरिकन, गुलाबी और धब्बेदार सुंडियों की रोधक है यह तंबाकू सुंडी की भी रोधक किस्म है यह सूखा रोग और पत्ता मरोड़ को भी सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 9.7 क्विंटल प्रति एकड़ है इसके रेशे की लंबाई 31.3 मि.मी. और पिंजाई के बाद 31.4 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है MRC 7017 BG II: यह अधिक पैदावार वाली और जल्दी पकने वाली किस्म है, जो कि तंबाकू सुंडी, अमेरिकन, गुलाबी और धब्बेदार सुंडियों की रोधक है यह सूखा रोग और पत्ता मरोड़ की भी रोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10.4 क्विंटल प्रति एकड़ है इसके रेशे की लंबाई 29.7 मि.मी. और गुणवत्ता अच्छी होती है पिंजाई के बाद 33.6 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है MRC 7031 BG II: यह अधिक पैदावार वाली और जल्दी पकने वाली किस्म है, जो कि तंबाकू सुंडी, अमेरिकन, गुलाबी और धब्बेदार सुंडियों की रोधक है यह सूखा रोग और पत्ता मरोड़ को भी सहने योग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 9.8 क्विंटल प्रति एकड़ है इसके रेशे की लंबाई 29.4 मि.मी. और क्वालिटी अच्छी होती है पिंजाई के बाद 33.4 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है
Posted by Baljinder Dhaliwal
Punjab
02-04-2019 12:50 PM
ਹਾਜੀ ਅਜੇ ਚੋਣ ਜਾਬਤਾਂ ਲੱਗਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੈਸੇ ਆਉਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਜੀ
Posted by inderjeet singh
Rajasthan
02-04-2019 12:49 PM
ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਆਪਣਾ ਸੁਝਾਅ ਦੇਣ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ , ਅਸੀਂ ਪੂਰੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਕਿ ਐਪ ਵਿਚ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਸੰਬੰਧ ਵਿਚ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਲਈ ਹੋਰ ਵੀ ਮਾਹਿਰ ਜੋੜੇ ਜਾਣ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਲਦੀ ਜਵਾਬ ਮਿਲ ਸਕਣ.ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ
Posted by Rajinderpal singh
Punjab
02-04-2019 12:34 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਵਿਟਾਮਿਨ , ਮਿਨਰਲ ਮਿਲਦੇ ਹੈ ਜੋ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਸਰੀਰਿਕ ਗਰੋਥ ਵਿਚ ਫਾਇਦਾ ਕਰਦੇ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਦਿੰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵੀ ਮਜਬੂਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਵਾਰ ਵਾਰ ਫਿਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by SACHIN N
Maharashtra
02-04-2019 12:20 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by gurjeet singh
Punjab
02-04-2019 12:19 PM
ਮੱਖੀਆਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ

Posted by sarbjeet singh
Punjab
02-04-2019 12:12 PM
Os nu Liquid setovet 15ml 10 bunda din vich 3 varr deo ji es nall ear vich Injection Terramycin 2-2ml din vich 3 varr pao ji
Posted by ਗੋਰਾ ਸਿੱਧੂ
Punjab
02-04-2019 11:58 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਗੱਭਣ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਟਾਈਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਓਹਨਾ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜੀ

Posted by abdulqadir bhay navsari
Gujarat
02-04-2019 11:52 AM
Gujarat me Bee Box lene ke liye aap Dr. Dharmesh vadher (Bee Keeping) 9033959987 se samparak kare.

Posted by Sohan Singh Jalota
Punjab
02-04-2019 11:47 AM
sohan singh ji soil less vegetables are grown in hydroponic technique.for its more knowledge and its expenditure you can contact Somveer singh:-9878733551.Thank you

Posted by ਗੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-04-2019 11:45 AM
ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੇਤਲੀ ਤੋਂ ਮੈਰਾ ਸਭ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਖੜ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਨੁਕਸਾਨਦੇਹ ਹੈ ਵਧੀਆ ਜਲ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮੈਰਾ ਅਤੇ 8.5 pH ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮੰਨੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨੈਸ਼ਨਲ ਬੋਟਨੀਕਲ ਅਤੇ ਪਲਾਂਟ ਜੈਨੇਟਿਕ ਰਿਸੋਰਸ, ਆਈ.ਸੀ.ਏ.ਆਰ. ਦੁਆਰਾ ਰਿਲੀਜ਼ ਕੀਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ IC111271, IC111269, IC111280 ਆਦਿ ਕਵਾਰ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ 20-30 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੀ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ,ਇਸ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾ.... (Read More)
ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਰੇਤਲੀ ਤੋਂ ਮੈਰਾ ਸਭ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਖੜ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਨੁਕਸਾਨਦੇਹ ਹੈ ਵਧੀਆ ਜਲ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਮੈਰਾ ਅਤੇ 8.5 pH ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਮੰਨੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨੈਸ਼ਨਲ ਬੋਟਨੀਕਲ ਅਤੇ ਪਲਾਂਟ ਜੈਨੇਟਿਕ ਰਿਸੋਰਸ, ਆਈ.ਸੀ.ਏ.ਆਰ. ਦੁਆਰਾ ਰਿਲੀਜ਼ ਕੀਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ IC111271, IC111269, IC111280 ਆਦਿ ਕਵਾਰ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ 20-30 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੀ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ,ਇਸ ਲਈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹ ਕੇ ਨਰਮ ਕਰੋ ਆਖਰੀ ਵਾਹੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 6 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਵੱਟਾਂ ਅਤੇ ਖਾਲੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ 45-60 ਸੈ.ਮੀ. ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇ ਤਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ 40 ਜਾਂ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਲਾਉ ਗੰਢੀਆਂ ਦੇ ਵਾਧੇ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੁਲਾਈ- ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਾਸਲਾ 45 ਸੈ:ਮੀ: x 40 ਸੈ:ਮੀ: ਜਾਂ 60 ਸੈ:ਮੀ: x 30 ਸੈ:ਮੀ: ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
ਇਹ ਗੰਢੀਆਂ ਚਾਰ ਤੋਂ ਪੰਜ ਮਹੀਨੇ ਪੁਰਾਣੀਆਂ ਅਤੇ 15 ਸੈ:ਮੀ: ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਟੋਏ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆ ਹਨ ਜਦੋਂ ਇਸ ਦਾ ਹੇਠਲਾ ਭਾਗ ਪੀਲਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਟ ਕੇ ਐਲੋਵੀਰਾ ਦਾ ਜੂਸ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਲਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਪਾਣੀ ਜਾਂ ਰਸ ਗਰਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵਾਸ਼ਪੀਕਰਨ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਨਤੀਜੇ ਵਜ਼ੋਂ ਇਸ ਦਾ ਰੰਗ ਹਲਕੇ ਤੋਂ ਗੂੜਾ ਭੂਰਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ 22000 ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਿਹਤਮੰਦ ਗੰਢੀਆਂ ਹੀ ਵਰਤੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ 3-4 ਮਹੀਨੇ ਪੁਰਾਣੀਆ ਗੰਢੀਆ ਵਰਤੋ ਜਿਸ ਦੇ ਕਿ ਚਾਰ ਤੋਂ ਪੰਜ ਪੱਤੇ ਹੋਣ ਜਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ 60-80 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਉ ਨਾਇਟ੍ਰੋਜਨ 20 ਕਿਲੋ (44 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ), ਫਾਸਫੋਰਸ 20 ਕਿਲੋ (125 ਕਿਲੋ ਐੱਸ.ਐੱਸ.ਪੀ.) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ (34 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ) ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋ ਖੇਤ ਨੂੰ ਸਾਫ ਸੁਥਰਾ ਅਤੇ ਕੱਖਾਂ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਰੱਖੋ ਦੋ ਜਾਂ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੱਖਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ ਕਰ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਪੌਦੇ ਦੇ ਉੱਗਣ ਤੱਕ 2-3 ਵਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਫਸਲ ਦੇ ਵਾਧੇ ਲਈ 4-6 ਵਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਪੱਤੇ ਤੋੜਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਕਵਾਰ ਦੀ ਫਸਲ ਪੱਕਣ ਲਈ 18-24 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਫਸਲ ਨੂੰ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 3-4 ਵਾਰ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ 3-4 ਵਾਰ ਪੌਦਿਆ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਟੋ ਵਾਢੀ ਸਵੇਰੇ ਜਾਂ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਇਹ ਫਸਲ ਦੁਬਾਰਾ ਉੱਗ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਇਸਨੂੰ 5 ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by abdulqadir bhay navsari
Gujarat
02-04-2019 11:42 AM
Gujarat me Bee Box lene ke liye aap Dr. Dharmesh vadher (Bee Keeping) 9033959987 se samparak kare.
Posted by Harpreet
Punjab
02-04-2019 11:20 AM
हरप्रीत जी इन नदीनों की रोकथाम के लिए आप imidacloprid@1.5ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, इसके इलावा आप नीम के तेल की स्प्रे कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by मौ0 आसिफ
Uttar Pradesh
02-04-2019 11:19 AM
मौ0 आसिफ आप इसकी रोकथाम के लिए quinalphos 4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by tarsem singh
Punjab
02-04-2019 11:15 AM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕੰਧਾਂ ਜਾਂ ਫ਼ਰਸ਼ ਦੀਆ ਤ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕੰਧਾਂ ਜਾਂ ਫ਼ਰਸ਼ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ ਵਿਚ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁਬਾਰਾ ਦੁਬਾਰਾ ਆਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ, ਦਵਾਈ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਵਾਈ ਲੜਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾ ਮੀਰਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵੈਸੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚਟਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.

Posted by jaibir singh
Haryana
02-04-2019 11:15 AM
यह मित्र कीट हैं, इसका कोई नुकसान नहीं हैं यह फसल को नुकसान करने वाले कीटों को खाकर किसान की मदद करते हैं

Posted by ravinder kumar
Haryana
02-04-2019 11:12 AM
ravinder kumar ji iski najdiki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by zankat pradip
Gujarat
02-04-2019 11:07 AM
zankat ji vermi compost ek bigha men 50-60 kg daali jati hai.dhanywad

Posted by sudhanshu verma
Uttar Pradesh
02-04-2019 10:53 AM
आप इसके ऊपर 2kg npk 130045 को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते हैं

Posted by baljeet singh
Punjab
02-04-2019 10:51 AM
baljeet ji tuhanu kise v expert da number nahi dita ja sakda jekar tuhada koi swal hai ta app te pao.experts valo tuhanu isda jwab dita jayega.dhanwad

Posted by Sonu Rana
Haryana
02-04-2019 10:45 AM
सोनू राना जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by harpreet singh
Punjab
02-04-2019 10:41 AM
harpreet ji isnu vermi compost pao ate isto ilava isde uper khatti lassi di spray karo.isdi matra 3ml prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanwad
Posted by Rakesh kumar
Punjab
02-04-2019 10:25 AM
मुँह खुर में मुँह में जख्म हो जाते हैं, वह चारा नहीं खा पाते, कई बार मुँह में से खून भी आता है, इसका इलाज डॉक्टर से बीमारी की जांच करवाकर फिर उसके हिसाब से करवाएं
Posted by ਗੁਰਮੀਤ ਕੀਮਾ ਭੁੱਲਰ
Punjab
02-04-2019 10:25 AM
ਕੀਮਾ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਕਿਸਮ ਦੱਸੋ ਅਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਦੋ ਕੀਤੀ ਹੈ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਬਿਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
02-04-2019 10:16 AM
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿ.... (Read More)
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ), 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by Kulwinder Singh
Punjab
02-04-2019 09:57 AM
ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਢੁਕਵਾ ਸਮਾਂ- ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਖੀਰ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਕਰੋ ਪਨੀਰੀ ਰਾਹੀਂ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੂਨ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 6-8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਉਗਣ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ 12-24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਡੋਬ ਕ ਰੱਖੋ ਸਿਆੜਾ ਵਿਚਕਾਰ ਫਾਸਲਾ 30cm ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 20cm ਰੱਖੋ ਬੈੱ.... (Read More)
ਹਲਦੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਢੁਕਵਾ ਸਮਾਂ- ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਖੀਰ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਕਰੋ ਪਨੀਰੀ ਰਾਹੀਂ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੂਨ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 6-8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਗੰਢੀਆਂ ਦੀ ਉਗਣ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ 12-24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਡੋਬ ਕ ਰੱਖੋ ਸਿਆੜਾ ਵਿਚਕਾਰ ਫਾਸਲਾ 30cm ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 20cm ਰੱਖੋ ਬੈੱਡਾਂ ਉਤੇ ਬਿਜਾਈ ਲਈ 67.5cm ਦੇ ਬੈਡ (37.5 cm ਬੈਡ ਅਤੇ 30cm ਖਾਲੀ ) ਉਪਰ 2 ਕਤਾਰਾਂ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਬੂਟੇ ਤੋਂ ਬੂਟੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 18cm ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ 36q/acre ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਰਾਲੀ ਪਾ ਦਿਓ ਹਲਦੀ ਦੀਆਂ ਉੱਨਤ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਪੰਜਾਬ ਹਕਦੀ 1 ਇਸਦਾ ਪੱਕਣ ਦਾ ਸਮਾਂ 215 ਦਿਨ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 108q/acre ਹੈ 2. ਪੰਜਾਬ ਹਲਦੀ -2 ਇਸਦੇ ਪੱਕਣ ਦਾ ਸਮਾਂ 240 ਦਿਨ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 122q/acre ਹੈ ਹਲਦੀ ਨੂੰ ਉਗਣ ਤੱਕ ਲਗਾਤਾਰ ਹਲਕਾ ਪਾਣੀ ਦਓ ਉਸਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਿਕ ਪਾਣੀ ਦਓ
Posted by Mohmmad Emran
Rajasthan
02-04-2019 09:43 AM
kisano ke sath apne kaam ke bare me jankari share karne ke liye aapka dhanyawad ji.
Posted by Anil kumar
Rajasthan
02-04-2019 09:36 AM
अनिल कुमार जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Manish Sangole
Madhya Pradesh
02-04-2019 09:35 AM
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को त.... (Read More)
मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है बिजाई का समय निचले क्षेत्रों के लिए : नवंबर, फरवरी, मई-जून दरमियाने क्षेत्रों के लिए : मार्च-मई ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए: अप्रैल-मई बिजाई के लिए कतारों और पौधों के बीच 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी बिजाई मुख्य खेत में की जाती है नर्सरी तैयार करना 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 415 ग्राम बीजों का प्रयोग करें
Posted by Davinder singh
Punjab
02-04-2019 09:05 AM
tuci iss nu khurak vdia deni suru kro, isde nal iss nu her 3 mahine bad pet de kiriya lai goli jrurr deo, hara chara 40-45kg rojana deo ate khurak de nal nal tuci Enerboost powder 100gm rojana deo, iss nal sarir di kami v puuri hundi hai ate pashu nu kamjori v nahi aundi hai.
Posted by ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ
Punjab
02-04-2019 08:53 AM
ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ ਜੀ ਉਸ ਨੂੰ Liquid Lactomood 15ml ਲਿਆ ਕੇ 10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਪਾਊਡਰ milk out 900gm ਦੇ 2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਤੇ 2 ਚਮਚ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਤੇ ਨਾਲ ਹੀ liquid Anabolite 1 ਲੀਟਰ 100ml ਸਵੇਰੇ ਤੇ 100ml ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ

Posted by aakash kumar
Haryana
02-04-2019 08:49 AM
आप उसे kitochlor शैम्पू से नहलाएं और साथ में Tablet Ezay pet की एक गोली दें, इससे फर्क पड़ जायेगा
Posted by manpreet singh
Punjab
02-04-2019 08:37 AM

Posted by gurpreet singh
Punjab
02-04-2019 08:28 AM
1 k/w de solar panal daily 5 unit teyar karda hai ji. eh te sab kuj chalda hai ji. eh 75000 rupees da lagega te 21000 subsidy aavegi ji. baki jekar koe hor jankari lain hai ta tusi menu 98142 21784 number te call kar sakde ho ji.

Posted by harpreet singh
Punjab
02-04-2019 08:27 AM
Os de pissu ho sakde ne es lai osnu powder Notix-p lao te jakhm te Kiskin lotion lao ji..
Posted by ਪੇਡੂ ਕਾਕਾ
Punjab
02-04-2019 08:25 AM
काका जी आप इसके ऊपर कीटों का हमला देखें और कृपया उनकी फोटो भेजें, कीट के कारण ही पौधे ऐसे हो रहे हैं, धन्यवाद
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-04-2019 08:17 AM
kulveer ji kirpa karke daso ke isdi kini matra khet vich payi hai.dhanwad
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
02-04-2019 08:14 AM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕੰਧਾਂ ਜਾਂ ਫ਼ਰਸ਼ ਦੀਆ ਤ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਚੂਨੇ ਦੀ ਕਲੀ ਦਾ ਹਲਕਾ ਹਲਕਾ ਛਿੜਕਾ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ msd ਕੰਪਨੀ Ticktac ਦੀ ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Virabc ਕੰਪਨੀ ਦੀ Virtaz ਦਵਾਈ 2 ਮਿਲੀ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਵਿਚ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਕਿਉਕਿ ਚਿੱਚੜ ਕੰਧਾਂ ਜਾਂ ਫ਼ਰਸ਼ ਦੀਆ ਤਰੇੜਾਂ ਵਿਚ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਅਤੇ ਦੁਬਾਰਾ ਦੁਬਾਰਾ ਆਉਂਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹੈ, ਦਵਾਈ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਵਾਈ ਲੜਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾ ਮੀਰਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਵੈਸੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚਟਾ ਸਕਦੇ ਹੋ.

Posted by gurdeep singh
Punjab
02-04-2019 08:10 AM
गुरदीप जी गेहूं की कटाई के बाद मूली, कद्दू, टिंडे की बिजाई कर सकते हैं, इसके इलावा आप मूंगी की बिजाई कर सकते हैं

Posted by Raja Sidhu
Punjab
02-04-2019 07:45 AM
ਇਹ pioneer ਦੀ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਰੇਤਲੀ ਤੇ ਦੋ ਨੰਬਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਵੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 30-32 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਕਣ ਲਈ 125-130 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ
Posted by ਅਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
02-04-2019 07:37 AM
Es nu Injection Hitek-F da Injection SC Subcutaneous lwao ji..

Posted by Harjot singh
Punjab
02-04-2019 07:36 AM
हरजोत सिंह जी पंजाब में बढ़िया जर्सी गाय लेने के लिए आप सुखविंदर सिंह से 9814057587,9855621810 संपर्क कर सकते हैं

Posted by Mayank Yadav
Uttar Pradesh
02-04-2019 07:31 AM
मयंक यादव जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
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