Posted by Nirmal singh
Punjab
03-04-2019 12:55 PM
kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuahde walo bejii gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by Dimple kumar
Punjab
03-04-2019 12:52 PM
dimple ji eh fungus ke karn ho reha hai isde layi tuc M-45@4gm nu prati liter Pani de hisab nal spray karo.is to ilava tuc saaf@4gm nu prati litre Pani de hisab nal spray Kar sakde ho.dhanwad

Posted by Manpreet Singh
Punjab
03-04-2019 12:43 PM
ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਵੱਢਣ ਤੋਂ 25 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਬੰਦ ਕਰ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਹੁਣ ਪਾਣੀ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਨਮੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਪਾਣੀ ਲਗਾਓ
Posted by Lovepreet singh
Punjab
03-04-2019 12:38 PM
ਕੜਕਨਾਥ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ..
Posted by Manpreet Sekhon
Punjab
03-04-2019 12:31 PM
कड़कनाथ के बच्चे लेने के लिए आप हरदीप सिंह 9781589637 जी से संपर्क कर सकते हैं

Posted by Ranvir
Punjab
03-04-2019 12:31 PM
ranvir ji kirpa karke gulab di kisam daso ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by harpreet
Punjab
03-04-2019 12:29 PM
harpreet ji dow Agro seeds di is variety bare koi jankari nahi mil rahi kirpa karke isda label jekar tuhade kol hai ta isdi photo bhejo DOW agro seeds valo makki de beej D4141,D4244,D4685,D2244 hai jekar ehna vicho tuc kise variety di jankari laina chahunde ho ta daso ta jo tuhanu is bare jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by mukhtiar singh
Punjab
03-04-2019 12:15 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे चिकनी से रेतली, जलोढ़ मिट्टी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाया जाता है यदि इसे रेतली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है घटिया जल निकास वाली और अधिक जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती क.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों जैसे चिकनी से रेतली, जलोढ़ मिट्टी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में उगाया जाता है यदि इसे रेतली दोमट मिट्टी जो जैविक तत्वों से भरपूर हो, में उगाया जाये तो अच्छे परिणाम देती है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है घटिया जल निकास वाली और अधिक जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें इस फसल की वृद्धि के लिए पी एच 5.0 - 8.5 होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में: OD-19 (Sugandhi),Pragathi,Nima,Cauvery लैमन घास की रोपाई के लिए उपजाऊ और सिंचित ज़मीन की आवश्यकता होती है बार बार जोताई और हैरो की मदद से जोताई करें खेत की तैयारी के दौरान दीमक के हमले से फसल को बचाने के लिए लिनडेन पाउडर 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में मिलायें लैमन घास की रोपाई बैडों पर की जानी चाहिए मार्च-अप्रैल के महीने में नर्सरी बैड तैयार करें फासला नए पौधों की वृद्धि के अनुसार 60.X 60 सैं.मी. रखें और ढाल बनाने के लिए फासला 90X60 सैं.मी. रखें 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें खेत में रोपाई के लिए दो महीने पुराने पौधों का प्रयोग किए जाते हैं बीज 1.6-2 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को कांगियारी से बचाने के लिए बिजाई से पहले बीजों को सीरेसन 0.2 % या एमीसान 1 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बिजाई के लिए बीजों का प्रयोग करें लैमन घास के बीजों को आवश्यक लंबाई और 1 -1.5 मीटर की चौड़ाई वाले तैयार बैडों पर बोयें बीजने के बाद बैडों को कट घास सामग्री से ढक दें फिर इसे मिट्टी की पतली परत के साथ ढक दें नए पौधे रोपाई के लिए 2 महीने में तैयार हो जाते हैं, जब पौधा 12-15 सैं.मी. ऊंचाई पर पहुंच जाता है रोपाई से पहले खेत अच्छी तरह से तैयार होना चाहिए रोपाई 15x19 सैं.मी. के फासले पर की जानी चाहिए नए पौधों को मिट्टी में ज्यादा गहरा ना बोयें इससे बारिश के दिनों में जड़ गलन का खतरा बढ़ जाता है उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो), पोटाश्यिम 14 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 23 किलो) प्रति एकड़ में डालें अन्य हालातों में नाइट्रोजन 40 किलो प्रति एकड़ में डालें यह एरोमैटिक प्लांट रिसर्च स्टेशन, ओडाकली (केरला) द्वारा जारी की गई है खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए हाथों से गोडाई करें मिट्टी के तापमान को कम करने और नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक अच्छा तरीका है जैविक मलच 1200 किलोग्राम प्रति एकड़ में डालें एक वर्ष में 2-3 निराई आवश्य करें जैविक रोकथाम के लिए अल्ट्रा वाइल्ट रेडीएशन या फ्लेम विडिंग का भी प्रयोग किया जा सकता है गर्मियों के मौसम में फरवरी से जून के महीने तक 5-7 अंतराल पर सिंचाइयां करें जब वर्षा नियमित रूप से नहीं होती तो पहले महीने में 3 दिनों के अंतराल पर सिंचाई दें और फिर 7-10 दिनों के अंतराल पर दें गर्मियों के मौसम के दौरान 4-6 सिंचाइयां देनी आवश्यक होती हैं रोपाई के 4-6 महीने बाद पौधा उपज देना शुरू कर देता है कटाई 60-70 दिनों के अंतराल पर करें कटाई के लिए दराती का प्रयोग करें कटाई मई के शुरू में और जनवरी के आखिर में करें कटाई के लिए दराती की सहायता से ज़मीन की सतह से 10-15 सैं.मी. घास की कटाई करें कटाई के बाद तेल निकालने की प्रक्रिया की जाती है तेल निकालने से पहले लैमन घास को सोडियम क्लोराइड के घोल में 24 घंटे के लिए रखें इससे फसल में खट्टेपन की मात्रा बढ़ती है उसके बाद घास को छांव में रखे और बैग में पैक करके स्थानीय बाजारों में भेज दें पकी हुई लैमन घास से कई तरह के उत्पाद जैसे लैमन घास तेल और लैमन घास लोशन बनाए जाते हैं
Posted by harjeet singh
Punjab
03-04-2019 12:02 PM
ਹਾਂਜੀ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ.... (Read More)
ਹਾਂਜੀ ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਦਾ ਕੰਮ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਕੜਕਨਾਥ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਦੀ ਪਿਓਰ ਨਸਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਚਮੜੀ ਕਾਲੀ ਚਮਕੀਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਕਲਗੀ ਵੀ ਕਾਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਇਸਦੀ ਚੁੰਝ ਤੇ ਜੀਭ ਵੀ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅੰਡੇ ਦੇਸੀ ਅੰਡਿਆ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਤੇ ਖੂਨ ਲਾਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਗੂੜਾ ਲਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਅੰਡੇ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਫੈਟ ਬਿਲਕੁੱਲ ਘੱਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਗਰ ਦੇ ਮਰੀਜ਼ਾਂ ਲਈ ਵੀ ਇਹ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਚਿਕਨ ਦਾ 800 ਰੁਪਏ ਕਿਲੋ ਤੱਕ ਰੇਟ ਹੈ ਤੇ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਜੇਕਰ ਮੱਧ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਤੋਂ ਮਗਵਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ 90-100 ਰੁਪਏ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਿਲੇਗਾ ਇਸ ਦਾ ਅੰਡਾ 45-50 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਅੰਡਾ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਦੇ ਪਾਲਣ ਤੇ ਖਰਚਾ 150 ਰੁਪਏ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਜਦੋਂ ਚੂਚੇ ਵੱਡੇ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ 1500 ਰੁਪਏ ਆਮਦਨ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਨਾਰਮਲ ਬਰੈਲਰ ਵਾਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪਾਲਕ ਵੀ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਆਇਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਇਸ ਲਈ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੜਕਨਾਥ ਮੁਰਗੀ ਸਾਲ ਵਿਚ 120-130 ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ.

Posted by Rajan Modgill
Punjab
03-04-2019 11:51 AM
rajan ji kirpa karke daso ke tuc mausami de boote nu beej nal laya hai ja isdi kalm layi hai ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Taranjeet Singh
Punjab
03-04-2019 11:50 AM
taranjeet ji eh tat di kami de karn ho rahe Han Isde layi tuc 3-4 killo vermicompost pao.isde nal boote nu sare tat mil jange.is to ilava boote de uper copper oxychloride@3gm nu prati litre Pani de hisab nal spray karo.isde nal boote di fungus vi ghat jayegi.

Posted by ਹਰਨੇਕ ਸਿੰਘ
Punjab
03-04-2019 11:39 AM
ਤੁਸੀ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਹਲਦੀ , ਅਤੇ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ 5-7 ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by Parth sinha
West Bengal
03-04-2019 11:36 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए और इसकी ट्रेनिंग के लिए आप Field Station of RRC, Kalyani A/5 (Phase III), Santhal Para, P.O. Kalyani, जिला: Nadia-741235, पश्चिम बंगाल
फ़ोन और फैक्स: +91-33-25826508, इ-मेल: kalyanicifa@gmail.com से संपर्क कर सकते हैं
Posted by vineet verma
Uttar Pradesh
03-04-2019 11:30 AM
उसे आप Amoxirum injection 4.5gm , Megludyne injection 20ml , isoflud injection 5ml लगवाएं, isoflud injection सिर्फ 1 बार लगवाना है और बाकि टीका आप 2 दिन लगातार लगवाएं, इससे फर्क पड़ जायेगा

Posted by j
Maharashtra
03-04-2019 11:16 AM
j जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें.

Posted by Ramji
Uttar Pradesh
03-04-2019 11:15 AM
ramji kripya aap Iski photo bheje Taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake ke yeh tatv ki kami hai ya koi bimari hai.dhanywad
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸੈਣੀ
Punjab
03-04-2019 11:09 AM
ਤੁਸੀ 1kg NPK 191919 ਜਾਂ gibberellic acid @300ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Malkeet Virk
Punjab
03-04-2019 10:52 AM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Livoferrol liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਬੁਖਾਰ ਜਰੂਰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਜੀ .
Posted by Amit Kumar Bamoriya
Madhya Pradesh
03-04-2019 10:51 AM
अमित जी जानकारी शेयर करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद

Posted by Sunil Kumar
Bihar
03-04-2019 10:49 AM
Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.

Posted by pankaj yadav
Uttar Pradesh
03-04-2019 10:42 AM
Pankaj g aap Horticulture Department se contact kr skte ho g jo apko subsidy ke procedures ke bare mein poori detail bta skte hai g.
Posted by Jaskaran Singh
Punjab
03-04-2019 10:39 AM
Jaskaran Singh ji Hydroponic System lagvon ate is bare puri jankari lai tusi Somveer singh 9878733551 ji nal samparak kar sakde ho
Posted by jay
Gujarat
03-04-2019 10:36 AM
इसे आप Liquid Actinovet 15ml 10—10 बूंदें दिन में तीन बार दें इसके साथ फर्क पड़ जाएगा

Posted by Harman balian
Punjab
03-04-2019 10:34 AM
isde uppr tuc gibberellic acid di spray kr skde ho . gibberellic acid di spray naal fal v vadia bnega
Posted by Arshdeep Singh
Punjab
03-04-2019 10:32 AM
ਅਰਸ਼ਦੀਪ ਜੀ ਇਸਦੀ ਜੜਾਂ ਵਿਚ ਸ਼ੋਂਕ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ chlorpyriphos @4ml ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by pankaj yadav
Uttar Pradesh
03-04-2019 10:27 AM
इसके बढ़िया विकास के लिए अच्छे जल निकास वाली मिट्टी की जरूरत होती है यह बहुत किस्म की मिट्टी में उगाई जाती है, पर यह अच्छे विकास वाली, जैविक तत्वों से भरपूर दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है पानी सोखने वाली, खारी और नमकीन मिट्टी सफेदे की पैदावार के लिए उचित नहीं मानी जाती हैं किस्में: Eucalyptus camaldulensis, FRI 4 and FRI 6, Eucalyptus g.... (Read More)
इसके बढ़िया विकास के लिए अच्छे जल निकास वाली मिट्टी की जरूरत होती है यह बहुत किस्म की मिट्टी में उगाई जाती है, पर यह अच्छे विकास वाली, जैविक तत्वों से भरपूर दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है पानी सोखने वाली, खारी और नमकीन मिट्टी सफेदे की पैदावार के लिए उचित नहीं मानी जाती हैं किस्में: Eucalyptus camaldulensis, FRI 4 and FRI 6, Eucalyptus globules, Eucalyptus citriodora.सफेदे की खेती मुख्य रूप से उद्योगिक कामों के लिए की जाती है व्यापारक खेती के लिए ज़मीन में से नदीन और खूंटिया निकाल दें ज़मीन को भुरभुरा करने के लिए 2-3 बार जोताई करें बिजाई के लिए 30x30x30 या 45 x45x45 के गड्डे खोदे इसकी बिजाई का समय जून से अक्तूबर तक का होता है ज्यादा घनत्व के साथ बिजाई के लिए 1.5x1.5 मीटर के फासले पर (लगभग 1690 पौधे प्रति एकड़) या 2x2 मीटर फासले पर (लगभग 1200 पौधे प्रति एकड़) बिजाई करें शुरुआत में अंतर-फसलें भी उगाई जा सकती है अंतर-फसलों के समय फासला 4x2 मीटर (लगभग 600) या 6x1.5 या 8x1 मीटर का फासला रखें हल्दी और अदरक जैसी फसलें या चिकित्सिक पौधे अंतर-फसलों के रूप में लगाएं जा सकते है 2x2 मीटर का फासला ज्यादातर प्रयोग किया जाता है 1.5x1.5 मीटर फासले पर बिजाई करने के साथ लगभग 1690 पौधे प्रति एकड़ में प्राप्त किये जा सकते है, जबकि 2x2 मीटर के फासले के साथ लगभग 1200 पौधे प्रति एकड़ में प्राप्त किये जा सकते है इस फसल के लिए बीज बोने की जरूरत नहीं होती है इसका प्रजनन बीजों या पौधों के भागों के द्वारा होता है नरसरी के लिए छाँव में बैड तैयार करें और उस पर बीज बोयें 25-35° सैं. मी तापमान पर नयें पौधों का तेज़ी से विकास होता है 6 हफ्तों में पौधे, जब इनका दूसरा पत्ता निकलना शुरू हो जाता है, तब यह पॉलीथिन के लिफाफ़े में डालकर लगाने के लिए तैयार हो जाता है बिजाई से 3-5 महीने के बाद यह पौधे मुख्य खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाते है मुख्य खेत में पनीरी ज्यादातर बारिश के मौसम में लगाई जाती है बिजाई से 3-5 महीने बाद नयें पौधे मुख्य खेत में लगाएं जाते है नयें पौधे गड्ढों में मानसून के शुरू होने पर लगाएं जाते है बिजाई के समय नीम के तत्वों के साथ-साथ फास्फेट 50 ग्राम और गन्डोयां खाद 250 ग्राम प्रति गड्ढे में डालें नीम के तत्व पौधों को दीमक से बचाते है पहले साल NPK की 50 ग्राम मात्रा डालें दूसरे साल 17:17:17@ 50 ग्राम प्रति पौधे को डालें हाथों से गोड़ाई करते रहें और नदीनों के हमले की जाँच करते रहें शुरुआती समय में खेत को नदीन-मुक्त रखने के लिए दो से तीन हाथों से गोड़ाई की जरूरत होती है मुख्य खेत में पनीरी लगाने के तुरंत बाद सिंचाई करें मानसून में सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर अगर मानसून में देरी हो जाएँ या बढ़िया तरीके के साथ ना हो तों सुरक्षित सिंचाई करें सफेदा सोखे को सहन करने वाली फसल है, पर उचित पैदावार के लिए पूरे विकास वाले समय में कुल 25 सिंचाइयों की जरूरत होती है सिंचाई की ज्यादातर जरूरत गर्मियों में और काफी हद तक सर्दियों में होती है टिशू के द्वारा बिजाई से 5 साल में 50 से 76 मि.ली. टन पैदावार प्राप्त की जा सकती है, जबकि मूल बिजाई से 30 से 50 मि.ली. टन पैदावार प्राप्त की जा सकती है फसल की पैदावार खेत प्रबंध, पौधे का घनत्व, जलवायु आदि के अनुसार कम-ज्यादा भी हो सकती है इसके पेड़ आप नजदीकी नर्सरी से ले सकते है और इसके पेड़ भी आप अपनी नजदीकी टिम्बर मार्किट में बेच सकते है धन्यवाद

Posted by YOGENDRA KUMAR
Madhya Pradesh
03-04-2019 10:24 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by Manish Sangole
Madhya Pradesh
03-04-2019 10:07 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by ਅਮਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
03-04-2019 10:05 AM
ਅਮਰਜੀਤ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ Malathion @2.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by navtej
Punjab
03-04-2019 10:03 AM
navtej ji tuc moongi di bijai kar sakde ho isto ilava tuc makki di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by Vijay singh
Punjab
03-04-2019 09:47 AM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਕੋਈ ਪੱਕੀ ਮਿਤੀ ਨਹੀ ਜਦੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਬੰਧੀ ਫਾਰਮ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਜਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨੇੜਲੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਕੋਲ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਦੋ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਰੱਖ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨੇਿੰਗ 5 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮਾਂ ਜੋ, ਨਾਭਾ, ਮੱਲਵਾਲ (ਫਿਰੋਜ਼.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਕੋਈ ਪੱਕੀ ਮਿਤੀ ਨਹੀ ਜਦੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਬੰਧੀ ਫਾਰਮ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਜਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨੇੜਲੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਕੋਲ ਪਹੁੰਚ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਉਦੋ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਰੱਖ ਲਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨੇਿੰਗ 5 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮਾਂ ਜੋ, ਨਾਭਾ, ਮੱਲਵਾਲ (ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ), ਖਰੜ, ਮੱਤੇਵਾੜਾ ਅਤੇ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿਚ ਹਨ ਉਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਦੀ ਤਰੀਕ ਅਜੇ ਕੋਈ ਜਾਰੀ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਫਾਰਮ ਜਦੋਂ ਵੀ ਚਾਹੋ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਜਾ ਕੇ ਭਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by Sonu Rana
Haryana
03-04-2019 09:40 AM
सोनू राणा जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
Posted by jagtar singh
Punjab
03-04-2019 09:32 AM
aam tor te neel cow dud de layi nahi rakhi ja sakdi ji . jeyadatar need cow rajasthan, madh pardesh te bihar wali side hundi hai ji. eh bohat jeyada garmi wale area vich rehna psand kardi hai.

Posted by aakash kumar
Haryana
03-04-2019 09:20 AM
यदि आपने लोन लेना है तो सबसे पहले आपके पास के वी के से ट्रेनिंग सर्टिफिकेट होना चाहिए, ट्रेनिंग के बाद जो सर्टिफिकेट मिलता है, उसके अनुसार आप नज़दीकी नाबार्ड के दफ्तर में जाकर लोन के लिए पूरी जानकारी ले सकते हैँ
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
03-04-2019 09:19 AM
डेयरी फार्म के लोन के लिए आप के पास सबसे पहले डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है ट्रेनिंग के बाद आप अपना लोन एप्लाई कर सकते हैं ट्रेनिंग के लिए कमला नेहरू कृषि विज्ञानं केंदर, Post Office - KNI जिला- सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), इंडिया, पिन- 228118 टेलीफोन नंबर: 05362-220249 / 241733 इ-मेल: kvksln@gmail.com से संपर्क करें या फिर इसकी ट्रेनिंग आप Animal Husbandry Departme.... (Read More)
डेयरी फार्म के लोन के लिए आप के पास सबसे पहले डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है ट्रेनिंग के बाद आप अपना लोन एप्लाई कर सकते हैं ट्रेनिंग के लिए कमला नेहरू कृषि विज्ञानं केंदर, Post Office - KNI जिला- सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश), इंडिया, पिन- 228118 टेलीफोन नंबर: 05362-220249 / 241733 इ-मेल: kvksln@gmail.com से संपर्क करें या फिर इसकी ट्रेनिंग आप Animal Husbandry Department Dr.Indramani
Adl. Director, अल्लाहाबाद,0532-2544491, 8765957855 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by A zeel khan
Uttar Pradesh
03-04-2019 09:17 AM
Azeel khan ji aap iske paudhe ko vermi compost daale iski matra 3 killo prati paudha daalen.dhanywad
Posted by Divyanshu
Rajasthan
03-04-2019 09:11 AM
मेरे अनुभव के अनुसार, लाभ प्रति एकड़ 1.5 लाख है लेकिन यह जलवायु, फ़ीड प्रबंधन आदि पर भी निर्भर करता है, इसलिए यह कम या ज्यादा हो सकता है

Posted by Kulwant Singh
Punjab
03-04-2019 08:50 AM
ਤੁਸੀ pailtox soap ਲਗਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤ.... (Read More)
ਤੁਸੀ pailtox soap ਲਗਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੋਟੋ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1ml Butox ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਚਮੜੀ ਤੇ ਲਾਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਖੀਆਂ ਤੋਂ ਆਰਾਮ ਮਿਲੇਗਾ. ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਜਖਮ ਵਾਲੀ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹਿਲਾ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਲਗਾਓ ਜੀ ਫਿਰ ਇਸ ਦਵਾਈ ਨੂੰ ਲਗਾਓ ਜੀ

Posted by Amrinder
Punjab
03-04-2019 08:42 AM
Amrinder g cotton di beejayi da time 1 April to 15 May tkk da hunda hai.tuc 10 to 15 April vich beejayi kr skde ho g..
Posted by kuljinder singh
Punjab
03-04-2019 08:41 AM
kuljinder ji tuc isdi bijai Kar sakde ho.dhanwad

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
03-04-2019 08:41 AM
Hardeep ji isde uper machar chk kro jekar maujood hai ta isde uper imidacloprid@1.5ml nu prati litre Pani de hisab nal spray karo.

Posted by iqbal gill
Punjab
03-04-2019 08:38 AM
उसे साहीवाल S-34 और S-35 दोनों में से कोई भी एक लगवाएं या फिर जर्सी के denmark सांड का लगवाएं, इनकी Dams yeald बढ़िया है

Posted by Harry Brar
Punjab
03-04-2019 08:38 AM
Harry ji chain link fence len lai tusi Narinder Kumar 7009456630 ji nal samparak kar sakde ho.

Posted by chohan
Punjab
03-04-2019 08:19 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵਧਿਆ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਹਰ 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜੇ ਮਾਰਨ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ powder Buffzon 200gm 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Powder Fatmax 1kg 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by IQBAL SINGH SIDHU
Punjab
03-04-2019 08:15 AM
ekar tusi goat farming di traning leni hai ta tusi traning form apne nazdiki kvk vich bhar sakde ho os to baad jado traning hoe ta tohanu call karke bula leya janda hai esdi traning di koe pakki date nahi hai ji. ya fir tusi gadvasu ludhiana vich ja ke v isdi traning de layi form bhar sakde ho. vdhere jankari lai tusi Birbal Ram Sharma 7009579091 nal samparak kar sakde ho.
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