Posted by Gurjant
Punjab
08-04-2019 09:03 PM
gurjant ji kirpa karke daso ke amle de boote nu tuc beej rahi ugaya hai ja nursery to boota leya ke beejya hai ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Gurbhej singh
Punjab
08-04-2019 08:55 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਵੇਂ Agrimin super powder या Bovimin-B powder. ਇਹ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ovumin advance bolus ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੀ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ.

Posted by Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
08-04-2019 08:44 PM
पौधे के लिए कैल्शियम एक तत्व होता है जो पौधे को बढ़ने में मदद करता है अगर इसकी कमी आ जाये तो नए पौधे का विकास सही ढंग से नहीं होता
Posted by Amrinder Singh
Punjab
08-04-2019 08:39 PM
plum ke fruit tatv ki kami aur Fungus ke Karn girna shuru kar dete hai iske liye aap planofix 4ml ko 15 liter Pani ke hisab se spray karen. dhanywad

Posted by jaspreet Singh
Punjab
08-04-2019 08:39 PM
ਤੁਸੀ Calcimust gel 300ml ਕਰਕੇ ਲਗਾਤਾਰ 3 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Lapnil-P ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੀ 1 ਪੁੜੀ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਬੇਸਨ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ ਕੁੱਜ ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉਚਾ ਰੱਖੋ, ਤੂੜੀ ਘਟ ਪਾਓ.

Posted by Pritpal Singh
Punjab
08-04-2019 08:34 PM
pritpal ji moongi di bijai tuc april Mahine Vich Kar sakde ho.
Posted by Nar singh mourya
Madhya Pradesh
08-04-2019 08:09 PM
Nar Singh ji kripya aap btaye ke aapne kisam konsi beeji hai kyuki tmatar ki aisi kisam bhi hoti hai jiska size chota hi rehta hai.
Posted by मौ0 आसिफ
Uttar Pradesh
08-04-2019 07:52 PM
ji nahi agar fal poora sahi hai aur Isme koi bimari ya keet nahi hai to aapko kuch daalne ki jrurat nahi hai.
Posted by adbhut Shukla
Uttar Pradesh
08-04-2019 07:40 PM
Adbhut Shukla ji मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bijender Chouhan 9719994499 से संपर्क करें
Posted by ਹਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
08-04-2019 07:27 PM
उनको फीड के साथ एक किलो सरसों की खल , 1 किलो बडेवो की खल दें 50 ग्राम मिठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ आप Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम दे सकते है

Posted by mahendra Dagla
Rajasthan
08-04-2019 07:24 PM
Mahendra Dagla जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें

Posted by harshit
Uttar Pradesh
08-04-2019 07:24 PM
उत्तर प्रदेश में बकरी खरीदने के लिए आप फ़िरोज़ आलम जी से इस नंबर 9616009911 पर बात करे आपको इन सभी नसल की बकरी मिल जाएगी जी
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
08-04-2019 07:09 PM
आप गाय को potasium-iodied दवाई देनी शुरू करें इसकी 20 ग्राम की पैकिंग होती है इसे रोजाना 5 ग्राम दें इसके साथ आप Ifer-h 5ml के इंजेक्शन लगवायें इसके 3 इंजेक्शन लगवाने है और तीन तीन दिनों के फर्क से लगवायें

Posted by Harvinder Singh
Punjab
08-04-2019 06:57 PM
ਸਾਉਣੀ/ਮਾਨਸੂਨ ਰੁੱਤ ਦੀ ਮੱਕੀ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨ ਵੱਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਕਿ ਖੁਰਾਕੀ ਤੱਤ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਫਸਲ ਨਾਲ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 35% ਤੱਕ ਝਾੜ ਘਟਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਨਦੀਨਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ 40-45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਰ ਜਿਆਦਾ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਰਤ ਵਿੱਚ ਐਂਟੇ.... (Read More)
ਸਾਉਣੀ/ਮਾਨਸੂਨ ਰੁੱਤ ਦੀ ਮੱਕੀ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨ ਵੱਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਕਿ ਖੁਰਾਕੀ ਤੱਤ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਫਸਲ ਨਾਲ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 35% ਤੱਕ ਝਾੜ ਘਟਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਨਦੀਨਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ 40-45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਰ ਜਿਆਦਾ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਰਤ ਵਿੱਚ ਐਂਟੇਰਾਜੀਨ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀ. ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਪ੍ਰੇਅ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿੱਟੀ ਉੱਪਰ ਖਾਦ ਦੀ ਪਤਲੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਜੜਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਲਾਓ

Posted by Lakhwinder sidhu
Punjab
08-04-2019 06:52 PM
लखविंदर सिद्धू जी यदि आपने लस्सी और fipro plus की स्प्रे की है तो अभी इसमें और कोई स्प्रे न करें, आप इस स्प्रे के रिजल्ट का इंतज़ार करें

Posted by Raghbir
Punjab
08-04-2019 06:38 PM
tuci usdi khurak da puura dian rkho, isde nal tuci uss nu vitum-h liquid 10ml rojana dena suru kro uss nu Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, iss nal usda lewa ate dudh vdia ho jawega.

Posted by sujit mahato
Jharkhand
08-04-2019 06:37 PM
वनराजा प्रजाति की मुर्गियां भी ग्रामीण प्रवेश के लिए काफी अच्छी मानी जाती है यह मुर्गी 120 – 130 अंडे 3 महीने में देती है देसी मुर्गी पालन के लिए अच्छी नस्ल है

Posted by Kulveer Singh
Punjab
08-04-2019 06:14 PM
barseem de Vich Sundiyan di roktham ke liye aap quinalphos@800ml ko 150 litre Pani men Mila Kar prati acre ke hisab se spray Karen.

Posted by Sukhjinder Singh
Punjab
08-04-2019 05:59 PM
Sukhwinder Singh ji tusi Balwinder Singh Lakhewalia 9814239041 nal samparak kar sakde ho.

Posted by ਹਰਅੰਮ੍ਰਿਤ ਵੜਿੰਗ
Punjab
08-04-2019 05:58 PM
ਹਰਅੰਮ੍ਰਿਤ ਵੜਿੰਗ ਜੀ ਪੌਧੇ ਦੀ ਫੋਟੋ ਨੂੰ ਦੇਖ ਕੇ ਇਹਦੇ ਬਾਰੇ ਨਹੀਂ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਨਜਦੀਕੀ ਦੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਅਫਸਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
08-04-2019 05:45 PM
ਸਿੰਗ ਉਦੋਂ ਦਾਗਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਜਦੋਂ ਉਹ ਹੱਥ ਫੇਰਦਿਆਂ ਰੜਕਣ ਲੱਗ ਜਾਣ, ਸਾਹੀਵਾਲ ਨਸਲ ਦੇ ਸਿੰਗ ਲੇਟ ਆਉਦੇ ਹਨ ਤੇ ਦੂਜੀਆ ਨਸਲਾ ਦੇ ਜਲਦੀ ਆ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤੇ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਸਿੰਗ ਨਾ ਦਾਗੋ ਇੱਕ ਗੱਲ ਦਾ ਹੋਰ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਬੇਹੋਸ਼ ਕਰਕੇ ਸਿੰਗ ਨਾ ਦਾਗੋ ਅੱਜਕਲ ਇਲਟ੍ਰੋਨਿਕ ਹੀਟਰ ਨਾਲ ਹੀ ਸਿੰਘ ਦਾਗੋ...
Posted by ਪਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
08-04-2019 05:42 PM
palwinder ji eh keet da hamla hai isde layi tuc malathion@2.5ml nu prati liter Pani Dr hisab nal spray Karo.dhanwad

Posted by suraj bisht
Uttarakhand
08-04-2019 05:40 PM
Suraj ji Yeh fungus ke Karn ho raha hai Iski roktham ke liye aap m-45@4 ml ko prati litre Pani ke hisab se spray Karen. dhanywad
Posted by Narveer G
Uttar Pradesh
08-04-2019 05:33 PM
नरवीर जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें

Posted by sohan
Rajasthan
08-04-2019 05:29 PM
सोहन जी एचएफ और जरसी दोनों का दूध सेहत के लिए ठीक होता है पशुओं के दूध में कोई समस्या नहीं होती है जब तक उन्हें सही खुराक और अच्छी देखभाल मिलती रहती है
Posted by mukesh thakor
Gujarat
08-04-2019 05:24 PM
Grass seed lene ke lia aap R.K SINGH 98884 13150 se samparak kar sakte hai.
Posted by ਗੁਰਮਿੰਦਰ
Punjab
08-04-2019 05:13 PM
gurminder ji eh tat di kami hai jisde karn Patte eda ho rahe Han Isde layi tuc boote nu 4 killo vermicompost pao Isde nal boote nu sare tat mil jande Han.dhanwad

Posted by ਕਸਮੀਰ
Punjab
08-04-2019 05:04 PM
kirpa karke daso ke tuc kinnu bare ki jankari laini chaunde ho ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by अनूप जांगड़ा
Haryana
08-04-2019 04:58 PM
अनूप जांगड़ा जी केचुए लेने के लिए आप प्रतीक बजाज 8439807519 से संपर्क करें, आप ऑनलाइन वेबसाइट Amazon से भी खरीद सकते है

Posted by kadam vitthl
Maharashtra
08-04-2019 04:56 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by kulbir singh
Haryana
08-04-2019 04:47 PM
तुलसी का वानस्पातिक नाम ओसिमम सैंकशम है यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Dru.... (Read More)
तुलसी का वानस्पातिक नाम ओसिमम सैंकशम है यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Drudriha Tulsi,Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum),Babi Tulsi,Tukashmiya Tulsi ज़मीन की तैयारी:- तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें रोपण के तीन महीने के बाद पौधा पैदावार देनी शुरू कर देता है इसकी तुड़ाई पूरी तरह से फूल निकलने के समय की जाती है पौधे को 15 सैं.मी. जमीन से ऊपर रखकर शाखाओं को काटें ताकि इनका दोबारा प्रयोग किया जा सकें भविष्य में प्रयोग करने के लिए इसके ताज़े पत्तों को धूप में सूखाया जाता है तुड़ाई के बाद, पत्तों को सूखाया जाता है फिर तेल की प्राप्ति के लिए इसका अर्क निकाला जाता है इसको परिवहन के लिए हवादार बैग में पैक किया जाता है पत्तों को सूखे स्थान पर स्टोर किया जाता है इसकी जड़ों से कई तरह के उत्पाद जैसे तुलसी अदरक, तुलसी पाउडर, तुलसी चाय और तुलसी कैप्सूल आदि तैयार किये जाते है
Posted by राम गोपाल मिश्रा विधानसभा अध्यक्ष महसी बहराइच मोबाइल नंबरर9670186907
Uttar Pradesh
08-04-2019 04:04 PM
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है

Posted by guri
Punjab
08-04-2019 04:02 PM
ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰਪੂਰਵਕ ਪੁੱਛੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sachindeep singh
Punjab
08-04-2019 03:56 PM
गेहूं की कटाई से 25 दिन पहले पानी लगाना बंद कर डरना चाहिए, यदि गेहूं 13 अप्रैल तक आ जाएगी और खेत में नमी है तो पानी न लगाएँ

Posted by karan cheema
Punjab
08-04-2019 03:56 PM
ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ .... (Read More)
ਇਹ ਵਧੀਆ ਢੰਗ ਦੇ ਫਲ ਲੈਣ ਦਾ ਇੱਕ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਕਟਾਈ ਦੌਰਾਨ ਪੌਦੇ ਦੀ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਨਾਲੋਂ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਲਗਭਗ ਨਰ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਿਰ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਜੋ ਪਹਿਲੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਬਣੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਵੀ ਫੁੱਲ ਤੋੜ ਦਿੱਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫਲ ਅਤੇ ਫੁੱਲ ਕੁੱਝ ਨਰ ਅਤੇ ਮਾਦਾ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨਹੀਂ ਰੱਖਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੁਣ ਜੋ ਦੂਜੀ ਟਾਹਣੀ ਤੋਂ ਤੀਜੀ ਟਾਹਣੀ ਨਿਕਲੀ ਹੋਈ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਉਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਰੱਖੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਨੂੰ ਤੀਜੀ ਤੁੜਾਈ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੇ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਫਲ ਲਗਭਗ ਮਾਦਾ ਹੀ ਹੁੰਦੇ ਹਨ

Posted by kumar patil
Maharashtra
08-04-2019 03:53 PM
Kumar Patil ji Gir cow lene ke lia aap Vinod Shelar 8108164416 (Shelar Gir Cow Farm Koregaon) se samparak kare.
Posted by robin singh
Rajasthan
08-04-2019 03:50 PM
दूध और फैट का रेट अलग अलग कंपनियों के द्धारा अलग अलग होता है इसका सही पता आपको किसी डेयरी वाले से लगेगा आप उससे इसकी जानकारी ले सकते है

Posted by mohan
Uttar Pradesh
08-04-2019 03:45 PM
Prakash Parihar ji, Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं... इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम.... (Read More)
Prakash Parihar ji, Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं... इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/सालको दो हिस्सों में डालना चाहिए पहली डोज़ मार्च-अप्रैल महीने में और दूसरी डोज़ सितम्बर-अक्टूबर में दी जानी चाहिए इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए आप अरुण खुरमी 9878123123 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by GurSewak turka
Punjab
08-04-2019 03:38 PM
sabi turka ji PR126 kisam di paniri di bijai 20 may to bad kar sakde ho. is to ilava tuc isnu mukh khet vich 20 june to bad la sakde ho. isde futare de layi isnu biovita paya janda hai. kirpa karke is tra de swal app te hi paya kro kyuki watsapp te eh swal mahira kol nahi jande jehde swal app te painde han oh sidha mahira kol jande han.

Posted by Mohammad Irfan
Uttar Pradesh
08-04-2019 03:18 PM
Mohammad Irfan ji agar aapne loan ke ke liye apply karna hai to aapko sabse pehle apne distt ke Krishi Vigyan Kendra se training leni padegi. uske baad aapko jo certificate milega uske base par aap apne nazdiki bank yaha par aapka account hai unse baat kare or sath me pashu palan department se bhi file lgaye fir aage aapko pashu palan department guide karega ji.
Posted by ajay
Madhya Pradesh
08-04-2019 03:09 PM
अजय जी मोती की खेती और इसकी ट्रेनिंग के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Ashav Ghuman
Punjab
08-04-2019 03:06 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100-100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Lactomax 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Vijay Kumar Ray
Uttar Pradesh
08-04-2019 03:05 PM
Vijay Kumar Ray जी मोती की खेती के बारे में जानकारी और शुरू के लिए आप बिजेन्द्र चौहान से 9719994499 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by chhotuchouhan
Madhya Pradesh
08-04-2019 03:01 PM
आप भैंस को Agrimin super पाउडर 100 ग्राम रोजाना देना शुरू करें इसके साथ आप Ovumin advance रोजाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहें इससे हीट में आ जाएगी

Posted by Kuldip singh
Punjab
08-04-2019 02:46 PM
कुलदीप सिंह जी सोलर पंप और सब्सिडी की पूरी जानकारी लेने के लिए आप 98142 21784 नंबर पर अमरीक सिंह जी से संपर्क करें

Posted by Amrit Dehmuwalia
Punjab
08-04-2019 02:46 PM
tuci usdi bachedani di safai krwao ate uss nu Bovimin-B powder 100gm rojana dena suru kro, isde nal tuci Concimax bolus rojana 1 goli deo ate 14 din tak dinde rho fir agli varr heat vich aunn te uss nu tika bhrwaa ke ehh golia tuci 14 din tak hor deo, iss trah rehn jawegi ate andar to infection v khtm ho jawega.

Posted by sukhdeep
Punjab
08-04-2019 02:40 PM
sukhdeep ji tmatar apne same hi pakda hai isnu pehlan pkaun de layi koi v spray sifarish nahi kiti jandi.dhanwad
Posted by Johal Saab
Punjab
08-04-2019 02:17 PM
ਘਰ ਵਿਚ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚ.... (Read More)
ਘਰ ਵਿਚ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ), ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ), ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ), 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਫੀਡ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 2 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ .
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