
Posted by A zeel khan
Uttar Pradesh
09-04-2019 09:58 AM
neem ka tel keeton ki roktham ke liye Istemal Kiya jata hai. agar ispe kisi Keet ka hamla hai to aap Iski spray Kar sakte hai.

Posted by Bhupinder singh
Punjab
09-04-2019 09:57 AM
garmiyan Vich Isnu 4 din bad Pani dena chaida hai.
Posted by Rinku Kushwaha
Madhya Pradesh
09-04-2019 09:47 AM
rinku ji Iske uper aap keet ka hamla check kre agar maujood hai to aap malathion@2.5ml ko prati liter pani ke hisab se spray Karen.dhanywad

Posted by gurpreet singh
Punjab
09-04-2019 09:38 AM
M-45 ik fungicide hai Jo fasl Vich Fungus di roktham de lyi Istemal kiti jandi hai. isdi matra 400gram nu 150 liter Pani Vich Mila ke spray kiti jandi hai. isdi spray 12-13 din bad kiti jandi hai. dhanwad
Posted by gurpartap singh malhi
Punjab
09-04-2019 09:37 AM
gurpartap ji Kanak nu Pani ktayi to 25 din pehlan band kar Dena Chahida hai.

Posted by Angrej singh Angrej
Punjab
09-04-2019 09:36 AM
kirpa Karke boote di umar daso ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.
Posted by ਹਰਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Haryana
09-04-2019 09:14 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਘੀਆ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਹੀਂ ਸਮਾਂ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਜਾਂ ਜੂਨ- ਜੁਲਾਈ ਤਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਹੁਣ ਘੀਆ ਲਗਾ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਪੰਜਾਬ ਕੋਮਲ ਕਿਸਮ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ 70 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤੁੜਾਈ ਦੇ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by mandeep singh
Punjab
09-04-2019 09:03 AM
Os de pair nu Patasium permagent de gohal vich dip karo (dbovo). Nall hi Bolus Milonex plus 1 goli swere 1 goli shame nu deo Liquid Bovimen-GL 150ml 7ml rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji

Posted by yadwinder Singh
Punjab
09-04-2019 09:03 AM
ਉਸ ਨੂੰ Injection Curan-9 3ml ਮੁਹਰਲੇ ਪਾਸੇ ਕੰਬਲੇ ਦੀ ਚਮੜੀ ਚ ਲਗਵਾਉ ਜੀ ਲੋੜ ਲੱਗਣ ਤੇ 15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਲਵਾਉ ਜੀ
Posted by Lakhvir Gill
Punjab
09-04-2019 09:02 AM
ਲਖਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਤੋਰੀ ਦੇ ਬੀਜ ਦੀ ਫੋਟੋ ਹੇਠਾਂ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by kuldeep Dhaliwal
Haryana
09-04-2019 09:00 AM
iss nu tuci suun to pehla v paa skde ho atee sunn ton badd v de skde ho, kyuki ehh pashu de sarir di kami nu pura krda hai iss nal vdia growth hundi hai, ehh pashu de sarir vich mineral di kami nu pura krda hai iss nu tuci rojana 50gm de skde ho ..
Posted by ਗੋਰਾ ਸਿੱਧੂ
Punjab
09-04-2019 08:42 AM
gora ji eh 15 liter vali dholi Vich 100-110 gram payegi..
Posted by उमेश यादव
Uttar Pradesh
09-04-2019 08:36 AM
उमेश यादव जी हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डाल.... (Read More)
उमेश यादव जी हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Amrinder singh
Punjab
09-04-2019 08:28 AM
Amrinder singh ਜੀ ਮੋਤੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ Manish Vasudev 9417652857 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Harjinder Sandhu
Punjab
09-04-2019 08:16 AM
ਹਰਜਿੰਦਰ ਜੀ ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਭਿੰਡੀ, ਖੀਰਾ, ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Hardial Singh
Punjab
09-04-2019 08:06 AM
hardial ji in Punjab the avacado farming is not recommend by university.

Posted by avtarsingh rai
Punjab
09-04-2019 08:03 AM
ਨਹੀਂ ਜੀ ਇਸਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕੁਤਰਾ ਕਰਕੇ ਉਸ ਵਿਚ ਥੋੜੀ ਤੂੜੀ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਖਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਖਾਣ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜੀ.

Posted by Sunil Choudhary
Himachal Pradesh
09-04-2019 08:02 AM
Sunil ji mushroom ka price aapko local market men hi pata chalega kyuki iska market rate Alag Alag hota hai aur variety ke according hota hai.
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
09-04-2019 07:53 AM
Gurpreet Singh ji pig de layi feed alag alag pig di age de hissab nal hundi hai tusi menu 9915632577 number te mere nal gal kar lavo ji.

Posted by deep
Punjab
09-04-2019 07:49 AM
hanji tuci pashu nu pett de kiria lai neem da tel de skde ho ya fir tuci neem de patte v pashu nu chare vich milla ke de skde ho tuci 2kg patte ek varr vich de skde ho ate hafte badd dubara fir de skde ho, iss nal pashu di vdia deworming hundi rehndi hai .

Posted by Nirmal
Punjab
09-04-2019 07:40 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Vitum-H 500ml ਲਓ ਅਤੇ 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Bovimen-GL 150ml ਲਓ ਅਤੇ 7 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਜਖਮਾਂ ਤੇ Coolmac ਟਿਊਬ ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਲੀ ਮਿਰਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਪੀਸ ਕੇ ਦਿਓ ਅਤੇ 5 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .

Posted by ਹਰਭਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
09-04-2019 07:40 AM
ਮੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਮੱਛਰ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ ,ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ .... (Read More)
ਮੱਖੀਆਂ ਅਤੇ ਮੱਛਰ ਲਈ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ , ਇਸ ਵਿਚ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੇ ਤੇਲ ਨਾਲੋਂ ਥੋੜਾ ਘੱਟ ਹੀ ਪਾਓ ,ਕਿਉਕਿ ਡੀਜ਼ਲ ਜਾਂ ਮਿਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜ਼ਿਆਦਾ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਜਿਥੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮੱਛਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਉਥੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਹੈ , ਇਸ ਨਾਲ ਮੱਛਰ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by Gursewak singh
Punjab
09-04-2019 07:14 AM
Os nu Bolus Minotas 7 golia dea 3 dabbe lao te 1 goli Rojana deo Injection Vitame-H 5ml 4 din chadd ke 5 Injection lao es nall farak pe jawe ga ji

Posted by Des Raj
Haryana
09-04-2019 06:56 AM
देस राज जी अमरुद सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है इसके लिए किस्मे जैसे Allahbad Safeda,Banarasi Surkha,Lucknow 49 (Sardar Amrood),Hisar Safeda,Hisar Surkha की बिजाई की जा सकती है फरवरी मार्च या अगस्त .... (Read More)
देस राज जी अमरुद सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है इसके लिए किस्मे जैसे Allahbad Safeda,Banarasi Surkha,Lucknow 49 (Sardar Amrood),Hisar Safeda,Hisar Surkha की बिजाई की जा सकती है फरवरी मार्च या अगस्त सितंबर का महीना अमरूद के पौधे लगाने के लिए सही माना जाता है पौधे लगाने के लिए 6x5 मीटर का फासला रखें यदि पौधे वर्गाकार ढंग से लगाएं हैं तो पौधों का फासला 7 मीटर रखें 81 पौधे प्रति एकड़ लगाए जाते हैं जड़ों को 25 सैं.मी. की गहराई पर बीजना चाहिए इसके पौधे बीज लगाके या कलम विधि के द्वारा तैयार किए जाते हैं सरदार किस्म के बूटों पर बीज मुरझाने की बीमारी का असर नहीं होता और इन्हें जड़ों के द्वारा पनीरी तैयार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है इसके पूरी तरह पके हुए फलों में से बीज तैयार करके उन्हें बैड या नर्म क्यारियों में अगस्त से मार्च के महीने में बीजना चाहिए क्यारियों की लंबाई 2 मीटर और चौड़ाई 1 मीटर तक होनी चाहिए बिजाई से 6 महीने के बाद पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है नईं अंकुरित पनीरी की चौड़ाई 1 से 1.2 सैं.मी. और ऊंचाई 15 सैं.मी. तक हो जाने पर यह अंकुरन विधि के लिए प्रयोग करने के लिए तैयार हो जाती है मई से जून तक का समय कलम विधि के लिए अनुकूल होता है नए पौधे और ताजी कटी टहनियों या कलमें अंकुरन विधि के लिए प्रयोग की जा सकती हैं पौधों की मजबूती और सही वृद्धि के लिए कटाई और छंटाई की जरूरत होती है जितना मजबूत बूटे का तना होगा, उतनी ही पैदावार अधिक अच्छी गुणवत्ता भरपूर होगी बूटे की उपजाई क्षमता बनाए रखने के लिए फलों की पहली तुड़ाई के बाद बूटे की हल्की छंटाई करनी जरूरी है जब कि सूख चुकी और बीमारी आदि से प्रभावित टहनियों की कटाई लगातार करनी चाहिए बूटे की कटाई हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करनी चाहिए अमरूद के बूटे को फूल, टहनियां और तने की स्थिति के अनुसार पड़ते हैं इसलिए साल में एक बार पौधे की हल्की छंटाई करने के समय टहनियों के ऊपर वाले हिस्से को 10 सैं.मी. तक काट देना चाहिए इस तरह कटाई के बाद नईं टहनियां अकुंरन में सहायता मिलती है एक वर्ष की फसल के लिए यूरिया 200 ग्राम, एस एस पी 200 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम के साथ 10 किलो गाय का गोबर प्रति वृक्ष में डालें 2 वर्ष की फसल के लिए 20 किलो गाय का गोबर, यूरिया 400 ग्राम, एस एस पी 400 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 200 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 3 वर्ष की फसल के लिए यूरिया 600 ग्राम, एस एस पी 600 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4 वर्ष की फसल के लिए यूरिया 800 ग्राम, एस एस पी 800 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 400 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 5 वर्ष की फसल के लिए गाय का गोबर 50 किलो, यूरिया 1000 ग्राम, एस एस पी 1000 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 500 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें पहली सिंचाई पौधे लगाने के तुरंत बाद और दूसरी सिंचाई तीसरे दिन करें इसके बाद मौसम और मिट्टी की किस्म के हिसाब से सिंचाई की जरूरत पड़ती है अच्छे और तंदरूस्त बागों में सिंचाई की ज्यादा जरूरत नहीं होती नए लगाए पौधों को गर्मियों में सप्ताह बाद और सर्दियों के महीने में 2 से 3 बार सिंचाई की जरूरत होती है पौधे को फूल लगने के समय ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती क्योंकि ज्यादा सिंचाई से फूल गिरने का खतरा बढ़ जाता है अमरूद के बाग में पहले 3 से 4 वर्ष के दौरान मूली, भिंडी, बैंगन और गाजर की फसल उगाई जा सकती है इसके इलावा फलीदार फसलें जैसे चने, फलियां आदि भी उगाई जा सकती हैं फसल की अच्छी वृद्धि और उपज के लिए नदीनों का नियंत्रण आवश्यक है नदीनों की जांच के लिए ग्रामोक्सोन 6 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में डालें ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को नदीनों के अंकुरण के बाद प्रति एकड़ में डालें एक एकड़ खेत के लिए 200 लीटर पानी पर्याप्त होता है इन बूटीनाशकों को अमरूद के पौधों पर स्प्रे ना करें इनका प्रयोग सिर्फ नदीनों पर ही करें बिजाई के 2-3 साल बाद अमरूद के बूटों को फल लगने शुरू हो जाते हैं फलों के पूरी तरह पकने के बाद इनकी तुड़ाई करनी चाहिए पूरी तरह पकने के बाद फलों का रंग हरे से पीला होना शुरू हो जाता है फलों की तुड़ाई सही समय पर कर लेनी चाहिए फलों को ज्यादा पकने नहीं देना चाहिए, क्योंकि ज्यादा पकने से फलों के स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित होती है धन्यवाद
Posted by Hargbinder singh
Punjab
09-04-2019 06:55 AM
ਹਰਗਬਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭਿੰਡੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਵੀ Hybrid ਬੀਜ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ Punjab no.13,Punjab Padmini,Punjab 7,Punjab 8 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Kamlesh Bawane
Maharashtra
09-04-2019 06:48 AM
Kamlesh Bawane जी सीप की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें

Posted by mahesh
Rajasthan
09-04-2019 06:20 AM
Mahesh ji hydroponics ke bare men jankari lene ke liye aap Somveer singh 9878733551 ji se sampark kar sakte hai. iski training aap apne najdiki krishi vigyan kendra Address :-Sangaria, Rajasthan phone number 01499 252 702. aap yaha par form bhar ke submit karke de aaye jab bhi vi training ki tarik fix karte hai vo aapko call karke iske bare men jankari de di jayegi.dhanywad

Posted by harpreet singh
Punjab
09-04-2019 05:34 AM
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱ.... (Read More)
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ), ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ), ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ), 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਫੀਡ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 2 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ .

Posted by ਮਲਕੀਤ
Punjab
09-04-2019 05:08 AM
ਸੱਠੀ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ 3 ਕਿਸਮਾਂ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 832 ਅਤੇ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 668, TMB 37 ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 832 ਕਿਸਮ ਤਕਰੀਬਨ 61 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 4.6qtl/acre ਹੈ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 668 ਤਕਰੀਬਨ 60 ਦਿਨ ਵਿਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 4.5qtl/acre ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ TMB 37 ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜੋ ਕੇਵਲ 60 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਕਣਕ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬ.... (Read More)
ਸੱਠੀ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਲਈ 3 ਕਿਸਮਾਂ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 832 ਅਤੇ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 668, TMB 37 ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 832 ਕਿਸਮ ਤਕਰੀਬਨ 61 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 4.6qtl/acre ਹੈ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 668 ਤਕਰੀਬਨ 60 ਦਿਨ ਵਿਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 4.5qtl/acre ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਨਵੀਂ ਕਿਸਮ TMB 37 ਪੇਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਜੋ ਕੇਵਲ 60 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕਦੀ ਹੈ ਕਣਕ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹੁਣ ਤੋਂ ਬਗੈਰ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਜ਼ੀਰੋ ਟਿਲ ਡਰਿਲ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਐਸ ਐਮ ਐਲ 832 ਲਈ 12 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਐਸ ਐਮ ਅਲ 668 ਲਈ 15 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਰਤਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕੈਪਟਾਨ ਜਾ ਥਿਰਮ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿੱਲੋ ਬੀਜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸੋਧ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਦੀ ਕਟਾਈ ਕੰਬਾਇਨ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਹੈਪੀ ਸੀਡਰ ਨਾਲ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ 60 ਦਿਨਾਂ ਵਾਲੀ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ 20 ਮਾਰਚ ਤੋਂ 10 ਅਪ੍ਰੈਲ ਤਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ I

Posted by Gurbinder....
Punjab
09-04-2019 03:39 AM
ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਾਕ ਦਿਓ, ਜਿਵੇਂ ਤੁਸੀ ਦਲੀਆ 2 ਕਿਲੋ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਵੀ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਹਾਰਾ ਚਾਰਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ , ਫੀਡ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾ.... (Read More)
ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਾਕ ਦਿਓ, ਜਿਵੇਂ ਤੁਸੀ ਦਲੀਆ 2 ਕਿਲੋ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖਵਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਵੀ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਹਾਰਾ ਚਾਰਾ ਵਧਿਆ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ , ਫੀਡ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸੂਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਕ ਹਫਤੇ ਤਕ ਉਸਦੇ ਥਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਸਾਰਾ ਦੁੱਧ ਖਾਲੀ ਨਾ ਕਰੋ, ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਦੁੱਧ ਥਨਾਂ ਵਿਚ ਰਹਿਣ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ ਸੂਣ ਬਾਦ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਦੇਖਭਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਉਸ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ ਹਫਤੇ ਬਾਦ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਗੋਲੀ ਵੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਫਿਰ ਹਰ 3-3 ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜੀ

Posted by ਜਸਵਿੰਦਰ ਸੰਧੂ ਜੱਸ
Punjab
09-04-2019 01:20 AM
jaswinder ji tuhanu kise v kheti mahir da number nahi dita ja sakda tuhada Jo v swal hai oh tuc app te push sakde ho.dhanwad

Posted by ਜਸਵਿੰਦਰ ਸੰਧੂ ਜੱਸ
Punjab
09-04-2019 12:06 AM
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਭੂਰੇ ਧੱਬੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜਿਆਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ PR 122 ਇਹ ਕਿਸਮ 147 ਦਿਨ ਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR 123 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 143 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR-114 ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਿਰਯਾਤ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀਂ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Abhishek verma
Uttar Pradesh
08-04-2019 11:22 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है
Posted by Tony
Gujarat
08-04-2019 10:59 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by ਹਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
08-04-2019 10:50 PM
ਹਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਮਾਨ ਜੀ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ ਸਾਹਿਬ ਵਿੱਚ ਆਲੂ ਦਾ ਭਾਅ 600-800/q ਤੱਕ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਹੈ

Posted by yad guraya
Haryana
08-04-2019 10:41 PM
Pusa 44: यह लंबे समय की किस्म है और झुलस रोग के प्रति सहने योग्य है यह पकने के लिए 155 दिन का समय लेती है, जिसके कारण बीमारी का हमला होता हो जाता है, इस किस्म की उपज 90 मण तक चली जाती है
Posted by ਹਰਦੇਵ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
08-04-2019 10:38 PM
Os uper barf wala pani 15-20 minutes din vich 2-3 varr pao ji

Posted by शरद यादव
Uttar Pradesh
08-04-2019 10:24 PM
शरद यादव जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप बिजेन्दर चौहान 9719994499 से संपर्क करें

Posted by ਬੱਬੂ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ
Punjab
08-04-2019 10:20 PM
babbu ji 2g 3g cutting de layi paudeya di boote pehli ate dooji tahni de full tod dite Jande Han kyuki eh full jyada nar hi hunde Han Isnu 2g ate 3g cutting kehnde Han.
Posted by sandeep
Rajasthan
08-04-2019 10:16 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मनीष वासुदेव 9417652857 से संपर्क करें

Posted by upneet singh boparai
Punjab
08-04-2019 10:12 PM
upneet ji tuc bhindi, kaddu, moongi di bijai kar sakde ho.ate tuhanu kise v mahir da number nahi dita ja sakda tuhada jo v swal hai tuc app te puch sakde ho. mahira valo hi tuhanu usda jwab dita jayega.dhanwad

Posted by Golu Rana
Punjab
08-04-2019 10:09 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Calcimust gel 300ml ਕਰਕੇ ਲਗਾਤਾਰ 3 ਦਿਨ ਦਿਓ, Lapguard powder ਜੋ ਕਿ Animix pharma ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਹੈ, ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਬੇਸਨ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ, ਜਾਂ ਤੁਸੀ Lapsin powder ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉਚਾ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਤੂੜੀ ਘੱਟ ਪਾਓ.
Posted by Lakhvir Gill
Punjab
08-04-2019 09:46 PM
lakhvir ji tuc sabjiyan de uper NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre Pani Vich Mila ke prati acre de hisab nal spray karo.
Posted by Harbans singh gill
Punjab
08-04-2019 09:33 PM
Daljit singh Pussa 1718 da beej len lai tusi apne nere de KVK nal samparak kar sakde ho ja fir tusi Punjab Seed Company 9814130282 nal vi samparak kar sakde ho.

Posted by Gurprit singh
Punjab
08-04-2019 09:18 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਉਸਦਾ ਇਲਾਜ ਹੋਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਉਸਦਾ ਬੁਖਾਰ ਵੀ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਜੀ
Posted by Sudama
Haryana
08-04-2019 09:14 PM
Sudama जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप विनोद कुमार 9050555757 से संपर्क करें
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