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Posted by vikrant pathania
Punjab
15-04-2019 11:21 AM
Punjab
04-15-2019 08:17 PM
Gehu mein soondi ki roktham ke liye Quinalphos @800 ml per acre ka spray kr skte ho g..
Posted by ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਭੁੱਲਰ
Punjab
15-04-2019 11:17 AM
Punjab
04-16-2019 07:03 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Sharkoferrol liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ.ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਚਾਰੇ ਵਿਚ ਨੀਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਦਿਓ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਪੱਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਚਾਰੇ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜੀ, ਇਸ ਨਾਲ ਜਲਦੀ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
15-04-2019 11:16 AM
Punjab
04-15-2019 08:19 PM
Jowar ki aap SL-44 kisam ki beejayi kr skte ho g.2-3 time cutting ke liye Punjab Sudax 4 or Punjab Sudax 1 kisam ki beejayi kr skte ho g.
Posted by Jagat Singh
Haryana
15-04-2019 11:13 AM
Rajasthan
04-15-2019 01:49 PM
पशु को ब्याने के बाद लगभग 2 घंटे के अंदर काढ़ा देना चाहिए काढ़ा देने का फायदा यह है कि पशु की जेर जल्दी पड़ जाती ह और उसे बदहजमी नहीं होती काढ़े में सौंफ, अजवायन, मेथे, सोए, कड़ू, काली जीरी, धौली जीरी, बड़ी इलायची, सोंठ और भू​री मिर्चें पड़ती हैं प्रत्येक चीेज़ एक तोला पड़ती है काढा बनाने के लिए पहले लगभग 3 किलो प.... (Read More)
पशु को ब्याने के बाद लगभग 2 घंटे के अंदर काढ़ा देना चाहिए काढ़ा देने का फायदा यह है कि पशु की जेर जल्दी पड़ जाती ह और उसे बदहजमी नहीं होती काढ़े में सौंफ, अजवायन, मेथे, सोए, कड़ू, काली जीरी, धौली जीरी, बड़ी इलायची, सोंठ और भू​री मिर्चें पड़ती हैं प्रत्येक चीेज़ एक तोला पड़ती है काढा बनाने के लिए पहले लगभग 3 किलो पानी को उबालें सभी चीज़ों को पीसकर उबलते पानी में डालें और आग को धीमी कर दें जब पानी आधा रह जाए तो इसमें एक पाव से आधा किलो गुड़ या शक्कर डालें और कड़छी से हिलाते रहें थोड़ी देर के बाद इसे आग से उतार लें और ठंडा करके पशु को पिलायें यह काढ़ा पशु को 4—5 दिनों के लिए दें
Posted by sayyad babar Hussain
Madhya Pradesh
15-04-2019 11:10 AM
Punjab
04-15-2019 01:52 PM
सबसे पहले आप ट्रेनिंग लेनी जरूरी है आप आपने नज़दीकी केबीके से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें बकरी पालन के काम पर लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है और लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफि.... (Read More)
सबसे पहले आप ट्रेनिंग लेनी जरूरी है आप आपने नज़दीकी केबीके से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें बकरी पालन के काम पर लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है और लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें , आप बीटल बकरियां रख सकते हैं यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं.
Posted by kulwant singh
Punjab
15-04-2019 11:03 AM
Punjab
04-16-2019 04:31 PM
kulwant ji kirpa karke daso ke boote di umar kini hai ate tuc isnu khurak de taur te ki paunde ho. dhanwad
Posted by sachveer singh
Punjab
15-04-2019 10:52 AM
Haryana
04-16-2019 04:29 PM
ਜੀ ਤੁਸੀ ਨਰਮੇ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ RCH134Bt,RCH 317Bt,MRC 6301Bt,MRC 6304BT,Ankur 651,ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਨਰਮਾ ਬੀਜਣਾ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ FMDH 9, FDK 124,LD 694,LD 327,ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਅਮਰੀਕਨ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ PAU Bt 1,RCH 650 BG II,NCS 855 BG II,ANKUR 3028 BG II,MRC 7017 BG II,MRC 7017 BG II,ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Pargat singh
Punjab
15-04-2019 10:51 AM
Punjab
11-30--0001 12:00 AM
Eh Tape worms hai, os nu Liquid Broton 120ml 10ml swere 10ml shame nu deo nall Tablet Cipro TZ 500mg di 1 goli Rojana 3 din deo ji
Posted by Navdeep puri
Punjab
15-04-2019 10:48 AM

?

Punjab
04-15-2019 01:55 PM
Navdeep puri ji tuhade walo bejii gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
15-04-2019 10:45 AM
Punjab
04-16-2019 04:18 PM
ਗੁਰਧਿਆਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਕਿ ਜੜਾਂ ਨੂੰ ਕੋਈ ਕੀੜਾ ਤਾ ਨਹੀਂ ਲੱਗਿਆ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸੋ ਕਿ ਪੌਧੇ ਕਿਹੜੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਲਾਏ ਹਨ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by baljinder Singh Sandhu
Punjab
15-04-2019 10:41 AM
Punjab
04-15-2019 03:16 PM
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਲਈ ਅਪਲਾਈ ਕੀਤਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜਰ ਤੋਂ ਲੋਨ ਪਾਸ ਕਰਵਾਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਤਾਂ ਸਬਸਿਡੀ ਦੇਣੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਲੋਨ ਦਾ ਕੰਮ ਬੈਂਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇੇ ਹੀ ਪਤਾ ਕਰੋ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਬੈਕ ਨੂੰ ਦੇਣ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਦਿੱਤਾ ਕੇ ਨਹੀ ਜੇਕਰ ਬੈਕ ਤੋਂ ਸਾਰਾ ਕੰਮ ਕਰਵਾ ਲਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਮਈ.... (Read More)
ਹਾਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਲਈ ਅਪਲਾਈ ਕੀਤਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਬੈਕ ਮੈਨੇਜਰ ਤੋਂ ਲੋਨ ਪਾਸ ਕਰਵਾਉਣਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਤਾਂ ਸਬਸਿਡੀ ਦੇਣੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਲੋਨ ਦਾ ਕੰਮ ਬੈਂਕ ਮੈਨੇਜ਼ਰ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇੇ ਹੀ ਪਤਾ ਕਰੋ ਕਿ ਤੁਹਾਡਾ ਬੈਕ ਨੂੰ ਦੇਣ ਵਾਲਾ ਫਾਰਮ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਦਿੱਤਾ ਕੇ ਨਹੀ ਜੇਕਰ ਬੈਕ ਤੋਂ ਸਾਰਾ ਕੰਮ ਕਰਵਾ ਲਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਮਈ ਤੱਕ ਸਾਰੀਆਂ ਫਾਈਲਾ ਪਾਸ ਹੋ ਜਾਣਗੀਆ ਜੀ ਥੋੜੇ ਦਿਨ ਹੋਰ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰੋ
Posted by AMAN MOUDGILL
Punjab
15-04-2019 10:30 AM
Punjab
04-16-2019 04:15 PM
aman ji kirpa karke isde label di photo v bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by harsimran
Punjab
15-04-2019 10:27 AM
Punjab
04-23-2019 02:24 PM
Papita ke plant len lai tusi Anmaanat Biotech Amritsar 9340126148, 9478000850 nal samparak kar sakde ho.
Posted by Ram Kumar
Punjab
15-04-2019 10:25 AM
Punjab
04-15-2019 05:23 PM
Ram Kumar ji 2 rupees sekde de hissb nal 30 day de 200 rupees viaj baneya ji. eh es tarah baneya ke 1000 de magar 20 rupees viaj baneya . 20 by 10 de hissab nal 200 rupees viaj ban geya ji.
Posted by Gurpreet singh
Punjab
15-04-2019 10:24 AM
Maharashtra
04-22-2019 06:11 PM
Gurpreet ji boote di photo dekh ke isde bare nahi pta lag reha tuc apne najdiki horticulture expert nal sampark karo.dhanwad
Posted by Navdeep puri
Punjab
15-04-2019 10:21 AM

?

Maharashtra
04-15-2019 10:23 AM
navdeep ji kirpa karke audio dubara upload karo ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.
Posted by राजेश राठौर
Madhya Pradesh
15-04-2019 10:09 AM
Punjab
04-17-2019 01:54 PM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Bamoriya Pearl Farm फ़ोन: 097700 85381 से संपर्क करें
Posted by Ram Kumar
Punjab
15-04-2019 10:07 AM
Maharashtra
04-15-2019 10:24 AM
ram Kumar ji kirpa karke vistar nal daso ke tuc kehdi spray bare jankari laini hai ate ki jankari laini hai ta Jo tuhanu poori jankari diti ja sake.
Posted by Ram Kumar
Punjab
15-04-2019 10:04 AM
Punjab
04-15-2019 08:22 PM
Tilt fungicide hai jo dhan or wheat mrin fungus disease ko control krta hai.Actara or Confidor dono insecticides hai jo crops mein tele ko marne ke liye spray kiya jata hai.Sticker ekk liquid hota hai jo spray ko leaves mein stick krne ke liye use hota hai ta jo barish se spray ka asar khtm na ho...
Posted by Ram Kumar
Punjab
15-04-2019 10:03 AM
Punjab
04-16-2019 04:08 PM
Ram ji ethion ik keetnashak hai jo tele di roktham de layi vartya janda hai. isdi matra 200ml prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad
Posted by ਗੋਪੀ ਬਰਾੜ ਜੈਮਲੀਆ
Punjab
15-04-2019 09:54 AM
Punjab
04-16-2019 04:02 PM
ਹਾਜੀ ਇਹ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ
Posted by shankar valvi
Maharashtra
15-04-2019 09:46 AM
Punjab
04-16-2019 03:59 PM
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है
Posted by Shishpal
Haryana
15-04-2019 09:16 AM
Madhya Pradesh
04-18-2019 07:35 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by योगेशवर
Madhya Pradesh
15-04-2019 09:05 AM
Punjab
04-15-2019 03:12 PM
हांजी सर आप मुर्गी को फाड़ कर अंदर से उसकी अंदर से फोटो क्लिक करें और भेजें, फिर पता चलेगा के बीमारी क्या है
Posted by amritpal singh
Punjab
15-04-2019 09:01 AM
Punjab
04-26-2019 02:57 PM
amritpal ji lasan da rate 3000-3500 rupaye prati quintal hai.dhanwad
Posted by hardeep
Punjab
15-04-2019 09:00 AM
Punjab
04-17-2019 12:23 PM
Hardeep ji kanak da jhaad usdiyan kisman de hisab nal ate usdi sambah sambhal ate usde uper bimariyan de hamle de hisab nal jhaad vadh ghat ho sakda hai isda koi pakka anuamn nahi hai ke kanak da jhaad kina nikal reha hai.dhanwad
Posted by amritpal singh
Punjab
15-04-2019 09:00 AM
Haryana
04-16-2019 03:58 PM
ਫਸਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਉੱਪਰਲੀ ਤਹਿ ਤੋ ਘਾਹ ਫੂਸ ਪਰੇ ਕਰਕੇ ਖੁਰਪੇ ਨਾਲ 6 ਇੰਚ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟਕੇ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਇਕ ਇੰਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਤਹਿ ਉੱਪਰੋਂ ਥੱਲੇ ਤੱਕ ਇਕਸਾਰ ਕੱਟੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕੱਪੜੇ ਜਾ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ 7-8 ਹੋਰ ਥਾਵਾਂ ਤੋ ਮਿੱਟੀ ਲਵੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲਾਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚੋ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮ.... (Read More)
ਫਸਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਉੱਪਰਲੀ ਤਹਿ ਤੋ ਘਾਹ ਫੂਸ ਪਰੇ ਕਰਕੇ ਖੁਰਪੇ ਨਾਲ 6 ਇੰਚ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟਕੇ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਇਕ ਇੰਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਤਹਿ ਉੱਪਰੋਂ ਥੱਲੇ ਤੱਕ ਇਕਸਾਰ ਕੱਟੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕੱਪੜੇ ਜਾ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ 7-8 ਹੋਰ ਥਾਵਾਂ ਤੋ ਮਿੱਟੀ ਲਵੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲਾਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚੋ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਲੈ ਲਵੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਗਿੱਲੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾਓ ਇਸ ਨਮੂਨੇ ਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਦੀ ਥੈਲੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਨਾਮ, ਪਤਾ ਅਤੇ ਖੇਤ ਨੰਬਰ ਲਿਖਕੇ ਇੱਕ ਪਰਚੀ ਉਸ ਉੱਤੇ ਰੱਖ ਦੇਵੋ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿੱਚੋ ਰਲਵਾ-ਮਿਲਵਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਖੇਤ ਦੇ ਕੁਝ ਹਿੱਸੇ ਵਿੱਚ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਕਿਸਮ ਤੇ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵੱਖਰੀ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਹਿੱਸੇ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਅਲੱਗ ਨਮੂਨਾ ਲਵੋ ਕੱਲਰ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚੋ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ 3 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਸਿੱਧੇ ਪਾਸੇ ਉੱਪਰੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਕੇ ਹੇਠਾਂ 6 ਇੰਚ ਤੱਕ 1 ਫੁੱਟ ਅਤੇ 2 ਫੁੱਟ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਉ ਹਰ ਡੂੰਘਾਈ ਤੋਂ ਖੁਰਪੇ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤਕਰੀਬਨ 1 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਉਤਾਰ ਕੇ ਅੱਧਾ ਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਲਵੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੁੱਲ ਚਾਰ ਨਮੂਨੇ ਲਵੋ ਹਰ ਡੂੰਘਾਈ ਤੋ ਨਮੂਨੇ ਲੈ ਕੇ ਵਿਧੀ 1 ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੰਭਾਲੋ, ਪਰਚੀ ਉੱਪਰ ਨਮੂਨੇ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਵੀ ਲਿਖੋ ਬਾਗ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ ਵਾਸਤੇ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ 6 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਸਿੱਧੇ ਪਾਸੇ ਤੋ ਉੱਪਰ ਹੇਠਾਂ ਵੱਲ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾ ਕੇ ਨਿਸ਼ਾਨ 6 ਇੰਚ ‘ਤੇ 2 ਨਿਸ਼ਾਨ 1 ਫੁੱਟ’ ਤੇ ਲਾ ਕੇ ਹਰ ਫੁੱਟ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾਉ ਖੁਰਪੇ ਨਾਲ 6 ਇੰਚ ਦੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਤੱਕ 1 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਇੱਕ ਸਾਰ ਲਾਉ ਜਿਸ ਦਾ ਭਾਰ ਲਗਪਗ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਹੋਵੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਰਾਂ 6 ਨਮੂਨੇ 1-1 ਫੁੱਟ ਦੂਰੀ ’ਤੇ ਲਉ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥੈਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਜਿਸ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 7 ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਥੈਲੀ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਅਤੇ ਖੇਤਾਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਿਖ ਕੇ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਕੋਈ ਰੋੜਿਆ ਦੀ ਤਹਿ ਹੋਵੇ, ਉਸਦਾ ਨਮੂਨਾ ਅਲੱਗ ਲੈ ਕੇ ਵੱਖਰੀ ਥੈਲੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪਰਚੀ ਉੱਤੇ ਤਹਿ ਦੀ ਡੂੂੰਘਾਈ ਲਿਖੀ ਹੋਵੇ ਕੱਲਰ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਅਤੇ ਬਾਗਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮਿੱਟੀ  ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਬਰਮੇ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ  ਵੀ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਜਾਂਚ ਤੁਸੀਂ ਮਿੱਟੀ ਜਾਂਚ ਕੇਂਦਰ ਕੋਲੋ ਜਾਂ KVK ਕੋਲੋ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Hasandeep singh Brar
Punjab
15-04-2019 08:47 AM
Maharashtra
04-15-2019 10:28 AM
khatti lassi ullinashak da kam kardi hai.sundi di roktham de layi tuc neem de tel di spray Kar sakde ho.dhanwad
Posted by Diwan Singh
Himachal Pradesh
15-04-2019 08:20 AM
Punjab
04-15-2019 01:57 PM
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फुट लंबी लगह और 20 फुट चौड़ाई वाली जगह की जरूरी होगी यह सारी जगह 1000 वर्ग फुट बन जाती है इसमें आप 1000 बच्चे रख सकते हैं यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर लाकर तैयार करते है तो एक बच्चे का अंडे देने का कुल खर्च 160—170 रूपये आ जाता है और यदि आप पूरी तरह तैयार बच्चा लेते हैं तो आपके फार्म पर सिर्.... (Read More)
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फुट लंबी लगह और 20 फुट चौड़ाई वाली जगह की जरूरी होगी यह सारी जगह 1000 वर्ग फुट बन जाती है इसमें आप 1000 बच्चे रख सकते हैं यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर लाकर तैयार करते है तो एक बच्चे का अंडे देने का कुल खर्च 160—170 रूपये आ जाता है और यदि आप पूरी तरह तैयार बच्चा लेते हैं तो आपके फार्म पर सिर्फ अंडे दे तो वह एक बच्चा 205—210 रूपये तक पड़ जाता है फिर आप उस हिसाब से बच्चे खरीद सकते हैं इसके लिए आप लेयर वली कंपनी से संपर्क कर सकते हैं बाकी यदि आप deep litter में बच्चे रखते हैं तो इससे भी बढ़िया फायदा मिलता है पर इसमें देख रेख ज्यादा करनी पड़ती है
Posted by parm nagra
Punjab
15-04-2019 06:48 AM

h ?

Maharashtra
04-15-2019 10:29 AM
parm nagra ji kirpa karke apna swal vistar nal daso ke tuc ki jankari laina chaunde ho ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by ਹਰਅੰਮ੍ਰਿਤ ਵੜਿੰਗ
Punjab
15-04-2019 06:29 AM
Maharashtra
04-15-2019 10:30 AM
haramrit ji kirpa karke boote di photo bhejo ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Nav Bajwa
Punjab
15-04-2019 05:57 AM
Punjab
04-17-2019 02:25 PM
Punjab vich Motia di kheti Bare jankari lai tusi Manish Vasudev 9417652857 ji nal samparak kar sakde ho.
Posted by kiran devi
Bihar
15-04-2019 05:53 AM
Punjab
04-15-2019 05:29 PM
जी आप intas कंपनी की minotas tablates लाकर रोजाना 1 tablates भैंस को दें इनको 21 दिनो के लिए देना हैं यह 7 tablates की डिब्बी होती हैं 1 डिब्बी में 7 tablates होती हैं इसकी 3 डिब्बीयां लाकर दें और इसके साथ ही पाउडर Bovimen-B 100gm रोज़ाना दें
Posted by punit
Daman And Diu
14-04-2019 11:59 PM
Maharashtra
04-16-2019 03:18 PM
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं. इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/साल.... (Read More)
Red sandalwood, white sandalwood चंदन की किस्में हैं. इसकी खेती के लिए जमीन को अप्रैल-मई महीने में तैयार किया जाता है इसकी बिजाई मई-अक्टूबर महीने में की जाती है पर इसको बीजने का सबसे सही समय जुलाई-अगस्त महीना है पौधे से पौधे की दूरी 3 मीटर होनी चाहिए..यूरिया@50ग्राम/पेड़/साल , एसएसपी@100 ग्राम/पेड़/साल और मयूरिएट आफ पोटाश@40 ग्राम/पेड़/सालको दो हिस्सों में डालना चाहिए पहली डोज़ मार्च-अप्रैल महीने में और दूसरी डोज़ सितम्बर-अक्टूबर में दी जानी चाहिए इसके बारे में और जानकारी लेने के लिए आप अरुण खुरमी 9878123123 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Mahendra Kumar verma
Uttar Pradesh
14-04-2019 11:50 PM
Maharashtra
04-15-2019 10:31 AM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है .... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by Gurshan Singh
Punjab
14-04-2019 11:31 PM
Punjab
04-15-2019 03:18 PM
ਮੱਝਾਂ / ਗਾਵਾਂ ਦੇ ਰੂਮਨ ਵਿਚਲੇ ਸੂਖਮ ਜੀਵ ਯੂਰੀਏ ਨੂੰ ਤੋੜ ਕੇ ਆਪਣੀ ਜੀਵ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਪਸ਼ੂ ਦੀਆਂ ਜਰੂਰਤਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਕਰਦੀ ਹੈ ਸੋ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਵੰਡ ਵਿੱਚ 1% ਯੂਰੀਏ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵੰਡ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਮਿਕਸ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦੀਆਂ ਡਲੀਆਂ ਨਹੀ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਜੇਕਰ ਤੂੜੀ/ ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋ.... (Read More)
ਮੱਝਾਂ / ਗਾਵਾਂ ਦੇ ਰੂਮਨ ਵਿਚਲੇ ਸੂਖਮ ਜੀਵ ਯੂਰੀਏ ਨੂੰ ਤੋੜ ਕੇ ਆਪਣੀ ਜੀਵ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਵਰਤ ਲੈਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਪਸ਼ੂ ਦੀਆਂ ਜਰੂਰਤਾਂ ਪੂਰੀਆਂ ਕਰਦੀ ਹੈ ਸੋ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਵੰਡ ਵਿੱਚ 1% ਯੂਰੀਏ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵੰਡ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਮਿਕਸ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦੀਆਂ ਡਲੀਆਂ ਨਹੀ ਹੋਣੀਆਂ ਚਾਹੀਦੀਆਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਜੇਕਰ ਤੂੜੀ/ ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋਧ ਕੇ ਵਰਤਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਤੂੜੀ/ ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਖੁਰਾਕੀ ਗੁਣਾਂ ਵਿੱਚ ਵਾਧਾ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੇ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਸੁੱਕੇ ਤੌਰ ਤੇ ਵਰਤ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਵਿੱਚ ਪ੍ਰੋਟੀਨ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਦੂਰ ਵੀ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਕਿਵੇਂ ਸੋਧੀ ਜਾਵੇ ਤੂੜੀ ? ਤੂੜੀ / ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਯੂਰੀਏ ਨਾਲ ਸੋਧਣ ਲਈ 4 ਕੁਇੰਟਲ ਤੂੜੀ ਜਾਂ ਕੁਤਰੀ ਹੋਈ ਪਰਾਲੀ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਜਮੀਨ ਤੇ ਵਿਛਾ ਲਵੋ ਫਿਰ 14 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਏ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਵੋ ਤੇ ਤੂੜੀ/ਪਰਾਲੀ ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਤਾਂ ਕਿ ਸਾਰੀ ਤੂੜੀ / ਪਰਾਲੀ ਗਿੱਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਰਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਨੂੰ ਦਬਾ ਕੇ 9 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਲਈ ਢੱਕ ਕੇ ਰੱਖੋ 9 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਤੂੜੀ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਗੁਣਕਾਰੀ ਤੇ ਨਰਮ ਹੋਂ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਿਸ ਤਰਾਂ ਖਵਾਉਣੀ ਹੈ ? ਖੁਆਉਣ ਲੱਗਿਆਂ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਤੋਂ ਹੀ ਖੋਲੋ ਤੇ ਕੁੱਝ ਦੇਰ ਹਵਾ ਲੱਗਣ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਹਵਾ ਨਹੀ ਲਗਾਉਦੇ ਤਾਂ ਅਮੋਨੀਆਂ ਗੈਸ ਜੋ ਬਣੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਉਹ ਪਸ਼ੂ ਦੀਆਂ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਚੁੱਬਣ ਲੱਗਦੀ ਹੈ ਫਿਰ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਗਿਝਾਓ ਸੋਧੀ ਹੋਈ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 4 ਕਿੱਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਵੱਡੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਖੁਆਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਨੋਟ - ਇਸ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਘੋੜੇ , ਸੂਰਾਂ ਤੇ 6 ਮਹੀਂਨੇ ਤੋਂ ਘੱਟ ਉਮਰ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਨਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ
Posted by Gurshan Singh
Punjab
14-04-2019 11:29 PM
Punjab
04-17-2019 03:17 PM
Buffalo 5:80 rate hai ji baani and verka da.jeyada rate amul da ho sakda hai ji. baki jekar tusi center lena hai ta baani dairy da mil sakda hai tusi kise hor dairy to baani dairy da number le ke pata karo. tohanu jankari mil javegi ke tohanu center milega ke nahi.
Posted by Gurshan Singh
Punjab
14-04-2019 11:26 PM
Punjab
04-16-2019 03:23 PM
Gurshan ji tuc pusa 44 de beej layi najdiki krishi vigyan kendra vich pta kar sakde ho jisda pta hai .Address: Shamsher Nagar, Sirhind, Punjab 140406.Phone: 01763 221 217. is to ilava tuc isde beej Punjab Seed Company, Gidderbaha. +91 1637 230382, +91 1637 230982, +91 9814130982 nal v sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Gurpartap singh
Punjab
14-04-2019 11:21 PM
Punjab
04-15-2019 02:14 PM
ਗੁਰਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਇਹ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਵੀ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਹਰ ਟਾਈਮ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1 ਕੋਰਾ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਵੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਲਵੋ ਰਾਤ ਨੂੰ ਉਸ ਘੜੇ ਵਿੱਚ 1 ਪੇਸੀ ( ਡਲਾ) ਗੁੜ ਦੀ ਅਤੇ 1 ਗੁੰਨੇ ਹੋਏ ਆਟੇ ਦਾ ਪ.... (Read More)
ਗੁਰਪ੍ਰਤਾਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਇਹ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਵੀ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਹਰ ਟਾਈਮ ਰਹਿਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ 1 ਕੋਰਾ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਵੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਲਵੋ ਰਾਤ ਨੂੰ ਉਸ ਘੜੇ ਵਿੱਚ 1 ਪੇਸੀ ( ਡਲਾ) ਗੁੜ ਦੀ ਅਤੇ 1 ਗੁੰਨੇ ਹੋਏ ਆਟੇ ਦਾ ਪੇੜਾ ਮਿਲਾ ਦੇਵੋ ਇਸ ਮਿਸ਼ਰਣ ਨੂੰ ਰਾਤ ਨੂੰ ਰੱਖ ਦਿਊ ਤੇ ਸਵੇਰ ਵੇਲੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾ ਘੋਲ ਲਵੋ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਘੋਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪਿਆਉ ਇਸ ਤਰਾਂ ਤੁਸੀ ਲਗਾਤਾਰ 8-10 ਦਿਨ ਤੱਕ ਪਿਆ ਦਿਉ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਗਰਮੀ ਨਹੀ ਮੰਨਦੇ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਖੁਰਾਕ, ਫੀਡ, ਵਧਿਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜੀ, ਇਸ ਤਰ੍ਰਾਂ ਗਰਮੀ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਨਹੀਂ ਘਟੇਗਾ.
Posted by gurjant bal
Punjab
14-04-2019 10:20 PM
Punjab
04-15-2019 02:17 PM
ਮੁਰਗੀਆਂ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀਆ ਹੋਣ ਤੇ ਅੰਡੇ ਦਿੰਦੀਆਂ ਹੈ , ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ.
Posted by Sarita
Haryana
14-04-2019 10:04 PM
Maharashtra
04-16-2019 03:26 PM
Posted by Arshdeep SINGH
Punjab
14-04-2019 09:52 PM
Punjab
04-15-2019 03:24 PM
ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਟ੍ੇਨਿੰਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਆਪਣਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵਿ.... (Read More)
ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣ ਲਈ ਸਰਕਾਰੀ ਸੂਰ ਫਾਰਮ ਬਣੇ ਹਨ ਜਿਵੇ ਮੱਲੋਵਾਲ, ਖਰੜ, ਨਾਭਾ , ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ ਵਿੱਚ ਜਿੱਥੇ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਵੀ ਟ੍ੇਨਿੰਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਵੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਆਪਣਾ ਫਾਰਮ ਭਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਟ੍ੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਉੱਥੇ ਵੀ ਟ੍ੇਨਿੰਗ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by jashan
Punjab
14-04-2019 09:46 PM
Punjab
04-16-2019 03:36 PM
ਜਸ਼ਨ ਜੀ ਤੁਸੀ ਜੇਕਰ ਝੋਨਾ ਨਹੀਂ ਲਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਤਾ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਮੂੰਗੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਸੀ ਗੰਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
14-04-2019 09:43 PM
Punjab
04-15-2019 07:42 AM
PR 121 variety da yield 30.5 quiental per acre hai and eh kisam 140 dina vich pkk ke tyar ho jndi hai.PR 126 variety short duration di hai and eh 123 days vich pakk ke tyar ho jndi hai.esda yield 30 quiental prati acre hai...
Posted by ajay kumar sharma
Bihar
14-04-2019 09:41 PM
Punjab
04-16-2019 01:48 PM
Moti ki kheti bare puri jankari or is ki training ke liye aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.