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Posted by Naresh Kumar Mahto
Jharkhand
16-04-2019 05:14 PM
Punjab
04-23-2019 05:22 PM
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई कर.... (Read More)
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
Posted by shivaji
Maharashtra
16-04-2019 05:13 PM
Punjab
04-16-2019 05:43 PM
कड़कनाथ मध्य प्रदेश की झाबुआ जिले का जंगलों में पाई जाने वाली एक प्रजाति का एक मुर्गा है यह मुर्गा आजकल बहुत ज्यादा डिमांड में है क्योंकि इस मुर्गे का मांस काले कलर का होता है हड्डियां पंख और त्वचा भी काले कलर की होती है यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अ.... (Read More)
कड़कनाथ मध्य प्रदेश की झाबुआ जिले का जंगलों में पाई जाने वाली एक प्रजाति का एक मुर्गा है यह मुर्गा आजकल बहुत ज्यादा डिमांड में है क्योंकि इस मुर्गे का मांस काले कलर का होता है हड्डियां पंख और त्वचा भी काले कलर की होती है यह मुर्गा पौष्टिक गुणों से भरपूर होता है इसमें भी वन से लेकर बी12 तक विटामिंस बहुत सारे अमीनो एसिड इस मुर्गे में पाए जाते हैं इस मुर्गे में आयरन और हीमोग्लोबिन अधिक होने के कारण इस के खून का रंग गहरा लाल होता है जिससे काले कलर का प्रतीत होता है आजकल यह कई जगह अवेलेबल है लेकिन प्योर देसी कड़कनाथ की अगर बात करें तो प्योर देसी मतलब जो 5 से 6 महीने में 5 से 6 महीने में 1 किलो का होता है उसे देसी कहा जाता है और जिस की त्वचा हड्डी पंख सारा कुछ काला होता है उसे देसी कड़कनाथ कहा जाता है I इसका 1000 मुर्गा रखने के लिए 2000 sqayer फट की जरुरत पड़ेगी इसका एक चूजा ₹80 डेढ़ सौ तक ₹150 उपलब्ध है , कड़कनाथ के चूजे लेने के लिए आप 9425029920 नंबर पर संपर्क कर सकते है इसने आपको कड़कनाथ के चूजे मिल जायेगे
Posted by sumit Kumar
Bihar
16-04-2019 05:10 PM
Punjab
04-16-2019 05:58 PM
Sumit kumar ji Enerboost powder Animix pharma company ka product hai yadi yeh nahi mill raha to app Panjiri powder de skte hai yeh powder Unicell company ka product hai, iske ilawa app Khurak powder v de skte hai yeh Alembic company ka product hai.
Posted by Ashok Kumar vishwakarma
Chattisgarh
16-04-2019 05:07 PM
Punjab
04-16-2019 05:49 PM
Moti ki kheti ki Training ke lia aap ICAR-Central Institute of Freshwater, Aquaculture (Indian Council of Agricultural Research) (An ISO 9001:2015 Certified Institute) Kausalyaganga, Bhubaneswar-751002, Odisha, IndiaTel: +91-674-2465421, 2465446, Fax:+91-674-2465407 E-mail: director.cifa@icar.gov.in, Website: www.cifa.nic.in se samparak kare.
Posted by ਗੁਰਲਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-04-2019 05:06 PM
Punjab
04-23-2019 04:04 PM
ਗੁਰਲਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harpinder Singh
Punjab
16-04-2019 04:53 PM
Haryana
04-30-2019 11:56 AM
ਹਰਪਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸ ਵਾਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 20 ਜੂਨ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 20 ਮਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by CHETAN PATIL
Maharashtra
16-04-2019 04:43 PM
Punjab
05-16-2019 11:17 AM
Aap resham ke keede ke bare men poori jankari lene ke liye is video ko dekh sakte hai. https://www.youtube.com/watch?v=-dJKcfhokK0
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-04-2019 04:42 PM
Punjab
04-16-2019 05:08 PM
ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ flukarid-DS ਦਵਾਈ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 40-45 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ, 4-5 ਕਿਲੋ ਤੂੜੀ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਫੀਡ ਵਧਿਆ ਦਿਓ ਜੋ ਝੋਟੀ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਖਾਂਦੀ ਹੋਵੇ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ.
Posted by Jasvir Badiala
Punjab
16-04-2019 04:22 PM
Punjab
04-17-2019 05:17 PM
Jasvir ji mausam vibhag de anusar aj ate kalh da din meeh ate haneri rehn di sambhavna hai. dhanwad
Posted by balwinder singh
Punjab
16-04-2019 04:18 PM
Punjab
04-16-2019 05:10 PM
tuci uss nu khurak vdia deni suru kro, uss nu rojana 40-45 kg hara chara deo, uss nu her 3 mahinia badd pett de kiria lai goli jrur deo, ehna de nal nal tuci Gog powder di rojana 1 pudi ate Calcimust gold liquid 100ml rojana dena suru kro, iss nal dudh vich farak paa jawega..
Posted by harman janda
Punjab
16-04-2019 04:07 PM
Punjab
04-17-2019 05:19 PM
harman ji isnu tuc vermi compost pao eh tat di kami de nal digna shuru kar dinde han. isdi matra 4 killo prati boote de hisab nal pao ate boote nu pani sahi matra ate sahi same te lao.dhanwad
Posted by harman janda
Punjab
16-04-2019 04:00 PM
Punjab
04-17-2019 05:20 PM
harman ji isde uper carbendazim@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo eh fungus de karn ho rahe han dhanwad
Posted by jaanikhangura55651@gmail.com
Punjab
16-04-2019 03:56 PM
Punjab
04-17-2019 05:22 PM
harman ji isde uper carbendazim@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo eh fungus de karn ho rahe han dhanwad
Posted by Beant singh
Punjab
16-04-2019 03:51 PM
Punjab
04-17-2019 02:51 PM
Quail farming di punjab vich koe v contact farming nai karvondi ji. quail farming apne level te hi shuru karni pavegi te esdi marketing v apne level te karni pavegi ji
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
16-04-2019 03:42 PM
Rajasthan
04-17-2019 02:58 PM
ਬਿਕਰਮ ਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸਦੀਆਂ ਹੋਰ ਫੋਟੋਆਂ ਭੇਜੋ ਜੀ ਜਿਸ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਮੂੰਹ, ਸਾਈਡ ਤੋਂ , ਪੂੰਛ ਵਾਲਾ ਹਿਸਾ ਦਿਖਾਈ ਦਿੰਦਾ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ .
Posted by Parjeet Sandhu
Punjab
16-04-2019 03:42 PM
Punjab
04-17-2019 07:50 PM
Narme ki varieties RCH 773,RCH 776,SP 7172,ANKUR 3028 ki beejayi kr skte ho g.Sab varieties la yield 10-12 quiental per acre ka average hai g..
Posted by Deepak kumar
Haryana
16-04-2019 03:10 PM
Punjab
04-16-2019 04:38 PM
दीपक कुमार जी बरगाड़ी गुड लेने के लिए आप भूपिंदर सिंह बरगाड़ी 9463400098 से संपर्क करें
Posted by jaswant singh
Haryana
16-04-2019 03:00 PM

..?

Punjab
04-16-2019 04:09 PM
Jaswant singh ji kirpa krke apna swal vistar nal dso ji tan jo tuhanu sahi jankaeri diti jaa ske.
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
16-04-2019 02:58 PM
Punjab
04-17-2019 05:10 PM
ਇਸ ਨਾਮ ਮਸਲ ਡਿਵੈਲਪ ਹੋਣਗੇ ਜੀ ਤੇ ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ Liquid Osto pet 10ml ਸਵੇਰੇ 10ml ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਦਿਓ ਜੀ
Posted by Naved khan
Madhya Pradesh
16-04-2019 02:35 PM
Maharashtra
04-17-2019 05:25 PM
आप अभी मूंग की बिजाई कर सकते है इसके लिए आप खीरा,​ भिंडी और कदू की बिजाई कर सकते है
Posted by harpeet
Punjab
16-04-2019 02:14 PM
Maharashtra
04-17-2019 05:24 PM
Hapreet ji pusa basmati 1718 nu 1121 di sodh karke bnaya geya hai . eh 136-138 dina vich pakk ke tyar hundi hai isda jhad 18-20 quintal prati acre de hisab nal hunda hai.dhanwad
Posted by Kulwinder singh
Punjab
16-04-2019 02:06 PM
Punjab
04-17-2019 05:26 PM
ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਝੋਨਾ ਲਾਉਣ ਦੀ ਤਾਰੀਕ 20 ਜੂਨ ਤੋਂ ਬਾਦ ਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 20 ਮਈ ਤੋਂ ਬਾਦ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pratik yadav
Uttar Pradesh
16-04-2019 02:02 PM
Punjab
04-16-2019 04:33 PM
Pratik Yadav ji Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke liye aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.
Posted by robin singh
Rajasthan
16-04-2019 01:58 PM
Rajasthan
04-16-2019 06:01 PM
सभी गाय लगभग 9 महीने 9 दिन का समय ब्याने में लेती है वैसे तो पशु का 305 दिन का दूध ही माना जाता है क्योंकि ब्याने से दो महीने पहले तो उसका दूध बंद करना होता है और यह पशु की नस्ल पर है क्योंकि कुछ अच्छी नस्ल की गाय जिनका दूध ज्यादा होता है वो ब्याने से एक म​हीना पहले तक भी दूध देती रहती है और कुछ गाय ब्याने से 2—3 महीने .... (Read More)
सभी गाय लगभग 9 महीने 9 दिन का समय ब्याने में लेती है वैसे तो पशु का 305 दिन का दूध ही माना जाता है क्योंकि ब्याने से दो महीने पहले तो उसका दूध बंद करना होता है और यह पशु की नस्ल पर है क्योंकि कुछ अच्छी नस्ल की गाय जिनका दूध ज्यादा होता है वो ब्याने से एक म​हीना पहले तक भी दूध देती रहती है और कुछ गाय ब्याने से 2—3 महीने पहले बंद हो जाती है यह सारा कुछ नस्ल, खुराक, देखभाल पर ही निर्भर करता है क्योंकि यदि पशु अच्छी ग्रोथ कर रहा है तो उसके दूध का उत्पादन भी अच्छा होगा
Posted by AJAYKUMAR
Haryana
16-04-2019 01:58 PM
Punjab
04-16-2019 02:06 PM
सबसे पहली बात यदि आप पोल्ट्री फार्म खोलने के बारे में राय लेना चाहते हैं हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि सही जानकारी आपको दे सकें सबसे पहली बात यदि आपने पोल्ट्री फार्म खोलना है तो सबसे पहले यह देखें कि अंडों के लिए लेयर शुरू करें या ब्रॉयलर मुर्गियों से शुरू करें आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वग.... (Read More)
सबसे पहली बात यदि आप पोल्ट्री फार्म खोलने के बारे में राय लेना चाहते हैं हमारी पूरी कोशिश रहेगी कि सही जानकारी आपको दे सकें सबसे पहली बात यदि आपने पोल्ट्री फार्म खोलना है तो सबसे पहले यह देखें कि अंडों के लिए लेयर शुरू करें या ब्रॉयलर मुर्गियों से शुरू करें आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगाक्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है यह कुछ प्राथमिक जानकारी थी अंतत आप पहले किसी सफल पोल्ट्री फार्मर से जरूर मिलें आपको अन्य बातों एवं बारीकियों का पता लगेगा अगला सवाल यह है कि चूज़ें मिलेंगे कहां से, इसके लिए दो ही विश्वनीय विभाग हैं जिनसे चूज़ें खरीद सकते हैं पहला सैंट्रल पोल्ट्री डिवलेपमेंट के दफ्तर चंडीगढ़ फेस—1 से बच्चे बुक करवाने के लिए आप Central Poultry Development Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – Tel.No: 0172-2655391 पर संपर्क करके बच्चे ले सकते हैं और यहां पोल्ट्री की ट्रेनिंग भी ले सकते हैं
Posted by MD israfil
Maharashtra
16-04-2019 01:56 PM
Punjab
04-16-2019 04:40 PM
Moti ki kheti ki training ke liye aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.
Posted by pankaj anand
Bihar
16-04-2019 01:54 PM
Punjab
04-16-2019 04:40 PM
Moti ki kheti ki training ke liye aap Bijender Chouhan 9719994499 se samparak kare.
Posted by robin singh
Rajasthan
16-04-2019 01:47 PM
Rajasthan
04-16-2019 01:53 PM
रोविन जी गाय लगभग 9 महीने 9 दिन का समय ब्याने में लेती है वैसे तो पशु का 305 दिन का दूध ही माना जाता है क्योंकि ब्याने से दो महीने पहले तो उसका दूध बंद करना होता है और यह पशु की नस्ल पर है क्योंकि कुछ अच्छी नस्ल की गाय जिनका दूध ज्यादा होता है वो ब्याने से एक म​हीना पहले तक भी दूध देती रहती है और कुछ गाय ब्याने से 2—3 म.... (Read More)
रोविन जी गाय लगभग 9 महीने 9 दिन का समय ब्याने में लेती है वैसे तो पशु का 305 दिन का दूध ही माना जाता है क्योंकि ब्याने से दो महीने पहले तो उसका दूध बंद करना होता है और यह पशु की नस्ल पर है क्योंकि कुछ अच्छी नस्ल की गाय जिनका दूध ज्यादा होता है वो ब्याने से एक म​हीना पहले तक भी दूध देती रहती है और कुछ गाय ब्याने से 2—3 महीने पहले बंद हो जाती है यह सारा कुछ नस्ल, खुराक, देखभाल पर ही निर्भर करता है क्योंकि यदि पशु अच्छी ग्रोथ कर रहा है तो उसके दूध का उत्पादन भी अच्छा होगा
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-04-2019 01:46 PM
Punjab
04-16-2019 01:58 PM
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ), ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ, ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ), DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ), ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ), ਖਲ਼ 14 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ), ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ), 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਇਸਦੇ ਨਾਲ Enerboost ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਫੀਡ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 2 ਕਿਲੋ ਦੁੱਧ ਮਗਰ 1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ .
Posted by Kishore Kumar
Jammu & Kashmir
16-04-2019 01:38 PM
Punjab
04-29-2019 02:41 PM
Kishore Kumar ji is ke bare me puri jankari ke lia aap KVK Jammu Address: R.S.Pura, Jammu, Karan Bagh, Jammu and Kashmir 180010 Phone: 072980 04582 se samparak kare.
Posted by pushpendra singh
Rajasthan
16-04-2019 01:19 PM
Maharashtra
04-16-2019 06:04 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप श्री जय 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by RAMRAS Meena
Rajasthan
16-04-2019 01:15 PM
Maharashtra
04-23-2019 10:31 AM
लसोड़े की खेती लसोड़े बोरेजिनेसी कुल से संबंधित एक मध्यम आकर का फल है यह समस्तक शुष्क व अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है इसे खेतों में वायुरोधक के रूप में, गलियों में, घरों में व सार्वजनिक बागों में देखा जा सकता है यह कम पानी व उपजाउ वाली ज़मीन में भी हो जाता है यह एक बहुवर्षीय तथा बहुउपयोगी पेड़ है ज.... (Read More)
लसोड़े की खेती लसोड़े बोरेजिनेसी कुल से संबंधित एक मध्यम आकर का फल है यह समस्तक शुष्क व अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है इसे खेतों में वायुरोधक के रूप में, गलियों में, घरों में व सार्वजनिक बागों में देखा जा सकता है यह कम पानी व उपजाउ वाली ज़मीन में भी हो जाता है यह एक बहुवर्षीय तथा बहुउपयोगी पेड़ है जिसके कच्चे फल सब्जी व आचार बनाने के उपयोग में आते हैं फलों के इलावा इसके पत्ते पशुओं के चारे के रूप में, लकड़ी कृषि उपकरणों के हत्थे इत्यादि में काम आते हैं पूरी तरह से पका फल मीठा होता है, तथा ग्रामीण क्षेत्रों में इसे खाया भी जाता है किस्में — ये दो किस्म के होते हैं जंगली या छोटे फल वाला लसोड़ा — इसके पत्ते तथा फल अपेक्षाकृत छोटे होते है एक फल का वजन 3-4 ग्राम होता है जिसमें 50 प्रतिशत गुठली तथा 50 प्रतिशत लसोड़ा होता है इसके फलों की बाजार में कोई कीमत नहीं मिलती क्योंकि लसोड़ा कम होता है लेकिन चूँकि इसके बीजों का अंकुरण अच्छा होता है इसलिए इसके बड़े फल वाले लसोड़े के लिए रूट स्टॉक के रूप में उपयोग में ला सकते हैं बड़े फल वाले लसोड़ा — इसके पत्ते तथा फल जंगली लसोड़े से लगभग दो गुने बड़े होते हैं, एक फल का वजन 6—10 ग्राम तथा खाने योग्य भाग 80—90 प्रतिशत तक होता है इसके बीजों के अकुंरण 20—40 प्रतिशत तक होता है इसलिए यदि व्यवसायिक तौर पर लसोड़े लगाने हो तो बड़े फल वाले लसोड़े को ही लगाना चाहिए पौधे तैयार करना — लसोड़े का प्रजनन बीजों के द्वारा या कलिकायन विधि से किया जाता सकता है पौधे लगाना — लसोड़े के पौधे जुलाई — सितंबर में लगाने चाहिए क्योंकि उस समय तक उसी वर्ष में मई जून में बोये गए बीजों से पौधे रोपाई योग्य हो जाते हैं ​ कलिकायन विधि से तैयार पौधों को भी सितंबर में लगा सकते हैं पौधों और कतारों के बीच की दूरी 6 मीटर रखें छंटाई व कटाई — लसोड़े के फल व फूल पिछले वर्ष की शाखाओं पर ही लगते हैं इसलिए इसमें प्रतिवर्ष नियमित कटाई की जरूरत नहीं पड़ती लेकिन शुरू के दो वर्षों में छंटाई करना आवश्यक है सिंचाई — पौधों की रोपाई के पहले दो वर्षों में नियमित रूप से सर्दियों में 15 दिन तथा गर्मियों में 7—10 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए पौधों के 3—4 वर्ष के होने पर उनमें सिंचाई का उचित प्रबंधन अतिआवश्यक है खाद — इसकी अच्छी वृद्धि के लिए प्रतिवर्ष 15—20 किलो गोबर की सड़ी खाद जुलाई — अगस्त में तथा दोबारा 10—15 किलो कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट फल लगने से पहले फरवरी के महीने में देने से बढ़िया फूलों की पैदावार होती है जहां तक रासायनिक खादों का सवाल है 100—200 ग्राम नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश प्रति पौधा प्रति वर्ष भूमि की उर्वरता के अनुसार बारिश के दिनों में देने से फलों की उपज व गुणवत्ता में वृद्धि होती है रोग व कीट — लसोड़े में रोग व कीट से ज्यादा नुकसान नहीं होता फू व फलों का गिरना — फरवरी के दूसरे व तीसरे सप्ताह में जब फूलन व फलन शुरू होता है तो कई बार अचानक तापमान बढ़ जाता है ​या फिर गर्म हवा चलने लग जाती है ऐसी स्थिति में फल व फल अत्याधिक मात्रा में गिरने लगते हैं इसे कम करने के लिए बगीचे में नमी बनाएं रखें हो सके तो कभी कभी पानी से पौधों पर छिड़काव भी कर सकते हैं फलों की तुड़ाई — अच्छी तरह पके हुए फलों के गुच्छों को हरी अवस्था में ही तोड़ना चाहिए फलों की तुड़ाई मध्य मार्च से मध्य मई तक चालू रहती है इसके बाद फल पककर पीले पड़ने लगते हैं जो कि सब्जी या आचार के लिए उपयुक्त नहीं रहते तुड़ाई के बाद प्रबंधन — फलों की तुड़ाई सुबह के समय ही करनी चाहिए फल की तुड़ाई के बाद तुरंत ठंडे पानी में पांच मिनट तक डुबोकर निकालने से फलों से गर्मी निकल जाती है जिससे ये तुड़ाई के बाद अधिक समय तक ताजे बने रहते हैं
Posted by Yadubir singh
Uttarakhand
16-04-2019 01:13 PM
Punjab
04-16-2019 06:04 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप श्री जय 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Hardial Singh
Punjab
16-04-2019 01:11 PM
Punjab
04-17-2019 05:28 PM
hardial ji avacado cultivation is not recommended in Punjab by PAU.thank you
Posted by robin singh
Rajasthan
16-04-2019 01:05 PM
Rajasthan
04-16-2019 01:30 PM
रोविन जी सबसे पहली बात तो यह है कि भैंस जब भी ब्याये तो उसके दो महीने के बाद उसे नए दूध करवाना चाहिए, कुछ भैंसे ब्याने के महीने बाद भी हीट में आ जाती है उनको गाभिन नहीं करवाना चाहिए इस हिसाब से भैंस का दूध होता है क्योंकि जो भैंसे ब्याने के बाद जल्दी नए दूध हो जाती है वो दूध कुछ समय तक देती है क्योंकि पशु का ब्या.... (Read More)
रोविन जी सबसे पहली बात तो यह है कि भैंस जब भी ब्याये तो उसके दो महीने के बाद उसे नए दूध करवाना चाहिए, कुछ भैंसे ब्याने के महीने बाद भी हीट में आ जाती है उनको गाभिन नहीं करवाना चाहिए इस हिसाब से भैंस का दूध होता है क्योंकि जो भैंसे ब्याने के बाद जल्दी नए दूध हो जाती है वो दूध कुछ समय तक देती है क्योंकि पशु का ब्याने से दो महीने पहले दूध बंद करना जरूरी होता है जिससे हम अगली बार अच्छा दूध प्राप्त कर सकते है बाकि भैंसे ज्यादातर 6—7 महीने तक ही अच्छा दूध देती है उसके बाद कम करती रहती है बाकि यह पशु की अच्छी नस्ल और खुराक और सही देखभाल पर भी निर्भर करता है
Posted by RAHUL Nampalliwar
Maharashtra
16-04-2019 12:52 PM
Uttar Pradesh
04-22-2019 12:39 PM
Hanji. Yeh bird thik hai. Apko shedd ka temperature aur feed ka khyala rakhana padega ji.
Posted by pranab
Assam
16-04-2019 12:48 PM

..?

Punjab
04-17-2019 05:31 PM
Pranab ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio clear nahi hai.dhanywad
Posted by Gur Hundal
Punjab
16-04-2019 12:46 PM
Punjab
04-17-2019 05:32 PM
ਗੁਰ ਹੁੰਦਲ ਜੀ ਇਸਦੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਨੂੰ ਕਟ ਕੇ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਬੋਰਡੋ ਪੇਸਟ ਲਾਓ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਸੁੱਕ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ
Posted by Ram Kumar
Punjab
16-04-2019 12:40 PM
Punjab
04-17-2019 05:33 PM
ram kumar ji kirpa karke isde label di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
Posted by vivek bhalodiya
Gujarat
16-04-2019 12:40 PM
Maharashtra
04-17-2019 05:36 PM
vivek bhalodiya ji yeh tatv ki kami ke karn ho rahi hai isde layi tuc zinc sulphate@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo. is to ilava tuc boote nu 4 killo vermi compost pao jisde nal boote nu sare tat mil jange.dhanwad
Posted by harpreet singh
Punjab
16-04-2019 12:39 PM
Punjab
04-16-2019 02:04 PM
ਤੁਸੀ pailtox shop ਲਗਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਮੱਝਾ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਮੱਝਾ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Butox 2ml ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਇਸਦੀ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਚਾਰੇ, ਦਾਣੇ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਨਾ ਕਰੋ, ਇ.... (Read More)
ਤੁਸੀ pailtox shop ਲਗਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਮੱਝਾ ਨੂੰ ਨਹਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਝੱਗ ਕਰਕੇ ਮੱਝਾ ਉਪਰ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਲਗਾ ਰਹਿਣ ਦਿਓ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ ਨਹਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Butox 2ml ਨੂੰ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਇਸਦੀ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਚਾਰੇ, ਦਾਣੇ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਨਾ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
16-04-2019 12:32 PM
Punjab
04-20-2019 10:35 AM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ Butox 1ml ਦਵਾਈ ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲੇ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਸ਼ੇਡ ਵਿਚ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਰੱਖੋ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਓਹਨਾ ਦੇ ਦਾਣੇ, ਚਾਰੇ ਤੇ ਨਾ ਕਰੋ.
Posted by GopiRam
Haryana
16-04-2019 12:31 PM
Punjab
04-17-2019 05:39 PM
आप मूंग की किस्में जैसे ML 2056,SML 668,SML 832,TMB 37 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by chandan kumar
Bihar
16-04-2019 12:27 PM
Punjab
04-16-2019 04:44 PM
चन्दन कुमार जी चूज़े लेने के लिए आप सुमित कुमार 8006000291,7906547529 से संपर्क करें
Posted by aakash kumar
Haryana
16-04-2019 12:24 PM
Punjab
04-16-2019 03:04 PM
akash kumar ji nabard ki bohat sari scheme hoti hai . isse help lene ke liye aapko training lene ki jarurat padegi. aapko jis kam ke liye loan lena hai uski training ka certificate hona chahiye or uske baad aap nabard ke cgm se sampark kare woh aapko aage guide karege ji.
Posted by Gurshan Singh
Punjab
16-04-2019 12:08 PM
Rajasthan
04-16-2019 06:17 PM
ਲਾਈਵ ਈਸਟ ਨੂੰ ਅਰਾਰੋਟ ਦਾ ਮਸਾਲਾ ਵੀ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਨੂੰ ਡਬਲ ਰੋਟੀ ਦਾ ਮਸਾਲਾ ਵੀ ਬੋਲਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਈਸਟ ਦੇ ਨਾਮ ਨਾਲ ਵੀ ਇਸ ਨੂੰ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by Beant singh
Punjab
16-04-2019 12:04 PM
Punjab
04-16-2019 03:12 PM
Punjab vich quail di marketing khud apne level te hi karni pendi hai ji.jive ke chandigarh hotel waleya nal link karo oh 50-60 rupees per quail buy karde hun. ya fir esde egg da aachar teyar karke sale kita ja sakda hai. eh tohanu link khud hi bnone penge. tusi social media di v help le sakde ho ji.
Posted by Sarbjeet singh
Punjab
16-04-2019 12:03 PM
Punjab
04-27-2019 03:18 PM
ਸਰਬਜੀਤ ਜੀ ਸਰਕਾਰੀ ਦਰੱਖਤਾਂ ਨੂੰ ਕਟਿਆ ਵੀ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕੋਈ ਉਪਾਅ ਦਸਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਜਗਾਹ ਤੇ ਚਾਰੇ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਦੀ
Posted by Ram Kumar
Punjab
16-04-2019 11:56 AM
Punjab
04-16-2019 12:12 PM
Eithon ekk chemical hai jo cotton vich white fly nu control krn lyi use hunda hai and eh soondi nu v mardi hai. esdi dose cotton vich @800 ml per acre hai. Rogar vich dimethoate naam da salt hai jo insect and pest means bug, aphid and thrips nu control krda hai. esdi dose @2 ml per litre pani de hisab nal kr skde ho g..
Posted by ravi Sidhu
Haryana
16-04-2019 11:56 AM
Punjab
11-30--0001 12:00 AM
मुर्गियों की रेह एक एकड़ में 2—2.5 क्विंटल तक डाल सकते है