
Posted by Palwinder Singh
Punjab
21-04-2019 10:08 AM
NPK 19.19.19 fertilizer hai es vich nitrogen potash and phosphorous tatt hunde han jo fasal nu growth v dinda hai and healthy v bnounda hai.

Posted by Ranbir Singh
Punjab
21-04-2019 10:02 AM
Ranbir ji please tell us whether this problem is on some leaves or its on whole plant so that we can provide you proper information.

Posted by Palwinder Singh
Punjab
21-04-2019 09:59 AM
Palwinder ji pashu ke pett wale kirre marne ke trikke ko deworming bolla jata hai, jaise pashu charaa, dana khata hai uske sath rett,mitti anndar jatti rehti hai jisske karan pett mai kirre bnn jartte hai, unko marnee ka trika deworming hota hai, app Gabhin pashu ko Fenbendazole salt ki goli de skde hai aur baki pashuo ki Albendazole salt ki goli de skte hai aur 3-3 mahine ke farak se deworming jrur krwayen.
Posted by robin singh
Rajasthan
21-04-2019 09:58 AM
गर्मियों में संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज, गेहूं, जौं(इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो, मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया, इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 2.... (Read More)
गर्मियों में संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज, गेहूं, जौं(इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो, मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया, इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किला, इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है
Posted by sukhmander singh
Punjab
21-04-2019 09:50 AM
sukhmande ji tuhanu isde layi aapne ilake de KVK vich chief of agriculture nu milna payega ohi tuhanu isde bare poori jankari de sakde han.dhanwad

Posted by aman
Punjab
21-04-2019 09:31 AM
aman ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by MANTU SOREN
Odisha
21-04-2019 09:27 AM
Mantu ji yeh tatv ki kami ke karn hota hai iske liye aap paudhe ko 4-5 killo vermi compost daale is se paudhe ko sare tatv mil jayege aur iske ilava paudhe ko sahi matra men pani daale.

Posted by jaswinder singh
Punjab
21-04-2019 09:27 AM
Jaswinder singh ji tuci uparr wale pakhe v lgga skde ho jekar ohna nal puuri trah sheed vich hawa lgdi hai tan tuci uparr wale he lgga skde ho, jekar ohna nal hawa vdia trike nal nahi lggdi tan tuci side wale v lgga skde ho kyuki agge agge jyada garmi krke pashua nu garmi ton bachana jruri hai ohh tuci sheed de hisab nal pakkhe lgwao jiss nal pashua nu vdia trike nal hwaa millee.

Posted by jaswinder singh
Punjab
21-04-2019 09:25 AM
Tuci ehna nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo, isde nal tuci Intalyte oral powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal farak paan lgg jawega.

Posted by kuldip singh
Punjab
21-04-2019 09:18 AM
Knak vich soondi di roktham lyi Quinalphos(Ekalux) @800 ml per acre da spray kr skde ho g..
Posted by Sumant Itkan
Punjab
21-04-2019 09:14 AM
sumant ji aap iski bijai kar sakte hai. iski bijai march aur april mahine men ki jati hai. dhanywad

Posted by tarsem singh
Punjab
21-04-2019 09:11 AM
ਬੱਕਰਿਆ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ : • 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ, • ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • 15 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ, 6 ਕਿਲੋ ਸਾਬੁਤ ਸੋਇਆਬੀਨ ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੇ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਤੋ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਕੇ ਹੋਲੀ ਹੌਲੀ ਵਧ.... (Read More)
ਬੱਕਰਿਆ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ : • 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ, • ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • 15 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ, 6 ਕਿਲੋ ਸਾਬੁਤ ਸੋਇਆਬੀਨ ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀ ਬੱਕਰੇ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਤੋ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਕੇ ਹੋਲੀ ਹੌਲੀ ਵਧਾਉਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਵਧੀਆ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਲਿਵਰ ਟੋਨਿਕ ਜਰੂਰ ਦਿਓ

Posted by अनूप जांगड़ा
Haryana
21-04-2019 08:33 AM
अनूप जी यह फंगस के कारण हो रहे है इसके लिए आप copper oxychloride @3gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by charanjit singh
Punjab
21-04-2019 08:17 AM
charanjit ji isde kayi karn ho sakde han. sabto pehlan reason ke isnu sidhi dhup paindi hai.dooja koi keet ja infection de karke ho geya. teesra jehda gobar vartya hai fresh nahi c . chautha jehda pani isde vich vartya hai usde vich iron jyada hai. panjva pani da padha 1 feet to jyada c. isda hun koi ilaj nahi hai hun isnu saaf karo ate nava beej isde vich pao.
Posted by kuldeep kumar verma
Uttar Pradesh
21-04-2019 07:52 AM
Bamoriya Pearl farm Near satpura tiger reserve Madai .,Village kamti rangpur Teh . Sohagpur 461771Distt Hoshangabad MP
Nearest station
Station Code SGP
Hoshangabad HBD
Itarsi ET

Posted by Jagroshan Singh
Punjab
21-04-2019 07:50 AM
Os nu Liquid Broton 500ml 50-50 ml swere shame deo powder Tonakind Gold 125gm ek chamach swere shame deo Injection Avil 10ml Injection curax 30ml 15ml dono pase lao ji
Posted by MAJAN SINGH JADON
Rajasthan
21-04-2019 07:48 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Achal singh 9711858258 से संपर्क करें

Posted by Navjot Singh
Punjab
21-04-2019 07:14 AM
आप शरीर के वजन के हिसाब से hitek injection 1ml/33kg दें और vitum-h liquid 3ml रोज़ाना दें

Posted by Shubh Kang
Punjab
21-04-2019 06:55 AM
इसे Injection Mifex 450ml की बोतल में Injection Tonophos 20ml डालकर slow IV लगवाएं, Injection Trineurosol-Hp 5ml Injection Nurokind plus 15ml Injection Tinacal 20ml Injection Megludyne 20ml Injection Beriwin 10ml रोज़ाना 3 दिन लगवाएं साथ ही powder Intalyt oral 300gm 2-2 चम्मच सुबह शाम Liquid Anabolit 1 लीटर 100ml सुबह 100ml शाम को दें, इसके साथ ही उसे उठाने की भी कोशिश करें

Posted by chhina saab
Punjab
21-04-2019 06:32 AM
Manjinder singh g jhone di paneeri lgaun da sma 20 may hai. aje koi nwi date sarkar ne nahi ditti hai.

Posted by Sandeep Kumar
Haryana
21-04-2019 12:27 AM
Band gobhi di paneeri September-October vich tyar kr skde ho. esda seed rate 200-250 gm per acre hai.

Posted by Amal
Assam
20-04-2019 11:41 PM
खुम्ब की खेती अच्छे हवादार कमरे, शैड, बेसमैंट, गैरेज आदि में की जा सकती है पैडी स्ट्रॉ खुम्ब को बाहर शैड वाले स्थान पर उगाया जा सकता है बटन खुम्ब
इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है इसका ताजा और डिब्बा बंद उपभोग किया जा सकत.... (Read More)
खुम्ब की खेती अच्छे हवादार कमरे, शैड, बेसमैंट, गैरेज आदि में की जा सकती है पैडी स्ट्रॉ खुम्ब को बाहर शैड वाले स्थान पर उगाया जा सकता है बटन खुम्ब
इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है इसका ताजा और डिब्बा बंद उपभोग किया जा सकता है इसकी औषधीय विशेषताएं हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेष, तामिलनाडू और कर्नाटक मुख्य खुम्ब उगाने वाले राज्य हैं
यू पी में खुम्ब को उगाने के लिए नवंबर से मार्च का महीना उपयुक्त होता है अच्छी वृद्धि के लिए इसे 22-25 डिगरी सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है और खुम्ब निकलते समय इसे 14-18 डिगरी सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है
स्ट्रॉ खुम्ब
यह पूरे विश्व में उगाई जाने वाली तीसरी सबसे प्रसिद्ध किस्म है इसे कपास के व्यर्थ मिश्रण के साथ पराली की छोटी मात्रा के ऊपर उगाया जाता है यह छोटे आकार की खुम्ब होती हैं जो कि कोण के आकार की होती हैं इसकी टोपी ऊपर से गहरे भूरे रंग की होती है भारत में इसकी तीन प्रजातियां हैं V. diplasia, V. volvacea and V. esculenta इन प्रजातियों के अलावा उत्तर प्रदेश में Volvariella volvacea की खेती की जाती है
इसे “चाइनीज़” या “पैडी” खुम्ब के रूप में भी जाना जाता है इन्हें बड़े स्तर पर उष्णकटिबंधीय और उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है इन्हें 35 डिगरी सेल्सियस के तापमान पर उगाया जा सकता है इस किस्म की खुम्ब की खेती के लिए अप्रैल से सितंबर का समय उपयुक्त होता है ओइस्टर खुम्ब या ढींगरी खुम्ब
यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं
इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है
स्पान / खुम्ब के बीजों की तैयारी
ये बाज़ार में उपलब्ध होते हैं इन्हें खेत में भी तैयार या उत्पादन किया जा सकता है ताजे तैयार किए हुए खुम्ब के बीज प्रयोग के लिए सबसे अच्छे होते हैं
सबस्ट्रेट की तैयारी
खुम्ब की खेती बडी़ मात्रा में खेत के व्यर्थ पदार्थ और अन्य सामग्री जैसे व्यर्थ कागज़, कपास का व्यर्थ पदार्थ, अनाज की पराली आदि पर की जा सकती है धान की पराली और गेहूं की पराली मुख्य तौर पर प्रयोग होने वाली सामग्री हैं जिनका प्रयोग सब्स्ट्रेट की तैयारी के लिए किया जाता है ओइस्टर को पॉलीथीन बैग में उगाया जाता है
कार्बेनडाज़ि़म 7 ग्राम के साथ फॉरमालीन 125 मि.ली. को 100 लीटर पानी में मिलाकर डालें और एक मिश्रण तैयार करें
ऊपर दिए गए मिश्रण में 20 किलो गेहूं की पराली डालें और इसे 18 घंटे के लिए रख दें
18 घंटों के बाद गेहूं की पराली को हटा दें और इसे एक सतह पर रखें और इसमें से अतिरिक्त पानी को निकाल दें
गेहूं की पराली में 2 प्रतिशत बीज डालें और इस मिश्रण को 15x12 इंच के पॉलीथीन बैग में भरें
पॉलीथीन बैग 2 मि.मी. अर्द्ध व्यास से छिद्रित हो हवा परिसंचरण के लिए पूरी सतह पर लगभग 4 सैं.मी. के छेद हों
उसके बाद बैग को 80-85 प्रतिशत आर्द्रता वाले कमरे में शैल्फ पर रखें कमरे का तापमान 24-26 डिगरी सेल्सियस होना चाहिए
बैगों को सुरक्षित जगह पर रखें और पानी के छिड़काव द्वारा इनमें नमी बनाए रखें
पराली पर सफेद रंग की सूती माइसीलियम विकसित हो जाती है गेहूं की पराली अपना रंग बदलकर भूरे रंग की हो जाती है और आवाज करती है और सिकुड़ जाती है
इस अवस्था में पॉलीथीन को काट कर निकाल दें
पॉलीथीन में पराली सिकुड़ जाती है और बेलनाकार हो जाती है
इन बेलनाकार पराली के आकार को शैल्फ पर लगाएं और इनमें पानी के छिड़काव द्वारा नमी बनाए रखें स्पॉनिंग के 18-20 दिन बाद पहली खुम्ब दिखनी शुरू हो जाती है एक सप्ताह के अंतराल पर दो से तीन खुम्ब दिखनी शुरू हो जायेंगी
जब खुम्ब की टोपी मुड़ना शुरू हो जाये तो खुम्ब की तुड़ाई कर लें
तुड़ाई के लिए तीखे चाकू का प्रयोग करें और इसे उंगलियों से मरोड़ कर भी तोड़ा जा सकता है
इसे ताजा भी खाया जा सकता है या धूप में या मशीनी ड्रायर से सुखाकर इसका प्रयोग किया जा सकता है
45-60 दिनों के अंदर अंदर एक टन सूखी पराली से 500 किलो से ज्यादा ताजी खुम्ब प्राप्त की जा सकती है

Posted by Akhilesh kumar
Bihar
20-04-2019 11:27 PM
अखिलेश जी आप जो भी पौधे की जानकारी लेना चाहते है, हम आपको पूरी जानकारी देंगे आपको जानकारी माहिरों के द्वारा ही दी जाएगी जो अलग अलग जगह से हमारे साथ जुड़े हुए है अगर आप वैसे हमारे ऑफिस में आना चाहते है तो आप D-253, sector 75 industrial area, मोहाली, पंजाब में आ सकते है

Posted by Vishnu Deo
Bihar
20-04-2019 10:15 PM
Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki taining ke liye aap Achal singh 9711858258 (GLITTERATI PEARL FARMS) se samparak kare.

Posted by Vishnu Deo
Bihar
20-04-2019 10:12 PM
11 may next training pearl and integrated farming मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे.... (Read More)
11 may next training pearl and integrated farming मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Amit mishra
Uttar Pradesh
20-04-2019 10:00 PM
उसे आप इंजेक्शन Amoxirum Fort 4.5gm , इंजेक्शन Megludyne 20ml, इंजेक्शन Isoflud 5ml लगाएं और साथ Bolus Sarrakind plus की 2 गोलियां रोज़ाना दें
Posted by Inderjeet
Haryana
20-04-2019 09:57 PM
Hanji aap gehun ka bhusa khila skte hai isko aap Green fooder mai mix krke khila sakte ho.

Posted by harpal singh
Punjab
20-04-2019 09:35 PM
हरपाल जी कृपया अपनी आवाज रिकॉर्ड कर भेजें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके

Posted by rampravesh
Uttar Pradesh
20-04-2019 09:28 PM
plz whataap 9770085381
for pearl farming detail
11 may next training pearl and integrated farming मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार .... (Read More)
plz whataap 9770085381
for pearl farming detail
11 may next training pearl and integrated farming मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Sagar Patil
Maharashtra
20-04-2019 09:27 PM
11 may next training pearl and integrated farming
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्याप.... (Read More)
11 may next training pearl and integrated farming
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि
(3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद
(4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना
(5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है
(6) आसपास के लोगो को रोजगार
अधिक जानकारी संपर्क करे
..अमित बमोरिया
9407461361
9770085381
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र
मध्य प्रदेश
https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Naveen jakhar
Punjab
20-04-2019 09:11 PM
अपने नज़दीक के कृषि विज्ञानं केंदर से संपर्क करें गड़वासु लुधियाना में समय-समय पर ट्रेनिंग दी जाती है, आप वहां से भी ले सकते हैं

Posted by jitendra Singh
Rajasthan
20-04-2019 09:00 PM
Jitendra ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Gagandeep
Punjab
20-04-2019 08:59 PM
Iss spray nu bnaun de lyi neem dia nimbolia di lod paindi hai..neem dia nimbolia nu ikaatha kr k ohnu paani de vich mila k boil kro. Iss nu 40-50min de lyi boil kro. Boil krn ton baad ihna nimbolia ate paani nu thanda kro. Thanda hon ton baad ihna nimbolia nu hands de nal masal deo. Maslan ton baad iss nu kise kapde ja filter de nal filter kr lao… BOIL krde sme iss de vich neem de patte + dhatura de leaves ate heeng v mila skde ho. Iss nal ihh spray hor v parbhavshaali ho jandi hai .. iss nimbolia de arak nu 300ml/15ltr water de hisaab nal prati acre de upper spray krn de lyi vart skde ho.. Ihh desi tarika v fasla ate sbjia nu haanikark keedya makodya jiwe ki tela, chepa, hara machar ton bachaun de vich shayak sidh hunda hai. 7 dina de faasle te iss di spray duaabara kr skde ho.

Posted by ghanshyammunda8@gmail Munda
Jharkhand
20-04-2019 08:54 PM
Ghanshyam g kirpa loki ki photo bheje tan jo dekh ke apko is ka ilaj btaya ja ske.
Posted by anupam kumar vishwakarma
Uttar Pradesh
20-04-2019 08:50 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है
मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है .... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है
मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है
खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें
पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है
अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी
सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए
कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए
कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है
बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है इसकी मार्केटिंग के लिए आप नरेंदर कुमार:-9950708819 जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by DEVENDER KUMAR
Haryana
20-04-2019 08:36 PM
हांजी सति श्री अकाल जी आपके द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दिए जा चुके है, आप अपने सवालों के जवाब देखने के लिए एप में मेरे सवाल पर क्लिक करें या फिर मेरी प्रोफाइल के नीचे अपने सवाल-जवाब देख सकते है, यदि आपको जवाब सम्बन्धी किसी भी तरह की कोई समस्या आ रही है तो आप हमारे हेल्पलाइन नंबर 97799-77641 पर कॉल कर सकते है

Posted by armaan deep
Punjab
20-04-2019 08:35 PM
Narme de vich total 130 kg urea paayi jandi hai. Iss ton ilaava iss de vich 27 kg DAP ja SSP@75kg prati acre de hisaab nal pa skde ho. DAP ate SSP de vicho tuc kise v ikk di varto kr skde ho. Urea nu 3 hissya de vich vand ke pauna hai. Pehli urea pehle pani de nal 50 kg prati acre de hisaab nal pauni hai. Uss sme tuc zinc v nal mila ke shitta de skde ho. Jekar DAP di varto bijaayi de sme ja bijaayi ton pehla vaahn tyaar krde sme nahi kiti hai tan jdo pehle paani ton baad narma 1ft-1.5ft tak da ho jawe uss sme iss nu drill machine de naal narme de vichale siyaada de vich beej deo.
Posted by satish kumar singh
Rajasthan
20-04-2019 08:33 PM
satish ji aapke swalon ke jwab diye gaye hai. lal lehsun ki market ke bare men abhi research chal rahi hai jaise hi pta cahlta hai aapko iske bare men jankari de di jayegi.dhanywad

Posted by armaan deep
Punjab
20-04-2019 08:15 PM
नरमे में डीएपी 27 किलो प्रति एकड़ या सिंगल सुपर फॉस्फोर्स 75 किलो प्रति एकड़ डाल सकते है आप दोंनो में से कोई भी एक खाद प्रयोग कर सकते है
Posted by sukh
Punjab
20-04-2019 08:07 PM
ਸੁੱਖ ਜੀ ਸਬਜੀਆਂ ਲਈ ਫੁਹਾਰਾ ਸਿਸਟਮ ਲਈ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ Puneet Gupta 9780200996 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by gagandeep singh
Punjab
20-04-2019 08:06 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕੱਦੂ ਦੀਆਂ ਵੇਲਾਂ ਫੰਗਸ ਕਰਕੇ ਸੁਕਣ ਲਗ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ M-45 @500 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Hargbinder singh
Punjab
20-04-2019 08:06 PM
इसमें फफूंदनाशी एम45 500 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है और फल के लिए एनपीके 191919 एक किलो प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें

Posted by Ravinder Singh Tiwana
Punjab
20-04-2019 08:04 PM
इन्सुलिन के पौधे लेने के लिए आप सुरिंदर नागरा 9814305864 से संपर्क करें, धन्यवाद

Posted by Jai Singh
Punjab
20-04-2019 07:52 PM
RCH 776 या 650 दोंनो ही बहुत अच्छी किस्में है पर आप RCH 776 लगायें इससे उपज अच्छी मिलेगी

Posted by Pargat singh
Punjab
20-04-2019 07:47 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Albomar liquid 30ml ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Sharkoferrol liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by SUKHWINDER SINGH SAB
Punjab
20-04-2019 07:44 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣ ਲਈ ਗਾਂ ਰੱਖਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਹੀਵਾਲ ਨਸਲ ਦੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੋ, ਕਿਉਕਿ ਇਸਦਾ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੇ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਫੈਟ ਵੀ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਇਸ ਨੂੰ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਵੀ ਘੱਟ ਲਗਦੀਆਂ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਗਰਮੀ ਵੀ ਘਟ ਮੰਨਦੀ ਹੈ , ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ, ਵਧਿਆ ਦੇਖ ਭਾਲ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਵਧਿਆ ਦੁੱਧ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ
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