Posted by jashan
Haryana
24-04-2019 09:25 PM
mausam vibhag ke anusar is hafte men barish aane ke kam chance hai. dhanywad

Posted by Abhimanyu Sushant
Bihar
24-04-2019 09:24 PM
According to weather forecast there is very less chance of rain in this week. thank you
Posted by dinakar prasad gautam
Madhya Pradesh
24-04-2019 09:04 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खार.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by lakhveer singh
Punjab
24-04-2019 08:58 PM
ਇਸ ਦੀ ਪਹਿਚਾਣ 15 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕਲਗੀ ਦੇਖ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਜੋ ਫੀਮੇਲ ਬੱਚਾ ਹੋਵੇਗਾ ਉਸਦੀ ਕਲਗੀ ਛੋਟੀ ਹੋਵੇਗੀ ਤੇ ਮੇਲ ਦੀ ਕਲਗੀ ਵੱਡੀ ਹੋਵੇਗੀ
Posted by R Singh
Haryana
24-04-2019 08:55 PM
R singh ji without its fruit maturity we can say anything about its variety and it will bear the fruit after three-four years.

Posted by Gurpreet singh
Punjab
24-04-2019 08:51 PM
Gurpreet ji kinnow de boote di umar daso ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.
Posted by Harpinder Singh
Punjab
24-04-2019 08:44 PM
Harpinder ji eh kisman university valo sifarish nahi han
Posted by gagansandhu
Punjab
24-04-2019 08:36 PM
गगन संधू जी दूध के अनुसार उसे 2-3 kg फीड रोज़ाना डाल सकते हैं
Posted by Rajat kumar
Punjab
24-04-2019 08:29 PM
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯੂ.... (Read More)
ਫ਼ਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚਲੇ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਉਣੀ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ, ਤਾਂ ਕਿ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਲੋੜ ਨੂੰ ਸਮਝਿਆਂ ਜਾ ਸਕੇ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 8 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿਲਾਓ ਜਾਂ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ+ਰੈਲੀਗੋਲਡ 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ(PSB) 5-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ 66 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਸਰਾ ਹਿੱਸਾ 66 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਚੌਥੇ ਪਾਣੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਓ
Posted by Rajat kumar
Punjab
24-04-2019 08:25 PM
Veer g is vaar jhone di lvaai 20 June toh start hovegi

Posted by Palwinder Singh
Punjab
24-04-2019 08:19 PM
Usnu tuci Anabolite liquid 100ml rojana deo ate Fatmax powder 50gm rojana dena suru kro, isde nal tuci usdi khurak, deworming da puura dian rkho, baki uss nu khurak vich vdemia di khal v deo, iss nal fatt vdia hundi hai.
Posted by Gurmit Saini
Uttar Pradesh
24-04-2019 08:02 PM
हजी अगर आपने गाय को अच्छा सीमन लगवाना है तो आप ABS कंपनी का सीमन लगवाए इनका अच्छा रिकॉर्ड भी है इसको खरीदने के लिए आप इस एड्रेस पर संपर्क करे Kissan unnati Kender, Pipali, NH-1, kurukshetra
Contact No.: +91- 98347 45725

Posted by Sandeep Kumar
Haryana
24-04-2019 07:51 PM
अगेती किस्मों के लिए बिजाई के लिए मई-जून सबसे अच्छा समय है और रोपाई के लिए जून-जुलाई का समय सबसे अच्छा होता है मध्यम किस्मों की बिजाई के लिए मध्य जुलाई से अगस्त का पहला सप्ताह अनुकूल होता है इनकी रोपाई अगस्त से सितंबर महीने में पूरी कर लें बारिश से इसमें फंगस का हमला होता है वो भी अगर बारिश ज्यादा हो तो

Posted by Mayurdhwajsinh K. Jadeja
Gujarat
24-04-2019 07:51 PM
mayurdhwajsinh ji aap amla,bel, heena, aleovera, stevia ki kheti kar sakte hai. dhanywad

Posted by rajesh ashok khadse
Maharashtra
24-04-2019 07:28 PM
Moti ki kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke liye aap Amit Bamoriya 9770085381 se samparak kare.
Posted by Md monajir Alam
Bihar
24-04-2019 07:26 PM
Aap gaye di deworming her 3-3 month ke farak se krta rehe, iske sath sath aap Livoferrol liquid 100ml ya livtantra liquid 100ml ya liv52 liquid 100ml koi v liver ke liye tonic de skte hai, isse pashu ko bhukh lggne lgegi.

Posted by rajesh ashok khadse
Maharashtra
24-04-2019 07:24 PM
मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब .... (Read More)
मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by sandeep
Uttar Pradesh
24-04-2019 07:21 PM
Moti ki Kheti ke bare me puri jankari or is ki training ke lia aap Achal singh 9711858258 (GLITTERATI PEARL FARMS) se samparak kare.
Posted by sunny
Punjab
24-04-2019 07:12 PM
Sunny ji isdi kisam daso ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.

Posted by sarabjeet singh
Punjab
24-04-2019 07:08 PM
sarabjeet ji isde uper keet da hamla hai isde layi quinalphos@4ml nu prati litre Pani de hisab nal spray Karo is to ilava M-45@4 gram nu prati litre Pani de hisab nal spray Karo.

Posted by Chandra prakash kumawat
Rajasthan
24-04-2019 07:03 PM
Aap bhains ko Lactomood homeopathic dwai ki 10-10 drops din main 3 varr deni shuru kren, iske sath aap Anabolite liquid 100ml, Milkout powder 2-2 chamch subah sham, Lactin bolus 1-1 goli subah sham deni shuru kren, iske sath farak padd jayega.
Posted by Harpreet Singh
Punjab
24-04-2019 06:59 PM
Harpreet singh ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਪੈਰਾਮੀਟਰ ਨਾਲ ਸਿਰਫ ਅਨੁਮਾਨ ਲਗਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਅਨੁਮਾਨ ਕਈ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਗਲਤ ਵੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੁਦਰਤ ਦਾ ਤਾਂ ਸਿਰਫ ਅੰਦਾਜਾ ਹੀ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੇ ਕਾਫੀ ਹੱਦ ਤੱਕ ਸਹੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਰ 100% ਪੱਕਾ ਨਹੀ ਜੀ ਬਾਕੀ ਕੁਦਰਤ ਨੂੰ ਬਦਲਿਆ ਤਾਂ ਨਹੀ ਜਾ ਸਕਦਾ ਜੀ

Posted by Rohit Shinde
Maharashtra
24-04-2019 06:52 PM
बीटल नस्ल के कान लम्बे होते हैं, सींग पीछे को होते हैं, उसका नाक तीखा नहीं होता, उसकी पूंछ ओर नस्लों से लम्बी होती है, तथा उसकी पीठ सीधी होती हैब बीटल बकरी दूध के लिए भी रख सकते हैं मीट के लिए भी. यह दोहरी नस्ल है बकरी 12 - 14 महीने में बच्चे देने शुरू कर देती हैं बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है तथा साल में 1-5 बच्चे देत.... (Read More)
बीटल नस्ल के कान लम्बे होते हैं, सींग पीछे को होते हैं, उसका नाक तीखा नहीं होता, उसकी पूंछ ओर नस्लों से लम्बी होती है, तथा उसकी पीठ सीधी होती हैब बीटल बकरी दूध के लिए भी रख सकते हैं मीट के लिए भी. यह दोहरी नस्ल है बकरी 12 - 14 महीने में बच्चे देने शुरू कर देती हैं बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है तथा साल में 1-5 बच्चे देती हैं, साल में 2 बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 साल तक बच्चे देती है

Posted by Chandra prakash kumawat
Rajasthan
24-04-2019 06:50 PM
आप उसे खुराक बढ़िया देते रहें, इसके साथ आप आप गाय को Buffzon powder 50gm रोज़ाना देना शुरू करें, इसके साथ Metabolite powder की रोज़ाना एक पुड़िया दें और Anabolite liqued 100ml रोज़ाना देना शुरू करें, इससे फर्क पड़ने लग जायेगा
Posted by Baldeep Singh
Punjab
24-04-2019 06:39 PM
ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ, 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਮਿੱਠਾ ਸੋਢਾ 1 ਕਿਲੋ, ਮੱਕੀ 20 ਕਿਲੋ, ਕਣਕ 20 kilo , ਸੋਇਆ doc10 ਕਿਲੋ, ਸਰੌ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ, ਚੌਲਾ ਦੀ doc 16 ਕਿਲੋ, 15 ਕਿਲੋ ਜੌਂ, 4 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ ਪੀਸ ਕੇ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ ਰੋਜ਼ਾਨਾ 250-300 ਗ੍ਰਾਮ ਤੱਕ ਸੁੱਕੀ ਖਵਾਓ ਤੇ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਵਧਾਉ ਜੇਕਰ ਗਰਮੀ ਜਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ 1 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕ.... (Read More)
ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ ਫੀਡ ਬਣਾਉਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ 2 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ, 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਮਿੱਠਾ ਸੋਢਾ 1 ਕਿਲੋ, ਮੱਕੀ 20 ਕਿਲੋ, ਕਣਕ 20 kilo , ਸੋਇਆ doc10 ਕਿਲੋ, ਸਰੌ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ, ਚੌਲਾ ਦੀ doc 16 ਕਿਲੋ, 15 ਕਿਲੋ ਜੌਂ, 4 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ ਪੀਸ ਕੇ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ ਰੋਜ਼ਾਨਾ 250-300 ਗ੍ਰਾਮ ਤੱਕ ਸੁੱਕੀ ਖਵਾਓ ਤੇ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਵਧਾਉ ਜੇਕਰ ਗਰਮੀ ਜਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ 1 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਰਾਤ ਨੂੰ ਰੱਖ ਕੇ ਸਵੇਰੇ ਪਿਆ ਦਿਓ ਇਹ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by Md monajir Alam
Bihar
24-04-2019 06:38 PM
kripya app apna swal vistar se btaten ki app cow ke bare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.

Posted by Navdeep puri
Punjab
24-04-2019 06:32 PM
432 ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਇਕ ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕੇ 130-135 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਲਗਭਗ 28-30 ਕੁਇੰਟਲ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਇਸਦਾ 5-6 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਉਗਾਉਣ ਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਹਮਲੇ ਵਿਚ ਘੱਟ ਅਉਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਨੇੜੇ ਦੇ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਮ ਦੇ ਡੀਲਰ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Vishal verma
Uttar Pradesh
24-04-2019 06:30 PM
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती क.... (Read More)
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है
Posted by Dinesh patel
Rajasthan
24-04-2019 06:23 PM
शुभकामनाये मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 ला.... (Read More)
शुभकामनाये मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Mandeep singh
Punjab
24-04-2019 05:51 PM
ਮਨਦੀਪ ਜੀ ਅਦਰਕ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ
ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਚਮਕੌਰ ਸਿੱਧੂ
Punjab
24-04-2019 05:40 PM
Chamkaur ji eh fungus de karn ho jande Han Isde layi tuc M-45 ja carbendazim@3gm nu prati litre Pani de hisab nal spray Karo.

Posted by Vikramjeet
Punjab
24-04-2019 05:32 PM
the reason is fungus and nutrient deficiency. to overcome this do a spray of NPk 19:19:19@7 gram per litre of water.and you can spray M-45 or carbendazim@3gm per litre of water after 3-4 days.

Posted by vikas patidar
Rajasthan
24-04-2019 05:11 PM
3 liter doodh hai to total 3-4 kilo pashu ahar de aur hara Chara dein. Deworming har 6 mahine me karein. Calcium gel 100 ml and mineral mixture 100 g daily dein. Garmi hai isiliye Din me do baar nahlaye.

Posted by shashikiran
Telangana
24-04-2019 05:11 PM
NABARD provide many type of loans but for any type of loan you need training certificate and then you have to meet CGM of NABARD.Thank you
Posted by Ashwani Kalia
Punjab
24-04-2019 05:03 PM
app unko sukhe chare mai dana miks krke khila skte hai, vase pashuo ki achi growth ke liye hara chara jururi hota hai, jab tak apke pass hara chara uplabh nhi hota hai sukhe chare mai dana, khal miks krke de skte hai aur iske sath sath Enerboost powder 100gm rojana dena suru kro, iske sath kamjori nhi aati hai..
Posted by rahul
Punjab
24-04-2019 04:59 PM
Injection Monocef 250 mg IM, Inj Melonex-1.5 ml IM, Tab- Levocetrizine- 1/2 tab PO सभी 3 दिन दें
Posted by kapil dev Kashyap
Uttar Pradesh
24-04-2019 04:45 PM
कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए

Posted by Rakesh Kumar
Haryana
24-04-2019 04:32 PM
Rakesh ji makhi ki roktham ke liye malathion@2.5 ml ko prati litre Pani ke hisab se spray Karen.
Posted by manjot grewal
Punjab
24-04-2019 04:26 PM
manjot grewal ji tusi Cargill Feed da result vadiya hai ji. baki tusi price te dealer bare puchan layi 8283832872 Head of Punjab Area Cargill Feed Punjab nal gal karo ji.

Posted by Rajesh khanna
Uttar Pradesh
24-04-2019 04:17 PM
बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों के मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें आप किस्मे जैसे आप किस्मे जैसे की बिजाई कर सकते है आप इसकी किस्मे जैसे S.T.H 537 की बिजाई कर सकते है
Posted by Navpreet singh
Punjab
24-04-2019 04:16 PM
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती क.... (Read More)
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है
Posted by Susanta
West Bengal
24-04-2019 03:54 PM
Susana ji please ask your quest in detail so that we can provide you proper information
Posted by RINKU HINDOPIYA
Rajasthan
24-04-2019 03:54 PM
रिंकू जी केसर की खेती केवल कश्मीर के ठंडे इलाके में होती है, कुछ धोखेबाज़ लोग किसान को Saffola का बीज केसर का बीज बताकर बेच रहे है, कृपया उनकी बातों में मत आना
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