
Posted by mohanlal potlia
Rajasthan
25-04-2019 10:19 PM
मोहनलाल जी आप मूंगफली की किसम जैसे RS 1,RSB 103-87,RG 510 (Raj Mungphali),RG 425 (Raj Durga),Girnar 2,TG 37 A,RG 382 Durga,JL 24,RS 138 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Gurpreet singh
Punjab
25-04-2019 10:19 PM
kinniw de boote uper flower aun to bad 3 gram bavistin nu prati litre pani de hisab nal spray karo. eh spray 15 din bad repeat karo.dhanwad
Posted by ਰੋਹਿਤ
Punjab
25-04-2019 09:48 PM
ਪੈਸਟੀਸਾਈਡ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਖੋਲਣ ਲਈ B.SC AGRICULTURE ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਕੀਤੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਡਿਗਰੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਦਾ ਦਵਾਈਆਂ ਵੇਚਣ ਦਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਕਚਹਿਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਫਾਈਲ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ chief of agriculture ਦੇ ਦਸਤਖਤ ਕਰਵਾ ਕੇ ਜਮਾ ਕਰਵਾਉਣੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਸਥਾਨ ਦੇਖਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ.... (Read More)
ਪੈਸਟੀਸਾਈਡ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਖੋਲਣ ਲਈ B.SC AGRICULTURE ਦੀ ਡਿਗਰੀ ਕੀਤੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਡਿਗਰੀ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਦਾ ਦਵਾਈਆਂ ਵੇਚਣ ਦਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਫਾਈਲ ਕਚਹਿਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਫਾਈਲ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ chief of agriculture ਦੇ ਦਸਤਖਤ ਕਰਵਾ ਕੇ ਜਮਾ ਕਰਵਾਉਣੀ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਸਥਾਨ ਦੇਖਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲਾਇਸੈਂਸ ਬਣ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਹ ਜੋ chief of agriculture ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਹ ਕੇ ਵੀ ਕੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਇਸ ਅਫਸਰ ਦੀ ਡਿਊਟੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਬਰਾੜ
Punjab
25-04-2019 09:22 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਮੱਛਰ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੇ ਕਾਰਨ ਸੁੰਗੜ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurmeet Singh
Punjab
25-04-2019 09:16 PM
ਇਸਦੀਆਂ ਸੁੱਕੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਨੂੰ ਕੱਟ ਕੇ ਉਸਦੇ ਉਪਰ ਬੋਰਡੋ ਪੇਸਟ ਲਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸਨੂੰ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਪਾਓ
Posted by ਗੋਰਾ ਸਿੱਧੂ
Punjab
25-04-2019 09:07 PM
ਸਬਜੀਆਂ ਵਿੱਚ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਮੈਲਾਥੀਆਨ ਜਾਂ ਐਕਟਾਰਾ ਦਾ ਸਪਰੇਅ ਕੀਟ ਦੇ ਹਮਲੇ ਅਨੁਸਾਰ ਕਰੋ ਜੀ ਸਬਜੀਆਂ ਵਿੱਚ ਮੋਨੋਸਿਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕਰੋ ਜੀ
Posted by gurpreet bhathal
Punjab
25-04-2019 09:03 PM
सकी मार्केटिंग में किसी तरह की परेशानी नहीं है, वह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़ के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर, लुधियाना में भी इसकी मार्केटिंग कर सकते हैं, ज़्यादा ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी हो तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है

Posted by Amar Amar
Rajasthan
25-04-2019 08:57 PM
अमर जी आप ग्वार की बिजाई कर सकते है इसे काम पानी की जरुरत होती है
Posted by rinku
Madhya Pradesh
25-04-2019 08:51 PM
हांजी आप यह सब एक साथ बना सकते हो इसमें कोई दिक्कत नहीं है बायो गैस तो डेरी के साथ ही बनेगा और जो वर्मीकम्पोस्ट है वह साथ में अलग बनाये इससे कोई दिक्कत नही जी
Posted by Rohit patel
Uttar Pradesh
25-04-2019 08:50 PM
mentha men nadeeno ki roktham ke liye aap gudayi kar sakte hai. iske liye aap 1-2 gudayi bijai ke 45 din tak karen.dhanywad

Posted by kapil
Haryana
25-04-2019 08:38 PM
Biofloc ki traning aapko cifa university se mil sakti hai ji. waha par iski training ke liye form bhar sakte ho.

Posted by Prem Singh
Rajasthan
25-04-2019 08:33 PM
Prem Singh ji Hf Cow lene ke lia aap Soni dairy farm, subhash soni, 9636725152, 7619715406, srigananagar, rajasthan se samparak kar sakte hai. ja fir Mandi Dabwali se bhi khreed sakte hai. (je Pashu Mandi SUNDAY ko hoti hai.)

Posted by maan
Punjab
25-04-2019 08:29 PM
Brother hun pkaavi Mkki di bijaai Bahut late hai Hun Tusi Moongi sml 668,832 ja mh421 di bijaai kr skde ho Mkki Tusi fodder lyi beej skde o tey taal tey sale kr skde ho

Posted by Sunny Jassi
Punjab
25-04-2019 08:25 PM
Jekar fertilizer paoun nal v makkk di growth nhi ho rhi tn ess vich Dr. dalal ghol di spray kr skde ho g.ihh dr. dalal ghol di spray tyaar krn da tarika hai .Urea@2.5kg , DAP@2.5 kg zinc @0.5kg da ghol tyaar kr ke iss di spray kro. DAP nu ikk raat pehla bhio ke rakho ate urea zinc nu alag alag ghol ke baad de vich ihna tina nu 100-150 ltr pani de vich mix kr ke prati acre te spray kro. ihh growth da kam krdia hnn ate jo v fasal de vich ghaat hoyi uss di poorti ho jandi hai...
Posted by Avtar Singh
Punjab
25-04-2019 08:18 PM
ਉਸ ਨੂੰ Lapnil-p ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਪਾਊਡਰ ਨੂੰ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਵਿਚ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਬੇਸਣ ਅਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ ਕੁਜ ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤੂੜੀ ਘੱਟ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉਚਾ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੇਟੀ ਪਾ ਕੇ ਵੀ ਰੱਖਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵ.... (Read More)
ਉਸ ਨੂੰ Lapnil-p ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਪਾਊਡਰ ਨੂੰ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸ ਵਿਚ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਬੇਸਣ ਅਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ ਕੁਜ ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈਣ ਲੱਗ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਉਹਨਾਂ ਨੂੰ ਤੂੜੀ ਘੱਟ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉਚਾ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ , ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੇਟੀ ਪਾ ਕੇ ਵੀ ਰੱਖਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਸਪਰੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਜੱਦੋ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਪਿੱਛਾ ਬਾਹਰ ਨੂੰ ਆਵੇ ਇਸ ਨੂੰ ਉਸ ਉਪਰ popin ਸਪਰੇ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਸੁੰਗੜ ਕੇ ਅੰਦਰ ਚਲ ਜਾਵੇਗਾ.ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਵੀ ਦਿਓ ਜਿਵੇਂ Calcium gold liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by चौधरी ताराचंद भांभु
Rajasthan
25-04-2019 08:15 PM
देसी कपास के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है और अमेरिकन कपास की किस्मों के लिए दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की खेती के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रे.... (Read More)
देसी कपास के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है और अमेरिकन कपास की किस्मों के लिए दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है इसे हर तरह की मिट्टी, जिसकी पी एच दर 6-8 होती है, में उगाया जा सकता है इस फसल की खेती के लिए गहरी, नर्म, अच्छे निकास वाली और उपजाऊ मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है कपास की बिजाई के लिए रेतली, खारी या जल जमाव वाली मिट्टी ठीक नहीं होती मिट्टी की गहराई 20-25 सैं.मी. से कम नहीं होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-RS 2013,RS 810,RST 9,RS 875,Ganganagar Ageti, की बिजाई कर सकते है फसल की अच्छी पैदावार और अच्छे अंकुरण के लिए ज़मीन को अच्छी तरह तैयार करना जरूरी होता है रबी की फसल को काटने के बाद तुरंत खेत को पानी लगाना चाहिए इसके बाद खेत की हल से अच्छी तरह जोताई करें और फिर सुहागा फेर दें ज़मीन को तीन वर्षों में एक बार गहराई तक जोतें, इससे सदाबहार नदीनों की रोकथाम में मदद मिलती है और इससे मिट्टी में पैदा होने वाले कीड़ों और बीमारियों को भी रोका जा सकता है बिजाई के लिए अप्रैल से मध्य मई का समय उपयुक्त होता है अमेरिकन कपास के लिए कतार से कतार का फासला 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 45 सैं.मी. रखें देसी कपास की किस्म के लिए कतार से कतार का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासल 30 सैं.मी. रखें बीजों के अंकुरन ना होने और नए पौधों के नष्ट होने के कारण कुछ फासले पड़ जाते हैं इन्हें भरने के लिए 2-3 पानी में भिगोये हुए बीजों या अंकुरन के बाद एक सेहतमंद नए पौधे को बोयें बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार, प्रभावित नए पौधों को निकालकर सेहतमंद नए पौधे की रोपाई करें बीजों को बोने के लिए 4-5 सैं.मी. की गहराई होनी चाहिए देसी कपास की बिजाई के लिए सीड ड्रिल का प्रयोग करें जब कि हाइब्रिड और बी टी कपास के लिए डिबलिंग ढंग का प्रयोग करें आयताकार रोपाई के मुकाबले वर्गाकार रोपाई ज्यादा लाभदायक होती है बीजों के अंकुरन ना होने और नए पौधों के नष्ट होने के कारण कुछ फासले पड़ जाते हैं इन्हें भरने के लिए 2-3 पानी में भिगोये हुए बीजों या अंकुरन के बाद एक सेहतमंद नए पौधे को बोयें बिजाई के दो सप्ताह बाद कमज़ोर, बीमार, प्रभावित नए पौधों को निकालकर सेहतमंद नए पौधे की रोपाई करें हाइब्रिड और बी टी कपास के लिए 1 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें, जब कि देसी किस्मों के लिए 3-5 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें पौधों में ज्यादा फासला होने के कारण फसल पर नदीनों का गंभीर हमला होता है अच्छी पैदावार के लिए फसल की बिजाई के बाद 50-60 दिनों तक फसल का नदीन रहित होना जरूरी है, नहीं तो फसल की पैदावार में 60-80 प्रतिशत कमी आ सकती है नदीनों की असरदार रोकथाम के लिए हाथों से, मशीनी और रासायनिक ढंगों के सुमेल का उपयोग होना जरूरी है बिजाई के 5-6 सप्ताह बाद या पहली सिंचाई करने से पहले हाथों से गोडाई करें बाकी गोडाई प्रत्येक सिंचाई के बाद करनी चाहिए कपास के खेतों के आस पास गाजर बूटी पैदा ना होने दें, क्योंकि इससे मिली बग के हमले का खतरा ज्यादा रहता है
बिजाई के बाद नदीनों के पैदा होने से पहले ही पैंडीमैथालीन 25-33 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद जब पौधों का कद 40-45 सैं.मी. हो तो पेराकुएट (ग्रामोक्सोन) 24 प्रतिशत डब्लयू एस सी 500 मि.ली. प्रति एकड़ या ग्लाइफोसेट 1 लीटर को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीन नाशक 2, 4-डी से कपास की फसल काफी संवेदनशील होती है बेशक इस नदीननाश्क की स्प्रे नज़दीक के खेत में की जाए, तो भी इसके कण उड़ कर कपास की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान पहंचा सकते हैं नदीन नाशक की स्प्रे सुबह या शाम के समय में ही करनी चाहिए खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें कपास की फसल को बारिश की तीव्रता के अनुसार चार से छः सिंचाई की जरूरत होती है पहली सिंचाई बिजाई के चार से छः सप्ताह बाद करें बाकी सिंचाइयां दो या तीन सप्ताह के फासले पर करें छोटे पौधों में पानी खड़ा ना होने दें फूल और टिंडे गिरने से बचाने के लिए, फूल निकलने और फूल लगने के समय फसल को पानी की कमी नहीं रहने देनी चाहिए जब टिंडे 33 प्रतिशत खिल जायें उस समय आखिरी सिंचाई करें और इसके बाद फसल को सिंचाई के द्वारा पानी ना दें जब भी फसल की सिंचाई के लिए खारे पानी का उपयोग किया जाये, तो सिंचाई करने से पहले पानी की जांच प्रमाणित लैबोरेटरी से करवाएं और उनकी सलाह के अनुसार ही पानी में जिप्सम या पाइराइट का उपयोग करें सूखे वाली स्थितियों में खालियां बनाकर और एक क्यारी छोड़कर सिंचाई करें सूक्ष्म सिंचाई सिस्टम अपनाएं (जहां भी संभव हो), इससे सिंचाई वाला पानी बचाने में सहायता होती है

Posted by Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
25-04-2019 08:13 PM
yeh ek bio fertilizer hai is se sabjiyon ki growth hogi aur paidavar aachi hoti hai. dhanywad
Posted by Avtar Singh
Punjab
25-04-2019 08:13 PM
ਸਰਦਾਰ ਅਵਤਾਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਜਵਾਰ ਦੀ Punjab Sudax ਕਿਸਮ 2-3 ਕਟਾਈਆਂ ਦਿੰਦੀ ਹੈ
Posted by Ravi
Jharkhand
25-04-2019 08:10 PM
अश्वगंधा, alovera, सफेद मूसली की पूरी जानकारी के लिए आप विवेश शर्मा 9826556880 (Grow Further) से सम्पर्क करे

Posted by Harjot
Punjab
25-04-2019 07:59 PM
Punjab da mausam Papaya di Kheti Dey lyi sahi Nahi hai Virus, fungus, fog/ kohra bahut Asr krda

Posted by Dhananjay pandey
Jharkhand
25-04-2019 07:58 PM
आम की खेती कईं तरह की मिट्टी में की जा सकती है इसकी खेती के लिए घनी ज़मीन, जो 4 फुट की गहराई तक सख्त ना हो, की जरूरत होती है मिट्टी की पी एच 8.5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- Dusheri,Langra,Chausa,Ambika
Posted by Avtar sandhu
Punjab
25-04-2019 07:26 PM
Avtar Sandhu g ਮੂੰਗੀ ਲਈ ਰੌਣੀ ਜ਼ਰੂਰ ਕਰੋ ਕਿਉਂਕਿ ਬਾਅਦ ਚ ਪਾਣੀ ਵੱਧ ਲੱਗਣ ਨਾਲ ਚਿਤਕਬਰੀ ਰੋਗ , ਗਾਲ੍ਹਾ ਰੋਗ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਣ ਦਾ ਖਤਰਾ ਵੱਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by vinay
Punjab
25-04-2019 07:26 PM
Jekar ohh jyada safed safed pani krdi hai tan uss nu lakoria di bimari ho skdi hai, iss vich pashu de gaban honn de chance ght hunde hai, uss nu tuci Calcimust gold liquid 100ml rojana deo ate isde nal tuci Gestaprojen powder deo ji ya fir tuci Zygoplus powder 100gm rojana deo .jddo ho agli varr dubara proper heat vich aawe tan tuci dubara swal paao ji.

Posted by Ashok Kumar
Bihar
25-04-2019 07:07 PM
अशोक जी कृपया बताये के करेले में कोनसी बीमारी या कीट लगा है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Jay kumar lodhi, @mil, com
Madhya Pradesh
25-04-2019 07:06 PM
उड़द की फसल खारी और खड़े पानी वाली ज़मीनों में यह फसल नहीं उगाई जा सकती फसल के विकास के लिए पानी बांध कर रखने वाली और भारी ज़मीनें अच्छी मानी जाती हैं प्रसिद्ध किस्में :- PusaAgeti: यह छोटे और मोटे बीजों वाली किस्म है यह 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa 84: मध्यम लं.... (Read More)
उड़द की फसल खारी और खड़े पानी वाली ज़मीनों में यह फसल नहीं उगाई जा सकती फसल के विकास के लिए पानी बांध कर रखने वाली और भारी ज़मीनें अच्छी मानी जाती हैं प्रसिद्ध किस्में :- PusaAgeti: यह छोटे और मोटे बीजों वाली किस्म है यह 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa 84: मध्यम लंबी अर्द्ध फैलने वाली किस्म है यह 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है बिजाई से पहले मिट्टी के भुरभुरा होने तक 2-3 बार जोताई करें इस बात का ध्यान रखना चाहिए जब आखिरी बार जोताई करें, तब ज़मीन अच्छे से समतल और अच्छे निकास वाली होनी चाहिए खरीफ की फसल के लिए बिजाई का सही समय जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई का पहला सप्ताह है गर्मियों में खेती करने के लिए इसका सही समय मार्च से अप्रैल महीना है उप पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 15-25 जुलाई तक बिजाई पूरी कर लें खरीफ की फसल के लिए पंक्तियों में 30 सैं.मी. और पौधों में 10 सैं.मी. का फासला रखें रबी की फसल के लिए पंक्तियों में 22.5 सैं.मी. और पौधों में 4-5 सैं.मी. का फासला रखें बीज को 4-6 सैं.मी. गहरा बोयें पहाड़ी इलाकों में बोयी फसल की गुणवत्ता अच्छी होती है बिजाई के लिए केरा या पोरा ढंग अपनाएं या इसकी बिजाई, बिजाई वाली मशीन से करें खरीफ की ऋतु में बिजाई करने के लिए बीज की मात्रा 5-6 किलोग्राम प्रति एकड़ डालें और गर्मियों की ऋतु में बिजाई के लिए 19-20 किलोग्राम बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज को कप्तान, थीरम, मैनकोजेब या कार्बेनडाज़िम 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचार करें और बाद में छांव में सुखाएं रसायनों के बाद बीज को राइज़ोबियम 2 ग्राम प्रति किलो बीज से उपचार करें बिजाई के समय नाइट्रोजन 4-5 किलो (11 किलो यूरिया), फासफोरस 12-15 किलो(70 किलो सिंगल सुपर फासफेट) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें उड़द की फसल खरीफ ऋतु में उगाई जाती है इसकी मौसम के अनुसार सिंचाई करें पत्तों के गिरने और फलियों का रंग सलेटी काला होने पर कटाई करें फसल की दरांती से कटाई करें और सूखने के लिए खेत में बिछा दें गहाई करके दानों को फलियों से अलग करें

Posted by manjinder singh
Punjab
25-04-2019 07:05 PM
उसे आप विटामिन—एच 10 मि.ली रोजाना देना शुरू करें बाकि उसे हरा चारा 40—45 किलो रोजाना दें फीड आप वही डालें जो वह आसानी से हज़म कर जाए बाकि उसे ब्याने से एक महीना पहले Metabolite powder
रोजाना एक पाउच दें और Anabolite liquid 100ml रोजाना दें
Posted by Shubham Agarkar
Maharashtra
25-04-2019 07:03 PM
मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब .... (Read More)
मोती पालन के फायदे ( मोती पालन एवं सहयोगी व्यवसाय की संपूर्ण जानकारी के लिए कृपया Whatapp करे 9770085381 एवं 9584120929 ) मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by Dinesh Kumawat
Rajasthan
25-04-2019 06:49 PM
दिनेश जी केसर की खेती राजस्थान में नहीं की जा सकती यह सिर्फ कश्मीर में की जाती है जहा माइनस डिग्री तापमान होता है धन्यवाद

Posted by Arundeep Singh
Punjab
25-04-2019 06:40 PM
tuci usss nu Vitum-H liquid 10ml rojana dena suru kro, isde nal tuci Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate Anabolite liquid 100ml rojana deo, baki jekar oh duudh jyada de rehi hai tan usda dudh ek dum bnnd naa kro , holi holi krke khurak ghtt kro fir holi holi dudh shado, bakki uss nu garmi ton bachaa ke rkho ji.
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
25-04-2019 06:36 PM
Dalvir singh ji eh jille de hisab nal rate alag alag hunda hai, jo Fat ate Snf kadde hai oh rate de hisab nal eh formula use krde hai jiwe jekar fatt da rate 200 hai ate tuahdi Fat 4 aundi hai ate Snf da rate 170 hai ate tuhadi snf 8 aundi hai tan total fatt 200x4=800 ate Snf 170x8=1360 fir Fat+snf ,800+1360= 2160 iss trah 1 liter da rate 21 rupes 60 passe howega.
Example
Fat 4.0 *200 =800
Snf 8.0 *=170=1360
800+1360=2160
Rate per kg 21.60 paise
Milk 01 litre 21.60
Milk 10 litre 216 rupees
Posted by preetam
Haryana
25-04-2019 06:17 PM
Dear sir you can apply for subsidy at DISTRICT AGRICULTURE OFFICE....... without subsidy you can install it but it will be costly........
so first apply for subsidy....... AADHAR, JAMABANDI, PHOTO etc is required
JAI HIND....

Posted by manjinder singh
Punjab
25-04-2019 05:59 PM
Manjinder Singh g ਮੱਕੀ ਚ ਨਦੀਨ ਦੇ ਖ਼ਾਤਮੇ ਲਈ ਗੁਡਾਈ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
ਜਿਵੇਂ ਹੁਣ ਕਣਕ ਦੀ ਵਾਢੀ ਦਾ ਸੀਜਨ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਤਾਂ
ਕਈ ਵਾਰ ਲੇਬਰ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਆ ਸਕਦੀ ਸੋ ਤੁਸੀ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਐਟਰਾਜੀਨ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀਟਰ ਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Hasandeep singh Brar
Punjab
25-04-2019 05:56 PM
Knak di harvesting to baad prali nu khet vich vaah deo jiss nal khet di health increase hundi hai..
Posted by preetam
Haryana
25-04-2019 05:54 PM
सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 प्रतिशत अंकुरित होने पर करें मॉनसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करे.... (Read More)
सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 प्रतिशत अंकुरित होने पर करें मॉनसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे उपज कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है प्रत्येक तीन वर्षों के बाद मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा डालें नाइट्रोजन की बाकी बची हुई मात्रा दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें कीड़े के लिए दवाई का छिड़काव तभी करें अगर खेत में प्रति पौधा 3-4 कीट हो तो ही डाले
Posted by Gurveer singh
Punjab
25-04-2019 05:44 PM
ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ .... (Read More)
ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਇੱਕ ਇੰਚ ਦਾ ਬੱਚਾ 10 ਪੈਸਾ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ ਮਿਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਵਧੀਆਂ ਖੁਰਾਕ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ 8 ਮਹੀਨਿਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 800-900 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀ ਪਿੰਡ ਦਾ ਛੱਪੜ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੇ ਬੀਜ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪਰਖ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੀ ਕੁਦਰਤੀ ਖੁਰਾਕ (ਪਲੈਂਕਟਾਨ) ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਪਲੈਂਕਟਾਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਮਾਤਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 300 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 180 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਹੈਕਟੇਅਰ ਦੇ ਮਾਨ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚੋਂ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਮੱਛੀਆਂ ਅਤੇ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਲੋਕਲ ਹੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸੇਮ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕੇ ਵਿੱਚ 90% ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ 40 % ਸਬਸਿਡੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ FFDA ( fish farming development agency ) ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾਓ ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਡੀਸੀ ਦਫਤਰ ਜਾਂ ਕਚਿਹਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਉੱਥੇ ਆਪਣੇ ਜਮੀਂਨ ਦੀ ਫਰਦ , 10th ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਤੇ ਜਿੱਥੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ ਉੱਥੋ ਦੀਆਂ 2 ਫੋਟੋ ਲੈ ਕੇ ਜਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ FFDA ਦੇ ਅਫਸਰ ਤੁਹਾਨੂੂੰ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਉਣਗੇ ਤੇ ਤੁਹਾਡੀ ਜਮੀਨ ਦੇਖ ਕੇ ਤਲਾਬ ਬਣਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਦੱਸਣਗੇ ਤੇ ਫਿਰ ਤੁਹਾਨੂੰ 40% ਸਬਸਿਡੀ ਲਈ ਫਾਈ਼ਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਬਾਰੇ ਸਮਝਾ ਦੇਣਗੇ

Posted by Dilpreet
Punjab
25-04-2019 05:43 PM
you can grow okra, cucumber, radish,bottle gourd in this month. thank you
Posted by preetam
Haryana
25-04-2019 05:39 PM
Before sowing at time of last ploughing, add well decomposed cow dung@8ton or Vermicompost+ Ralligold@8-10kg or PSB@5-10kg per Acre.
At time of sowing apply Urea@66kg per acre. At development stage, apply second dose of Urea@66kg at the time of second irrigation. Apply third dose of Urea@66kg at time of fourth irrigation.Apply first irrigation when 20-25% crops have germinated.

Posted by UPENDRA NATH BHARDVAJ
Uttar Pradesh
25-04-2019 05:39 PM
सुखा भूसा जब पशु को डालें तो उसमें आप दाना,फीड मिलाकर पशुओं को डाल सकते है,यदि आपके पास हरे चारे की कमी है तभी आप सूखे भूसे का प्रयोग करें नहीं तो सूखे भूसे को आप हरे चारे में मिलाकर डालें तो ज्यादा फायदा होता है आप रोजाना पशु को 30—35किलो हरा चारा और 5—6 किलो सूखा भूसा डालकर दे सकते है

Posted by ਗੁਰਦਾਸ ਮਾਨ
Punjab
25-04-2019 05:27 PM
Ha ji eh THEILERIOSIS de lai hunda he. Es de hon nall calf di deth v ho jandi he. Es nall passu nu high fever( 103°f-105°) ho sakde ha es lai es da treatment time te karwa ji

Posted by Harjot singh
Punjab
25-04-2019 05:23 PM
Harjit Singh g ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਸਿਖਲਾਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕੇ.ਵੀ.ਕੇ ਚੋਂ ਜਾਂ ਗਡਵਾਸੂ ਲੁਧਿਆਣਾ ਤੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Tejinder Singh
Punjab
25-04-2019 05:17 PM
Kit da koi nuksan nhi he ji. Par fer v tusi us nu Injection Vitame-H 5ml Injection Tonophos 20ml 3din chadd ke 5 Injection lao te bachedani ch Utrigard IU 4gm ekk din brwao te next heat te AI karwao. AI de nal os nu Powder Keeper plus 630gm 30gm rojana dena suru kar deo ji te 45 din tak deo ji es nall gabhn ho sakdi he ji
Posted by kapil dev Kashyap
Uttar Pradesh
25-04-2019 05:13 PM
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती क.... (Read More)
आप गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
25-04-2019 04:11 PM
Gurwinder Singh ji Dr. rajesh arya ji da contact number 8708593974 hai ji.

Posted by ROHIT GUPTA
Uttar Pradesh
25-04-2019 04:05 PM
रोहित जी आप मोटे धान की किस्मे जैसे Taraori Basmati,Haryana Basmati no 1,Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by gurpreet bhathal
Punjab
25-04-2019 04:02 PM
gurpreet ji jekar tuc isdi packing khud kar sakde ho ta tuc isni aapne city vich hi vech sakde ho.

Posted by jitendra Singh
Rajasthan
25-04-2019 03:33 PM
jitendra ji yeh tatv ki kami ke karn ho rahe hai iske liye aap paudhe ko 4-5 killo vermi compost daalen.is se paudhe ko sare tatv mil jayege.dhanywad
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