
Posted by Rajwinder singh Dhillon
Punjab
29-04-2019 10:33 AM
ਬਾਸਮਤੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ Punjab Basmati 3, Pusa Basmati 1509, Pusa Basmati 1121, Punjab basmati 4, punjab basmati 5, pusa basmati 1637, pusa basmati 1728 ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Dr.Amandeep.Singh.bhangu
Punjab
29-04-2019 10:05 AM
ਤੁਸੀ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿਚ 1 ਕੁਅੰਟਲ ਮੱਝਾਂ ਦੀ ਫੀਡ ਵਿਚ 30 ਕਿਲੋ ਜੋਂ, 30 ਕਿਲੋ ਕਣਕ, 10 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ, 15 ਕਿਲੋ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖੱਲ, 15 ਕਿਲੋ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖੱਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਲਈ 1 ਕੁਅੰਟਲ ਫੀਡ ਵਿਚ 35 ਕਿਲੋ ਜੋਂ, 35 ਕਿਲੋ ਕਣਕ , 10 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ, 10 ਕਿਲੋ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਅਤੇ 10 ਕਿਲੋ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖੱਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਖਵਾਓ, ਉਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿਚ 1 ਕੁਅੰਟਲ ਮੱਝਾਂ ਦੀ ਫੀਡ ਵਿਚ 30 ਕਿਲੋ ਜੋਂ, 30 ਕਿਲੋ ਕਣਕ, 10 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ, 15 ਕਿਲੋ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖੱਲ, 15 ਕਿਲੋ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖੱਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਲਈ 1 ਕੁਅੰਟਲ ਫੀਡ ਵਿਚ 35 ਕਿਲੋ ਜੋਂ, 35 ਕਿਲੋ ਕਣਕ , 10 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ, 10 ਕਿਲੋ ਵਡੇਮਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਅਤੇ 10 ਕਿਲੋ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖੱਲ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਤਿਆਰ ਕਰੋ ਅਤੇ ਖਵਾਓ, ਉਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਵਧਿਆ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by manpreet singh
Punjab
29-04-2019 09:48 AM
जगह तो ठीक हैं लेकिन दी के समय रोशनी की कोई जरुरत नहीं हैं
Posted by chanan
Punjab
29-04-2019 09:44 AM
chanan ji is boote diyan jdan de vich seonk check karo jekar maujood hai ta tuc isde uper chlorpyriphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by gulsher khan
Punjab
29-04-2019 09:43 AM
ਜੇਕਰ ਲੋਨ ਦੀ ਬਜਾਏ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗਾ ਜੀ ਬਾਕੀ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕੀਤੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਹੀ ਤੁਸੀ ਅੱਗੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਲੋਨ ਬੈੱਕ ਤੇ ਵੀ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤਹਾਡਾ ਬੈਕ ਅਕਾਉਟ ਕਿਵੇਂ ਚੱਲਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਸਿਰ ਤੇ ਹੀ ਉਹ ਲੋਨ ਲਈ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਕੰਮ ਠੀਕ ਹੈ ਬਹਤੁ ਸਾਰੇ ਲ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਲੋਨ ਦੀ ਬਜਾਏ ਆਪਣੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗਾ ਜੀ ਬਾਕੀ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕੀਤੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇ ਉਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਨਾਲ ਹੀ ਤੁਸੀ ਅੱਗੇ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਲੋਨ ਬੈੱਕ ਤੇ ਵੀ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤਹਾਡਾ ਬੈਕ ਅਕਾਉਟ ਕਿਵੇਂ ਚੱਲਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਸਿਰ ਤੇ ਹੀ ਉਹ ਲੋਨ ਲਈ ਮਨਜ਼ੂਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਕੰਮ ਠੀਕ ਹੈ ਬਹਤੁ ਸਾਰੇ ਲੋਕ ਪਿਛਲੇ ਇੱਕ ਸਾਲ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲਈ ਅਰਜ਼ੀਆਂ ਲਾਈ ਬੈਠੇ ਹਨ ਪਰ ਛੇਤੀ ਕਿਤੇ ਲੋਨ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦਾ ਜੀ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਜਰੂ੍ਰ ਕਰੋ
Posted by robin singh
Rajasthan
29-04-2019 09:37 AM
यदि मुर्रा नस्ल की भैंस खरीदते है तो उसमें यह निशानियां होनी चाहिए जैसे उसकी पूंछ के नीचे से थोड़े से वाल सफेद होते है बाकि चमड़ी पतली हो तो ज्यादा अच्छा है,उसका शरीर का रंग पूरा काला होता है उसके सिंग अंदर को मुड़े होते है इस तरह की कुछ निशानियों की मदद से आप मुर्रा नस्ल की पहचान कर सकते है

Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿਘ
Punjab
29-04-2019 09:31 AM
ਗੁਰਜੀਤ ਸਿਘ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ

Posted by amritpal singh
Punjab
29-04-2019 09:24 AM
amritpal ji tuc isdi bijai kar sakde ho.jekar is to late bijai karde ho ta jhone nu bimari lagn de chance vadh jande han.dhanwad

Posted by kuldeep singh
Punjab
29-04-2019 09:13 AM
Bhindi vich 40 kg urea beejayi de time pa skde ho g and 40 kg urea pehli tudayi to baad pao g..

Posted by Arvind Kumar
Uttar Pradesh
29-04-2019 09:03 AM
Arvind ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Gurveer sidhu
Punjab
29-04-2019 08:56 AM
is kisam da nam BR 105 hai. ihh private kisam hai. iss kisam da jhad 30-35 qtl prati acre hai ate ihh kisam 145-150 dina de vich pakk jandi hai. ihh 2 number paani de vich v ugaayi ja skdi hai. iss da beej 120 rs. kilo brar seeds jo ki PAU ludhiana de gate number 1 de agge hai otho lai skde ho.

Posted by Rajwinder Singh
Punjab
29-04-2019 08:49 AM
iss da jhaad 35 qtl tak da hai ate ihh kisa. 110 - 120 dina tak pakk jandi hai.
Posted by vinay
Punjab
29-04-2019 08:37 AM
आप उसे Liquid Utrigard IU 4gm को 3 दिन तक बच्चेदानी में भरवाए और इसके साथ में intas कंपनी की Mintab गोलिया लेकर ले यह 21 गोली की पैकिंग होती है और 1 गोली रोज़ाना दे उसके बाद जब यह हीट में आये तो किसी अच्छे डॉक्टर से टीका भरवाए

Posted by sidhu
Punjab
29-04-2019 08:14 AM
Sidhu ji jhone di bimari da usdi condition te depend karda hai ke os same ki hai jisde hisab nal isnu bimari paindi hai.
Posted by mahipal singh jaat
Rajasthan
29-04-2019 08:13 AM
Male Adult 6000.00 or
Female Adult 5200.00
Posted by harsh namdev
Madhya Pradesh
29-04-2019 08:09 AM
हर्ष नामदेव जी मक्खी पालन के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप दीपक बघेल 9004550950 से संपर्क करें
Posted by anoopsingh Nishad ji
Uttar Pradesh
29-04-2019 08:05 AM
anoop ji aap machar ko Marne ke liye imidacloprid@1.5ml ko prati litre Pani ke hisab se spray Karen.
Posted by ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਮਣਕੂ
Punjab
29-04-2019 08:02 AM
Nirmal ji kirpa karke daso ke isdi bijai kite nu kina time hogya tajo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.
Posted by jaspreet singh gurna
Punjab
29-04-2019 07:58 AM
jaspreet ji es var jeeri da koi nva beej nahi aaya hai ji...
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
29-04-2019 07:54 AM
Os nu Cargill di heifer dry feed pao te nall hi powder Panjeeri 5kg 100gm swere 100gm shame nu deo ji es nall farak pe jawe ga ji

Posted by ਸਤਵੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-04-2019 07:49 AM
ਹਾਜੀ ਇਹ ਮਹਿਰਾਜ ਰੋਡ ਤੇ ਮਾੜੀ ਵਾਲੇ ਗੁਰਦਵਾਰੇ ਕੋਲ ਹੈ ਤੁਸੀ ਮੈਨੂੰ 97815 89637 ਨੰਬਰ ਤੇ ਫੋਨ ਕਰ ਲਿਓ ਜੀ

Posted by ਅੰਮਿ੍ਤਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
29-04-2019 07:39 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸਦਾ ਕੋਈ ਨੁਕਸਾਨ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਇਹ ਵੀ ਦੂਜੀ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਵਾਂਗੂ ਹੈ ਇਹ ਵੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by Akashdeep Dhillon
Punjab
29-04-2019 07:33 AM
akashdeep ji kirpa karke daso ke tuc ki jankari laina chaunde ho ta Jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by harjap singh
Punjab
29-04-2019 07:00 AM
ਵੀਰ ਜੀ ਕਿਲੋ ਦੋ ਕਿਲੋ ਸਵਾਹ ਵਿੱਚ 250-500 ml ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਤੇਲ ਜਾਂ ਡੀਜ਼ਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਮੁੱਢਾਂ ਕੋਲ ਛੱਟਾ ਦਿਓ
Posted by hari krishan bundela
Uttar Pradesh
29-04-2019 06:56 AM
हरी कृष्ण जी गेंदे के बीज लेने के लिए आप प्रेम राज सैनी 9719432296 से संपर्क करें

Posted by Bhupinder singh sandhu
Punjab
29-04-2019 06:56 AM
Moongi de upper coragen di spray na kro...iss de upper quinalphos@600ml per acre de hisaab nal spray kr skde ho...ihh soondi nu control kr lwegi..
Posted by DINESH kumar yadav
Uttar Pradesh
29-04-2019 06:48 AM
Dinesh ji aap mentha ke uper NPK 19:19:19@7 gram ko prati litre Pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by karan
Punjab
29-04-2019 06:39 AM
ਵੀਰ ਜੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦਾ ਆਚਾਰ/ਸਾਈਲੇਜ ਇੱਕ ਪਸ਼ੂ ਤੇ ਉਹਦੇ ਬੱਚੇ ਲਈ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਕੱਢ ਜਾਂਦਾ

Posted by Gurwinder Sran Zaildar
Punjab
29-04-2019 05:34 AM
Gurwinder g DAP narma beejan sme na varto...iss sme potash da shitta de ke khet nu tyaar kro...jdo narma 1-2 feet da ho jawe uss sme DAP@27kg prati acre de hisaab nal seelra de upper machine lgaa ke beej skde ho....DAP di varto iss dhang nal kro...

Posted by balram kumar
Punjab
29-04-2019 05:32 AM
Balram kumar ji eh koi smasia wali gal nahi hai tuci ehna nu koi vdia liver tonic dena suru kro, jekar iss vich blood v aunda ha tan liver infection krke hunda hai.

Posted by MANOJ KUMAR
Bihar
29-04-2019 04:02 AM
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 ब.... (Read More)
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं हैक्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है इसे हिसाब से आप अंदाजा लगा सकते हैं सब्सिडी— ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है

Posted by MANOJ KUMAR
Bihar
29-04-2019 03:59 AM
Manoj kumar ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by kulwant
Punjab
29-04-2019 01:06 AM
kulwant g ihh kisam te nirbhar krda hunda hai v tuc kehdi hybrid kisam lgaa rhe ho...duji gal ihh hai ki hybrid kisma da jhaad 32qtl tak nikal aunda hai ate ihh kisma ghat dina vich pakk dia hundia hn

Posted by Rahul
Uttar Pradesh
29-04-2019 12:47 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Achal singh 9711858258 (GLITTER PEARL FARMING) से संपर्क करें

Posted by Patelsureshkumar Ramanbhai
Gujarat
29-04-2019 12:21 AM
To prepare Jeev amrit, it requires old cow dung@10kg, old soil@1kg (collected from near the Peepal or Banyan tree), ground pulse@1kg (it can be besan, masur, maah) and jaggery (Gur)@1kg. Mix all these things and put in 200ltr large drum. Keep the 1/4th part of the drum empty. Fill the drum with 150ltr of water. Place the drum in the shade and shake the solution with the help of a large stick so as to mix all the material. Cover the drum with gunny bag. Place the solution in shed for 48 hours. At this time shake the solution 4-6 times in a day clockwise and anti-clockwise. By doing this, the chances of reflux would reduce. The Jeev Amrit gets ready in 2-3 days. After that it is used in plants. At the time of irrigation mix the Jeev Amrit in water so it can be given in the main field.
Posted by Randhir chattha
Haryana
29-04-2019 12:16 AM
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्ध.... (Read More)
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि
(3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद
(4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना
(5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है
(6) आसपास के लोगो को रोजगार
अधिक जानकारी संपर्क करे
..अमित बमोरिया
9407461361
9770085381
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र
सोहागपुर 461771
SGP
जिला होशंगाबाद
मध्य प्रदेश
व्यापार में साझेदार बने
कमाए लाखो
Posted by Gulab chand
Jharkhand
28-04-2019 11:30 PM
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 ब.... (Read More)
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं हैक्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है इसे हिसाब से आप अंदाजा लगा सकते हैं सब्सिडी— ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है
Posted by Gulab chand
Jharkhand
28-04-2019 11:26 PM
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 ब.... (Read More)
सूर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं हैक्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है इसे हिसाब से आप अंदाजा लगा सकते हैं सब्सिडी— ट्रेनिंग करने के बाद सुअर पालन पर 2 लाख की सब्सिडी होती है कुल प्रोजेक्ट 8 लाख का होता है उसमें 2 लाख सब्सिडी होती है यदि आपने अपने स्तर पर करना है तो आप 2—2.50 लाख में एक बार छोटे स्तर से शुरू कर सकते है

Posted by JUGNU NIRWAL
Uttar Pradesh
28-04-2019 11:01 PM
jawar ki fasal par growth ke liye app gibberellic acid@250ml ko 150ltr pani mein daal kar 10-10 din ke faasle par spray kr skte ho..iss se growth jaldi hoti hai .

Posted by sk
Haryana
28-04-2019 10:41 PM
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्ध.... (Read More)
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि
(3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद
(4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना
(5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है
(6) आसपास के लोगो को रोजगार
अधिक जानकारी संपर्क करे
..अमित बमोरिया
9407461361
9770085381
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र
मध्य प्रदेश
https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Tarang
Uttar Pradesh
28-04-2019 10:35 PM
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्ध.... (Read More)
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि
(3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद
(4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना
(5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है
(6) आसपास के लोगो को रोजगार
अधिक जानकारी संपर्क करे
..अमित बमोरिया
9407461361
9770085381
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र
सोहागपुर 461771
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जिला होशंगाबाद
मध्य प्रदेश
व्यापार में साझेदार बने
कमाए लाखो

Posted by veer Bahadur Singh
Uttar Pradesh
28-04-2019 10:34 PM
इसके लिए ट्रेनिंग आपको आपके नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंदर से ही मिलेगी आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंदर का पता नोट कर सकते है आप यहाँ पर जाकर ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भरे Krishi Vigyan Kendra, भरसार,Kallipur,P.O. - Mirzamurad,Distt.- Varanasi - (U.P.),INDIA
Tel. No.: 9415450175
Posted by ਭਜਨ ਸਿੰਘ ਖੇੜੀ
Punjab
28-04-2019 10:13 PM
Os nu synchronisation nall ghabn kro ji es vich tusi ekk din Injection Pregulate 5ml lwao ekk hafte badh Injection Pregova (CL) 2ml lwao fer ekk din chadd ke Injection Pregulate 2.5 lwao te next day AI karwao te 12 gante badh ekk AI hor karw deo ji es nall cow Pregnant ho javegi

Posted by रजनीकांत
Haryana
28-04-2019 10:09 PM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है
Posted by Joginder singh
Himachal Pradesh
28-04-2019 09:40 PM
मुर्गी फ़ार्म शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें आपने नज़दीकी ट्रेनिंग सेंटर है dr. Sanjiv Upadhayay, Programme कोऑर्डिनेटर,CSKHPKV Krishi Vigyan Kendra, Kangra Distt. Kangra-176001, Himachal pardesh 91 94181 12684 ट्रेनिंग में ही आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक .... (Read More)
मुर्गी फ़ार्म शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें आपने नज़दीकी ट्रेनिंग सेंटर है dr. Sanjiv Upadhayay, Programme कोऑर्डिनेटर,CSKHPKV Krishi Vigyan Kendra, Kangra Distt. Kangra-176001, Himachal pardesh 91 94181 12684 ट्रेनिंग में ही आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है
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