Experts Q&A Search

Posted by kunj patel
Gujarat
30-04-2019 10:58 AM
Punjab
05-07-2019 10:11 AM
कुंज पटेल जी आप बिलकुल बिजली वाला पंप ले सकते हैं, इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए आप Gujarat Energy Development Agency 4th floor, ब्लॉक नंबर. 11 & 12 उद्योग भवन सेक्टर-11, गांधीनगर-382 017, गुजरात, इंडिया, फ़ोन: +91-079-23257251, 23257253, फैक्स: +91-079-23257255, 23247097 से संपर्क करें, इनसे आपको नज़दीकी दफ्तर के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी
Posted by robin singh
Rajasthan
30-04-2019 10:47 AM
Rajasthan
04-30-2019 04:12 PM
यदि आप गाय रखना चाहते है तो आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और .... (Read More)
यदि आप गाय रखना चाहते है तो आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें इस प्रकार आप पशुओं को रख सकते है
Posted by premvir singh
Uttar Pradesh
30-04-2019 10:40 AM
Punjab
04-30-2019 11:41 AM
Mooli 25-45 din leti hai. Syngenta Ivory White, Noble Palak patti
Posted by nirmal singh
Punjab
30-04-2019 10:26 AM
Punjab
04-30-2019 11:45 AM
Dairy Farming lyi Tusi apne district Dey DDB ( Dairy Development Board Punjab) dey hrek District ch Dairy Sikhlai tey visthaar Centre ney . Tusi apne District Dey Centre cho 15 din di dairy training lao. District Centre Us Certificate tey tuhanu NABARD Dey under Loan lain ch help krn gey
Posted by bikram jit dhillon
Punjab
30-04-2019 10:21 AM
Punjab
05-02-2019 12:25 PM
Bikram ji isde boote nu vermi compost pao ja bavistin@3g nu prati litre pani de hisab nal spray akro. dhanwad
Posted by ਹਰਭਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
30-04-2019 10:16 AM
Punjab
05-02-2019 12:23 PM
ਹਰਭਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦਾ ਇਹੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 7 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by labhi
Punjab
30-04-2019 10:11 AM
Punjab
05-02-2019 12:22 PM
ਲੱਭੀ ਜੀ ਕੱਦੂਆਂ ਦੀ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦੇ ਲਈ ਕੱਦੂਆਂ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਨਪਕ 19:19:19 @1 ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਵਾਧਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Lakhdeep Singh Boosar
Punjab
30-04-2019 10:04 AM
Punjab
04-30-2019 12:27 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250gm ਗੁੜ, 100gm ਸੌਫ 2 ਚਮਚ ਅਜਵੈਨ ਨੂੰ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਪਾਓ ਤੇ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ Cargill ਦੀ fresher ਫੀਡ ਪਾਓ ਜੀ
Posted by premvir singh
Uttar Pradesh
30-04-2019 09:47 AM
Punjab
05-02-2019 12:20 PM
Premvir ji aap makka ki kisam J1006 ya african tall ki bijai kar sakte hai.
Posted by premvir singh
Uttar Pradesh
30-04-2019 09:43 AM
Punjab
04-30-2019 11:46 AM
Mh421 ,MOONG ki bijaai kro
Posted by jaspal singh
Punjab
30-04-2019 09:39 AM
Punjab
05-02-2019 12:18 PM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਡੂੰਗੀ ਗੋਡੀ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜਾਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚੋ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਕੇ ਸੁੱਟੋ ਤਾਹਿ ਇਹ ਨਦੀਨ ਖ਼ਤਰਮ ਹੋਣਗੇ ਅਤੇ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਬੀਜਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਟੋਪ@1 ਲਿਟਰੇ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by satnam singh
Punjab
30-04-2019 09:38 AM
Punjab
04-30-2019 12:33 PM
Os nu Injection Hitek 1ml chamdy ch lao Liquid Vitum H 100ml 5ml rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji.
Posted by lakhan singh
Rajasthan
30-04-2019 09:30 AM
Punjab
05-02-2019 12:15 PM
यह मिट्टी की बहुत सारी किस्मों में विकसित होती है इसके विकास के लिए सामान्य हल्की दोमट मिट्टी जिसका pH 6.0-8.0 हो,में बढ़िया विकास के लिए अनुकूल है प्रसिद्ध किस्में :-Mudkhed,Shrinagar,Butwal,Dancy.Kara (Abohar),Darjeeling,Sumithra,Seedless 182 पौधे के अंकुरण को बढ़ाने के लिए खेत को अच्छी तरह से तैयार करें खेत की जोताई करें, क्रॉस जोताई और पहाड़ों पर बराबर ऊंचाई प.... (Read More)
यह मिट्टी की बहुत सारी किस्मों में विकसित होती है इसके विकास के लिए सामान्य हल्की दोमट मिट्टी जिसका pH 6.0-8.0 हो,में बढ़िया विकास के लिए अनुकूल है प्रसिद्ध किस्में :-Mudkhed,Shrinagar,Butwal,Dancy.Kara (Abohar),Darjeeling,Sumithra,Seedless 182 पौधे के अंकुरण को बढ़ाने के लिए खेत को अच्छी तरह से तैयार करें खेत की जोताई करें, क्रॉस जोताई और पहाड़ों पर बराबर ऊंचाई पर रोपण किया जाता है पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादा घनत्व में रोपण करना सम्भव है इसका रोपण बसंत ऋतु (फरवरी से मार्च) और मानसून के मौसम में (15 अगस्त से अक्तूबर अंत) में की जाती है मीठे संतरों के लिए 5x5 मीटर फासला रखें 1x1x1 मीटर, गड्ढे खोदे और कुछ दिन तक धूप में रहने दें प्रत्येक गड्ढे में 15-20 किलो गाय का गोबर, 500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट डालें पौधे के अंकुरण के लिए 60×60×60 सैं.मी. आकार के गड्ढे तैयार करें 110 पौधे प्रति एकड़ का घनत्व बना कर रखना चाहिए नए वृक्षों की छंटाई बहुत आवश्यक होती है छंटाई, उन्हें सही आकार और बनतर प्रदान करती है कटाई इसलिए की जाती है ताकि सिर्फ एक तना और उसके ऊपर 6-7 शाखाएं ही रह जाएं, सबसे नीचे की शाखाओं को ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. कद से नीचे बढ़ने नहीं देना चाहिए छंटाई का उद्देश्य फलों की अच्छी गुणवत्ता के साथ अच्छी उपज भी प्राप्त करना होता है छंटाई में बीमार, मरी हुई और कमज़ोर शाखाओं को भी निकाला जाता है संतरे की फसल के लिए: फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 10-30 किलो और युरिया 240-720 ग्राम प्रति वृक्ष डालें 4-7 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 40-80 किलो और युरिया 960-1680 ग्राम और सिंगल सुपर फासफेट 1375-2400 प्रति वृक्ष डालें जब फसल 8 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 1920 ग्राम और सिंगल सुपर फासफेट 2750 ग्राम प्रति वृक्ष डालें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें सदाबाहार प्रकृति के कारण संतरे की सिंचाई साल के मध्यम में ज्यादा की जाती है सिंचाई की मात्रा मिट्टी की किस्म पर निर्भर करती है फूल निकलने के समय, फलों के सेट और फलों के विकास के समय उचित सिंचाई करनी चाहिए जल-जमाव से बचाव करें सिंचाई का पानी नमक-रहित होना चाहिए
Posted by vrindavan meena
Madhya Pradesh
30-04-2019 09:27 AM
Punjab
04-30-2019 11:48 AM
Bayar Samrat / Shakti Syngenta 2324
Posted by harjasdeep
Punjab
30-04-2019 09:27 AM
Punjab
05-02-2019 12:03 PM
Harjasdeep ji kirpa karke isde patteya di nede di photo bhejo tajo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad
Posted by Baggu Rai
Punjab
30-04-2019 08:52 AM
Punjab
05-02-2019 02:26 PM
Baggu Rai ji Firozpur vich Garlic da mandi rate 3000-3800/q tak chal reha hai.
Posted by Balwinder singh
Punjab
30-04-2019 08:49 AM
Punjab
04-30-2019 04:51 PM
पंजाब में गन्ने की बिजाई का समय सितंबर से अक्तूबर और फरवरी से मार्च महीने को होता है गन्ना आमतौर पर पकने में एक साल लगाता है
Posted by Karambir Singh
Punjab
30-04-2019 08:42 AM
Punjab
05-01-2019 04:04 PM
Karambir Singh ji is bare visthar vich jankari lai jalad hi sadi team valo tuhanu samparak kita javega.
Posted by Sayyed Rifaqat Hussain
Madhya Pradesh
30-04-2019 08:39 AM
Punjab
05-02-2019 11:59 AM
सय्यद जी कृपया इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकरी दी जा सके
Posted by Mohit
Gujarat
30-04-2019 08:38 AM
Punjab
05-07-2019 10:15 AM
मोहित जी इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watch?v=RxcByxUMIbU
Posted by sandeep singh
Punjab
30-04-2019 08:36 AM
Haryana
05-02-2019 11:11 AM
Sandeep ji DKC 9108 kisam da jhaad 32 quintal prati acre hunda hai.isde pakkan da sma 122 din hunda hai. isvich tande de galn rog nu saharan di darmiyani samratha hundi hai.isnu may to june tak beej sakde ha.
Posted by ਗੈਰੀ
Punjab
30-04-2019 08:32 AM
Haryana
05-02-2019 11:07 AM
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਕਾਰਬੈਨਡਾਜ਼ਿਮ @ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲਿਨ ਘੋਲ ਲਵੋ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਵਿੱਚ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 8-10 ਘੰਟੇ ਭਿਉ ਦੇਵੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾਉ ਇਸ ਤਰਾਂ ਬੀਜਾ ਨੂੰ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by Lakhwinder Dhalio
Punjab
30-04-2019 08:14 AM
Haryana
05-02-2019 11:06 AM
Lakhwinder ji eh kisam PAU valo sifarish nahi hai.
Posted by Hulash
Jharkhand
30-04-2019 07:48 AM
Punjab
04-30-2019 03:57 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी कितने में शुरू होगा यह धंधा नेशनल बैंक फॉर ए.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी कितने में शुरू होगा यह धंधा नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डिवलेपमेंट (नाबार्ड) द्वारा तैयार किए मॉडल प्रोजेक्ट्स के मुताबिक यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा जब कि बैंक से आपको 75 फीसदी यानि 27 लाख का लोन मिल जाएगा यदि आप 10 हजार मुर्गियों के साथ लेयर फार्मिंग करना चाहते हैं तो आपको 10 से 12 लाख का इंतज़ाम करना पड़ेगा और बैंक आपको 40 से 42 लाख तक का लोन दे सकता है बैंक से आसाने से लोन लेने के लिए नाबार्ड कंसलटेंसी सर्विस की सहायता ली जा सकती है यदि आप पोल्टरी की ट्रेनिंग लेकर नाबार्ड से लोन लेते हैं तो आपको 25 से 35 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल जाती है लेान एप्लाई करने के लिए पूरी जानकारी आपको विभाग की तरफ से ट्रेनिंग के बाद दी जाती है ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से या गुरू अंगद देव वैटनरी युनिवर्सिटी से संपर्क कर सकते हैं या फिर आप किसी भी दिन अपने नजऋदीकी कृषि विज्ञान केंद्र पर जाकर ट्रेनिंग लेने के लिए फार्म भर आयें उसके बाद जब भी पोल्टरी की ट्रेनिंग आयेगी तो आपको के वी के की तरफ से कॉल करके बता दिया जायेगा बहुत बढ़िया काम है पोल्टरी का यदि आप ब्रॉयलर रखते हैं तो पांच से छ हफ्तों के अंदर अंदर मंडीकरण करने के लिए तैयार हो जाते हैं तकरीबन पांच महीनों में अंडों की उपज शुरू हो जाती है सारा साल की आमदन वाला काम है ज्यादा मेहनत भी नहीं लगती यह नाज़ुक किस्म के जानवर होते हैं कुछ खतरनाक बीमारियां हैं जिनसे बचने के लिए खास ध्यान रखने की जरूरत होती है बाकी आप विस्तार में बतायें या फिर शुरूआत करने में कोई और मुश्किल है या जानकारी लेना है तो अपना सवाल दोबारा पूछ सकते हैं
Posted by Parveen
Haryana
30-04-2019 07:41 AM
Punjab
05-02-2019 11:02 AM
परवीन जी यह फंगस है, आप M-45@4gm की प्रति लीटर पानी के साथ स्प्रे करें और 15 दिन के बाद फिर दोहराएं
Posted by harmanjit singh gill
Punjab
30-04-2019 07:34 AM
Punjab
05-14-2019 02:36 PM
Harmanjit singh gill ji Fish seed len lai tusi Moh. Anis 9451411371,6394520950 nal samparak kar sakde ho.
Posted by om kumar
Punjab
30-04-2019 07:20 AM
Punjab
05-07-2019 10:08 AM
Om kumar ji lassi 15 din purani nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.
Posted by Nirmal singh
Punjab
30-04-2019 07:03 AM
Punjab
04-30-2019 07:54 AM
ਪਰਮਲ ਝੋਨੇ ਦੀਆ PR PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212, ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਦਾ ਹੀ ਚੰਗਾ ਹੈI ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਉਣੀ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੂਸਾ 44 ਕਿਸਮ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ I
Posted by Robin Choudhary
Uttar Pradesh
30-04-2019 06:29 AM
Punjab
04-30-2019 04:49 PM
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में ड.... (Read More)
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by ਦਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
30-04-2019 04:31 AM
Punjab
04-30-2019 02:03 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲੇਵੇ ਅਤੇ ਥਨਾ ਨੂੰ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਸੋਜ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਸੋਜ ਕਰਕੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸਦੀ ਜਾਂਚ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਕਰਵਾਓ ਜੇਕਰ ਆਪਣੇ ਆਪ ਹੀ ਵੱਧ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਇਸ ਨੂੰ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਜਾਂਚ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਕਰਵਾਓ ਜੀ
Posted by Hemant Pawar
Maharashtra
30-04-2019 03:51 AM
Punjab
05-02-2019 03:19 PM
हेमंत पवार जी इसके बारे में पूरी जानकारी के लिए आप अचल सिंह जी से 9711858258 पर संपर्क करें
Posted by Lavkush Pandey
Madhya Pradesh
30-04-2019 12:37 AM
Punjab
04-30-2019 12:01 PM
Pandey g Kesar ki Kheti Kewal KASHMIR k thndey area mey hoti hai. Aur kahi per b Kesar k liye mausam sahi Nahi hai. Kujh log Kisaano ko KUSUM ( SAFFOLA) k seed Kesar ka seed bta kr bech rahe hai. Pls in fraud kism k logo sey saavdhan rahe
Posted by Satish
Haryana
30-04-2019 12:03 AM
Maharashtra
05-02-2019 11:00 AM
Organic kheti mein nitrogen base fertilizer ka use nhi hota. eske liye aap green manure crops ko khet mein mulch krke nitrogen add kr skte ho. Insecticides ka spray krne ke beejaye yellow trap ka use kro.
Posted by Dhairendra Mohan singh
Uttar Pradesh
29-04-2019 11:44 PM
Punjab
04-30-2019 02:48 PM
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 मही.... (Read More)
इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, मछली पालन के लिए सेम वाले इलाके में 90% सब्सिडी होती है और बाकि इलाकों में 40% सब्सिडी होती है आप अपने ज़िले के FFDA ( fish farming development agency ) दफ्तर में जाएं जो कि आमतौर पर डी सी दफ्तर या कचिहरी में बना होता है, आप वहां ज़मीन की फर्द, स10th र्टिफिकेट और जहाँ तालाब बनाना है वहां की 2 फोटो लेकर जाएं उसके बाद FFDA के अफ़सर आपको फाइल तैयार करवाएंगे और आपकी ज़मीन देखकर तालाब बनाने का तरीका बताएंगे और फिर आपको 40% सब्सिडी के लिए फाइल तैयार कर लोन अप्लाई के बारे में समझा देंगे
Posted by Patelsureshkumar Ramanbhai
Gujarat
29-04-2019 11:24 PM
Punjab
05-02-2019 02:35 PM
Patelsureshkumar Ramanbhai ji Gujrat me Vermi compost lene ke lia aap Divyan 9825129003 9427855046 (Prakruti Bio Manure)se samparak kare.
Posted by Amarjit Singh
Punjab
29-04-2019 11:15 PM
Punjab
04-30-2019 12:07 PM
ਜੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀਂ ਕੇਵਲ ਛਾਂ ਦੇ ਕੰਮ ਲਈ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਲਾਉਣੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨਿੰਮ , ਬਕੈਣ, ਸ਼ਹਿਤੂਤ , ਕਨੇਰ , ਜਾਮੁਣ , ਅੰਬ, ਬਿੱਲ ਪੱਤਰ , ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ **** ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਵਪਾਰਕ ਉਦੇਸ਼ ਲਈ ਲਾਉਣੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਬਰਮਾ ਡੇਕ , ਕਲੋਨਲ ਟਾਹਲੀ, ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Naunihal sethi
Punjab
29-04-2019 11:11 PM
Punjab
04-30-2019 07:59 AM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਲਈ ਰੋਗ ਰਹਿਤ ਬੀਜ ਹੀ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਸੋਧ ਕੇ ਹੀ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਸੋਧਣ ਲਈ 20 ਗਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟਨ ਅਤੇ 1 ਗਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲਨ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ 8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨੂੰ 8-10 ਘੰਟਿਆਂ ਲਈ ਡੁਬੋ ਕੇ ਰਖੋ ਜੀ
Posted by Satish bhati
Rajasthan
29-04-2019 11:07 PM
Punjab
05-03-2019 05:01 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है प्रसिद्ध किस्में:- ganesh,Jodhpur Local,Seedless (Beda.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है प्रसिद्ध किस्में:- ganesh,Jodhpur Local,Seedless (Bedana) मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें उसके बाद खेत को समतल करने के लिए सुहागा फेरें बसंत के मौसम में रोपाई के लिए फरवरी-मार्च का समय उपयुक्त होता है और उष्ण कटिबंधीय और उप उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में रोपाई के लिए जुलाई - अगस्त का समय उपयुक्त होता है मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर उपयुक्त फासला दें अनार की खेती के लिए वर्गाकार में 5मीटर x 5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 60 x 60 x 60 मीटर आकार के खड्ढे खोदें पखवाड़े तक खड्ढों को धूप में खुला रखें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर खड्ढों में भरें खड्ढों को भरने के बाद पानी डालें यह मिट्टी को व्यवस्थित करेगा बिजाई से पहले नए पौधों और कटिंग को IBA के घोल 1000 पी पी एम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में डुबोकर रखें पहले वर्ष के दौरान अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 10 किलो, यूरिया 100 ग्राम, एस एस पी 250 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 50 ग्राम प्रति पौधे में डालें गाय का गोबर, एस एस पी, पोटाश की पूरी मात्रा और यूरिया की आधी मात्रा फूल निकलने के छ: सप्ताह पहले डालें यूरिया की बाकी बची मात्रा को फल विकसित होने के समय डालें 3 वर्षों तक फूलों की कलियों को निकालते रहें अच्छी वृद्धि और उपज के लिए 3-4 वर्ष बाद शुरू करें रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करें उसके बाद 10-15 दिनों तक 3 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें बारिश के मौसम में जल निकास प्रणाली का प्रबंध करें ताकि जल जमाव के हालातों में पानी खड़ा ना हो सकें गर्मियों में 7-10 दिनों के अंतराल पर और सिंचाई में 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें अनियमित सिंचाई फूलों के गिरने को बढ़ाती है फल के विकसित होने के समय पानी की कमी ना होने दें और मिट्टी में पानी की कमी होने से तुरंत ज्यादा पानी देने के कारण फलों में दरार आ जाती है और उसके बाद फल गिरने लगते हैं इसलिए फूल निकलने से लेकर कटाई की अवस्था तक नियमित और पर्याप्त सिंचाई दें ड्रिप सिंचाई से अनार की फसल अच्छे परिणाम देती है ड्रिप सिंचाई सिर्फ पानी को ही नहीं बचाता लेकिन पानी की कम मात्रा में भी अच्छे परिणाम देती है नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग की जा सकती है नदीनों की रोकथाम के साथ साथ मिट्टी में नमी रहने में मदद करता है और भाप बनकर उड़ने को भी कम करता है
Posted by Bhupinder singh sandhu
Punjab
29-04-2019 10:54 PM
Punjab
05-03-2019 05:03 PM
ਭੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਪੀਲੇ ਕਾਰਡ ਦਾ ਇਸਤੇਮਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਨੀਮ ਦੇ ਤੇਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurii sidhu
Punjab
29-04-2019 10:32 PM
Maharashtra
05-02-2019 05:54 PM
ਵਧੀਆ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * ਇਸ ਲਈ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਥਾਂ ਲਵੋ ਜਿਥੇ ਧੁੱਪ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਹਵਾਦਾਰ ਹੋਵੇ * ਇਸ ਥਾਂ ਉੱਪਰ ਇੱਟਾਂ ਜਾਂ ਪੱਥਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ 2-3 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾਓ * ਇਸ ਉਪਰ 6-8 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ, ਅੱਧੀ ਗੋਬਰ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ * ਮਿੱਟੀ ਉੱਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਗਿੱਲਾ ਕਰੋ, ਮਿੱ.... (Read More)
ਵਧੀਆ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਅਨੁਸਾਰ ਬਣਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * ਇਸ ਲਈ ਇਹੋ ਜਿਹੀ ਥਾਂ ਲਵੋ ਜਿਥੇ ਧੁੱਪ ਨਾ ਆਵੇ ਅਤੇ ਹਵਾਦਾਰ ਹੋਵੇ * ਇਸ ਥਾਂ ਉੱਪਰ ਇੱਟਾਂ ਜਾਂ ਪੱਥਰ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ 2-3 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾਓ * ਇਸ ਉਪਰ 6-8 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ, ਅੱਧੀ ਗੋਬਰ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਖਾਦ ਅਤੇ ਅੱਧੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ * ਮਿੱਟੀ ਉੱਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਜਿਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਗਿੱਲਾ ਕਰੋ, ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ 25 ਪ੍ਰਤੀਸ਼ਤ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਮੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ * ਇਸ ਉੱਪਰ ਗੰਡੋਏ (40 ਗੰਡੋਏ ਪ੍ਰਤੀ ਵਰਗ ਫੀਟ ਥਾਂ) ਮਿੱਝਹ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ * ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੇਸਟ ਜਿਵੇਂ- ਕਿ ਬਚੀ-ਖੁਚੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ, ਫਲ, ਕੱਚਾ ਗੋਬਰ, ਗੋਬਰ ਦੀ ਸਲਰੀ ਦੀ 8-10 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਪਾਓ * ਦੂਜੀ ਪਰਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਉੱਪਰ ਸੁੱਕੇ ਪੱਤੇ ਜਾਂ ਪਆਲ ਨਾਲ ਢਕ ਦਿਓ ਹਰ ਪਰਤ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕੋ ਤਾਂ ਕਿ ਨਮੀ ਬਣੀ ਰਹੇ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਨੂੰ 3-4 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਗੋਬਰ ਦੀ ਪਰਤ ਨਾਲ ਢਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਇਸ ਉੱਪਰ ਬੋਰਾ ਜਾਂ ਤਰਪਾਲ ਰੱਖੋ ਤਾਂ ਕਿ ਥੱਲੇ ਹਨੇਰਾ ਰਹੇ ਰੋਸ਼ਨੀ ਵਿੱਚ ਗੰਡੋਏ ਘੱਟ ਵਧਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਖਾਦ ਬਣਨ ਵਿੱਚ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਬੋਰਾ ਅਤੇ ਤਰਪਾਲ ਮੀਂਹ ਦੇ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਵੀ ਬਚਾਉਂਦੇ ਹਨ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੇ ਬੈੱਡ ਉੱਪਰ ਹਰ ਦੂਸਰੇ ਦਿਨ ਥੋੜ੍ਹਾ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਨਮੀ ਬਣੀ ਰਹੇ * ਰਸੋਈ, ਫਸਲਾਂ ਜਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੇ ਰਹਿੰਦ-ਖੂੰਹਦ ਦੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਰੈਕ ਨਾਲ ਪਲਟਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਲੋੜ ਹੋਣ ’ਤੇ ਥੋੜ੍ਹਾ ਥੋੜ੍ਹਾ ਕਰਕੇ ਹੋਰ ਵੇਸਟ ਵੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ, ਇਸ ਉੱਪਰ ਕੱਚਾ ਗੋਬਰ ਵੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਪਰ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਪਰਤ ਪਹਿਲਾਂ ਜਿੰਨੀ ਹੀ ਮੋਟੀ ਰਹੇ * ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਦੀ ਖਾਦ ਮੌਸਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 45-60 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉੱਪਰ ਵਾਲੀ ਪਰਤ ਨੂੰ ਹਟਾ ਕੇ ਗੰਡੋਏ ਛਲਣੀ ਨਾਲ ਵੱਖਰੇ ਕਰ ਲਵੋ ਅਤੇ ਨਿਚਲੀ ਛੱਡ ਦਿਓ ਇਸ ਉਪਰ ਦੁਬਾਰਾ ਰਸੋਈ ਜਾਂ ਐਗਰੋ ਵੇਸਟ ਦੀ 6 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਕੇ ਦੁਬਾਰਾ ਖਾਦ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ * 45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕਣਾ ਬੰਦ ਕਰਨ ਨਾਲ ਵੀ ਗੰਡੋਏ ਹੇਠਲੀ ਪਰਤ ਵਿਚ ਚਲੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਛਲਣੀ ਨਾਲ ਅਲੱਗ ਕਰਨ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਸਮਾਂ ਲਗਦਾ ਹੈ ਤਿਆਰ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਕਾਲੇ ਭੂਰੇ ਰੰਗ ਦੀ ਗੰਧ ਰਹਿਤ ਅਤੇ ਚਾਹ ਪੱਤੀ ਵਰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਹੇਠਾਂ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾ ਕੇ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਕ ਥੈਲੇ ਜਾਂ ਬੋਰੀਆਂ ਵਿਚ ਪਾ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਟਨ ਵਰਮੀ ਕੰਪੋਸਟ ਵਿੱਚ 1.0-1.5 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਨਾਈਟਰੋਜਨ, 5-10 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ 3.5-5.0 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਫਾਸਫੋਰਸ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਇੰਜਾਈਮਸ ਅਤੇ ਸੂਖਮ ਤੱਤ ਕਾਪਰ, ਆਇਰਨ, ਜ਼ਿੰਕ, ਸਲਫਰ, ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਆਦਿ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸਦਾ ਮੁਨਾਫ਼ਾ ਕਈ ਕਿਸਾਨ ਕਮਾ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਡਿਮਾਂਡ ਅਜਕਲ ਬਹੁਤ ਵੱਧ ਗਈ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਹੁਣ ਕਿਸਾਨ ਜੈਵਿਕ ਖੇਤੀ ਵੱਲ ਵੱਧ ਰਹੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Navpreet Singh
Punjab
29-04-2019 10:16 PM
Punjab
04-30-2019 08:00 AM
ਹਰੀ ਖਾਦ ਦਾ ਮਤਲਬ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਹਰੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਨੂੰ ਵਾਹ ਦੇਣਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿਚ ਜੰਤਰ ਮੂੰਗੀ ਗਵਾਰਾ ਸਣ ਵਰਗੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਫਸਲਾਂ ਨੂੰ ਪੱਕਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਵਾਹ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ Iਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚ NITROGEN ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਦੋ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਵਾਹਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਖੇਤ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਉਗਾਉਂਦੇ .... (Read More)
ਹਰੀ ਖਾਦ ਦਾ ਮਤਲਬ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਹਰੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਨੂੰ ਵਾਹ ਦੇਣਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿਚ ਜੰਤਰ ਮੂੰਗੀ ਗਵਾਰਾ ਸਣ ਵਰਗੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਫਸਲਾਂ ਨੂੰ ਪੱਕਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਵਾਹ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ Iਇਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿਚ NITROGEN ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਦੋ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚ ਵਾਹਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਨਾਲ ਖੇਤ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵੱਧ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਅੱਗੇ ਜੋ ਫ਼ਸਲ ਉਗਾਉਂਦੇ ਹੋ ਉਸ ਦਾ ਝਾੜ ਵਧੀਆ ਮਿਲਦਾ ਹੈ Ihari khaad ka
Posted by Navpreet Singh
Punjab
29-04-2019 10:13 PM
Rajasthan
04-30-2019 04:57 PM
Navpreet Singh ji gar layi sahiwal cow best hai ji.
Posted by Harpreet singh
Punjab
29-04-2019 09:48 PM
Punjab
05-03-2019 05:04 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਕੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ
Punjab
29-04-2019 09:48 PM
Punjab
04-30-2019 09:28 AM
ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ੍ੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਐਪ ਤੇ ਕਿਤੇ ਵੀ ਵੇਸ਼ਟ ਡੀਕੰਪੋਜਰ ਦੀ ਐਡ ਨਹੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਵੇਸਟ ਡੀਕੰਪੋਜ਼ਰ ਕਿਤੋ ਵੀ ਲਿਆਂਦਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਚਾਹੇ ਆਨਲਾਈਨ ਮੰਗਵਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇ, ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਮਨਾਹੀ ਨਹੀ ਹੈ, ਫਿਰ ਵੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਸਮਝਾਓ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਮੱਸਿਆਂ ਕਿੱਥੇ ਲੱਗ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੂਰਖ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਗੱਲ ਨਹੀ ਬਾਈ ਜੀ, ਐਪ ਸਾਰੇ ਕਿ.... (Read More)
ਬੇਅੰਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ੍ੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਐਪ ਤੇ ਕਿਤੇ ਵੀ ਵੇਸ਼ਟ ਡੀਕੰਪੋਜਰ ਦੀ ਐਡ ਨਹੀ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਵੇਸਟ ਡੀਕੰਪੋਜ਼ਰ ਕਿਤੋ ਵੀ ਲਿਆਂਦਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਚਾਹੇ ਆਨਲਾਈਨ ਮੰਗਵਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇ, ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਮਨਾਹੀ ਨਹੀ ਹੈ, ਫਿਰ ਵੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਗੱਲ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਸਮਝਾਓ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਮੱਸਿਆਂ ਕਿੱਥੇ ਲੱਗ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਮੂਰਖ ਬਣਾਉਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਗੱਲ ਨਹੀ ਬਾਈ ਜੀ, ਐਪ ਸਾਰੇ ਕਿਸਾਨ ਜ਼ਿਮੀਦਾਰ ਭਰਾਵਾਂ ਦੇ ਫਾਇਦੇ ਲਈ ਹੀ ਹੈ ਜੀ , ਬਾਕੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸਵਾਲ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਫੋਨ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Harpreet singh
Punjab
29-04-2019 09:46 PM
Punjab
05-03-2019 05:05 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
29-04-2019 09:46 PM
Haryana
05-02-2019 05:12 PM
HKR 47: ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ (ਪੈਦਾਵਾਰ) ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾਣੇ ਲੰਮੇ, ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਸੁਨਹਿਰੀ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਊਲੀ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਦੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚਲੀ ਸਲਾਬ (ਗਿੱਲਾਪਣ) ਪ੍ਰਭਾਵਤ ਕਰਦੀ ਹੈ
Posted by Harpreet singh
Punjab
29-04-2019 09:44 PM
Punjab
05-03-2019 05:07 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਝੋਨੇ ਅਤੇ ਬਾਸਮਤੀ ਦੇ ਰੇਟ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਹੀ ਤਹਿ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਬਾਰੇ ਹਾਲੇ ਕੁਛ ਵੀ ਕਿਹਾ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
29-04-2019 09:43 PM
Punjab
05-02-2019 03:21 PM
बिजाई से पहले 4.6 टन हरी खाद या रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें असिंचित और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में बिजाई के समय में नाइट्रोजन 20 किलो (44किलो यूरिया), डालें सिंचित और ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में बिजाई के एक महीने बाद नाइट्रोजन को दो भागों में पहली बिजाई के समय (यूरिया 44 किलो) और दूसरी (यूरिया 24 किलो) प्रति एकड़ .... (Read More)
बिजाई से पहले 4.6 टन हरी खाद या रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें असिंचित और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में बिजाई के समय में नाइट्रोजन 20 किलो (44किलो यूरिया), डालें सिंचित और ज्यादा वर्षा वाले क्षेत्रों में बिजाई के एक महीने बाद नाइट्रोजन को दो भागों में पहली बिजाई के समय (यूरिया 44 किलो) और दूसरी (यूरिया 24 किलो) प्रति एकड़ में डालें