
Posted by gurjeet kotli
Punjab
01-05-2019 06:26 AM
yeh fungus ke Karn ho rahe hai iske liye aap M-45@4gm ko prati liter Pani ke hisab se spray Karen.

Posted by ਅਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
01-05-2019 06:21 AM
Arvinder ji isde uper M-45@4 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by satish Yadav
Uttar Pradesh
01-05-2019 06:15 AM
Satish yadav ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap aam ke vare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di ja skee.
Posted by ਵਿਰਕ
Punjab
01-05-2019 05:18 AM
ਵਿਰਕ ਜੀ ਜਰਸੀ ਗਾ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ Sukhwinder Singh 9814057587, 9855621810 (Cheena Dairy Farm) ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by parvez alam
Uttar Pradesh
01-05-2019 04:32 AM
Parvej ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. dhanywad
Posted by Hasaanujjamal sk
Jharkhand
01-05-2019 02:57 AM
Hasaanujjamal sk ji aagar aap apni kheti app me jo rate nazar aate hai usko baat kar rahe hai to yeh rate woh hote hai jo govet ki taraf se update hote hai lekin local mandi ke hissab se yeh kam jeyada ho jate hai ji. rate to govt ne jari kiya hai wahi hote hai ji.

Posted by sekh Amirul Islam
West Bengal
01-05-2019 02:13 AM
Sekh Amirul Islam जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप अचल सिंह 9711858258 जी से संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by Satbir Singh
Haryana
01-05-2019 01:21 AM
satbir ji aap arandi ki kisam jaise GCH7, DCS 9, RHC1 ki bijai Kar sakte hai,
Posted by santosh
Maharashtra
30-04-2019 11:55 PM
mere farm se le sakte hai sohagpur dist Hoshangabad ( bamoriya pearl farm)

Posted by mayank
Bihar
30-04-2019 11:44 PM
खुम्ब की खेती अच्छे हवादार कमरे, शैड, बेसमैंट, गैरेज आदि में की जा सकती है पैडी स्ट्रॉ खुम्ब को बाहर शैड वाले स्थान पर उगाया जा सकता है भारत में तीन प्रकार के खुम्ब को उगाया जा सकता है बटन खुम्ब इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन ह.... (Read More)
खुम्ब की खेती अच्छे हवादार कमरे, शैड, बेसमैंट, गैरेज आदि में की जा सकती है पैडी स्ट्रॉ खुम्ब को बाहर शैड वाले स्थान पर उगाया जा सकता है भारत में तीन प्रकार के खुम्ब को उगाया जा सकता है बटन खुम्ब इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है इसका ताजा और डिब्बा बंद उपभोग किया जा सकता है इसकी औषधीय विशेषताएं हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेष, तामिलनाडू और कर्नाटक मुख्य खुम्ब उगाने वाले राज्य हैं यू पी में खुम्ब को उगाने के लिए नवंबर से मार्च का महीना उपयुक्त होता है अच्छी वृद्धि के लिए इसे 22-25 डिगरी सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है और खुम्ब निकलते समय इसे 14-18 डिगरी सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है स्ट्रॉ खुम्ब यह पूरे विश्व में उगाई जाने वाली तीसरी सबसे प्रसिद्ध किस्म है इसे कपास के व्यर्थ मिश्रण के साथ पराली की छोटी मात्रा के ऊपर उगाया जाता है यह छोटे आकार की खुम्ब होती हैं जो कि कोण के आकार की होती हैं इसकी टोपी ऊपर से गहरे भूरे रंग की होती है भारत में इसकी तीन प्रजातियां हैं V. diplasia, V. volvacea and V. esculenta इन प्रजातियों के अलावा उत्तर प्रदेश में Volvariella volvacea की खेती की जाती है इसे “चाइनीज़” या “पैडी” खुम्ब के रूप में भी जाना जाता है इन्हें बड़े स्तर पर उष्णकटिबंधीय और उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है इन्हें 35 डिगरी सेल्सियस के तापमान पर उगाया जा सकता है इस किस्म की खुम्ब की खेती के लिए अप्रैल से सितंबर का समय उपयुक्त होता है ओइस्टर खुम्ब या ढींगरी खुम्ब यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है स्पान (बीज) की तैयारी सबस्ट्रेट की तैयारी सबस्ट्रेट की स्पॉनिंग फसल का प्रबंधन स्पान की तैयारी स्पान / खुम्ब के बीजों की तैयारी ये बाज़ार में उपलब्ध होते हैं इन्हें खेत में भी तैयार या उत्पादन किया जा सकता है ताजे तैयार किए हुए खुम्ब के बीज प्रयोग के लिए सबसे अच्छे होते हैं सबस्ट्रेट की तैयारी खुम्ब की खेती बडी़ मात्रा में खेत के व्यर्थ पदार्थ और अन्य सामग्री जैसे व्यर्थ कागज़, कपास का व्यर्थ पदार्थ, अनाज की पराली आदि पर की जा सकती है धान की पराली और गेहूं की पराली मुख्य तौर पर प्रयोग होने वाली सामग्री हैं जिनका प्रयोग सब्स्ट्रेट की तैयारी के लिए किया जाता है ओइस्टर को पॉलीथीन बैग में उगाया जाता है कार्बेनडाज़ि़म 7 ग्राम के साथ फॉरमालीन 125 मि.ली. को 100 लीटर पानी में मिलाकर डालें और एक मिश्रण तैयार करें ऊपर दिए गए मिश्रण में 20 किलो गेहूं की पराली डालें और इसे 18 घंटे के लिए रख दें 18 घंटों के बाद गेहूं की पराली को हटा दें और इसे एक सतह पर रखें और इसमें से अतिरिक्त पानी को निकाल दें गेहूं की पराली में 2 प्रतिशत बीज डालें और इस मिश्रण को 15x12 इंच के पॉलीथीन बैग में भरें पॉलीथीन बैग 2 मि.मी. अर्द्ध व्यास से छिद्रित हो हवा परिसंचरण के लिए पूरी सतह पर लगभग 4 सैं.मी. के छेद हों उसके बाद बैग को 80-85 प्रतिशत आर्द्रता वाले कमरे में शैल्फ पर रखें कमरे का तापमान 24-26 डिगरी सेल्सियस होना चाहिए बैगों को सुरक्षित जगह पर रखें और पानी के छिड़काव द्वारा इनमें नमी बनाए रखें पराली पर सफेद रंग की सूती माइसीलियम विकसित हो जाती है गेहूं की पराली अपना रंग बदलकर भूरे रंग की हो जाती है और आवाज करती है और सिकुड़ जाती है इस अवस्था में पॉलीथीन को काट कर निकाल दें पॉलीथीन में पराली सिकुड़ जाती है और बेलनाकार हो जाती है इन बेलनाकार पराली के आकार को शैल्फ पर लगाएं और इनमें पानी के छिड़काव द्वारा नमी बनाए रखें स्पॉनिंग के 18-20 दिन बाद पहली खुम्ब दिखनी शुरू हो जाती है एक सप्ताह के अंतराल पर दो से तीन खुम्ब दिखनी शुरू हो जायेंगी जब खुम्ब की टोपी मुड़ना शुरू हो जाये तो खुम्ब की तुड़ाई कर लें तुड़ाई के लिए तीखे चाकू का प्रयोग करें और इसे उंगलियों से मरोड़ कर भी तोड़ा जा सकता है इसे ताजा भी खाया जा सकता है या धूप में या मशीनी ड्रायर से सुखाकर इसका प्रयोग किया जा सकता है 45-60 दिनों के अंदर अंदर एक टन सूखी पराली से 500 किलो से ज्यादा ताजी खुम्ब प्राप्त की जा सकती है

Posted by vijyendra singh
Madhya Pradesh
30-04-2019 11:31 PM
Super sweet corn is a warm season crop. It germinates best at the temperature range from 20°C - 25°C.It can be sown from last week of may to end of june.
Posted by मौ0 आसिफ
Uttar Pradesh
30-04-2019 11:25 PM
मौ. आसिफ जी इस जमीन पे आप मोरिंगा (सहजन) की खेती कर सकते है इस की खेती की पूरी जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से संपर्क करें

Posted by Avatar
Uttar Pradesh
30-04-2019 11:24 PM
यू पी में गन्ने की खेती का उपयुक्त समय बसंत का मौसम है फरवरी से मार्च गन्ने की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय है
Posted by मौ0 आसिफ
Uttar Pradesh
30-04-2019 11:18 PM
मौ. आसिफ जी जिस प्रकार आप बता रहे उस के हिसाब से आप की फसल बहुत अच्छी है तो अभी आपको इसमें कुछ भी डालने के जरूरत नहीं है

Posted by sarthak
Madhya Pradesh
30-04-2019 10:53 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र सोहागपुर 461771 SGP जिला होशंगाबाद मध्य प्रदेश व्यापार में साझेदार बने कमाए लाखो

Posted by avin
Chattisgarh
30-04-2019 10:30 PM
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरक.... (Read More)
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र सोहागपुर 461771 SGP जिला होशंगाबाद मध्य प्रदेश व्यापार में साझेदार बने कमाए लाखो
Posted by शिव शंकर कुमार
Bihar
30-04-2019 10:24 PM
शिव शंकर कुमार जी यह बताएं कि आप के खेती की मिट्टी किसी है उसी के हिसाब से आप को जानकारी दी जाएगी
Posted by शिव शंकर कुमार
Bihar
30-04-2019 10:21 PM
शिव शंकर कुमार जी किर्प्या अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप अनाज के बारे में पुश रहे है फलो के बारे में जा सब्जिओ के बारे में ता जो आप को पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Gurlal Singh
Punjab
30-04-2019 10:18 PM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਲਈ ਜੇਕਰ ਕੌੜ ਤੁੰੰਮੇ ਮਿਲ ਜਾਣ ਤਾਂ 2 ਕੌੜਤੁੰਮੇ ਇੱਕ ਦਿਨ ਛੱਡ ਕੇ ਖਵਾਓ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕੌੜਤੁੰਮੇ ਦਾ ਚੂਰਨ ਮਿਲਜੇ ਉਹ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਵਧੀਆ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਲਿਵਰਟੋਨਿਕ ਜਰੂਰ ਪਿਆਓ ਜਿਵੇ liv52 ਵਧੀਆ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ.ਇਸ ਨਾਲ ਭੁੱਖ ਵੀ ਲਗਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਵੀ ਵਧਿਆ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ.

Posted by Manohar Lal
Punjab
30-04-2019 10:00 PM
मनोहर लाल जी यह फंगस के कारण हो रहा है, इसके लिए आप M-45 @4 ग्राम या carbendazim@3 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें और इसको 15 दिन के बाद फिर दोहराएं, धन्यवाद

Posted by Devendra
Madhya Pradesh
30-04-2019 09:54 PM
काली मिर्च की खेती के लिए आप यह वीडियो का लिंक देख सकते है https://www.youtube.com/watch?v=-WHdJzs8Mo8
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
30-04-2019 09:44 PM
ਸ੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਜਿਪਸਮ ਖੇਤ ਦੇ pH ਨੂੰ ਠੀਕ ਕਰਨ ਲਈ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਵਿੱਚ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾ ਲਓ ਜੀ

Posted by sukhjinder s
Punjab
30-04-2019 09:43 PM
Os nu Injection Terramycin 9ml slow IV lwao Injection Trineurosol-Hp 1ml Injection Nurokind plus 3ml Injection Dolban-plus vet 2ml rojana 3 din lwao ji

Posted by gurkirat Sandhu
Punjab
30-04-2019 09:36 PM
Chari di kisam Sudex 4 da kadh lamba ate patte chaude hunde han. eh 3-4 cut de dindi hai. dhanwad
Posted by lovely bains
Uttar Pradesh
30-04-2019 09:36 PM
Lovely Bains ji kirpa karke apna swal visthar nal pusho ta jo tuhanu puri jankari diti ja sake, Tuhade swal di pushti karan lai tuhanu call vi kiti gaee si par tuhada fone Out Of Network ah reha c. Dhanwad.

Posted by बिपीन कुमार
Punjab
30-04-2019 09:35 PM
विपिन कुमार जी आप सरकारी जॉब के लिए तयारी कर सकते है हर साल ADO की vacancy निकलती है जिसके लिए आप अप्लाई कर सकते है इसके इलावा आप प्राइवेट सेक्टर में भी अप्लाई कर सकते है
Posted by Vishnu Beniwal
Uttar Pradesh
30-04-2019 09:34 PM
Isko aap zyada wash naa krre. Thankyou.

Posted by Ravinder Singh
Punjab
30-04-2019 09:33 PM
Ravinder Singh ji 305 jhone di Hybrid kisam hai jo Seed Works International Pvt. Ltd. , Hyderabad valo tyar kiti kisam hai is da pura name US 305 hai, Eh kisam pakan vich 130-135 dil lendi hai ate is di height 110cm hundi hai.

Posted by amritpal singh
Punjab
30-04-2019 09:24 PM
PR 111: ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ, ਸਿੱਧੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਬਿਲਕੁਲ ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਸਾਫ਼ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੀਲੀਏ (ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ) ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 27 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ

Posted by amritpal singh
Punjab
30-04-2019 09:23 PM
PR 118: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ, ਸਿੱਧੀਆਂ ਮੁੰਜਰਾਂ (ਸਿੱਟਿਆਂ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਗਰਦਨ ਤੋੜ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਪਕਾਉਣ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ

Posted by amritpal singh
Punjab
30-04-2019 09:23 PM
212: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਝਾੜ 30-32 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਕੱਦ 104-105 ਸੈਟੀਮੀਟਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 20 ਮਈ ਤੱਕ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਸਦੇ ਪੱਕਣ ਦਾ ਸਮਾਂ 135 -145 ਦਿਨ ਹੈ

Posted by amritpal singh
Punjab
30-04-2019 09:22 PM
Amritpal Singh 125 jhone di kisam PAU valo sifarish nai hai. Sifarish kisma bare jankari liye Answer nal diti Photo dekho.

Posted by sarbjeet singh
Punjab
30-04-2019 09:22 PM
Sarbjeet singh ji jekar ohh ehh Treatment krnn ton badd heat vich nahi ayia tan tuci ohna nu Vetmate injection 2ml lgwao, isda 72 hours tak assar rehnda hai iss nal heat vich aa jangia, jekar ek varr lgaun te heat vich naa awee tan hafte badd dubara repeat kro ji, ehh vetcare company da product hai.
Posted by Ramnarayan
Madhya Pradesh
30-04-2019 09:22 PM
इस तरीके के अनुसार जब पशु को क्रॉस करवाया या टीका भरवाये 40 दिन हो जायें तो उसके बाद पशु के पेशाब को खुले बर्तन में डाल लें और उसमें 1 चम्मच सरसों का तेल डाल दें इसके बाद ध्यान से चैक करें यदि सरसों का तेल उसमें एक टिक्की की तरह जम जाये तो पशु ठहर गया है पर यदि तेल की बूंदें बिखर जायें तो समझ लें कि पशु खाली है

Posted by amritpal singh
Punjab
30-04-2019 09:22 PM
peeli pusa, pusa 44, dogar pusa saria kisma ikk dujo ton hi tyaar kitia gyia hnn. jhaad sbh da ikk brabar hai. 90 man tak ihna da jhad chla janda hai ate ihh kisma pakkan de lyi 155-160 dina da sma laindia hnn.

Posted by amritpal singh
Punjab
30-04-2019 09:20 PM
Amritpal Singh 125 jhone di kisam PAU valo sifarish nai hai. Sifarish kisma bare jankari lai Answer nal diti Photo dekho.
Posted by Gurdeep Saharan
Haryana
30-04-2019 09:11 PM
बिजाई का समय
बीज को जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह में बोया जाता है और सितंबर के पहले सप्ताह से मध्य अक्तूबर तक रोपाई की जाती है
फासला
पौधे से पौधे में 1.5x1.5 मीटर फासले का प्रयोग करें
बीज की गहराई
बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें
बिजाई का ढंग
नर्सरी तैयार की जाती है
नए पौधों को 25x10 सैं.मी. .... (Read More)
बिजाई का समय
बीज को जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह में बोया जाता है और सितंबर के पहले सप्ताह से मध्य अक्तूबर तक रोपाई की जाती है
फासला
पौधे से पौधे में 1.5x1.5 मीटर फासले का प्रयोग करें
बीज की गहराई
बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें
बिजाई का ढंग
नर्सरी तैयार की जाती है
नए पौधों को 25x10 सैं.मी. लंबाई, चौड़ाई वाले पॉलीथीन के बैगों में तैयार किया जाता है इन पॉलीथीन बैगों में पानी के उचित निकास के लिए निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्ध व्यास के 8-10 छेद करें रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत के समान अनुपात से पॉलीथीन बैगों को भरें मुख्य तौर पर पॉलीथीन बैग में जुलाई के दूसरे सप्ताह से सितंबर के तीसरे सप्ताह तक बीज को बोया जाता है बिजाई से पहले, कप्तान 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें नये निकले पौधों को उखेड़ा रोग से बचाने के लिए कप्तान 0.2 प्रतिशत का मिट्टी में छिड़काव करें नए पौधों की रोपाई सितंबर-अक्तूबर महीने में की जाती है

Posted by vipin Gujjar
Uttar Pradesh
30-04-2019 09:07 PM
तना छेदक की रोकथाम के लिए नाइट्रोजन का अत्याधिक प्रयोग ना करें खेत को साफ सुथरा रखें पानी के निकास का उचित प्रबंध करें गर्दन तोड़ से फसल को बचाने के लिए मेंड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं रासायनिक नियंत्रण बहुत कम प्रभावशाली है मित्र कीट कुटेशिया फ्लेवाइपस की 800 मादा प्रति एकड़ एक सप्ताह के फासले पर जुलाई से नवंबर तक .... (Read More)
तना छेदक की रोकथाम के लिए नाइट्रोजन का अत्याधिक प्रयोग ना करें खेत को साफ सुथरा रखें पानी के निकास का उचित प्रबंध करें गर्दन तोड़ से फसल को बचाने के लिए मेंड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं रासायनिक नियंत्रण बहुत कम प्रभावशाली है मित्र कीट कुटेशिया फ्लेवाइपस की 800 मादा प्रति एकड़ एक सप्ताह के फासले पर जुलाई से नवंबर तक प्रति एकड़ में छोड़ें

Posted by manjinder singh
Punjab
30-04-2019 09:07 PM
makki di growth de layi tuc hoshi@400ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad
Posted by Aadarsh
Uttar Pradesh
30-04-2019 09:03 PM
Aadarsh ji yeh annda tutne ke karan hota hai,isme darne wali batt nahi hai app apne pashu ko Pregstay gold powder 50gm rojana dena suru kren aur 20 din tak dete rehen, iske sath pashu ke gabhin rehne ki ass vaddh jatti hai.

Posted by yashraj Singh shaktawat
Rajasthan
30-04-2019 09:00 PM
बिजाई का समय
सोयाबीन की बुवाई के लिए जून का पहला पखवाड़ा सबसे अच्छा है
Posted by Ashish mallik
Odisha
30-04-2019 08:56 PM
आदरणीय मित्रो
11मई को आयोजित
मोती पालन एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग
( मोती पालन प्रशिक्षण एवं मोती पालन के साथ होने वाले व्यवसायों की जानकरी )
प्रशिक्षण में आपका स्वागत है
प्रशिक्षण उपरांत
संस्था की और से आप सभी को
निम्निलिखित उपहार भेट किये जायेंगे .
1) मोती पालन की किताब
2)सेम्पल मटेरियल
3) वनौषधि की कि.... (Read More)
आदरणीय मित्रो
11मई को आयोजित
मोती पालन एवं इंटीग्रेटेड फार्मिंग
( मोती पालन प्रशिक्षण एवं मोती पालन के साथ होने वाले व्यवसायों की जानकरी )
प्रशिक्षण में आपका स्वागत है
प्रशिक्षण उपरांत
संस्था की और से आप सभी को
निम्निलिखित उपहार भेट किये जायेंगे .
1) मोती पालन की किताब
2)सेम्पल मटेरियल
3) वनौषधि की किताब
4)स्टेविआ का पौधा
5)हाफ राउंड मोती
6)सर्टिफिकेट
7) लाइफ टाइम सपोर्ट
8) संस्था के साथ व्यापर की जानकारी आदि
कृपया नामांकन कराये
अधिक जानकरी के लिए संपर्क. करे अमित बमोरिया 9770085381
सुलक्षणा बमोरिया
9584120929

Posted by Pardeep singh
Punjab
30-04-2019 08:39 PM
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ:- ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਦੀ ਫਸਲ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਅੰਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੇਬੀ ਕੋਰਨ ਦਸੰਬਰ-ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਹਾੜੀ ਅਤੇ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਸਵੀਟ ਕੌਰਨ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਫਾਸਲਾ : -ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਸਰੋਤਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਵ.... (Read More)
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ:- ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਇਹ ਫਸਲ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਜੂਨ ਵਿੱਚ ਮਾਨਸੂਨ ਆਉਣ ਤੇ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਦੀ ਫਸਲ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਅੰਤ ਤੋਂ ਅੰਤ ਮਾਰਚ ਤੱਕ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੇਬੀ ਕੋਰਨ ਦਸੰਬਰ-ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਹਾੜੀ ਅਤੇ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਰੁੱਤ ਸਵੀਟ ਕੌਰਨ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
ਫਾਸਲਾ : -ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਸਰੋਤਾਂ ਦੀ ਸਹੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਸਹੀ ਫਾਸਲਾ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ
1) ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਮੱਕੀ ਲਈ:- 60x20 ਸੈਂ.ਮੀ.
2) ਸਵੀਟ ਕੌਰਨ:- 60x20 ਸੈਂ.ਮੀ.
3) ਬੇਬੀ ਕੋਰਨ :- 60x20 ਸੈਂ.ਮੀ. ਜਾਂ 60x15 ਸੈਂ.ਮੀ.
4) ਪੋਪ ਕੌਰਨ:- 50x15 ਸੈਂ.ਮੀ.
5) ਚਾਰਾ:- 30x10 ਸੈਂ.ਮੀ.
ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ: - ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ 3-4 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਸਵੀਟ ਕੌਰਨ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 2.5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾਈ ਵਿੱਚ ਕਰੋ
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ :- ਬਿਜਾਈ ਹੱਥੀਂ ਟੋਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਜਾਂ ਆਧੁਨਿਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਟ੍ਰੈਕਟਰ ਅਤੇ ਸੀਡ ਡਰਿੱਲ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਵੱਟਾਂ ਬਣਾ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ :- ਬੀਜ ਦਾ ਮਕਸਦ, ਬੀਜ ਦਾ ਆਕਾਰ, ਮੌਸਮ, ਪੌਦੇ ਦੀ ਕਿਸਮ, ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਆਦਿ ਬੀਜ ਦੀ ਦਰ ਨੂੰ ਪ੍ਰਭਾਵਿਤ ਕਰਦੇ ਹਨ
1) ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਮੱਕੀ ਲਈ:- 8-10 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ
2) ਸਵੀਟ ਕੌਰਨ:- 8 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ
3) ਬੇਬੀ ਕੌਰਨ:- 16 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ
4) ਪੌਪ ਕੌਰਨ:- 7 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ
5) ਚਾਰਾ:- 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ

Posted by chetpal
Punjab
30-04-2019 08:20 PM
ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾ ਦਿਓ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ ਰਹਾਈਜ਼ੋਮਸ (ਗੰਢੀਆਂ ) ਨੂੰ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ 20 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ .... (Read More)
ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਇਸ ਨੂੰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਾਲ ਵੀ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾ ਦਿਓ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 35-45 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਓ ਰਹਾਈਜ਼ੋਮਸ (ਗੰਢੀਆਂ ) ਨੂੰ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ 20 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 2.5 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਟਰਾਅ ਮਲਚ ਪਾਓ ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 3 ਸੈ:ਮੀ: ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਹੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿੱਧੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਕੇ ਜਾਂ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਾਫ-ਸੁਥਰੇ ਤਾਜ਼ੇ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀ ਰਹਿਤ ਰਹਾਈਜ਼ੋਮਸ (ਗੰਢੀਆਂ) ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰੋਂ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 6-8 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਤੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕੁਇਨਲਫੋਸ 25 ਈ ਸੀ ਨੂੰ 20 ਮਿ.ਲੀ. + ਕਾਰਬੈਂਡਾਜ਼ਿਮ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਸੋਧੋ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਗੰਢੀਆਂ ਨੂੰ 20 ਮਿੰਟ ਲਈ ਇਸ ਘੋਲ ਵਿੱਚ ਡੋਬੋ ਤਾਂ ਕਿ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਉੱਲੀ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ

Posted by Gurtaj singh
Punjab
30-04-2019 08:15 PM
Gurtaj singh ਜੀ ਪਨੀਰੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੁਸੀ 20 ਮਈ ਨੂੰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 20 ਜੂਨ ਤੋਂ ਬਾਦ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by PRASANTA SAHA
West Bengal
30-04-2019 08:05 PM
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्ध.... (Read More)
मोती पालन के फायदे -
मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो ..
(1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख
(2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि
(3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद
(4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना
(5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है
(6) आसपास के लोगो को रोजगार
अधिक जानकारी संपर्क करे
..अमित बमोरिया
9407461361
9770085381
बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र
मध्य प्रदेश
https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
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