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Posted by Yougesh Kumar
Uttar Pradesh
08-05-2019 08:22 AM
Punjab
06-06-2019 12:10 PM
Yogesh ji kripya btaye ke aapke khet men konsa keet lga hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by pradeep
Uttar Pradesh
08-05-2019 08:14 AM
Punjab
06-06-2019 12:04 PM
प्रदीप जी आप दीमक की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos@ 1 लीटर को 60 किलो मिट्टी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा दें
Posted by ਇਕਬਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
08-05-2019 08:12 AM
Punjab
06-06-2019 11:57 AM
ਜੇਕਰ ਫਲ ਡਿਗ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰ planofix 4 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਉੱਪਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਹ ਸਪਰੇ ਫਲ ਝੜਨ ਤੋਂ ਰੋਕਦੀ ਹੈ I
Posted by gurpreet singh
Punjab
08-05-2019 08:11 AM
Punjab
05-08-2019 02:42 PM
Tuci usdi bachedani vich utrawin-oz dwai nu 3 din lagatr bhrwao, isde nal tuci Agrimin super powder 100gm rojana ate Concimax bolus 1-1 goli swere sham deo ate 14 din tak dinde rho fir agli varr heat vich aaun te uss nu tikka bhrwa ke ehh golia 14 din tak rojana 1 goli deo, iss trah rehh jawegi ..
Posted by gurpreet singh
Punjab
08-05-2019 08:10 AM
Punjab
05-08-2019 02:42 PM
tuci usdi bachedani vich utrawin-oz dwai nu 3 din lagatr bhrwao, isde nal tuci Agrimin super powder 100gm rojana ate Concimax bolus 1-1 goli swere sham deo ate 14 din tak dinde rho fir agli varr heat vich aaun te uss nu tikka bhrwa ke ehh golia 14 din tak rojana 1 goli deo, iss trah rehh jawegi ..
Posted by ਭਿੰਦਾ
Punjab
08-05-2019 08:07 AM
Punjab
05-08-2019 09:16 AM
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਦੀਆਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕਿਸਮਾਂ:-PR-126:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ 123 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR:-127 ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 137 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ PR121 ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR 124 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 135 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਭੂਰੇ ਧੱਬੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਜਿਆਦਾ ਆਉਂਦਾ ਹੈ PR 122 ਇਹ ਕਿਸਮ 147 ਦਿਨ ਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PR 123 ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 143 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ PR-114 ਇਹ ਕਿਸਮ ਨਿਰਯਾਤ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀਂ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 27.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Satnam Singh
Punjab
08-05-2019 07:50 AM
Maharashtra
05-14-2019 12:23 PM
Satnam ji isdi paniri laun da sma 15 june to bad da hai.
Posted by mo.fayyaz
Uttar Pradesh
08-05-2019 07:49 AM
Punjab
06-06-2019 11:55 AM
Kripya aap btaye ke khet men konsa keet hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by rajendra
Rajasthan
08-05-2019 07:47 AM
Maharashtra
06-06-2019 11:54 AM
अमेरिकन कपास का बीज हल्के रेशे से ढका होता है इसके रेशे को बिजाई से पहले हटा दें, ताकि बिजाई के समय कोई मुश्किल का सामना ना करना पड़े इसे रासायनिक और कुदरती दोनों ढंग से हटाया जा सकता है कुदरती ढंग से रेशा हटाने के लिए बीजों को पूरी रात पानी में भिगोकर रखें, फिर अगले दिन गोबर और लकड़ी के बुरे या राख से बीजों को मस.... (Read More)
अमेरिकन कपास का बीज हल्के रेशे से ढका होता है इसके रेशे को बिजाई से पहले हटा दें, ताकि बिजाई के समय कोई मुश्किल का सामना ना करना पड़े इसे रासायनिक और कुदरती दोनों ढंग से हटाया जा सकता है कुदरती ढंग से रेशा हटाने के लिए बीजों को पूरी रात पानी में भिगोकर रखें, फिर अगले दिन गोबर और लकड़ी के बुरे या राख से बीजों को मसलें फिर बिजाई से पहले बीजों को छांव में सुखाएं रासायनिक ढंग बीज के रेशे पर निर्भर करता है शुद्ध सल्फियूरिक एसिड (उदयोगिक ग्रेड) अमेरिकन कपास के लिए 400 ग्राम प्रति 4 किलो बीज और देसी कपास के लिए 300 ग्राम प्रति 3 किलो बीज को 2-3 मिनट के लिए मिक्स करें इससे बीजों का सारा रेशा उतर जायेगा फिर बीजों वाले बर्तन में 10 लीटर पानी डालें और अच्छी तरह से हिलाकर पानी निकाल दें बीजों को तीन बार सादे पानी से धोयें और फिर चूने वाले पानी (सोडियम बाइकार्बोनेट 50 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी) से एक मिनट के लिए धोयें फिर एक बार दोबारा धोयें और छांव में सुखाएं रासायनिक ढंग के लिए धातु या लकड़ी के बर्तन का प्रयोग ना करें, बल्कि प्लास्टिक का बर्तन या मिट्टी के बने हुए घड़े का प्रयोग करें इस क्रिया को करते समय दस्तानों का प्रयोग जरूर करें बीजों को रस चूसने वाले कीटों के हमले से बचाने के लिए (15-20 दिनों तक) इमिडाक्लोप्रिड (कॉन्फीडोर) 5-7 मि.ली. या थायामेथोक्सम(क्रूज़र) 5-7 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें
Posted by Ravindra Singh Tanwar Sultana
Rajasthan
08-05-2019 07:41 AM
Punjab
05-08-2019 02:51 PM
थारपारकर गाय लेने के लिए आप Balu Ram Bishnoi 9983832329 (Bishnoi dairy farm) से संपर्क कर सकते है इनसे आप रेट के बारे में भी पूरी जानकारी मिल जाएगी
Posted by parbhpreet singh
Punjab
08-05-2019 07:35 AM
Punjab
05-11-2019 07:26 PM
Poori jaankari lyi kirpa krke podhe di photo bhejo ji
Posted by Ravindra Singh Tanwar Sultana
Rajasthan
08-05-2019 07:33 AM
Punjab
05-16-2019 04:23 PM
इसके लिए आप डॉ. p meena जी से 7597104404 नंबर पर संपर्क करे वह आपको गाइड कर सकते है जी
Posted by Rajwinder Rishi
Punjab
08-05-2019 07:27 AM
Maharashtra
06-06-2019 11:51 AM
rajwinder ji isde uper mashar da hamla check karo jekar maujood hai ta tuc isde uper imidacloprid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by ਸਕੱਤਰ ਸਿੰਘ
Punjab
08-05-2019 07:15 AM
Haryana
05-10-2019 04:40 PM
ਸਕੱਤਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 15 ਮਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ PR 121: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ )ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚਲੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਲਾਬ (ਗਿੱਲੇਪਣ) ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਲੰਮੇ ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਝੁ.... (Read More)
ਸਕੱਤਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 15 ਮਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ PR 121: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ )ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚਲੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਲਾਬ (ਗਿੱਲੇਪਣ) ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਲੰਮੇ ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by lovepreet singh
Punjab
08-05-2019 07:09 AM
Punjab
05-27-2019 07:08 PM
Lovepreet ji kirpa karke apna swal visthar nal pusho ke plant kis cheej de ne ho sake ta apne swal nal photo bhejo ji ta jo tuhanu sahi jankari diti ja sake. Thankyou.
Posted by Rajwinder Rishi
Punjab
08-05-2019 07:07 AM
Haryana
05-11-2019 06:34 PM
ਤੁਸੀ ਨਰਮੇ ਦੀਆਂ BUNTY, SHRIRAM 6588, 6488, Ankur 3028, RCH 134(Rasi), RCH 650(Rasi), Rasi 653, Rasi 776. Rasi 773 , US 51 , US 71, BAYER da 7172, 7272 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋI
Posted by raghvir singh
Punjab
08-05-2019 06:52 AM
Punjab
05-14-2019 01:09 PM
Raghvir Singh ji is vaar jhona laon di date 13 june hai. Thankyou.
Posted by rampal singh
Rajasthan
08-05-2019 06:37 AM
Punjab
06-06-2019 11:48 AM
Rampal ji kripya aap apna swal vitsar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanyvad
Posted by ਕਲਵੰਤ ਸਿਘ
Punjab
08-05-2019 06:32 AM
Haryana
05-08-2019 05:59 PM
कुलवंत सिंह जी एक एकड़ में 8 किलो बीज पड़ता है
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
08-05-2019 06:02 AM
Punjab
05-13-2019 06:09 PM
Sarabjit Singh ਜੀ 8kg ਬੀਜ ਲਈ 3 ਮਰਲੇ ਜਗ੍ਹਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ (ਭਾਵ ਏਕੜ ਲਈ ਪਨੀਰੀ) 60kg ਬੀਜ ਲਈ 22.5 ਮਰਲੇ ਜਾਂ 202.5 ਵਰਗ ਕਰਮ ਜਗ੍ਹਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੋਵੇਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by narinder dhillon
Punjab
08-05-2019 04:04 AM
Punjab
05-08-2019 02:46 PM
ਇਸ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦਾ ਪੂਰਾ ਵਿਕਾਸ ਨਾ ਹੋਣਾ, ਉਸਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਨਾ ਹੋਣਾ, ਉਸਦੀ ਖੁਰਾਕ ਵਿਚ ਕਮੀ ਹੋਣਾ, ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦਾ ਕਮਜ਼ੋਰ ਹੋਣਾ ਜਾਂ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖਣਿਜ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ. ਇਹਨਾਂ ਕੁਝ ਕਾਰਨਾਂ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਗੱਭਣ ਹੋਣ ਵਿਚ ਦੇਰ ਕਰਦਾ ਹੈ .
Posted by shubham maurya
Uttar Pradesh
08-05-2019 12:21 AM
Punjab
06-06-2019 11:47 AM
शुभम जी मूली की जड़ में कीट की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos@1 लीटर को 60 किलो मिट्टी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छींटा दें
Posted by Arun Dixit
Uttar Pradesh
07-05-2019 11:38 PM
Rajasthan
05-08-2019 02:48 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा वैसे जानकारी के लिए बता दे के बढे स्तर पर डेयरी फार्म शुरू करने के लिए सबसे पहले किसी सफल डेयरी फार्मर की डेयरी पर कुछ दिन तक रहकर इस काम की बारीकियों को जानें क्योंकि कुछ बातों का ज्ञान सिर्फ खुद काम को देखकर ही पता चलता है बाकी कुछ और बातें आपसे शेयर कर रहे हैं आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Gursahib_Sandhu
Punjab
07-05-2019 11:11 PM
Punjab
05-11-2019 03:32 PM
gursahib ji chare de layi makki da beej 30 killo prati acre de hisab nal khet vich painda hai.dhanwad
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
07-05-2019 11:06 PM
Punjab
05-08-2019 10:02 AM
PR 118: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ, ਸਿੱਧੀਆਂ ਮੁੰਜਰਾਂ (ਸਿੱਟਿਆਂ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਗਰਦਨ ਤੋੜ ਨੂੰ ਸਹਿਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕਿ ਪਕਾਉਣ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 29 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by kulveer singh
Punjab
07-05-2019 10:29 PM
Haryana
05-10-2019 02:19 PM
peeli pusa pakkan de layi 155 din da sma laindi hai.isda jhaad 90 mann nikal aunda hai.dhanwad
Posted by ਜਗਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-05-2019 10:15 PM
Haryana
05-10-2019 02:21 PM
ਜਗਜੀਤ ਜੀ ਪੀਲੀ ਪੂਸਾ ਦਾ ਝਾੜ ਰੇਤਲੇ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਘੱਟ ਨਿਕਲਦਾ ਹੈ ਰੇਤਲੇ ਵਾਹਨ ਦੇ ਵਿਚ ਤੁਸੀ ਸਵਾ 200 ਸਵਾ 127, 27p31 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-05-2019 10:13 PM
Punjab
05-11-2019 03:33 PM
CR 212 ਦੀ ਬਿਜਾਈ 13 ਜੂਨ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by vikash kumar
Rajasthan
07-05-2019 10:03 PM
Punjab
05-11-2019 03:34 PM
लौकी के बीज 10 से 14 दिन में पुँगरना शुरू कर देते है धनयवाद
Posted by jagtar
Punjab
07-05-2019 10:00 PM
Maharashtra
05-11-2019 03:35 PM
jagtar ji mirch de uper keet da hamla hai isde layi tuc malathion@2.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Shankarlal Sahu
Chattisgarh
07-05-2019 09:57 PM
Punjab
05-08-2019 10:16 AM
शंकर लाल साहू जी कृपया आप खेती और पशु पालन के बारे में ही सवाल पूछें, धन्यवाद
Posted by aman deep
Punjab
07-05-2019 09:51 PM
Punjab
06-06-2019 11:45 AM
Amandeep ji kirpa karke isda poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Kuldeep sidhu
Punjab
07-05-2019 09:34 PM
Punjab
05-11-2019 03:37 PM
Kuldeep ji jekar tuc kanak vich DAP di sifarih matra payi c ta tuhanu jhone vich SSP ja DAP paun di lod nahi hai. SSP phosphorus tat di kami nu poora kardi hai. potash nu tuc khet di tyari de same pa sakde ho.dhanwad
Posted by Nilesh
Rajasthan
07-05-2019 09:32 PM
Maharashtra
05-11-2019 03:39 PM
Organic and biodynamic are very similar; both are grown without chemicals and GMOs. ... The main difference between organic and biodynamic is that biodynamic farming uses different principles that add vitality to the plant, soil and/or livestock, whereas traditional farming typically deteriorates the soil.
Posted by Ramanpreet Singh
Punjab
07-05-2019 09:29 PM
Punjab
05-11-2019 03:39 PM
ਰਮਨ ਜੀ ਸਰੋਂ ਦਾ ਰੇਟ 4200 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kulvinder
Punjab
07-05-2019 09:28 PM
Punjab
05-11-2019 03:41 PM
ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਹੜੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by manjinder singh
Punjab
07-05-2019 09:23 PM
Punjab
05-11-2019 10:19 PM
manjinde rji paniri de vich tuc urea 3 killo prati knal de hisab nal pa sakde ho.dhanwad
Posted by jaswinder singh
Punjab
07-05-2019 09:20 PM
Haryana
05-10-2019 02:29 PM
jaswinder doger pusa da jhaad 90 mann tak nikal janda hai eh pakkan de layi 155 din da sma laindi hai.dhanwad
Posted by yash
Karnataka
07-05-2019 09:20 PM
Rajasthan
05-12-2019 11:14 AM
मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मुझसे 9711858258 (GLITTERATI PEARL FARMS) पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by sukhwinder singh
Punjab
07-05-2019 09:18 PM
Punjab
05-08-2019 02:54 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਇਲਾਜ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਉਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਉਸਦੇ ਬੁਖਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ .
Posted by risky
Uttar Pradesh
07-05-2019 09:17 PM
Haryana
05-10-2019 02:25 PM
रिस्की जी आप गेंहू की किस्म जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है.... (Read More)
रिस्की जी आप गेंहू की किस्म जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती हैHD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है
Posted by manshi choudhary
Rajasthan
07-05-2019 09:16 PM
Punjab
05-08-2019 03:14 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल, उसकी खुराक और उसकी देखभाल पर निर्भर करता है यदि नस्ल अच्छी है तो पशु को दूध बढ़ने लगता है यदि नस्ल अच्छी नहीं है तो दूध उतना ही होगा जितना उस नस्ल का होता है आप इसे रोजाना 40—45 किलो हरा चारा डालें और इसे Anabolite liquid 100ml रोजाना और Gog पाउडर 50ग्राम रोजाना और Calcimust gold liquid 100ml रोजाना देना शुरू करें आप इन चीज़ों.... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल, उसकी खुराक और उसकी देखभाल पर निर्भर करता है यदि नस्ल अच्छी है तो पशु को दूध बढ़ने लगता है यदि नस्ल अच्छी नहीं है तो दूध उतना ही होगा जितना उस नस्ल का होता है आप इसे रोजाना 40—45 किलो हरा चारा डालें और इसे Anabolite liquid 100ml रोजाना और Gog पाउडर 50ग्राम रोजाना और Calcimust gold liquid 100ml रोजाना देना शुरू करें आप इन चीज़ों का प्रयोग करके देख सकते है
Posted by Shakti Singh
Uttar Pradesh
07-05-2019 09:16 PM
Maharashtra
05-11-2019 03:42 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति व.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं इसका मुनाफा कई किसान कमा रहे हैं, इसकी डिमांड आजकल बहुत बढ़ गई है क्योंकि अब किसान जैविक खेती की तरफ बढ़ रहे हैं, धन्यवाद
Posted by Prabhaker Yadav
Uttar Pradesh
07-05-2019 09:14 PM
Punjab
05-11-2019 03:44 PM
Prabhaker Yadav ji yeh fungus ke karn ho raha hai iski roktham ke liye aap M_45@4 gm ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
07-05-2019 09:10 PM
Punjab
05-09-2019 04:58 PM
आप mycorrhiza @4 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव कर सकते है इससे धान का फुटाव होता है
Posted by lakhwinder Singh
Punjab
07-05-2019 09:10 PM
Punjab
05-08-2019 03:16 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Minotas ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਣਗੇ .
Posted by ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
07-05-2019 09:08 PM
Haryana
05-10-2019 02:25 PM
PR 113: ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ, ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟਿਆਂ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਬਿਲਕੁਲ ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 142 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ ਅਤੇ ਭਾਰੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੀਲੀਏ (ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ) ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 28 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Posted by gurliakat Singh
Punjab
07-05-2019 08:59 PM
Punjab
05-10-2019 02:28 PM
1610 ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਪ੍ਰਾਇਵੇਟ ਕੰਪਨੀ ਵਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜਿਸਨੂੰ PAU ਲੁਧਿਆਣਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਦਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਹਨਾਂ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਓਹੀ ਡੀਲਰ ਦੇ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕੋਲੋਂ ਤੁਸੀ ਏਹੇ ਬੀਜ ਲਿਆ ਹੈ I
Posted by Rahul sabale
Maharashtra
07-05-2019 08:58 PM
Punjab
06-25-2019 06:49 PM
Rahul ji poultry par bank loan lene ke liye aap apne nazdiki KVK se iski training lekar certificate hasil karo uske ban apne zile ke pashu palan department or nazdiki bank se samaprk kare. iske elava aap nazdiki NABARD KE office me bhi sampark kare woh aapki help kar sakte ya fir aapko guide kar sakte hai.