Experts Q&A Search

Posted by Gurwinder Aulakh
Punjab
08-05-2019 03:36 PM
Punjab
05-13-2019 04:38 PM
गुरविंदर ओळख जी पी आर 121 का बढ़िया बीज लेने के लिए आप कृषि विज्ञान केंद्र, पता: Post Box No.-22, Rauni, पंजाब 147001, फ़ोन: 094642 10460 से संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by aman deep
Punjab
08-05-2019 03:33 PM
Haryana
05-08-2019 05:54 PM
202:- ਇਸਦਾ ਝਾੜ 31 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhvinder
Punjab
08-05-2019 03:31 PM
Punjab
05-08-2019 09:21 PM
Sukhvinder ji apke question ke sath photo upload nahi hui hai kripya photo dubara upload kren tan jo apko sahi jankari dii jaa skee.
Posted by sarabjit Singh
Punjab
08-05-2019 03:28 PM
Rajasthan
05-13-2019 05:08 PM
Sarabjit Singh ji Pearl Farming bare puri jankari lai tusi mere nal 9711858258 Samparak kar sakde ho. Dhanwad.
Posted by Avtar singh
Punjab
08-05-2019 03:17 PM
Punjab
05-11-2019 07:49 PM
ਇਹ ਸਮੱਸਿਆ ਫੰਗਸ ਕਾਰਨ ਆ ਰਹੀ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀਂ Copper oxychloride @3 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Amrit Aulakh
Punjab
08-05-2019 03:09 PM
Punjab
05-11-2019 10:35 PM
10 viswe jagah lyi karma mapn lyi hetha dita formula dekho. 40 Karm x 30 Karm = 1 Viswa 400 Karm x 300 Karm = 10 Viswe
Posted by Gurwinder Sran Zaildar
Punjab
08-05-2019 03:08 PM
Maharashtra
05-09-2019 08:39 AM
गुरमिंदर जी यह पनीरी जब पीली पड़ना शुरू होती है तब इसकी स्प्रे कर सकते हैं, इसकी मात्रा 3gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by mohanjit Singh
Chandigarh
08-05-2019 03:00 PM
Punjab
05-10-2019 03:16 PM
Rice di variety 3590 kism private company valo tyar kiti gayi hai jisnu PAU sifraish nhi krda iss beej di jankari tuhanu ohi dealer de sakda hai jis kolo tuci isda beej leya hai.
Posted by Sangharsh Raj
Bihar
08-05-2019 02:58 PM
Punjab
05-11-2019 07:46 PM
Poori jaankari ke liye kripya grapes ki variety btaye, jiske bare mein aap jankari lena chahte hai. dhanyawaad
Posted by raghav
Punjab
08-05-2019 02:50 PM
Haryana
05-09-2019 03:49 PM
B904 की स्प्रे पानी में मिलाकर पिलायें इसके साथ आप कोई Antibiotic injection लगवा सकते है इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Kuldeep sidhu
Punjab
08-05-2019 02:49 PM
Maharashtra
05-11-2019 10:39 PM
Narme de vich SSP@75kg ja DAP@27 kg prati acre de hisab nal paa skde ho. ihna de vicho kise v ikk di varto kr skde ho. ihna di varto krn nal jo narme de vich patte jamni rang de hunde hnn ohh nahi hunde..ihna di varto tuc shuru de vich v kr skde ho ja fir baad de vich narma uggran te v kr skde ho. Jo potash di varto krni hundi hai ohh mitti de vich iss di ghaat de anusaar kro. jekar iss di ghaat hai tan 20kg prati acre de hisaab nal paa skde ho. sulphur di iss de vich lod nahi hundi hai. iss di varto krn ton parhej kro.
Posted by sarabjit Singh
Punjab
08-05-2019 02:47 PM
Madhya Pradesh
05-09-2019 06:33 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्ध.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश Pearl & Integrated farming Training मोती पालन और सहयोगी व्यवसायों से कमाए लाखो . 11 मई सुबह 9 बजे से साम 6 बजे तक ( सीप में मोती बीज ओपरेशन करके डालना . बीज बनाना ,तालाब. प्रबंधन एवं संपूर्ण जानकारी साथ ही मोती पालन के साथ स्वतः ही होने वाले 15-20 व्यवसायों की जानकारी ) अधिक जानकारी के संपर्क करे बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र सतपुरा टाइगर रिज़र्व ,मड़ई से पहले ,कामती रंगपुर ,सोहागपुर ,जिला होशंगाबाद ,म.प्र. 9584120929 9770085381 https://youtu.be/g4wqW8anr1g
Posted by Ramu Saxena
Uttar Pradesh
08-05-2019 02:46 PM
Maharashtra
05-11-2019 10:42 PM
कृपया चेक करें कि इसमें किसी कीट का हमला तो नहीं है?
Posted by Iqbal gill
Punjab
08-05-2019 02:45 PM
Punjab
05-10-2019 05:01 PM
jekar tuci dudh lai tyar krni hai tan tuci HF nasal da semen lgwao, kyuki jyada dudh wali cow hf nasal he hai, baki tuci Sahiwal, jersi koi v lgwa skde ho, gir cow de semen nal usde dudh ghtn vich farak paa skda hai.
Posted by Raj kishan
Haryana
08-05-2019 02:36 PM
Maharashtra
05-11-2019 10:43 PM
कम समय की किस्मों के लिए 15 मई से 30 जून का समय पौध तैयार करने के लिए अनुकूल होता है और दरमियानी समय की किस्मों के लिए 15 मई से 30 मई का समय पौध तैयार करने के लिए अनुकूल होता है
Posted by Bitu Gill
Punjab
08-05-2019 02:34 PM
Punjab
05-30-2019 05:58 PM
ਚੂਹਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ: ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕ ਨਾ ਆਵੇ ਸਾਫ਼ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਦੇ ਆਉ.... (Read More)
ਚੂਹਿਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਤੁਸੀ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕੇ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ: ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਧੋ ਕੇ ਸਾਫ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਕਿਸੇ ਕਿਸਮ ਦੀ ਮੁਸ਼ਕ ਨਾ ਆਵੇ ਸਾਫ਼ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਦੇ ਆਉਣ-ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਰਸਤਿਆਂ ਅਤੇ ਨੁਕਸਾਨ ਵਾਲੀਆਂ ਥਾਂਵਾਂ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਫੜਨ ਲਈ ਪਹਿਲਾਂ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਵਿੱਚ 10-15 ਗ੍ਰਾਮ ਅਨਾਜ ਨੂੰ ਤੇਲ ਲਗਾ ਕੇ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਮੂੰਹ ਖੋਲ੍ਹ ਕੇ ਰੱਖੋ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਗਿਝਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਿੰਜਰੇ ਅੰਦਰ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੇ ਟੁਕੜੇ ਉੱਤੇ 10-15 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾਣੇ ਅਤੇ ਨਾਲੀਦਾਰ ਦਾਖ਼ਲੇ ਤੇ ਚੁਟਕੀ ਭਰ ਦਾਣੇ ਰੱਖ ਕੇ ਮੂੰਹ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿਓ ਅਜਿਹਾ ਕਰ ਕੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਤਕ ਚੂਹੇ ਅਤੇ ਫੜੇ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੁਬੋ ਕੇ ਮਾਰੋ ਪਿੰਜਰਿਆਂ ਦੀ ਦੁਬਾਰਾ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਲਈ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 30-35 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਵਕਫ਼ਾ ਜ਼ਰੂਰ ਰੱਖੋ ਕੀੜੇਮਾਰ ਜ਼ਹਿਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਰੋਕਥਾਮ: ਚੂਹਿਆਂ ਦੀ ਕੀੜੇਮਾਰ ਜ਼ਹਿਰਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਨ ਲਈ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਚੋਗਾ ਵਰਤਣ ਲਈ ਬਹੁਤ ਹੀ ਸਾਵਧਾਨੀ ਅਤੇ ਸਹੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤਣ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਚੂਹਿਆਂ ਦਾ ਇਸ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਚੋਗੇ ਨੂੰ ਖਾਣਾ, ਵਰਤੇ ਗਏ ਦਾਣਿਆਂ ਦਾ ਮਿਆਰੀਪਣ, ਸੁਆਦ ਅਤੇ ਤੇਲ ਦੀ ਮਹਿਕ ’ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਜ਼ਹਿਰੀਲਾ ਚੋਗਾ ਬਣਾਉਣਾ ਜਿੰਕ ਫਾਸਫਾਈਡ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਬਾਜਰਾ, ਕਣਕ, ਜਵਾਰ ਦਾ ਦਲੀਆ ਜਾਂ ਇਨਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ ਲੈ ਕੇ ਇਸ ਵਿੱਚ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲ ਜੇ ਹੋ ਸਕੇ ਤਾਂ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਜਿੰਕਫਾਸਫਾਈਡ ਪਾ ਕੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲਾਓ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜ਼ਹਿਰੀਲੇ ਚੋਗੇ ਨੂੰ ਕਾਗ਼ਜ਼ ਦੀਆਂ ਪੁੜੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਗੇਝ ਵਾਲੀਆਂ ਜਗ੍ਹਾ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਬਰੋਮਾਡਾਇਓਲੋਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਰੋਮਾਡਾਇਓਲੋਨ 0 005 ਫ਼ੀਸਦੀ ਪਾਊਡਰ, 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬੂਰਾ ਖੰਡ ਅਤੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਤੇਲ ਨੂੰ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨਾਜ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਉ ਅਤੇ ਪੂਰੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 40 ਕੁ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਰੱਖੋ ਰੈਕੁਮਿਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ: 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੈਕੁਮਿਨ 0 0375 ਫ਼ੀਸਦੀ ਪਾਊਡਰ, 20 ਗ੍ਰਾਮ ਮੂੰਗਫਲੀ ਜਾਂ ਸੂਰਜਮੁਖੀ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬੂਰਾ ਖੰਡ ਨੂੰ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਕਿਸੇ ਵੀ ਅਨਾਜ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਇਹ ਵੀ ਚੂਹਿਆਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਕਾਰਗਰ ਤਰੀਕਾ ਹੈ
Posted by raj
Punjab
08-05-2019 02:31 PM
Punjab
05-30-2019 06:15 PM
Raj ji Sim- Sim Cotton Seed Nuziveedu Seeds Valo tyar kita gea hai, Is da seed tusi apne kise vi najdiki Dealer to le sakde ho. Thankyou.
Posted by Jatinder Singh Thind
Punjab
08-05-2019 02:24 PM
Haryana
05-10-2019 03:20 PM
jatinder ji there is no any another high yield variety recommended by university other than Pusa 44
Posted by jagroop singh
Punjab
08-05-2019 02:23 PM
Maharashtra
05-11-2019 10:49 PM
ਹੁਣ ਤੁਸੀਂ ਪਾਲਕ ਜਾਂ ਮੂਲੀ ਦੀ ਫਸਲ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Amandeep Singh
Haryana
08-05-2019 02:18 PM
Haryana
05-10-2019 02:58 PM
दरमियाने समय की किस्में Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म है यह किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PR 106: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म है यह किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिर.... (Read More)
दरमियाने समय की किस्में Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म है यह किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PR 106: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म है यह किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने लंबे और पतले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HKR 120: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में जल्दी बोने के लिए अनुकूल है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HKR 126: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में जल्दी बोने के लिए अनुकूल है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह नमी की मात्रा कम होने वाले हालातों को सहनेयोग्य है यह तना गलन, मुरझाना और भूरे धब्बों के प्रतिरोधी है इसकी औसतन पैदावार 27 क्विंटल प्रति एकड़ है HKR 127: यह छोटे कद की, दरमियाने समय की किस्म सामान्य बोने के लिए अनुकूल है यह किस्म कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 28 क्विंटल प्रति एकड़ है PR 113: यह एक छोटे कद की सीधी बालियों वाली किस्म है और इसके पत्ते बिल्कुल सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं यह 142 दिनों में पक जाती है दाने मोटे और भारी होते हैं यह पत्तों के पीलेपन की बीमारी से रहित है इसकी औसतन पैदावार 28 क्विंटल प्रति एकड़ है Pusa 44: यह लंबे समय की किस्म है और झुलस रोग के प्रति सहने योग्य है Haryana Shankar Dhan 1: यह किस्म जल्दी बोने के लिए अनुकूल हैं यह किस्म 139 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना छेदक और पत्ता छेदक के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 30 क्विंटल प्रति एकड़ है कम समय वाली किस्में:-IR 64: यह किस्म छोटी, अधिक उपज देने वाली और 135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने लंबे और पतले होते हैं यह तना गलन के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती हैHKR 46: यह किस्म छोटे कद की, जल्दी और देर से बोने के लिए अनुकूल है इसके दाने लंबे, पतले और सुनहरी रंग के होते हैं यह कांगियारी रोग के प्रतिरोधी किस्म है यह मुरझाने और भूरे धब्बों के भी प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HKR 47: यह दरमियाने कद की किस्म है इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है इसके दाने लंबेए पतले और सुनहरी रंग के होते हैं इस किस्म पर फंगस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता यह 135 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसे ज़मीन की अंदरूनी सैलाब प्रभावित करती है इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PR 111: यह एक छोटे कद की सीधी बालियों वाली किस्म है और इसके पत्ते बिल्कुल सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं यह 135 दिनों में पक जाती है दाने पतले और साफ होते हैं यह पत्तों के पीलेपन की बीमारी से रहित है इसकी औसतन पैदावार 27 क्विंटल प्रति एकड़ है कम समय वाली किस्में:- HKR 46: यह किस्म छोटे कद की, जल्दी और देर से बोने के लिए अनुकूल है इसके दाने लंबे, पतले और सुनहरी रंग के होते हैं यह कांगियारी रोग के प्रतिरोधी किस्म है यह मुरझाने और भूरे धब्बों के भी प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HKR 47: यह दरमियाने कद की किस्म है इसकी पैदावार बहुत अच्छी होती है इसके दाने लंबेए पतले और सुनहरी रंग के होते हैं इस किस्म पर फंगस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता यह 135 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसे ज़मीन की अंदरूनी सैलाब प्रभावित करती है इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PR 111: यह एक छोटे कद की सीधी बालियों वाली किस्म है और इसके पत्ते बिल्कुल सीधे और गहरे हरे रंग के होते हैं यह 135 दिनों में पक जाती है दाने पतले और साफ होते हैं यह पत्तों के पीलेपन की बीमारी से रहित है इसकी औसतन पैदावार 27 क्विंटल प्रति एकड़ है बासमती किस्में:- Taraori Basmati : यह सिंचित हालातों में जल्दी बोने के लिए अनुकूल किस्म है यह किस्म 145 से 155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह किस्म छोटे कद की और सिंचित क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Roop singh
Punjab
08-05-2019 02:15 PM
Maharashtra
05-09-2019 08:40 AM
आप इनकी पौध की बिजाई मई के बाद कर सकते हैं
Posted by Samarth Mishra
Uttar Pradesh
08-05-2019 02:06 PM
Madhya Pradesh
05-08-2019 03:56 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by Ganesh Datey
Maharashtra
08-05-2019 02:04 PM
Madhya Pradesh
05-13-2019 06:38 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश Pearl & Integrated farming Training मोती पालन और सहयोगी व्यवसायों से कमाए लाखो . 11 मई सुबह 9 बजे से साम 6 बजे तक ( सीप में मोती बीज ओपरेशन करके डालना . बीज बनाना ,तालाब. प्रबंधन एवं संपूर्ण जानकारी साथ ही मोती पालन के साथ स्वतः ही होने वाले 15-20 व्यवसायों की जानकारी ) अधिक जानकारी के संपर्क करे बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र सतपुरा टाइगर रिज़र्व ,मड़ई से पहले ,कामती रंगपुर ,सोहागपुर ,जिला होशंगाबाद ,म.प्र. 9584120929 9770085381 https://youtu.be/g4wqW8anr1g
Posted by Devinder singh
Punjab
08-05-2019 02:00 PM
Punjab
05-08-2019 03:49 PM
isde nal pashu da hajama set rehnda hai , jo pashu khanda hai ohh vdia trike nal hajam hunda hai ate pashu di growth vdia hundi hai, baki tuci isde nal Fatplus powder 50gm ja Fatmax powder 50gm rojana dena suru kro, iss nal fatt vadhh jawegi..
Posted by hemant
Uttar Pradesh
08-05-2019 01:50 PM
Maharashtra
05-11-2019 10:51 PM
वैट बैड नर्सरी यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा टरांसप्लांट किया जाता है छींटे से इसकी बिजाई की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं..... (Read More)
वैट बैड नर्सरी यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा टरांसप्लांट किया जाता है छींटे से इसकी बिजाई की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं यहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसमें रोपन के लिए खेत की जरूरत होती है 4 से.मी मिट्टी की सतह में नए पौधे लगाए जाते हैं उसको बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके अलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पोध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है पौधों का फासला 20x20 से.मी या 25x25 से.मी होना चाहिए
Posted by narendra singh
Rajasthan
08-05-2019 01:48 PM
Haryana
05-10-2019 05:13 PM
RS 2013: यह किस्म कपास के पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है और अमेरिकन सुंडी और तेले की कुछ हद तक प्रतिरोधक है इसका औसतन कद 125-130 सैं.मी. होता है यह पीले रंग के फूलों का उत्पादन करती है और इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं यह किस्म 165-170 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसके कपास की बीजों की औसतन पैदावार 22-24 क्विंटल प्रति एकड़ ह.... (Read More)
RS 2013: यह किस्म कपास के पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है और अमेरिकन सुंडी और तेले की कुछ हद तक प्रतिरोधक है इसका औसतन कद 125-130 सैं.मी. होता है यह पीले रंग के फूलों का उत्पादन करती है और इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं यह किस्म 165-170 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसके कपास की बीजों की औसतन पैदावार 22-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद 35 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है RS 810: यह किस्म कपास के पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है इसका औसतन कद 130-140 सैं.मी. होता है यह पीले रंग के फूलों का उत्पादन करती है और इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं इसके कपास की बीजों की औसतन पैदावार 22-24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है और पिंजाई के बाद 35 प्रतिशत रूई प्राप्त होती है RST 9: इस किस्म के हल्के हरे रंग के पत्ते और हल्के पीले रंग के फूल होते हैं इसका औसतन कद 130-140 सैं.मी. होता है यह किस्म 160-200 दिनों में परिपक्व हो जाती है इसके टिंडे का औसतन भार 3.5 ग्राम होता है इसकी पिंजाई के बाद रूई की उच्च प्रतिशतता प्राप्त होती है इस किस्म की पहली सिंचाई 50 दिनों के बाद की जा सकती है RS 875: इसका औसतन कद 100-110 सैं.मी. होता है इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं जिनका औसतन भार 3.5 ग्राम प्रति टिंडा होता है इस किस्म की तेल की मात्रा बाकी सिफारिश की गई किस्मों से अधिक होती है यह किस्म 150-160 दिनों में परिपक्व हो जाती हैGanganagar Ageti: इसका औसतन कद 120-150 सैं.मी. होता है इसके गहरे हरे रंग के पत्ते और हल्के पीले रंग के फूल होते हैं इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं जिनका औसतन भार 2.5 ग्राम प्रति टिंडा होता है यह किस्म 170-180 दिनों में परिपक्व हो जाती है Bikaneri Narma: इसका औसतन कद 160-200 सैं.मी. होता है इसके मध्यम आकार के टिंडे होते हैं जिनका औसतन भार 2.0 ग्राम प्रति टिंडा होता है यह किस्म 160-200 दिनों में परिपक्व हो जाती है Bioseed Bunty BG II: यह उच्च उपज वाली अमेरिकन बी टी कपास की किस्म है पौधे का कद 150-170 सैं.मी. होता है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RCH 650BG II: यह उच्च उपज वाली अमेरिकन बी टी कपास की किस्म है यह टिंडे की सुंडी और तंबाकू सुंडी के प्रतिरोधी किस्म है पौधे का कद 150-160 सैं.मी. होता है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है MRCH - 6304 BG I: यह उच्च उपज वाली अमेरिकन बी टी कपास की किस्म है यह टिंडे की सुंडी और तंबाकू सुंडी के प्रतिरोधी किस्म है यह किस्म 165-170 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bioseed 6588 BG-II: इसके पौधे का कद 150-175 सैं.मी. होता है यह टिंडे की सुंडी और तंबाकू सुंडी के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10-11.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Dilbag singh
Punjab
08-05-2019 01:46 PM
Punjab
05-08-2019 03:02 PM
ਜੇਕਰ ਫਰਸ਼ ਪੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਫਾਇਦਾ ਹੀ ਹੈ ਜੀ ਅੱਜ-ਕੱਲ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਮੈਟ(ਗੱਦੇ) ਬਹੁਤ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੈਟ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ਇਹ ਰਬੜ ਅਤੇ ਫੋਮ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇੱਕ ਸਾਈਜ਼ 8*10 ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਸਾਲ ਤੱਕ ਖਰਾਬ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਚੱਕ ਕੇ ਧੋਇਆ ਵੀ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੇਟ ਲਗਭਗ 1400 ਰੁ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਫਰਸ਼ ਪੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਫਾਇਦਾ ਹੀ ਹੈ ਜੀ ਅੱਜ-ਕੱਲ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਅਤੇ ਘਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਮੈਟ(ਗੱਦੇ) ਬਹੁਤ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਮੈਟ ਆਉਂਦੇ ਹਨ ਇਹ ਰਬੜ ਅਤੇ ਫੋਮ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇੱਕ ਸਾਈਜ਼ 8*10 ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਸਾਲ ਤੱਕ ਖਰਾਬ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਚੱਕ ਕੇ ਧੋਇਆ ਵੀ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਰੇਟ ਲਗਭਗ 1400 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਵਧੀਆ 2200 ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੱਕ ਖਰਾਬ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ, ਪਰ ਇਹ ਭਾਰਾ ਅਤੇ ਸਖਤ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਚੁੱਕਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਸਾਇਜ਼ 7*4 ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਇੱਕ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਧੋਂਦੇ ਰਹਿਣ ਕਾਰਨ ਫੋਮ ਦੇ ਗੱਦੇ ਲਗਭਗ ਇੱਕ ਸਾਲ ਬਾਅਦ ਖਰਾਬ ਹੋਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਰ ਰਬੜ ਦੇ ਗੱਦੇ ਜਿਆਦਾ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਚੱਲ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੇਕਰ ਇਹ ਮੈਟ ਪੱਕੇ ਥਾਂ ਤੇ ਵਿਛਾਏ ਜਾਣ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਗੱਦਿਆਂ ਦੇ ਫਾਇਦੇ: ਸਫਾਈ ਰਹਿਣ ਕਾਰਨ ਚਿੱਚੜ ਘੱਟ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਥਣਾਂ ਦੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਸੁੱਕ ਜਾਂ ਰੇਤਾ ਵਿਛਾਉਣ ਦਾ ਕੰਮ ਖਤਮ ਬੈਕਟੀਰੀਆ ਫੈਲਣ ਤੋਂ ਬਚਾਅ ਪਸ਼ੂ ਅਰਾਮ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰਦੇ ਹਨ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਖ਼ੁਰ ਸਹੀ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ ਸਫਾਈ ਰੱਖਣੀ ਸੌਖੀ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by sarabjit singh Matharu
Punjab
08-05-2019 01:40 PM
Punjab
04-01-2020 08:28 AM
Sarabjit singh Matharu ji hare dhania da rate 450 - 800/q hai, Thankyou.
Posted by Lovepreet singh
Punjab
08-05-2019 01:37 PM
Punjab
05-08-2019 02:07 PM
27P31 ਝੋਨੇ ਦੀ hybrid ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਕਿ private ਕੰਪਨੀ ਦਵਾਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 27-28 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ 130-135 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਪੱਕਣ ਲਈ
Posted by jaspreet singh
Punjab
08-05-2019 01:32 PM
Haryana
05-10-2019 02:55 PM
2 number pani de layi tuc jhone diyan kisman jive sava 200,sava 127 ,signet da raja 44 ja raja 45 , 5050, 5005, 5051, 5455 ja pioneer da 27p31 ja 25p35 ja 27p63, etc vargia kisma lgaa skde ho.
Posted by Rajinder gill
Punjab
08-05-2019 01:19 PM

..?

Punjab
05-08-2019 02:08 PM
Rajinder gill ji tuhade walo beji gyi audio upload nahi hoi hai kirpa krke dubara upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa ske.
Posted by Jagraz Bhullar
Punjab
08-05-2019 01:18 PM
Haryana
05-10-2019 02:54 PM
PR 122: ਇਹ ਦਰਮਿਆਨੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ) ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਸਿੱਧੇ ਅਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 147 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾਣੇ ਬਹੁਤ ਲੰਮੇ, ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚਾਵਲਾਂ ਨੂੰ ਪਕਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗੁਣਵੱਤਾ ਕਮਾਲ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 31.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Harman
Punjab
08-05-2019 01:16 PM
Punjab
05-08-2019 02:06 PM
Harman ji kripa karke dwayi da poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Naveen Kumar
Uttar Pradesh
08-05-2019 01:12 PM
Haryana
05-08-2019 04:14 PM
बासमती 1718, 136-138 दिन में पक कर तैयार हो जाती है तथा उपज 18-20 qtl/acre देती है इसकी पनीरी जून महीने में लगाई जाती है तथा मुख्य खेत में जुलाई महीने में लगती है.
Posted by ਡਾ ਭਰਪੂਰ ਸਿੰਘ ਮੰਨਣ
Punjab
08-05-2019 01:06 PM
Punjab
05-11-2019 07:51 PM
ਇਸ ਤੇ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀਂ quinalphos @4ml ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by gurmukh chahal
Rajasthan
08-05-2019 01:04 PM
Maharashtra
05-11-2019 10:53 PM
Agr aapne flubendamide ki spray kr di hai toh 4-5 din result ka wait krein.
Posted by ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ
Punjab
08-05-2019 01:01 PM
Haryana
05-10-2019 03:24 PM
Basmati 1121: ਇਸਦਾ ਪੌਦਾ ਲੰਬਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 137 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪੱਕਣ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਧੀਆਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 13.7 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਸਮਤੀ 1718, 136-138 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਝਾੜ 18-20qtl/acre ਦਿੰਦੀ ਹੈ
Posted by ravindra kumar
Bihar
08-05-2019 12:56 PM
Punjab
05-09-2019 04:04 PM
Ravindra kumar ji iski training aapko apne zile ke KVK se milegi ji . aap waha par jakar training ke liye form bhare bhare. KVK ka address hai Flyover Road, Maharana Pratap Nagar, Arrah, Bihar 802301. Contact .94310 91369
Posted by sidhu
Punjab
08-05-2019 12:54 PM
Punjab
05-11-2019 10:54 PM
Paneeri vich khaad di lorh nhi hundi. ik acre di paneeri tyar krn lyi 8 kilo beej nu 3 marleya ch beejya janda hai.
Posted by Manjit Singh
Punjab
08-05-2019 12:52 PM
Haryana
05-10-2019 02:54 PM
ਪਰਮਲ ਝੋਨੇ ਦੀਆ PR PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212, ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਦਾ ਹੀ ਚੰਗਾ ਹੈI ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਉਣੀ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੂਸਾ 44 ਕਿਸਮ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ I
Posted by sanju
Rajasthan
08-05-2019 12:50 PM
Maharashtra
05-11-2019 11:00 PM
एक बीघे में आप 2-2.5 kg ग्वार का बीज डाल सकते हैं
Posted by Hemendra Kumar Joshi
Rajasthan
08-05-2019 12:49 PM
Punjab
05-11-2019 11:02 PM
This is due to insect attack. To control this do spray of quinalphos @ 4ml per litre of water.
Posted by babbu sidhu
Punjab
08-05-2019 12:36 PM
Punjab
05-08-2019 02:47 PM
PR 122की पनीरी 13 मई तक बोयी जा सकती है इस किस्म की पनीरी को 13 जून को खेत में लगा सकते है
Posted by Rachan sandhu
Punjab
08-05-2019 12:35 PM
Maharashtra
05-11-2019 11:04 PM
BL 1 :- ਇਹ ਜਲਦੀ ਉੱਗਣ ਵਾਲੀ ਦਰਮਿਆਨੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੂਟਾ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ,ਜੋ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਵੀ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ 380 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 10:- ਇਹ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਤਣੇ ਦੇ ਗਲਣ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਝਾੜ 410 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ B.... (Read More)
BL 1 :- ਇਹ ਜਲਦੀ ਉੱਗਣ ਵਾਲੀ ਦਰਮਿਆਨੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੂਟਾ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ,ਜੋ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਵੀ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ 380 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 10:- ਇਹ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਤਣੇ ਦੇ ਗਲਣ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਝਾੜ 410 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 42 :- ਇਹ ਜਲਦੀ ਉੱਗਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਜੰਮ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤਣੇ ਦੇ ਗਲਣ ਵਾਲੇ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 440 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ BL 43: ਇਹ ਅਗੇਤੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 390 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by मनजीत
Haryana
08-05-2019 12:28 PM
Punjab
05-11-2019 11:05 PM
PUSA 1121 kism ka beej PUSA ki trf se tyar kiya gya hai.
Posted by babbu sidhu
Punjab
08-05-2019 12:26 PM
Punjab
05-08-2019 02:47 PM
ਪਰਮਲ ਝੋਨੇ ਦੀਆ PR PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212, ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਦਾ ਹੀ ਚੰਗਾ ਹੈI ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਉਣੀ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੂਸਾ 44 ਕਿਸਮ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ I
Posted by shivam upadhyay
Uttar Pradesh
08-05-2019 12:25 PM
Punjab
05-08-2019 02:11 PM
आप बीटल बकरियां रख सकते हैं यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते .... (Read More)
आप बीटल बकरियां रख सकते हैं यह बहुत ही लाभदायक व्यापार है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं इनकी खुराक अवस्था भी कम होती है इन्हें आप वृक्षों के पत्ते, हरा चारा, हरे घास के साथ पाल सकते हैं आप बीटल और देसी नसल की बकरियां खरीद सकते हैं यह नसल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, में आम मिल जाती है और एक तंदरूस्त बकरी 12 -15000 के करीब मिल जायेगी एक तंदरूस्त बकरी एक ब्यांत में 160-190 किलो तक दूध दे देती है इनका एक दिन का दूध 2-4 किलो तक का होता है यह साल में 2-5 बच्चे दे देती है भारतीय मंडी में बकरी के दूध और मीट की बहुत ही मांग है जिस कारण हम इसका आसानी से मंडीकरण भी कर सकते हैं और इसके मीट से खुद प्रोडक्ट तैयार करके या त्योहार के दिनों में खुद मंडीकरण करके अधिक मुनाफा ले सकते हैं.
Posted by sudeep kourav
Madhya Pradesh
08-05-2019 12:25 PM
Madhya Pradesh
05-08-2019 03:57 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html