
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-05-2019 03:21 PM
ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਜਾਂ ਜੂਨ ਤੋਂ ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by kishor kumar
Punjab
14-05-2019 03:14 PM
kishor ji 3D cutting hundi hai jo vella valiyan sabjiyan vich kiti jandi hai jisde nal vella nu full vadh lagde han. is to ilava shimla mirch de patte ikathe hon da karn mashar da hamla v hai jisdi roktham de layi imidacloprid@1.5ml prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by happy
Punjab
14-05-2019 02:53 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਰੱਖੋ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਮਿਲਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਓਹਨਾ ਦੇ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਨਹਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਵਿਚ ਕੂਲਰ, ਪੱਖੇ ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੇ ਜਰੂਰ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਰੱਖੋ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 24 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਮਿਲਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਓਹਨਾ ਦੇ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਨਹਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਵਿਚ ਕੂਲਰ, ਪੱਖੇ ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਇਕ ਵਾਰੇ ਜਰੂਰ ਲਗਾਤਾਰ 7-8 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਤੁਸੀ 1 ਕੋਰਾ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਘੜਾ ਲਵੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਅੱਧਾ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਲਵੋ ਰਾਤ ਨੂੰ ਉਸ ਘੜੇ ਵਿੱਚ 1 ਪੇਸੀ ( ਡਲਾ) ਗੁੜ ਦੀ ਅਤੇ 1 ਗੁੰਨੇ ਹੋਏ ਆਟੇ ਦਾ ਪੇੜਾ ਮਿਲਾ ਦੇਵੋ ਇਸ ਮਿਸ਼ਰਣ ਨੂੰ ਰਾਤ ਨੂੰ ਰੱਖ ਦਿਊ ਤੇ ਸਵੇਰ ਵੇਲੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾ ਘੋਲ ਲਵੋ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਘੋਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਸਵੇਰੇ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਪਿਆਉ ਇਸ ਤਰਾਂ ਤੁਸੀ ਲਗਾਤਾਰ 8-10 ਦਿਨ ਤੱਕ ਪਿਆ ਦਿਉ
Posted by bhupinder singh
Punjab
14-05-2019 02:51 PM
ਭੁਪਿੰਦਰ ਜੀ ਬਦਾਮ ਦੀ ਖੇਤੀ commerical ਲੈਵਲ ਤੇ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਇਸਦੇ ਇਕ ਦੋ ਬੂਟੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵਲੋਂ ਲਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਬੂਟੇ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ surinder Nagra 9814305864 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Narendra Kumar
Madhya Pradesh
14-05-2019 02:42 PM
जैतून सदाबहार है और इसकी दुनिया भर में खेती की जाती है इसे मुख्य रूप से तेल उद्देश्य के लिए उगाया जाता है इसके बीजों से निकाला गया तेल खाने योग्य होता है, जिसके बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ हैं यह विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है कोलेस्ट्रोल, रक्तचाप को नियंत्रित करता है, कैंसर आदि को रोकता है बेशक इसे हज़ारों साल.... (Read More)
जैतून सदाबहार है और इसकी दुनिया भर में खेती की जाती है इसे मुख्य रूप से तेल उद्देश्य के लिए उगाया जाता है इसके बीजों से निकाला गया तेल खाने योग्य होता है, जिसके बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ हैं यह विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है कोलेस्ट्रोल, रक्तचाप को नियंत्रित करता है, कैंसर आदि को रोकता है बेशक इसे हज़ारों सालों से जाना जाता है लेकिन भारत में इसके व्यापारिक खेती सीमित स्तर पर ही है इसके स्वास्थ्य लाभ और अंतराराष्ट्रीय बाज़ार में मांग को देखते हुए भारत ने बड़े पैमाने पर जैतून की खेती को प्रोत्साहन करने का फैसला किया है राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में जैतून की खेती के नए प्रोजैक्ट शुरू किए गए हैं राजस्थान सरकार ने जैतून की खेती के लिए विभिन्न सबसिडी की घोषणा की है राजस्थान में 800 हैक्टेयर के लगभग क्षेत्र में जैतून की खेती की जाती है
इसे मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज के लिए अच्छे निकास वाली, गहरी, उपजाऊ दोमट या चिकनी दोमट मिट्टी अनुकूल होती है मिट्टी का पी एच 6-7.5 होना चाहिए जल जमाव वाली मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें
बारानी क्षेत्रों में जैतून की खेती के लिए जुलाई से अगस्त का समय उपयुक्त होता है भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में रोपाई देर से करें सिंचित क्षेत्रों में इसकी खेती के लिए जनवरी से फरवरी का समय उपयुक्त होता है
रोपाई से दो महीने पहले हल्की मिट्टी में 90 सैं.मी x 90 सैं.मी. और भारी मिट्टी में 8 मीटर के फासले पर 60 सैं.मी. x 60 सैं.मी. के गड्ढे खोदें
नए पौधों को मुख्य खेत में रोपण किया जाता है
जब पौधों में 8 मीटर का फासला रखा जाता है, तब एक एकड़ खेत में 60 वृक्ष लगाए जाते हैं जब पौधों में फासला 6 मीटर x 5 मीटर रखा जाता है तो पौधों की गिनती 100 वृक्ष प्रति एकड़ रखी जाती है जब फासला 8 मीटर x 5 मीटर हो तो पौधों की गिनती 132 वृक्ष प्रति एकड़ रखी जाती है
बीजों के द्वारा प्रजनन : सितंबर-अक्तूबर के महीने में पके फलों को इक्ट्ठा करें बताए गए ढंग से बीजों का उपचार करें फिर बीजों को नर्सरी में 15 सैं.मी. के फासले पर कतारों में और बीजों में 5 सैं.मी. के फासले पर बोयें
कटिंग द्वारा प्रजनन : मूल वृक्ष से 10-15 सैं.मी. लंबी 3-4 शाखाएं इक्ट्ठा करें रोपाई से पहले 8-10 सैकंड के लिए NAA@500ppm + IBA@3000ppm से कटिंग का उपचार करें जड़ों के विकसित होने के 11-12 सप्ताह बाद उखाड़ लें फिर नर्सरी में सख्त होने पर बो दें ग्राफ्टिंग मार्च-अप्रैल के महीने में की जाती है ग्राफ्टिंग के लिए पैच बडिंग, टी बडिंग तकनीकों का प्रयोग किया जाता है
शुरू के 2-3 वर्षों में कटाई-छंटाई की जरूरत नहीं होती रोपाई के समय नए पौधों को 10 फीट तक का सहारा दें नए पौधों की छंटाई के समय मौसम साफ होना चाहिए और बारिश वाला नहीं होना चाहिए सूखे और पानी की कमी होने पर छंटाई ना करें फल देने वाले वृक्षों की कटाई के बाद छंटाई करें
जब वृक्ष पुराना हो जाये छंटाई की आवृति बढ़ा दें छंटाई के बाद प्रभावित जख्मों पर बॉर्डीऑक्स का घोल डालें
एक वर्ष के पौधे के लिए गाय के गले हुए गोबर या रूड़ी की खाद 10 किलो, नाइट्रोजन 75 ग्राम (कैलशियम अमोनियम नाइट्रेट 300 ग्राम), फासफोरस 50 ग्राम (एस एस पी 300 ग्राम) और पोटाश 50 ग्राम (म्यूरेट ऑफ पोटाश 80 ग्राम) प्रति वृक्ष में डालें प्रत्येक वर्ष तत्वों की दोहरी मात्रा दें और रूड़ी की खाद और गाय के गले हुए गोबर की मात्रा 5 किलो प्रत्येक वर्ष बढ़ा दें
सिंचित क्षेत्रों के लिए रूड़ी की खाद की पूरी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की खाद अक्तूबर महीने में डालें और बारानी क्षेत्रों के लिए रूड़ी की खाद, फासफोरस और पोटाश खादों को सर्दियों की बारिश आने पर दें
नाइट्रोजन खाद की तीन खुराकें दें नाइट्रोजन की आधी मात्रा सर्दियों की बारिश आने पर या फलों वाले वृक्षों से पके फलों की कटाई के समय दें नाइट्रोजन की दूसरी 1/4 मात्रा फूल निकलने के दो महीने पहले और नाइट्रोजन की आखिरी मात्रा मॉनसून आने पर (जून-जुलाई) में दें , इस के बारे में और जानकारी और पौधे लेने के लिए आप तरसेम सिंह 9982309408 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by Ranvir singh
Himachal Pradesh
14-05-2019 02:39 PM
रनवीर जी आप अदरक की बिजाई कर सकते हैं और इसे आप आम के पौधे के अंदर बीज सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Suresh meena
Rajasthan
14-05-2019 02:33 PM
Suresh meena ji Vermi Compost lene ke lia aap Sant Shree Asharam ji Gaushala, Newai, tonk by pass, Jaipur, Rajasthan 304021 (01438223100) se samparak kar sakte hai.
Posted by ਚਹਿਲ ਸਾਬ
Punjab
14-05-2019 02:27 PM
ਹਰਭਜਨ ਸਿੰਘ ਚਹਿਲ ਜੀ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 13 ਮਈ ਤੱਕ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by Harpreet singh
Punjab
14-05-2019 02:22 PM
harpreet ji isde uper tuc NPk 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo,.dhanwad

Posted by Kisan
Madhya Pradesh
14-05-2019 02:20 PM
Kisan ji vesticor ke label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake kyuki aapke dwara bheji gayi photo clear nahi hai.dhanywad
Posted by rahul rana
Haryana
14-05-2019 02:19 PM
Cr 212 : इस किस्म की उपज 30-35 क्विंटल प्रति एकड़ होता है, इसकी लम्बाई 104-105 cm होता है, इसके पकने का समय 135-145 दिन है
Posted by jaskaran bajwa
Punjab
14-05-2019 02:19 PM
Jaskaran ji isde uper tuc pendimethalin@1 litre nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Manpreet Singh
Punjab
14-05-2019 02:18 PM
Manpreet ji Cr 151 nam di koi kisam nahi hai kirpa karke isdi company da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by sukhjinder singh
Punjab
14-05-2019 02:17 PM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ , ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ , ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ , ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 3 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਨਸਲ ਵਧਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਹੋਵੇਗੀ , ਬਾਕੀ ਖੁਰਾਕ , ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਸਹਿਣ , ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਉਣਾ , ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 3 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ , Milkout ਪਾਊਡਰ ਦੇ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ , ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.

Posted by Jeevan Mali
Rajasthan
14-05-2019 02:15 PM
Jeevan Mali ji Moti ki kheti ke bare me puri jankari ke liye aap mere se 9711858258 samparak kare. Thank you.

Posted by sukhjinder singh
Punjab
14-05-2019 02:15 PM
ਪਰਮਲ ਝੋਨੇ ਦੀਆ PR PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212, ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਦਾ ਹੀ ਚੰਗਾ ਹੈI ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਉਣੀ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੂਸਾ 44 ਕਿਸਮ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ I

Posted by Soyab Khan
Gujarat
14-05-2019 02:08 PM
अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है इसके बीजों से निकाला गया तेल खाने के लिए प्रयोग नहीं होता है, पर इसका उद्योगिक स्तर पर काफी प्रयोग होता है इसके अलावा औषधीय और प्रकाश उद्देश्य से भी इसका उपयोग किया जाता है तेल निकालने के बाद बाकी बचे तेल केक को जैविक खाद के रूप में प्रयोग क.... (Read More)
अरंडी मुख्य रूप से इसके बीजों के लिए उगाया जाने वाला वार्षिक पौधा है इसके बीजों से निकाला गया तेल खाने के लिए प्रयोग नहीं होता है, पर इसका उद्योगिक स्तर पर काफी प्रयोग होता है इसके अलावा औषधीय और प्रकाश उद्देश्य से भी इसका उपयोग किया जाता है तेल निकालने के बाद बाकी बचे तेल केक को जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जाता है भारत अरंडी का मुख्य उत्पादक देश है और भारत में गुजरात, आंध्र प्रदेश और राजस्थान मुख्य अरंडी उत्पादक राज्य हैं व्यापारिक खेती के लिए कम उपजाऊ भूमि का प्रयोग अरंडी की खेती के लिए किया जाता है पर यह गहरी, अच्छे निकास वाली, उपजाऊ, हल्की तेजाबी रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 5 से 8.5 होनी चाहिए गर्मियों में खेत की तीन से चार बार गहरी जोताई करें इससे नदीनों को खत्म करने और मिट्टी में नमी रखने में मदद मिलेगी डलियों को तोड़ने के लिए जोताई के बाद तवियों से जोताई करें फिर मिट्टी के स्तर को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा रह सके अरंडी को पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो अरंडी की खेती के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह से लेकर अगस्त का पहला सप्ताह उपयुक्त होता है फासला किस्म और बिजाई के समय पर आधारित होता है सिंचित हालातों में 90सैं.मी.x60 सैं.मी. या 120 सैं.मी.x 60 सैं.मी.फासले का प्रयोग करें जब कि बारानी हालातों में 60 सैं.मी.x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को ज्यादा गहराई में बोने से परहेज़ करें इन्हें 5 सैं.मी. की गहराई में बोयें इसकी बिजाई गड्ढा खोदकर की जाती है किस्म के आधार पर फसल 145-180 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जब एक या दो फल सूखते या पीले होते दिखाई दें, तो अरंडी की गुच्छों में कटाई शुरू करें सभी गुच्छे समान समय पर नहीं पकते इसलिए दो-तीन तुड़ाइयां आवश्यक हैं तुड़ाई के बाद गुच्छों को धूप में चार से पांच दिन सुखाएं अच्छी तरह से सूखने के बाद बीजों को अलग कर लें फलों की जल्दी कटाई ना करें इससे तेल की प्रतिशतता कम हो जाती है यह बिजाई के ढंग पर आधारित होती है यदि बीजों को हल के पीछे डालना है तो ज्यादा बीजों की मात्रा 4.5 से 6 किलोग्राम प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है यदि गड्ढा खोदकर बिजाई की जाए तो 2.5 से 3.3 किलोग्राम प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है फसल को मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें अच्छी तरह से सूखे हुए फलों में से बीजों को अलग कर लें उसके बाद बीजों से अरंडी का तेल निकाल लें तेल निकालने के बाद तेल केक में 8-10 प्रतिशत अरंडी का तेल होता है तेल केक का प्रयोग खेत में जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है अरंडी की पूरी फसल को 17-20 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बारिश के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती शुरूआती अवस्था में नदीनों की रोकथाम बहुत महत्तवपूर्ण है बिजाई के 20वें और 50वें दिन बाद हाथों से दो बार गोडाई करें बिजाई के दूसरे और तीसरे दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 250 लीटर पानी में मिलाकर डालें यह घास और चौड़े पत्तों वाले नदीनों को रोकने में सहायक होगा
Posted by harsh kumar
Uttar Pradesh
14-05-2019 01:59 PM
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रेहन की जगह सही, समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है. इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 3 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम .... (Read More)
पशु का दूध उसकी नस्ल पर निर्भर करता है, यदि नस्ल बढ़िया है तो दूध भी बढ़िया होगा, बाकि खुराक, पशु के रेहन की जगह सही, समय-समय पर डीवॉर्मिंग करवाना, इन सभी बातों का पूरा ध्यान रखना ज़रूरी है. इसके साथ आप 250 ग्राम गुड़ और 3 किलो दलिया अच्छी तरह गर्म करके फिर उसमें 100 ग्राम सरसों का तेल मिक्स करें इसे आधा आधा करके सुबह शाम दे सकते हैं. इस तरह आप 5—7 दिन दें इससे दूध बढ़ जाएगा Anabolite liqued 100ml रोज़ाना देना शुरू करें और आप Milkout पाउडर के 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इसका भी दूध बढ़ाने में बढ़िया परिणाम है आप पशु की खुराक का ध्यान रखें

Posted by Rakesh
Rajasthan
14-05-2019 01:50 PM
Rakesh ji Moti ki kheti ke bare me puri jankari ke liye aap mere se 9711858258 samparak kare. Thank you.

Posted by suaib
--
14-05-2019 01:45 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है प्रसिद्ध किस्में:- Pusa Summer Prolific Round, Pusa Manjri लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर .... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जाता है रेतली दोमट से दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है प्रसिद्ध किस्में:- Pusa Summer Prolific Round, Pusa Manjri लौकी की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक जोताई के बाद सुहागा फेरें इसकी बिजाई के लिए फरवरी से मार्च, जून से जुलाई और नवंबर से दिसंबर का समय उपयुक्त होता है कतारों में 2.0-2.5 - और पौधों में 45-60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें एक एकड़ में बिजाई के लिए 2 किलो बीज पर्याप्त होते हैं मिट्टी से पैदा होने वाली फंगस से बचाने के लिए बाविस्टिन 0.2 प्रतिशत 3 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 20-25 टन प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 28 किलो (यूरिया 60 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) की पहली मात्रा को बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालें और नाइट्रोजन 14 किलो (यूरिया 30 किलो) को पहली तुड़ाई के समय प्रति एकड़ में डालें इस फसल को तुरंत सिंचाई की आवश्यकता होती है बिजाई के तुरंत बाद सिंचाई करें गर्मियों में फसल को 6—7 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है और बारिश के मौसम में आवश्यकतानुसार पानी लगाएं इस फसल को कुल 9 सिंचाइयों की जरूरत होती है नदीनों की रोकथाम के लिए, पौधे की वृद्धि के शुरूआती समय में 2-3 गोडाई करें गोडाई खाद डालने के समय करें बरसात के मौसम में नदीनों की रोकथाम के लिए मिट्टी चढ़ाना भी प्रभावी तरीका है किस्म और मौसम के आधार पर, फसल 60-70 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है मार्किट की आवश्यकतानुसार, मध्यम और नर्म फलों की तुड़ाई करें बीज उत्पादन के लिए ज्यादातर पके फलों को स्टोर किया जाता है तीखे चाकू की मदद से फलों को बेलों से काटें मांग ज्यादा होने पर फल की तुड़ाई प्रत्येक 3-4 दिन में करनी चाहिए लौकी की अन्य किस्मों से 800 मीटर का फासला रखें खेत में से बीमार पौधों को निकाल दें बीज उत्पादन के लिए, फल की तुड़ाई पूरी तरह पकने पर करें सही बीज लेने के लिए खेत की तीन बार जांच आवश्यक है तुड़ाई के बाद, फलों के सूखाएं और फिर बीज निकाल लें

Posted by Harmeet Singh
Punjab
14-05-2019 01:45 PM
ਹਰਮੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਰੁੱਤ ਦੀਆਂ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harmeet Singh
Punjab
14-05-2019 01:41 PM
Harmeet ji isde layi tuc Balwinder Singh Lakhewali 98142-39041 ji nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Bhagya laxmi
Uttar Pradesh
14-05-2019 01:41 PM
Bhagya laxmi ji Moti ki kheti ke bare me puri jankari ke liye aap mere se 9711858258 samparak kare. Thank you.
Posted by umatiya samir
Gujarat
14-05-2019 01:39 PM
इसके बच्चेदानी में Utrawin-oz दवाई 3 दिन लगातार भरवाएं, इसके साथ आप Bovimin-B पाउडर 100 ग्राम रोज़ाना दें, तथा Concimax bolus रोज़ाना एक गोली दें, तथा 14 दिन तक दें, फिर अगली बार हीट में आने पर इसे टिका भरवा कर यह गोलियां 15 दिन तक देते रहें, फर्क पड़ जाएगा
Posted by Shaman Preet Singh
Haryana
14-05-2019 01:38 PM
बासमती 1718, 136—139 दिनों में तैयार हो जाती है और उपज 43—48 क्विंटल प्रति हैक्टेयर होती है
Posted by harjap singh
Punjab
14-05-2019 01:34 PM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ : - ਹਰੀ ਖਾਦ ਲਈ 20 ਕਿਲੋ ਬੀਜ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਲਈ 8 ਤੋਂ 10 ਕਿਲੋ ਬੀਜ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜ਼ੋ
Posted by harjap singh
Punjab
14-05-2019 01:30 PM
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰ.... (Read More)
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਸੁੰਡੀ ਕੰਟਰੋਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by Asad Khan
Uttar Pradesh
14-05-2019 01:23 PM
asad khan ji aap mentha men koi bhi company ka humic acid ka istemal kar sakte hai.iski matra 1 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhnaywad

Posted by ਅਮਰਬੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-05-2019 01:20 PM
amarbeej ji eh kisam university valo sifarish nahi kiti jandi kirpa karke isdi company da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Navdeep puri
Punjab
14-05-2019 01:17 PM
Navdeep ji tuhade walo bejii gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara audio upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
14-05-2019 01:16 PM
sarbjit ji isnu 3-4 killo vermi compost pao isde nal boota grow karna shuru ho jayega.dhanwad
Posted by Gurprit Singh
Punjab
14-05-2019 01:13 PM
ਦੇਸੀ ਇਲਾਜ ਤਾਂ ਹੈ ਕਿ ਡਾਲਡਾ ਘਿਉ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚਿੱਚੜਾਂ ਤੋਂ ਛੁਟਕਾਰਾ ਮਿਲ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ tobacco/ channa(Kali) ਦੀ ਲਾਈਨ ਲਗਾ ਦਿਓ ਤੇ ਤੁਸੀ virbac ਕੰਪਨੀ ਦੀ clinar ਦਵਾਈ 2-4 ਮਿ:ਲੀ: ਨੂੰ ਇੱਕ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਤੇ ਲਗਾਓ ਤੇ ਨਾਲ ਦੀ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਗਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ ਜਰੂਰ ਰੱਖੋ

Posted by KULDEEP SINGH
Rajasthan
14-05-2019 01:06 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Ranbir Singh
Punjab
14-05-2019 12:58 PM
ranbir ji is to ilava dieback nam di bimari de nal vi paudha suk janda hai.

Posted by ਭਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-05-2019 12:51 PM
BR 301 नाम की कोई किस्म नहीं है कृप्या आप कंपनी का नाम बताएं ताकि आपको उसके बारे में जानकारी दी जा सके

Posted by Bhupinder singh sandhu
Punjab
14-05-2019 12:46 PM
bhupinder ji kheera tat di kami de karn eda hunda hai jisde layi tuc calcium nitrate and 13-0-45 nu kheereya nu pao.dhanwad

Posted by मदन नाथ
Rajasthan
14-05-2019 12:40 PM
मदन नाथ जी कृपया आप बताये के आप कोनसी फसल की खेती करना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Bhupinder singh sandhu
Punjab
14-05-2019 12:40 PM
Bhupinder ji eh tat di kami de karn hunda hai isde layi tuc calcium nitrate and 13-0-45 di spray karo.dhanwad

Posted by Ranbir Singh
Punjab
14-05-2019 12:37 PM
ranbir ji jdan vich seonk paudhe nu suka dindi hai is to ilava nematodes v paudhe nu suka dinde han jekar jdan de vich gandan baniyan hoyian han ta nematode da hamla hai.
Posted by Gurpreet singh
Punjab
14-05-2019 12:34 PM
Gurpreet singh ji ehh HLDB hisar de muurah nasal da semen hai ji.

Posted by Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
14-05-2019 12:24 PM
संजीव जी गर्मी में लगभग रोज़ाना ही तुपका सिंचाई करनी चाहिए, धन्यवाद

Posted by Sanjeev Thakur
Himachal Pradesh
14-05-2019 12:22 PM
संजीव जी कृपया आप यह बताएं कि आपने ड्रिप इरीगेशन कितनी इंच के लगवाए है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Anil Sharma
Haryana
14-05-2019 12:20 PM
हांजी यह केसर नहीं है, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s ब.... (Read More)
हांजी यह केसर नहीं है, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by vikrant pathania
Punjab
14-05-2019 12:13 PM
Vikrant ji 1ਏਕੜ ਵਿਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਲਈ ੩ ਮਰਲੇ ਥਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਪਵੇਗੀ ਅਤੇ 8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਲਗੇਗਾ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Pawan Sahu
Madhya Pradesh
14-05-2019 12:12 PM
आप उसकी बच्चेदानी में lixin-iu दवा 2 दिन लगातार भरवायें इसके साथ आप Utrevive liquid 100 मि.ली. रोजाना देना शुरू करें

Posted by arun
Uttar Pradesh
14-05-2019 12:09 PM
arun ji krele ke patton ke uper aap M-45@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen. is se paudhe sukna band kar dete hai.dhanywad
Posted by pardeep kumar
Punjab
14-05-2019 12:07 PM
आप गाय को Cromostate injection 20ml , Guardplus injection 4.5gm, CRB injection 20ml लगवाने शुरू करें इसके साथ आप Mummidium powder 1 पुड़िया रोजाना देनी शुरू करें इससे फर्क पड़ने लग जाएगा

Posted by gurwinder
Punjab
14-05-2019 11:59 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ ਅਤੇ ਤੁਸੀ Ovulenta-kit ਦਿਓ, ਇਸ ਵਿਚ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਅਤੇ 1 ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਇੰਨਾਂ ਤਿੰਨਾਂ ਨੂੰ ਦਿਓ ਪਹਿਲਾ 2 ਨੀਲੀਆਂ ਇਕਠੀਆ ਕੁੱਟ ਕੇ ਰੋਟੀ ਵਿਚ ਦਿਓ ਫਿਰ 10 ਮਿੰਟ ਬਾਦ ਸਫੇਦ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਜੀ ਅਤੇ 5 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ. ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਨਾ ਆਵੇ ਤਾਂ ਹਫਤੇ ਬਾਦ ਦੁਬਾਰਾ ਰਪੀਟ ਕਰੋ.
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