Posted by sukhjeet gill
Punjab
16-05-2019 01:04 PM

Posted by shivam
Uttar Pradesh
16-05-2019 01:03 PM
Shivam ji agar bhains khana nhi khaa rehi hai too aap uske bhukar ki janch krwayen yaddi bhukar nahi hai too aap usko pett ke kirro ke liye flukarid-Ds bolus denn aur sath mai livertonic Livoferol 100ml rojana aur Aptifast bolus 1-1 subah sham deni suru kren, isse farak padd jayega.

Posted by Rakesh
Rajasthan
16-05-2019 12:54 PM
यदि आप पशु पालन का काम बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते है तो आपको इस काम के लिए ट्रेनिंग की जरूरत पड़ेगी , ट्रेनिंग के साथ-साथ पशु की नस्ल सबसे ज़्यादा ज़रूरी है, पशु खरीदते समय कोशिश करें कि तीन समय दूध निकालकर ही पशु खरीदें, भैंसों का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों का दूध 16-17 लीटर से कम न हो, भैंसों को खरीदने का सही समय .... (Read More)
यदि आप पशु पालन का काम बड़े स्तर पर शुरू करना चाहते है तो आपको इस काम के लिए ट्रेनिंग की जरूरत पड़ेगी , ट्रेनिंग के साथ-साथ पशु की नस्ल सबसे ज़्यादा ज़रूरी है, पशु खरीदते समय कोशिश करें कि तीन समय दूध निकालकर ही पशु खरीदें, भैंसों का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों का दूध 16-17 लीटर से कम न हो, भैंसों को खरीदने का सही समय रखड़ी से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है पशुओं के लिए शैड परिवहन वाली सड़क पर ना बनाए और शैड सड़क से कम से कम 100 गज हटवा जरूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर बनाएं शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनाए क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनाई जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़े होने के लिए एक पशु को तकरीबन तीन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनाए पशुओं का दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना बहुत जरूरी है शैड का फर्श पक्का, तिलकने रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोड़ें और पानी और दाना पूरा दें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी क्षमता और जरूरत मुताबिक ही समान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक पशु का बीमा जरूर करवायें डेयरी फार्मिंग की अगली ट्रेनिंग 17 जुलाई से शुरू हो रही है इसमें शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है उम्र की सीमा 18—45 वर्ष होनी चाहिए और कम से कम 5 दुधारू पशु होना जरूरी है ट्रेनिंग के बारे में और जानने के लिए आप अपने जिले के pddb के दफ्तर में जाकर डेयरी डिवलेपमेंट अफसर को मिलें डेयरी ट्रेनिंग का स्र्टीफिकेट हासिल करने के लिए आप आगे डेयरी लोन एप्लाई कर सकते हैं.

Posted by sukhdeep singh
Punjab
16-05-2019 12:49 PM
ਸੁਖਦੀਪ ਜੀ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ quinalphos @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Vikas Aanjana
Madhya Pradesh
16-05-2019 12:47 PM
विकास जी गेहूं में 5-6 पानी मिट्टी के हिसाब से देने पड़ते हैं

Posted by jagdev Singh
Punjab
16-05-2019 12:46 PM
Nematode di problem hai ta tuc khet vich Carbofuron @5 kg per acre de hisab nal broadcast kr skde ho.

Posted by rajveer chouhan
Madhya Pradesh
16-05-2019 12:42 PM
Rajveer ji kripya iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Ashvanikumar
Uttar Pradesh
16-05-2019 12:36 PM
Iski roktham ke liye 150 ml coragen ja fame 20ml ja regent @10kg ja furadon@10kg ja cartap hydrochloride@10kg prati acre ke hisab se dalein.

Posted by sandeep tomar
Rajasthan
16-05-2019 12:26 PM
पीला चितकबरा रोग : यह सफेद मक्खी के कारण फैलता है जिससे पत्तों और पीले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं प्रभावित पौधे पर फलियां नहीं बनती इस रोग की प्रतिरोधक किस्में बीजनी चाहिए इसकी रोकथाम के लिए 40 ग्राम थाइमैथोक्सम और ट्राइज़ोफॉस 600 मि.ली. की प्रति एकड़ में स्प्रे करें आवश्यकतानुसार पहली स्प्रे के 10 दिनों के बाद .... (Read More)
पीला चितकबरा रोग : यह सफेद मक्खी के कारण फैलता है जिससे पत्तों और पीले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं प्रभावित पौधे पर फलियां नहीं बनती इस रोग की प्रतिरोधक किस्में बीजनी चाहिए इसकी रोकथाम के लिए 40 ग्राम थाइमैथोक्सम और ट्राइज़ोफॉस 600 मि.ली. की प्रति एकड़ में स्प्रे करें आवश्यकतानुसार पहली स्प्रे के 10 दिनों के बाद दूसरी स्प्रे करें पत्तों के धब्बों का रोग : इसकी रोकथाम के लिए कप्तान और थीरम से बीजों का उपचार करें इस रोग की प्रतिरोधक किस्मों का प्रयोग करें यदि इसका हमला दिखे तो ज़िनेब 75 डब्लयु पी 400 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें 10 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें
Posted by Parwinder
Punjab
16-05-2019 12:25 PM
ਪਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ J1006 ਜਾ african tall ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by chandra shekhar
Uttar Pradesh
16-05-2019 12:23 PM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है
Posted by Parwinder
Punjab
16-05-2019 12:23 PM
1121 ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ 13 ਜੂਨ ਤੋਂ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ 25 ਦਿਨ ਵਿਚ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by ਗੁਰਮੇਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-05-2019 12:17 PM
ਤੁਸੀ Texmo ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਮੋਟਰ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਫਿਰ Crompton ਕੰਪਨੀ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਜੀ

Posted by lakhwinder singh
Punjab
16-05-2019 12:09 PM
lakhwinder ji isde uper NPk 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad

Posted by satish
Punjab
16-05-2019 12:09 PM
ਸਤੀਸ਼ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਚਰੀ ਵਿਚ ਕੀ ਦਿੱਕਤ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by avijot
Punjab
16-05-2019 12:04 PM
avijot ji eh fungus de karn hundi hai isde layi tuc carbendazim@3gm nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Lovepreet Singh
Punjab
16-05-2019 12:04 PM
lovepreet ji is mahine vich sabji tuc mooli ja palak bej sakde ho ate full tuc gende da la sakde ho.

Posted by aakash kumar
Haryana
16-05-2019 11:56 AM
आकाश कुमार जी venkey का 24 रूपये है और skylark का 26 रूपये है

Posted by Gurpreet singh
Punjab
16-05-2019 11:54 AM
gurpreet eh fungus de karn ho janda hai isdi roktham de layi tuc tilt@200ml nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Harman kamboj
Punjab
16-05-2019 11:47 AM
harman ji tuc 1121 di paniri 13 june to beej sakde ho isda foundation beej beejo.dhanwad
Posted by Manpreet Singh
Punjab
16-05-2019 11:37 AM
Manpreet Singh ji is bare vithar vich janakri lai tusi Mr Mishra 9465884780, 9810363807 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by yadvinder singh
Punjab
16-05-2019 11:27 AM
yadwinder ji isde uper tuc NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by kiran lavhate
Maharashtra
16-05-2019 11:26 AM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-05-2019 11:25 AM
ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਪੁੜੀ ਦੱਸੋ ਜੀ ਕਿੰਨੇ ਗ੍ਰਾਮ ਦੀ ਹੈ , ਫਿਰ ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by Gurbinder Singh
Punjab
16-05-2019 11:21 AM
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਿਊਬਵੈੱਲ 15 ਮਿੰਟ ਲਈ ਚਲਾਓ ਇਕ ਸਾਫ਼ ਬੋਤਲ ਲੈ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ 3-4 ਵਾਰ ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਦੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਧੋ ਲਵੋ (ਬੋਤਲ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਸਾਬਣ ਜਾਂ ਸੋਢੇ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਧੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ) ਇਸ ਨੂੰ ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਦੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਲਵੋ ਉਸ ੳੱੁਤੇ ਹੇਠ ਲਿਖੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਪਰਖ਼ ਪ੍ਰਯੋਗਸ਼ਾਲਾ ਨੂੰ ਜਾਂਚ ਲਈ ਭੇਜ ਦਿਓ :ਮਾਲਕ ਦਾ ਨਾਂ ਅਤੇ ਪੂਰਾ ਪਤਾ (ਪਿੰਡ, ਡਾਕਖਾਨਾ, ਬਲ.... (Read More)
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਟਿਊਬਵੈੱਲ 15 ਮਿੰਟ ਲਈ ਚਲਾਓ ਇਕ ਸਾਫ਼ ਬੋਤਲ ਲੈ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ 3-4 ਵਾਰ ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਦੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਧੋ ਲਵੋ (ਬੋਤਲ ਨੂੰ ਕਦੇ ਵੀ ਸਾਬਣ ਜਾਂ ਸੋਢੇ ਨਾਲ ਨਹੀਂ ਧੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ) ਇਸ ਨੂੰ ਟਿਊਬਵੈੱਲ ਦੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਲਵੋ ਉਸ ੳੱੁਤੇ ਹੇਠ ਲਿਖੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਮਿੱਟੀ ਅਤੇ ਪਾਣੀ ਪਰਖ਼ ਪ੍ਰਯੋਗਸ਼ਾਲਾ ਨੂੰ ਜਾਂਚ ਲਈ ਭੇਜ ਦਿਓ :ਮਾਲਕ ਦਾ ਨਾਂ ਅਤੇ ਪੂਰਾ ਪਤਾ (ਪਿੰਡ, ਡਾਕਖਾਨਾ, ਬਲਾਕ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ) ਮਾਲਕ ਦਾ ਨਾਂ ਅਤੇ ਪੂਰਾ ਪਤਾ (ਪਿੰਡ, ਡਾਕਖਾਨਾ, ਬਲਾਕ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ)ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਸ ਲਈ ਪਾਣੀ ਵਰਤਣਾ ਹੈ ਪਾਣੀ ਵਿਚਲੇ ਹੋਰ ਕਿਸੇ ਨੁਕਸ ਨੂੰ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਜਾਣਦੇ ਹੋਵੋ ਤਾਂ ਲਿਖ ਕੇ ਨਾਲ ਘੱਲ ਦਿਓ ਬੋਰ ਕਰਨ ਸਮੇਂ ਵੀ ਪਾਣੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਭਰਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਨੇੜਲੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵਿੱਚੋ ਟੈਸਟ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Vipul rai
Uttar Pradesh
16-05-2019 11:12 AM
आप यह बताये के आपने लेयर फार्मिंग की ट्रेनिंग ले रखी है या नहीं ? क्युकी बैंक को भी गरंटी चाहिए होती है इसके लिए सर्टिफिकेट जरुरी होता है , दूसरी हम तो कहेगे के आप अपने लेवल पर ही काम शुरू करे चाहे आप छोटे लेवल पर ही शुरू करले उसके बाद बढ़ा लेना , बैंक लोन के लिए तो बैंक की जो शर्ते होती है वह पूरी करनी ही पड़ेगी जी .... (Read More)
आप यह बताये के आपने लेयर फार्मिंग की ट्रेनिंग ले रखी है या नहीं ? क्युकी बैंक को भी गरंटी चाहिए होती है इसके लिए सर्टिफिकेट जरुरी होता है , दूसरी हम तो कहेगे के आप अपने लेवल पर ही काम शुरू करे चाहे आप छोटे लेवल पर ही शुरू करले उसके बाद बढ़ा लेना , बैंक लोन के लिए तो बैंक की जो शर्ते होती है वह पूरी करनी ही पड़ेगी जी
Posted by Vijay Thakur
Punjab
16-05-2019 11:07 AM
Sathi di spray paneeri uggan ton baad krni hundi hai...paneeri de upper nadeena di roktham de lyi Sathi@60gm ja pretilachlor @600ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. jekar kanal de hisab nal pauni hai tan sathi 7.5gm kanal di paindi hai ate pretilachlor@75ml prati kanal paa skde ho. Nomini gold di spray 25 dina ton baad spray kr skde ho. ih paneeri nu nuksaan phuncha dewegi kyuki iss de lyi paneeri vaddi honi chaidi hai ate paneeri de vich pani nahi khda hona chaida hai.
Posted by Lucky Maan
Punjab
16-05-2019 10:55 AM
ਫਸਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਉੱਪਰਲੀ ਤਹਿ ਤੋ ਘਾਹ ਫੂਸ ਪਰੇ ਕਰਕੇ ਖੁਰਪੇ ਨਾਲ 6 ਇੰਚ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟਕੇ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਇਕ ਇੰਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਤਹਿ ਉੱਪਰੋਂ ਥੱਲੇ ਤੱਕ ਇਕਸਾਰ ਕੱਟੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕੱਪੜੇ ਜਾ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ 7-8 ਹੋਰ ਥਾਵਾਂ ਤੋ ਮਿੱਟੀ ਲਵੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲਾਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚੋ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮ.... (Read More)
ਫਸਲਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਉੱਪਰਲੀ ਤਹਿ ਤੋ ਘਾਹ ਫੂਸ ਪਰੇ ਕਰਕੇ ਖੁਰਪੇ ਨਾਲ 6 ਇੰਚ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟਕੇ ਇੱਕ ਪਾਸੇ ਇਕ ਇੰਚ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਤਹਿ ਉੱਪਰੋਂ ਥੱਲੇ ਤੱਕ ਇਕਸਾਰ ਕੱਟੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਕੱਪੜੇ ਜਾ ਬਰਤਨ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਇਸੇ ਤਰ੍ਹਾਂ 7-8 ਹੋਰ ਥਾਵਾਂ ਤੋ ਮਿੱਟੀ ਲਵੋ ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਆਪਸ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਮਿਲਾਕੇ ਉਸ ਵਿੱਚੋ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਲੈ ਲਵੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਗਿੱਲੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾਓ ਇਸ ਨਮੂਨੇ ਨੂੰ ਕੱਪੜੇ ਦੀ ਥੈਲੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਕਿਸਾਨ ਦਾ ਨਾਮ, ਪਤਾ ਅਤੇ ਖੇਤ ਨੰਬਰ ਲਿਖਕੇ ਇੱਕ ਪਰਚੀ ਉਸ ਉੱਤੇ ਰੱਖ ਦੇਵੋ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿੱਚੋ ਰਲਵਾ-ਮਿਲਵਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਖੇਤ ਦੇ ਕੁਝ ਹਿੱਸੇ ਵਿੱਚ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਕਿਸਮ ਤੇ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਵੱਖਰੀ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਹਿੱਸੇ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਅਲੱਗ ਨਮੂਨਾ ਲਵੋ ਕੱਲਰ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚੋ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ 3 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਸਿੱਧੇ ਪਾਸੇ ਉੱਪਰੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਕੇ ਹੇਠਾਂ 6 ਇੰਚ ਤੱਕ 1 ਫੁੱਟ ਅਤੇ 2 ਫੁੱਟ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਗਾਉ ਹਰ ਡੂੰਘਾਈ ਤੋਂ ਖੁਰਪੇ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਤਕਰੀਬਨ 1 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਉਤਾਰ ਕੇ ਅੱਧਾ ਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਲਵੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੁੱਲ ਚਾਰ ਨਮੂਨੇ ਲਵੋ ਹਰ ਡੂੰਘਾਈ ਤੋ ਨਮੂਨੇ ਲੈ ਕੇ ਵਿਧੀ 1 ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੰਭਾਲੋ, ਪਰਚੀ ਉੱਪਰ ਨਮੂਨੇ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਵੀ ਲਿਖੋ ਬਾਗ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ ਵਾਸਤੇ ਨਮੂਨਾ ਲੈਣ ਲਈ ਖੇਤ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ 6 ਫੁੱਟ ਡੂੰਘਾ ਟੋਇਆ ਪੁੱਟ ਕੇ ਸਿੱਧੇ ਪਾਸੇ ਤੋ ਉੱਪਰ ਹੇਠਾਂ ਵੱਲ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾ ਕੇ ਨਿਸ਼ਾਨ 6 ਇੰਚ ‘ਤੇ 2 ਨਿਸ਼ਾਨ 1 ਫੁੱਟ’ ਤੇ ਲਾ ਕੇ ਹਰ ਫੁੱਟ ’ਤੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਲਾਉ ਖੁਰਪੇ ਨਾਲ 6 ਇੰਚ ਦੇ ਨਿਸ਼ਾਨ ਤੱਕ 1 ਇੰਚ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਇੱਕ ਸਾਰ ਲਾਉ ਜਿਸ ਦਾ ਭਾਰ ਲਗਪਗ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਹੋਵੇ ਇਸੇ ਤਰ੍ਰਾਂ 6 ਨਮੂਨੇ 1-1 ਫੁੱਟ ਦੂਰੀ ’ਤੇ ਲਉ ਅਤੇ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥੈਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਜਿਸ ਦੀ ਗਿਣਤੀ 7 ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਥੈਲੀ ਦੇ ਕਿਸਾਨ ਅਤੇ ਖੇਤਾਂ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਿਖ ਕੇ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਕੋਈ ਰੋੜਿਆ ਦੀ ਤਹਿ ਹੋਵੇ, ਉਸਦਾ ਨਮੂਨਾ ਅਲੱਗ ਲੈ ਕੇ ਵੱਖਰੀ ਥੈਲੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਪਰਚੀ ਉੱਤੇ ਤਹਿ ਦੀ ਡੂੂੰਘਾਈ ਲਿਖੀ ਹੋਵੇ ਕੱਲਰ ਵਾਲੀ ਜ਼ਮੀਨ ਅਤੇ ਬਾਗਾਂ ਵਾਸਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਨਮੂਨਾ ਬਰਮੇ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਵੀ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਜਾਂਚ ਤੁਸੀਂ ਮਿੱਟੀ ਜਾਂਚ ਕੇਂਦਰ ਕੋਲੋ ਜਾਂ KVK ਕੋਲੋ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Sandeep Kumar
Uttar Pradesh
16-05-2019 10:41 AM
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध कि.... (Read More)
गुलाब फूलों में सबसे मह्त्वपूर्ण फूल है गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए प्रसिद्ध किस्में :- इसमें तीन मुख्य समूह हैं,1) प्रजातियां 2) पुराने बाग़ 3) आधुनिक या नए गुलाब Species roses: इसे जंगली गुलाब के नाम से भी जाना जाता है इस तरह के फूलों की पांच पंखुड़ियां और रंग चमकीला होता है ये सर्दियों में ज्यादा समय तक रहती हैं जैसे कि: Rosa rugose: इनका मूल स्थान जापान है यह किस्म प्रकृति रूप में कठोर होती हैं इसके फूल बेहद सुगंधित होते हैं, पत्ते झुर्रीदार चमड़े की तरह होते हैं ये घनी और मोटी झाड़ियों में उगते हैं रासायनिक स्प्रे का उपयोग ना करें, क्योंकि इस पर स्प्रे करने से सारे पत्ते झड़ जाते हैं Banksiae: इसे लेडी बैंक केनाम से भी जाना जाता है और इसका मूल स्थान चीन है फूल छोटे, सुगंधित और जामुनी रंग के होते हैं फूल छोटे गुच्छों में लगते है मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता है बैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें मोनोकोट नदीनों की रोकथाम के लिए ग्लाइफोसेट 300 ग्राम और डिकोट नदीनों को रोकने के लिए ऑक्सीफ्लूरॉन 200 ग्राम को अंकुरन से पहले प्रति एकड़ में स्प्रे करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं गुलाब की फसल से दूसरे वर्ष से बढ़िया किफायती पैदावार लिया जा सकता है गुलाब की तुड़ाई फूलों का रंग पूरी तरह से विकसित पर और पहली एक और दो पंखुड़ियां खुलनी(पर पूरी तरह नहीं) पर तेज़ छुरी की सहायता से की जाती है निर्धारित लंबाई होने पर हाथ वाली छुरी के साथ काटा जाता है विदेशी बाज़ार के मांग के अनुसार बड़े फूलों के लिए तने की लंबाई 60-90 सैं.मी. और छोटे फूलों के लिए 40-50 सैं.मी. होती है फ़ॉलोन को सुबह जल्दी या दोपहर के अंत वाले समय में तोडना चाहिए इसकी मार्केटिंग आप नजदीकी फूल मार्किट में कर सकते है गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है

Posted by Nirmal
Punjab
16-05-2019 10:38 AM
ਅਨਾਜ ਦਾ ਭੰਡਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਮਰਥਾ ਵਾਲੇ ਢੋਲ ਮਿਲਦੇ ਹਨ ਘਰੇਲੂ ਵਰਤੋਂ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਨਕਸਿਆ ਤੇ 1.5,3.5 ਜਾ ਸਾਢੇ 7 ਤੋਂ 15 ਕੁਇੰਟਲ਼ ਦਾਣਿਆਂ ਲਈ ਲੋਹੇ ਦੇ ਭੜੋਲੇ ਮਿਲਦੇ ਹਨ ਇਹ ਹਵਾ ਰਹਿਤ ਢੋਲ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਅਨਾਜ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਣ ਵਾਲੇ ਕੀੜੇ, ਚੂਹੇ ਆਦਿ ਦਾਖਲ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦੇ ਅਤੇ ਅਨਾਜ ਦੇ ਅੰਦਰ ਰਹਿ .... (Read More)
ਅਨਾਜ ਦਾ ਭੰਡਾਰ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਖ ਵੱਖ ਸਮਰਥਾ ਵਾਲੇ ਢੋਲ ਮਿਲਦੇ ਹਨ ਘਰੇਲੂ ਵਰਤੋਂ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਨਕਸਿਆ ਤੇ 1.5,3.5 ਜਾ ਸਾਢੇ 7 ਤੋਂ 15 ਕੁਇੰਟਲ਼ ਦਾਣਿਆਂ ਲਈ ਲੋਹੇ ਦੇ ਭੜੋਲੇ ਮਿਲਦੇ ਹਨ ਇਹ ਹਵਾ ਰਹਿਤ ਢੋਲ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ ਕਿ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਅਨਾਜ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚਾਣ ਵਾਲੇ ਕੀੜੇ, ਚੂਹੇ ਆਦਿ ਦਾਖਲ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕਦੇ ਅਤੇ ਅਨਾਜ ਦੇ ਅੰਦਰ ਰਹਿ ਗਏ ਕੀਟਾ ਨੂੰ ਵਧਣ ਫੁੱਲਣ ਲਈ ਯੋਗ ਵਾਤਾਵਰਨ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦਾ ਕਣਕ ਨੂੰ ਸਟੋਰ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਢੋਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸਾਫ ਕਰ ਲਵੋ ਤਾਂ ਕਿ ਪਹਿਲਾਂ ਸਟੋਰ ਕੀਤੇ ਅਨਾਜ ਦੀ ਰਹਿਦ ਖੂੰਹਦ ਬਿਲ੍ਕੁਲ ਨਾ ਰਹੇ ਦਾਣਿਆਂ ਨੂੰ ਸਭ ਕੂੜਾ ਕਰਕਟ ਕੱਡ ਕ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਸਾਫ ਕਰ ਲਵੋ ਟੂਟੇ ਭਜੇ ਦਾਣੇ ਕੀੜਿਆਂ ਨੂੰ ਸੱਦਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਡ ਕਰ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਨਵੇਂ ਦਾਣਿਆਂ ਨੂੰ ਪੁਰਾਣੇ ਦਾਣਿਆਂ ਨਾਲ ਨਾ ਮਿਲਓ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਓਹਨਾ ਨੂ ਕੀੜੇ ਲਗੇ ਹੋਣ ਦਾਣਿਆਂ ਨੂੰ ਸਟੋਰ ਕਰਨ ਲਗੇ 9 ਫੀਸਦੀ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਿਲ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਕਦੇ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਧੁੱਪ ਵਿਚ ਰੱਖਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸਿੱਧਾ ਅੰਦਰ ਸਟੋਰ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਕਣਕ ਵਿਚ ਸੁਸਰੀ ਅਤੇ ਖਪਰੇ ਲੱਗਣ ਦੇ ਚਾਂਸ ਵੱਧ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸ ਤੋਂ ਅਲਾਵਾ ਜਦ ਵੀ ਕਣਕ ਨੂੰ ਅੰਦਰ ਸਟੋਰ ਕਰਨਾ ਹੋਵੇ ਉਸ ਵਿਚ ਨਿੱਮ ਦੇ ਪੱਤੇ ਅਤੇ ਮਾਚਿਸ ਦੀਆਂ ਡੱਬੀਆਂ ਜਰੂਰ ਪਾਓ

Posted by Aman
Punjab
16-05-2019 10:33 AM
ਅਮਨ ਜੀ ਇਹ ਕੀਟ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ malathion @2.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurmukh Singh
Punjab
16-05-2019 10:24 AM
ਗੁਰਮੁਖ ਜੀ ਇਹ ਤੱਤ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਹੇ ਹਨ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ NPK 19:19:19 ਇਕ ਕਿੱਲੋ ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ

Posted by harjinder singh
Haryana
16-05-2019 10:13 AM
ਬੈਂਗਣ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜੋ ਤਾਂ ਜੋ ਅਗਸਤ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇ ਮਿਰਚ ਦੀ ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-.... (Read More)
ਬੈਂਗਣ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜੋ ਤਾਂ ਜੋ ਅਗਸਤ ਤੱਕ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇ ਮਿਰਚ ਦੀ ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਉੱਤਰੀ ਰਾਜਾਂ ਵਿੱਚ, ਬਸੰਤ ਦੇ ਸਮੇਂ ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਨਵਰੀ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪੱਤਝੜ ਦੇ ਸਮੇਂ ਪਨੀਰੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਵਿੱਚ ਇਹ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਹਾੜੀ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਵਿੱਚ ਇਹ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ

Posted by shubham dhande
Maharashtra
16-05-2019 10:13 AM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही सो सकता है, यह कुम्स है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by ਹਰਪੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
16-05-2019 10:10 AM
ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਗੋਬਰ ਦਾ ਬੰਨ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਜੰਗ ਜੰਗਹਰੜ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਤਿਰਫਲਾ , 400 ਗ੍ਰਾਮ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਲਓ , ਫਿਰ ਤੁਸੀ 2 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਾਓ ਫਿਰ ਠੰਡਾ ਕਰਕੇ ਮੱਝ ਨੂੰ ਨਾਲ਼ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਿਲਾਓ , ਇਹ ਚੀਜਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੀ ਵੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੀਆਂ , ਇਸ ਨਾਲ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਫ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਉਸ ਨੂੰ ਗੋਬਰ ਦਾ ਬੰਨ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 400 ਗ੍ਰਾਮ ਜੰਗ ਜੰਗਹਰੜ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਤਿਰਫਲਾ , 400 ਗ੍ਰਾਮ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਲਓ , ਫਿਰ ਤੁਸੀ 2 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿੱਚ ਇਹ ਪਾਓ ਫਿਰ ਠੰਡਾ ਕਰਕੇ ਮੱਝ ਨੂੰ ਨਾਲ਼ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਪਿਲਾਓ , ਇਹ ਚੀਜਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿਸੀ ਵੀ ਪੰਸਾਰੀ ਦੀ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੀਆਂ , ਇਸ ਨਾਲ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗੀ , ਅਤੇ ਉਸਦਾ ਪੇਟ ਸਾਫ਼ ਹੋ ਜਾਵੇਗਾ ..

Posted by ਰੁਪਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-05-2019 09:59 AM
rupinder ji it is insect attack to prevent this do a spray of imidacloprid@1.5ml per litre . after 4 days do spray of copper oxychloride@3gm per litre of water.

Posted by kulwinder singh
Punjab
16-05-2019 09:59 AM
ehh powder hajame lai kam krda hai, pashu da khana hajam hunda rehnda hai vdia growth hundi hai ehh feed vich tuci gaban pashu nu v de skde ho.

Posted by ओमप्रकाश नैन
Haryana
16-05-2019 09:57 AM
ओमप्रकाश नैन जी आप इस Assistant Director
Regional Centre of Organic Farming,
Kisan Bhawan, Sector 14,
Panchkula-134 109 (Haryana).
0172=2564460, Email: biofhr05@nic.in नंबर पे संपर्क करके इसे मंगवा सकते है

Posted by g
Punjab
16-05-2019 09:51 AM
ji tuc may vich makki di bijai kar sakde ho is to ilava tuc mooli ja palak di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by Gurbinder Singh
Punjab
16-05-2019 09:47 AM
ਹਰੀ ਖਾਦ ਲਈ 20 ਕਿਲੋ ਬੀਜ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਲਈ 8 ਤੋਂ 10 ਕਿਲੋ ਬੀਜ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੀਜ਼ੋ

Posted by surinder singh
Punjab
16-05-2019 09:47 AM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟ.... (Read More)
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਗ੍ਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲੀਨ* ਦੇ 10 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿੱਚ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 8-10 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਡੁਬੋ ਲਉ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ, ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਬੀਜਣ ਦਾ ਢੰਗ : 12-15 ਟਨ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਰਲਾਉ ਹੁਣ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਦਿਉ, ਤਾਂ ਕਿ ਨਦੀਨ ਉੱਗ ਪੈਣ ਉੱਗੇ ਹੋਏ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰੋ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੱਦੂ ਕਰੋ ਕੱਦੂ ਦੀ ਆਖਰੀ ਵਾਹੀ ਸਮੇਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 60 ਕਿਲੋ ਸੁਪਰਫ਼ਾਸਫ਼ੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਸਿਹਤਮੰਦ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 40 ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਹੈਪਟਾਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਜਾਂ 25.5 ਕਿਲੋ ਜਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਮੋਨੋਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉ ਫਿਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਕਿਆਰੇ ਬਣਾਉ, ਜੋ ਕਿ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਵਧਾਏ-ਘਟਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਸੋਧੇ ਹੋਏ ਭਿੱਜੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਉਪਰ 7-8 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਵਿੱਚ ਖਲਾਰ ਦਿਉ ਅਤੇ ਉਪਰੋਂ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਉ ਢੱਕੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਉਪਰ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਰੱਖੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 24 ਤੋਂ 36 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰ ਪਵੇਗਾ ਹਰੇਕ ਕਿਆਰੇ (10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ) ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਸੋਧਿਆ ਤੇ ਪੁੰਗਰਿਆ ਬੀਜ ਛੱਟੇ ਨਾਲ ਬੀਜੋ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਪਾਣੀ ਲਾ ਕੇ ਗਿੱਲੀ ਰੱਖੋ ਪੰਛੀਆਂ ਤੋਂ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਪਤਲੀ ਤਹਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਮ ਬਾਅਦ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੋਰ ਪਾਉ ਪਨੀਰੀ 24-30 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ 45 ਦਿਨ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਚਾਰ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਹੋਰ ਪਾਉ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ 8 ਕਿਆਰੀਆਂ (ਸਾਢੇ 6 ਮਰਲੇ) ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਕੀੜੇ ਜਾਂ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਸੇ ਤਾਂ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੇ ਢੰਗ ਵਰਤੋ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਜਦ ਪਨੀਰੀ 20-25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਉੱਚੀ ਜਾਂ 6-7 ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝੋ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਣ ਤਾਂ ਫ਼ੈਰਸ ਸਲਫ਼ੇਟ ਦੇ ਤਿੰਨ ਛਿੜਕਾਅ ਹਫ਼ਤੇ-ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਫ਼ਰਕ ਤੇ ਕਰੋ
Posted by Rohit
Madhya Pradesh
16-05-2019 09:45 AM
आप कपास की किसम जैसे Ankur 226BG, PCH 406 BT, Sigma Bt, SDS 1368 Bt, SDS 9Bt, NAMCOT 402 Bt, GK 206 Bt, 6317 Bt, 6488 Bt, MRC 7017 BG II, MRC 7031 BG II, NCS 145 BG II, ACH 33-2 BG II, JKCH 1050 Bt, MRC 6025 Bt, MRC 6029 Bt, NCS 913 Bt, NCS 138 Bt, RCH 308 Bt, RCH 314 Bt. की बिजाई कर सकते है
Posted by Daljeet Aujla
Punjab
16-05-2019 09:42 AM
daljeet ji kirpa karke isdi photo bhejo tajo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by lovepreet singh
Punjab
16-05-2019 09:27 AM
lovepreet ji jekar tuc KVK to beej lai rahe ho ta tuhanu 8 killo da bag milega 400 rupaye da jekar kise dealer kolo lai rahe ho ta 60-100 rupaye killo de hisab nal milega.dhanwad

Posted by Krishan Kumar
Rajasthan
16-05-2019 09:25 AM
कृष्णा जी कृपया बताएं कि अनार की कौन सी किसम की बिजाई की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Priyanshu Gangwar
Uttar Pradesh
16-05-2019 09:18 AM
प्रियांशु जी गन्ने से संबंधित पूरी जानकारी आपको एप्प में कृषि सेक्शन में गन्ना की फसल सेलेक्ट करके देख सकते है धन्यवाद

Posted by ,ਪਵਨ ਕੁਮਾਰ
Punjab
16-05-2019 09:15 AM
Sathi di spray paneeri uggan ton baad krni hundi hai...paneeri de upper nadeena di roktham de lyi Sathi@60gm ja pretilachlor @600ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. jekar kanal de hisab nal pauni hai tan sathi 7.5gm kanal di paindi hai ate pretilachlor@75ml prati kanal paa skde ho. Nomini gold di spray 25 dina ton baad spray kr skde ho. ih paneeri nu nuksaan phuncha dewegi kyuki iss de lyi paneeri vaddi honi chaidi hai ate paneeri de vich pani nahi khda hona chaida hai.
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