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Posted by sukhwinder
Punjab
16-05-2019 06:18 PM
Punjab
05-19-2019 06:56 PM
Veer g pic open Nahi ho rahi please dubara Pic send kreo ta ki Tuhadi problem da sahi answer ditta jaa ske.
Posted by Kewal Singh
Haryana
16-05-2019 06:12 PM
Maharashtra
05-20-2019 07:02 PM
खुम्ब की खेती अच्छे हवादार कमरे, शैड, बेसमैंट, गैरेज आदि में की जा सकती है पैडी स्ट्रॉ खुम्ब को बाहर शैड वाले स्थान पर उगाया जा सकता है भारत में तीन प्रकार के खुम्ब को उगाया जा सकता है बटन खुम्ब इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन हो.... (Read More)
खुम्ब की खेती अच्छे हवादार कमरे, शैड, बेसमैंट, गैरेज आदि में की जा सकती है पैडी स्ट्रॉ खुम्ब को बाहर शैड वाले स्थान पर उगाया जा सकता है भारत में तीन प्रकार के खुम्ब को उगाया जा सकता है बटन खुम्ब इस किस्म को पूरे विश्व में उगाया जाता है और पूरे वर्ष उगाया जा सकता है, सफेद बटन खुम्ब में उच्च मात्रा में प्रोटीन होता है इसका ताजा और डिब्बा बंद उपभोग किया जा सकता है इसकी औषधीय विशेषताएं हैं हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेष, तामिलनाडू और कर्नाटक मुख्य खुम्ब उगाने वाले राज्य हैं यू पी में खुम्ब को उगाने के लिए नवंबर से मार्च का महीना उपयुक्त होता है अच्छी वृद्धि के लिए इसे 22-25 डिगरी सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है और खुम्ब निकलते समय इसे 14-18 डिगरी सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है स्ट्रॉ खुम्ब यह पूरे विश्व में उगाई जाने वाली तीसरी सबसे प्रसिद्ध किस्म है इसे कपास के व्यर्थ मिश्रण के साथ पराली की छोटी मात्रा के ऊपर उगाया जाता है यह छोटे आकार की खुम्ब होती हैं जो कि कोण के आकार की होती हैं इसकी टोपी ऊपर से गहरे भूरे रंग की होती है भारत में इसकी तीन प्रजातियां हैं V. diplasia, V. volvacea and V. esculenta इन प्रजातियों के अलावा उत्तर प्रदेश में Volvariella volvacea की खेती की जाती है इसे “चाइनीज़” या “पैडी” खुम्ब के रूप में भी जाना जाता है इन्हें बड़े स्तर पर उष्णकटिबंधीय और उपउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगाया जाता है इन्हें 35 डिगरी सेल्सियस के तापमान पर उगाया जा सकता है इस किस्म की खुम्ब की खेती के लिए अप्रैल से सितंबर का समय उपयुक्त होता है ओइस्टर खुम्ब या ढींगरी खुम्ब यह सामान्य और खाने योग्य खुम्ब है इसका गुद्दा नर्म, मखमली बनावट और अच्छा स्वाद होता है यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन बी1 से बी 12 का उच्च स्त्रोत है इस किस्म की सभी प्रजातियां और किस्में खाने योग्य हैं सिर्फ P. olearius और P. nidiformis को छोड़कर, ये ज़हरीली होती हैं उड़ीसा, महाराष्ट्र, आंध्रा प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और उत्तर पूर्व के पहाड़ी क्षेत्र मुख्य राज्य हैं जो खुम्ब का उत्पादन करते हैं इस खुम्ब को उगाने का उपयुक्त समय अक्तूबर से मार्च तक का है यह 20-30 डिगरी सेल्सियस तापमान के साथ 80-85 प्रतिशत आर्द्रता को सहने योग्य है स्पान (बीज) की तैयारी सबस्ट्रेट की तैयारी सबस्ट्रेट की स्पॉनिंग फसल का प्रबंधन स्पान की तैयारी स्पान / खुम्ब के बीजों की तैयारी ये बाज़ार में उपलब्ध होते हैं इन्हें खेत में भी तैयार या उत्पादन किया जा सकता है ताजे तैयार किए हुए खुम्ब के बीज प्रयोग के लिए सबसे अच्छे होते हैं सबस्ट्रेट की तैयारी खुम्ब की खेती बडी़ मात्रा में खेत के व्यर्थ पदार्थ और अन्य सामग्री जैसे व्यर्थ कागज़, कपास का व्यर्थ पदार्थ, अनाज की पराली आदि पर की जा सकती है धान की पराली और गेहूं की पराली मुख्य तौर पर प्रयोग होने वाली सामग्री हैं जिनका प्रयोग सब्स्ट्रेट की तैयारी के लिए किया जाता है ओइस्टर को पॉलीथीन बैग में उगाया जाता है कार्बेनडाज़ि़म 7 ग्राम के साथ फॉरमालीन 125 मि.ली. को 100 लीटर पानी में मिलाकर डालें और एक मिश्रण तैयार करें ऊपर दिए गए मिश्रण में 20 किलो गेहूं की पराली डालें और इसे 18 घंटे के लिए रख दें 18 घंटों के बाद गेहूं की पराली को हटा दें और इसे एक सतह पर रखें और इसमें से अतिरिक्त पानी को निकाल दें गेहूं की पराली में 2 प्रतिशत बीज डालें और इस मिश्रण को 15x12 इंच के पॉलीथीन बैग में भरें पॉलीथीन बैग 2 मि.मी. अर्द्ध व्यास से छिद्रित हो हवा परिसंचरण के लिए पूरी सतह पर लगभग 4 सैं.मी. के छेद हों उसके बाद बैग को 80-85 प्रतिशत आर्द्रता वाले कमरे में शैल्फ पर रखें कमरे का तापमान 24-26 डिगरी सेल्सियस होना चाहिए बैगों को सुरक्षित जगह पर रखें और पानी के छिड़काव द्वारा इनमें नमी बनाए रखें पराली पर सफेद रंग की सूती माइसीलियम विकसित हो जाती है गेहूं की पराली अपना रंग बदलकर भूरे रंग की हो जाती है और आवाज करती है और सिकुड़ जाती है इस अवस्था में पॉलीथीन को काट कर निकाल दें पॉलीथीन में पराली सिकुड़ जाती है और बेलनाकार हो जाती है इन बेलनाकार पराली के आकार को शैल्फ पर लगाएं और इनमें पानी के छिड़काव द्वारा नमी बनाए रखें स्पॉनिंग के 18-20 दिन बाद पहली खुम्ब दिखनी शुरू हो जाती है एक सप्ताह के अंतराल पर दो से तीन खुम्ब दिखनी शुरू हो जायेंगी जब खुम्ब की टोपी मुड़ना शुरू हो जाये तो खुम्ब की तुड़ाई कर लें तुड़ाई के लिए तीखे चाकू का प्रयोग करें और इसे उंगलियों से मरोड़ कर भी तोड़ा जा सकता है इसे ताजा भी खाया जा सकता है या धूप में या मशीनी ड्रायर से सुखाकर इसका प्रयोग किया जा सकता है 45-60 दिनों के अंदर अंदर एक टन सूखी पराली से 500 किलो से ज्यादा ताजी खुम्ब प्राप्त की जा सकती है
Posted by ਬਿਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
16-05-2019 05:40 PM
Punjab
05-17-2019 03:50 PM
ਬਿਕਰਮਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦਸੋ ਕਿ ਉਹ ਸੂਣ ਵਾਲੀ ਹੈ ਜਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by Gurpreet sandhu
Punjab
16-05-2019 05:33 PM
Maharashtra
05-21-2019 11:22 AM
Sandhu ji kirpa karke photo poori bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Gurvinder Singh
Haryana
16-05-2019 05:29 PM
Punjab
05-21-2019 09:41 AM
Gurvinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by navdeep singh
Haryana
16-05-2019 05:27 PM
Punjab
05-21-2019 11:33 AM
Navdeep ji muskmelon ko tatv ki kami hai iske uper NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by kumer Singh sendhav
Madhya Pradesh
16-05-2019 05:25 PM
Punjab
05-21-2019 10:09 AM
आप सोयाबीन की किस्मे जैसे Alankar, Ankur, Bragg, Lee, PK 262, PK 308, PK 327, PK 416, PK 472, PK 564, Pant Soybean 1024, Pant Soybean 1042, Pusa 16, Pusa 20, Pusa 22, Pusa 24, Pusa 37, Shilajeet, VL soya 2, VL soya 47, MAUS 158, VL soya 65, VL soya 59, SL 525, Pratap Soya 2, TAMS 9821, Phule Kalyani (DS 228), Pusa 9814, Co (SOY)-3, LSB-1, Hara soya की बिजाई कर सकते है
Posted by Ranbir Singh
Punjab
16-05-2019 05:10 PM
Punjab
05-21-2019 10:10 AM
Ranbir ji isde uper keet da hamla check karo jekar maujood hai ta tuc imidaclorpid@1.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by ginda
Punjab
16-05-2019 05:05 PM
Punjab
05-21-2019 11:36 AM
PR 121: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ )ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚਲੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਲਾਬ (ਗਿੱਲੇਪਣ) ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਲੰਮੇ ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 30.5 ਕੁਇ.... (Read More)
PR 121: ਇਹ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਮੁੰਜਰ (ਸਿੱਟੇ )ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿਚਲੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸਲਾਬ (ਗਿੱਲੇਪਣ) ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੇ ਪੱਤੇ ਗੂੜ੍ਹੇ ਹਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਅਤੇ ਸਿੱਧੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 140 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਲੰਮੇ ਪਤਲੇ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਕਿਸਮ ਉਤੇ ਝੁਲਸ ਰੋਗ ਦਾ ਕੋਈ ਅਸਰ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦਾ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 30.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by Preet SanDhu
Punjab
16-05-2019 05:02 PM
Punjab
05-16-2019 05:13 PM
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦ.... (Read More)
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹਿੰਗੀ ਫੀਡ ਨਹੀਂ ਵਰਤਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਜ਼ਾਰ ਚੋ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਉਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਤੋਂ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ , ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ.
Posted by ginda
Punjab
16-05-2019 05:02 PM
Punjab
05-21-2019 10:26 AM
पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद ख.... (Read More)
पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके
Posted by अनूप जांगड़ा
Haryana
16-05-2019 04:56 PM
Punjab
05-21-2019 11:37 AM
अनूप जांगड़ा जी इसे 150 ग्राम यूरिया डाले इस से पौधा ग्रोथ करना शुरू कर देगा धन्यवाद
Posted by robin singh
Rajasthan
16-05-2019 04:56 PM
Punjab
05-16-2019 05:17 PM
पशुओं को आप घर में फीड तैयार करके दे सकते है बाकि आप उनको रोजाना 40—45 किलो हरा चारा और 5—6 किलो तूड़ी मिक्स करके दे सकते है बाकि आप गर्मियों में उनके पास 24 घंटे पानी रखें जिससे वो अपनी मर्जी से पानी पर सके फीड आप दो किलो दूध के मगर एक किलो दे सकते है, संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किल.... (Read More)
पशुओं को आप घर में फीड तैयार करके दे सकते है बाकि आप उनको रोजाना 40—45 किलो हरा चारा और 5—6 किलो तूड़ी मिक्स करके दे सकते है बाकि आप गर्मियों में उनके पास 24 घंटे पानी रखें जिससे वो अपनी मर्जी से पानी पर सके फीड आप दो किलो दूध के मगर एक किलो दे सकते है, संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किला, 1 किलो हल्दी (सर्दियां में) इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है
Posted by Amarjit Singh
Punjab
16-05-2019 04:54 PM
Punjab
05-21-2019 11:39 AM
Amarjit ji bhindi di tudai tuhanu sarvekhan dehisab nal karni payegi ke agle din bhindi tudai layi tyar hai v k nai kyuki size to choti bhindi di vi vikri sahi nahi hundi.dhanwad
Posted by adarsh yadav
Madhya Pradesh
16-05-2019 04:48 PM
Punjab
05-21-2019 11:41 AM
Adarsh ji aap gwar ya moong ki bijai kar sakte hai kyuki ise pani ki kam matra ki jarurat nahi hai.dhanywad
Posted by Sukhpal Bhangal
Punjab
16-05-2019 04:33 PM
Punjab
05-21-2019 11:43 AM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟ.... (Read More)
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਗ੍ਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲੀਨ* ਦੇ 10 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿੱਚ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 8-10 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਡੁਬੋ ਲਉ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ 4.5 ਮਰਲੇ ਜਗਾਹ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jaskaran
Punjab
16-05-2019 04:33 PM
Rajasthan
05-17-2019 04:00 PM
ਜਸਕਰਨ ਜੀ ਇਹ ਐਚ ਐੱਫ ਕ੍ਰੋਸ ਨਸਲ ਦੀ ਗਾਂ ਹੈ .
Posted by gurjinderpal singh
Punjab
16-05-2019 04:32 PM
Punjab
05-21-2019 11:53 AM
Gurjinderpal ji tuc pkavi makki di kisam jive PMH1, PMH2, di bijai kar sakde ho.dhanwad
Posted by Harjot singh
Punjab
16-05-2019 04:27 PM
Punjab
05-16-2019 05:09 PM
हरजोत जी आप गाय को Vitum-H liquid 10-10ml सुबह शाम देना शुरू करें, Calcimust bolus 1-1 गोली सुबह शाम और anbolite liquid 100ml रोज़ाना दें, इसके साथ फर्क पड़ जायेगा
Posted by Gurpreet singh
Punjab
16-05-2019 04:25 PM
Punjab
05-16-2019 04:45 PM
गुरप्रीत जी पौधा कितने साल का है, इसमें नए पत्ते जून-जुलाई में निकलकर आते हैं
Posted by Harjot singh
Punjab
16-05-2019 04:23 PM
Rajasthan
05-17-2019 04:01 PM
हरजोत जी यह क्रॉस नस्ल की गाय है
Posted by Sukhpal Bhangal
Punjab
16-05-2019 04:19 PM
Punjab
05-16-2019 04:45 PM
आप इसकी पनीरी 15 मई से लगा सकते है और 15 जून से मुख्य खेत में लगा सकते है
Posted by ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਭੁੱਲਰ
Punjab
16-05-2019 04:06 PM
Punjab
05-16-2019 04:46 PM
Rashpinder g iss di jankari de lyi tractor change mistri de kol check krwao kyuki ihh koi major fault ho skda hai. Mistri tuhanu exact problem ds skde hnn.
Posted by Mahendra Kumar Sharma
Rajasthan
16-05-2019 04:03 PM
Punjab
05-16-2019 04:47 PM
महेन्दर जी टमाटर के ऊपर ग्रोथ के लिए npk 130045@2kg या npk 191919@1kg प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Litesh Nag
Chattisgarh
16-05-2019 03:46 PM
Punjab
05-16-2019 04:08 PM
Posted by surinderjit singh
Punjab
16-05-2019 03:31 PM
Punjab
05-16-2019 04:48 PM
करेले की ग्रोथ के लिए आप एनपीके 130045 दो किलो या एनपीके 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के साथ मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें जैविक तरीके के लिए आप खट्टी लस्सी 4 लीटर प्रति एकड़ या जीव अम्रत का प्रयोग कर सकते है
Posted by Goldy bangarh
Punjab
16-05-2019 03:20 PM
Punjab
05-16-2019 03:42 PM
ਤੁਸੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukarid-ds ਦਵਾਈ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ hiefer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Cafplan ਪਾਊਡਰ 100gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ.
Posted by Anil Kumar
Rajasthan
16-05-2019 03:18 PM
Punjab
05-17-2019 05:28 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति व.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं इसका मुनाफा कई किसान कमा रहे हैं, इसकी डिमांड आजकल बहुत बढ़ गई है क्योंकि अब किसान जैविक खेती की तरफ बढ़ रहे हैं, यह 800 रुपये क्विंटल के हिसाब से बिक जाता है धन्यवाद
Posted by Sunil Kaushal
Punjab
16-05-2019 03:12 PM
Punjab
05-17-2019 05:42 PM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟ.... (Read More)
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਗ੍ਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲੀਨ* ਦੇ 10 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿੱਚ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 8-10 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਡੁਬੋ ਲਉ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ, ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਬੀਜਣ ਦਾ ਢੰਗ : 12-15 ਟਨ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਰਲਾਉ ਹੁਣ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਦਿਉ, ਤਾਂ ਕਿ ਨਦੀਨ ਉੱਗ ਪੈਣ ਉੱਗੇ ਹੋਏ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰੋ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੱਦੂ ਕਰੋ ਕੱਦੂ ਦੀ ਆਖਰੀ ਵਾਹੀ ਸਮੇਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 60 ਕਿਲੋ ਸੁਪਰਫ਼ਾਸਫ਼ੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਸਿਹਤਮੰਦ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 40 ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਹੈਪਟਾਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਜਾਂ 25.5 ਕਿਲੋ ਜਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਮੋਨੋਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉ ਫਿਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਕਿਆਰੇ ਬਣਾਉ, ਜੋ ਕਿ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਵਧਾਏ-ਘਟਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਸੋਧੇ ਹੋਏ ਭਿੱਜੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਉਪਰ 7-8 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਵਿੱਚ ਖਲਾਰ ਦਿਉ ਅਤੇ ਉਪਰੋਂ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਉ ਢੱਕੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਉਪਰ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਰੱਖੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 24 ਤੋਂ 36 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰ ਪਵੇਗਾ ਹਰੇਕ ਕਿਆਰੇ (10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ) ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਸੋਧਿਆ ਤੇ ਪੁੰਗਰਿਆ ਬੀਜ ਛੱਟੇ ਨਾਲ ਬੀਜੋ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਪਾਣੀ ਲਾ ਕੇ ਗਿੱਲੀ ਰੱਖੋ ਪੰਛੀਆਂ ਤੋਂ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਪਤਲੀ ਤਹਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਮ ਬਾਅਦ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੋਰ ਪਾਉ ਪਨੀਰੀ 24-30 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ 45 ਦਿਨ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਚਾਰ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਹੋਰ ਪਾਉ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ 8 ਕਿਆਰੀਆਂ (ਸਾਢੇ 6 ਮਰਲੇ) ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਕੀੜੇ ਜਾਂ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਸੇ ਤਾਂ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੇ ਢੰਗ ਵਰਤੋ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਜਦ ਪਨੀਰੀ 20-25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਉੱਚੀ ਜਾਂ 6-7 ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝੋ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਣ ਤਾਂ ਫ਼ੈਰਸ ਸਲਫ਼ੇਟ ਦੇ ਤਿੰਨ ਛਿੜਕਾਅ ਹਫ਼ਤੇ-ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਫ਼ਰਕ ਤੇ ਕਰੋ
Posted by shamsher singh
Punjab
16-05-2019 03:08 PM
Punjab
05-16-2019 03:45 PM
ਫਲਵੈਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ STIM-VET ZMC ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਓ 1ml ਇਹ 50 ਕਿਲੋ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਮੰਨ ਲਓ ਜੇਕਰ ਵਜ਼ਨ 200 kg ਹੈ ਫਿਰ 4 ml ਕਰਲੋ ਇਹ ਉਪਰਲੀ ਚਮੜੀ ਵਿੱਚ ਲੱਗੇਗਾ ਅਤੇ ਤੁਸੀ Bovimin -GL 7ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਵਾਈ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਫਲਵੈਰੀ ਦੇ ਲਈ ਬਹੁਤ ਵਧਿਆ ਦਵਾਈ ਹੈ..
Posted by sodhi singh
Haryana
16-05-2019 03:05 PM
Punjab
05-16-2019 04:50 PM
Sathi di spray paneeri uggan ton baad krni hundi hai...paneeri de upper nadeena di roktham de lyi Sathi@60gm ja pretilachlor @600ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. jekar kanal de hisab nal pauni hai tan sathi 7.5gm kanal di paindi hai ate pretilachlor@75ml prati kanal paa skde ho. Nomini gold di spray 25 dina ton baad spray kr skde ho. ih paneeri nu nuksaan phuncha dewegi kyuki iss de lyi paneeri vaddi honi chaidi hai ate paneeri de vich pani nahi khda hona chaida hai.
Posted by AARZOO KAUR
Punjab
16-05-2019 03:03 PM
Punjab
05-17-2019 05:40 PM
aarzoo ji please check the insect attack and please tell us what amount of nutrients you provided to plant.
Posted by Harjot singh
Punjab
16-05-2019 03:00 PM
Punjab
05-20-2019 10:41 AM
हरजोत सिंह जी आप बलविंदर सिंह जी से 9814799714 संपर्क कर सकते हैं, यह ABS कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर है
Posted by Babbal
Punjab
16-05-2019 03:00 PM
Punjab
05-17-2019 05:39 PM
ਕਮਾਦ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਕਰਕੇ 12-72% ਝਾੜ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 60-120 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ 3-4 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰੋ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ: 1) ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰਕੇ: ਕਮਾਦ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਲੱਗਣ ਵਾਲੀ ਫ਼ਸਲ ਹੈ, ਇਸ ਕਰਕੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਗੋਡੀ ਕਰਕੇ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪ.... (Read More)
ਕਮਾਦ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਕਰਕੇ 12-72% ਝਾੜ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 60-120 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ 3-4 ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰੋ ਹੇਠ ਲਿਖੇ ਤਰੀਕਿਆਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ: 1) ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰਕੇ: ਕਮਾਦ ਵੱਟਾਂ ਤੇ ਲੱਗਣ ਵਾਲੀ ਫ਼ਸਲ ਹੈ, ਇਸ ਕਰਕੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਗੋਡੀ ਕਰਕੇ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪਾਣੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 3-4 ਗੋਡੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹਨ 2) ਕਾਸ਼ਤਕਾਰੀ ਢੰਗ: ਹਰ ਸਾਲ ਗੰਨੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਲੈਣ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਂ ਕਰਕੇ ਬਹੁਤ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਚਾਰੇ ਵਾਲੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਅਤੇ ਹਰੀ ਖਾਦ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ਗੰਨੇ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਫਸਲਾਂ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਮੂੰਗੀ, ਮਾਂਹ ਅਤੇ ਘਾਹ ਫੂਸ ਦੀ ਨਮੀਂ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਂ ਦਾ ਹਮਲਾ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮੂੰਗੀ ਅਤੇ ਮਾਂਹ ਵਰਗੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਨਾਲ ਕਿਸਾਨ ਆਪਣੀ ਆਮਦਨੀ ਵਧਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਘਾਹ ਫੂਸ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਦੀ 10-12 ਸੈ.ਮੀ. ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਜ਼ਮੀਨ ਦਾ ਤਾਪਮਾਨ ਘਟਾ ਕੇ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਨੂੰ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਵਿੱਚ ਮਦਦ ਕਰਦੀ ਹੈ 3) ਰਸਾਇਣਿਕ ਤਰੀਕੇ: ਸਿਮਾਜ਼ੀਨ/ਐਟਰਾਜ਼ਿਨ 600-800 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਮੈਟਰੀਬਿਊਜ਼ਿਨ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਡਾਈਯੂਰੋਨ 1-1.2 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਚੌੜੇ ਪੱਤੇ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4-D ਦੀ ਵਰਤੋਂ 250-300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਕਰੋ
Posted by Pargat singh
Punjab
16-05-2019 02:52 PM
Punjab
05-16-2019 04:51 PM
Isde vich tele di shikayat hai. Iss di roktham de lyi actara@60gm ja tata di tata mida@40ml ja nagarjuna di crop mida@40ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro. Eh patte khul jange.
Posted by Amit kumar
Haryana
16-05-2019 02:49 PM
Punjab
05-16-2019 04:52 PM
कपास के लिए BUNTY, SHRIRAM 6588, 6488, Ankur 3028, RCH 134(Rasi), RCH 650(Rasi), Rasi 653, Rasi 776. Rasi 773, US 51, US 71, BAYER का 7172, 7272 लगा सकते हैं
Posted by Vikram Choudhury
Haryana
16-05-2019 02:28 PM
Punjab
05-24-2019 06:20 PM
Vikram ji barish hone ke karn beej ugega nahi aapko dubara se iska beej ugana padega.dhanywad
Posted by Narang Singh
Punjab
16-05-2019 02:19 PM
Punjab
05-17-2019 05:38 PM
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰ.... (Read More)
ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ: ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਹਰੀ ਮਿਰਚ 5 ਕਿਲੋ, ਲਸਣ 5 ਕਿਲੋ, ਅੱਕ ਤੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਸੁਖਚੈਨ ਦੇ ਪੱਤੇ 5 ਕਿਲੋ, ਧਤੂਰਾ 5 ਕਿਲੋ, ਅਰਿੰਡ 5 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 10 ਲੀਟਰ ਨੂੰ ਗਾਂ ਦੇ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ 4 ਦਿਨ ਲਈ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖੋ 4 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਇਨ੍ਹਾਂ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਗਾਂ ਮੂਤਰ ਵਿੱਚ ਮਸਲੋ ਅਤੇ 1 ਦਿਨ ਲਈ ਫਿਰ ਇਸ ਨੂੰ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਇਸ ਨੂੰ ਢੱਕ ਕੇ ਅਤੇ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਰੱਖਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਗੋਲ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਕੱਪੜੇ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਓ ਅਤੇ ਫਿਰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਸੁੰਡੀ ਕੰਟਰੋਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Tajinder Singh
Punjab
16-05-2019 02:16 PM
Punjab
05-16-2019 04:53 PM
यदि धान परमल है तो पनीरी की बिजाई 15 मई से करें और 25—30 दिनों की पनीरी होने पर उसकी बिजाई कर सकते है
Posted by Dharminder singh
Punjab
16-05-2019 02:13 PM
Punjab
05-17-2019 05:36 PM
ਧਰਮਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਦੀ ਸੋਧ ਕਰਨ ਦੇ ਲਈ 20 gm Bavistin ਜਾ 1 gm streptocycline ਨੂੰ 10 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ 8 -10 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਲਈ ਭਇਓ ਕੇ ਰੱਖੋ
Posted by Khehra
Punjab
16-05-2019 01:46 PM
Punjab
05-17-2019 05:34 PM
Khehra ji pyaj de uper tuc 13:00:45@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by j j shah
Gujarat
16-05-2019 01:44 PM
Maharashtra
05-17-2019 05:32 PM
Hydroponics is a subset of hydroculture, which is a method of growing plants without soil by using mineral nutrient solutions in a water solvent.The nutrients used in hydroponic systems can come from an array of different sources.to get more information about hydroponics you can contact to Somveer singh 9878733551.Thank you
Posted by रवींद्र कुमार शर्मा
Uttar Pradesh
16-05-2019 01:36 PM
Maharashtra
05-17-2019 05:32 PM
Hydroponics is a subset of hydroculture, which is a method of growing plants without soil by using mineral nutrient solutions in a water solvent.The nutrients used in hydroponic systems can come from an array of different sources.to get more information about hydroponics you can contact to Somveer singh 9878733551.Thank you
Posted by sagar
Uttar Pradesh
16-05-2019 01:19 PM
Punjab
05-17-2019 05:31 PM
सागर जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by manoj
Madhya Pradesh
16-05-2019 01:16 PM
Maharashtra
05-17-2019 05:26 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति व.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं इसका मुनाफा कई किसान कमा रहे हैं, इसकी डिमांड आजकल बहुत बढ़ गई है क्योंकि अब किसान जैविक खेती की तरफ बढ़ रहे हैं, धन्यवाद
Posted by Manpreet Singh
Punjab
16-05-2019 01:15 PM
Punjab
05-17-2019 05:49 PM
Manpreet Singh punjab vich desi beej bohat ghat farmer kol hun. eh bahrliya state to hi leone pende a baki ehdi parakh har farmer nu nai hundi. tusi 97810 41978 number te parmjeet singh ji nal gal karo oh tohanu guide karnge kyuki eh desi seed nal kheti karde hun. ya fir eh tohanu kheti virasat mission to mil sakde hai ji.
Posted by lali randhawa
Punjab
16-05-2019 01:06 PM
Maharashtra
05-17-2019 05:16 PM
अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजों को 1-2 सैं.मी. की गह.... (Read More)
अगेती किस्मों के लिए जून-जुलाई रोपाई के लिए सबसे अच्छा समय है और पिछेती किस्मों के लिए अगस्त से मध्य सितंबर और अक्तूबर से नवंबर का पहला सप्ताह रोपाई के लिए अच्छा समय है अगेती किस्मों के लिए 45x45 से.मी. और पिछेती किस्मों के लिए 45x30 से.मी. का फासला होना चाहिए बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि और रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीजों को बोयें और आवश्यकतानुसार खादें और सिंचाई दें बिजाई के 25-30 दिन बाद पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए 3-4 सप्ताह पुराने पौधों का प्रयोग करें