
Posted by Gurpreet
Punjab
18-05-2019 11:22 PM
गुरप्रीत जी आप पौधों और पॉलीहाउस पर सब्सिडी के लिए बागवानी विभाग से संपर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
18-05-2019 11:10 PM
इसका संग्रहण केंद्र अलग अलग कंपनियों का होता है यह इलाके के हिसाब से होता है कि आप इलाके में कौनसी ब्रांच ज्यादा चलती है फिर आप उस ब्रांच से जाकर मिलें वहां से आपको पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी
Posted by sandeep singh brar
Punjab
18-05-2019 10:55 PM
ਚਿੱਚੜਾਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਗਾਂ ਦੀ ਸਫਾਈ ਜਰੂਰ ਰੱਖੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ msd ਕੰਪਨੀ ਦੀ Taktic ਦਵਾਈ ਆਉਦੀ ਹੈ ਉਹ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋਂ, ਇਸ ਨੂੰ 2 ਮਿਲੀ ਇਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ.ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by Gulshan Thakur
Madhya Pradesh
18-05-2019 10:44 PM
Gulshan ji aap iske uper NPk 19:19:19@1 killo ko 150 litre pani men mila kar spray karen. dhanywad

Posted by RAUNAK SINGH JUNEJA
Madhya Pradesh
18-05-2019 10:09 PM
यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर .... (Read More)
यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं IISR Varada: यह किस्म ताजा और सूखे अदरक की पैदावार के लिए अच्छी मानी जाती है यह 200 दिनों में पकती है और इसकी औसतन पैदावार 90 क्विंटल प्रति एकड़ है
IISR Mahima,
खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड बनाएं दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई मई-जून के पहले सप्ताह में की जाती है पौधों में 15-20 सैं.मी. पंक्तियों की दूरी और एक पौधे से दूसरे पौधे की दूरी 30 सैं.मी. होनी चाहिए बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमार रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 480-720 किलो प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 150 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 25 किलो (55 किलो यूरिया), फासफोरस 10 किलो (60 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 10 किलो (16 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो बराबर भागों में बांटें पहला हिस्सा बिजाई के 75 दिन बाद और बाकी हिस्सा बिजाई के 3 महीने बाद डालें बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं अदरक की फसल की सिंचाई वर्षा की तीव्रता और आवर्ती के आधार पर करें बिजाई के बाद फसल को 50 क्विंटल प्रति एकड़ हरे पत्तों से ढक दें प्रत्येक खाद डालने के बाद 20 क्विंटल प्रति एकड़ हरे पत्तों से फसल को दोबारा ढकें यह फसल 8 महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यदि फसल का प्रयोग मसाले बनाने के लिए करना हो तो 6 महीने बाद कटाई करें और यदि नए उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग करना हो तो फसल की कटाई 8 महीने बाद करें जब पत्ते पीले हो जायें और पूरी तरह सूख जायें तब कटाई के लिए सही समय होता है गांठों को उखाड़कर बाहर निकालें और 2-3 बार पानी से धोकर साफ करें फिर 2-3 दिनों के लिए छांव में सुखाएं शुष्क अदरक के लिए अदरक की गांठों का सिर्फ ऊपर वाला छिल्का ही उतारें और 1 सप्ताह के लिए धूप में सुखाएं शुष्क अदरक की पैदावार हरे अदरक की 16-25 प्रतिशत होती है
Posted by Mangat
Punjab
18-05-2019 10:00 PM
Mangat ji ABS da semen len lai tusi Genex international Jalandhar 9814799714 nal samparak karo. Thankyou.
Posted by kulvinder
Punjab
18-05-2019 09:46 PM
Kulvinder ji money plant di stem cutting de nal paudha ugaya ja sakda hai.dhanwad

Posted by rajesh kumar
Chattisgarh
18-05-2019 09:41 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by Harinder Singh
Punjab
18-05-2019 09:40 PM
Harinder singh ji tuhade walo bejji gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.
Posted by Vicky Yadav
Haryana
18-05-2019 09:40 PM
Vicky Yadav ji same same pe kisano ki mang pe Training chalti hi rehti hai, Mushroom ki training ke liye aap apne jile ke Krishi Vigyan kendra, Address: Sigri, Mohindergarh, Haryana 123029 se samparak kare ja fir aap ICAR-Directorate of Mushroom Research Address: NH 22, Chambaghat, Solan, Himachal Pradesh 173213 ,Phone: 01792 230 767 se bhi training le sakte hai.
Posted by Harinder Singh
Punjab
18-05-2019 09:39 PM
Harinder singh ji tuhade walo bejji gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.

Posted by pawan nagpal
Punjab
18-05-2019 09:36 PM
Tuci isdi varto bijai to 5-6 dina tak kar sakde ho. isdi matra 60 gram prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad

Posted by Kuldeep singh
Punjab
18-05-2019 09:26 PM
Kuldeep ji eh tuhanu jado beej kharidoge ta label te likhya hunda hai ke eh kehdi kisam da beej hai is to ilava tuhanu isda bill v milda hai. dhanwad

Posted by chhina saab
Punjab
18-05-2019 09:26 PM
tuci uss nu Metra liquid 100ml ate Anabolite liquid 100ml rojana dena suru kro, baki uss nu 250gm gurr, 100gm shonf, 100gm sukhe amle, 50gm ajwein ate 50gm Haldi rojana oball ke tharr ke 5 deo iss nal duudh v vdega ate safai v howegi .

Posted by kantariya umesh
Gujarat
18-05-2019 09:25 PM
Kantariya umesh ji aap kayi trah ki kheti kar sakte hai jaise aleovera, dragon fruit, iske ilava aap medicinal plants ki kheti kar sakte hai. dhanywad
Posted by Vicky Yadav
Haryana
18-05-2019 09:24 PM
Vicky Yadav ji Cordyceps ke bare me puri jankari ke liye aap Mota ram Sharma 9413647325 se samparak kare. Thank you.

Posted by kulwinder singh
Punjab
18-05-2019 09:12 PM
tuci iss nu Pregstay gold powder 50gm rojana deo ate Calcimust gold liquid 100ml rojana deo ji, jekar ehh gaban hoi tan rehh jawegi, nahi tan dubara heat vich aa jawegi.

Posted by kamal nain
Haryana
18-05-2019 09:10 PM
कमल जी आप कपास की किसम जैसे BUNTY, SHRIRAM 6588, 6488, Ankur 3028, RCH 134(Rasi), RCH 650(Rasi), Rasi 653, Rasi 776. Rasi 773 , US 51 , US 71, BAYER का 7172, 7272 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Sunil Kumar Halwdiya
Delhi
18-05-2019 09:09 PM
Sunil Kumar Halwdiya ji bilkul aap rabbit farm shuru kar sakte hai iske liye aap muje 94664 19455 number par call kare ji.
Posted by MANINDERPREET SINGH
Punjab
18-05-2019 09:04 PM
28P67:- Eh wdia kisam da beej hai. Eh hybrid kisam hai jo ki 135-137 dina de vich pakk jandi hai. Isda tna mota hunda hai jis kr ke ihh jyaada pani khadan de kaarn diggda nahi hai...is da jhaad 28-29qtl prati acre chla janda hai...retle vaahn de vich ihh lagg janda hai. Isda beej 6-7kg ik acre di paneeri teyar krn de lyi tuc vart skde ho.27p31 ik hybrid kisam hai eh 27-28 quintal prati acre de hisab nal jhaad dinda hai eh pakkan de layi 130-135 din da sma laindi hai.dhanwad

Posted by Inder Jeet
Punjab
18-05-2019 08:52 PM
ਇੰਦਰਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦਾ ਹਾਇਬ੍ਰਿਡ ਬੀਜ ਨਾ ਬੀਜੋ ਅਤੇ ਉਸਨੂੰ ਸਾਫ ਕਰਕੇ store ਕਰੋ ਜਿਸਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਲਈ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rambu Sandhu
Punjab
18-05-2019 08:47 PM
Rambu ji tuc isdi bijai hun kar sakde ho. 13 june to bad khet vich beej sakde ho.dhanwad

Posted by sewak
Punjab
18-05-2019 08:38 PM
tuci uss nu Udder strong-h Liquid 10-10ml swere sham ate Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, iss nal usda dudh vdia howega ate lewa v sahi howega, vase lewe di vdia growth lai sunn ton 2 mahine pehla usdi sahi dekhbhal krni chahidi hai .
Posted by Gurdeep Saharan
Haryana
18-05-2019 08:38 PM
गुरदीप जी कौन सी फसल का बीज खरीदना चाहते है कृपया बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by tayyab Patel
Madhya Pradesh
18-05-2019 08:37 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by Gurdeep Saharan
Haryana
18-05-2019 08:30 PM
गुरदीप जी गहरी जड़ वाली फसल के साथ उथली जड़ वाली फसल लगाना चाहिए जैसे कपास के साथ मूंग या उड़द इसके इलावा मक्का की बिजाई कर सकते है

Posted by Bhullar Sahb
Punjab
18-05-2019 08:27 PM
tuci uss nu Vitum-h liquid 10ml rojana dena suru kro, baki ussdi khurak da pura dian rkho ji sunn ton 1 mahina pehla Metabolite powder di 1 pudi rojana ate Anabolite liquid 100ml rojana deo ji, feed ohhi deo jo cow assani nal khndi hai.

Posted by Harpreet Singh
Punjab
18-05-2019 08:24 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਪਾਊਡਰ ਸੂਣ ਵਾਲੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਫਾਇਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਰੀਰ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਰੋਜਾਨਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by gurdas
Punjab
18-05-2019 08:22 PM
Gurdas ji chikni mitti vich fruit plant laye jande han jive addu, allubukhara, citrus varge fal la sakde ho.dhanwad

Posted by Sunny Jassi
Punjab
18-05-2019 08:08 PM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟ.... (Read More)
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਗ੍ਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲੀਨ* ਦੇ 10 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿੱਚ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 8-10 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਡੁਬੋ ਲਉ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ, ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਬੀਜਣ ਦਾ ਢੰਗ : 12-15 ਟਨ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਰਲਾਉ ਹੁਣ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਦਿਉ, ਤਾਂ ਕਿ ਨਦੀਨ ਉੱਗ ਪੈਣ ਉੱਗੇ ਹੋਏ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰੋ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੱਦੂ ਕਰੋ ਕੱਦੂ ਦੀ ਆਖਰੀ ਵਾਹੀ ਸਮੇਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 60 ਕਿਲੋ ਸੁਪਰਫ਼ਾਸਫ਼ੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਸਿਹਤਮੰਦ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 40 ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਹੈਪਟਾਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਜਾਂ 25.5 ਕਿਲੋ ਜਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਮੋਨੋਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉ ਫਿਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਕਿਆਰੇ ਬਣਾਉ, ਜੋ ਕਿ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਵਧਾਏ-ਘਟਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਸੋਧੇ ਹੋਏ ਭਿੱਜੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਉਪਰ 7-8 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਵਿੱਚ ਖਲਾਰ ਦਿਉ ਅਤੇ ਉਪਰੋਂ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਉ ਢੱਕੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਉਪਰ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਰੱਖੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 24 ਤੋਂ 36 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰ ਪਵੇਗਾ ਹਰੇਕ ਕਿਆਰੇ (10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ) ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਸੋਧਿਆ ਤੇ ਪੁੰਗਰਿਆ ਬੀਜ ਛੱਟੇ ਨਾਲ ਬੀਜੋ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਪਾਣੀ ਲਾ ਕੇ ਗਿੱਲੀ ਰੱਖੋ ਪੰਛੀਆਂ ਤੋਂ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਪਤਲੀ ਤਹਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਮ ਬਾਅਦ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੋਰ ਪਾਉ ਪਨੀਰੀ 24-30 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ 45 ਦਿਨ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਚਾਰ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਹੋਰ ਪਾਉ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ 8 ਕਿਆਰੀਆਂ (ਸਾਢੇ 6 ਮਰਲੇ) ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਕੀੜੇ ਜਾਂ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਸੇ ਤਾਂ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੇ ਢੰਗ ਵਰਤੋ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਜਦ ਪਨੀਰੀ 20-25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਉੱਚੀ ਜਾਂ 6-7 ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝੋ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਣ ਤਾਂ ਫ਼ੈਰਸ ਸਲਫ਼ੇਟ ਦੇ ਤਿੰਨ ਛਿੜਕਾਅ ਹਫ਼ਤੇ-ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਫ਼ਰਕ ਤੇ ਕਰੋ
Posted by vikrant pathania
Punjab
18-05-2019 07:59 PM
Vikrant ji isde uper hoshi@400ml nu 150 liter pani vich mila ke spray karo.dhanwad

Posted by gurvinder singh
Punjab
18-05-2019 07:51 PM
Gurvinder ji tuc hybrid beej jive signet da raja 44 ja raja 45 , 5050, 5005, 5051, 5455 ja pioneer da 27p31 ja 25p35 ja 27p63 di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by Harjot singh
Punjab
18-05-2019 07:43 PM
Dairy Farming lyi Tusi apne district De PDDB ( Deputy Director, Dairy,Room No. 437, 4th Floor,Mini Secretariat, Hoshiarpur. Sh. Davinder Singh 94654-65707, 01882-220025) de hrek District ch Dairy Sikhlai te visthaar Centre ne. Tusi apne District De Centre cho 15 din di dairy training lao. District Centre Us Certificate te tuhanu NABARD De under Loan lain ch help krn gey

Posted by Preet Gill
Punjab
18-05-2019 07:41 PM
ਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਤੁਸੀ 5 ਕਿੱਲੋ ਵਰਮੀਕੰਪੋਸਟ ਪਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਸਾਰੇ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ ਅਤੇ ਬੂਟਾ ਗਰੋਥ ਕਰਨਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harjot singh
Punjab
18-05-2019 07:41 PM
Posted by happy
Punjab
18-05-2019 07:31 PM
Happy ji tuci makki nu tuc NPK 19:19:19@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo, isde nal fasl nu sare tat mil jange.

Posted by Bhagwant Singh
Punjab
18-05-2019 07:21 PM
ਇਹ ਮੁਰਾਹ ਨਸਲ ਦੀ ਕੱਟੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਟਾਈਮ ਟਾਈਮ ਤੇ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਇਕ ਜਗਾਹ ਤੇ ਬੰਨ ਕੇ ਨਾ ਰੱਖੋ ਕਿਉਕਿ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਇਕ ਜਗਾਹ ਬੰਨ ਰੱਖਣ ਨਾਲ ਉਸਦਾ ਪੇਟ ਬਾਹਰ ਆਉਣ ਲਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸਦਾ ਤੋਰਾ ਫੇਰਾ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਰਾਕ ਵੀ ਇਕ ਵਾਰ ਸਾਰੀ ਨਾ ਪਾਓ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਖੁਰਾਕ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ.

Posted by ਰਸ਼ਵਿਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-05-2019 07:19 PM
Hanji jado tusi pig farm shuru kareya to holi holi tohade dealer nal link ban jange. os to baad oh tohade farm to aa ke khud pig le jande hai ji. tohanu kite jaan di jarurat nahi hai ji.

Posted by rajveer
Punjab
18-05-2019 07:17 PM
ਰਾਜਵੀਰ ਜੀ ਮਾਰਕਫੈੱਡ ਫੀਡ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨੇੜੇ ਦੀ ਕੋਆਪਰੇਟਿਵ ਸੋਸਾਇਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮਾਰਲਫੈੱਡ ਕੈਟਲਫੀਡ 01822-276275, 276272 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by mali
Maharashtra
18-05-2019 07:12 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by Gurwinder Aulakh
Punjab
18-05-2019 07:05 PM
ਸਿਹਤਮੰਦ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 40 ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਹੈਪਟਾਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਜਾਂ 25.5 ਕਿਲੋ ਜਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਮੋਨੋਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉ ਜਦ ਪਨੀਰੀ 20-25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਉੱਚੀ ਜਾਂ 6-7 ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝੋ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਣ ਤਾਂ ਫ਼ੈਰਸ ਸਲਫ਼ੇਟ ਦੇ ਤਿੰਨ ਛਿੜਕਾਅ ਹਫ਼ਤੇ-ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਫ਼ਰਕ ਤੇ ਕਰੋ

Posted by chhote lal
Uttar Pradesh
18-05-2019 06:50 PM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by Pankaj Yadav
Uttar Pradesh
18-05-2019 06:38 PM
पंकज यादव जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 संपर्क कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by JATINDER SINGH
Punjab
18-05-2019 06:13 PM
ਜਤਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਝੋਨੇ ਦਾ ਲੇਟ ਬਿਜਾਈ ਲਈ PR126 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurchet singh Chahal
Punjab
18-05-2019 05:31 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Flukarid-DS ਦਵਾਈ Vet mankind company ਦੀ ਗੋਲੀ ਜਾਂ Fendikind plus ਗੋਲੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ ਗੱਭਣ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਲਈ ਠੀਕ ਹੈ

Posted by sourabh
Haryana
18-05-2019 05:29 PM
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्म.... (Read More)
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्में: Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त से अक्तूबर के अंत) में रोपाई की जाती है लोबिया, सब्जियों, फ्रैंच बीन्स के साथ अंतर फसली शुरूआती दो से तीन वर्ष में किया जा सकता है पौधों के बीच 4.5x4.5 फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलम लगाकर या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है 208 पौधे प्रति एकड़ का घनत्व बना कर रखना चाहिए पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर के नज़दीक से 50-60 सैं.मी. में शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस-पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में यूरिया 60-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें नींबू की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन रक्षक सिंचाई जरूर करें फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है बसंत ऋतु में अकेली जड़ों को पानी देना पौधे को प्रभावित नहीं करता उचित आकार के होने के साथ आकर्षित रंग, शुगर की मात्रा 12:1 होने पर किन्नू के फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं किस्म के आधार पर फल मध्य जनवरी से मध्य फरवरी के महीने में तैयार हो जाते हैं कटाई उचित समय पर करें, ज्यादा जल्दी और ज्यादा देरी से कटाई करने पर घटिया गुणवत्ता के फल मिलते हैं उचित आकार और आकर्षक रंग लेने पर जब फल में टी एस एस 12:1 तेज़ाब की मात्रा 12:1 अनुपात हो जाने पर किन्नू तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते है किस्म के अनुसार किन्नू आमतौर पर मध्य- जनवरी से मध्य फरवरी में पक जाते है सही समय पर तुड़ाई करना जावश्यक है, क्योंकि समय से पहले या देरी से तुड़ाई करने से फलों की गुणवत्ता पर बुरा प्रभाव पड़ता है इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए, इसे गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसकी खेती हल्की मिट्टी में भी की जा सकती है अनार की खेती के लिए, मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त होती है प्रसिद्ध किस्में: kabul,kandhari,Muscet red मिट्टी के भुरभुरा होने तक ज़मीन की दो से तीन बार जोताई करें ज़मीन को समतल और एक समान करने के लिए तवियों से जोताई करें इसकी बिजाई मुख्यत दिसंबर से जनवरी महीने में की जाती है उचित फासला मिट्टी की किस्म और जलवायु पर निर्भर करता है अनार की रोपाई के लिए, यदि वर्गाकार प्रणाली अपनाई गई है तो 5 मी x 5 मी फासले का प्रयोग करें रोपाई से एक महीना पहले बिजाई के लिए 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को 15 दिनों तक धूप में खुला छोड़ें उसके बाद 20 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में मिलाकर गड्ढों को भरें गड्ढे भरने के बाद पानी डालें ताकि मिट्टी अच्छे से नीचे बैठ जाये बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है अनार का प्रजनन एयर लेयरिंग विधि द्वारा किया जाता है एयर लेयरिंग बारिश के मौसम के साथ साथ नवंबर-दिसंबर महीने में की जाती है एयर लेयरिंग विधि के लिए, एक से दो वर्ष के स्वस्थ, पकी हुई टहनियां जिनकी लंबाई 45-60 सैं.मी. और मोटाई पैंसिल जितनी हों, चुनें बिजाई से पहले, नए पौधों या कटिंग को IBA के घोल 1000 पी पी एम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी में डुबोयें शुरूआती दो से तीन वर्षों में अंतरफसली संभव है अंतरफसली के तौर पर सब्जियों, फलीदार फसलें या हरी खाद वाली फसलें उगाई जा सकती हैं पहले वर्ष में गाय का गोबर 10 किलो प्रति पौधे में डालें कैल्शियम अमोनियम नाइट्रेट 500 ग्राम, एस एस पी 600 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 250 ग्राम प्रति पौधे में रोपाई के समय डालें गाय के गोबर, एस एस पी, म्यूरेट ऑफ पोटाश और नाइट्रोजन की आधी मात्रा दिसंबर से जनवरी महीने में डालें बाकी की नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को, फलों के पहली बार विकसित होने के समय और दूसरे भाग को, फलों के दूसरी बार विकसित होने के 4-5 सप्ताह पहले डालें रोपाई के तुरंत बाद सिंचाई करें उसके बाद, रोपाई के बाद 3 दिन से 10-15 दिनों के अंतराल पर पानी दें बारिश के मौसम में, निकास का प्रबंध करें क्योंकि यह फसल जल जमाव के हालातों में खड़ी नहीं रह सकती गर्मियों में 7-10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और सर्दियों में इसे बढ़ाकर 10-15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें अनियमित सिंचाई से फूलों के गिरने में वृद्धि हो सकती है फलों के विकसित होने की अवस्था में पानी की कमी ना होने दें और पानी की कमी होने पर अत्याधिक पानी देने से फलों में दरारें पड़ जाती हैं और फल गिर जाता है इसलिए फूल निकलने से लेकर तुड़ाई की अवस्था तक नियमित और पर्याप्त सिंचाई दें तुपका सिंचाई से अनार अच्छे परिणाम देते हैं तुपका सिंचाई से ना केवल पानी की बचत होती है बल्कि पानी की कम मात्रा में अच्छी उपज भी मिलती है नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग की जा सकती है नदीनों की रोकथाम के साथ साथ मिट्टी में नमी को संरक्षित करने में मदद करता है और और वाष्पीकरण हानि को भी कम करता है कटाई और छंटाई ताजी सेहतमंद टहनियों की वृद्धि करने में मदद करती है बीमारी से और घनी शाखाओं को निकाल दें यह पौधे के आकार को उचित बनाए रखता है फूल निकलने के बाद, फल 5-6 महीनों में पक जाते हैं जब फल हरे से हल्के पीले या लाल रंग का हो जाये, या फल पकना शुरू हो जाये तो यह तुड़ाई के लिए उपयुक्त समय होता है तुड़ाई करने में देरी ना करें क्योंकि इससे फलों में दरारें आ जाती हैं जिससे पैदावार कम हो जाती है तुड़ाई के बाद, फलों को एक सप्ताह के लिए छांव में स्टोर करके रखें यह फल के छिल्के को सख्त होने में मदद करेगा ताकि एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में नुकसान कम हो फलों को भार के अनुसान छांटे
Posted by Deen Dayal Meena
Rajasthan
18-05-2019 05:26 PM
दीन दयाल जी आप निमाटोड की रोकथाम के लिए Carbofuron @5 kg per एकड़ के हिसाब से डाले जब पौधे 1 से 3 वर्ष के हो जाएं तो इसमें 10 से 25 किलोग्राम देसी रूड़ी की खाद, 155 से 200 ग्राम यूरिया, 500 से 1600 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 100 से 400 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए पौधे के 4 से 6 वर्ष का होने पर इसमें 25 से 40 किलोग्राम रूड़.... (Read More)
दीन दयाल जी आप निमाटोड की रोकथाम के लिए Carbofuron @5 kg per एकड़ के हिसाब से डाले जब पौधे 1 से 3 वर्ष के हो जाएं तो इसमें 10 से 25 किलोग्राम देसी रूड़ी की खाद, 155 से 200 ग्राम यूरिया, 500 से 1600 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 100 से 400 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए पौधे के 4 से 6 वर्ष का होने पर इसमें 25 से 40 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 300 से 600 ग्राम यूरिया, 1500 से 2000 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट 600 से 1000 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए 7 से 10 वर्ष की आयु के बूटों में 40 से 50 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 750 से 1000 ग्राम यूरिया, 2000 से 2500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 1100 से 1500 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए धन्यवाद
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