
Posted by Amrit Sangha
Punjab
24-05-2019 01:29 PM
Amrit ji vermi compost da rate 10 rupaye prati killo de hisab nal hai.
Posted by lakhveer singh
Punjab
24-05-2019 01:23 PM
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮਿਲੀ ਬੱਗ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਨਰਮੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਬਾਜਰਾ, ਅਰਹਰ, ਮੱਕੀ ਅਤੇ ਜਵਾਰ ਦੀ ਫਸਲ ਉਗਾਓ ਨਰਮੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਅਰਹਰ, ਮੂੰਗੀ ਅਤੇ ਭਿੰਡੀ ਨੂੰ ਨਾ ਬੀਜੋ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਕੀੜਿਆਂ ਦਾ ਟਿਕਾਣਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਹਾਈ ਫਸਲਾਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਨਰਮਾ-ਕਣਕ ਦਾ ਫ਼ਸਲੀ-ਚੱਕਰ ਅਪਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਜੇਕਰ .... (Read More)
ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਮਿਲੀ ਬੱਗ ਤੋਂ ਬਚਾਓ ਲਈ ਨਰਮੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਬਾਜਰਾ, ਅਰਹਰ, ਮੱਕੀ ਅਤੇ ਜਵਾਰ ਦੀ ਫਸਲ ਉਗਾਓ ਨਰਮੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਆਲੇ-ਦੁਆਲੇ ਅਰਹਰ, ਮੂੰਗੀ ਅਤੇ ਭਿੰਡੀ ਨੂੰ ਨਾ ਬੀਜੋ ਕਿਉਂਕਿ ਇਹ ਕੀੜਿਆਂ ਦਾ ਟਿਕਾਣਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਹਾਈ ਫਸਲਾਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਨਰਮਾ-ਕਣਕ ਦਾ ਫ਼ਸਲੀ-ਚੱਕਰ ਅਪਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਜੇਕਰ ਨਰਮੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਨਾਲ ਬਰਸੀਮ ਅਤੇ ਗਵਾਰੇ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ-ਚੱਕਰ ਨੂੰ ਅਪਨਾਇਆ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਇਹ ਨਰਮੇ ਦੀ ਫਸਲ ਲਈ ਲਾਭਦਾਇਕ ਸਿੱਧ ਹੋਵੇਗਾ

Posted by avtar bhullar
Punjab
24-05-2019 01:19 PM
432:-ਇਹ Shriram ਦੀ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮ ਹੈ . ਇਹ 130-135 ਦਿਨ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਪੱਕਣ ਲਈ ਇਸਦਾ ਝਾੜ 30-32 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਦੋ ਹਫਤੇ ਤਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਰਹਿਨ ਦਿਓ
Posted by ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-05-2019 01:16 PM
ਜਸਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਟਿੱਡੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by pappu kumar
Bihar
24-05-2019 01:15 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो समझ नहीं आ रही है कृपया दोबारा ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by gurwinder singh
Punjab
24-05-2019 01:01 PM
ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਬੂਟੇ ਦੀ ਉਮਰ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jaswinder singh Jassa
Punjab
24-05-2019 01:01 PM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ CR212 ਕਿਸਮ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ 13 ਜੂਨ ਤੋਂ ਬਾਦ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by harmandeep singh
Punjab
24-05-2019 01:00 PM
Harmandeep ji tuc isde label di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by balmeek
Uttar Pradesh
24-05-2019 12:44 PM
अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं करेले की खेती के लिए उपयुक्त है मिट्टी की पी एच 6.5-7.5 करेले की खेती के लिए सबसे अच्छी रहती है Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 55 दिनों के ब.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी, जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं करेले की खेती के लिए उपयुक्त है मिट्टी की पी एच 6.5-7.5 करेले की खेती के लिए सबसे अच्छी रहती है Pusa Do Mousami: यह गर्मियों के साथ साथ खरीफ के मौसम के लिए उपयुक्त किस्म है इसके फल मध्यम, लंबे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 55 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है Pusa Vishesh: इसके फल हरे, पतले और मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 48-52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Harit: इसके फल चमकदार हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 120 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल कम बीज वाले होते हैं और कम कड़वे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 52 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Harit: इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 50 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Urvashi: इस किस्म के फल सीधे और हरे रंग के होते हैं यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Priya: इसके फल लगभग 40 सैं.मी. लंबे होते हैं यह किस्म बिजाई के 60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है Kalyanpur Baramansi: इस किस्म के फल हल्के हरे रंग के 30-50 सैं.मी. लंबे होते हैं यह किस्म बारिश के मौसम में खेती के लिए उपयुक्त होती है Faijabadi: यह स्थानीय किस्म है इसके फल लंबे, मध्यम आकार के और गहरे हरे रंग के होते हैं Pant Karela 1: इसके फल मोटे होते हैं यह 55 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Hybrid 2: इसके फल मध्यम लंबे, मोटे और चमकदार हरे होते हैं गर्मियों के मौसम में, बिजाई के लिए फरवरी से मार्च और खरीफ के मौसम के लिए, जून से जुलाई का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च से अप्रैल में बिजाई पूरी कर लें

Posted by Ashish
Uttar Pradesh
24-05-2019 12:39 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by अरुण कुमार
Uttar Pradesh
24-05-2019 12:36 PM
अरुण कुमार जी आप इसकी रोकथाम के लिए malathion @2.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by labh
Punjab
24-05-2019 12:31 PM
tuci majjh nu Cargill di Transition mix feed de skde ho, iss nal pashu di kamjori duur hundi hai ya tuci ghrr vich feed tyar krke v de skde ho, baki isde nal anabolite liquid 100-100ml swere sham, Lactomax 10 golia rojana denia suru kro, iss nal duudh v vadh jawega.

Posted by Gurmailbhullar
Punjab
24-05-2019 12:28 PM
Gurmail ji kirpa krke kisam da poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. dhanwad

Posted by Amandeep Gill
Punjab
24-05-2019 12:22 PM
Amandeep Gill ji Beej len lai tusi Arpinder singh (Jalandhar) 9779129425 nal samparak kar sakde ho. Thank you.

Posted by mandip ghuman
Punjab
24-05-2019 12:14 PM
ਸੂਣ ਤੋ ਬਾਅਦ ਜਲਦੀ ਹਜ਼ਮ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਤਾਕਤਵਾਰ ਖੁਰਾਕ ਦਿਓ ਜਿਵੇ ਕਿ ਕਣਕ, ਜੋਂ, ਬਾਜਰਾ, ਮੱਕੀ, ਅਤੇ ਕਣਕ ਦਾ ਚੋਕਰ, ਅਤੇ ਮੂੰਗਫਲੀ ਦੀ ਖੱਲ ਇਕ ਕਿਲੋ ਲੈ ਕੇ ਇਸ ਵਿਚ ਸੁੰਢ, ਜਵੈਣ, ਲੂਣ ਅਤੇ ਗੁੜ ਰਿੰਨ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਤਾਜੇ ਸੂਏ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਾਕਤ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਖੁਰਾਕ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ
Posted by s. wali hasan
Uttar Pradesh
24-05-2019 12:11 PM
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें
नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में .... (Read More)
खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें
नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें
सर्दियों के मौसम में तापमान कम होने के कारण फसल तत्व ज्यादा लेती है जिस कारण मौधा पीला पड़ जाता है इसकी रोकथाम के लिए N:P:K 19:19:19 की स्प्रे 100 ग्राम 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के लिए प्रयोग करें जिन इलाकों में पानी की कमी है वहां यूरिया+पोटाश का प्रयोग 2.5 किलोग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर करें
Posted by manish nagar
Madhya Pradesh
24-05-2019 12:09 PM
मनीष जी आप सोयाबीन की किस्मे जैसे PK 472: यह किस्म यू पी के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने बड़े, मोटे और पीले भूरे रंग के होते हैं यह किस्म 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 71.5: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 100-.... (Read More)
मनीष जी आप सोयाबीन की किस्मे जैसे PK 472: यह किस्म यू पी के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने बड़े, मोटे और पीले भूरे रंग के होते हैं यह किस्म 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 71.5: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
PS 564: यह किस्म यू पी के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मध्यम और पीले रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पीले चितकबरे रोग के प्रतिरोधक है
PK 262: यह किस्म तराई क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े, मोटे, गोल और पीले रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 11-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 2: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 98-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 93-05: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसके बीज हरे पीले रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 72.44: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 105-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 335: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है और बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधी और तने की मक्खी और कली के झुलस रोग को सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 75.46: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 105-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa 20: यह किस्म बुंदेलखंड क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 110-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-13 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
PK 416: यह किस्म पूरे यू पी में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मध्यम, अंडाकार और पीले रंग के होते हैं यह किस्म पीले चितकबरे रोग के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
PS 1024: यह किस्म तराई क्षेत्र में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa 16: यह किस्म पूरे यू पी में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 110-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
PS 1042: यह किस्म पूरे यू पी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
JS 335: यह जल्दी पकने वाली किस्म बैक्टीरियल झुलस रोग और तने की मक्खी, कली के झुलस रोग के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
MAUS 47: यह किस्म कली के झुलस रोग, तना गलन, एंथ्राक्नोस, सलेटी सुंडी आदि के प्रतिरोधक किस्म है इसके बीज पीले रंग के होते है
NRC 37 (Ahilya 4): इसके बीज हल्के से गहरे भूरे रंग के होते हैं यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग, तने की मक्खी और पत्ते के सुरंगी कीड़े की रोधक किस्म है

Posted by Mahender Shekhawat
Rajasthan
24-05-2019 12:05 PM
मछली पालन के काम में आपको इसकी मार्कीट खुद बनानी पड़ेगी जी अपने नजदीकी मच्छी मार्कीट का पता करो और वह जाकर खुद सेल करने की कोसिस करे उसके बाद आपके लिंक बन जायेगे व्यापारी तो आपके तालाब से खुद मछली ले जाया करेंगे जी

Posted by Sachin kaswan
Haryana
24-05-2019 12:00 PM
खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें आखिरी बार हल से ज.... (Read More)
खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें आखिरी बार हल से जोतते समय बारानी क्षेत्रों में 2-4 टन रूड़ी और सिंचित क्षेत्रों में 4-8 टन रूड़ी का प्रति एकड़ के हिसाब से डालें यह मिट्टी की नमी को बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगी कपास की विभिन्न-विभिन्न किस्मों के लिए खादों की मात्रा, 75 किलो यूरिया और 75 किलो सिंगल सुपर फासफेट प्रति एकड़ के हिसाब से डालें हाइब्रिड किसमों के लिए, 150 किलो यूरिया और 150 किलो सिंगल सुपर फासफेट या म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से डालें देसी किस्मों के लिए यूरिया 45 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें
आखिरी बार हल से जोतते समय फासफोरस की पूरी मात्रा खेत में डालें पौधे के कमज़ोर हिस्से समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और बाकी बची नाइट्रोजन फूल निकलने के समय डालें कम उपजाऊ मिट्टी के लिए नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें यूरिया में नाइट्रोजन की कमी को पूरा करने के लिए 50 किलो यूरिया 8 किलो सल्फर पाउडर से मिलाकर खड़ी फसल की पंक्तियों में डालें
Posted by IPS cheema
Uttar Pradesh
24-05-2019 11:59 AM
IPS cheema ji agar aapki jameen ke paas market ya fir koi city hai to aap vegetable lga sakte hai. Uske baad uski market khud bnaye, shuru me market bnane me time lag sakta hai lekin monthly 50,000 tak aamdan layi ja sakti hai ji.
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
24-05-2019 11:56 AM
ਹਰਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇ ਲਈ Balwinder Singh Lakhewali 98142-39041 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by HARMAN
Uttar Pradesh
24-05-2019 11:43 AM
Harman ji kirpa karke isda poora nam daso ta jo tuahnu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by rajendra
Madhya Pradesh
24-05-2019 11:36 AM
राजेंद्र जी इसमें कीट का हमला चेक करें क्युकी यह कीट के हमले के कारण ऐसी होती है
Posted by Lakhan pal
Haryana
24-05-2019 11:29 AM
Lakhanpal ji kripya aap kisam aur uski bijai ka tareeka btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Harjinder Singh
Punjab
24-05-2019 11:25 AM
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮ.... (Read More)
ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸੰਭਵ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ ਕਿਉਕੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ ਆਮ ਨਾਲੋ ਵੀ ਕਈ ਗੁਣਾ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਚਾਹੀਦਾ ਜੋ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ ਉਹ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਕੁਸਮ ਹੈ ਅਸਲੀ ਕੇਸਰ ਸਿਰਫ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ, ਇਰਾਨ ਤੇ ਅਫਗਾਨਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਹੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕੁਮਸ ਹੈ ਇਸ ਦੀਆ ਵੀ ਕਈ ਦਵਾਈਆ ਬਣਦੀਆ ਹਨ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸ਼ੱਕ ਹੈ ਤਾਂ ਜੰਮੂ ਕਸ਼ਮੀਰ ਦੇ ਇਸ ਕਿਸਾਨ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰ ਲਵੋ ਜਿਸਦੇ ਦਾਦੇ ਪੜਦਾਦੇ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਸੀ ਤੇ ਇਹ ਵੀ ਕੇਸਰ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਦੇ ਹਨ Javid Ahmed- 95964 93260 . ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ https://www.youtube.com/watch v=vl7c6L3ETnQ&t=8s

Posted by simrat kaur
Rajasthan
24-05-2019 11:24 AM
Palam Samridhi: यह किस्म 2015 में जारी की गई है इस किस्म की पनीरी अद्र्ध फैलने वाली है जिन्हें कोमल, बड़े, और हरे रंग के पत्ते लगते हैं इसका फल गोल, घना, और हरे रंग का होता है इसके फल का औसतन भार 300 ग्राम होता है यह किस्म पनीरी लगाने से 70—75 दिनो के बाद पक जाती हैं और इसकी औसतन पैदावार 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by kunal
Maharashtra
24-05-2019 11:20 AM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html

Posted by mohinder singh mahal
Punjab
24-05-2019 11:01 AM
Mohinder ji kirpa karke daso ke boota kive laya hai isdi kalm layi hai ja isnu beej to ugaya hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸੈਣੀ
Punjab
24-05-2019 10:56 AM
Thoothi rog di roktham de lyi tata di tata mida ja nagarjuna di crop mida@40-60ml nu 150 ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro.. thoothi rog di roktham de lyi imidacloprid ja thiamethoxam ja dimethoate ja acephate varge salt kam krde hnn..

Posted by Sukhjeet Singh
Punjab
24-05-2019 10:55 AM
ਪਰਮਲ ਝੋਨੇ ਦੀਆ PR PR 113, PR 111, PR 114, PR 115, PR 116,PR 118 ,PR 121,PR 122, PR 123 , PR 126, PR 127, Cr 212, ਕਿਸਮਾਂ ਦਾ ਝਾੜ ਸਭ ਦਾ ਹੀ ਚੰਗਾ ਹੈI ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇ ਵਾਲੀ ਅਤੇ ਵੱਧ ਝਾੜ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਲਗਾਉਣੀ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਉਸ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਪੂਸਾ 44 ਕਿਸਮ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ I
Posted by ਸੁਖਵਿਂਦਰ ਮਾਨ
Punjab
24-05-2019 10:51 AM
ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਫੈਰਸ ਸਲਫੇਟ @10 ਗਰਾਮ ਅਤੇ ਜਿੰਕ @5 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੀਲਾਪਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ 3 ਸਪਰੇਅ ਹਫਤੇ ਹਫਤੇ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਕਰੋ ਜੀ
Posted by sandeep singh
Punjab
24-05-2019 10:45 AM
Sandeep ji punjab vich jhona laun di tareek 13 june di fix hoyi hai.dhanwad

Posted by Hamesh Kumar
Uttar Pradesh
24-05-2019 10:38 AM
Hamesh ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
24-05-2019 10:34 AM
ਜੇਕਰ ਗਾਂ ਵਾਰ ਵਾਰ ਰਪੀਟ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਭਰਵਾਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Bovimin-B ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ Concimax bolus ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ-ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ 14 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 15 ਦਿਨ ਤਕ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .

Posted by priyanka
Maharashtra
24-05-2019 10:22 AM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by Hargbinder singh
Punjab
24-05-2019 10:09 AM
ਹਰਗਬਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਪ੍ਰਾਇਵੇਟ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੀ ਭਿੰਡੀ ਦਾ size 10-12 cm ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪਹਿਲੀ ਤੁੜਾਈ 45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਦ ਹੋਣ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by jagroop goraya
Punjab
24-05-2019 10:08 AM
Jekar paniri uper to peeli pai rahi hai ta isde vich lohe di kami hai. isdi roktham de layi ferrous sulphate 1% @1 killo nu prati aikad de hisab nal spray karen.jekar chelated ferrous sulphate di spray karni hai ta isdi matra 200 gram prati aikad hundi hai. jekar hale tak urea nahi payi ta 3 killo prati knal de hisab nal pao.kayi var paniri nitrogen di kami de karn vi paniri peeli honi shuru ho jandi hai.

Posted by Robin Sandhu
Punjab
24-05-2019 10:06 AM
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟ.... (Read More)
ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਤੇ ਸੋਧ: ਟੱਬ ਜਾਂ ਬਾਲਟੀ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਬੀਜ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾਉ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਹਿਲਾਉ ਹੁਣ ਜਿਹੜਾ ਹਲਕਾ ਬੀਜ ਪਾਣੀ ਉੱਤੇ ਤਰ ਆਵੇ ਉਸ ਨੂੰ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦਿਉ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਥੱਲੇ ਬੈਠ ਜਾਣਗੇ ਅੱਠ ਕਿਲੋ ਭਾਰੇ ਬੀਜ ਨਾਲ ਬੀਜੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨਰੋਏ ਅਤੇ ਇੱਕੋ ਜਿਹੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਚੁਣੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਨੂੰ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਬਾਵਿਸਟਨ ਅਤੇ ਇੱਕ ਗ੍ਰਾਮ ਸਟਰੈਪਟੋਸਾਈਕਲੀਨ* ਦੇ 10 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿੱਚ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 8-10 ਘੰਟੇ ਪਹਿਲਾਂ ਡੁਬੋ ਲਉ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ, ਖਾਦ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਅਤੇ ਬੀਜਣ ਦਾ ਢੰਗ : 12-15 ਟਨ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਜਾਂ ਕੰਪੋਸਟ ਇੱਕ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਰਲਾਉ ਹੁਣ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਦਿਉ, ਤਾਂ ਕਿ ਨਦੀਨ ਉੱਗ ਪੈਣ ਉੱਗੇ ਹੋਏ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਮਾਰਨ ਲਈ ਇੱਕ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਨੂੰ ਦੋ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਸਮੇਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰੋ ਅਤੇ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕੱਦੂ ਕਰੋ ਕੱਦੂ ਦੀ ਆਖਰੀ ਵਾਹੀ ਸਮੇਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 60 ਕਿਲੋ ਸੁਪਰਫ਼ਾਸਫ਼ੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਸਿਹਤਮੰਦ ਪਨੀਰੀ ਲਈ 40 ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਹੈਪਟਾਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਜਾਂ 25.5 ਕਿਲੋ ਜਿੰਕ ਸਲਫ਼ੇਟ ਮੋਨੋਹਾਈਡ੍ਰੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉ ਫਿਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਕਿਆਰੇ ਬਣਾਉ, ਜੋ ਕਿ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਵਧਾਏ-ਘਟਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਸੋਧੇ ਹੋਏ ਭਿੱਜੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਉਪਰ 7-8 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਮੋਟੀ ਤਹਿ ਵਿੱਚ ਖਲਾਰ ਦਿਉ ਅਤੇ ਉਪਰੋਂ ਗਿੱਲੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਉ ਢੱਕੇ ਹੋਏ ਬੀਜ ਉਪਰ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਪਾਣੀ ਛਿੜਕ ਕੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਗਿੱਲਾ ਰੱਖੋ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 24 ਤੋਂ 36 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬੀਜ ਪੁੰਗਰ ਪਵੇਗਾ ਹਰੇਕ ਕਿਆਰੇ (10 ਅਤੇ 2 ਮੀਟਰ) ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਸੋਧਿਆ ਤੇ ਪੁੰਗਰਿਆ ਬੀਜ ਛੱਟੇ ਨਾਲ ਬੀਜੋ ਜ਼ਮੀਨ ਨੂੰ ਬਾਰ-ਬਾਰ ਪਾਣੀ ਲਾ ਕੇ ਗਿੱਲੀ ਰੱਖੋ ਪੰਛੀਆਂ ਤੋਂ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਗਲੀ-ਸੜੀ ਰੂੜੀ ਦੀ ਪਤਲੀ ਤਹਿ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਮ ਬਾਅਦ ਖਿਲਾਰ ਦਿਉ ਪਨੀਰੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੋਰ ਪਾਉ ਪਨੀਰੀ 24-30 ਦਿਨਾਂ ਤੱਕ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ 45 ਦਿਨ ਜਾਂ ਇਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਉਮਰ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 26 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਚਾਰ ਹਫ਼ਤੇ ਬਾਅਦ ਹੋਰ ਪਾਉ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ 8 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀਆਂ 8 ਕਿਆਰੀਆਂ (ਸਾਢੇ 6 ਮਰਲੇ) ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਲਈ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਕੀੜੇ ਜਾਂ ਬਿਮਾਰੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਸੇ ਤਾਂ ਸਿਫ਼ਾਰਸ਼ ਕੀਤੇ ਢੰਗ ਵਰਤੋ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਜਦ ਪਨੀਰੀ 20-25 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਉੱਚੀ ਜਾਂ 6-7 ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਸਮਝੋ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਦੇ ਨਵੇਂ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਪੈ ਜਾਣ ਤਾਂ ਫ਼ੈਰਸ ਸਲਫ਼ੇਟ ਦੇ ਤਿੰਨ ਛਿੜਕਾਅ ਹਫ਼ਤੇ-ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਫ਼ਰਕ ਤੇ ਕਰੋ

Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
24-05-2019 10:05 AM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ M45 @ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by jagsir singh brar
Punjab
24-05-2019 10:01 AM
ਤੁਸੀ ਚਿੱਚੜਾਂ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ Hitek ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ 1ml/50kg ਸਰੀਰ ਦੇ ਭਾਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਮੜੀ ਵਿਚ ਲਗਾਓ, ਬਾਕੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ .

Posted by baljinder singh
Haryana
24-05-2019 09:54 AM
Baljinder ji kirpa karke isdi company da nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake. kyuki eh kisam university valo sifarish nahi hai.dhanwad
Posted by Laddi Singh Sarao
Punjab
24-05-2019 09:41 AM
Jekar paniri uper to peeli pai rahi hai ta isde vich lohe di kami hai. isdi roktham de layi ferrous sulphate 1% @1 killo nu prati aikad de hisab nal spray karen.jekar chelated ferrous sulphate di spray karni hai ta isdi matra 200 gram prati aikad hundi hai. jekar hale tak urea nahi payi ta 3 killo prati knal de hisab nal pao.kayi var paniri nitrogen di kami de karn vi paniri peeli honi shuru ho jandi hai.

Posted by Harpreet Singh
Punjab
24-05-2019 09:41 AM
1718 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਤੁਸੀ ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਮੁਖ ਖੇਤ ਵਿਚ ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਲਾਓ
Posted by jagroop goraya
Punjab
24-05-2019 09:15 AM
jekar paniri uper to peeli pai rahi hai ta isde vich lohe di kami hai. isdi roktham de layi ferrous sulphate 1% @1 killo nu prati aikad de hisab nal spray karen.jekar chelated ferrous sulphate di spray karni hai ta isdi matra 200 gram prati aikad hundi hai. jekar hale tak urea nahi payi ta 3 killo prati knal de hisab nal pao.kayi var paniri nitrogen di kami de karn vi paniri peeli honi shuru ho jandi hai.
Posted by varinder singh kahlon
Punjab
24-05-2019 09:10 AM
Bnjr jmeen nu Upjau bnaun lyi uhde ch roori paao jaa hri khaad beejo. Jmeen nu taaqt den valian faslaa beejo like Moongi, maah, sro,. Jmeen ch waste decomposer use kro. Koshish kro jmeen ch hrek fsl di rehnd khoohnd vaaho.

Posted by Gurwinder Sran Zaildar
Punjab
24-05-2019 09:06 AM
tuci jhoti nu pett de kiria lai flukarid-Ds bolus deo, isde nal tuci agrimin super powder 50-50gm swere sham rojana dena suru kro ate minotas bolus 1 goli rojana deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi.
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image













