
Posted by KULDIPSINH MAHIDA
Gujarat
31-05-2019 08:21 AM
नर्सरी में बिजाई के लिए सितंबर से नवंबर का पहला सप्ताह अनुकूल होता है कतार से कतार का फासला 45-60 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 30-45 सैं.मी. रखें बीजों को 1-2 सैं.मी. की गहराई में बोयें

Posted by tarsem puri
Punjab
31-05-2019 08:21 AM
ਤਰਸੇਮ ਜੀ roger ਦੀ ਮਾਤਰਾ 2ml ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Harpreet singh
Punjab
31-05-2019 08:17 AM
Harpreet singh ji Hoshiarpur vich Cargill di feed len lai tusi Rajinder Singh 8872674902 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.

Posted by jas
Punjab
31-05-2019 08:13 AM
jas ji tuc isdi spray kar sakde ho. isdi matra 5 gm nu prati litre pani de hisab nal spray kar sakde ho. isnu calcium ate magnesium tat de nal mix na karo.dhanwad
Posted by Balraj Singh Dhillon
Punjab
31-05-2019 08:11 AM
बलराज जी आपके सभी सवालों के जवाब दिए गए हैं, आप मेरे सवाल ऑप्शन में जाकर अपने जवाब देख सकते हैं
Posted by Rohtash Redhu
Haryana
31-05-2019 08:11 AM
Rohtash ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja ske.dhanwyad
Posted by harjap singh
Punjab
31-05-2019 08:04 AM
ਹਰਜਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਸਾਫ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਜਾ ਇਸਦੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by harpreet singh
Punjab
31-05-2019 08:03 AM
ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿਰਫ ਦਰਮਿਆਨੀ ਤੋਂ ਭਰੀਆਂ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾਂ ਵਿਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਬਿਜਾਈ ਕਾਰਨ ਤੇ ਲੋਹੇ ਦੀ ਘਾਟ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ ਘਾਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਖੇਤ ਲੇਜਰ ਕਰਾਹੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹੀ ਸੰਜਮਤਾ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਾਰਨ ਲਈ 2 ਤੋਂ 3 ਵਾਰ ਤਵੀਆਂ ਨਾਲ ਵਾਹੁਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਕ ਵਾਰ ਹਾਲ .... (Read More)
ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿਰਫ ਦਰਮਿਆਨੀ ਤੋਂ ਭਰੀਆਂ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਹਲਕੀਆਂ ਜਮੀਨਾਂ ਵਿਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਬਿਜਾਈ ਕਾਰਨ ਤੇ ਲੋਹੇ ਦੀ ਘਾਟ ਆ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਝਾੜ ਘਾਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਖੇਤ ਲੇਜਰ ਕਰਾਹੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾਲ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਹੀ ਸੰਜਮਤਾ ਨਾਲ ਵਰਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਖੇਤ ਨੂੰ ਤਿਆਰ ਕਾਰਨ ਲਈ 2 ਤੋਂ 3 ਵਾਰ ਤਵੀਆਂ ਨਾਲ ਵਾਹੁਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਕ ਵਾਰ ਹਾਲ ਫੇਰ ਕੇ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਲੇਜਰ ਕਰਾਹੇ ਨਾਲ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਪੱਧਰਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਲੇਜਰ ਕਰਾਹੇ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤੀ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਇੱਕ ਵਾਰ ਹੱਲ ਨਾਲ ਵਾਹ ਕੇ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰ ਦਿਓ ਢੁਕਵੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ : ਘਟ ਸਮਾਂ ਲੈਣ ਲਯੀ ਕਿਸਮ ਪੀ ਆਰ 115 ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਢੁਕਵੀਂ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ : ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਸੋਧ : ਬੀਜ ਨੂੰ ਉੱਲੀਨਾਸ਼ਕ ਦੇ ਘੋਲ ਵਿਚ 10-12 ਘੰਟੇ ਲਈ ਡੁਬੋ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਨੂੰ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਛਾਂ ਵਿਚ ਸੁਕਾ ਲਵੋ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੰਗ : ਝੋਨੇ ਦੀ ਸਿੱਧੀ ਬਿਜਾਈ 8-10 ਕਿੱਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਰਤ ਕੇ ਟੇਢੀ ਪਲੇਟ ਵਾਲੀ ਟਰੈਕਟਰ ਡਰਿੱਲ ਨਾਲ 20 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਦੂਰ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿਚ ਸੁੱਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਰੌਣੀ ਕੀਤੇ ਖੇਤ ਵਿਚ ਕਰੋ ਬੀਜ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ 2-3 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਰੱਖਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜ ਨਹੀਂ ਜੰਮਦਾ ਜੇਕਰ ਮਸ਼ੀਨ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇੰਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by sabir rao
Uttar Pradesh
31-05-2019 07:59 AM
usko app pett ke kiro ke liye flukarid-ds bolus den, iske sath app Vitum-h liquid 10ml rojana dena suru kren aur app anabolite liquid 100ml rojana den, iske sath usko hara chara, feed achi matra mai denn, isse uska lewa aur dudh acha ho jayega.
Posted by Gurjit singh
Punjab
31-05-2019 07:47 AM
1718 ਬੀਜ 1121 ਦੀ ਸੋਧ ਹੈ ਜੀ ਇਸਦਾ ਝਾੜ ਵੀ ਜਿਆਦਾ ਤੇ ਬਿਮਾਰੀ ਵੀ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀ 1121 ਮੁਕਾਬਲੇ ਇਸਦੀ ਪਨੀਰੀ ਜੂਨ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿਚ ਬੀਜੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Baljinder singh
Punjab
31-05-2019 07:38 AM
ਉਸ ਨੂੰ Injection Curan-9 3ml ਮੂਹਰਲੇ ਕੰਬਲੇ ਦੀ ਚਮੜੀ ਵਿਚ ਲਾਓ ਤੇ ਨਾਲ Liquid Bovimen-GL 150ml 7ml ਰੋਜਾਨਾ, Liquid Vitum H 250ml 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਜੀ

Posted by krishna tiwari
Uttar Pradesh
31-05-2019 07:33 AM
इसका सही तरह से पता 3 महीने के बाद ही डॉक्टर से जांच करवा कर लगाया जा सकता है वैसे देसी तरीके अनुसार जब पशु को गाभिन हुऐ 40 दिन हो जाए तो पशु के सुबह वाले पहले पिशाब को खुले बर्तन में डाल लें, तथा उसमे एक चम्मच सरसों का तेल डाल दें, बाद में ध्यान से देंखे यदि सरसों का तेल उसमे टिकी की तरह जम जाए तो पशु गाभिन है यदि त.... (Read More)
इसका सही तरह से पता 3 महीने के बाद ही डॉक्टर से जांच करवा कर लगाया जा सकता है वैसे देसी तरीके अनुसार जब पशु को गाभिन हुऐ 40 दिन हो जाए तो पशु के सुबह वाले पहले पिशाब को खुले बर्तन में डाल लें, तथा उसमे एक चम्मच सरसों का तेल डाल दें, बाद में ध्यान से देंखे यदि सरसों का तेल उसमे टिकी की तरह जम जाए तो पशु गाभिन है यदि तेल की बूंदे बिखर जाए तो पशु अभी खाली है.

Posted by krishna tiwari
Uttar Pradesh
31-05-2019 07:31 AM
Krishna tiwari ji kripya btaye ke aapne konsi fasal ki bijai ki hai taki aapko iske bare men poori janakri di ja ske.dhanywad

Posted by sandeep singh
Punjab
31-05-2019 07:06 AM
Sandeep ji kranti ik food suppliment hai jo ke fasl di growth de layi vartya janda hai. isde layi tuc isdi matra 1ml nu prati liter pani de hisab nal spray karo. isdi varto bijai to 30-35 din bad kiti jandi hai.

Posted by Mrityunjay singh
Bihar
31-05-2019 07:00 AM
यदि आप लेयर पोल्ट्री फार्म करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फुट लंबी लगह और 20 फुट चौड़ाई वाली जगह की जरूरी होगी यह सारी जगह 1000 वर्ग फुट बन जाती है इसमें आप 1000 बच्चे रख सकते हैं यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर लाकर तैयार करते है तो एक बच्चे का अंडे देने का कुल खर्च 160—170 रूपये आ जाता है और यदि आप पूरी तर.... (Read More)
यदि आप लेयर पोल्ट्री फार्म करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फुट लंबी लगह और 20 फुट चौड़ाई वाली जगह की जरूरी होगी यह सारी जगह 1000 वर्ग फुट बन जाती है इसमें आप 1000 बच्चे रख सकते हैं यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर लाकर तैयार करते है तो एक बच्चे का अंडे देने का कुल खर्च 160—170 रूपये आ जाता है और यदि आप पूरी तरह तैयार बच्चा लेते हैं तो आपके फार्म पर सिर्फ अंडे दे तो वह एक बच्चा 205—210 रूपये तक पड़ जाता है फिर आप उस हिसाब से बच्चे खरीद सकते हैं इसके लिए आप लेयर वाली कंपनी से संपर्क कर सकते हैं बाकी यदि आप deep litter में बच्चे रखते हैं तो इससे भी बढ़िया फायदा मिलता है पर इसमें देख रेख ज्यादा करनी पड़ती है
Posted by Bittu
Punjab
31-05-2019 06:58 AM
ਬਿੱਟੂ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by bivnesh kumar
Uttar Pradesh
31-05-2019 06:10 AM
आजकल पशुओं में मुंह—खुर की बीमारी पशुओं को लग रही है कई स्थानों पर यह पूरे गांव में फैल रहा है सबसे पहले जरूरी है सरकार की तरफ से जो वैक्सीन की जाती है वह ज़रूर करवा लें यह तो सब को पता होगा कि जिस किसी पशु को बीमारी हो गई है उसे दूसरे पशुओं से अलग रखा जाये और दूसरे पशुओं को उसके संपर्क में ना लाया जाए क्योंकि .... (Read More)
आजकल पशुओं में मुंह—खुर की बीमारी पशुओं को लग रही है कई स्थानों पर यह पूरे गांव में फैल रहा है सबसे पहले जरूरी है सरकार की तरफ से जो वैक्सीन की जाती है वह ज़रूर करवा लें यह तो सब को पता होगा कि जिस किसी पशु को बीमारी हो गई है उसे दूसरे पशुओं से अलग रखा जाये और दूसरे पशुओं को उसके संपर्क में ना लाया जाए क्योंकि यह एक विषाणु के द्वारा फैलने वाला रोग है बीमार पशु की देख रेख वाला व्यक्ति दूसरे पशुओं में बिना सफाई से ना जाए, पशुओं के और इंसान के आने जाने वाले स्थान पर कली डाली जाए और इसके मुंह खुर वाले जख्म को फिटकड़ी के पानी से धोया जाए इसके साथ आप एक और देसी तरीका अपना सकते हैंअपने आस पास आपने देखा होगा कि खाली जगहों में या फिर पहाड़ी जगहों पर थोर उगा हुआ होता है इस पौधे के छोटे छोटे कांटे होते हैं और इसकी टहनियों और पत्तों में से दूध निकलता होता है इस थोर की आप एक टहनी काट लें और इस टहनी की 3—3 इंच के टुकड़े कर लें इन 3 टुकड़ों को एक कपड़े में बांध लें कपड़े में बांधने के बाद इसे आप पानी वाली खुरली में रख दें या फिर जिस बर्तन में आप पानी पिलाते हैं उसमें रखें इस पानी को पीने से यदि पशु को मुंह खुर की बीमारी होगी तो वह ठीक होनी शुरू हो जाएगी और यदि तंदरूस्त पशु भी वह पानी पीता रहे तो उसे यह बीमारी होगी ही नहीं तीन से चार दिनों के बाद थोर के टुकड़े बदल दें और लगातार तीन चार महीने इस तरह पानी पिलाते रहें

Posted by Arjun Singh Bundela
Madhya Pradesh
31-05-2019 06:04 AM
गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े.... (Read More)
गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए
Posted by Ramanand Raj
Uttar Pradesh
31-05-2019 05:55 AM
पदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी क.... (Read More)
पदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

Posted by Parvati
Uttar Pradesh
31-05-2019 05:28 AM
Please explain your question in detail what you want to know. Thanks.

Posted by Puspendu Sahoo
West Bengal
31-05-2019 05:21 AM
Puspendu Sahoo जी एलोवेरा बेचने के लिए आप नरेंद्र कुमार 9950708819 से संपर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Hasandeep singh Brar
Punjab
31-05-2019 12:59 AM
हर्शदीप जी धान में सिफारिश खाद कदू करते समय डालें

Posted by एनके
Rajasthan
31-05-2019 12:30 AM
सेब में रोस्टिंग की रोकथाम के लिए आप इसके ऊपर copper oxychloride @3 gram को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by hajare mb
Maharashtra
30-05-2019 10:53 PM
Inko app turant nazdiki doctor se janch krwayen kyuki inke marne ke kai karan ho skte hai, inki janch krke inke marne ka sahi karan aur bimari ka ptaa lgg skta hai.
Posted by jagsir singh brar
Punjab
30-05-2019 10:29 PM
ਜਗਸੀਰ ਜੀ ਕ੍ਰਿਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਲੇਬਲ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by jagdish
Punjab
30-05-2019 10:27 PM
गन्ने की फसल में आप Coragen @150 ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते है या फिर Reagent @10 kg को मिट्टी में मिलाकर खेत में छिड़काव कर सकते है
Posted by jagsir singh brar
Punjab
30-05-2019 10:27 PM
kirpa karke isde label di photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by madan lal
Rajasthan
30-05-2019 10:15 PM
Madan lal ji Kinnow ke baag ke bare me puri jankari ke liye aap mere se 8003892293,9530002191 samparak kare. Thank you.
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
30-05-2019 10:12 PM
बासमती में यूपीएल saaf फंगीनाशी का छिड़काव मिट्टी में मिलाकर करें इसे खाद में मिक्स करके प्रयोग ना करें

Posted by gurmindear singh
Punjab
30-05-2019 09:58 PM
Gurminder g j Tusi Pishli fsl Knk jaa koi hor jo Tusi biji c. Us fsl nu DAP di poori recommended dose paai c taa koi lorh Nahi

Posted by h s
Punjab
30-05-2019 09:55 PM
मक्की के नदीन के लिए Atrazine 500 gram या Bayar Laudis का प्रयोग करें
Posted by Raman deep Singh
Punjab
30-05-2019 09:55 PM
Raman deep Singh ji Bathinda vich Nimbu di kheti kiti ja sakdi hai is bare puri jankari lai tusi Ravi Choudhary 8003892293, 9530002191 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Raman deep Singh
Punjab
30-05-2019 09:52 PM
Ramandeep g GADVASU Ludhiana toh Desi Chicks ( R.I.R), Bilkul mil jaande ney
Posted by मोहित मौर्य
Uttar Pradesh
30-05-2019 09:47 PM
Mohit ji Agri Juction bnane ke liye aap Puneet singh thind 9991320236 se samparak kare. Thank you.

Posted by narayan singh gurjar
Madhya Pradesh
30-05-2019 09:42 PM
Narayan ji jaivik kheti men rasyanik khaadon ka istemal nahi kiya jata isme sirf gobar ki khaad ka istemal kiya jata hai. iske liye aap apne ilake ke jo farmers jaivik kheti kar rahe hai unse mile aur unka anubhav le uske bad aap thodi jgah men jaivik kheti shuru kren. dhanywad

Posted by बाबू लाल यादव
Rajasthan
30-05-2019 09:29 PM
बाबू लाल जी कृपया यह बताएं कि पौधा कितने समय का है, इसके बाद आपको आगे की जानकारी दी जाएगी

Posted by GURLEENPREET SINGH
Punjab
30-05-2019 09:28 PM
Os nu Liquid Intavita NH 300ml Intas company 10-10ml swere shame deo nall carus company da Liquid Bovimen-GL 150ml 7ml rojana deo ji es nall farak pe jawe ga ji, iss nal jldi thik ho jawega.
Posted by kulvinder
Punjab
30-05-2019 09:23 PM
ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਜੂਨ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀਂ
ਫੂਲਗੋਭੀ , ਖੀਰਾ ,ਚੌਲੇ , ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ , ਪਿਆਜ , ਚਲਾਈ , ਪਾਲਕ ਆਦਿ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by deep
Punjab
30-05-2019 09:14 PM
Potash ekk jroori tatt hai jo fasal vich dane di growth lyi kmm krda hai fasal di health v increase krda hai.jhone vich @25 kg potash per acre pa skde ho g..

Posted by deep
Punjab
30-05-2019 09:08 PM
दीप जी ज्वार से पहले कौनसी फसल बोयी थी गेहूं या कोई ओर
Posted by Mandeep singh
Punjab
30-05-2019 09:07 PM
tuci jhoti nu Intavita-Nh liquid 10-10ml swere sham dena suru kro ate uss nu Metabolite powder di rojana 1 pudi deni suru kro, iss nal lewa ate duudh vdia howega bakii uss nu garmi ton bacha ke rkho ate usdi khurak da dian rkho ji.
Posted by Dhanveer Singh
Uttar Pradesh
30-05-2019 09:01 PM
Dhanveer Singh g aap ko poultry farm kholne se pehle Training laini chahiye. Jo aap k CENTRAL AVIAN RESEARCH INSTITUTE dwara di jati hai. Aap voh training lo ta ki aap ko Benefits, Diseases, Management ki knowledge prapt ho ske.

Posted by Mahesh
Punjab
30-05-2019 08:59 PM
बिजाई के 2-3 दिनों के बाद पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. 800 मि.ली. या मैटरीब्यूज़िन 70 डब्लयू पी 400 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें नदीन नाशक के प्रयोग के बाद खेत को हरे पत्तों या धान की तूड़ी से ढक दें जड़ों के विकास के लिए बिजाई से 50-60 दिनों के बाद और फिर 40 दिनों के बाद जड़ों को मिट्टी लगाएं
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