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Posted by Angrej Sidhu
Punjab
02-06-2019 03:31 PM
Punjab
06-02-2019 05:41 PM
ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਵੇਲੇ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ @3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ
Posted by Narendra Bhanwar Singh Meena
Rajasthan
02-06-2019 03:31 PM
Rajasthan
06-03-2019 08:02 PM
Narendra Bhanwar Singh Meena जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by narinder
Punjab
02-06-2019 03:21 PM
Punjab
06-02-2019 04:02 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Biotrim IM ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਤੁਸੀ 20 ਮਿਲੀ ਲਗਵਾਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ 3 ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Broton liqued 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Halotas bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ਸਤਿਗੁਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-06-2019 03:19 PM
Punjab
06-02-2019 04:00 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Albendazole ਸਾਲਟ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ Cargill ਦੀ Heifer Dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Enerboost powder ਰੋਜਾਨਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ..
Posted by Ashvani Dehariya
Madhya Pradesh
02-06-2019 03:14 PM
Punjab
06-04-2019 06:19 PM
यह बछड़ी क्रॉस नसल की है इसका दूध इसकी मां के दूध के रिकॉर्ड पर निर्भर होगा यदि इसकी मां अच्छा दूध देती है तो यह भी अच्छा दूध देगी आप इसकी खुराक और देखभाल का पूरा ध्यान रखें
Posted by sugandh Singh Paikra
Chattisgarh
02-06-2019 03:13 PM
Punjab
06-07-2019 04:25 PM
ugandh Singh Paikra agar aapne Bsc Agriculture kari hai to uske baad aap bhati sari companies jese bayer, iffco, fertilizer, seed companies me job ke liye apply kar sakte ho ji.
Posted by Ashvani Dehariya
Madhya Pradesh
02-06-2019 03:03 PM
Punjab
06-04-2019 09:00 PM
यह बछड़ी 14 से 20 लीटर तक दूध दे सकती है बाकि इसकी खुराक, लेवे की ग्रोथ और ब्याने में कितना समय लेती है, इन सभी बातों पर निर्भर करता है आप इसकी खुराक का पूरा ध्यान रखें और इसके दूध की फैट भी एचएफ गाय से ज्यादा होगी
Posted by jay pee kalia
Punjab
02-06-2019 03:00 PM
Punjab
06-02-2019 04:03 PM
yeh koi darr wali batt nhi hai, isko app Stay projen powder 50gm rojana aur Calcimust gold liquid 100ml rojana dena suru kren..
Posted by giva
Uttar Pradesh
02-06-2019 02:51 PM
Rajasthan
06-03-2019 06:32 PM
Giva जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by vimal Kumar
Rajasthan
02-06-2019 02:46 PM
Maharashtra
06-03-2019 05:31 PM
सिट्रस एक महत्तवपूर्ण फल की फसल है लैमन को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी लैमन की खेती क.... (Read More)
सिट्रस एक महत्तवपूर्ण फल की फसल है लैमन को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी लैमन की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है प्रसिद्ध किस्में: Punjab Baramasi,Eureka,Punjab Galga खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है रोपाई के लिए जुलाई-अगस्त का मौसम सबसे अच्छा है लोबिया, सब्जियों, फ्रैंच बीन्स के साथ अंतर फसली शुरूआती दो से तीन वर्ष में किया जा सकता है पौधों के बीच 4.5x4.5 सैं.मी. फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए 208 पौधे प्रति एकड़ की घनत्व बना कर रखनी चाहिए पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर से 50-60 सैं.मी. नज़दीक की शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए फसल के 1-3 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 5-20 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4-6 वर्ष की फसल में अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 25-50 किलो और युरिया 100-300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 7-9 वर्ष की फसल में यूरिया 600-800 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60-90 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 10 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो गाय का गला हुआ गोबर 100 किलो या यूरिया 800-1600 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें गाय के गले हुए गोबर की पूरी मात्रा दिसंबर महीने के दौरान डालें जबकि यूरिया के दो हिस्से, पहला फरवरी महीने में और दूसरा अप्रैल-मई के महीने में डालें यूरिया की पहली खुराक के समय सिंगल सुपर फासफेट खाद की पूरी मात्रा डालें यदि पकने से पहले फलों का गिरना देखा जाए तो फलों के ज्यादा गिरने को रोकने के लिए 2,4-D 10 ग्राम को 500 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पहली स्प्रे मार्च के अंत में, फिर अप्रैल के अंत में करें अगस्त और सितंबर के अंत में दोबारा स्प्रे करें यदि सिटरस के नज़दीक कपास की फसल उगाई गई हो तो 2,4-D की स्प्रे करने से परहेज़ करें, इसकी जगह GA3 की स्प्रे करें नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें लैमन की फसल को नियमित अंतराल पर सिंचाई की आवश्यकता होती है सर्दियों और गर्मियों में जीवन रक्षक सिंचाई जरूर देनी चाहिए फूल आने के समय, फल लगने के समय और पौधे के अच्छे विकास के लिए सिंचाई आवश्यक है ज्यादा सिंचाई से जड़ गलन और तना गलन की बीमारियों का खतरा होता है उच्च आवृत्ति की सिंचाई फायदेमंद होती है नमकीन पानी फसल के लिए हानिकारक होता है बसंत ऋतु में अकेली जड़ों को पानी देना पौधे को प्रभावित नहीं करता उचित आकार के होने के साथ आकर्षित रंग, शुगर की मात्रा 12:1 होने पर किन्नू के फल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं किस्म के आधार पर फल मध्य जनवरी से मध्य फरवरी के महीने में तैयार हो जाते हैं कटाई उचित समय पर करें ज्यादा जल्दी और ज्यादा देरी से कटाई करने पर घटिया गुणवत्ता के फल मिलते हैं
Posted by Anil Kumar
Rajasthan
02-06-2019 02:41 PM
Punjab
06-03-2019 08:13 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक KVK से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें, वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा बकरिया लेने के लिए आप मेरे से 7009579091 पर सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Brajendra Kumar Latoriya
Madhya Pradesh
02-06-2019 02:37 PM
Punjab
06-03-2019 05:33 PM
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता.... (Read More)
अंजीर की खेती भिन्न-भिन्न जलवायु वाले स्थानों में की जाती है, परंतु भूमध्यसागरीय जलवायु इसके लिए अत्यंत उपयुक्त है फल के विकास तथा परिपक्वता के समय वायुमंडल का शुष्क रहना अत्यंत आवश्यक है पर्णपाती वृक्ष होने के कारण पाले का प्रभाव इस पर कम पड़ता है यों तो सभी प्रकार की मिट्टी में इसका वृक्ष उपजाया जा सकता है, परंतु दोमट अथवा मटियार दोमट, जिसमें उत्तम जल निकास (ड्रेनेज) हो, इसके लिए सबसे श्रेष्ठ मिट्टी है इसमें प्राय खाद नहीं दी जाती; तो भी अच्छी फसल के लिए प्रति वर्ष प्रति वृक्ष 20-30 सेर सड़े हुए गोबर की खाद या कंपोस्ट जनवरी-फरवरी में देना लाभदायक है इसे अधिक सिंचाई की भी आवश्यकता नहीं पड़ती ग्रीष्म ऋतु में फल की पूर्ण वृद्धि के लिए एक या दो सिंचाई कर देना अत्यंत लाभप्रद है अंजीर के नए पौधे मुख्यत कृत्तों (कटिंग) द्वारा प्राप्त होते हैं एक वर्ष की अवस्था की डाल का इस कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है कृत्त जनवरी में लगाए जाते हैं और एक वर्ष बाद इस प्रकार तैयार हुए पौधों को स्थायी स्थान पर पंद्रह-पंद्रह फुट की दूरी पर रोपते हैं प्रति वर्ष सुषुप्ति काल में इसकी कटाई-छँटाई करनी चाहिए क्योंकि अच्छे फल पर्याप्त मात्रा में नई डालियों पर ही आते हैं फल अप्रैल से जून तक प्राप्त होते हैं लगाने के तीन वर्ष बाद वृक्ष फल देने लगता है और एक स्वस्थ, प्रौढ़ वृक्ष से लगभग 400 फल मिलते हैं पत्तियों के निचले भाग में एक प्रकार का रोग लगता है जिसे मंडूर (रस्ट) कहते हैं, परंतु यह रोग विशेष हानिकारक नहीं है आप इसकी किस्मे जैसे Brown Turkey. Smyrna Fig की बिजाई कर सकते है
Posted by Vinod Rathod
Madhya Pradesh
02-06-2019 02:35 PM
Maharashtra
06-03-2019 05:43 PM
आप कपास की किस्मे जैसे JAWAHAR TAPTI, J.K - 5 , J.K – 4, J.K.H-3, J.K.H-1, WHH 09 BT, BANNI बट, H-8, DCH 32 की बिजाई कर सकते है इसकी बिजाई सिचित स्तिथि में मई महीने में पूरी कर ले और बारानी हालात में इसकी बिजाई मानसून के पहले पखवाड़े तक कर ले धन्यवाद
Posted by bawa
Punjab
02-06-2019 02:31 PM
Punjab
06-02-2019 06:27 PM
Bawa g khade pani de vich iho g koi v dwaayi nahi paindi hai jis nal ki smell auno hatt jawe....ihh pani neeche mitti narm kr dinda hai jis de nal hwaa na pain kr ke otho smell auni shuru ho jandi hai...jina time ihh pani nahi sukkega itho smell nahi jawegi...iss de lyi koi v dwaayi nahi hai..
Posted by krishan kumar
Haryana
02-06-2019 02:29 PM
Punjab
06-04-2019 12:21 PM
Krishan kumar ji is ke bare me puri jankari ke lia aap ik baar jaha aap ne farm bhare the vaha samparak kare. kio ke april mahine me rs 2000 A/c me ah chuka hai. Thankyou.
Posted by चंद्रकांत रसाळ
Maharashtra
02-06-2019 02:29 PM
Rajasthan
06-04-2019 03:25 PM
चंद्रकांत जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by Devender singh
Haryana
02-06-2019 02:26 PM
Punjab
06-02-2019 06:29 PM
Devender g neeboo ke paude par planofix@4ml ko prati 15ltr pani mein mila ke paude pe ek week ke ander 2 baar spray krein...fal girna band ho jayega...
Posted by Parmeet Singh
Punjab
02-06-2019 02:15 PM
Rajasthan
06-04-2019 06:22 PM
ਪਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜ.... (Read More)
ਪਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹਿੰਗੀ ਫੀਡ ਨਹੀਂ ਵਰਤਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਜ਼ਾਰ ਚੋ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਉਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਤੋਂ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ , ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ..
Posted by श्रीकान्त राजपूत
Uttar Pradesh
02-06-2019 02:03 PM
Rajasthan
07-04-2019 04:50 PM
श्रीकान्त राजपूत जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जू.... (Read More)
श्रीकान्त राजपूत जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Daljit Singh
Punjab
02-06-2019 02:03 PM
Punjab
06-02-2019 06:30 PM
Daljit singh g kirpa kr ke pattya di photo bhejo tan jo tuhanu iss di jankari ditti ja ske .
Posted by vikas kahlon
Punjab
02-06-2019 01:59 PM
Punjab
06-02-2019 06:30 PM
vikas g paneeri ghat ton ghat 12-15 dina di honi chaidi hai...
Posted by Ajay Patel
Madhya Pradesh
02-06-2019 01:42 PM
Punjab
06-03-2019 05:44 PM
Ajay ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap genhu ke bare men kya jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Baljeet Singh
Punjab
02-06-2019 01:41 PM
Punjab
06-02-2019 06:33 PM
Siyaala di palak de lyi tuc iss di bijaayi September-october mahine de vich kr skde ho....adh September vich iss di bijaayi kr deo...
Posted by Gurbachan
Haryana
02-06-2019 01:38 PM
Rajasthan
06-03-2019 06:28 PM
गुरबचन जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by Gurbachan
Haryana
02-06-2019 01:35 PM
Rajasthan
06-03-2019 06:31 PM
गुरबचन जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by Rajkumar
Uttar Pradesh
02-06-2019 01:35 PM
Punjab
06-03-2019 05:48 PM
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च ग.... (Read More)
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
Posted by shaminder Singh
Punjab
02-06-2019 01:34 PM
Punjab
06-04-2019 05:27 PM
Shaminder Singh ji khet vich mitti pani di janch lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Punjab Agricultural University, Bathinda, Phone 0164-2215619 nal samparak kar sakde ho Thankyou.
Posted by Md. Akbar
Bihar
02-06-2019 01:32 PM
Punjab
06-03-2019 06:56 PM
इसे आप hitek का इंजेक्शन लगाएं इसमें Ivermectin सॉल्ट होता है, यह डॉक्टर से लगवाएं, यह बकरी बड़ी को लगता है 1.5 ml के आस पास लगता है और छोटी को 2 से 3 महीने के बच्चे को आधा ml लगता है
Posted by Parwinder Singh
Punjab
02-06-2019 01:31 PM
Punjab
06-03-2019 05:51 PM
ਪਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by shaminder Singh
Punjab
02-06-2019 01:18 PM
Punjab
06-02-2019 01:22 PM
Shaminder singh g tuc apni jameen di mitti test krva ke report according hi nutreint pao g..
Posted by jasvir Singh
Punjab
02-06-2019 01:17 PM
Rajasthan
06-03-2019 06:54 PM
ਇਸ ਵਿਸ਼ੇ ਤੇ ਇੱਕ ਲਾਈਨ ਵਿੱਚ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਕਿ ਡੇਅਰੀ ਕਿੱਤਾ ਮੁਨਾਫੇ ਵਾਲਾ ਹੈ ਜਾਂ ਨਹੀ ਕਿਉਕੀ ਮੁਨਾਫਾ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆ ਗੱਲਾਂ ਤੇ ਨਿਰਭਾਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿੰਨਾ ਕੁ ਤਜ਼ਰਬਾ, ਤੁਹਾਡਾ ਬਜਟ ਕਿੰਨਾ ਹੈ, ਪੈਸਾ ਸਬਲਿਡੀ ਤੇ ਲੈਣਾ ਜਾ ਆਪਣੇ ਲੈਵਲ ਤੇ , ਤੁਹਾਡੇ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿੰਨੇ ਕੁ ਹਨ, ਇਹ ਸਾਰੀਆ ਗੱਲਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਨਾ ਬਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੋ ਬੇਸਿਕ ਗੱਲ.... (Read More)
ਇਸ ਵਿਸ਼ੇ ਤੇ ਇੱਕ ਲਾਈਨ ਵਿੱਚ ਜਵਾਬ ਦੇਣਾ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਕਿ ਡੇਅਰੀ ਕਿੱਤਾ ਮੁਨਾਫੇ ਵਾਲਾ ਹੈ ਜਾਂ ਨਹੀ ਕਿਉਕੀ ਮੁਨਾਫਾ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆ ਗੱਲਾਂ ਤੇ ਨਿਰਭਾਰ ਹੈ ਕਿ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਿੰਨਾ ਕੁ ਤਜ਼ਰਬਾ, ਤੁਹਾਡਾ ਬਜਟ ਕਿੰਨਾ ਹੈ, ਪੈਸਾ ਸਬਲਿਡੀ ਤੇ ਲੈਣਾ ਜਾ ਆਪਣੇ ਲੈਵਲ ਤੇ , ਤੁਹਾਡੇ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਲੋਕਾ ਨਾਲ ਲਿੰਕ ਕਿੰਨੇ ਕੁ ਹਨ, ਇਹ ਸਾਰੀਆ ਗੱਲਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਨਾ ਬਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੋ ਬੇਸਿਕ ਗੱਲਾਂ ਹਨ ਬਾਕੀ ਮੱਝਾਂ ਰੱਖੋ ਜਾਂ ਗਾਵਾਾ ਕੋਈ ਫਰਕ ਨਹੀ ਪੈਂਦਾ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਹੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਖੁਦ ਨੂੰ ਥੋੜੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੋਣੀ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਦੁੱਧ ਤੋਂ ਖੁਦ ਪ੍ਰੋਡਕਟ ਬਣਾ ਕੇ ਵੇਚੋਗੇ ਤਾਂ ਫਾਇਦਾ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮਰ ਦੀ ਡੇਅਰੀ ਤੇ ਕੁੱਝ ਦਿਨ ਤੱਕ ਰਹਿ ਕੇ ਇਸ ਕੰਮ ਦੀਆਂ ਬਰੀਕੀਆਂ ਨੂੰ ਜਾਣੋ ਕਿਓੁਂਕਿ ਕੁੱਝ ਗੱਲਾਂ ਦਾ ਗਿਆਨ ਸਿਰਫ ਖੁਦ ਕੰਮ ਨੂੰ ਦੇਖਕੇ ਹੀ ਪਤਾ ਚੱਲਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਕੁੱਝ ਹੋਰ ਗੱਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸ਼ੇਅਰ ਕਰ ਰਹੇ ਹਾਂ ਤੁਸੀ ਇੱਕੋ ਵਾਰ ਇਕੱਠੀਆਂ ਗਾਵਾਂ ਨਾ ਖਰੀਦੋ,ਗਾਵਾਂ ਨੂੰ 2 -2 ਮਹੀਨਿਆ ਤੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਖਰੀਦੋ ਜਾਂ ਫਿਰ 3 ਪਹਿਲਾਂ ਖਰੀਦ ਲਓ ਤੇ 3 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਫਿਰ ਖਰੀਦ ਲਵੋ ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਆਵੇਗੀ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਨਸਲ ਸਭ ਤੋਂ ਜਿਆਦਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦਣ ਵੇਲੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਤਿੰਨ ਡੰਗ ਦੀ ਚੁਆਈ ਕਰਕੇ ਹੀ ਪਸ਼ੂ ਖਰੀਦੋ ਮੱਝਾਂ ਦਾ ਇੱਕ ਦਿਨ ਦਾ ਦੁੱਧ 12 ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਗਾਵਾਂ ਦਾ ਦੁੱਧ 16-17 ਲੀਟਰ ਤੋਂ ਘੱਟ ਨਾ ਹੋਵੇ ਲਵੇਰੀਆਂ ਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਰੱਖੜੀਆਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਵਿਸਾਖੀ ਤੱਕ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਮੌਸਮ ਸੁਖਾਵਾਂ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਵੀ ਖੁੱਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਲਵੇਰੀਆਂ ਲਈ ਸ਼ੈਡ ਆਵਾਜਾਈ ਵਾਲੀ ਸੜਕ ਤੇ ਨਾ ਬਣਾਓ ਅਤੇ ਸ਼ੈਂਡ ਸੜਕ ਤੋਂ ਘੱਟੋ-ਘੱਟ 100 ਗਜ ਹਟਵਾ ਜਰੂਰ ਹੋਵੇ ਸ਼ੈਡ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਅਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖ ਕੇ ਬਣਾਓ ਸ਼ੈਡ ਹਮੇਸ਼ਾ ਖੇਤ ਜਾਂ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਨਾਲੋ 2 ਫੁੱਟ ਉੱਚਾ ਬਣਾਓ ਕਿਉਕਿ ਨੀਵੀ ਥਾਂ ਤੇ ਪਾਣੀ ਖੜ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਗੰਦਗੀ ਪੈਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਬਾਕੀ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦਾ ਮਲ-ਮੂਤਰ ਦਾ ਨਿਕਾਸ ਵੀ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਬਣਾਈ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਲੀ ਢਾਈ-ਤਿੰਨ ਫੁੱਟ ਚੌੜੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਖੁਰਲੀ ਤੇ ਖੜਨ ਲਈ ਇੱਕ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤਕਰੀਬਨ ਚਾਰ ਫੁੱਟ ਜਗਾਂ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਮਤਲਬ 10 ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ 40 ਫੁੱਟ ਲੰਬੀ ਖੁਰਲੀ ਬਣੇਗੀ ਡੇਅਰੀ ਫਾਰਮ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸਮਾਨ ਰੱਖਣ ਲਈ ਸਟੋਰ ਬਣਾਓ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੀ ਵੰਡ/ਦਾਣਾ ਸਟੋਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਮਰਾ ਸਿਲਾਬ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੋਣਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਸ਼ੈਡ ਦਾ ਫਰਸ਼ ਪੱਕਾ, ਤਿਲਕਣ ਰਹਿਤ ਤੇ ਜਲਦੀ ਸਾਫ ਹੋਣ ਵਾਲਾ ਹੋਵੇ ਸ਼ੈਡ ਵਿੱਚ ਜਿੰਨਾ ਹੋ ਸਕੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡੋ ਤੇ ਪਾਣੀ ਤੇ ਦਾਣਾ ਪੂਰਾ ਦਿਓ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਿੱਚ ਅਫਾਰੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਆਪਣੀ ਲੋੜ ਤੇ ਸਮਰੱਥਾਂ ਮੁਤਾਬਿਕ ਹੀ ਸਮਾਨ ਖਰੀਦੋ ਅਤੇ ਆਰਥਿਕ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਹਰੇਕ ਲਵੇਰੀ ਦਾ ਬੀਮਾ ਜਰੂਰ ਕਰਵਾਓ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ PDDB ਦੇ ਦਫਤਰ ਵਿੱਚ ਜਾ ਕੇ ਡੇਅਰੀ ਡਵਿਲਪਮੈਟ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਡੇਅਰੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਾ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਲ ਕਰਕੇ ਹੀ ਤੁਸੀ ਅੱਗੇ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by sachin
Haryana
02-06-2019 01:16 PM
Punjab
06-02-2019 02:08 PM
उसे आप Vitum-h 10-10ml सुबह शाम दें और Metabolite पाउडर की रोजाना एक पुड़िया देनी शुरू करें इससे ब्याने के बाद दूध अच्छा हो जाएगा और लेवा भी बन जाएगा
Posted by Rameshwar Mishra
Madhya Pradesh
02-06-2019 01:15 PM
Punjab
06-02-2019 06:43 PM
Rameshwar g iss ki sari jankari apko iss link se mil jayegi...https://www.apnikheti.com/hn/pn/%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4%B7%E0%A4%BF/%E0%A8%AC%E0%A8%BE%E0%A8%97%E0%A8%AC%E0%A8%BE%E0%A8%A8%E0%A9%80/%E0%A8%A8%E0%A8%BF%E0%A9%B0%E0%A8%AC%E0%A9%82-%E0%A8%9C%E0%A8%BE%E0%A8%A4%E0%A9%80-%E0%A8%A6%E0%A9%87-%E0%A8%AB%E0%A8%B2/%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%AE%E0%A4%A8
Posted by Arvind Srivastavs Arvind
Uttar Pradesh
02-06-2019 01:13 PM
Punjab
06-03-2019 05:53 PM
Arvind ji kripya aap iski gobh men sundi check karen agar maujood hai to aap fame @20ml ya coragen@60ml ko prati acre ke hisab se spray kare. dhanywad
Posted by sharry
Punjab
02-06-2019 01:04 PM
Punjab
06-04-2019 04:21 PM
sharry ji tuc PMH1, PMH2 kisam di bijai kar sakde ho.isde layi tuc 8-10 killo beej di varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by gurmeet singh
Punjab
02-06-2019 12:40 PM
Punjab
06-02-2019 01:22 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ 13 ਜੂਨ ਤੋਂ ਰਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ
Posted by Ashvani Dehariya
Madhya Pradesh
02-06-2019 12:40 PM
Punjab
06-02-2019 02:59 PM
यह जरसी क्रॉस नसल की बछड़ी है
Posted by gurmeet singh
Punjab
02-06-2019 12:32 PM
Punjab
06-02-2019 02:14 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 2 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜ , Lactomax bolus 10 ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ , ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ
Posted by ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
02-06-2019 12:30 PM
Punjab
06-05-2019 06:02 PM
ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ , ਬਿਲਕੁੱਲ ਜੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਸਾਰਾ ਕੁੱਝ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਵਾਤਾਵਰਣ ਸੰਕਟ ਤੇ ਪਾਣੀ ਸੰਕਟ ਦੀ ਘੰਟੀ ਵੱਜਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤੇ ਕਈ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖਤਮ ਹੋ ਵੀ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ,ਪਰ ਅਜੇ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਫਿਕਰ ਨਹੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ , ਅਸੀ ਵੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਕਿ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਚੰਗੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੁਚੇਤ ਕਰੀਏ ਤੇ .... (Read More)
ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ , ਬਿਲਕੁੱਲ ਜੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਪਤਾ ਸਾਰਾ ਕੁੱਝ ਹੈ ਕਿਉਕੀ ਵਾਤਾਵਰਣ ਸੰਕਟ ਤੇ ਪਾਣੀ ਸੰਕਟ ਦੀ ਘੰਟੀ ਵੱਜਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤੇ ਕਈ ਇਲਾਕਿਆ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖਤਮ ਹੋ ਵੀ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ,ਪਰ ਅਜੇ ਅਸਲ ਵਿੱਚ ਫਿਕਰ ਨਹੀ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ , ਅਸੀ ਵੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਕਿ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਚੰਗੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਸੁਚੇਤ ਕਰੀਏ ਤੇ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰ ਵੀ ਰਹੇ ਹਾਂ ਜੀ , ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਤੁਹਾਡਾ ਜੋ ਆਪਣਾ ਸੁਝਾਅ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਸ਼ੇਅਰ ਕੀਤਾ ਜੀ
Posted by Ashok pandit
Delhi
02-06-2019 12:28 PM
Punjab
06-03-2019 02:32 PM
Ashok pandit जी मोती की खेती के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप मेरे से 9711858258 पर संपर्क करें, धन्यवाद
Posted by bittu
Punjab
02-06-2019 12:19 PM
Punjab
06-04-2019 06:27 PM
ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਫੀਡ ਬਨਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਮੱਕੀ,ਕਣਕ, ਜ਼ੌ 50 ਕਿਲੋ, ਮੂੰਗਫਲੀ ਖਲ 30 ਕਿਲੋ, ਸਕਿਮਡ ਮਿਲਕ ਪਾਊਡਰ 07 ਕਿਲੋ, ਚੌਲਾ ਦਾ ਛਿਲਕਾ 10 ਕਿਲੋ, ਧਾਤਾ ਦਾ ਚੂਰਾ 02 ਕਿਲੋ, ਨਮਕ 01 ਕਿਲੋ , ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ ਅਤੇ ਡੀ ਪੂਰਕ(ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਆਂਟਲ) 10 ਕਿਲੋ, ਫਾਸਫੋਰਸ 0.5 ਕਿਲੋ, ਇਹ 100 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ, ਸਾਰੀ ਫੀਡ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਲਾ ਕੇ ਬਣਾਓ ਫੀਡ ਕਿਸੇ ਆਮ ਫੀਡ ਬਣੋਨ ਵਾਲੇ ਤੋ ਨਾ ਬਣਵ.... (Read More)
ਛੋਟੇ ਬੱਚਿਆਂ ਲਈ ਫੀਡ ਬਨਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਮੱਕੀ,ਕਣਕ, ਜ਼ੌ 50 ਕਿਲੋ, ਮੂੰਗਫਲੀ ਖਲ 30 ਕਿਲੋ, ਸਕਿਮਡ ਮਿਲਕ ਪਾਊਡਰ 07 ਕਿਲੋ, ਚੌਲਾ ਦਾ ਛਿਲਕਾ 10 ਕਿਲੋ, ਧਾਤਾ ਦਾ ਚੂਰਾ 02 ਕਿਲੋ, ਨਮਕ 01 ਕਿਲੋ , ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ ਅਤੇ ਡੀ ਪੂਰਕ(ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਆਂਟਲ) 10 ਕਿਲੋ, ਫਾਸਫੋਰਸ 0.5 ਕਿਲੋ, ਇਹ 100 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ, ਸਾਰੀ ਫੀਡ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਲਾ ਕੇ ਬਣਾਓ ਫੀਡ ਕਿਸੇ ਆਮ ਫੀਡ ਬਣੋਨ ਵਾਲੇ ਤੋ ਨਾ ਬਣਵਾਓ ਫੀਡ ਬਣਵੋਂਨ ਲਈ ਨੇੜੇ ਦੀ ਕਿਸੇ ਫੀਡ ਫੈਕਟਰੀ ਤੇ ਜਾਓ ਉੱਥੋਂ ਸਾਰਾ ਸਮਾਨ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਉਮਰ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਖੁਰਾਕ ਦੇਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ, ਉਮਰ 1 ਤੋ 3 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3 ਕਿਲੋ, ਉਮਰ 4 ਤੋ 15 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3 ਕਿਲੋ, ਉਮਰ 16 ਤੋ 30 ਦਿਨ ਲਈ ਮਿਲਕ 3.5 ਕਿਲੋ, ਉਮਰ 1 ਤੋ 2 ਮਹੀਨੇ ਲਈ ਮਿਲਕ 2.5 ਕਿਲੋ ਫੀਡ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜਿਨਾ ਖਾ ਸਕੇ, ਉਮਰ 2 ਤੋ 3 ਲਈ ਮਿਲਕ 2 ਕਿਲੋ ਫੀਡ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਹਰਾ ਚਾਰਾ 2 ਤੋ 3 ਕਿਲੋ, ਉਮਰ 3 ਤੋ 4 ਮਹੀਨੇ ਲਈ ਮਿਲਕ 1 ਕਿਲੋ ਫੀਡ 750 ਗ੍ਰਾਮ, ਹਰਾ ਚਾਰਾ 5 ਤੋ 7 ਕਿਲੋ, ਫੀਡ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਦੋ ਵਾਰ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਇਹ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤਕ ਦਿਓ ਫਿਰ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ, 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ, 9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ, 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ, 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ, 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ , ਇਹ 100 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ..
Posted by harwinder singh
Punjab
02-06-2019 12:17 PM
Punjab
06-02-2019 01:24 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਤੁਸੀ 3 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by shyam sunder
Haryana
02-06-2019 12:10 PM
Punjab
06-02-2019 06:40 PM
shyam g iss ke ander nematode aa chuka hai..iss ki jad ke ander gaanthe bn jaati hai...iss ke liye khet mein ferterra@4kg ja padan@5-7kg khet mein daal skte ho...
Posted by shikha
Himachal Pradesh
02-06-2019 12:06 PM
Rajasthan
06-03-2019 02:48 PM
Shikha to get all the information about pearl training you can contact with me 9711858258. Thank you.
Posted by shikha
Himachal Pradesh
02-06-2019 12:04 PM
Rajasthan
06-03-2019 02:49 PM
Shikha to get all the information about pearl training you can contact with me 9711858258. Thank you.
Posted by harwinder singh
Punjab
02-06-2019 12:04 PM
Punjab
06-02-2019 01:24 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ ਖਾਦ @3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ
Posted by Md. Akbar
Bihar
02-06-2019 12:00 PM
Punjab
06-07-2019 11:47 AM
Md. Akbar ji aap detail me btaye ke bakri ko or kya dikkat aa rahi hai . kyuki yeh normal hota hai kai baar aise hi kuch bakri dar jaati hai. isme ghabrane ki baat nai hai ji,
Posted by Sushant Dekate
Madhya Pradesh
02-06-2019 12:00 PM
Punjab
06-04-2019 09:53 AM
Sushant ji you can sow the varieties like Bomby, Indra, Orobelle. thank you
Posted by Lokendra Gujjar Madoli
Rajasthan
02-06-2019 11:55 AM
Punjab
06-04-2019 04:24 PM
लोकेन्द्र जी आप बाजरे की किस्मे जैसे RHB 121 (MH 892),HHB 67 (Unnat),HHB 60 की बिजाई कर सकते हो धन्यवाद