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Posted by Dharampal Malik
Haryana
06-06-2019 09:01 AM
Maharashtra
06-07-2019 04:18 PM
Haryana Shankar Dhan 1: यह किस्म जल्दी बोने के लिए अनुकूल हैं यह किस्म 139 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना छेदक और पत्ता छेदक के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 30 क्विंटल प्रति एकड़ है मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के लिए 25-30 दिनों के नए पौधों का प्रयोग करें कम समय वाली किस्मों की रोपाई 15 जून से ज.... (Read More)
Haryana Shankar Dhan 1: यह किस्म जल्दी बोने के लिए अनुकूल हैं यह किस्म 139 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना छेदक और पत्ता छेदक के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 30 क्विंटल प्रति एकड़ है मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के लिए 25-30 दिनों के नए पौधों का प्रयोग करें कम समय वाली किस्मों की रोपाई 15 जून से जुलाई के आखिर तक पूरी कर लें दरमियाने समय वाली किस्मों की रोपाई के लिए 15 जून से 7 जुलाई का समय अनुकूल होता है
Posted by ramkesh Tripathi
Madhya Pradesh
06-06-2019 08:58 AM
Rajasthan
06-11-2019 11:24 AM
Ramkesh Tripathi to get all information about pearl farming you can contact with me 9711858258. Thankyou.
Posted by Harjinder singh sandhu
Punjab
06-06-2019 08:56 AM
Punjab
06-06-2019 02:06 PM
Jekar tuci tika bhrwa dita hai tan tuci uss nu pregstay gold powder 30gm rojana de skde ho, iss nal pashu de gaban rehhn di ass vadh jandi hai.
Posted by ??????? ???? ?????
Punjab
06-06-2019 08:55 AM
Punjab
06-07-2019 04:17 PM
ਝੋਨੇ ਲਈ ਸੋਡੀਅਮ:ਫਾਸਫੋਰਸ:ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਨੂੰ 50:12:12 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣ ਲਈ 110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, 75 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਓ ਖਾਦਾਂ ਨੂੰ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾ ਲਓ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਅਨੁਸਾਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਖਾਦਾਂ ਦ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਲਈ ਸੋਡੀਅਮ:ਫਾਸਫੋਰਸ:ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਨੂੰ 50:12:12 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਉਣ ਲਈ 110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, 75 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਓ ਖਾਦਾਂ ਨੂੰ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾ ਲਓ ਅਤੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਅਨੁਸਾਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਖਾਦਾਂ ਦਾ ਉਪਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਵੇਲੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਕਮੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਲਈ 100 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, 27 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਖੀਰਲੀ ਵਾਰ ਕੱਦੂ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ 1/3 ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਪੋਰਟ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਦੂਜੀ ਖੁਰਾਕ ਨੂੰ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉਣ ਦੇ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਖੁਰਾਕ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
Posted by Sunil Yogi
Rajasthan
06-06-2019 08:53 AM
Punjab
06-07-2019 04:15 PM
एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें मूंगफली का अंतरफसली अनाज की फसलों के साथ करें बिजाई से पहले खेत को साफ करें और पिछली फसल के बचे कुचे को निकाल दें 15-20 सैं.मी. की गहराई तक ज़मीन की जोताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए अच्छी तरह जोताई करें खेती करने के लिए हैरो और हल का प्रयोग करें ब.... (Read More)
एक वर्ष के बाद उसी खेत में मूंगफली बीजने से परहेज़ करें मूंगफली का अंतरफसली अनाज की फसलों के साथ करें बिजाई से पहले खेत को साफ करें और पिछली फसल के बचे कुचे को निकाल दें 15-20 सैं.मी. की गहराई तक ज़मीन की जोताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए अच्छी तरह जोताई करें खेती करने के लिए हैरो और हल का प्रयोग करें बीज बोने के समय 4-4.8 टन और 200 किलोग्राम नीम केक प्रति एकड़ में डालें बारानी हालातों में मूंगफली की बिजाई मॉनसून के शुरू होने, जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू करें बिजाई जितनी जल्दी हो सके पूरी कर लें, क्योंकि देरी से बिजाई करने पर पैदावार में कमी आती है खरीफ मौसम के लिए अर्द्ध फैलने वाली किस्मों का प्रयोग करें, कतारों में 40-45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10-15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें ना फैलने वाली किस्मों के लिए कतारों में 30 सैं.मी. और पौधों में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें सीड ड्रिल की सहायता से 5 सैं.मी. की गहराई में फलियों को बोयें बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोया जाता है किस्म के आधार पर बिजाई के लिए एक एकड़ खेत में 38-40 किलोग्राम बीजों का प्रयोग करें बिजाई के लिए सेहतमंद गिरियों का प्रयोग करना चाहिए सूखी छोटी और बीमारी वाली गिरियां बिजाई के लिए प्रयोग ना करें मिट्टी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए गिरियों को 5 ग्राम थीरम प्रति किलो या 2-3 ग्राम कप्तान प्रति किलो या 4 ग्राम मैनकोजेब प्रति किलो या कार्बोक्सिन या कार्बनडैज़िम 2 ग्राम प्रति किलो से उपचार कर लें रासायनिक उपचार करने के बाद बीज को 4 ग्राम टराईकोडरमा विराइड या स्यूडोमोनास फ्लूरोसैंस 10 ग्राम प्रति किलो से उपचार कर लें बीज उपचार जड़ गलन और तना बीमारियों से नए पौधों की सुरक्षा होती है अच्छी पैदावार लेने के लिए पहले 45 दिन फसल को नदीनों से बचाना बहुत जरूरी होता है दो बार फसल में गोडाई करनी चाहिए पहली बीजने के तीन सप्ताह बाद और दूसरी पहली गोडाई के तीन सप्ताह बाद फ्लूक्लोरालिन 600-800 मि.ली.प्रति एकड़ या पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ नदीनों के पैदा होने से पहले स्प्रे करें मिट्टी चढ़ाना : यह एक जरूरी प्रक्रिया है, जो कि बीजने के 40-45 दिनों के बाद की जाती है इसकी मदद से पौधे आसानी से मिट्टी में चले जाते हैं जिससे फलियों के विकास में वृद्धि होती है मिट्टी की जांच के आधार पर खादों की मात्रा डालें मूंगफली की पूरी फसल को नाइट्रोजन 4-8 किलो (यूरिया 9-18 किलो), फासफोरस 8-16 किलो (एस एस पी 50-100 किलो) और पोटाश 8-16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 13-26 किलो) प्रति एकड़ में डालें सिंचित क्षेत्रों में बिजाई से एक या दो सप्ताह पहले जिप्सम 100 किलो प्रति एकड़ में डालें और फिर सिंचाई करें जिप्सम डालने से फलियां बनने में वृद्धि होती है और फलियां अच्छे से भरती है मोटे बीजों वाली किस्मों से अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जिप्सम 160 किलो प्रति एकड़ में डालें फसल की अच्छी वृद्धि के लिए मौसमी वर्षा के आधार पर दो या तीन बार सिंचाई करनी आवश्यक है फूल बनने, फली के विकास का समय सिंचाई के लिए नाज़ुक समय होता है इन अवस्थाओं के समय पानी की कमी ना होने दें फलियां पीली पड़ने और पत्ते गिरना फसल की कटाई का सही समय होता सही कटाई के समय मिट्टी और फसल में पूर्ण नमी होनी चाहिए ताकि फसल ज्यादा पकने से बच जाये उखाड़ी गई फसल के छोटे छोटे ढेरों को कुछ दिनों के लिए खेत में पड़े रहने दें इसके बाद फसल को एक स्थान से इकट्ठी करके रोजाना दो तीन बार 2-3 दिनों के लिए तरंगली से झाड़ते रहें और टांगर से मूंगफली और पत्ते अलग कर लें मूंगफली और पत्तों को इकट्ठा करके ढेरी लगा दें 4-5 दिनों तक संभालने से पहले धूप में सुखा लें
Posted by ramkesh Tripathi
Madhya Pradesh
06-06-2019 08:47 AM
Madhya Pradesh
06-06-2019 05:40 PM
plz wtapp kre 9770085381
Posted by harman Singh
Punjab
06-06-2019 08:46 AM
Punjab
06-07-2019 04:13 PM
harman ji jhone di bijai 13 june to kar sakde ho. ate isdi bijai tuc hath nal ja machine nal kar sakde ho.
Posted by harman Singh
Punjab
06-06-2019 08:41 AM
Punjab
06-07-2019 04:05 PM
Harman ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc kehdi khaad de rate bare jankari laini hai ate kehdi fasl de khrab hon bare jankari laini chahunde ho ta jo tuhanu es bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Raj
Rajasthan
06-06-2019 08:39 AM
Punjab
06-07-2019 04:03 PM
खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस.... (Read More)
खादें और सिंचाई के साधनों के सही उपयोग और अच्छी तरह से की जोताई से कीड़ों को पैदा होने से पहले ही रोका जा सकता है कीड़ों के कुदरती दुश्मनों की भी रक्षा की जा सकती है पौधे के उचित विकास और ज्यादा टिंडे वाली टहनियों की प्रफुल्लता के लिए, मुख्य टहनी के बढ़ रहे हिस्से को लगभग 5 फुट की ऊंचाई से काट दें देसी कपास की किस्मों क लिए नाइट्रोजन 20 किलो (यूरिया 44 किलो) और फासफोरस 10 किलो (एस एस पी 63 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाइब्रिड कपास की किस्मों के लिए खादों की दोहरी मात्रा नाइट्रोजन 40 किलो और फासफोरस 20 किलो प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की जांच के आधार पर पोटाश डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश यदि जरूरत हो तो और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा फूल निकलने के समय डालें यदि मिट्टी में जिंक की कमी हो तो जिंक सल्फेट 10 किलो मिट्टी में बीज बोने से पहले डालें
Posted by Jacky Balran
Punjab
06-06-2019 08:38 AM
Maharashtra
06-07-2019 03:59 PM
jacky ji kirpa karke daso ke tcu kehdo sabji di bijai karni hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by harman Singh
Punjab
06-06-2019 08:34 AM
Punjab
06-07-2019 03:57 PM
ਹਰਮਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਖਾਦ ਦੇ ਰੇਟ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Aman Dhillon Doda
Punjab
06-06-2019 08:33 AM
Maharashtra
06-07-2019 03:54 PM
Pusa Basmati 1121: ਇਸਦਾ ਪੌਦਾ ਲੰਬਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 137 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪੱਕਣ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਧੀਆਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 13.7 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 1718, 136-138 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਝਾੜ 18-20qtl/acre ਦਿੰਦੀ ਹੈ
Posted by Anil Kumar
Rajasthan
06-06-2019 08:32 AM
Punjab
06-07-2019 03:51 PM
anil ji kripya iski photo bheje taki aapko iske bar emen poori janakri di ja sake.dhanywad
Posted by gajendra salvi
Rajasthan
06-06-2019 08:27 AM
Punjab
06-07-2019 03:02 PM
Gajendra salvi ji Rajasthan me Boar Goat lene ke lia aap Dr Anil 9660669992 se samparak kar sakte ho. thankyou.
Posted by yash (agriculture ) b a c e
Uttar Pradesh
06-06-2019 08:26 AM
Punjab
06-07-2019 03:02 PM
yash ji tmatar aur potato dono grafting ke bad ek sath uga sakte hai.dhanywad
Posted by yuvraj janwa
Rajasthan
06-06-2019 08:17 AM
Punjab
06-06-2019 02:10 PM
आप उस हरा चारा बढ़िया मात्रा में दें, इसके साथ आप उसे गर्मी से बचा कर रखें, क्योंकि गर्मी के कारण पशु का दूध कम होने लगता है उसकी हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग जरूर करवाएं, इसके साथ आप Calcimust gold liquid 50ml, anabolite liquid 50-50ml रोज़ाना coolmax पाउडर 50 ग्राम रोज़ाना देना शुरू करें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by yuvraj janwa
Rajasthan
06-06-2019 08:14 AM
Punjab
06-07-2019 04:17 PM
यह साहीवाल नसल की है जी
Posted by satwinder singh
Punjab
06-06-2019 08:13 AM
Punjab
06-07-2019 02:58 PM
Jhone di paniri vich nadeen di roktham de layi tuc 1200ml butachlor 50 EC nu 60 killo ret vich mila ke bijai to 5-7 dina bad chitta deo.bijai to 15 din bad 100ml nomnigold nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Rajandeep singh
Punjab
06-06-2019 08:12 AM
Punjab
06-07-2019 02:56 PM
Rajandeep ji please ask your question in detail about which crops price you want to know so that we can provide you proper information. thank you
Posted by Shamsher singh
Punjab
06-06-2019 08:08 AM
Punjab
06-07-2019 02:54 PM
ਸ਼ਮਸ਼ੇਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਵੇਸ੍ਟ ਡੀਕੰਪੋਜ਼ਰ ਨੂੰ ਰੂੜੀ ਉਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਅਤੇ 10 ਦਿਨ ਬਾਦ ਇਸਦੀ ਫਿਰ ਤੋਂ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurpartap singh
Punjab
06-06-2019 08:02 AM
Maharashtra
06-07-2019 02:19 PM
ਗੁਰਪ੍ਰਤਾਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਗਰਗਰੇਜ਼ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ankit
Himachal Pradesh
06-06-2019 07:47 AM

..?

Punjab
06-06-2019 02:12 PM
Ankit ji kripya app apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by Gurlal Dhillon
Punjab
06-06-2019 07:40 AM
Punjab
06-07-2019 02:17 PM
gurlal ji ik kille vich 8 knal hunde han ate ik knal de vich 20 marle hunde han jisde hisab nal ik kille vich 160 marle hunde han.dhanwad
Posted by aman
Punjab
06-06-2019 07:30 AM
Punjab
06-07-2019 02:16 PM
aman ji eh fungus de nal suk geya hai isde layi tuc bavistin@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by ਸਤਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-06-2019 07:30 AM
Maharashtra
06-07-2019 02:15 PM
satinder ji eh keedeya di rpktham de layi tuc malathion@2.5ml ja quinalphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Avtar singh
Punjab
06-06-2019 07:28 AM
Punjab
06-07-2019 02:14 PM
ਜੜ ਦਾ ਗੜੂੰਆ: ਇਹ ਕੀੜਾ ਧਰਤੀ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਗੰਨੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਵੜ ਕੇ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਫਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਗੁੱਲੀਆਂ ਨੂੰ ਕਲੋਰਪਾਇਰੀਫੋਸ ਨਾਲ ਸੋਧੋ ਖੁਸ਼ਕ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਨਾ ਖੜਣ ਦਿਓ ਜਿਆਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਸਮੇਂ ਕਲੋਰਪਾਇਰੀਫੋਸ 20 EC @1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨੂੰ 100-150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਮਾਦ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ .... (Read More)
ਜੜ ਦਾ ਗੜੂੰਆ: ਇਹ ਕੀੜਾ ਧਰਤੀ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਜੋ ਗੰਨੇ ਦੇ ਅੰਦਰ ਵੜ ਕੇ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਫਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਗੁੱਲੀਆਂ ਨੂੰ ਕਲੋਰਪਾਇਰੀਫੋਸ ਨਾਲ ਸੋਧੋ ਖੁਸ਼ਕ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਘੱਟ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਨਾ ਖੜਣ ਦਿਓ ਜਿਆਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਸਮੇਂ ਕਲੋਰਪਾਇਰੀਫੋਸ 20 EC @1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਨੂੰ 100-150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕਮਾਦ ਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਕੁਇਨਲਫਾਸ 300 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵੀ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦਾ ਹੈ ਨੁਕਸਾਨੇ ਬੂਟਿਆਂ ਨੂੰ ਖੇਤ \ਚੋਂ ਪੁੱਟ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
Posted by Sunil Yogi
Rajasthan
06-06-2019 07:23 AM
Punjab
06-07-2019 02:06 PM
सुनील जी आप पौधे को 4 किल्लो वर्मीकम्पोस्ट डाले इस से पौधे को सरे तत्व मिल जायेगे और पौधे को फल लगना शुरू हो जायेगा धन्यवाद
Posted by Ajay Sheoran
Haryana
06-06-2019 07:19 AM
Punjab
06-07-2019 02:04 PM
Ajay ji mausam vibhag ke anusar aane vale hafte men barish ki abhi koi sambhavna nahi hai.dhanywad
Posted by neetesh
Uttar Pradesh
06-06-2019 07:14 AM
Punjab
06-06-2019 02:17 PM
Yeh murrah nasal ki bhains hai, murrah bhains lene ke liye aap Devendra 9813889903, 9813989902 Raj Dairy Farm se samprak kr skte hai.
Posted by neetesh
Uttar Pradesh
06-06-2019 07:08 AM
Rajasthan
06-06-2019 02:17 PM
Neetesh ji yeh cow cross nasal ki hai.
Posted by neetesh
Uttar Pradesh
06-06-2019 07:05 AM
Rajasthan
06-06-2019 02:18 PM
Yeh vashdi mix breed hai.
Posted by Kapil Gaikwad
Maharashtra
06-06-2019 07:03 AM
Punjab
06-07-2019 02:02 PM
kapil ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aapko tulsi ke bare men kya jankari chahiye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Kapil Gaikwad
Maharashtra
06-06-2019 07:01 AM
Punjab
06-07-2019 02:01 PM
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चि.... (Read More)
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चिंता का विषय है पंजाब की जलवायु मुताबिक रेतली और कंडियाली क्षेत्र क धरती इस फसल के लिए अधिक लाभदायक है इस फसल को पानी बहुत कम लगता है और एक बार पौधे लगाने के बाद 5 साल फसल की कटाई ही करनी होती है पहली फसल की कटाई तीन महीनों के बाद होने के कारण किसानों को आमदन जल्दी शुरू हो जाती है एक एकड़ ज़मीन में 30 से 40 हज़ार पौधे लगते हैं महत्तवपूर्ण तथ्य यह है कि इस फसल पर कीटनाशक या नदीननाशक दवाईयों का प्रयोग नहीं होता यूरिया या डी ए पी खाद के स्थान पर सिर्फ रूड़ी की खाद का ही प्रयोग होता है इस तरह से कुदरती खेती का हिस्सा भी कहा जा सकता है स्टीविया के पौधे में मीठास होने के काराण पशु भी मुंह नहीं लगाते यह फसल कम से कम एक कनाल रकबे में भी लगायी जा सकती है पर यदि 5 एकड़ में लगायी जाये तो भारत सरकार कुल लागत का 40 फीसदी सब्सिडी भी देती है फसल को प्रफुल्लित करने के लिए सरकार लगा रही ज़ोर इसलिए कंडियाली क्षेत्र के किसानों को स्टीविया लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है पंजाब के कमिश्नर खेतीबाड़ी डॉ.बलविंदर सिंह सिद्धू का कहना है कि स्टीविया की फसल धान और गेहूं का बदल बन सकती है, दूसरा इस फसल से गेहूं और धान के मुकाबले कमाई भी ज़्यादा होती है इसके बारे में अधिक जानकारी लेने के लिए इस नंबर पर सम्पर्क कर सकते है:- राजपाल सिंह गाँधी 9814060700, सुरिंदर नागरा 9814305864.
Posted by shiva
Uttar Pradesh
06-06-2019 06:38 AM
Rajasthan
06-06-2019 12:49 PM
गर्मी की शुरूआत हो चुकी है और पशुओं को गर्मियों से बचाने के लिए अभी से ही अनुकूल प्रबंध करने की जरूरत है क्योंकि दूध की पैदावार में भी गर्मी कारण अंतर पड़ जाता है इसके अलावा गर्मी में एक बात का ध्यान रखना है कि पशु को सीधी गर्म लू नहीं लगनी चाहिए क्योंकि इससे पशु के शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है और जिस.... (Read More)
गर्मी की शुरूआत हो चुकी है और पशुओं को गर्मियों से बचाने के लिए अभी से ही अनुकूल प्रबंध करने की जरूरत है क्योंकि दूध की पैदावार में भी गर्मी कारण अंतर पड़ जाता है इसके अलावा गर्मी में एक बात का ध्यान रखना है कि पशु को सीधी गर्म लू नहीं लगनी चाहिए क्योंकि इससे पशु के शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है और जिससे पशु का दूध भी कम हो जाता है और कई पशु पालक, पशुओं को दीवार की छांव में बांध देते हैं पर इस तरह ना करें क्योंकि दीवार की छांव में भी पशु को गर्मी लगती है क्योंकि दीवार में से भी गर्मी से सेक मारता है और बेज़ुबान पशु ने कौन सा बोल कर बता देना होता है और जिनके पास एच एफ गायें हैं वे गायें इन दिनों में ज्यादा हांफती हैं और गर्मी मानती हैं यदि आपकी गायें भी हांफती हैं तो आप यह लाभदायक देसी नुस्खा प्रयोग करें आवश्यक सामग्री • 1 कोरा मिट्टी का घड़ा • 1 पेसी (डली) गुड़ • 1 गुंधे हुए आटे का पेड़ा यदि गायें बहुत हांफती हैं तो उनके लिए आप 1 कोरा मिट्टी का घड़ा लें और उसे आधा पानी से भर लें रात को उस घड़े में 1 पेसी (डली) गुड़ की और 1 गुंधे हुए आटे का पेड़ा मिला दें इस मिश्रण को रात को रख दें और सुबह इन्हें अच्छी तरह घोल लें अच्छी तरह घोलने के बाद इस पानी को सुबह सुबसे पहले गाय को पिलायें इस तरह आप लगातार 8-10 तक पिला दें इससे गाय हांफनी बंद हो जायेंगी
Posted by Assa singh
Punjab
06-06-2019 06:37 AM
Punjab
06-06-2019 02:34 PM
Tuci uss nu FMC powder 50gm rojana dena suru ate Milkout powder 2-2 chamch swere sham, anabolite liquid 100ml rojana deo ji ..
Posted by Karaj singh
Punjab
06-06-2019 06:28 AM
Punjab
06-07-2019 01:41 PM
ਕਾਰਜ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਕੀ ਦਿੱਕਤ ਆਈ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ
Haryana
06-06-2019 06:19 AM
Maharashtra
06-07-2019 01:39 PM
ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੂਲੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਵੇ Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਰਚ ਦੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਜਦਕਿ ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ
Posted by harmandeep singh
Punjab
06-06-2019 06:06 AM
Punjab
06-19-2019 03:55 PM
Harman ji isde uper saaf@3 gm nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by ramandeep
Punjab
06-06-2019 06:02 AM
Punjab
06-06-2019 04:21 PM
Eh mix breed dog hai ji
Posted by chander Pal
Haryana
06-06-2019 05:51 AM
Punjab
06-06-2019 02:40 PM
आप उसे Lactomood होमियोपेथिक दवाई दें इसकी 10—10 बूंदों को दिन में तीन बार दें या आप उसे fast-M होमियोपेथिक दवाई दूध निकालने से आधा घंटा पहले उसकी नाक पर स्प्रे करें इससे वह दूध आराम से उतार देगी यह आप होमोपेथिक स्टोर से पता कर सकते है, इसका रिजल्ट बढ़िया है, इसके साथ आप Anabolite liquid 100ml , milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम रोज़ाना देना शुरू करे.... (Read More)
आप उसे Lactomood होमियोपेथिक दवाई दें इसकी 10—10 बूंदों को दिन में तीन बार दें या आप उसे fast-M होमियोपेथिक दवाई दूध निकालने से आधा घंटा पहले उसकी नाक पर स्प्रे करें इससे वह दूध आराम से उतार देगी यह आप होमोपेथिक स्टोर से पता कर सकते है, इसका रिजल्ट बढ़िया है, इसके साथ आप Anabolite liquid 100ml , milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम रोज़ाना देना शुरू करें, इससे फर्क पड़ जायेगा..
Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
06-06-2019 05:36 AM
Punjab
06-06-2019 02:42 PM
Aap gaye ko Albendazole salt ki goli den, iske sath aap Agrimin powder 50gm rojana aur Minotas bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehe, isse heat mai aa jayegi.
Posted by gurpreet singh
Punjab
06-06-2019 05:25 AM
Punjab
06-06-2019 12:50 PM
ਹਾਜੀ ਚੂਨੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਸਿੱਧਾ ਹੀ ਚੂਨਾ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹੀ ਖਵਾਉਣਾ ਬਲਕਿ ਚੂਨੇ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਪਾਣੀ ਵਾਲੀ ਟੈਕੀ ਵਿੱਚ ਹਰ ਹਫਤੇ ਚੂਨੇ(ਕਲੀ) ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਟੈਕੀ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਪੀਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਅੰਦਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਜਾਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਵੀ ਵਰ.... (Read More)
ਹਾਜੀ ਚੂਨੇ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਦੇ ਲਈ ਸਿੱਧਾ ਹੀ ਚੂਨਾ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਨਹੀ ਖਵਾਉਣਾ ਬਲਕਿ ਚੂਨੇ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀ ਪਾਣੀ ਵਾਲੀ ਟੈਕੀ ਵਿੱਚ ਹਰ ਹਫਤੇ ਚੂਨੇ(ਕਲੀ) ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਟੈਕੀ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਪੀਣ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਅੰਦਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਜਾਂਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਵੀ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਕ ਮਿੱਟੀ ਦਾ ਕੋਰਾ ਘੜਾ ਲਿਆ ਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਥੋੜਾ ਤੋੜ ਦਿਓ ਉਸ ਘੜੇ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਦਿਓ ਉਸ ਵਿੱਚ ਕਲੀ ਦਾ ਡਲਾ ਪਾ ਦਿਓ ਉਸ ਨਾਲ ਬੁਲਬਲੇ ਨਿੱਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਣਗੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਤੱਕ ਚੂਨੇ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਸੁੱਕ ਜਾਵੇਗਾ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਭਰ ਦਿਓ ਇਸੇ ਤਰਾਂ ਲਗਾਤਾਰ ਪਾਣੀ ਉਸ ਵਿੱਚ ਪਾਉਦੇ ਰਹੋ ਜਿਸ ਦਿਨ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸੁੱਕਿਆ ਤੇ ਉਸ ਦਿਨ ਉਸ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਕਿਸੇ ਬੋਰੀ ਨਾਲ ਪੁਣ ਲਵੋ ਜਦੋਂ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਪੁਣਿਆ ਤਾਂ ਜਿਹੜੀ ਕਲੀ ਬੋਰੀ ਤੇ ਰਹਿ ਗਈ ਉਸ ਨੂੰ ਧੁੱਪ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾ ਲਵੋ ਧੁੱਪ ਵਿੱਚ ਸਕਾਉੇਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਉਹ ਬਿੱਲਕੁੱਲ ਪਾਊਡਰ ਬਣ ਜਾਵੇਗੀ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਚੂਨੇ ਦੇ ਬਰੀਕ ਪਾਉਡਰ ਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪਿਆਉਣ ਵਾਲੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਆ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਘਾਟ ਨਹੀ ਆਵੇਗੀ ਨੋਟ- ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਸਿੱਧੀ ਕਲੀ ਨਹੀ ਜਾਣੀ ਚਾਹੀਦੀ
Posted by munna
Uttar Pradesh
06-06-2019 05:11 AM
Punjab
06-06-2019 05:40 AM
Ferterra gobh ki sundi ki roktham ke liye kaam krta hai. iski matra 4 kg prati acre hai. Yeh dhaan mein dala jata hai.
Posted by RABINS KUMAR MANNADAY
Chattisgarh
06-06-2019 12:45 AM
Punjab
06-06-2019 02:44 PM
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो .... (Read More)
लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है
Posted by VIKRAMJIT SINGH
Punjab
06-06-2019 12:21 AM
Rajasthan
06-06-2019 02:46 PM
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦ.... (Read More)
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹਿੰਗੀ ਫੀਡ ਨਹੀਂ ਵਰਤਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਜ਼ਾਰ ਚੋ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਉਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਤੋਂ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ , ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ..
Posted by Sumit Patel
Gujarat
06-06-2019 12:07 AM
Punjab
06-06-2019 05:30 PM
Sumit Patel ji Thanks for your query. You can contact to 98789 43493 Pavneet Pal singh ji. he will guide you properly .
Posted by aman
Punjab
05-06-2019 11:58 PM
Punjab
06-07-2019 09:24 AM
Yes For training pl contact Dr Rakesh Sharda 98555 45189. Setup can be seen on any working day
Posted by सुभाष चंद्र मिश्र
Uttar Pradesh
05-06-2019 11:46 PM
Punjab
06-06-2019 05:43 AM
सुभाष जी गन्ने में coragen की मात्रा 150ml प्रति एकड़ है, बिजाई के एक महीने के बाद इसका उपयोग आप कर सकते हैं
Posted by सुभाष चंद्र मिश्र
Uttar Pradesh
05-06-2019 11:44 PM
Punjab
06-13-2019 11:26 AM
फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ क.... (Read More)
फसल बीजने से पहले मिट्टी के अंदरूनी तत्वों को जांच करवानी आवश्यक है ताकि खादों की सही आवश्यकता को समझा जा सके बिजाई से पहले 8 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिलाएं या वर्मीकंपोस्ट + रैलीगोल्ड 8-10 किलोग्राम प्रति एकड़ या जीवाणु खाद 5-10 किलोग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग करें बिजाई के समय 66 किलो यूरिया का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें यूरिया की दूसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ दूसरे पानी के बाद डालो और यूरिया की तीसरी किश्त 66 किलो प्रति एकड़ चौथे पानी के बाद डालें