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Posted by AMAN PANDEY
Uttar Pradesh
07-06-2019 11:13 PM
Punjab
06-08-2019 11:52 AM
अमन जी नील गाय के लिए कोई भी दवा की सिफारिश नहीं की जाती इसकी रोकथाम के लिए आप fencing कर सकते है लेकिन कोई दवा की सिफारिश नहीं की जाती धन्यवाद
Posted by Tony Singh
Haryana
07-06-2019 11:10 PM
Punjab
06-08-2019 11:43 AM
Tony ji 1121 ki bijai aap july mahine men kare abhi iski bijai ka samy nahi hai.dhanywad
Posted by azim khan
Uttar Pradesh
07-06-2019 11:07 PM
Punjab
06-08-2019 11:48 AM
Azim ji aap iske uper NPK 19:19:19@1 killo ko 150 litre pani men mila kar spray karen is se ganne ki growth start ho jayegi.dhanywad
Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
07-06-2019 10:18 PM
Punjab
06-08-2019 05:42 PM
Kripya aap unki photo bhejen tan jo apko unki sahi jankari di ja ske.
Posted by Bikramjit singh
Punjab
07-06-2019 10:03 PM
Punjab
06-08-2019 02:47 PM
Bikramjit ji ehh infection krke v ho skda hai tuci iss nu Concimax bolus 1-1 swere sham deo ate 14 din tak dinde rho, ehh intas company da product hai, jekar dubara heat vich aundi hai tan tuci isdi bachedani di safai krwa ke AI krwao.
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-06-2019 10:03 PM
Maharashtra
06-08-2019 11:54 AM
Gurjit ji kirpa kark edaso ke tuhade khet di mitti vich pani jeerda ghat hai jis karke tuc sulphur di varto karni hai.dhanwad
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-06-2019 10:02 PM

?

Maharashtra
06-10-2019 11:23 AM
gurjeet ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc ki jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad गुरजीत जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते हैं, ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by vivek
Punjab
07-06-2019 10:02 PM
Punjab
06-08-2019 12:00 PM
Vivek ji tuc urea @3 killo prati knal ke hisab se chitta de.dhanywad
Posted by ladi
Punjab
07-06-2019 09:34 PM
Punjab
06-08-2019 02:49 PM
ਤੁਸੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ Flukarid-ds ਦਵਾਈ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Cafplan ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋਵੇਗੀ.
Posted by Amarjit Singh
Punjab
07-06-2019 09:32 PM
Punjab
06-10-2019 11:25 AM
amarjit ji kirpa karke daso ke tuc kehde full di paniri laini hai ta jo tuhanu os bare vistar nal dasya ja sake.dhanwad
Posted by Amarjit Singh
Punjab
07-06-2019 09:31 PM
Punjab
06-10-2019 11:26 AM
amarjit ji kirpa karke daso ke tuc kehde full di paniri laini hai ta jo tuhanu os bare vistar nal dasya ja sake.dhanwad
Posted by Dhananjay
Uttar Pradesh
07-06-2019 09:16 PM
Maharashtra
06-08-2019 12:03 PM
धनन्जय जी कृपया बताएं कि मिर्च में कीट कोनसा लगा है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Ramesh Gurjar Pirwa
Rajasthan
07-06-2019 09:12 PM
Maharashtra
06-08-2019 12:04 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है, इसे बेचने के लिए आप नरेंदर कुमार 9950708819 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Dhananjay
Uttar Pradesh
07-06-2019 09:09 PM
Punjab
06-07-2019 09:49 PM
Dhan ki beejayi ka time chl rha hai agar aap ki paneeri 25-30 din ki ho gyi hai to transplanting start kr skte ho.
Posted by alok maurya
Uttar Pradesh
07-06-2019 09:09 PM
Punjab
06-08-2019 11:42 AM
अलोक जी आप इसे 4-5 किलो वर्मी कंपोस्ट डालें इससे पौधे की ग्रोथ होगी और पौधे का तना मोटा हो जायेगा, धन्यवाद
Posted by Tinku Narwariya
Uttar Pradesh
07-06-2019 09:07 PM
Rajasthan
06-11-2019 10:30 AM
ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 97118582.... (Read More)
ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258
Posted by brar
Punjab
07-06-2019 08:58 PM
Punjab
06-08-2019 10:13 AM
ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਘਣ ਮੀਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰ ਵਿੱਚ 8-10 ਮੈਬਰ ਹਨ ਤਾਂ 4 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਪਲਾਂਟ ਲੱਗੇਗਾ 6 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਵੀ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ 8-10 ਮੈਬਰ ਦਾ ਵਧੀਆ ਗੈਸ ਦਾ ਸਰ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਛੋਟਾ ਜਾ ਵੱਡਾ ਵੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਛੋਟਾ 2 ਘਣ ਮੀਟਰ ਦਾ ਹੁੰਦਾਾ ਹੈ ਜਿਸ ਲਈ 50 ਕਿਲੋ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰ.... (Read More)
ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਘਣ ਮੀਟਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਘਰ ਵਿੱਚ 8-10 ਮੈਬਰ ਹਨ ਤਾਂ 4 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਗੋਬਰ ਗੈਸ ਪਲਾਂਟ ਲੱਗੇਗਾ 6 ਘਣ ਮੀਟਰ ਵਾਲਾ ਵੀ ਠੀਕ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੱਗਭੱਗ 1 ਕੁਇੰਟਲ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ 8-10 ਮੈਬਰ ਦਾ ਵਧੀਆ ਗੈਸ ਦਾ ਸਰ ਜਾਵੇਗਾ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਛੋਟਾ ਜਾ ਵੱਡਾ ਵੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਤੋਂ ਛੋਟਾ 2 ਘਣ ਮੀਟਰ ਦਾ ਹੁੰਦਾਾ ਹੈ ਜਿਸ ਲਈ 50 ਕਿਲੋ ਗੋਬਰ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪੈਂਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ 3-4 ਮੈਬਰਾਂ ਲਈ ਠੀਕ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਹੋਰ ਜਿਆਦਾ ਜਾਣਕਾਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਮੈਨੂ 98142 21784 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by dharmendra singh Gujjar
Madhya Pradesh
07-06-2019 08:49 PM
Rajasthan
06-14-2019 05:23 PM
ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 97118582.... (Read More)
ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258
Posted by Sonali Kindo
Chattisgarh
07-06-2019 08:35 PM
Rajasthan
06-11-2019 11:23 AM
Sonali Kindo to get all information about pearl farming you can contact with me 9711858258. Thankyou.
Posted by Karmbir
Haryana
07-06-2019 08:23 PM
Punjab
06-08-2019 02:50 PM
Usko aap hitek injection lgwao eh 1ml/50kg body weight de hisab nal chamdi mein lgwao, iske sath farak paa jawega, baki aas pass saaf sfai da dhyan rakho ji.
Posted by ਨਰਿੰਦਰ ਕੌਰ
Haryana
07-06-2019 07:56 PM
Maharashtra
06-08-2019 12:05 PM
ਨਰਿੰਦਰ ਜੀ ਕਰੇਲੇ ਦੇ ਬੀਜ ਨੂੰ ਬੀਜਣ ਲਈ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਜਾਂ ਜੂਨ ਤੋਂ ਜੁਲਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਨੁਕੂਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by babu
Karnataka
07-06-2019 07:47 PM
Madhya Pradesh
06-11-2019 11:23 AM
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में ज.... (Read More)
मोती पालन के फायदे - मोती पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो आपको अन्य लोगो से अलग करता है .वही लोग इस व्यवसाय को कर सकते है ..जिनकी सोच कुछ अलग करने की हो .. (1) एक एकड़ में पारंपरिक खेती से 50000/- का मुनाफा हो सकता है और मोती पालन से 8-10 लाख (2) एक तालाब में बहुउदेशीय योजनाओ का लाभ लेके 8-10 प्रकार के व्यापर करके आय मे बृद्धि (3) जमीन में जल स्तर को बढ़ाकर सरकार की मदद (4) बचे हुए सामान से हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देना (5) यदि महिला वर्ग इस व्यवसाय में आते है तो ज्यादा फायदे है क्योकि मोती के आभूषण के साथ साथ मदर ऑफ़ पर्ल (Shell jewellery) का भी फायदा ले सकते है (6) आसपास के लोगो को रोजगार अधिक जानकारी संपर्क करे ..अमित बमोरिया 9407461361 9770085381 बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र मध्य प्रदेश https://m.bhaskar.com/news/MP-HOSH-quitting-govt-job-engineer-is-earning-money-from-pearl-cultivation-news-hindi-5533297-PHO.html
Posted by sunil kumar
Haryana
07-06-2019 07:34 PM
Punjab
06-08-2019 10:54 AM
बटेर को बाजार में बेचने की उम्र लगभग पांच सप्ताह की होती है साथ ही जितने क्षेत्र में एक मुर्गी-मुर्गे को रखा जाता है उतने ही क्षेत्र में 8-10 बटेर को पाला जा सकता है एक बटेर लगभग दो से 200-250 ग्राम दाना खाकर 300 ग्राम मांस देती है जो कि स्वादिष्ट होता है साथ ही इसका मांस मुर्गे की अपेक्षा महंगा भी बिकता है एक बटेर छह-सा.... (Read More)
बटेर को बाजार में बेचने की उम्र लगभग पांच सप्ताह की होती है साथ ही जितने क्षेत्र में एक मुर्गी-मुर्गे को रखा जाता है उतने ही क्षेत्र में 8-10 बटेर को पाला जा सकता है एक बटेर लगभग दो से 200-250 ग्राम दाना खाकर 300 ग्राम मांस देती है जो कि स्वादिष्ट होता है साथ ही इसका मांस मुर्गे की अपेक्षा महंगा भी बिकता है एक बटेर छह-सात सप्ताह में अंडे देने शुरू कर देती है वर्ष भर में बटेर का पांच से छह बार पालन कर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है बटेर के अंडे का वजन उसके वजन का आठ प्रतिशत होता है जबकि मुर्गी का तीन प्रतिशत ही होता है बटेर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने के कारण इसमें बीमारियों का प्रकोप न के बराबर होता है फिर भी समय पर चिकित्सक की सलाह के साथ बटेर पालन घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए एक ग्रामीण बेरोजगार युवक व महिला मात्र 200 बटेरों की रखने कि व्यवस्था कर लेता है तो इनके रखने के स्थान की आवश्यकता लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई 3 × 2 × 2 मीटर जगह कि आवश्यकता होती है और 6 सप्ताह (42 दिनों) में अंडा उत्पादन शुरू कर देती हैं जबकि कुक्कुट पालन (अंडा उत्पादन की मुर्गी) में 18 सप्ताह (120 दिनों) के बाद अंडा उत्पादन शुरू होता है बटेरों को घर के पिछवाड़े में नहीं पाला जा सकता है हमारा आशय है कि यह तीव्र गति से उड़ने वाला पक्षी है, अत: इसकी व्यवस्था बंद जगह में ही की जा सकती है ये तीन सप्ताह में बाजार में बेचने के योग्य हो जाते हैं जापानी बटेर के अंडो की पौष्टिकता मुर्गी के अंडों से कम नहीं होती है इसकी मार्कीटिंग आपको खुद ही करनी पड़ेगी जैसे जिस होटल में बटेर का मीट मिलता है आप वह पर इसको सेल कर सकते हो इसकी ट्रेनिंग आपको चंडीगढ़ के सेंट्रल पॉल्ट्री डेवलपमेंट से ट्रेनिंग मिल जाएगी . आप वह का पता नोट कर सकते है Director Central Poultry Development Organization (Northern Region) Ministry of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India Industrial Area, Phase-I, Chandigarh – 160 002 Tel.No: 0172-2655391
Posted by Taranjeet Singh
Punjab
07-06-2019 07:20 PM
Punjab
06-08-2019 12:06 PM
Taranjeet ji kinnow de boote de uper tuc zinc sulphate@3gm nu prtai litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Dilpreet
Punjab
07-06-2019 07:17 PM
Punjab
06-07-2019 09:50 PM
दिलप्रीत जी कृपया कपास के पौधे की फोटो भेजें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by ਗੁਰਜੋਤ ਸਰੰਪਚ ਮਾਨ ਮਰਾੜ
Punjab
07-06-2019 07:09 PM
Punjab
06-07-2019 09:52 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ Chelated ਫੈਰਸ ਸਲਫੇਟ @30 ਗਰਾਮ ਅਤੇ Chelated ਜਿੰਕ @30 ਗਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਢੋਲੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by ANGREJ SINGH
Punjab
07-06-2019 07:01 PM
Punjab
06-08-2019 12:08 PM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ
Punjab
07-06-2019 06:59 PM
Punjab
06-08-2019 12:16 PM
Stevia ਤੋਂ ਸਾਨੂੰ ਸ਼ੁਗਰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਪਤਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ੀਰੋ ਕੈਲੋਰੀਜ਼ ਸਵੀਟਨੈੱਸ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ ਤੋਂ ਜਾਇਦਾ ਮਿੱਠੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਸਦੀਆਂ 2 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ mds 14 ਅਤੇ mds13 ਇਸਦੇ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ 30℃ ਤੋਂ 32℃ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 1. ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਜ਼ਮੀਨ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਹੇਠਾਂ ਜਾਣਾ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ .... (Read More)
Stevia ਤੋਂ ਸਾਨੂੰ ਸ਼ੁਗਰ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਸਾਨੂੰ ਇਸ ਦੇ ਪਤਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ੀਰੋ ਕੈਲੋਰੀਜ਼ ਸਵੀਟਨੈੱਸ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਇਹ ਸ਼ੂਗਰ ਤੋਂ ਜਾਇਦਾ ਮਿੱਠੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਇਸਦੀਆਂ 2 ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਾਈਆ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ mds 14 ਅਤੇ mds13 ਇਸਦੇ ਲਈ ਤਾਪਮਾਨ 30℃ ਤੋਂ 32℃ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ 1. ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਾਸ਼ਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਜ਼ਮੀਨ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਹੇਠਾਂ ਜਾਣਾ ਵੱਡੀ ਚਿੰਤਾ ਦਾ ਵਿਸ਼ਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਪੌਣ-ਪਾਣੀ ਮੁਤਾਬਕ ਰੇਤਲੀ ਤੇ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਦੀ ਧਰਤੀ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਲਈ ਵਧੇਰੇ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੈ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਤੇ ਇੱਕ ਵਾਰੀ ਪੌਦੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 5 ਸਾਲ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਹੀ ਕਰਨੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 2. ਪਹਿਲੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਕਟਾਈ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨਿਆਂ ਬਾਅਦ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਆਮਦਨ ਜਲਦੀ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਜ਼ਮੀਨ ਵਿੱਚ 30 ਤੋਂ 40 ਹਜ਼ਾਰ ਪੌਦੇ ਲੱਗਦੇ ਹਨ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਤੱਥ ਇਹ ਹੈ ਕਿ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ’ਤੇ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਜਾਂ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਹੀਂ ਹੁੰਦੀ 3. ਯੂਰੀਆ ਜਾਂ ਡੀਏਪੀ ਖਾਦ ਦੀ ਥਾਂ ਸਿਰਫ਼ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੀ ਹੀ ਵਰਤੋਂ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਨਾਲ ਕੁਦਰਤੀ ਖੇਤੀ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਵੀ ਕਹੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਸਟੀਵੀਆ ਦੇ ਪੌਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਠਾਸ ਹੋਣ ਕਾਰਨ ਪਸ਼ੂ ਵੀ ਮੂੰਹ ਨਹੀਂ ਲਾਉਂਦੇ 4.ਇਹ ਫ਼ਸਲ ਘੱਟੋ ਘੱਟ ਇੱਕ ਕਨਾਲ ਰਕਬੇ ਵਿੱਚ ਵੀ ਲਗਾਈ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪਰ ਜੇਕਰ 5 ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਲਾਈ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਭਾਰਤ ਸਰਕਾਰ ਕੁੱਲ ਲਾਗਤ ਦਾ 40 ਫੀਸਦੀ ਸਬਸਿਡੀ ਵੀ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਲਾ ਰਹੀ ਜ਼ੋਰ:ਇਸ ਲਈ ਕੰਢੀ ਖੇਤਰ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਟੀਵੀਆ ਲਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰੇਰਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੰਜਾਬ ’ਚ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤ ਕਰਨ ਲਈ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਵਧੀਕ ਮੁੱਖ ਸਕੱਤਰ (ਵਿਕਾਸ) ਸੁਰੇਸ਼ ਕੁਮਾਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਕਮੇਟੀ ਦਾ ਗਠਨ ਕੀਤਾ ਹੈ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਡਾ. ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਸਿੱਧੂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਸਟੀਵੀਆ ਦੀ ਫਸਲ ਝੋਨੇ ਤੇ ਕਣਕ ਦਾ ਬਦਲ ਬਣ ਸਕਦੀ ਹੈ ਦੂਜਾ ਇਸ ਫ਼ਸਲ ਤੋਂ ਕਣਕ ਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਕਮਾਈ ਵੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਬਾਰੇ ਹੋਰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-Rajpal Singh Gandhi :-9814060700, surinder Nagra 9814305864.
Posted by Amit kumar singh
Uttar Pradesh
07-06-2019 06:57 PM
Punjab
06-07-2019 10:00 PM
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिल.... (Read More)
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी यह मुफ्त है कोई पैसा नहीं लगता इसका आपको र्स्टीफिकेट दिया जाता है ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, आप अपने ज़िले के FFDA ( fish farming development agency ) दफ्तर में जाएं जो कि आमतौर पर डी सी दफ्तर या कचिहरी में बना होता है, आप वहां ज़मीन की फर्द, 10th सर्टिफिकेट और जहाँ तालाब बनाना है वहां की 2 फोटो लेकर जाएं उसके बाद FFDA के अफ़सर आपको फाइल तैयार करवाएंगे और आपकी ज़मीन देखकर तालाब बनाने का तरीका बताएंगे .
Posted by jitendra
Madhya Pradesh
07-06-2019 06:55 PM
Maharashtra
06-08-2019 12:18 PM
Jitendra ji aap resham keet ki jankari ke liye yeh video dekh sakte hai.https://www.youtube.com/watch?v=-dJKcfhokK0
Posted by Dildar Singh
Punjab
07-06-2019 06:55 PM
Maharashtra
06-08-2019 12:20 PM
Dildar ji kirpa karke isdi photo poori bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ
Punjab
07-06-2019 06:49 PM
Punjab
06-08-2019 11:14 AM
ਇਹ ਹਰ ਤਰਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤੇ ਇਸ ਲਈ ਕੋਈ ਜਿਆਦਾ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ, ਆਮ ਪੌਦੇ ਜਿੰਨੀ ਜਗਾਂ ਹੀ ਘੇਰਦਾ ਹੈ
Posted by rahul
Punjab
07-06-2019 06:36 PM
Punjab
06-08-2019 02:52 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਸੀ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਪੁੰਗ ਛੱਡਣ ਲਈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਤੱਕ ਸਮਾਂ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੁਤਾਬਿਕ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਏਕੜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 5000 ਪੂੰਗ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ 2 to 3 ਇੰਚ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ 5000 ਪਾਉਣਾ ਹੈ ਤਾਂ 3000 ਰੋਹੂ , 1000 ਕਤਲਾ , 500 ਕੋਮਨ ਕਾਰਪ ਤੇ 500 ਮਰੀਗਲ ਨਸਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਇਹ ਪੂੰਗ ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਤੋਂ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਇਹ ਇੱਕ ਇੰਚ ਦਾ ਬੱਚਾ 10 ਪੈਸਾ ਪ੍ਰਤੀ ਬੱਚਾ ਮਿਲੇਗਾ ਜੇਕਰ ਵਧੀਆਂ ਖੁਰਾਕ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਾਂ 8 ਮਹੀਨਿਆ ਵਿੱਚ ਇਹ ਲੱਗਭੱਗ 800-900 ਗ੍ਰਾਮ ਦਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਨਹਿਰੀ ਪਾਣੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਤੇ ਤੁਸੀ ਪਿੰਡ ਦਾ ਛੱਪੜ ਠੇਕੇ ਤੇ ਲੈ ਕੇ ਵੀ ਇਹ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੇ ਬੀਜ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਪਰਖ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਕਿ ਉਸ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਦੀ ਕੁਦਰਤੀ ਖੁਰਾਕ (ਪਲੈਂਕਟਾਨ) ਉਪਲਬਧ ਹੈ ਤਾਲਾਬ ਵਿੱਚ ਪਲੈਂਕਟਾਨ ਦੀ ਚੰਗੀ ਮਾਤਰਾ ਕਰਨ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਇਹ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 300 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ 180 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਸਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਹੈਕਟੇਅਰ ਦੇ ਮਾਨ ਨਾਲ ਪਾਈ ਜਾਵੇ ਤਲਾਬ ਵਿਚੋਂ ਹਾਨੀਕਾਰਕ ਮੱਛੀਆਂ ਅਤੇ ਕੀੜੇ-ਮਕੌੜਿਆਂ ਨੂੰ ਕੱਢ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਮੰਡੀਕਰਨ ਦੀ ਕੋਈ ਦਿੱਕਤ ਨਹੀ ਹੈ ਇਹ ਲੋਕਲ ਹੀ ਸੇਲ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by rahul kumar
Uttar Pradesh
07-06-2019 06:31 PM
Punjab
06-07-2019 08:53 PM
app gaye ko pett ke kiro ke liye Flukarid-ds bolus dee skte hai.
Posted by Dildar Singh
Punjab
07-06-2019 06:15 PM
Maharashtra
06-08-2019 12:21 PM
Dildar ji kirpa karke isdi photo poori bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Balwinder Bawa
Punjab
07-06-2019 05:58 PM
Punjab
06-08-2019 12:24 PM
ਸਾਉਣੀ ਦੀਆਂ ਫ਼ਸਲਾਂ ਜਾਂ ਗਰਮੀ ਦੀਆਂ ਫਸਲਾਂ ਪੱਕੇ ਤੌਰ ਤੇ ਵਰਤੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜੋ ਬਾਰਸ਼ਾਂ ਦੇ ਦੌਰਾਨ ਖੇਤੀ ਅਤੇ ਕੱਟੀਆਂ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਖਾਸਕਰ ਇਹਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ, ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਮੁੱਖ ਖਰੀਫ ਫਸਲ ਬਾਜਰਾ ਅਤੇ ਚਾਵਲ (ਝੋਨਾ) ਹਨ
Posted by Vishal kamboj
Punjab
07-06-2019 05:50 PM
Punjab
06-08-2019 12:29 PM
Vishal ji isde uper zinc sulphate@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo is to ilava boote nu 3-4 killo vermi compost pao.dhanwad
Posted by harnek singh
Rajasthan
07-06-2019 05:47 PM
Punjab
06-08-2019 02:20 PM
Harnek ji kripa karke isdi photo bhejo tajo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Harinder Singh
Punjab
07-06-2019 05:47 PM
Punjab
06-08-2019 12:31 PM
Harinder ji eh growth promotor hai isdi spray tuc paniri ja jhone di growth de layi kar sakde ho. isdi matra 250ml nu prati acre d ehisab nal spray kiti jandi hai.dhanwad
Posted by vikram Limba
Punjab
07-06-2019 05:43 PM
Punjab
06-08-2019 02:23 PM
विक्रम जी आपको यह किस्में पीएयू लुधियाना से मिल जाएगी, धन्यवाद
Posted by Vikash Rathore
Madhya Pradesh
07-06-2019 05:43 PM
Punjab
06-10-2019 11:29 AM
vikash ji kripya is kisam ka poora nam batey aur company ka nam bhi btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
07-06-2019 05:42 PM
Punjab
06-07-2019 06:12 PM
Os nu kanak da dalia 2kg ate 250gm gurr mix krke changi trah rinn ke fir 100ml sarso da tell vich mix karke deo ji nal he Cargill di Fresher Feed ate Anabolite liquid 100ml rojana deo ji.
Posted by kuldeep kumar verma
Uttar Pradesh
07-06-2019 05:40 PM
Punjab
06-10-2019 03:46 PM
हनजी बिलकुल आपको लोन मिल सकता है लेकिन इसके लिए आपको सही तरीका पता होना चाहिए, जैसे के सबसे पहले आपके पास पशु पालन की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना चाहिए जो के आपको नज़दीकी कृषि विज्ञा केंद्र से पशु पालन की ट्रेनिंग लेने के बाद ही मिलेगा जी. उसके बाद अप्प जितने पशु लेने है उसकी पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी पड़े.... (Read More)
हनजी बिलकुल आपको लोन मिल सकता है लेकिन इसके लिए आपको सही तरीका पता होना चाहिए, जैसे के सबसे पहले आपके पास पशु पालन की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट होना चाहिए जो के आपको नज़दीकी कृषि विज्ञा केंद्र से पशु पालन की ट्रेनिंग लेने के बाद ही मिलेगा जी. उसके बाद अप्प जितने पशु लेने है उसकी पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी पड़ेगी जिसमे आपका पशु पालन विभाग आपके हेल्प कर सकता है उसके बाद सबसे जरुरी है की जिस बैंक में आपका बैंक का खाता चलता है उसमे पैसे का लेन देन कैसा चलता है फिर बैंक की जो भी शर्ते होती है वह आप पूरी करते हो तो बैंक आपको लोन दे सकता है . बैंक की शर्ते आपके बैंक मैनेजर ही बता सकता है जी.
Posted by Parwinder Singh
Punjab
07-06-2019 05:40 PM
Punjab
06-10-2019 03:48 PM
Parwinder Singh ji according to our experience beetal goat is best for punjab because its dual purpose breed.परविंदर सिंह जी हमारे अनुभव के अनुसार पंजाब में बीटल नस्ल की बकरी बढ़िया है, क्योंकि ये दोहरे लाभ की नस्ल है
Posted by simarjeet singh
Punjab
07-06-2019 05:27 PM
Punjab
06-08-2019 02:28 PM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਦ ਖਾਦਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਸ ਵਿਚ 36 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ , 27 ਕਿੱਲੋ ਡਾਪ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ DAP ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੁਣ DAP ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਏਕੜ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ 21% ਜਾ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦਾ ਇਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ 33%.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਦ ਖਾਦਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਸ ਵਿਚ 36 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ , 27 ਕਿੱਲੋ ਡਾਪ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ DAP ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੁਣ DAP ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਏਕੜ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ 21% ਜਾ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦਾ ਇਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 15-17 ਕਿੱਲੋ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਹ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ 2-3 ਸਾਲ ਤਕ ਯੂਰੀਆ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦੀ
Posted by gurpreet singh
Punjab
07-06-2019 05:22 PM
Punjab
06-07-2019 05:26 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Agrimin super ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ovumin advance bolus ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਣਗੀਆਂ, ਜੇਕਰ ਫਿਰ ਵੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਨਾ ਆਵੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ Ovulenta kit ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by gurpreet singh
Punjab
07-06-2019 05:16 PM
Punjab
06-08-2019 11:45 AM
ਤੁਸੀ ਇਹ ਆਡੀਓ ਸੁਣੋ ਜੀ