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Posted by Gurpreet singh
Punjab
11-06-2019 06:37 AM
Punjab
06-12-2019 03:36 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Gurpreet singh
Punjab
11-06-2019 06:36 AM
Punjab
06-12-2019 03:34 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Gurpreet singh
Punjab
11-06-2019 06:35 AM
Punjab
06-12-2019 03:35 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Dildar Singh
Punjab
11-06-2019 06:21 AM
Punjab
06-12-2019 05:50 PM
ਦਿਲਦਾਰ ਜੀ ਮੂਲੀ ਦੀ ਕਿਸਮ Punjab Pasand ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ Punjab Pasand: ਇਹ ਕਿਸਮ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਅਗਸਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Tinku
Haryana
11-06-2019 05:51 AM
Punjab
06-12-2019 03:58 PM
टिंकू जी आप बाजरे की किस्मे जैसे HHB 272,HHB197,HHB67,HHB68 Hybrid Napier 3,NB 21,Gajraj,की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by inderpal
Punjab
11-06-2019 05:07 AM
Maharashtra
06-12-2019 03:44 PM
inderpal ji jhona 13 tareek nu la sakde ho.dhanwad
Posted by kashmir singh
Punjab
11-06-2019 05:06 AM
Punjab
06-12-2019 03:54 PM
kashmir ji tuc is vich halka pani chidak ke isnu khet vich pa sakde ho.isde nal eh hwa vich nahi udega ate tuc sahi tareeke nal isnu khet vich pa sakde ho.dhanwad
Posted by Sohil Tamboli
Maharashtra
11-06-2019 12:33 AM
Rajasthan
06-11-2019 12:25 PM
Sohil Tamboli to get all information about pearl farming you can contact with me 9711858258. Thankyou.
Posted by Sohil Tamboli
Maharashtra
11-06-2019 12:31 AM
Rajasthan
06-11-2019 12:26 PM
Sohil Tamboli to get all information about pearl farming you can contact with me 9711858258. Thankyou.
Posted by Mohammed Junaid Qureshi
Madhya Pradesh
10-06-2019 11:51 PM
Punjab
06-11-2019 02:21 PM
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिल.... (Read More)
यदि आप मछली पालन शुरू करना चाहते हैं तो इसकी पूंग छोड़ने के लिए मार्च से अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है तालाब में प्लैंकटान की अच्छी मात्रा करने के उद्देश्य से यह जरूरी है कि रूड़ी की खाद के साथ सुपर फास्फेट 300 किलोग्राम और यूरिया 180 किलोग्राम प्रति वर्ष प्रति हेक्टैयर के मान से डाली जाए तालाब में से हानिकारक मछलियों और कीड़े मकौड़ों को निकाल लेना चाहिए मंडीकरण की कोई दिक्कत नहीं है यह लोकल ही सेल हो जाती हे यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है आप इस काम की ट्रेनिंग लेकर फिर इसे अच्छी तरीके से शुरू करें
Posted by Urvind
Punjab
10-06-2019 11:38 PM
Punjab
06-11-2019 05:26 PM
इसे विभिन्न तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है, पर यह भारी मिट्टी, जिसमें पोषक तत्व उच्च मात्रा में हो, में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है यह खारेपन को भी सहनेयोग्य है
Posted by Urvind
Punjab
10-06-2019 11:36 PM
Punjab
06-12-2019 12:59 PM
Urvind ji Sunflower Seed da MSP (2018-2019) 5388/- hai. Thankyou.
Posted by ਹਰਜੋਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-06-2019 11:33 PM
Punjab
06-11-2019 10:21 AM
devmedia
Posted by Urvind
Punjab
10-06-2019 11:31 PM
Punjab
06-11-2019 05:31 PM
Urving ji less water and maintenance crop is moong and gwar. Thank you
Posted by AMAN PANDEY
Uttar Pradesh
10-06-2019 11:30 PM
Punjab
06-11-2019 05:33 PM
अमन जी कृपया आप इसके लेबल की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Urvind
Punjab
10-06-2019 11:29 PM
Punjab
06-11-2019 05:39 PM
आप बाजरे की किस्म जैसे PHBF1,PCB164,FBC16 की बिजाई कर सकते है यह लगभग 88 दिनों में तैयार हो जाती है धन्यवाद
Posted by AMAN PANDEY
Uttar Pradesh
10-06-2019 11:26 PM
Punjab
06-11-2019 05:46 PM
अमन जी आप जो भी प्रोडक्ट की जानकारी लेना चाहते है कृपया आप उसके लेबल की फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके आपके पिछले सवालों में भी आपने अलग अलग प्रोडक्ट के बारे में जो जानकारी लेनी है कृपया उनके लेबल की फोटो भेजे धन्यवाद
Posted by Samir pandey
Uttar Pradesh
10-06-2019 11:01 PM
Maharashtra
06-11-2019 05:36 PM
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च ग.... (Read More)
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
Posted by sukhpreet singh
Punjab
10-06-2019 10:47 PM
Punjab
06-10-2019 10:52 PM
sukhpreet g iss de kyi kaarn hnn jiwe ki lohe di ghaat, urea di kami , retle vaahn de vich paneeri lgauna, pani dupehar de sme paneeri de vich khade rehn denaa...ihna kaarna kar ke paneeri peeli pai jandi hai.
Posted by sukhdeep singh
Punjab
10-06-2019 10:46 PM
Punjab
06-10-2019 10:53 PM
sukhdeep g iss da kaarn ihh hai ki jekar pani time seer na sukke tan jdaa de vuch fungus bn jandi hai ate damping off nam di bimaari jad nu gaalna shuru kr dindi hai jis kaarn narma sukk janda hai...iss di roktham de lyi upl di saaf@500gm prati acre de hisaab nal spray kro.
Posted by sam
Maharashtra
10-06-2019 10:35 PM
Rajasthan
06-11-2019 11:30 AM
Sam to get all information about pearl farming you can contact with me 9711858258. Thankyou.
Posted by Maninderjit
Punjab
10-06-2019 10:13 PM
Punjab
06-11-2019 09:24 PM
ਤੁਸੀ ਵੱਛੀ ਨੂੰ Stay projen ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ 2 ਚਮਚ ਹਲਦੀ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਜੇਕਰ ਉਹ ਗੱਭਣ ਹੋਈ ਤਾਂ ਠਹਿਰ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਨਾ ਹੋਈ ਤਾਂ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by sonu
Uttar Pradesh
10-06-2019 10:09 PM
Punjab
06-10-2019 10:54 PM
sonu g ganne ke liye biovita@8kg ja hoshi@400ml ja gibberellic acid@300ml ki spray krein..biovita ka khet mein burkaav krna hota hai.
Posted by Mukesh
Haryana
10-06-2019 09:55 PM
Rajasthan
06-11-2019 11:25 AM
ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 97118582.... (Read More)
ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258
Posted by Rahul Thakur
Uttar Pradesh
10-06-2019 09:25 PM
Punjab
06-10-2019 10:55 PM
Rahul g dhaan ki nursery ko pani subah jaldi aur shaam ko suraj dhalne kee baad dein....iss ke ilaava urea@3kg +dap@2.5kg prati kanal aur peeli padhne par lohe ki spray krein.
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
10-06-2019 09:07 PM
Punjab
06-10-2019 11:01 PM
sukhpinder g boota kine saal da hai ate kehdi kisam hai kirpa kr ke ihh dso...boote dia jdaa de vich godi kr ke jaala kadh deo...5ltr pani de vich 100 urea paa ke hafte de vich 2 din pao...iss ton ilaava neeche walia tehnia saaria katt deo...boote nu sirf upper nu hi vadhan deo..सुखपिंदर जी पौधे की आयु कितनी है और किस किस्म का है, कृपया यह बताएं, पौधे की जड़ों में गुड़ाई करके जाले निकला दें, 5 लीटर पानी में 100 यूरिया डालकर हफ्ते में 2 दिन डालें, इसके इलावा निचे वाली टहनिया सभी काट दे.... (Read More)
sukhpinder g boota kine saal da hai ate kehdi kisam hai kirpa kr ke ihh dso...boote dia jdaa de vich godi kr ke jaala kadh deo...5ltr pani de vich 100 urea paa ke hafte de vich 2 din pao...iss ton ilaava neeche walia tehnia saaria katt deo...boote nu sirf upper nu hi vadhan deo..सुखपिंदर जी पौधे की आयु कितनी है और किस किस्म का है, कृपया यह बताएं, पौधे की जड़ों में गुड़ाई करके जाले निकला दें, 5 लीटर पानी में 100 यूरिया डालकर हफ्ते में 2 दिन डालें, इसके इलावा निचे वाली टहनिया सभी काट दें, पौधे को सिर्फ ऊपर ही बढ़ने दें
Posted by Rajesh khanna
Uttar Pradesh
10-06-2019 09:01 PM
Punjab
06-11-2019 05:49 PM
खेत की तैयारी के समय यूरिया 90 किलो,एस एस पी 125 किलो,म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो को शुरूआती खुराक के तौर पर डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन के 1/3 ( (30 किलो)हिस्से के साथ फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बेलों के शुरूआती विकास के समय या बिजाई के 1 महीने बाद बाकी यूरिया की मात्रा डालें
Posted by ATMA singh
Punjab
10-06-2019 08:50 PM
Punjab
06-11-2019 02:27 PM
ਅਵਤਾਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਕਾਰਗਿਲ ਦੀ Transition mix ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਇਕ ਟਾਈਮ ਦੀ 1.5-2 kg ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Vitum-h ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਉਸਦੀ ਡਿਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਸਹੀ ਗਰੋਥ ਹੋ ਸਕੇ .
Posted by NEERAD GOURAHA
Chattisgarh
10-06-2019 08:40 PM
Punjab
06-11-2019 05:53 PM
नीरद जी यह गर्मी के कारण फट जाते है इसके लिए आप पौधे की जड़ों में मल्चिंग करें धन्यवाद
Posted by Babbal
Punjab
10-06-2019 08:11 PM
Punjab
06-10-2019 08:41 PM
Babaal g jhone vich pertilachlor 50% ja 37% wali dono hi use kr skde ho g bt 37% wali pertilachlor de result better han.esdi dose 600 ml per acre hai..
Posted by mandip ghuman
Punjab
10-06-2019 08:11 PM
Punjab
06-11-2019 10:27 AM
mandip ji, Hanji de skde ho isde nal milk vadh javega te animal di health v improve hovegi ji.
Posted by usman goer
Uttar Pradesh
10-06-2019 08:08 PM
Rajasthan
06-12-2019 10:32 AM
Usman goer To get all information about Pearl Farming You can contact with me 9711858258. Thankyou.
Posted by Tanveer
Karnataka
10-06-2019 07:58 PM
Punjab
06-11-2019 05:57 PM
Tanveer ji please ask your question in detail what you want to know about coconut plantation so that we can provide you proper information. thank you
Posted by rajwinder singh
Punjab
10-06-2019 07:40 PM
Punjab
06-10-2019 09:19 PM
Rajwinder g jekar narma hle bhut chotta hai tn urea na pao g tuc pani lga ke ess di gudaayi kro g..
Posted by rajwinder singh
Punjab
10-06-2019 07:38 PM
Punjab
06-10-2019 09:21 PM
Rajwinder g paneeri nu evening de time pani dinde rho and din de time pani khada na rakho g.ess vich chelated zinc and ferrous sulphate di spray krde rho g..
Posted by ਜਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਕੰਗ
Punjab
10-06-2019 07:30 PM
Punjab
06-12-2019 12:37 PM
ਜਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਮੱਛਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ imidacloprid @1.5 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
10-06-2019 07:10 PM
Punjab
06-10-2019 11:02 PM
Dhaan ki paneeri mein growth ke liye urea@3kg +dap@2.5kg prati kanal ke hisaab se daalein...क्व
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਘੁੰਮਣ
Punjab
10-06-2019 07:07 PM
Punjab
06-11-2019 02:29 PM
ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਦਿਉ ਜੀ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Anabolite liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Calcimust gold liquid 50ml , Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by Anwar Jamal khan
Uttar Pradesh
10-06-2019 07:05 PM
Punjab
06-12-2019 12:38 PM
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनो.... (Read More)
पौध को खेत में बीजने से 2-3 दिन बाद 1200 मि.ली. बूटाक्लोर 50 ई.सी. या 1200 मि.ली. थायोबैनकार्ब 50 ई.सी. या 1000 मि.ली. पैंडीमैथालीन 30 ई.सी. या 600 मि.ली. परैटीलाकलोर 50 ई.सी. प्रति एकड़ नामक बूटीनाशकों का प्रयोग करना चाहिए इनमें से किसी भी बूटी नाशक को 60 किलोग्राम मिट्टी में मिलाकर 4-5 सैं.मी. खड़े पानी में फैला दें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 30 ग्राम मैटसल्फरोन 20 डब्लयू पी को प्रति एकड़ के हिसाब से 150 लीटर पानी में मिलाकर बीजने से 20-25 दिनों के बाद छिड़काव करना चाहिए छिड़काव करने से पहले खेत में रूके हुए पानी को निकाल दें और छिड़काव करने के एक दिन बाद खेत को फिर पानी दें
Posted by Surendra Lal Shrestha
Himachal Pradesh
10-06-2019 07:02 PM
Punjab
06-11-2019 02:31 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा.
Posted by Surendra Lal Shrestha
Himachal Pradesh
10-06-2019 07:01 PM
Punjab
06-11-2019 02:30 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा.
Posted by A man deep Singh
Punjab
10-06-2019 07:00 PM
Punjab
06-11-2019 09:22 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ 2 ਟਿਕੀਆਂ ਨਿਸ਼ਾਦਰ ਲਓ ਅਤੇ 1 ਕੇਲੇ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Potasium iodied ਦਵਾਈ 5 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by karan
Punjab
10-06-2019 06:56 PM
Punjab
06-11-2019 02:33 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Lactin bolus 1-1 ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ .
Posted by surajpal
Uttar Pradesh
10-06-2019 06:54 PM
Punjab
06-10-2019 11:05 PM
suraj g kirpa patto ki photo click kr kr bhejein..tan jo dekh ke apko iss ki jankari di ja ske...
Posted by surajpal
Uttar Pradesh
10-06-2019 06:52 PM
Punjab
06-12-2019 12:39 PM
सूरजपाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके के यह क्यों सूख रहे है धन्यवाद