
Posted by sonu Gupta
Madhya Pradesh
13-06-2019 11:06 AM
sonu Gupta ji kirpeya aap thoda detail me btaye ke kaha par state show nai ho rahe ji. hum aapki puri help karege ji. agar aapko app ko chalane me koe or dikkat bhi aa rahi hai to aap hmare helpline number 9779977641 par bhi call kar sakte hai ji.

Posted by ਕੁਲਵਿਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
13-06-2019 11:04 AM
kulwinder ji kirpa karke daso ke tuc beej nu kehde tareeke nal beejya hai isnu beejayi to pehlan bheo ke beejya hai ja nahi.dhanwad
Posted by deepak patidar
Madhya Pradesh
13-06-2019 11:02 AM
Deepak ji usko app pett ke kiro ke liye Fendikind plus bolus den, iske sath app Bovimin-b powder 50gm rojana aur Ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.

Posted by vipinchoudhary
Uttarakhand
13-06-2019 10:55 AM
vipin ji thnela rog ke bohat sare karan ho sakte hai . aise kuch nai btaya ja sakta aap thano ki photo send kare or yeh btaye ke aapne pehle konsi medican use kari hai. case history or leve ki condition dekhkar hi kuch aage guide kiya ja sakta hai ji.

Posted by sukhjinder singh
Punjab
13-06-2019 10:41 AM
sukhjinder singh ji bakri 13- 14 suve dindi hai ji.
Posted by सतीश कुशवाहा
Uttar Pradesh
13-06-2019 10:39 AM
सतीश जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह अगेती किस्म है और रोपाई के बाद 70 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा होती है और फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kashi Amrut (D.V.R.T 1): यह मध्यम फैलने वाली किस्म है इसके फल मध्यम, गोल होते हैं इसकी औसतन प.... (Read More)
सतीश जी आप किस्मे जैसे Hisar Arun (Selection 7): यह अगेती किस्म है और रोपाई के बाद 70 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फलों की संख्या ज्यादा होती है और फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kashi Amrut (D.V.R.T 1): यह मध्यम फैलने वाली किस्म है इसके फल मध्यम, गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kashi Anupam: यह मध्यम ऊंचाई वाली अगेती बिजाई वाली किस्म है इसके फल बड़े और गोल होते हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kashi Vishesh (H -86): इसके फल मध्यम से बड़े आकार के होते हैं और यह किस्म पत्ता मरोड़ रोग की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pant Bahar: इस किस्म के फल गोल और मध्यम आकार के होते हैं
Arka Vikas: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा जारी की गई है यह 120 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
D T 10: इस किस्म का पौधा लंबा और फल मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड होती है
Arka Saurabh: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है इसके फल बड़े आकार के होते हैं इस किस्म के फलों में दरारें नहीं पड़ती इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Hybrid 2: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल चपटे, गोल और मोटे छिल्के वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 220 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Avinash 2: यह मध्यम ऊंचाई वाली किस्म है इसके फल गोल और गहरे लाल रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
S.T.H 537: यह हाइब्रिड किस्म है इसकी औसतन पैदावार 320 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
ARTH-3: यह किस्म रोपाई के बाद 80-85 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 350-380 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Gotya: यह किस्म रोपाई के बाद 70-75 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
N.S 815: यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 240 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
BSS 99: यह लंबी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
BSS 40: इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Toystoll: इस किस्म के फल मध्यम और नाशपाति के आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 280 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by A zeel khan
Uttar Pradesh
13-06-2019 10:39 AM
Azeel ji kripya bteya ke aap konsi fasl men fool aane se pehle urea ke paryog ke bare mne jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by gurpreet singh
Punjab
13-06-2019 10:37 AM
gurpreet ji basmati de rate da faisla sarkar valo hi kita janda hai is bare hale kuch vi keha nahi ja sakda.dhanwad
Posted by chandan kumar
Bihar
13-06-2019 10:24 AM
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए .... (Read More)
इसे भारत की मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है गेहूं की खेती के लिए चिकनी दोमट या दोमट बनतर, अच्छे ढांचे और पानी सोखने की सामान्य क्षमता वाली मिट्टी उचित होती है छिद्रित और पानी कम सोखने वाली मिट्टी गेहूं की खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती सूखे हालातों, अच्छे जल निकास वाली भारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है भारी मिट्टी जिसका घटिया ढांचा और घटिया जल निकास हो इसकी खेती के लिए उपयुक्त नहीं होती क्योंकि गेहूं की फसल जल जमाव के प्रति संवेदनशील होती है गेहूं की फसल को अच्छे अंकुरन के लिए अच्छी तरह से तैयार, पर ठोस बीज बैड की आवश्यकता होती है पिछली फसल की कटाई के बाद खेत की अच्छे तरीके से ट्रैक्टर की मदद से जोताई की जानी चाहिए खेत को आमतौर पर ट्रैक्टर के साथ तवियां जोड़कर जोता जाता है और उसके बाद दो या तीन बार हल या सुहागे से जोता जाता है खेत की जोताई शाम के समय की जानी चाहिए और रोपाई की गई ज़मीन को पूरी रात खुला छोड़ देना चाहिए ताकि वह ओस की बूंदों से नमी सोख सके प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरना चाहिए
बारानी क्षेत्रों में फसल को दीमक के हमले से बचाव के लिए क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 700 मि.ली. को 5 लीटर पानी में मिलाकर 100 किलो बीजों का उपचार करें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए लंबी किस्मों के लिए 6-7 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें जबकि अन्य किस्मों के लिए 5-6 सैं.मी. की गहराई का प्रयोग करें छोटे आकार की किस्मों के लिए 40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे किस्म के बीजों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि पिछेती बिजाई करनी हो तो 60 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीज साफ और छांटे हुए होने चाहिए मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें
बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें
सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें
यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें सिंचाई की संख्या, पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं
कम पानी की स्थितियों में गंभीर अवस्था में सिंचाई करें जब पानी एक ही सिंचाई के लिए उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय पानी लगाएं जब दो सिंचाईयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो जड़ें बनने के समय और बालियां निकलने के समय पानी लगाएं यदि तीन सिंचाइ्रयों के लिए पानी उपलब्ध हो तो पहला पानी जड़ें बनने के समय दूसरा बलियां बनने के समय और तीसरा पानी दानों में दूध बनने के समय लगाएं जड़ें बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण अवस्था होती है यह सिद्ध हुआ है कि पहली सिंचाई के हर सप्ताह के बाद देरी करने से 80-120 किलोग्राम प्रति एकड़ पैदावार में कमी आती है उच्च पैदावार वाली फसलों की किस्मों की कटाई पत्तों और तने के पीले पड़ने और सूखने के बाद की जाती है हानि से बचने के लिए फसल की कटाई इसके पके हुए पौधों के सूखने से पहले की जानी चाहिए ग्राहक की तरफ से इसे स्वीकारने और इसकी अच्छी गुण्वत्ता के लिए इसको सही समय पर काटना चाहिए जब दानों में 25-30 प्रतिशत नमी रह जाती है तो यह इसे काटने का सही समय होता है हाथ से गेहूं काटने के समय तेज धार वाली द्राती का प्रयोग करना चाहिए कटाई के लिए कंबाइने भी उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से गेहूं की फसल की कटाई, दाने निकालना और छंटाई एक ही बार में की जा सकती है
Posted by Amritpal singh
Punjab
13-06-2019 10:21 AM
ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਜੀ, ਬਠਿੰੰਡਾ ਏਰੀਏ ਵੱਚ ਹਲਦੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨ ਗੁਰਸ਼ਰਨ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦਾ ਨੰਬਰ 98146 00748 ਤੁਸੀ ਨੋਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Mandeep Singh bhathal
Punjab
13-06-2019 10:11 AM
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ Fast-M ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Anabolite liquid 100ml, Lactin bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, milkout powder 2-2 ਚ.... (Read More)
ਤੁਸੀਂ ਇਸਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਦਵਾਈ ਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਚ 3 ਵਾਰ ਦੇਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀਂ ਉਸਨੂੰ Fast-M ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੁੱਧ ਚੋਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾਂ ਉਸਦੇ ਨੱਕ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਦੁੱਧ ਆਰਾਮ ਨਾਲ ਉਤਾਰ ਦੇਵੇਗੀ ਇਹ ਤੁਸੀਂ ਹੋਮਿਓਪੈਥੀ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਪਤਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ ਰਿਜ਼ਲਟ ਵਧੀਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ Anabolite liquid 100ml, Lactin bolus 1-1 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by Aman Verma
Uttar Pradesh
13-06-2019 10:10 AM
Aman ji kirpya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by milind ramaji ganer
Maharashtra
13-06-2019 10:00 AM
Milind ji kirpya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ke bare men jankari lena chahate hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sukhveer Singh
Punjab
13-06-2019 09:56 AM
ਸੁਖਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਫੂਲਗੋਭੀ, ਖੀਰਾ, ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ, ਕੱਦੂ, ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ, ਭਿੰਡੀ, ਟਮਾਟਰ, ਪਿਆਜ
ਜੁਲਾਈ: ਖੀਰਾ,ਚੌਲੇ, ਕਰੇਲਾ , ਕੱਦੂ , ਤੋਰੀ, ਪੇਠਾ , ਭਿੰਡੀ , ਟਮਾਟਰ, ਮੂਲੀ
ਅਗਸਤ: ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by gurpreet singh
Punjab
13-06-2019 09:54 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ, ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਅਤੇ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.
Posted by Pardeep singh maan
Punjab
13-06-2019 09:45 AM
Pardeep g single super phosphate and DAP dono hi phosphorous di deficiency di poorti krdiyan han..Single super phosphate di dose @75 kg per acre and DAP di dose @25 kg per acre pa skde ho g.tuc ehna dono vicho koi v ikk fertilizer use kr skde ho g..

Posted by angrej singh
Punjab
13-06-2019 09:35 AM
ਅੰਗਰੇਜ ਜੀ ਮੌਸਮ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਅੱਜ ਹਨੇਰੀ ਆਉਣ ਦੀ ਸੰਭਾਵਨਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rajbir Singh
Punjab
13-06-2019 09:27 AM
rajbir ji ek aikad ke liye 8-10 killo beej ki jrurat hoti hai aur ek aikad ki paniri aap 3 marle jgah me beej sakte hai.dhanywad

Posted by aasim ali
Uttar Pradesh
13-06-2019 09:25 AM
aasim ali ji kripya aap btaye aap kiski paudh ke bare men jankari lena chhate hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sukh bhathal
Punjab
13-06-2019 09:24 AM
sukh bhathal ji narme di paidavar usdi kisam te nirbhar kardi hai kirpa karke daso ke tuc narme di kehdi kisam de bare jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by bittu
Punjab
13-06-2019 09:16 AM
ਫੈਟ ਘੱਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ, ਉਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ 24 ਘੰਟੇ ਉਸ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊ.... (Read More)
ਫੈਟ ਘੱਟਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੇ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਗੋਲੀ ਜਰੂਰ ਦਿਓ, ਉਸ ਨੂੰ ਗਰਮੀ ਤੋਂ ਬਚਾ ਕੇ ਰੱਖੋ ਅਤੇ 24 ਘੰਟੇ ਉਸ ਕੋਲ ਪਾਣੀ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਆਪਣੀ ਮਰਜੀ ਨਾਲ ਪਾਣੀ ਪੀ ਸਕੇ, ਫੈਟ ਵਧਾਉਣ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਠਾਸੋਡਾ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਵਾਰ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਅਤੇ coolmax ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ.

Posted by Gurjant singh
Punjab
13-06-2019 09:08 AM
Gurjant singh ji, jekar fish farm de kol dadu hun ta osda koe nuksan nai hai ji. dadu fish nu nai khande ji. koe ghabron wali gal nahi hai ji.
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
13-06-2019 09:08 AM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I

Posted by jaskirat singh
--
13-06-2019 08:52 AM
Jaskirat singh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo beji audio upload nhi hoi hai kirpa dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.

Posted by jaskirat singh
--
13-06-2019 08:51 AM
Jaskirat singh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuhade walo beji audio upload nhi hoi hai kirpa dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by Lovely Brar
Punjab
13-06-2019 08:50 AM
Lovely g round up Government walo ban kiti hoyi hai.ess lyi esdi jgah tuc Paraquait di spray kr skde ho g..
Posted by sukhwinder
Punjab
13-06-2019 08:50 AM
sukhwinder ji sundi di roktham de layi tuc malathion@2.5ml nu prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Naushad Khan
Uttar Pradesh
13-06-2019 08:45 AM
नौशाद खान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुल.... (Read More)
नौशाद खान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by PANKAJ CHAUDHARY
Uttar Pradesh
13-06-2019 08:42 AM
पंकज जी आप गन्ने के ऊपर NPK 191919 एक किल्लो को 150 लीटर पानी में मिला कर सपर्या करें यह अलग अलग कंपनी का मिलता है और अगर आपको दुकानदार इसका पक्का बिल काट कर देता है तो यह सही है

Posted by yadwinder singh
Punjab
13-06-2019 08:39 AM
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਪਨੀਰੀ ਉੱਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲੀ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by surjeet
Punjab
13-06-2019 08:38 AM
ਸੁਰਜੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਇਕ ਤੁਸੀ ਪੱਠਿਆਂ ਵਿਚ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿਉਕਿ ਹਰ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਨਦੀਨ ਮਾਰਨ ਦੇ ਅਲੱਗ ਢੰਗ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by yadwinder singh
Punjab
13-06-2019 08:35 AM
ਯਾਦਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਕਿਸਮ PAU ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਾਰਕ ਇਸਦੀ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Manbir Singh
Punjab
13-06-2019 08:34 AM
manbir ji kirpa karke daso ke paniri kine dina di ho gayi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake kyuki jekar jyada tillering ho gayi ta isnu upro kat ke khet vich launa payega.dhanwad

Posted by vipin kumar
Uttar Pradesh
13-06-2019 08:34 AM
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे पर.... (Read More)
यह मिट्टी की कई किस्मों जैसे अच्छे जल निकास वाली लाल दोमट से चिकनी मिट्टी, काली मिट्टी से लैटेराइट मिट्टी में उगाई जाती है यह चट्टानी मिट्टी और हल्की मिट्टी में भी उगाई जा सकती है मिट्टी की गहराई 20-30 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए यह रेतली दोमट से दरमियानी काली मिट्टी जो अच्छे जल निकास वाली हो, में अच्छे परिणाम देती है पौधे की वृद्धि के लिए मिट्टी pH 6-8 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- Satavari (Asparagus racemosus),Satavari (Asparagus sarmentosa Linn.)शतावरी की खेती के लिए, अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए, ज़मीन की अच्छे से जोताई करें, और 15 सैं.मी. की गहराई में गड्ढा खोदें रोपाई तैयार बैडों पर की जाती है पौधों की रोपाई जून-जुलाई के महीने में की जाती है इसके विकास के अनुसार 4.5x 1.2 मीटर फासले का प्रयोग करें और 20 सैं.मी. गहराई में गड्ढा खोदें जब पौधा 45 सैं.मी. का हो जाए, तब खेत में रोपाई की जाती है अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं अधिक पैदावार के लिए, 400-600 ग्राम बीजों का प्रति एकड़ में प्रयोग करें फसल को मिट्टी से होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए, बिजाई से पहले बीजों को गाय के मूत्र में 24 घंटे के लिए डाल कर उपचार करें उपचार के बाद बीज नर्सरी बैड में बोये जाते हैं बिजाई से पहले मिट्टी का रासायनिक उपचार किया जाता है अप्रैल के महीने में बीज बोये जाते हैं शतावरी के बीजों को 30-40 सैं.मी. की चौड़ाई वाले और आवश्यक लंबाई वाले बैडों पर बोया जाता है बिजाई के बाद बैडों को नमी के लिए पतले कपड़े से ढक दिया जाता है 8-10 दिनों में पौधों का अंकुरण शुरू हो जाता है 45 सैं.मी. ऊंचाई के होने पर पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं पौधों की रोपाई 60 x 60 सैं.मी. की मेड़ों पर की जाती है खेत की तैयारी के समय, 80 क्विंटल प्रति एकड़ गली हुई रूड़ी की खाद को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 32 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 52 किलो), और पोटाश 40 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 66 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से पौधे को बचाने के लिए जैविक कीट नाशी जैसे धतूरा, चित्रकमूल और गाय के मूत्र का प्रयोग करें फसल के विकास के समय लगातार गोडाई की आवश्यकता होती है खेत को नदीन मुक्त बनाने के लिए 6-8 हाथ से गोडाई की आवश्यकता होती है पौधों को खेत में रोपण करने के बाद पहली सिंचाई तुरंत कर देनी चाहिए इस फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती इसलिए शुरूआत में 4-6 दिनों के फासले पर सिंचाई कर दें और फिर कुछ समय के बाद सप्ताह के फासले पर सिंचाई करें पुटाई से पहले सिंचाई जरूर करनी चाहिए ताकि गड्ढों मे से जड़ों को आसानी से निकाला जा सके रोपाई के बाद 20-30 महीनों में पौधे की जड़ें परिपक्व हो जाती हैं मिट्टी और जलवायु के आधार पर जड़ें 12-14 महीनों में पक जाती हैं मार्च-मई के महीने में जब बीज पक जाये, तब पुटाई की जाती है पुटाई कसी की सहायता से की जाती है प्रक्रिया और दवाइयां बनाने के लिए अच्छे से पके बीजों की आवश्यकता होती है आप इसके पौधे नजदीकी नर्सरी से ले सकते है अगर आपको पौधे वह न मिले तो आप दुबारा सवाल दाल कर हमें बता सकते है धन्यवाद
Posted by ਸਰਦਾਰ ਜੀ
Punjab
13-06-2019 08:34 AM
ਸਰਦਾਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਗੋਭ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਫੇਮ ਜਾ ਕੋਰਾਜਨ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Jagjivan Singh
Punjab
13-06-2019 08:33 AM
Jagjivan Singh ji punjab vich area de hisan nal har trah de kisan mil jande ne bohat sare kisan adhunik vidhi nal kheti karde han pur kuj eho jahe vi kisan han jo parampra vadi kheti vi krde han. Thankyou.

Posted by bhupinder singh
Punjab
13-06-2019 08:32 AM
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ●● ਨਦੀਨ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ (ਲੁਆਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ) - ਬੂਟਾਕਲੋਰ 1200 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ( ਰਿਫਿਟ) 600 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 18 ਈ ਸੀ 800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 30 ਈ ਸੀ 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 50 ਈ ਸੀ 300 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਸਟੌਂਪ 30 ਈ ਸੀ 1000 ਤੋਂ 1200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ( ਹਲਕੀ ਜਾਂ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼) ਜਾਂ .... (Read More)
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ●● ਨਦੀਨ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ (ਲੁਆਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ) - ਬੂਟਾਕਲੋਰ 1200 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ( ਰਿਫਿਟ) 600 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 18 ਈ ਸੀ 800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 30 ਈ ਸੀ 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 50 ਈ ਸੀ 300 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਸਟੌਂਪ 30 ਈ ਸੀ 1000 ਤੋਂ 1200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ( ਹਲਕੀ ਜਾਂ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼) ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 37 ਈ ਡਬਲਯੂ ( ਰਿਫਿਟ ਪਲੱਸ) ਜਾਂ ਸਾਥੀ 10 ਡਬਲਯੂ ਪੀ ( ਪਾਈਰੈਜੋਸਲਫਿਊਰਾਨ ਇਥਾਈਲ) 60 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਟੌਪਸਟਾਰ 80 ਡਬਲਯੂ ਪੀ 45 ਗ੍ਰਾਮ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋ ਰੇਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਛੱਟਾ ਦੇ ਦਿਉ ●● ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 SC (ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ •• ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ •• ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ** ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 WDG (ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ

Posted by Jagjivan Singh
Punjab
13-06-2019 08:32 AM
Jagjivan Singh ji tohade swal di samaz nai lagi ji. kirpa karke apna question detial vich pucho ji tusi ki puchna chohnde ho ji.
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
13-06-2019 08:29 AM
ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ ਜੀ ਜਮੀਨ ਦੀ ਮਿਣਤੀ ਵਾਲੀਆ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆ ਐਪ ਪਲੇਅ ਸਟੋਰ ਤੇ ਹਨ ਪਰ ਕੋਈ ਵੀ ਐਪ ਸਹੀ ਮਿਣਤੀ ਨਹੀ ਦੱਸਦੀ ਜੀ , ਇਸ ਲਈ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਕੋਈ ਐਪ ਨਹੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by Gurewinder singh
Punjab
13-06-2019 08:20 AM
gurwinder ji isde uper copper oxychloride@3gm ko prati litre pani ke hisab se spray karen. yeh fungus ke karn hota hai.dhanywad

Posted by PAWAN PAL
Uttar Pradesh
13-06-2019 08:11 AM
PAWAN PAL जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मही.... (Read More)
PAWAN PAL जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by jagdeep kumar
Punjab
13-06-2019 08:09 AM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Narayan Singh Sisodia
Rajasthan
13-06-2019 08:06 AM
वैनिला की खेती विभिन्न प्रकार की मृदा जिसमें प्राकृतिक खाद का समावेश तथा जल निकासी जैसी अनुकूल परिस्थितियों में कर सकते हैं पौधे के लिए चिकनी मिट्टी तथा पानी का जमावड़ा उपयुक्त नहीं है यह आर्द्र उष्णकटिबंधीय जलवायु में जहाँ वार्षिक वर्षा 200-300 से.मी. तथा समुद्री तट से 1500 मी. उचाई उसकी खेती के लिए आदर्श माने .... (Read More)
वैनिला की खेती विभिन्न प्रकार की मृदा जिसमें प्राकृतिक खाद का समावेश तथा जल निकासी जैसी अनुकूल परिस्थितियों में कर सकते हैं पौधे के लिए चिकनी मिट्टी तथा पानी का जमावड़ा उपयुक्त नहीं है यह आर्द्र उष्णकटिबंधीय जलवायु में जहाँ वार्षिक वर्षा 200-300 से.मी. तथा समुद्री तट से 1500 मी. उचाई उसकी खेती के लिए आदर्श माने जाते हैं गरम आर्द्र जलवायु के साथ साथ 21-320 c तापमान इसकी पैदावार के लिए अति उत्तम है वर्ष के 9 महीने वर्षा तथा पुष्पण के लिए 3 महीने शुष्क वातावरण होना चाहिए भारत में केरल, करनाटक, तमिलनाडु, उत्तर पूर्वी क्षेत था अंडमान निलोबार द्वीपसमूह इसकी खेती के लिए उपयुक्त स्थान है वैनिला की खेती किसी नए स्थान पर करते है तब उस भूमि पर लगे पेड़ो और झाड़ियो को काट कर भूमि को अच्छी तरह साफ़ कर लेते है इसकी खेती खुले क्षेत्र में भी कर सकते है परन्तु इसके पौधे को पर्याप्त छाया प्रदान करना चाहिए भूमि को दो वार जोत कर तत्पश्चात समतल करके तैयार करते है हरी पत्तियों तथा वन मृदा को खेती की मृदा में समावेश करना अति लाभदायक होता है भूमि में एक हल्का ढाल वैनिला की खेती के लिए आदर्श माना जाता है कटनी को यथा संभव सितम्बर – नवम्बर के बिच कम गहरे गढ़डो में रोपण करना चाहिए तत्पश्चात गड्ढों में मिट्टी खाद तथा सड़ी हुई घास भर देना चाहिए तने की कटिंग की दो गांठों को मृदा के उपरो सतह से जमीं के अन्दर रोपण करना चाहिए तथा 2 कटिंग प्रति सहायक रोपण कर सकते हैं
रोपण के समय अत्यंत सावधानी बरतना चाहिए तथा यह सुनिश्चित कर ले की कटिंग का अधरिय निचला सिरा मृदा के उपरी सतह से ऊपर है नये रोपित पौधें को पर्याप्त छाया प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है रोपण के पश्चात तुरन्त ज्यादा पत्तियों से झपनी कारन चाहिए रोपण के 4-8 सप्ताह बाद कटिंग में अंकुर फूटने लगते है
सामान्यत:वैनिला के साथ अन्त: खेती नहीं करना चिहिए परन्तु कभी कभी कटी हुई घासपात इसके लिए लाभदायक होती है मृदा की उपरी सतह का अनुरक्षण करते समय यह सावधानी बरतनी चाहिए की पौधे की जड़ों को कोई बाधा या हानि होना चाहिए पौधे की वृद्धि तथा उपज बढ़ाने के लिए ग्रीष्मकाल में झापनी के साथ साथ निरंतर सिंचाई करना चाहिए
Posted by Akashdeep Singh
Punjab
13-06-2019 08:03 AM
akashdeep ji isde rate sarkar valo teh kita janda hai is bare hale kuch v keha nahi ja sakda. 1718 136-138 din vich pakk ke tyar ho jandi hai isda jhaad 18-20 quintal prati acre hunda hai.dhanwad
Posted by rahul kumar
Uttar Pradesh
13-06-2019 08:03 AM
Rahul ji unko app Agrimin super powder 50gm rojana dena suru kren aur ovumin advance bolus rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehe, isse heat mai aa jayegi.
Posted by Akashdeep Singh
Punjab
13-06-2019 07:59 AM
akashdeep ji fasl vich tat usdu growth de layi paye jande han. Potash vi ik tat hai jo fasl vich jdan ate boote di growth de layi vartya janda hai isdi matra 20 killo prtai acre de hisab nal khet di tyari de same varto kiti jandi hai.dhanwad
Posted by lokesh Sharma
Rajasthan
13-06-2019 07:55 AM
lokesh Sharma ji aap gulab ke uper NPK 19:19:19@1 kilo ko 150 litre pani men mila kar prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by PAWAN PAL
Uttar Pradesh
13-06-2019 07:53 AM
पवन पाल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुला.... (Read More)
पवन पाल जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image











