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Posted by Gursewak Singh
Haryana
18-06-2019 10:47 AM
Punjab
06-18-2019 01:14 PM
Basmati vich potash,zinc nu kddu krn de time pao g.Sulphur tuc transplanting to baad pa skde ho g..Flag leaf(jhanda rog) di roktham lyi UPL saaf @500 gm per acre nu mitti vich mila ke transplanting to 8 din de vich pa skde ho g..
Posted by Ramesh
Punjab
18-06-2019 10:40 AM
Punjab
06-19-2019 03:18 PM
Ramesh ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji, tuci iss app vich khetibadi, pashupalan ware koi v jankari laa skde ho ate apna swal push skde ho..
Posted by ਮਨਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 10:39 AM
Punjab
06-22-2019 02:36 PM
maninder ji kirpa karke isdi photo poori bhejo tuhade valo bheji gayi photo uplaod nahi hoyi hai.dhanwad
Posted by GYAN PRAKASH SONKAR
Uttar Pradesh
18-06-2019 10:36 AM
Madhya Pradesh
06-18-2019 06:05 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या स.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP https://youtu.be/g4wqW8anr1g
Posted by Balkar Singh Pabni
Haryana
18-06-2019 10:25 AM
Punjab
06-18-2019 10:42 AM
आप अपने पशुओं को तारामीरा का तेल 100 मि.ली.रोजाना देना शुरू करें इसके साथ आप Taktic दवा 2 मि.ली. को एक लीटर पानी में मिलाकर पशुओं की मालिश करें और आस पास भी स्प्रे करें बाकि आप साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें
Posted by Rahul
Haryana
18-06-2019 10:25 AM
Punjab
06-19-2019 03:21 PM
Rahul ji app bhains ko Flukarid-ds bolus pett ke kirro ke liye den, iske sath app Agrimin super powder 100gm rojana aur Ovumin advance bolus rojana 1 goli deni suru kren aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi.
Posted by Tarun pawar
Delhi
18-06-2019 10:18 AM
Punjab
06-18-2019 11:20 AM
Tarun g Kesar ki kheti kewal KASHMIR k thndey area mey hoti hai. Kujh log Saffola k seed ko Kesar ka seed bta kr bech rahe hai.
Posted by Rupesh kumar
Delhi
18-06-2019 09:35 AM
Punjab
07-30-2019 04:20 PM
रुपेश जी आप हरड़ की खेती के लिए साथ में दी गयी वीडियो देख सकते है इसके लिए आप इस लिंक पर क्लीक करे https://www.youtube.com/watch v=_cjDvfsm3Qw
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
18-06-2019 09:26 AM
Uttar Pradesh
06-18-2019 02:10 PM
5-6 ml
Posted by pawan
Punjab
18-06-2019 09:20 AM
Maharashtra
06-22-2019 01:34 PM
पवन जी अगर आपकी जमीन शोरे वाली है तो आप इसके लिए जिप्सम एक क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से डाले धन्यवाद
Posted by Gurpreet
Punjab
18-06-2019 09:06 AM
Punjab
06-18-2019 01:15 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਪੀਲੀ ਪੂਸਾ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿਚ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by ਜਸਕਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 09:01 AM
Punjab
06-18-2019 10:45 AM
jaskarn singh ji tusi eh daso ke tusi new gobar gas plant lagona hai ya pehla lageya hoeya hai ji. ?
Posted by chan seikhon
Punjab
18-06-2019 08:58 AM
Punjab
06-22-2019 01:32 PM
Chan sekhon ji is var jhona laun da rate lagbhag 3200-3500 rupaye prati acre de hisab nal chal reha hai.dhanwad
Posted by Nirvair sran
Punjab
18-06-2019 08:58 AM
Punjab
06-22-2019 12:35 PM
Nirvair ji jekar paniri growth nahi kar rahi ta tuc isde uper Hoshi@2.5ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanywad
Posted by lali randhawa
Punjab
18-06-2019 08:52 AM
Punjab
06-18-2019 01:35 PM
ਰੰਧਾਵਾ ਸਾਹਬ ਜ਼ਿਆਦਾ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਡਾਕਟਰ ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਲੱਖੇਵਾਲੀ ਨਾਲ 98142-39041 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ
Posted by khurshid
Bihar
18-06-2019 08:38 AM
Rajasthan
06-19-2019 04:24 PM
Khurshid जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मही.... (Read More)
Khurshid जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by khurshid
Bihar
18-06-2019 08:36 AM
Punjab
06-19-2019 04:25 PM
Khurshid जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मही.... (Read More)
Khurshid जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ਕੁਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 08:32 AM
Punjab
06-18-2019 02:19 PM
ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਖੇੜੀ, ਸੰਗਰੂਰ ਵਿੱਚ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੀ ਮਿਤੀ ਅਜੇ ਕੋਈ ਜਾਰੀ ਨਹੀ ਹੋਈ ਜੀ ਤੁਸੀ ਆਧਾਰ ਕਾਰਡ ਦੀ ਫੋਟੋ ਕਾਪੀ ਤੇ ਇੱਕ ਫੋਟੋ ਲਿਜਾ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਈ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਦਰਜ ਕਰਵਾ ਦਿਓ ਜੀ ਜਦੋਂ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੀ ਮਿਤੀ ਜਾਰੀ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਖੁਦ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਬੁਲਾ ਲਿਆ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ
Posted by khurshid
Bihar
18-06-2019 08:28 AM
Madhya Pradesh
06-18-2019 01:09 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP https://youtu.be/g4wqW8anr1g
Posted by khurshid
Bihar
18-06-2019 08:24 AM
Punjab
06-22-2019 01:27 PM
Khurshid ji aap dhan ki fasl men poori matra men khaaden daale aur fasl ko keet aur bimari ke hamle se bchaye . is se dhan ki paidavar aachi nikal aati hai iske ilava paidavar bdhane ke liye koi special dwa nahi hai.dhnaywad
Posted by Asad khan
Uttarakhand
18-06-2019 08:17 AM
Punjab
06-19-2019 05:09 PM
Asad khan ji Ashi nasal ki Sahiwal Cow lene ke lia aap Devendra 9813889903, 9813989902 (Raj Dairy Farm) nal samparak kar sakde ho. Thank you.
Posted by Himanshu Patel
Madhya Pradesh
18-06-2019 08:08 AM
Madhya Pradesh
06-18-2019 12:34 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती प.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP https://youtu.be/g4wqW8anr1g
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
18-06-2019 07:58 AM
Punjab
06-18-2019 10:49 AM
tusi desi murgiya layi feed puch rahe ha ya fir layer layi ya fir briolar layi ji. tusi eh daso . baki feed bani bnayi len vich hi fieda hunda hai ji.
Posted by ਗਗਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 07:54 AM
Punjab
06-19-2019 03:26 PM
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੱਝ ਗਾਂ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਗਾਂ ਨੂੰ Metricef-iu 2 ਦਿਨ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਂ ਦਿਓ, ਇਹ ਦਵਾਈ ਭਰਵਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੱਝ ਗਾਂ ਨੂੰ Agrimin super powder ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿਓ ਇਸਨੂੰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਤਕ ਦੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ PG care ਗੋਲੀਆਂ ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ ਇਹ ਗੋਲੀਆਂ 21 ਦਿਨ ਹੋਰ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਉਹ ਗੱਭਣ ਰਹਿ ਜਾਵੇਗੀ.
Posted by navpreet singh khaira
Punjab
18-06-2019 07:53 AM
Punjab
07-31-2019 11:17 AM
Navpreet ji isde vich potash di kami hai is layi tu cpotash di varto kar sakd eho isdi matra 20 killo prati acre de hisab nal vart sakd eho is to ilava mitti di pH vi jyada hai isde layi tuc gypsum di varto kar sakde ho.phosphorus jyada matra vich is layi tuhanu DAP di varto di lod nahi hai.dhanwad
Posted by Rammohan Singh
Uttar Pradesh
18-06-2019 07:50 AM
Punjab
06-22-2019 01:20 PM
rammohan ji aap iske uper NPK 19;19:19@ 1killo ko 150 litr epani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by Vikram kumar
Haryana
18-06-2019 07:48 AM
Punjab
06-22-2019 12:32 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by Ashish
Uttar Pradesh
18-06-2019 07:45 AM
Punjab
06-19-2019 12:22 PM
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च ग.... (Read More)
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
Posted by gurpreet singh
Punjab
18-06-2019 07:44 AM
Punjab
06-20-2019 05:08 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ Potassium Phosphate ਹੈ ਇਹ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਕ ਢੋਲੀ ਵਿਚ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by जीत
Rajasthan
18-06-2019 07:28 AM
Punjab
06-22-2019 12:21 PM
आप इसकी किसम जैसे JS 93-05: यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसके बीज हरे पीले रंग के होते हैं JS 95-60: यह किस्म 82-88 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना गलन और विभन्न प्रकार के कीटों की प्रतिरोधक किस्म है JS 335: यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधी और तन.... (Read More)
आप इसकी किसम जैसे JS 93-05: यह किस्म तना गलन, फली और कली के झुलस रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसके बीज हरे पीले रंग के होते हैं JS 95-60: यह किस्म 82-88 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह तना गलन और विभन्न प्रकार के कीटों की प्रतिरोधक किस्म है JS 335: यह जल्दी पकने वाली किस्म है जो कि बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधी और तने की मक्खी, कली के झुलस रोग के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Mahesh Kumar
Uttar Pradesh
18-06-2019 07:16 AM
Maharashtra
06-22-2019 12:19 PM
महेश जी आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किल्लो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Ashish
Uttar Pradesh
18-06-2019 07:14 AM
Punjab
06-22-2019 12:04 PM
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च ग.... (Read More)
धान भारत की एक महत्तवपूर्ण फसल है जो कि जोताई योग्य क्षेत्र के लगभग एक चौथाई हिस्से में उगाई जाती है और भारत की लगभग आधी आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग करती है यह उत्तर प्रदेश की मुख्य फसल है और उत्तर प्रदेश के लगभग 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है Basmati, Kalajeera, Vishnu Parag आदि धान की कुछ उच्च गुणवत्ता वाली किस्में हैं जिनकी खेती उत्तर प्रदेश में की जाती है मिट्टी इस फसल को मिट्टी की अलग अलग किस्मों, जिनमें पानी सोखने की क्षमता कम होती है और जिनकी पी एच 5.0 से 9.5 के बीच में होती है, में भी उगाया जा सकता है धान की पैदावार के लिए रेतली से लेकर गारी मिट्टी तक, और गारी से चिकनी मिट्टी जिसमें पानी को सोखने की क्षमता कम होती है इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है प्रसिद्ध किस्में और पैदावार Jaya: यह छोटे कद की और अधिक उपज देने वाली किस्म गर्दन तोड़ के प्रतिरोधक है यह किस्म 142 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और लंबे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 26 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chakia 59: यह किस्म कम जल जमाव वाले हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है Govind: यह किस्म पंतनगर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म 105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Indrasan: यह तराई क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्म है Mahsud: यह किस्म निचले क्षेत्रों में बारानी स्थितियों में उगाने के लिए उपयुक्त है Majhera 3: यह लंबी किस्म सूखे को सहनेयोग्य है और ऊंचे क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Nagina 22: यह ऊंचे क्षेत्रों में बारानी हालातों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं Narendra-1 and Narendra-2: यह किस्म 105 और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है Pant Dhan 6: यह किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त है Saket 4: यह अगेते समय की किस्म है और 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह यू पी की सबसे प्रसिद्ध किस्म है T9: यह देरी से बोयी जाने वाली सुगंधित किस्म है इसके दाने बेलनाकार होते हैं VL Dhan 16: यह निम्न और मध्यम क्षेत्रों में रोपाई के लिए उपयुक्त किस्म है VL 206: यह लंबी किस्म निम्न और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है Usar 1: यह किस्म कानपुर में विकसित की गई यह क्षारीय और लवणीय मिट्टी में खेती करने के लिए उपयुक्त है बासमती किस्में Taraori Basmati: यह सिंचित क्षेत्रों में अगेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म 145-155 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Haryana Basmati no 1: यह अर्द्ध छोटे कद की किस्म है और सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Basmati 1121, Pusa Basmati 1, CSR 30, Shabnam दूसरे राज्यों की किस्में Hybrid 6201: यह सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Vivek Dhan 62: यह सिंचित और पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने छोटे और मोटे होते हैं यह भुरड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है यह गर्दन तोड़ और कम तापमान वाले क्षेत्रों को भी सहन कर सकती है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Karnataka Rice Hybrid 2: यह सिंचित और समय से बिजाई वाले क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह पत्तों के झुलस रोग और अन्य बीमारियों को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 35 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kanak: यह दरमियाने क्षेत्रों में बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने लंबे और मोटे होते हैं यह बैक्टीरियल झुलस रोग के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Ratnagiri 1 and 2: सिंचित क्षेत्रों के लिए जबकि निचले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है ये अर्द्ध छोटे कद की किस्म हैं इनकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी शुष्क खेतों को अच्छा बनाने, नदीन रहित और सेहतमंद वृद्धि के लिए ग्लाफोसेट डालनी चाहिए गेहूं की कटाई के बाद ज़मीन पर हरी खाद के तौर पर मई के पहले सप्ताह ढैंचा (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़), या सन (बीज दर 20 किलोग्राम प्रति एकड़) या लोबीया (बीज दर 12 किलोग्राम प्रति एकड़) की बिजाई करनी चाहिए जब फसल 6 से 8 सप्ताह की हो जाए तो इसे खेत में कद्दू करने से एक दिन खेत में ही जोत देना चाहिए इस तरह प्रति एकड़ 25 किलो नाइट्रोजन खाद की बचत होती है भूमि को समतल करने के लिए लेज़र लेवलर का प्रयोग किया जाता है इसके बाद खेत में पानी खड़ा कर दें ताकि भूमि के अंदर ऊंचे नीचे स्थानों की पहचान हो सके इस तरह पानी के रसाव के कारण पानी की होने वाले बर्बादी को कम किया जा सके बिजाई बिजाई का समय यू पी के सिंचित और निम्न बारानी क्षेत्रों में मध्य जून से शुरूआती जुलाई तक का समय उपयुक्त होता है बीज की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं फासला उपजाऊ मिट्टी में 20 सैं.मी. x 15 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जबकि हल्की मिट्टी में रोपाई के लिए 15 सैं.मी. x 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 20 x 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बिजाई का ढंग सिंचित और कम बारानी क्षेत्रों में रोपाई ढंग प्रयोग किया जाता है रोपाई के लिए 25-30 दिनों के पौधों का प्रयोग करें जल जमाव वाले क्षेत्रों में 30-35 दिनों के पौधे रोपाई के लिए प्रयोग करें ऊंचे क्षेत्रों में, शुष्क और गीली मिट्टी में रोपाई ढंग का प्रयोग करें बीज बीज की मात्रा एक एकड़ खेत में 6-8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बीज का उपचार बिजाई से पहले 10 लीटर पानी में 20 ग्राम कार्बेनडाज़िम $ 1 ग्राम स्ट्रैप्टोसाईक्लिन घोल लें और इस घोल में बीजो को 8-10 घंटे तक भिगोयें उसके बाद बीजों को छांव में सुखाएं और फिर बिजाई के लिए प्रयोग करें पनीरी की देख-रेख और रोपण वैट बैड नर्सरी : यह तकनीक उन क्षेत्रों में अपनाई जाती है जहां पर पानी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है नर्सरी का 1/10 हिस्सा दूसरे खेत में लगाया जाता है इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है यहां पर खेत की जोताई और खेत को समतल किया जाता है बैडों पर कईं दिन तक नमी बनाए रखनी चाहिए पानी से खेत को ज्यादा ना भरें जब नर्सरी 2 सैं.मी. से वृद्धि कर जाए तब पानी को खेत में लगाते रहना चाहिए बिजाई के 15 दिन बाद 26 किलो यूरिया डालना चाहिए जब नर्सरी 25-30 सैं.मी. तक लंबी हो जाए तब उसे 15-21 दिन बाद दूसरे खेत में लगा देना चाहिए और खेत को लगातार पानी लगाते रहना चाहिए सूखे बैड वाली नर्सरी : यह तकनीक शुष्क क्षेत्रों में अपनाई जाती है जो बैड बनाया जाता है वो बिजाई वाले खेत का 1/10 हिस्से में बीज बोया जाता है बैड का आकार सीमित होना चाहिए और उसकी ऊंचाई 6-10 से.मी होनी चाहिए धान का आधा जला हुआ छिलका बैड पर बिखेर देना चाहिए इससे जड़ें मजबूत होती हैं सही समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए और नमी बनाए रखना चाहिए ताकि नए पौधे नष्ट ना हों तत्वों की पूर्ति के लिए खाद डालना जरूरी है मॉडीफाईड मैट नर्सरी : यह नर्सरी लगाने का एक ऐसा तरीका है जिसमें कम जगह और कम बीजों की जरूरत होती है यह नर्सरी किसी भी जगह पर बनाई जा सकती हैं जहां पर समतल जगह हो और पानी की सुविधा हो इसकी पनीरी लगाने के लिए 1% खेत की जरूरत होती है 4 से.मी की सतह पर नए पौधे लगाए जाते हैं इसे बनाने के लिए 1 मीटर चौड़े और 20-30 मीटर लंबे जमीन के टुकड़े की जरूरत होती है इसके ऊपर बिछाने के लिए पॉलीथीन और केले के पत्तों की जरूरत होती है इसके इलावा एक लकड़ी का बकसा जो कि 4 से.मी गहरा होता हैं मिट्टी के मिश्रण से भरा होता है बीजों को इसके अंदर रख देना चाहिए और फिर बीजों को सूखी मिट्टी के साथ ढक देना चाहिए इसके बाद पानी का छिड़काव कर देना चाहिए लकड़ी के बक्से को नमी देते रहना चाहिए बिजाई से 11-14 दिनों के बाद पौध तैयार हो जाती है जब पौध तैयार हो जाती है तब मैट से पौध को दूसरे खेत में रोपण कर दिया जाता है फासला: पौधों का फासला 20x20 सैं.मी. या 25x25 सैं.मी. होना चाहिए खेत में पौध रोपण पनीरी लगाने का ढंग 1. कद्दू करके लगाई जाने वाली पनीरी : आमतौर पर पंक्ति में लगाए जाने वाले पौधे 20x15 सैं.मी. दूरी पर लगाए जाते हैं और देरी से लगाई जाने वाली पनीरी 15x15 सैं.मी. पर लगाई जाती है नए पौधों की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए 2. बैड बनाकर लगाई जाने वाली पनीरी : यह बैड भारी ज़मीनों के लिए बनाए जाते हैं पनीरी लगाने से पहले खालियों में पानी लगाना चाहिए और फिर पनीरी को खेत में लगाना चाहिए पौधे से पौधे का फासला 9 सैं.मी. होना चाहिए 3. मशीनी ढंग से लगाई जाने वाली पनीरी : मैट पनीरी के लिए मशीनों का प्रयोग किया जाता है यह मशीन 30x12 सैं.मी. के फासले पर पनीरी लगानी चाहिए खरपतवार नियंत्रण रोपाई के 2 से 3 दिन बाद नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 50 ई सी 1200 मि.ली. या थायोबेनकार्ब 50 ई सी 1200 मि.ली. या पैंडीमैथालीन 30 ई सी या प्रैटीलाक्लोर 50 ई सी 600 मि.ली. प्रति एकड़ में डालें इनमें से किसी एक नदीननाशक को 60 किलो रेत में मिलाकर 4-5 सैं.मी. गहरे खड़े पानी में बुरकाव करें चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें नदीनों के अंकुरण से पहले बूटाक्लोर 1 लीटर को बिजाई के 6 से 7 दिनों के बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें सिंचाई पनीरी लगाने के बाद खेत में दो सप्ताह तक अच्छी तरह पानी खड़ा रहने देना चाहिए जब सारा पानी सूख जाए तो उसके दो दिन बाद फिर से पानी को लगाना चाहिए खड़े पानी की गहराई 10 सै.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए खेत में से बूटी और नदीनों को निकालने से पहले खेत में से सारा पानी निकाल देना चाहिए ओर इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद खेत की फिर से सिंचाई करनी चाहिए पकने से 15 दिन पहले सिंचाई करनी बंद करनी चाहिए ताकि फसल को आसानी से काटा जा सके ऊंची भूमि पर सिंचाई पूरी तरह से बारिश पर निर्भर करती है बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर और पानी की उपलब्धता के आधार पर गंभीर अवस्थाओं में सिंचाई करें
Posted by ਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 06:48 AM
Rajasthan
06-20-2019 02:14 PM
ਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ ਕੁੱਤੇ ਮਾਰਨਾ ਇਕ ਕਾਨੂੰਨੀ ਅਪਰਾਧ ਹੈ, ਇਸਦੇ ਲਈ ਸਜ਼ਾ ਜਾਂ ਜੁਰਮਾਨਾ ਵੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਤੁਸੀ ਕੁੱਤੇ ਮਾਰਨ ਦਾ ਵਿਚਾਰ ਤਿਆਗ ਕੇ ਓਹਨਾ ਤੋਂ ਬਚਾ ਲਈ ਕੋਈ ਹੋਰ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by vishram sahu
Chattisgarh
18-06-2019 06:47 AM
Punjab
06-19-2019 05:13 PM
Vishram Sahu ji kirpya aap apna swal visthar se pushe ke aap baagbani me kis cheej ke bare me jankari lena chahte hai ta jo aap ko sahi jankari di ja sake. Thankyou.
Posted by Harwinder Singh Virk
Punjab
18-06-2019 06:43 AM
Punjab
07-19-2019 06:40 PM
ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫਤਾ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 10-15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 19:19:19 ਅਤੇ ਸੂਖਮ ਤੱਤ 2.5- 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by madan kushwah
Madhya Pradesh
18-06-2019 06:33 AM
Maharashtra
06-22-2019 12:01 PM
Madan ji aap bajre ki kisam jaise WCC-75, ICTP-8203, JBV-2 ki bijai kar sakte hai.dhanwyad
Posted by madan kushwah
Madhya Pradesh
18-06-2019 06:30 AM
Punjab
06-22-2019 11:54 AM
मदन जी आप इसके ऊपर NPK 191919 @ एक किल्लो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by madan kushwah
Madhya Pradesh
18-06-2019 06:27 AM
Punjab
06-20-2019 05:01 PM
madan ji kripya patton ki najdiki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Jaswinder’s
Punjab
18-06-2019 06:25 AM
Maharashtra
06-22-2019 11:47 AM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਪ੍ਦਾਨ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਤਾ ਪਾਓ ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਜੇਕਰ ਹਮਲਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ जसविंदर जी प्रधान सूंडी कि रोकथाम के लिए प्रयोग कि जाती है, इसे खेत में तब डालें जब सूंडी का हमला हुआ यदि हमला नहीं है तो आपको इसे खेत में डालन.... (Read More)
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ ਪ੍ਦਾਨ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਤਾ ਪਾਓ ਜੇਕਰ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਜੇਕਰ ਹਮਲਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ जसविंदर जी प्रधान सूंडी कि रोकथाम के लिए प्रयोग कि जाती है, इसे खेत में तब डालें जब सूंडी का हमला हुआ यदि हमला नहीं है तो आपको इसे खेत में डालने नई जरुरत नहीं धन्यवाद
Posted by Nitish Darshan
Bihar
18-06-2019 05:43 AM
Punjab
06-22-2019 11:44 AM
नितीश जी इस कीट की रोकथाम के लिए आप क्वीनलफास@800 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें इस से कीट की रोकथाम हो जाएगी धन्यवाद
Posted by Gulab Chandra Verma
Uttar Pradesh
18-06-2019 04:46 AM
Punjab
06-22-2019 11:18 AM
रासायनिक तरीके : नदीनों को रोकने के लिए नदीनों के अंकुरण से पहले सिमाज़िन या एट्राज़िन 0.6-0.8 किलो या मैट्रीब्यूज़िन 0.4 किलो या ड्यूरॉन 1-1.2 किलो प्रति एकड़ में डालें इन नदीननाशकों को बिजाई के तुरंत बाद डालें 2,4-D 0.3-0.4 किलो नदीनों के अंकुरण के बाद गन्ने में चौड़े पत्ते वाले नदीनों को रोकने के लिए डालें
Posted by prabhdeep Singh
Punjab
18-06-2019 04:34 AM
Punjab
06-22-2019 11:07 AM
Narme de vich SSP@75kg ja DAP@27 kg prati acre de hisab nal paa skde ho. ihna de vicho kise v ikk di varto kr skde ho. ihna di varto krn nal jo narme de vich patte jamni rang de hunde hnn ohh nahi hunde..ihna di varto tuc shuru de vich v kr skde ho ja fir baad de vich narma uggran te v kr skde ho. Jo potash di varto krni hundi hai ohh mitti de vich iss di ghaat de anusaar kro. jekar iss di ghaat hai tan 20kg prati acre de hisaab nal paa skde ho. sulphur di iss de vich lod nahi hundi hai. iss di varto krn ton parhej kro.
Posted by Shubham
Madhya Pradesh
17-06-2019 11:56 PM
Punjab
06-18-2019 06:28 PM
शुभम जी कृपया बताये आपने इसमें कोनसी फसल की बिजाई की है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Ramlal jarman
Madhya Pradesh
17-06-2019 10:55 PM
Punjab
06-21-2019 10:40 AM
रामलाल जी आप कपास के साथ मूंग की मिश्रित खेती कर सकते है धन्यवाद
Posted by sukh kang
Punjab
17-06-2019 10:35 PM
Punjab
06-18-2019 06:33 PM
sukh ji jekar kanak vich DAP di poori matra payi hai ta tuhanu SSP paun di lod nahi hai jeka rnahi payi ta tuc SSP jhone di bijai to 18 din bad 75 killo prati acre de hisab nal pao.dhanwad