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Posted by AMAN PANDEY
Uttar Pradesh
18-06-2019 08:28 PM
Maharashtra
06-21-2019 12:25 PM
अमन जी आपसे हुई टेलीफोनिक वार्तालाब के हिसाब से आप किल्लो का मतलब समझना छाते है तो किल्लो को किलोग्राम बोला जाता है और किल्लो प्रति एकड़ का हिसाब होता है के कोई प्रोडक्ट की मात्रा किल्लो को एक एकड़ में डालनी है धन्यवाद
Posted by Yogesh Gour
Rajasthan
18-06-2019 08:27 PM
Maharashtra
06-21-2019 12:47 PM
योगेश जी आप 2 बीघे के लिए 47.5 किल्लो बीज डाला जाता है मिट्टी की जांच के आधार पर खादों की मात्रा डालें मूंगफली की पूरी फसल को नाइट्रोजन यूरिया 14 -28 किलो, एस एस पी 80-160 किलो औरम्यूरेट ऑफ पोटाश 20 -40 किलो प्रति 2 बीघा में डालें
Posted by sandeep Garg
Haryana
18-06-2019 08:13 PM
Punjab
06-21-2019 12:53 PM
sandeep garg ji nutrifeed bajra har tra ki mitit men ugaya ja sakta hai jiski ph 5.5-7 ho. ise 7 din antral par sinchai kar sakte hai.iski bijai roni krke ki jati hai.beej ki gehrayi 3-5cm honi chahiye aur ktar se ktar ka fasla 30 cm hona chahiye aur paudhe se paudhe ka fasla 25 cm hona chahiye . ise may se august mahine tak bijai ki jati hai.dhanywad
Posted by ps
Rajasthan
18-06-2019 08:02 PM
Maharashtra
06-21-2019 12:58 PM
ps जी आप ग्वार की किस्मे जैसे HGC-365,RGC-936,HG-563,RGM-112, RGC-1038 की बिजाई कर सकते है
Posted by Rakesh Tiwari
Uttar Pradesh
18-06-2019 07:51 PM
Rajasthan
06-19-2019 09:00 AM
राकेश तिवारी जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और .... (Read More)
राकेश तिवारी जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gagandeep Bhari
Punjab
18-06-2019 07:29 PM
Punjab
06-21-2019 01:01 PM
gagan ji tuc isde vich vdevein di bijai karo.
Posted by Nirmal Chahal
Haryana
18-06-2019 07:20 PM
Punjab
06-21-2019 01:06 PM
Narme de vich SSP@75kg ja DAP@27 kg prati acre de hisab nal paa skde ho. ihna de vicho kise v ikk di varto kr skde ho. ihna di varto krn nal jo narme de vich patte jamni rang de hunde hnn ohh nahi hunde..ihna di varto tuc shuru de vich v kr skde ho ja fir baad de vich narma uggran te v kr skde ho. Jo potash di varto krni hundi hai ohh mitti de vich iss di ghaat de anusaar kro. jekar iss di ghaat hai tan 20kg prati acre de hisaab nal paa skde ho. sulphur di iss de vich lod nahi hundi hai. iss di varto krn ton parhej kro.
Posted by Ranbir Singh
Punjab
18-06-2019 07:18 PM
Maharashtra
06-20-2019 02:12 PM
Ranbir ji eh nematodes hi ne isdi roktham de layi tuc neem cake di varto karo.dhanwad
Posted by ਕੁਲਤਾਰ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ
Punjab
18-06-2019 07:16 PM
Punjab
06-21-2019 01:08 PM
kartar ji jekar tuc pichli fasl vich DAP payi hai ta tuhanu hun SSP paun di lod nahi hai. jeka rtuc jhone vich zinc di varto karna chahunde ho ta tuc 33% ja 21% di varto kar sakde ho. jekar 21% vali zinc hai ta 25 killo prtai acre de hisab nal varti jandi hai. jekar 33% vali vartni hai ta tuc 15-17 kilo di varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by मनोज पवैया जी
Uttar Pradesh
18-06-2019 07:15 PM
Punjab
06-20-2019 10:50 AM
मनोज पवैया जी खेत के किनारो पर आप सहजन ( Moringa ) के पेड़ भी लगा सकते है, इन से आप को अच्छी आमदन भी मिलेगी और पशुओ के लिए चारा भी मिलेगा, आप इस की फलिआ भी बेच सकते है, इस के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by brajesh dadoriya
Madhya Pradesh
18-06-2019 07:07 PM

?

Punjab
06-19-2019 02:28 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है कृपया दोबारा अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Karmbir
Haryana
18-06-2019 07:02 PM
Punjab
06-21-2019 01:11 PM
karmbir ji kripya btaye ke abhi aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwyad
Posted by ved parkash
Punjab
18-06-2019 07:02 PM
Punjab
06-19-2019 02:15 PM
ved parkash ji kal to krishi vigyan kendra goaneana (muktsar) vich training shuru hai ji .jekar training leni hai ta adar card di photo copy, 1 passport size photo le ke kal morning 10 vaje Kvk muktsar pohanch javo ji. jekar hor detail nal puchna hai ta tusi 9779977641 te call kar sakde ho ji
Posted by Faiz khan
Madhya Pradesh
18-06-2019 06:53 PM
Punjab
06-21-2019 01:25 PM
दूधिया मशरूम की खेती केवल दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में व्यवसायिक स्तर पर उगाई जा रही है जबकि देश के पहाड़ी इलाकों को छोड़कर लगभग समस्त मैदानी भागों में दूधिया मशरूम की खेती की एक फसल ली जा सकती है, दूधिया मशरूम की खेती के लिये अधिक तापमान की आवश्यकता होती है कवक जाल फैलाव या बीज जमाव के लिये 25 से 35 डिग्री.... (Read More)
दूधिया मशरूम की खेती केवल दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में व्यवसायिक स्तर पर उगाई जा रही है जबकि देश के पहाड़ी इलाकों को छोड़कर लगभग समस्त मैदानी भागों में दूधिया मशरूम की खेती की एक फसल ली जा सकती है, दूधिया मशरूम की खेती के लिये अधिक तापमान की आवश्यकता होती है कवक जाल फैलाव या बीज जमाव के लिये 25 से 35 डिग्री सैल्शियस और 80 से 90 प्रतिशत नमी की आवश्यकता होती है केसिंग परत बिछाने से लेकर फसल लेने तक तापमान 30 से 35 डिग्री सैल्शियस और नमी 80 से 90 प्रतिशत होनी चाहिए अधिक तापमान 38 से 40 डिग्री सैल्शियस होने पर भी दूधिया मशरूम की खेती पैदावार देती रहती है
Posted by Jaspreet Singh
Rajasthan
18-06-2019 06:48 PM
Rajasthan
06-19-2019 02:30 PM
आप उसे एक बार में सारा पानी न पिलाये, उसे थोड़ा थोड़ा करके पानी दिन में 3-4 बार दें, क्योंकि जब वह पानी एक साथ इकट्ठा पी लेती है तो उसे पिशाब खून की तरह आने लग जाता है, बाकि उसे आधा चम्मच हल्दी तथा 50ml सरसों का तेल मिक्स करके थोड़े दिन दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
18-06-2019 06:43 PM
Maharashtra
06-22-2019 02:17 PM
gurjeet ji isda resuklt vadia hai eh boote di jad vdhaun de layi istemal kita janda hai. isnu 10-15 killo roodi de nal rla ke khet vich paya janda hai.dhanwad
Posted by ਜਗਸੀਰ ਸਿੰਘ ਸਿਵੀਆ
Punjab
18-06-2019 06:40 PM
Punjab
06-21-2019 04:57 PM
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਪੁੰਗਰਨ ਵੇਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨ ਉੱਗ ਪੈਣ ਦੀ ਸੂਰਤ ਵਿਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਖੁਰਪੇ (ਰੰਬੇ) ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਕੱਢ ਦਿਉ ਰਸਾਇਣਾਂ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 750 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲੀਨ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ
Posted by Santosh sendre
Chattisgarh
18-06-2019 06:33 PM
Maharashtra
06-22-2019 02:25 PM
santosh ji aap paudhe ko 4 killo vermicompost daale. iske ilava aap iski kisam bhi btaye kyuki ganne ki kisam ke hisab se hi iska fal da size hota hai.dhanywad
Posted by jagpal singh
Punjab
18-06-2019 06:31 PM
Punjab
06-22-2019 02:18 PM
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀ.... (Read More)
ਪਨੀਰੀ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 2 ਤੋਂ 3 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਬੂਟਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ 1200 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਥਾਇਓੁਬੈਨਕਾਰਬ 50 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 1000 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 30 ਈ ਸੀ ਜਾਂ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬੂਟੀ-ਨਾਸ਼ਕਾਂ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਨ੍ਹਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਸੇ ਵੀ ਬੂਟੀਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 4-5 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਫੈਲਾਅ ਦਿਓ
Posted by karan
Punjab
18-06-2019 06:27 PM
Punjab
06-22-2019 02:20 PM
ਕਰਨ ਜੀ ਅਚਾਰ ਨੂੰ ਘਟੋ ਘੱਟ 6 ਇੰਚ ਦੀ ਤਹਿ ਤਕ ਰੋਜ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਹੈ ਜਦੋ ਇਸਨੂੰ ਬਣਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਉਸ ਸਮੇ air tight ਕਰਨਾ ਬਹੁਤ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ajay mishra
Uttar Pradesh
18-06-2019 06:23 PM
Punjab
07-04-2019 05:53 PM
Ajay ji kirpya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko uske hisab se janakri di ja sake.dhanywad
Posted by ਬਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 06:21 PM
Punjab
06-19-2019 06:25 PM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ flukarid-ds bolus ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ovumin gold ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ Minotas ਰੋਜਾਨਾ 1 ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸਨੂੰ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹੋ .
Posted by Dipankar tiwari
Uttar Pradesh
18-06-2019 06:13 PM

?

Punjab
06-19-2019 02:33 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो में कुछ समझ नहीं आ रहा कृपया ओडियो दोबारा अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Dipankar tiwari
Uttar Pradesh
18-06-2019 06:13 PM
Punjab
06-19-2019 02:34 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आप कुत्ते के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है उसे क्या समस्या आ रही है कृपया विस्तार से बताएं ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Jagtar Singh
Punjab
18-06-2019 06:11 PM
Punjab
07-04-2019 05:56 PM
jagtar ji bilkul tuc isdi varto kar sakde ho.isdi varto tuc bijai to pehlan kar sakde ho.dhanwad
Posted by Jagtar Singh
Punjab
18-06-2019 06:05 PM
Punjab
07-11-2019 03:50 PM
jagtar ji tuc DAP di jgah te SSP di varto kar sakde ho.isdi matr 75 killo prati acre d ehisab nal varti jandi hai.dhanwad
Posted by nazar singh chahal village heron khurd distt mansa
Punjab
18-06-2019 05:58 PM
Punjab
06-19-2019 10:20 AM
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸਬਸਿਡੀ ਲੈਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵੱਲੋ ਕਰਵਾ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਿਲੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਲੈ ਕੇ ਭਰ ਬੈਕ ਕੋਲ ਜਾਉ.... (Read More)
ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਸਬਸਿਡੀ ਲੈਣ ਲਈ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵੱਲੋ ਕਰਵਾ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਸੂਰ ਪਾਲਣ ਲਈ ਲੋਨ ਤੇ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਿਲੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਤੋਂ ਫਾਰਮ ਲੈ ਕੇ ਭਰ ਬੈਕ ਕੋਲ ਜਾਉਗੇ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੈਕ ਜਦੋ ਲੋਨ ਦੇਣ ਲਈ ਰਾਜ਼ੀ ਹੋ ਗਿਆ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਪੂਰੀ ਕਰਣਗੇ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਫਾਈਲ ਨੂੰ ਡਿਪਟੀ ਡਾਇਰੂੈਕਟਰ ਕੋਲ ਲੈ ਕੇ ਜਾਉਗੇ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਆਡੀਓ ਸੁਣੋ ਜੀ
Posted by davinder Singh
Punjab
18-06-2019 05:39 PM
Maharashtra
07-02-2019 01:02 PM
aje iss de baare kuj v nahi keha ja skda hai ..aje sarkar walon koi v iho ja nirdesh jaari nahi kita gya hai jis de vich iss nu vechan de smasya aun baare dsya gya howe.
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 05:34 PM
Maharashtra
07-11-2019 03:51 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by अमित धामा
Uttar Pradesh
18-06-2019 05:16 PM
Punjab
07-11-2019 04:06 PM
Amit ji aap ise vermicompost 5-6 killo daale aur agar fal gir raha hai to vo fungus ke karn girta hai iske liye aap planofix@4ml ko prati 15 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Rahul kushwaha
Madhya Pradesh
18-06-2019 05:15 PM
Maharashtra
07-11-2019 03:55 PM
पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. .... (Read More)
पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें प्रजनन क्रिया जड़ के भाग या टहनियों द्वारा की जाती है अच्छी पैदावार के लिए 160 किलो भागों को प्रति एकड़ में प्रयोग करें जड़ें पिछले पौधों से दिसंबर और जनवरी के महीने में प्राप्त की जाती है बिजाई से पहले पौधे की बारीक जड़ 10-14 सैं.मी. काटें पुदीने की जड़ को आकार और जड़ के हिसाब से बोयें पौधे की बारीक जड़ की रोपाई 40 सैं.मी. के फासले पर और कतार से कतार का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बिजाई के बाद मिट्टी को नमी देने के लिए सिंचाई करें खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें हाथों से लगातार गोडाई करें और पहली कटाई के बाद खेत को नदीन मुक्त करें नदीनों की रोकथाम के लिए सिनबार 400 ग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें नदीनों को नियंत्रित करने के लिए जैविक मल्च के साथ ऑक्सीफलोरफिन 200 ग्राम या पैंडीमैथालीन बूटीनाशक 800 मि.ली को प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि नदीन ज्यादा हो तो डालापोन 1.6 किलोग्राम प्रति एकड़ या ग्रामाक्ज़ोन 1 लीटर और डयूरॉन 800 ग्राम या टेरबेसिल 800 ग्राम की प्रति एकड़ में स्प्रे करें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए कटाई करने के बाद तेल निकालने के लिए उसके नर्म तनों का प्रयोग किया जाता है फिर पुदीने के तेल को पैक करके बड़े स्टील के या एल्यूमीनियम के बक्सों में रखा जाता है फसल को नुकसान होने से बचाने के लिए जल्दी मंडी में भेजा जाता है पुदीने की पत्तियों से काफी तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं जैसे प्रक्रिया के बाद पुदीने का तेल और चटनी आदि
Posted by Rahul kushwaha
Madhya Pradesh
18-06-2019 05:12 PM
Maharashtra
07-30-2019 04:59 PM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद
Posted by parmjit Singh
Punjab
18-06-2019 05:10 PM
Punjab
06-19-2019 04:57 PM
Parmjit singh ji bull dog nu tusi ghar vich rakh sakde ho is dia age hor bohat saria nasla han jive ki American Bully, english bully, pakistani bully dog koi vi hove us da subha us di training te nirbhar karda hai. Thankyou.
Posted by ujwal Kumar majhi
Odisha
18-06-2019 05:09 PM
Madhya Pradesh
06-18-2019 06:34 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या स.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP https://youtu.be/g4wqW8anr1g
Posted by Lalsingh Sisodiya
Madhya Pradesh
18-06-2019 05:04 PM
Punjab
07-19-2019 07:18 PM
Lalsingh ji kripya aap btaye ke aapne iski kalm lgayi hai ya iske beej se paudha tyar kiya hai kyuki beej se tyar kiye gaye paudhe men fal aane men jyada same lagta hai.dhanywad
Posted by deep
Punjab
18-06-2019 05:02 PM
Rajasthan
06-19-2019 10:22 AM
दीप जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मही.... (Read More)
दीप जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by RINKU KAMBOJ
Punjab
18-06-2019 04:48 PM
Punjab
06-18-2019 05:19 PM
ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਲਈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 18 ਸਾਲ ਹੋਵੇ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ 18 ਸਾਲਤੋਂ ਘੱਟ ਹੋਵੇ ਤੇ ਮੌਕੇ ਰਿਕਵੈਸਟ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ
Posted by ਦਲੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 04:45 PM
Rajasthan
06-18-2019 05:26 PM
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦ.... (Read More)
ਵੈਸੇ ਤਾਂ ਬਾਜ਼ਾਰ ਵਿਚ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਕੰਪਨੀਆਂ ਦੀਆ ਫ਼ੀਡਜ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਕੰਪਨੀ ਵਾਲੇ ਆਪਣੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦਿੰਦੇ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਖੁਦ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਸ ਵਿਚ ਸਾਰੇ ਜਰੂਰੀ ਤੱਤ ਹੁੰਦੇ ਹੈ ਇਹ ਫੀਡ ਥੋੜੀ ਮਹਿੰਗੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਫਾਇਦਾ ਬਹੁਤ ਹੁੰਦਾ ਹੈ , ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹਿੰਗੀ ਫੀਡ ਨਹੀਂ ਵਰਤਣਾ ਚਾਉਂਦੇ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਬਜ਼ਾਰ ਚੋ ਕਿਸੀ ਵੀ ਕੰਪਨੀ ਦੀ ਫੀਡ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਉਸ ਨਾਲ ਵੀ ਪਸ਼ੂ ਤੋਂ ਦੁੱਧ ਲਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ , ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ..
Posted by Dimpal Pandit
Haryana
18-06-2019 04:43 PM
Maharashtra
07-04-2019 05:58 PM
PR 126: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी द्वारा जारी की गयी है जो की सामान्य खेती के लिए पंजाब में उगाई जाती है यह 123 दिनों में पक जाती है यह किस्म झुलस रोग को सहने योग्य है इसकी औसतन पैदावार 30 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by Gurmukh Soni
Punjab
18-06-2019 04:42 PM
Punjab
07-19-2019 07:17 PM
gurmukh ji tuc isde layi NPK 191919@1 killo nu 150 liter pani vich mila ke spray kar sakde ho.dhanwad
Posted by Ranbir Singh
Punjab
18-06-2019 04:42 PM
Punjab
06-19-2019 05:26 PM
Ranbir ji eh fungus de karn hunde han isde layi tuc copper oxychloride@3gm nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by sumit Kumar
Bihar
18-06-2019 04:42 PM
Punjab
06-19-2019 02:36 PM
जी हां आप उसे पेट के कीड़ों की गोली दे सकते है या फिर आप उसके ब्याने से एक सप्ताह के बाद गोली दे सकते है
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 04:35 PM
Maharashtra
06-21-2019 10:50 AM
1718, 136-138 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਝਾੜ 18-20qtl/acre ਦਿੰਦੀ ਹੈ
Posted by sonu
Haryana
18-06-2019 04:35 PM
Rajasthan
06-19-2019 10:23 AM
सोनू जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई मह.... (Read More)
सोनू जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
18-06-2019 04:34 PM
Punjab
07-19-2019 07:16 PM
ਨਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇ.... (Read More)
ਨਵਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਡਾ ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਡਾ.ਦਲਾਲ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ • 2.5 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ, 2.5 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜ਼ਿੰਕ (21% ਵਾਲ਼ੀ) ਲਓ   • ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਨੂੰ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਇੱਕ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡੇ ਵਿੱਚ ਭਿਓਂ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਦਿਨ ਵਿੱਚ 2-3 ਵਾਰ ਇਸ ਨੂੰ ਡੰਡੇ ਨਾਲ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਇਸ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਾਲ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਖਾਦ ਵਿੱਚ ਮੌਜੂਦ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ   • ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਛਿੜਕਾਅ ਵੇਲੇ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਜ਼ਿੰਕ ਨੂੰ ਵੀ ਅਲੱਗ-ਅਲੱਗ ਪਲਾਸਟਿਕ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਭਾਂਡਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਲਓ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਘੋਲ ਕੇ ਫਸਲ ‘ਤੇ ਛਿੜਕੋ ਜਾਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਪੈਮਾਨਾ ਤਿਆਰ ਲਓ ਅਤੇ ਹਰ ਟੈਂਕੀ ਵਿੱਚ ਉਸ ਪੈਮਾਨੇ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਘੋਲੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਪਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਪਾਣੀ ਮਿਲਾ ਲਓ   • ਇਸ ਗੱਲ ਦਾ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਕਿ ਇਹ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਕਿਸੇ ਧਾਤੂ ਦੇ ਬਰਤਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਸਿਰਫ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ, ਨਾ ਘੱਟ ਨਾ ਜ਼ਿਆਦਾ   • ਫਸਲ ‘ਤੇ ਘੋਲ ਦੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਸਾਧਾਰਣ ਰੱਖੋ ਪੌਦੇ ‘ਤੇ ਇੱਕੋ ਜਗ੍ਹਾ ਜ਼ਿਆਦਾ ਘੋਲ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਨਾ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਪਹੁੰਚ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਸਪਰੇਅ ਨਾਲ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਭਰਪੂਰ ਪੋਸ਼ਕ ਤੱਤ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Vishal Sisodiya
Madhya Pradesh
18-06-2019 04:12 PM
Maharashtra
07-19-2019 07:15 PM
विशाल जी आप सोयाबीन की किस्मे जैसे प्रतष्ठ ,जे.एस. 335 ,पी.के. 1024 ,एम.ए.यू.एस. 47 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by T s sandhu
Punjab
18-06-2019 04:06 PM
Maharashtra
06-19-2019 04:49 PM
ਤਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ NPK 19 : 19 : 19 @ 7 ਗ੍ਰਾਮ/ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Khageswar Suna
Odisha
18-06-2019 04:00 PM
Madhya Pradesh
06-18-2019 06:04 PM
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या स.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) 22 june 2019 आयोजित किया जा रहा है एक दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म # खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 सीट आरक्षित करने हेतु whatapp करे 9770085381 #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर SGP जिला होशंगाबाद HBD MP https://youtu.be/g4wqW8anr1g