
Posted by hemant chavchan
Maharashtra
19-06-2019 07:11 PM
कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Deepak Singh
Rajasthan
19-06-2019 07:10 PM
deepak ji iske uper keet ka hamla check karne agar maujood hai to aap iske uper prophenofos@500ml , Ethion@800ml ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhnaywad

Posted by lucky
Himachal Pradesh
19-06-2019 07:09 PM
Paneeri mein urea@3kg prati kanal ke hisaab se daalein...yeh growth krna shuru kr degi...pani subah jaldi aur sham ko garmi kam hone par de.

Posted by tanver
Haryana
19-06-2019 06:57 PM
Kirpa kr ke ihh dso ki uss de vich ki problem aa rhi hai tan jo tuhanu agge iss di jankari ditti ja ske.

Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
19-06-2019 06:53 PM
iske liye app chuna 25 kg per acre ke hisab se dalen, isse farak padd jayega.

Posted by jagdish
Punjab
19-06-2019 06:53 PM
Sir please check the insect attack on it if there then do a spray of prophenofos@500ml or Ethion@800ml per acre. thank you

Posted by sidharath
Himachal Pradesh
19-06-2019 06:48 PM
Sidharath ji isse koi farak nhi paddta hai, baki app usko Concimax bolus rojana 1 goli deni suru kren aur 14 din tak dete rehen, yeh intas company ka product hai, isse pashu ke gabhin rehne ki ass vdhh jatti hai.
Posted by संतोष कुमार सन ऑफ ओम प्रकाश
Rajasthan
19-06-2019 06:43 PM
santosh ji aap iske paudhe ke jadon men khaad na daale is se paudhe men jyada ya kam khaaden bhi daali ja sakti hai is se paudhe khrab ho sakte hai.dhanywad

Posted by Tota Singh
Punjab
19-06-2019 06:40 PM
tuci usda bhukar check krwao ate usdi nazdiki doctor ton janch krwao kyuki usdi janch krke sahi ilagg kita ja skda hai.

Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-06-2019 06:35 PM
balwinder ji isde layi tuc isde uper NPK 191919@1 killo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad
Posted by sarvendra singh
Uttar Pradesh
19-06-2019 06:32 PM
सर्वेंद्र जी आप जुलाई महीने में खीरा-ककड़ी-लोबिया, करेला, लौकी, तुरई, पेठा, भिण्डी, टमाटर, चौलाई, मूली की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by ਬਲਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-06-2019 06:25 PM
ਬਲਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦਾ ਐਲਾਯੀ ਤੁਸੀ ਮ-45 @4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Naveen Kumar
Uttar Pradesh
19-06-2019 06:09 PM
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 .... (Read More)
सिंचित और कम बारानी वाले क्षेत्रों के लिए लगभग 41-50 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 90-110 किलो), 30 किलो फासफोरस (एस एस पी 190 किलो) और 27 किलो पोटाश (म्यूरेट ऑफ पोटाश 45 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा रोपाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर, नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा शाखाएं निकलने के समय और 1/4 हिस्सा बालियां निकलने के समय डालें
जल जमाव वाले क्षेत्रों में नाइट्रोजन 30-41 किलो (यूरिया 65-90 किलो) प्रति एकड़ में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें
कम बारानी क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23-32 किलो (यूरिया 52-70 किलो) और फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो) प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा रोपाई से पहले और बाकी बची नाइट्रोजन बालियां निकलने के समय डालें
ऊंचे क्षेत्रों के लिए नाइट्रोजन 23 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो) और पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के तीन सप्ताह बाद डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटे पहले भाग को बिजाई के 6 सप्ताह बाद और दूसरे भाग को बालियां निकलने के समय डालें

Posted by Dholu Rajesh
Gujarat
19-06-2019 05:58 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दर.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छी उपज और अच्छी वृद्धि के लिए गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी की आवश्यकता होती है यह दोमट और हल्की क्षारीय मिट्टी को भी सहनेयोग्य है इसे हल्की मिट्टी में भी उगाया जा सकता है अनार की खेती के लिए मध्यम और काली मिट्टी भी उपयुक्त रहती है अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें अगेती मौसम की फसल के लिए 45x30 सैं.मी. जबकि देरी से पकने वाली फसल के लिए 60 x 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें पौध लगाने के समय जरूरत के अनुसार पानी और खाद डालें 25-30 दिनों में पौध खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है पौध रोपण के लिए तीन से चार सप्ताह के पुराने पौधे लगाएं अगेती मौसम की किस्मों के लिए 500 ग्राम बीज और पिछेती मौसम की किस्मों के लिए 250 ग्राम बीज प्रति एकड़ के लिए आवश्यक है बिजाई से पहले, बीज को गर्म पानी में (50°सै. पर 30 मिनट) या 0.01 ग्राम सटरैपटोसाइकलिन प्रति लीटर दो घंटों के लिए रखें इसके बाद बीज को छांव में सुखाएं और क्यारियों में बीज दें रबी के मौसम में फल गलन का रोग ज्यादातर होता है इसके उपचार के लिए मरकरी क्लोराईड से बीज का उपचार करें बीज को 1 ग्राम मरकरी क्लोराईड प्रति लीटर से 30 मिनट के लिए उपचार करें और सुखा लें रेतली ज़मीनों में फसल ज्यादातर तने पर से गल जाती है इससे बचाने के लिए 3 ग्राम कारबनडैज़िम 50% डब्लयू पी प्रति किलो से बीज का उपचार करें खेत में गली हुई रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ में डालें और साथ ही नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट), पोटाश 25 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) गाय का गोबर, एस एस पी और म्यूरेट ऑफ पोटाश की पूरी मात्रा और युरिया की एक तिहाई मात्रा खेत की तैयारी के समय डालें बाकी बची यूरिया को दो समान भागों में बांटकर रोपाई के बाद 30वें और 45वें दिन डालें फूल के अच्छी तरह बनने और अच्छी वृद्धि के लिए, पानी में घुलनशील खाद NPK(19:19:19) 10 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर पौधे के शुरूआती विकास के दौरान स्प्रे करें रोपाई के 40 दिन बाद 12:61:00 4-5 ग्राम + सूक्ष्म तत्व 2.5 से 3 ग्राम + बोरोन 1 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें फूल की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पानी में घुलनशील खाद NPK 13:00:45 20 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर फूल के विकसित होने के समय डालें मिट्टी की जांच करें और यदि मैगनीशियम की कमी दिखे तो इसे पूरा करने के लिए मैगनीशियम सल्फेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद और कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए कैल्शियम नाइट्रेट 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर रोपाई के 30-35 दिन बाद डालें कई बार खोखले और बेरंगे तने दिखाई देते हैं, जिससे फूल भी भूरे रंग का हो जाता है और पत्ते भी मुड़ जाते हैं यह सब बोरोन की कमी के कारण होता है इसके लिए बोरेक्स 250-400 ग्राम को प्रति एकड़ में डालें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है उपयुक्त आकार के बैड तैयार करें प्रत्येक बैड में डी ए पी 40 ग्राम, यूरिया 25 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 ग्राम डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें उसके बाद बीज को नर्सरी में बोयें और सिंचाई करें, आवश्यकता के अनुसार खाद डालें बिजाई के बाद नए पौधे 25-30 दिनों के बाद रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं रोपाई के लिए तीन से चार सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें शाम के समय रोपाई करें
Posted by ਮਨਜੋਤ ਸਿੱਧੂ
Punjab
19-06-2019 05:50 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I
Posted by AMAN PANDEY
Uttar Pradesh
19-06-2019 05:33 PM
अमन जी यह जैविक खाद है आप इसका इस्तेमाल कर सकते है इसमें सरे तत्व थोड़ी थोड़ी मात्रा में मौजूद होते है धन्यवाद

Posted by Mdeep Kaur
Haryana
19-06-2019 05:30 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by Shishpal
Haryana
19-06-2019 05:28 PM
Shishpal ji kechua lene ke lia aap Nageshwar 7876004800 Nageshwar Vermicompost Production Ltd se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by amritpal singh
Punjab
19-06-2019 05:17 PM
ਜੇਕਰ ਝੋਨਾ ਉਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਝੋਨਾ ਉਪਰ ਤੋਂ ਪੀਲਾ ਪੈ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ferrous sulphate 1% @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਦੀ chelated ferrous sulphate ਸਪਰੇਅ ਕਰਨੀ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਅਜੇ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆਂ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਤਾਂ 3 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਕਨਾਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਕਈ ਵਾਰ ਪਨੀਰੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਵੀ ਪੀਲੀ ਹੋਣੀ ਸੂਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Sukh Kotbhai
Punjab
19-06-2019 04:48 PM
ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ, ਉਸ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 110-130gm ਦਾਣਾ ਦਿਓ, ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ.
Posted by Gurpartap dhillon
Punjab
19-06-2019 04:25 PM
Gurpratap g DAP di varto kadoo krn ton pehla na kro ate na hi khal di varto pehla kro...pehli gal tan ihh hai ki DAP jhona lgaun walya de pair (foot) khraab kr dewegi...duji gal ihh hai ki jhone nu iss di lod odo hundi hai jdo ikk vaar paneeri khet de vich lagg jawe ate jamna shuru kr dewe..iss nu 18-20 din baad pao...
Posted by saudagar singh bhathal
Punjab
19-06-2019 04:14 PM
saudagar ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ke tuc Pr127 bare ki jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by satwinder singh
Punjab
19-06-2019 04:07 PM
ਅਗਲੀ 4 ਹਫਤਿਆ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ 13-08-2019 ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਉਮੀਦਵਾਰ ਦਾ ਘੱਟੋ ਘੱਟ 8 ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਿਲ ਹੋਣ ਲਈ ਇਟਰਵਿਓ 26-07-2019 ਨੂੰ ਹੈ ਜੀ

Posted by Yusuf Patel
Madhya Pradesh
19-06-2019 03:57 PM
Yusuf ji kam app koi v krte v hai usme fyada tabhi hota hai yaddi appko uss kam ke varre mai jankari hai, yeh dono kam he ache hai, inke liye app Training lekar inko suru kren, apko jo kam acha lgta hai app wohi kam suru kren, bakri palan ke kam mai khrach kam hota hai, isse kam khrach se suru kiya jaa skta hai, baki apko jo kam acha lgta hai app pehle uski puuri Training leen fir app nazdiki kisi farm per jakar iss kam ko smjhen , tabb app uss kam ko suru kren, kyuki jddi apko kam ki puri jankari hogi too app isme acha munafa kmma skte hai.

Posted by Hunter Chandan
Bihar
19-06-2019 03:55 PM
Hunter Chandan ji Net house, Poly house lagvane ke lia ja fir is ke bare me puri jankari ke lia aap Arun Kumar Jha 9430919595 (Farmers Super Agro & Agritech Ltd.) nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Rajveer Singh
Punjab
19-06-2019 03:54 PM
Rajveer g iss ke saath urea mila ke spray na krein...iss ki spray 500gm prati acre ke hisaab se alag se krein.

Posted by baljinder singh
Punjab
19-06-2019 03:51 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Zenvet bolus deo, isde nal tuci uss nu 3D red liquid 50-50ml swere sham ate Enerboost powder 50-50gm swere sham deo, iss nal vdia growth howegi, baki tuci usdi her 3 mahine de farak nal deworming jrur kro ji .
Posted by जितेंद्र बिंजवा
Madhya Pradesh
19-06-2019 03:39 PM
खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें
Posted by sukhveer Singh
Punjab
19-06-2019 03:24 PM
ਸੁਖਵੀਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦਾ result ਵਧੀਆ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Satnam singh gill
Punjab
19-06-2019 03:21 PM
satnam ji tuc isde vich saaf@500 gram nu prati acre de hisab nal chitta deo.dhanwad
Posted by maniram kurmi
Madhya Pradesh
19-06-2019 03:18 PM
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की.... (Read More)
अदरक भारत की एक अहम मसाले वाली फसल है यह फसल अच्छे जल निकास वाली चिकनी, रेतली और लाल हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है खेत में पानी ना खड़ा होने दें क्योंकि खड़े पानी में यह ज्यादा देर बच नहीं पाएगी फसल की वृद्धि के लिए 6-6.5 पी एच वाली मिट्टी अच्छी मानी जाती है उस खेत में अदरक की फसल ना उगाएं जहां पिछली बार अदरक की फसल उगाई गई हो हर साल एक ही ज़मीन पर अदरक की फसल ना लगाएं प्रसिद्ध किस्में :-Himgiri, IISR Varanda, IISR Mahima,Suprabha, Suruchi, IISR Rejatha खेत को दो तीन बार जोतें और सुहागे से समतल करें अदरक की बिजाई के लिए आवश्यक लंबाई के 15 सैं.मी. ऊंचे और 1 मीटर चौड़े बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 50 सैं.मी. का फासला रखें नदीनों कीटों और बीमारियों की जांच के लिए बैड की मिट्टी को धूप लगवायें इसके लिए बैड को पॉलीथीन शीट से 20-30 दिनों के लिए ढकें रोपाई के समय नीम केक 25 ग्राम को प्रति गड्ढे में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए राइज़ोम की बिजाई मई के पहले सप्ताह में पूरी कर लें राइज़ोम को कतारों में बोयें और कतार में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 30 सैं.मी. फासला रखें राइज़ोम की रोपाई के बाद खेत में 50 क्विंटल हरे पत्तों की मलचिंग प्रति एकड़ में करें दूसरी मलचिंग 20 क्विंटल हरे पत्तों के साथ 40 दिनों के बाद करें बीज की गहराई 3-4 सैं.मी. के करीब होनी चाहिए अदरक की बिजाई सीधे ढंग से और पनीरी लगाकर की जा सकती है बिजाई के लिए ताजे और बीमारी रहित गांठों का प्रयोग करें बिजाई के लिए 5-6.5 क्विंटल प्रति एकड़ बीज का प्रयोग करें बिजाई से पहले गांठों को मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी से उपचार करें गांठों को 30 मिनट के लिए घोल में भिगो दें इससे गांठों को फफूंदी से बचाया जा सकता है उपचार के बाद गांठों को 3-4 घंटें के लिए छांव में सुखाएं खेत की तैयारी के समय 60 क्विंटल रूड़ी की खाद प्रति एकड़ मिट्टी में डालें नाइट्रोजन 24 किलो (52 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें रूड़ी की खाद या गाय का गोबर 60 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की दूसरी मात्रा 20 किलो (45 किलो यूरिया) बिजाई के 45 दिनों के बाद, जबकि बिजाई के 120 दिनों के बाद नाइट्रोजन की तीसरी मात्रा 16 किलो (यूरिया 35 किलो) डालें रोपाई के बाद पहली सिंचाई करें इसे बारानी फसल के तौर पर उगाया जाता है इसलिए बारिश की तीव्रता और नियमितता के आधार पर सिंचाई करें बारिश की अनुपस्थिति में, बाकी की सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें अदरक की पूरी फसल को कुल 16-18 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है बिजाई के 3 दिन बाद एट्राज़िन 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की नमी वाली मिट्टी पर स्प्रे करें उन नदीनों को खत्म करने के लिए जो पहली नदीन नाशक स्प्रे के बाद पैदा होते हैं, बिजाई के 12-15 दिनों के बाद गलाइफोसेट 4-5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें नदीन नाशक की स्प्रे करने के बाद खेत को हरी खाद से या धान की पराली से ढक दें जड़ों के विकास के लिए जड़ों में मिट्टी लगाएं बिजाई के 50-60 दिनों के बाद पहली बार जड़ों में मिट्टी लगाएं और उसके 40 दिन बाद दोबारा मिट्टी लगाएं

Posted by gurbhej singh
Punjab
19-06-2019 03:16 PM
ਨਰਮੇ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਮੀਂਹ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਚਾਰ ਤੋਂ ਛੇ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬੀਜਾਈ ਤੋਂ ਚਾਰ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਕਰੋ ਛੋਟੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਨਾ ਹੋਣ ਦਿਓ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਟੀਂਡੇ ਝੜਨ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ, ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਅਤੇ ਫਲ ਲੱਗਣ ਸਮੇਂ ਫਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਰਹਿਣ ਦੇਣੀ ਚ.... (Read More)
ਨਰਮੇ ਦੀ ਫਸਲ ਨੂੰ ਮੀਂਹ ਦੀ ਤੀਬਰਤਾ ਅਨੁਸਾਰ ਚਾਰ ਤੋਂ ਛੇ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਲੋੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬੀਜਾਈ ਤੋਂ ਚਾਰ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਕਰੋ ਛੋਟੇ ਪੌਦਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜ੍ਹਾ ਨਾ ਹੋਣ ਦਿਓ ਫੁੱਲ ਅਤੇ ਟੀਂਡੇ ਝੜਨ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ, ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਅਤੇ ਫਲ ਲੱਗਣ ਸਮੇਂ ਫਸਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਕਮੀ ਨਹੀਂ ਰਹਿਣ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਜਦੋਂ ਟੀਂਡੇ 33% ਖਿੜ ਜਾਣ ਉਸ ਵੇਲੇ ਆਖਰੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਫਸਲ ਨੂੰ ਸਿੰਚਾਈ ਰਾਹੀਂ ਹੋਰ ਪਾਣੀ ਨਾ ਦਿਓ
ਜਦੋਂ ਵੀ ਫਸਲ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਖਾਰੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਉਪਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ, ਤਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਣੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਪ੍ਰਮਾਣਿਤ ਲੈਬੋਰੇਟਰੀ ਤੋਂ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸਲਾਹ ਅਨੁਸਾਰ ਹੀ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਜਿਪਸਮ ਜਾਂ ਪਾਇਰਾਈਟ ਦਾ ਉਪਯੋਗ ਕਰੋ ਸੋਕੇ ਵਾਲੀਆਂ ਸਥਿਤੀਆਂ ਵਿੱਚ ਖਾਲੀਆਂ ਬਣਾ ਕੇ ਅਤੇ ਇੱਕ ਕਿਆਰੀ ਛੱਡ ਕੇ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਸੂਖਮ-ਸਿੰਚਾਈ ਸਿਸਟਮ ਅਪਣਾਓ (ਜਿੱਥੇ ਵੀ ਸੰਭਵ ਹੋਵੇ), ਇਸ ਨਾਲ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲਾ ਪਾਣੀ ਬਚਾਉਣ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਖਾਦਾਂ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਦੇ ਸਾਧਨਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਉਪਯੋਗ ਅਤੇ ਸਾਫ-ਸੁਥਰੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਕੀੜਿਆਂ ਨੂੰ ਪੈਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਹੀ ਰੋਕਿਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕੀੜਿਆਂ ਦੇ ਕੁਦਰਤੀ ਦੁਸ਼ਮਣਾਂ ਦੀ ਵੀ ਰੱਖਿਆ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੌਦੇ ਦੇ ਉਚਿੱਤ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਟੀਂਡਿਆਂ ਵਾਲੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਫੁੱਲਤਾ ਲਈ, ਮੁੱਖ ਟਾਹਣੀ ਦੇ ਵੱਧ ਰਹੇ ਹਿੱਸੇ ਨੂੰ ਲਗਭਗ 5 ਫੁੱਟ ਦੀ ਉੱਚਾਈ ਤੋਂ ਕੱਟ ਦਿਓ ਅਖੀਰਲੀ ਵਾਰ ਹਲ ਵਾਹੁਣ ਵੇਲੇ ਬਰਾਨੀ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ 5-10 ਟਨ ਰੂੜੀ ਅਤੇ ਸਿੰਚਿਤ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ 10-20 ਟਨ ਰੂੜੀ (ਦੇਸੀ ਖਾਦ) ਦਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਇਹ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਨਮੀ ਨੂੰ ਬਣਾਈ ਰੱਖਣ ਵਿਚ ਸਹਾਇਕ ਸਿੱਧ ਹੋਵੇਗਾ ਨਰਮੇ ਦੀਆਂ ਵੱਖਰੀਆਂ-ਵੱਖਰੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਮਾਤਰਾ, 65 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 27 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਜਾਂ 75 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ, 130 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ 27 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਜਾਂ 75 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਓ ਜੇਕਰ 27 ਕਿਲੋ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. ਦੀ ਥਾਂ ਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਦਾ ਉਪਯੋਗ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 10 ਕਿਲੋ ਘਟਾ ਦਿਓ
ਅਖੀਰੀਲੀ ਵਾਰ ਹਲ ਵਾਹੁਣ ਵੇਲੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਪੌਦੇ ਦੇ ਬੇਲੋੜੇ ਹਿੱਸੇ ਕੱਟਣ ਸਮੇਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਹਿਲੇ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਘੱਟ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ ਲਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਅੱਧੀ ਮਾਤਰਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਕਮੀ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਨ ਲਈ 50 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਵਿਚ 8 ਕਿਲੋ ਸਲਫਰ ਪਾਊਡਰ ਨਾਲ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੜੀ ਫਸਲ ਦੀਆਂ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ

Posted by Arsh Baryar
Punjab
19-06-2019 02:48 PM
ਝੋਨੇ ਦੇ ਵਧੀਆ ਫੁਟਾਰੇ ਦੇ ਲਈ ਹੁਣ ਤੁਸੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ biovita @8 ਕਿਲੋ ਜਾ ਫਿਰ tata ਦੀ ralli gold @4 ਕਿਲੋ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿਚ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਦਵੋ ਉਸ ਨਾਲ ਤੁਹਾਡਾ ਝੋਨਾ ਵਧੀਆ ਫੋਟ ਮਾਰ ਲਵੇ ਗਾ ਜੀ I

Posted by prashant shukla
Uttar Pradesh
19-06-2019 02:41 PM
आप फीड घर में भी तैयार कर दे सकते हैं संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 कि.... (Read More)
आप फीड घर में भी तैयार कर दे सकते हैं संतुलित खुराक 100 किलो बनाने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए जैसे 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किला, 1 किलो हल्दी (सर्दियां में) इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है

Posted by Narendra
Haryana
19-06-2019 02:31 PM
इस फसल की खेती के लिए अलग अलग किस्मों के लिए अलग अलग समय प्रयोग होता है कुफरी अशोका की बिजाई के बाद कुफरी बहार किस्म को अक्तूबर के पहले सप्ताह में बोया जाता है कुफरी बादशाह और कुफरी सतलुज की बिजाई के लिए 5 अक्तूबर से 15 अक्तूबर तक का समय अनुकूल होता है
Posted by ganesh Kumar
Bihar
19-06-2019 02:18 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
19-06-2019 02:13 PM
ਪੂਸਾ ਪੰਜਾਬ ਬਾਸਮਤੀ 1509 ਨੂੰ 54 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ DAP ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੁਣ DAP ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਏਕੜ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ 21% ਜਾ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦਾ ਇਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ 33%.... (Read More)
ਪੂਸਾ ਪੰਜਾਬ ਬਾਸਮਤੀ 1509 ਨੂੰ 54 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਕਿਸ਼ਤਾਂ ਵਿਚ ਪਨੀਰੀ ਪੁੱਟ ਕੇ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 3 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਅਤੇ 6 ਹਫ਼ਤੇ ਪਿੱਛੋਂ ਪਾਉ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ DAP ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੁਣ DAP ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਏਕੜ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ 21% ਜਾ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦਾ ਇਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 15-17 ਕਿੱਲੋ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਹ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ 2-3 ਸਾਲ ਤਕ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦੀ
Posted by sumit singh
Uttar Pradesh
19-06-2019 02:07 PM
सुमित जी आप बीटल नसल का बकरा और बकरियां रख सकते है यह नसल दूध और मीट दोंनो काम के लिए अच्छी रहती हैं

Posted by MITHLESH KUMAR
Uttar Pradesh
19-06-2019 02:06 PM
मिथलेश कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और.... (Read More)
मिथलेश कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Raja Sidhu
Punjab
19-06-2019 02:01 PM
ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ 200gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜੀ ਇਹ ਮੋਥਰੇ ਨੂੰ ਮਾਰਦੀ ਨਹੀ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਹੀ ਰੋਕਦੀ ਹੈ ਜੀ

Posted by shahid khan
Madhya Pradesh
19-06-2019 02:00 PM
शाहिद खान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुल.... (Read More)
शाहिद खान जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Nirmal singh
Punjab
19-06-2019 01:51 PM
nirmal ji kirpa karke daso ke tuc kehdi kheti layi khaadan bare jankari laina chhaunde ho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Nirmal singh
Punjab
19-06-2019 01:49 PM
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਯੂਰੀਆ @110 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਝੋਨਾ ਮੁੱਖ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ ਅਤੇ ਡੀਏਪੀ ਪਾਉਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸਦੇ ਵਿੱਚ 27kg ਡੀਏਪੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਕਣਕ ਵਿੱਚ ਡੀਏਪੀ ਨਹੀਂ ਪਾਈ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਇਸ ਦੇ ਵਿੱਚ 20kg ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਉਣੀ ਹੈ, ਜੋ ਯੂਰੀਆ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡ ਕੇ 18-45 ਦਿਨਾ ਤੱਕ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਸਾਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਾ ਦਿਓ ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਜ਼ਿੰਕ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਪਹਿਲੀ ਯੂਰੀਆ ਨਾਲ ਜ਼ਿੰਕ ਮਿਲਾ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਦਿਓ ਇਹ ਜ਼ਿੰਕ 21% ਵਾਲੀ ਜਾਂ 33% ਵਾਲੀ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 16-17 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
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