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Posted by pawan chaudhary
Uttar Pradesh
20-06-2019 05:52 AM
Maharashtra
06-21-2019 05:31 PM
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली हो.... (Read More)
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by madan kushwah
Madhya Pradesh
20-06-2019 05:52 AM
Punjab
06-25-2019 12:42 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by sukhveer Singh
Punjab
20-06-2019 05:27 AM
Maharashtra
06-21-2019 02:57 PM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਦ ਖਾਦਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਸ ਵਿਚ 36 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ , 27 ਕਿੱਲੋ ਡਾਪ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ DAP ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੁਣ DAP ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਏਕੜ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ 21% ਜਾ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦਾ ਇਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ 33%.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 18 ਦਿਨ ਬਾਦ ਖਾਦਾਂ ਪਾਉਣੀਆਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਿਸ ਵਿਚ 36 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ , 27 ਕਿੱਲੋ ਡਾਪ ਅਤੇ 20 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪਿਛਲੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ DAP ਪਾਈ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਹੁਣ DAP ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਏਕੜ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਉਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਤੁਸੀ 21% ਜਾ 33% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾ ਸਕਦਾ ਇਹੋ 21% ਵਾਲੀ ਜ਼ਿੰਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 25 ਕਿੱਲੋ ਅਤੇ 33% ਵਾਲੀ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 15-17 ਕਿੱਲੋ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਇਹ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੁਬਾਰਾ ਖੇਤ ਵਿਚ 2-3 ਸਾਲ ਤਕ ਯੂਰੀਆ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦੀ
Posted by baljinder singh
Punjab
20-06-2019 05:08 AM
Punjab
06-21-2019 02:56 PM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੇ ਲੇਬਲ ਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਜਾ ਇਸਦੇ ਸਾਲ੍ਟ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਅਤ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by प्रमोद कुमार
Chattisgarh
20-06-2019 02:35 AM
Rajasthan
06-20-2019 08:58 AM
प्रमोद कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और .... (Read More)
प्रमोद कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by प्रमोद कुमार
Chattisgarh
20-06-2019 02:33 AM
Rajasthan
06-20-2019 08:58 AM
प्रमोद कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और .... (Read More)
प्रमोद कुमार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by sultan singh
Punjab
20-06-2019 01:54 AM
Punjab
06-25-2019 10:57 AM
Sultan singh ji vadia nasal da katta len lai tusi Chopra DAIRY FARM 9592454093, 7009645902 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Mohd khalid
Uttar Pradesh
20-06-2019 01:23 AM
Punjab
06-20-2019 04:25 PM
आप उन्हें खुद फीड तैयार करके दे सकते है फीड बनाने के लिए सामग्री 1 किलो मिनरल मिक्सचर, 2 किलो नमक, मीटा सोडा 1 किलो, मक्की 30 किलो, गेहूं 25 किलो, सोया doc 10 किलो, सरसों की खल 10 किलो, चावल की doc 21 किलो इन सब चीज़ों को मिक्स करके फीड तैयार कर लें यह फीड आप भार के हिसाब से दे सकते हैंं या फिर जितना वो आसानी से हज़म कर जाए उस हिसा.... (Read More)
आप उन्हें खुद फीड तैयार करके दे सकते है फीड बनाने के लिए सामग्री 1 किलो मिनरल मिक्सचर, 2 किलो नमक, मीटा सोडा 1 किलो, मक्की 30 किलो, गेहूं 25 किलो, सोया doc 10 किलो, सरसों की खल 10 किलो, चावल की doc 21 किलो इन सब चीज़ों को मिक्स करके फीड तैयार कर लें यह फीड आप भार के हिसाब से दे सकते हैंं या फिर जितना वो आसानी से हज़म कर जाए उस हिसाब से दे सकते है और धीरे धीरे इसकी मात्रा बढ़ा सकते है
Posted by chenaram maghwal
Rajasthan
20-06-2019 01:01 AM
Punjab
06-20-2019 04:28 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा
Posted by chenaram maghwal
Rajasthan
20-06-2019 12:25 AM
Punjab
06-21-2019 02:47 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप श्री जय 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by chenaram maghwal
Rajasthan
20-06-2019 12:05 AM
Punjab
06-20-2019 12:16 AM
Paude ki growth ke liye jadon mein 5ltr pani ke saath 100gm urea mila ke daalein...2-3 hafte tak aise pani dete rhe...growth shuru ho jayegi.
Posted by Gurpartap singh
Punjab
19-06-2019 10:59 PM
Punjab
06-25-2019 12:46 PM
Gurpartap ji kirpa karke isdi kisam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by GANGA ZEE
Bihar
19-06-2019 10:58 PM
Punjab
06-25-2019 12:49 PM
गण्हा जी आप धान की किस्मे Gautam; Pusa-33; Pusa-2-21 , C.R. 44-35 Prabhat ; Turanta की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Gurpartap singh
Punjab
19-06-2019 10:57 PM
Punjab
06-25-2019 12:08 PM
Gurpartap singh Is bare visthar vich Jankari lai tusi Balwinder Singh Lakhewali 98142-39041 nal samparak kar sakde ho. Thankyou.
Posted by Gurpartap singh
Punjab
19-06-2019 10:56 PM
Punjab
06-25-2019 12:51 PM
ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਅਗਸਤ -ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਈ ਵਾਰ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਦੋ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਦੇ ਚੁਣੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਹਰ ਪੜਾਅ ਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋਂ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਨਵੇਂ ਪੌਦਿਆਂ ਨ.... (Read More)
ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਾਨਸੂਨ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਅਗਸਤ -ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਕਈ ਵਾਰ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਦੋ ਸਾਲ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਦੇ ਚੁਣੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਹਰ ਪੜਾਅ ਤੇ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋਂ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਲਗਾਉਣਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਗਰਮੀਆਂ ਦੀ ਰੁੱਤ ਵਿੱਚ ਨਵੇਂ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ 1 ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ 2 ਵਾਰ ਅਤੇ ਪੁਰਾਣੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ 1 ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਖਾਦਾਂ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇੱਕ ਸਿੰਚਾਈ ਜਰੂਰ ਕਰੋ ਫਸਲ ਨੂੰ ਕੋਰੇ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅੰਤ ਅਤੇ ਦਸੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਪਾਣੀ ਦਿਉ ਫਲ ਬਣਨ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਿੰਚਾਈ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਪੜਾਅ ਤੇ ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ 2 ਵਾਰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਇਸ ਤਰਾਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਫਲ ਵਿੱਚ ਤਰੇੜਾ ਨਹੀਂ ਆਉਦੀਆਂ ਅਤੇ ਫਲ ਦਾ ਵਿਕਾਸ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਵੇਂ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਗਰਮ ਅਤੇ ਠੰਡੀ ਹਵਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਲੀਚੀ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਆਲੇ- ਦੁਆਲੇ 4-5 ਸਾਲ ਦੇ ਹਵਾ ਰੋਧਕ ਦਰੱਖਤ ਲਗਾਉ ਜੰਤਰ ਦੀ ਫਸਲ ਲਗਾਉਣ ਨਾਲ ਫਰਵਰੀ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਇਸ ਤੋਂ ਬੀਜ ਵੀ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਲੀਚੀ ਦੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ ਹਵਾਵਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਆਲੇ ਦੁਆਲੇ ਅੰਬ ਅਤੇ ਜਾਮੁਣ ਵਰਗੇ ਲੰਬੇ ਦਰੱਖਤ ਲਗਾਉ
Posted by Gurpinder Randhawa
Punjab
19-06-2019 10:52 PM
Punjab
06-20-2019 12:16 AM
soondi di roktham de lyi Fame@20ml ja coragen@150ml ja quinalphos@800ml nu 150ltr pani de nal mila ke prati acre te spray kro.
Posted by Sunil Kaushal
Punjab
19-06-2019 10:26 PM

?

Punjab
06-20-2019 04:29 PM
Sunil ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuahde walo beji gyi audio upload nhi hoi hai kirpa krke dubara upload kro tan jo tuhanu sahi jankari diti jaa skee.
Posted by Sunil Kaushal
Punjab
19-06-2019 10:24 PM
Punjab
07-30-2019 04:14 PM
isnu june mahine de dooje pandervade tak laya ja sakda hai.dhanwad
Posted by Gurdev singh chahal
Punjab
19-06-2019 10:23 PM
Punjab
06-20-2019 12:19 AM
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ●● ਨਦੀਨ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ (ਲੁਆਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ) - ਬੂਟਾਕਲੋਰ 1200 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ( ਰਿਫਿਟ) 600 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 18 ਈ ਸੀ 800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 30 ਈ ਸੀ 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 50 ਈ ਸੀ 300 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਸਟੌਂਪ 30 ਈ ਸੀ 1000 ਤੋਂ 1200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ( ਹਲਕੀ ਜਾਂ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼) .... (Read More)
ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ●● ਨਦੀਨ ਉੱਗਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ (ਲੁਆਈ ਤੋਂ 2-3 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ) - ਬੂਟਾਕਲੋਰ 1200 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 50 ਈ ਸੀ ( ਰਿਫਿਟ) 600 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 18 ਈ ਸੀ 800 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 30 ਈ ਸੀ 500 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਅਨੀਲੋਫਾਸ 50 ਈ ਸੀ 300 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਜਾਂ ਸਟੌਂਪ 30 ਈ ਸੀ 1000 ਤੋਂ 1200 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ( ਹਲਕੀ ਜਾਂ ਭਾਰੀ ਜਮੀਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼) ਜਾਂ ਪਰੈਟੀਲਾਕਲੋਰ 37 ਈ ਡਬਲਯੂ ( ਰਿਫਿਟ ਪਲੱਸ) ਜਾਂ ਸਾਥੀ 10 ਡਬਲਯੂ ਪੀ ( ਪਾਈਰੈਜੋਸਲਫਿਊਰਾਨ ਇਥਾਈਲ) 60 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਟੌਪਸਟਾਰ 80 ਡਬਲਯੂ ਪੀ 45 ਗ੍ਰਾਮ ਵਿੱਚੋਂ ਕਿਸੇ ਇੱਕ ਨਦੀਨਨਾਸ਼ਕ ਨੂੰ 60 ਕਿਲੋ ਰੇਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ਼ ਖੜ੍ਹੇ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਛੱਟਾ ਦੇ ਦਿਉ ●●ਜਿੰਨਾ ਖੇਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ ਖੜਾ ਕਰਨ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 10-12 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 40 ਮਿਲੀਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਗਰੈਨਿਟ 240 ਐਸ ਸੀ ( ਪਿਨਾਕਸੁਲਮ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਵਾਂਕ, ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਅਤੇ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਹੋਵੇਗੀ ●● ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿਚ ਸਵਾਂਕ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਉੱਗ ਪੈਂਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ 100 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਨੌਮਨੀ ਗੋਲਡ/ ਵਾਸ਼ ਆਊਟ/ਮਾਚੋ/ ਤਾਰਕ 10 ਐਸ ਸੀ (ਬਿਸਪਾਇਰੀਬੈਕ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ●●ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੈਪਟੋਕਲੋਆ (ਚੀਨੀ) ਘਾਹ ਜਾਂ ਕਣਕੀ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 400 ਮਿਲੀ ਲਿਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ 6•7 ਈਸੀ ( ਫਿਨੋਕਸਾਪਰੌਪ) ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਝੋਨੇ ਦੀ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ ●●ਜੇਕਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨ ਘਰਿੱਲਾ, ਸਣੀ ਆਦਿ ਅਤੇ ਝੋਨੇ ਦੇ ਮੋਥੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 30 ਗਰਾਮ ਐਲਗਰਿਪ 20 ਡਬਲਯੂ ਜੀ ( ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 16 ਗਰਾਮ ਸੈਗਮੈਂਟ 50 ਡੀ ਐਫ ( ਅਜਿਮਸਲਫੂਰਾਨ) ਜਾਂ 8 ਗਰਾਮ ਐਲਮਿਕਸ 20 ਡਬਲਯੂ ਪੀ (ਮੈਟਸਲਫੂਰਾਨ+ਕਲੋਰੀਮਿਯੂਰਾਨ) ਜਾਂ 50 ਗਰਾਮ ਸਨਰਾਈਜ 15 ਡਬਲਯੂ ਡੀ ਜੀ(ਇਥੋਕਸੀਸਲਫੂਰਾਨ) ਨੂੰ ਲੁਆਈ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਬਾਅਦ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰ ਦਿਉ
Posted by Mohammad Irfan
Uttar Pradesh
19-06-2019 10:15 PM
Punjab
06-20-2019 05:33 PM
tuci uss nu Enrocin @1ml per liter pani vich milla ke 24 hours tak deo, baki uss nu Stressvel@5ml per 100 birds din vich 1 varr deo atee 7 din dinde rho.
Posted by Rs Patel
Madhya Pradesh
19-06-2019 10:06 PM
Punjab
03-05-2020 11:42 AM
Rs Patel ji seed lene ke lia aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by gurkirat Sandhu
Punjab
19-06-2019 10:03 PM
Punjab
07-30-2019 04:15 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਦੁਆਰਾ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਜੀ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਅੱਗੇ ਤੋਂ 24 ਘੰਟਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਤੁਹਾਡੇ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨਹੀ ਮਿਲਦਾ ਤਾ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਪਾਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Rs Patel
Madhya Pradesh
19-06-2019 09:50 PM
Punjab
07-30-2019 04:16 PM
Rs ji aap is ebijai ke same istemal kar sakte hai iski matar 200-300 kg prati acre ke hisab se istemal karen.dhanywad
Posted by Mangat
Punjab
19-06-2019 09:34 PM
Rajasthan
06-20-2019 09:43 PM
jekar tuci 2 sall di tyar vachi lende ho tan oh mehngi milegi, iss nalo vdia hai tuci 35-40 hazar di 22-25 liter dudh wali Hf cow laa skde ho, jisda duudh v vdia howega ate nasal di howegi.
Posted by dev sahu
Chattisgarh
19-06-2019 09:14 PM
Punjab
06-20-2019 04:24 PM
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत क.... (Read More)
सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है
Posted by dev sahu
Chattisgarh
19-06-2019 09:10 PM
Punjab
06-20-2019 04:22 PM
सहजन के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप J.B Lal 8290200303 से सम्पर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by vinti
Punjab
19-06-2019 09:09 PM
Rajasthan
06-20-2019 09:00 AM
Vinti जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीन.... (Read More)
Vinti जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सब से जरुरी है इस की ट्रेनिंग, क्योकि इस में बहुत सी ऐसी बरीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सिखने को मिलती है अगर आप इस की ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by atik khan
Uttar Pradesh
19-06-2019 09:05 PM
Punjab
06-21-2019 05:45 PM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं
Posted by RAVNEET SINGH
Punjab
19-06-2019 09:03 PM
Punjab
06-19-2019 09:37 PM
Posted by Maninder singh
Punjab
19-06-2019 09:03 PM
Punjab
06-19-2019 09:38 PM
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂ.... (Read More)
ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਹੁਤ ਹੀ ਲਾਭਕਾਰੀ ਹੈ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਆਰਗੈਨਿਕ ਤਰੀਕਾ ਹੈ ਜਿਸਦੇ ਨਾਲ ਅਸੀਂ ਝੋਨੇ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਵਿਚ ਵਾਧਾ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੈ ਝੋਨੇ ਦੇ ਬੂਟੇ ਦੀ ਫੋਟ ਕਰਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਇਸਦੇ ਨਤੀਜੇ ਬਹੁਤ ਹੀ ਵਧੀਆ ਹਨ ਇਸ ਵਿਚ ਛੇ ਮੁੱਖ ਤੱਤ ਹਨ ਜਿਸ ਵਿਚ ਮੁੱਖ ਤੋਰ ਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਪੋਟਾਸ਼ ਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਸਲਫਰ ,ਜਿੰਕ ਤੇ ਬਰੋਨ ਵੀ ਪਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨI ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਵਰਤਣ ਦੇ ਲਈ ਦੋ ਤਰੀਕੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਡਰੰਮ ਦੇ ਵਿਚ ਭਿਓਂ ਲੋ ਤੇ 5 -6 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਇਸਨੂੰ ਹਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਤੇ ਇਸ ਘੋਲ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਵਾਰੀ ਵਾਲੇ ਦਿਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਾ ਦਿਓ ਦੂਸਰਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹ ਹੈ ਕੇ ਇਸਨੂੰ ਬਰੀਕ ਕੁੱਟ ਕੇ ਇਸਦਾ ਛਿੱਟਾ ਵਾਹਣ ਵਿਚ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਨੂੰ ਵਰਤਣ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜਦੋਂ ਝੋਨਾ 15 -20 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਕਿਓਂਕਿ ਇਸ ਸਮੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਿਕਾਸ ਹੁੰਦਾ ਹੀ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ ਇਕ ਕਿੱਲੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 16 ਕਿੱਲੋ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਰੇਤੇ ਵਾਲੇ ਜਾਂ ਬਰਾਨੀ ਵਾਹਣ ਵਿੱਚ ਅਸੀਂ 20 ਕਿੱਲੋ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹਾ I
Posted by hero jhamnani
Maharashtra
19-06-2019 09:00 PM
Punjab
07-30-2019 04:18 PM
hero ji aap gamlon men sabjiyan jaise mirch bengan, tmatar ki bijai kar saktehai aur gamlon ka size bda hona chahiye iske ilava aap bel vali faslon ki bijai bhi kar sakte hai.dhanywad
Posted by RAVNEET SINGH
Punjab
19-06-2019 08:57 PM
Punjab
06-20-2019 04:34 PM
uss nu tuci Flukarid-ds bolus pett de kiria lai deo, baki uss nu Anabolite liquid 100ml rojana ate Gog powder rojana 1 pouch dena suru kro, bakii jiwe jiwe majhh suun de nazdik jayegi usda dudh ghtna suru ho jawega, baki tuci uss nu suun ton 2 mahine pehla duudh lenaa bnnd kr deo, jiis nal suun ton badd uss ton vdia duudh leya jaa skee.
Posted by Palwinder Singh
Punjab
19-06-2019 08:56 PM
Punjab
06-19-2019 09:39 PM
Posted by subodh mourya
Uttar Pradesh
19-06-2019 08:38 PM
Punjab
07-30-2019 04:17 PM
बीज 6-7 महीनों की फसल पर लगाएं जो कि कीड़ों और बीमारियों से रहित हो बिमारी और कीड़े वाले गन्ने और आंखों को ना चुनें बीज वाली फसल से बिजाई से एक दिन पहले काटें इससे फसल अच्छा जमाव देती है गुलियों को कार्बेनडाज़िम 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में भिगो दें रसायनों के बाद गुलियों को एज़ोस्पिरिलम के साथ उपचार करें इससे गु.... (Read More)
बीज 6-7 महीनों की फसल पर लगाएं जो कि कीड़ों और बीमारियों से रहित हो बिमारी और कीड़े वाले गन्ने और आंखों को ना चुनें बीज वाली फसल से बिजाई से एक दिन पहले काटें इससे फसल अच्छा जमाव देती है गुलियों को कार्बेनडाज़िम 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में भिगो दें रसायनों के बाद गुलियों को एज़ोस्पिरिलम के साथ उपचार करें इससे गुलियों को एज़ोस्पिरिलम 800 ग्राम प्रति एकड़ पानी में बिजाई से पहले 15 मिनट के लिए रखें
Posted by omprakash
Rajasthan
19-06-2019 08:29 PM
Punjab
06-19-2019 11:21 PM
Om Prakash g aap Goat Farming, Cow Farming, Pig Farming, Poultry mey sey koi b kr skte ho
Posted by laxman Nayak
Rajasthan
19-06-2019 08:26 PM
Punjab
06-20-2019 12:24 AM
प्रसिद्ध किस्में और पैदावार TG 37 A: यह किस्म बसंत ऋतु के लिए अनुकूल है इस किस्म की गांठों में से 65 प्रतिशत गिरियां निकलती हैं और 100 गिरियों को औसतन भार 42.5 ग्राम होता है गिरियों का आकार गोल और छिल्का गुलाबी रंग का होता है इसकी ओसतन पैदावार 12.3 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PG-1: यह एक फैलने वाली किस्म है, जिसकी सिफारिश .... (Read More)
प्रसिद्ध किस्में और पैदावार TG 37 A: यह किस्म बसंत ऋतु के लिए अनुकूल है इस किस्म की गांठों में से 65 प्रतिशत गिरियां निकलती हैं और 100 गिरियों को औसतन भार 42.5 ग्राम होता है गिरियों का आकार गोल और छिल्का गुलाबी रंग का होता है इसकी ओसतन पैदावार 12.3 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PG-1: यह एक फैलने वाली किस्म है, जिसकी सिफारिश पंजाब और बारानी इलाकों में की जाती है यह 130 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है इससे 69% गिरियां निकलती है इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है गिरियों में 49% तेल की मात्रा होती है C-501(Virginia group): यह एक अर्द्ध-फैलने वाली किस्म है, aजिसकी सिफारिश सिंचित स्थितियों में की जाती है, रेतली दोमट और दोमट मिट्टी में, जिसमे फैलने वाली किस्में नहीं उगती है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 125-130 दिनों में पक जाती है इसमें 68% गिरियां और 48% तेल की मात्रा होती है M548: यह किस्म रेतीले क्षेत्रों में उगाई जाती है, जहां पर बारिश का खतरा रहता है या जुलाई, मध्य अगस्त और मध्य सितंबर में 550 मि. मी. की बारिश होती है यह किस्म 123 दिनों में पक जाती है इस किस्म में कच्चे तेल की मात्रा 52.4% होती है M-335: यह एक फैलने वाली किस्म है, जिसकी सिफारिश पंजाब में की जाती है यह किस्म 125 दिनों में पक जाती है इससे 67% दाने निकलते है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दानों में से तेल की 49% मात्रा होती है इस किस्म की बिजाई की सिफारिश पंजाब के सिंचित क्षेत्रों के लिए की जाती है M-522: यह एक फैलने वाली किस्म है, जो पंजाब के सिंचित इलाकों में उगाई जाती है यह लगभग 115 दिनों में पक जाती है इससे 64% दाने निकलते है इसके दानों में से तेल की 50.7% मात्रा होती है इसकी फलियां आकार में सामान्य मोटी और ज्यादातर गिरियों वाली होती है इसकी औसतन पैदावार 9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है M-37: इसका औसतन कद 25 सैं.मी. होता है यह एक फैलने वाली किस्म है, जिसकी बहुत सारी शाखाएं फूटती है इसके पत्तों का आकार बढ़ा होता है, जो बहुत घने और छांव वाले होते हैं इसकी फलियों में ज्यादातर 1-2 दाने होते है और मुश्किल से 3 दाने पाए जाते है इसके दाने औसतन आकार के होते है, जोकि हल्के भूरे रंग के छिलको वाले होते है इसमें से 64% दाने निकलते है SG 99: यह किस्म दोमट-रेतली मिट्टी वाले क्षेत्रों में गर्मियों के महीने में उगाई जाती है यह किस्म 124 दिनों में पक जाती है इसके पौधे का कद 66-68 सैं.मी. होता है इसके पके हुए पौधे की 22-24 फलियां होती हैं और 100 गिरियों का भार 54 ग्राम होता है इसमें 66% दाने निकलते है, जिनमें 52.3% तेल की मात्रा होती है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म शाखाओं पर गोल और तीखे धब्बे के रोग को सेहनशील करती है SG-84: यह एक गुच्छेदार किस्म है, जोकि पंजाब में उगाने के लिए अनुकूल मानी जाती है यह किस्म 120-130 दिनों में पक जाती है इसकी गिरियां भूरे रंग की होती है, जिनमें 50% तेल होता है इसमें 64% दाने निकलते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Moongphali No.13: यह एक गुच्छेदार किस्म है, जिसकी भरपूर शाखाएं होती हैं, जो तेज़ी के साथ विकसित होती हैं यह किस्म की सिफारिश रेतली ज़मीनो के लिए की जाती है यह लगभग 125-135 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 कुविन्टल प्रति एकड़ होती है इसमें से 64% दाने निकलते है इसके दाने मोटे होते है, जिनमें 49% तेल की मात्रा होती है M-145: यह एक सामान्य किस्म है यह किस्म बारानी और सिंचित क्षेत्रों के लिए उचित मानी जाती है इसके पत्तों का रंग हल्का हरा होता है इसकी फलियों में 1-4 दाने होता है, जिनकी गुठली का रंग जामुनी होता है इसमें 77% दाने निकलते है इसकी 100 गिरियों का भार 51 ग्राम होता है इस किस्म में 29.4% प्रोटीन होता है यह किस्म 125 दिनों में पक जाती है M-197: यह सामन्य फैलने वाली किस्म है, जिसकी सिफारिश पंजाब के क्षेत्रों के लिए की जाती है यह किस्म 118-120 दिनों में पक जाती है इसमें से 77% दाने निकलते है इसकी औसतन पैदावार 7-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके दानों में 51% तेल होता है ICGS1: यह स्पेन की उचित पैदावार देने वाली गुच्छेदार किस्म है यह किस्म 112 दिनों में पक जाती है यह किस्म शाखाओं पर गोल और तीखे धब्बे के रोग की रोधक है इसमें से 70% दाने निकलते है जिनमें 51% तेल की मात्रा होती है
Posted by Ashutosh Pawar
Maharashtra
19-06-2019 08:24 PM
Rajasthan
06-21-2019 05:50 PM
आशुतोष पवार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और ज.... (Read More)
आशुतोष पवार जी मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258 धन्यवाद
Posted by sanjeev
Uttar Pradesh
19-06-2019 08:14 PM
Punjab
06-27-2019 05:52 PM
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली हो.... (Read More)
यदि पनीरी ऊपर से पीली पड़ रही है तो इसमें लोहे की कमी है, इसकी रोकथाम के लिए ferrous sulphate 1% @1 किलो को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, यदि chelated ferrous sulphate स्प्रे करनी है तो इसकी मात्रा 200 ग्राम प्रति एकड़ होती है, यदि अभी तक यूरिया नहीं डाली तो 3 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें , कई बार नाइट्रोजन की कमी के कारण भी पनीरी पीली होनी शुरू हो जाती है
Posted by Manpreet Singh
Punjab
19-06-2019 08:04 PM
Punjab
06-20-2019 04:41 PM
ਤੁਸੀ Taktic ਦਵਾਈ 2ml ਨੂੰ 1 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪਸ਼ੂ ਉਪਰ ਅਤੇ ਆਸ ਪਾਸ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ ,ਓਹਨਾ ਦੇ ਚਾਰੇ ਅਤੇ ਦਾਣੇ ਵਾਲਾ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਨਾ ਕਰੋ ਜੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ..
Posted by Amanpreet Singh
Punjab
19-06-2019 07:51 PM
Punjab
06-20-2019 12:26 AM
Amarjeet singh g aje iss de baare kuj v nahi keha ja skda hai ..aje sarkar walon koi v iho ja nirdesh jaari nahi kita gya hai jis de vich iss nu vechan de smasya aun baare dsya gya howe.
Posted by Rama bando
Jharkhand
19-06-2019 07:45 PM
Punjab
06-25-2019 06:30 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है
Posted by Indraraj singh
Uttar Pradesh
19-06-2019 07:41 PM
Punjab
06-25-2019 03:12 PM
Indraraj Singh ji Chandan ki kheti ke lia aap Arun Khurmi 9878123123 se samparak kar sakte hai. Thankyou.
Posted by harwinder singh
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19-06-2019 07:40 PM
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06-20-2019 12:27 AM
Harwinder g chloro siyunkh di roktham da kam krdi hai...paneeri mukh khet de vich lgaun ton 2-3 dina baad 1ltr prati acre de hisaab nal paa deo..
Posted by Maninder
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19-06-2019 07:33 PM
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06-20-2019 12:28 AM
jekar paneeri de patte sirrya ton peele pai rhe hnn tan iss de vich lohe di ghaat aa rhi hai iss di roktham de lyi ferrous sulphateo 1% wala 1 kg prati acre de hisab nal spray kro. jekar chelated ferrous sulphate di spray kr rhe ho tan iss di maatra 200gm prati acre hundi hai. jekar ihh paneeri neecho ton halka peelapan dikha rhi hai ate aje tak urea da shitta nahi ditta hai tan urea@3kg kg prati kanal de hisab nal shitta deo. ihh paneeri kyi vaar nitrogen di ghaat de kaarn v peeli paini shuru ho jandi hai. urea de nal paneeri growth v kr lwegi.
Posted by Maninder
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19-06-2019 07:26 PM
Punjab
06-20-2019 12:28 AM
jekar paneeri de patte sirrya ton peele pai rhe hnn tan iss de vich lohe di ghaat aa rhi hai iss di roktham de lyi ferrous sulphate 1% wala 1 kg prati acre de hisab nal spray kro. jekar chelated ferrous sulphate di spray kr rhe ho tan iss di maatra 200gm prati acre hundi hai. jekar ihh paneeri neecho ton halka peelapan dikha rhi hai ate aje tak urea da shitta nahi ditta hai tan urea@3kg kg prati kanal de hisab nal shitta deo. ihh paneeri kyi vaar nitrogen di ghaat de kaarn v peeli paini shuru ho jandi hai. urea de nal paneeri growth v kr lwegi.
Posted by Gurvinder singh
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19-06-2019 07:15 PM
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06-20-2019 12:29 AM
1. 20 ਮਰਲਿਆਂ ਦੀ 1 ਕਨਾਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 2. 8 ਕਨਾਲਾਂ ਦਾ 1 ਕਿੱਲਾ(ੲੇਕੜ) ਹੁੰਦਾ ਹੈ 3. 1 ਕਿੱਲੇ ਵਿਚ 160 ਮਰਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 4. 1 ਕਿੱਲਾ 36×40 ਕਰਮਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 5. 1 ਕਿੱਲੇ ਵਿਚ 96 ਵਿਸਵੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 6. 1 ਕਨਾਲ ਵਿਚ 12 ਵਿਸਵੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 7. 1 ਕਨਾਲ ਵਿਚ 20 ਮਰਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 8. 20 ਵਿਸਵਿਆਂ ਦਾ ੲਿੱਕ 1ਬਿੱਘਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 9. 1 ਵਿਸਵੇ ਵਿੱਚ 20 ਬਿਸਵਾਸੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ 10. 12 ੲਿੰਚ ਦਾ ੲਿੱਕ = 1ਫੁੱਟ 11. 3 ਫੁੱਟ ਦਾ ੲਿੱਕ = .... (Read More)
1. 20 ਮਰਲਿਆਂ ਦੀ 1 ਕਨਾਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ 2. 8 ਕਨਾਲਾਂ ਦਾ 1 ਕਿੱਲਾ(ੲੇਕੜ) ਹੁੰਦਾ ਹੈ 3. 1 ਕਿੱਲੇ ਵਿਚ 160 ਮਰਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 4. 1 ਕਿੱਲਾ 36×40 ਕਰਮਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 5. 1 ਕਿੱਲੇ ਵਿਚ 96 ਵਿਸਵੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 6. 1 ਕਨਾਲ ਵਿਚ 12 ਵਿਸਵੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 7. 1 ਕਨਾਲ ਵਿਚ 20 ਮਰਲੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ 8. 20 ਵਿਸਵਿਆਂ ਦਾ ੲਿੱਕ 1ਬਿੱਘਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ 9. 1 ਵਿਸਵੇ ਵਿੱਚ 20 ਬਿਸਵਾਸੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ 10. 12 ੲਿੰਚ ਦਾ ੲਿੱਕ = 1ਫੁੱਟ 11. 3 ਫੁੱਟ ਦਾ ੲਿੱਕ = 1 ਗਜ਼ 12. 220 ਗਜ਼ ਦੀ ੲਿੱਕ = 1ਫਰਲਾਂਗ 13. 1760ਗਜ਼ ਦਾ ੲਿੱਕ = 1ਮੀਲ 14. 8 ਫਰਲਾਂਗ ਦਾ ੲਿੱਕ =1 ਮੀਲ